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Friday, August 1, 2025

Was asked to apprehend Mohan Bhagwat in Malegaon blast case, claims ex-ATS official

Was asked to apprehend Mohan Bhagwat in Malegaon blast case, claims ex-ATS official

 Was asked to apprehend Mohan Bhagwat in Malegaon blast case, claims ex-ATS official


 

A former police official who was part of the Maharashtra Anti-Terrorism Squad (ATS) that probed the 2008 Malegaon blast case claimed on Thursday that he had been asked to apprehend RSS chief Mohan Bhagwat.The objective behind the order was to establish that there was "saffron terror", alleged retired inspector Mehiboob Mujawar, reacting to the trial court's verdict acquitting all seven accused including former BJP MP Pragya Singh Thakur.

The court's ruling undid the "fake things" done by the ATS, he said, speaking at Solapur. Notably, while the ATS probed the case initially, it was later taken over by the National Investigation Agency. "The verdict exposed the fake investigation done by a fake officer," Mujawar further said, naming a senior official.



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August 01, 2025 at 04:04PM

Indian, Philippine Navies to Hold First South China Sea Joint Patrol

 

Indian, Philippine Navies to Hold First South China Sea Joint Patrol


 






India’s latest operational deployment to the South China Sea will feature its first joint patrol with the Philippines in the contested waters.

India’s’s Eastern Fleet flotilla, which includes guided-missile destroyer INS Mysore (D 60), anti-submarine corvette INS Kiltan (D 30) and replenishment vessel INS Shakti (A 57), docked at the Port of Manila today for goodwill activities ahead of the maritime cooperative activity. While Indian warships have previously visited the Philippines, their arrival comes amid New Delhi’s increased support for Manila’s military modernization efforts and the South China Sea. 

“After the port visit, a Maritime Cooperative Activity will be conducted to further strengthen the robust maritime relationship between the Philippine Navy and the Indian Navy,” Philippine Navy Capt. John Alcos told USNI News

Alcos deferred operational details of the South China Sea joint patrol to the Armed Forces of the Philippines

While both nations have conducted numerous drills in the South China Sea, this will be the first time India participates in a maritime cooperative activity with Philippine forces. Compared to previous navy-to-navy engagements, such as joint sails, passing exercises and maritime partnership exercises, the maritime cooperative activity tackles force interoperability and demonstrates support for the Philippines amid its struggle with China. The Armed Forces of the Philippines in a news release described the maritime cooperative activities as “vital engagements between nations aimed at maintaining peace and stability in international waters.” 

India follows the U.S., Australia, Japan, Canada and France in teaming up with Philippine forces in the South China Sea through a maritime cooperative activity. Indian outlets have reported that the joint patrol will coincide with Philippine President Bongbong Marcos’ visit to India next week. 

Indian-Philippine defense cooperation has ramped up in recent years, with Indian in 2022 selling BrahMos supersonic anti-ship cruise missiles to the Philippine Marine Corps. New Delhi also revised its stance on the 2016 South China Sea Arbitration last year, moving from an acknowledgment of the outcome to calling for adherence to the award. 

The first Philippine BrahMos missile base has the potential to strike maritime targets in the South China Sea off Western Luzon, including those around the contested Scarborough Shoal. New Delhi previously offered Manila defense loans and its roster of domestically developed and produced military equipment in support of the Armed Forces of the Philippines modernization program

Was asked to apprehend Mohan Bhagwat in Malegaon blast case, claims ex-ATS official

 Was asked to apprehend Mohan Bhagwat in Malegaon blast case, claims ex-ATS official


 

A former police official who was part of the Maharashtra Anti-Terrorism Squad (ATS) that probed the 2008 Malegaon blast case claimed on Thursday that he had been asked to apprehend RSS chief Mohan Bhagwat.The objective behind the order was to establish that there was "saffron terror", alleged retired inspector Mehiboob Mujawar, reacting to the trial court's verdict acquitting all seven accused including former BJP MP Pragya Singh Thakur.

The court's ruling undid the "fake things" done by the ATS, he said, speaking at Solapur. Notably, while the ATS probed the case initially, it was later taken over by the National Investigation Agency. "The verdict exposed the fake investigation done by a fake officer," Mujawar further said, naming a senior official.


Thursday, July 24, 2025

जीरो टॉलरेंस अगेंस्ट करप्शन

जीरो टॉलरेंस अगेंस्ट करप्शन
जीरो टॉलरेंस अगेंस्ट करप्शन
जीरो टॉलरेंस अगेंस्ट करप्शन
जीरो टॉलरेंस अगेंस्ट करप्शन

 दो तीन बड़ी खबरें हैं और तीनों ही जबरदस्त हैं। एक हम बार-बार बोलते रहे मोदी जी ये गंदगी वाली फैमिली को आप अंदर कब करोगे? इनके ऊपर जो टॉलरेंस आपने रखी है यह कब बंद करोगे? बाकी सारे काम कर दिए। एक ये रह गया था। यह भी पूरा कर ही दो। उन्होंने अब डिक्लेअ कर दिया है कि जीरो टॉलरेंस राहुल गंदगी और इसकी फैमिली इसके साथ की जाएगी। अब मैं क्यों बोल रहा हूं कि ये जीरो टॉलरेंस है। वैसे उन्होंने क्वेश्चन जो वर्ड था वो यूज़ किया था जीरो टॉलरेंस अगेंस्ट करप्शन। अब उसमें कोर्ट भी आती है। उसमें राहुल गांधी भी आता है। उसके जीजा जी, मम्मी जी, पापा जी ये सारे आते हैं। ये मुद्दा हो गया।

दूसरा अगर जीरो टॉलरेंस की बात हो ही रही है तो पार्लियामेंट के अंदर भी जो ये इतना उछलउछल के काम करते हैं उसके ऊपर भी जीरो टॉलरेंस है। तीसरा जीरो टॉलरेंस है जो ये गुंडा राज करने की कोशिश करते हैं। ये जंगल राज इसके ऊपर भी जीरो टॉलरेंस अब अपनाई जाएगी। आसाम के अंदर इन्होंने कोशिश किया था वो हमने देख लिया। और आखिरी चीज वो है फ्रॉड।

आप अगर गंदगी को हटा दोगे तो फिर कोई नया बंदा डीप स्टेट पकड़ेगा। उसको समझो कहां जाता है ट्रेस करो। ये डिफिकल्ट हो जाएगा। इसलिए जाना दुश्मन अनजाने दुश्मन से बेहतर होता है। ये राजनीति है। तो हम क्या करते हैं? इसको खुला छोड़ के रखते हैं। अब देखो अभी ये गया था बहरीन इसने आसाम में करने की कोशिश की दंगा। हमने क्या किया? पकड़ लिया। तो फिर इससे क्या किया? जस्टिस वर्मा के इंपीचमेंट पे साइन करा दिए। है ना?

तो आप जब आप अपने दुश्मन को जान लेते हैं, समझ लेते हैं तो हर बार उसको हटाने की जल्दी मत करिए। अगर उससे पहले कुछ काम निकल रहा है ना काम निकालिए। राजनीति है इसमें घोड़ा ढाई अक्षर चलता है। एक दो ढाई तो आप जितना सीधा चलेंगे उतनी जल्दी खत्म हो जाएंगे। आप जितना टेढ़ा चलेंगे उतना सर्वाइव करेंगे। तो राहुल गंदगी को और उसकी मैया को आप जेल मत भेजिए। आप जितना हो सके इनसे देश हित में काम करा लीजिए। सच बता रहे हैं। यह जेल भेजने से बदतर है। यह मौत से बदतर है उनके लिए कि वो राष्ट्र हित में काम करते हैं।

ये तो बिल्कुल सही बात हुई कि इनके लिए इनके लिए मौत है कि वो राष्ट्र हित में काम कर रहे हैं। ये भी कांग्रेस के लिए और गंदगी फैमिली के लिए ये मौत से बड़ी चीज नहीं है। मोदी जी ने बोल दिया कि करप्शन के लिए जीरो टॉलरेंस है। क्या ये सिर्फ जजेस के लिए है या इनकी फैमिली के ऊपर भी कोई ताज गिरेगी। आपने बोल दिया इनको बाहर छोड़ दीजिए। फिर करप्शन की जीरो टॉलरेंस का मतलब क्या हुआ?

जीरो टॉलरेंस का मतलब है इनसे देश में काम कराइए। धीरे-धीरे इनकी प्रॉपर्टीज, इनकी चीजें कन्फसकेट करते जाइए। अब आप बताइए सोनिया गांधी से आपने पैसे ले लिए, प्रॉपर्टी ले ली, पावर ले ली और देश में जीरो टॉलरेंस का मतलब है इनसे देश में काम कराइए। धीरे-धीरे इनकी प्रॉपर्टीज, इनकी चीजें कन्फसकेट करते जाइए।

सीएम मोहन यादव है उन्होंने एक आईएएस है डॉक्टर नवनीत मोहन कोठारी इनको एक स्कैम में गिरफ्तार किया। इन्होंने करीब 450 प्रोजेक्ट्स को बिना मीटिंग के मंजूरी दे दी है। ये क्लियर कट करप्शन का केस है। तो उनको गिरफ्तार कर दिया। तो आप ब्यूरोक्रेसी के ऊपर बहुत एक्टिव हैं। क्यों? इसी को हूं इलेक्टेड वर्सेस सिलेक्टेड। इेड कौन है? जो नेता है। सिलेक्टेड कौन है? आईएएस, जजेस ये सब जो ब्यूरोक्रेसी पूरी बनाते हैं, फ्रेमवर्क बनाते हैं। नेता आते हैं 5 साल के लिए, 10 साल के लिए उनको जनता के लिए उत्तरदाई। यह जो सिलेक्टेड लॉट है यह सिर्फ अपने लिए उत्तरदाई है। पूरा देश इनके लिए बना हुआ है और इन्होंने करप्शन करने के नए-नए तरीके इजाद कर रखे हैं। सिस्टम इनके हाथ में खेलता है। वो कहते हैं ना सरकार हमारी है पर करप सिस्टम उनका है।

वो जो भी डायलॉग था वो इन्हीं लोगों के कारण है कि आप ट्रेन ब्लास्ट के सारे लोग एक्विट कर देते हैं। उनको निर्दोष घोषित कर देते हैं। उनको छोड़ देते हैं। एव्री सिनर हैज़ अ फ्यूचर इन्वेस्टिगेशन किसने किया कैसा किया कोई रिस्पांसिबिलिटी नहीं है ब्यूरोक्रेसी के लिए वो रिस्पांसिबिलिटी इस टर्म में मोदी सरकार सुनिश्चित कर रही है आप कैसे भी जीरो नंबर ला के भी अगर आप शिक्षक बने हैं तो आपको जो कोर्स दिया जाएगा वो पढ़ाना पड़ेगा आप जीरो नंबर ला के भी आईएएस बने हैं लेकिन जो काम दिया जाएगा आपको करना पड़ेगा नियम कानून पालन करने पड़ेंगे तो ब्यूरो ोक्रेसी को सिस्टम को वेल और ये आपको अगर ये एक बिहार के मंत्री का एक समय एक इंटरव्यू आया था पहली बार वो चुनाव जीत करके गया था उससे पूछा गया क्या आप लेंगे उसने कहा हां बिल्कुल चुनाव में जो खर्च किया उसकी रिकवरी करूंगा तो पत्रकार ने पूछा कि कैसे करेंगे तो उसका क्या जवाब था वो तो बाबू बताएगा

सांसद कि जो नेता आते हैं उनको मालूम नहीं है कि सिस्टम का फायदा उठा के पैसे कैसे कमाते हैं। यह शिक्षा वहां बैठे बाबू देते हैं। इसके साथ ही कौन सा नेता पागल है जैसे मोदी को डिक्टेटर ये सब किसने क्रूशिएट किया था? ये सब बाबूओं का काम। और मोदी जी जब 2019 में वापस चुनकर के आए थे तो उन्होंने इन्हीं आईएएस ऑफिसर्स को बुला के बैठा के कहा था आपने मेरे 5 साल बर्बाद किए। ये बहुत बात अलग है कि वो वीडियो देखने के बाद मैं शौक में चली गई थी। भाई साहब आपने इतने सारे काम 5 साल में कर लिए। कांग्रेस राज में तो ये 80 साल में नहीं हो पाए और आप कह रहे हैं मेरे 5 साल बर्बाद कर दिए। मतलब अगर आप करते तो क्या मतलब 5 साल में भारत चांद पे पहुंच जाता। बट इट वास वेरी मच पॉसिबल। >> बिल्कुल पहुंचे। तो पहुंच चुके हैं। मार्स पे पहुंच गए, चांद पे पहुंच गए। कोई चीज छोड़ी नहीं है। देखिए अभी जैसे हमने बोला आपने बोला कि जीरो टॉलरेंस है। समझ आ गया मुझे करप्शन है, बाबू है। इनके अगेंस्ट आप काम कर रहे हैं। लेकिन आप देखिए जो जिहादी हैं उनके अगेंस्ट अभी भी क्या जो जीरो टॉलरेंस है उनके अगेंस्ट भी रखी जाएगी?

हां एक यूपी में जिहादी का घर तोड़ा गया। उसका पूरा नेटवर्क खोदा गया। अब पिक्चरें पहुंच जाता। बट इट वास वेरी मच पॉसिबल। >> बिल्कुल पहुंचे। पांच साल में हम चांद पे पहुंच गए। कोई चीज छोड़ी नहीं है। देखिए अभी जैसे हमने बोला आपने बोला कि जीरो टॉलरेंस है। समझ आ गया मुझे करप्शन है, बाबू है। इनके अगेंस्ट आप काम कर रहे हैं। लेकिन आप देखिए जो जिहादी हैं उनके अगेंस्ट अभी भी क्या जो जीरो टॉलरेंस है उनके अगेंस्ट भी रखी जाएगी? >> हां एक यूपी में जिहादी का घर तोड़ा गया। उसका पूरा नेटवर्क खोदा गया। अब पिक्चरें भी आ रही है। जैसे अजमेर शरीफ में जो कांड हुआ था जहां पर दरगाह का खातिम खुद इन्वॉल्व था और वो कांग्रेस का वर्कर ओके तो पोस्ट होल्डर था ऑफिशियल पोस्ट होल्डर ऐसे ही गोधरा में भी वो ऑफिशियल पोस्ट होल्डर था। तो ये सारी चीजें एक्सपोज की जा रही है। तो इसमें ये हिंदू लड़कियों के खिलाफ जो ये सब चल रहा है लव जिहाद वगैरह का मामला ये कैसे अभी कन्हैया लाल जो ट्रेलर था जिसको नपुर शर्मा वाले केस में मार दिया गया उसके ऊपर भी मूवी बनी है कि आप अगर फिल्मों से सीखना चाहते हैं तो हम फिल्मों से सिखा देंगे। कश्मीर फाइल है। बंगाल फाइल्स आने वाली है। केरला स्टोरी आ चुकी है। तो ये कांग्रेस काल में क्यों नहीं बन पाई? कांग्रेस काल में क्यों मुस्लिम हीरो हिंदू लड़की हीरोइन यह चल रहा था ना अकबर द ग्रेट जोधा अकबर की लव स्टोरी चल रही थी। अभी हकीकतें दिखा रहे हैं और इस बात का बहुत विरोध हो रहा है कि आप हकीकत कैसे दिखा रहे हैं और इस बात का गुस्सा है। आज राहुल गांधी पार्लियामेंट के बाहर खड़े होकर के काला पट्टा बांध करके काफी कुछ चीख चिल्ला रहे हैं। काफी गुस्सा है। उनको पता है इलेक्शन कमीशन कैसी धांधली कर रहा है। लेकिन भाई साहब अगली बार प्रेस कॉन्फ्र इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बताने आए हैं कि मैं अगली प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा। उसमें बताऊंगा कि इलेक्शन कमीशन कैसा घोटाला कर रहा है। जब आपके पास सबूत है आपको पता तो अभी ले आते ना। हमारा जनता का भी तो समय बचता। अब एक बार इनको और झेलो और उसमें भी ये अड़म गडम बड़म अब एक बड़ा लॉजिकल क्वेश्चन लेके आए हैं। आप कह रहे हैं आओ ऑपरेशन सिंदूर ऑन गोइंग है। फिर आप कह रहे हैं हम जीत गए। ये दोनों बातें कैसे हो सकती? पप्पू तुमसे ना हो पाएगा। तुम्हारी समझ में नहीं आएगा। हम जो एक एग्जिट पॉलिसी होती है। किसी भी युद्ध, किसी भी चीज में एंटर करने से पहले आपके कुछ टारगेट्स होते हैं। आप उनको अचीव कर लेते हैं। कह देते हैं कि हम जीत के आप उसको और आगे एक्सकलेट नहीं करते। एग्जिट पॉलिसी लिए बिना रशिया यूक्रेन में घुसा। आज 3 साल से ऊपर हो गया। वो वहां पर फंसा हुआ है। मोदी जी को यह नहीं करना था। उनको यह था तुम्हारे एयरपोर्ट्स मैंने तबाह कर दिए। तुम्हारे आतंकवादी मैंने तबाह कर दिए। पाकिस्तान को घुटने पर ला दिया। उसके न्यूक्लियर हथियार एक्सपोज कर दिए। अब मेरी एग्जिट पॉलिसी है। मैं न्यूक्लियर वेपंस डिस्ट्रॉय करूंगा और जब तक सारे नहीं हो जाते तब तक चुप बैठूं। ये लेकर के हम घुसे थे। अभी मोदी जी इंग्लैंड गए हैं। उससे पहले हमारे पवन कल्याण जी जो आंध्र प्रदेश के डेपुटी सीएम है। उन्होंने एक बयान दे दिया और बीजेपी में कोई आउट ऑफ टर्न नहीं बोलता। यह जान लीजिए। उन्होंने जो बयान दिया है वो ये कि कोहिनूर वापस आना चाहिए। अब ये कसम तो नहीं है और चार किंग चार्ल्स की जो है इसमें अब ये अगर उनको ट्रेड डील लेनी है तो कुछ देना पड़ेगा मोदी को। आपने हमारा काफी सारा 800 टन सोना रखा हुआ है। कोहिनूर रखा हुआ। हमारे स्क्रिप्चर्स रखे हैं। अच्छा मोदी जी को सब मालूम है। आप एजुकेशन डिफाइन कर रहे हैं। न्यू एजुकेशन पॉलिसी लेके आए और राजा भोज की भोजशाला की जो सरस्वती जी की मूर्ति है वो भी उनके म्यूजियम में रखी है। पिछली बार अन्नपूर्णा मां की मूर्ति लेके आए थे। काशी विश्वनाथ जी में स्थापित मां की। आज आप 80 करोड़ लोगों को घर बैठ के खिला रहे हैं और अनाज एक्सपोर्ट कर रहे हैं। भंडार भर गए हैं। ऐसा नहीं है कि आप अपनी देवी मूर्तियां ले आते हैं उनको प्राण प्रतिष्ठित करते हैं तो असर नहीं पड़ता। बहुत तगड़ा असर पड़ता है। अब अगर आप न्यू एजुकेशन पॉलिसी पे काम कर रहे हैं और भोशाला की सरस्वती मां की मूर्ति ला के म्यूजियम में नहीं रखिएगा। उसकी स्थापना करके उसकी पूजा शुरू हो जाए। भारतीय तंत्र बदल जाएगा। लेकिन यह चीजें लोग सबूत दिखाओ सबूत दिखाओ गैंग को यह चीजें नहीं समझ में आएंगी बट इसका प्रैक्टिकल सशन होता है। तो भारत बहुत सारे माइलस्टोन तय कर रहा है और राहुल गांधी के पूरे दिन शुरू हो गए हैं। इस समय संसद के बाहर वो मजमा लगा के मददारी बने हुए हैं। बंदर >> बिल्कुल ठीक है क्योंकि जीरो टॉलरेंस मोदी जी ने डिक्लेअ कर दिया राहुल गंदगी और उसकी फैमिली के खिलाफ ये जो लोग हैं वो भी बोलते हैं राहुल गंदगी नाम रखा है बिल्कुल सही रखा है


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“zero tolerance” policy against corruption, crime, and political mismanagement

 The write up features a detailed discussion on the political climate in India, focusing primarily on Prime Minister Narendra Modi’s declaration of a “zero tolerance” policy against corruption, crime, and political mismanagement, particularly targeting the Gandhi family and their alleged wrongdoings.I passionately criticize Rahul Gandhi and his family, accusing them of corruption, misgovernance, and fostering “jungle raj” (lawlessness).

 I  also highlights Modi’s efforts against bureaucratic corruption, cyber fraud, and extremist activities, emphasizing recent government initiatives such as the establishment of a National Forensic Science University and enhanced crime data management systems. There is a strong call to awaken and unite the Hindu community against political adversaries, but I stress the difficulty of this task but the necessity for national interest.

I further touch on political strategies, including keeping certain adversaries active for intelligence purposes rather than imprisoning them outright, as well as ongoing cultural and educational reforms under Modi’s leadership.I also critique opposition parties, particularly Congress, for fostering communal divides and failing to protect Hindu interests.I conclude  with a motivational appeal for vigilance, unity, and support for Modi’s governance while warning against political instability in states like Bihar and Uttar Pradesh.

Highlights

  • 🚫 Modi’s declaration of zero tolerance against corruption, crime, and political misrule, targeting Rahul Gandhi and his family.
  • 🕵️‍♂️ Establishment of a National Forensic Science University to strengthen investigation capabilities against corruption and crime.
  • 📊 Implementation of a National Crime Grid and enhanced police data systems for better crime tracking and accountability.
  • 💻 Cyber frauds exploiting the speaker’s identity are being investigated by cyber cells, highlighting the government’s vigilance on digital crimes.
  • 🛡️ Political strategy to keep certain adversaries active for intelligence rather than imprisoning them, reflecting nuanced governance tactics.
  • 🎬 Emphasis on cultural revival through new education policies and the restoration of Hindu icons and traditions to strengthen national identity.
  • ⚔️ Warning against political instability in Bihar and the importance of defeating divisive forces to end “jungle raj” and caste-based politics.

Key Insights

  • 🚨 Zero Tolerance as a Political Tool: Modi’s zero tolerance policy serves not only as a crackdown on corruption but also as a political weapon to delegitimize and weaken opposition, especially targeting Rahul Gandhi’s family. This reflects a strategic attempt to consolidate power by discrediting political rivals through legal and administrative means. The policy extends beyond mere rhetoric, as evidenced by concrete actions such as impeachments and arrests, signaling a shift towards stricter governance.

  • 🏛️ Strengthening Forensic and Investigative Mechanisms: The creation of the National Forensic Science University and the National Crime Grid represents a significant institutional reform to professionalize and standardize criminal investigations across India. This move addresses the historical weaknesses and corruption within the police and bureaucratic systems, aiming to increase transparency and accountability. It also suggests an attempt to insulate investigations from political interference, which has long plagued India’s justice system.

  • 💡 Cybersecurity and Digital Vigilance: The discussion about identity fraud and cyber scams underlines the growing complexity of governance in the digital age. By involving cyber cells, the government demonstrates an active approach against emerging threats like online fraud and misinformation, which can destabilize public trust and create security risks. This focus on cyber vigilance is crucial as political actors increasingly use digital platforms to manipulate narratives.

  • 🎭 Political Strategy: Managing Adversaries Rather Than Eliminating Them: The argument to keep political adversaries like Rahul Gandhi out of jail but under surveillance indicates a sophisticated understanding of power dynamics. Imprisonment might martyrize opposition leaders or create power vacuums that destabilize the political environment. Instead, maintaining control over them ensures monitoring and containment, reflecting realpolitik where power is balanced through strategy rather than brute force.

  • 📚 Cultural Nationalism and Education Reform: The emphasis on reviving Hindu culture through education policies and the restoration of religious icons shows the government’s cultural agenda alongside its political strategy. By intertwining nationalism with education, the administration seeks to shape identity and values in a way that supports its broader ideological goals. This cultural revival is framed as a remedy to past neglect and political manipulation by previous regimes.

  • 🔥 Communal and Social Divides as Political Battlegrounds: It is  highlighted the exploitation of communal tensions, such as “love jihad” and minority appeasement, as central issues in the political narrative. I accuse Congress and certain religious groups of fostering division, which the current government aims to counter. This framing not only mobilizes Hindu voters but also justifies strict law enforcement measures in sensitive areas.

  • 🗳️ Electoral Politics and Regional Stability: The article touches on the fragile political landscape in states like Bihar and Uttar Pradesh, where caste and communal identities heavily influence outcomes. I stress that political stability depends on defeating divisive forces and supporting Modi’s leadership to end the so-called “jungle raj.” This reveals the ongoing challenges in India’s democracy, where regional dynamics can undermine national efforts for good governance.

Extended Analysis

The write up reflects the current political discourse in India, characterized by a strong narrative of anti-corruption and nationalistic revival promoted by the BJP government under Modi. The zero tolerance policy is portrayed as a comprehensive approach to cleanse the system of corruption, crime, and lawlessness, particularly targeting political opponents who are framed as emblematic of the old corrupt order. By linking corruption, fraud, and political mischief to one family — the Gandhis — the narrative simplifies complex political realities into a battle between good governance and entrenched corruption.

Institutionally, the government is attempting to overhaul investigative agencies and strengthen digital governance to combat fraud and corruption more effectively. This is a strategic move to ensure the longevity of their reforms and prevent rollback by future governments. The National Forensic Science University and the National Crime Grid are critical components of this strategy, aiming to professionalize forensic investigations and centralize crime data for better law enforcement outcomes.

The detail about cyber fraud and identity theft shows an awareness of new-age threats that can undermine political figures and the public alike. This focus signals a modernization of governance tools to address challenges posed by technology and misinformation, which can be weaponized in the political arena.

Politically, the decision to keep adversaries active rather than imprisoning them outright is an insightful observation on managing dissent in a democracy. This approach avoids the pitfalls of political martyrdom and unrest, instead opting for continuous surveillance and containment. It also suggests that political battles are as much about managing perception and influence as they are about legal action.

Culturally, the government’s efforts to reclaim Hindu symbols and reshape education reflect a broader project of nation-building through cultural nationalism. By reviving religious and historical icons, the administration aims to foster a unified national identity aligned with its ideology. This cultural push is also a response to previous governments’ perceived neglect of Hindu identity, positioning the current regime as a protector of traditional values.

Communally, the article underscores the deep divisions in Indian society and how they are exploited politically. The narratives around “love jihad” and minority appeasement serve to rally a Hindu majority base, while also justifying stringent law enforcement in contested regions. This dynamic reflects the complexities of managing India’s pluralistic society amid rising identity politics.

Finally, the focus on electoral politics in Bihar and Uttar Pradesh highlights the ongoing challenges in Indian democracy, where caste, religion, and regional loyalties shape political fortunes.I call for unity and support for Modi’s leadership is a call to consolidate power to ensure political stability and effective governance, warning against the dangers of political fragmentation and “jungle raj.”

Overall, the write up provides a comprehensive overview of the current political strategies, challenges, and cultural shifts influencing India’s governance under Modi’s leadership, framed through a lens of zero tolerance and nationalist revivalism.

जीरो टॉलरेंस अगेंस्ट करप्शन

जीरो टॉलरेंस अगेंस्ट करप्शन
जीरो टॉलरेंस अगेंस्ट करप्शन
जीरो टॉलरेंस अगेंस्ट करप्शन

 दो तीन बड़ी खबरें हैं और तीनों ही जबरदस्त हैं। एक हम बार-बार बोलते रहे मोदी जी ये गंदगी वाली फैमिली को आप अंदर कब करोगे? इनके ऊपर जो टॉलरेंस आपने रखी है यह कब बंद करोगे? बाकी सारे काम कर दिए। एक ये रह गया था। यह भी पूरा कर ही दो। उन्होंने अब डिक्लेअ कर दिया है कि जीरो टॉलरेंस राहुल गंदगी और इसकी फैमिली इसके साथ की जाएगी। अब मैं क्यों बोल रहा हूं कि ये जीरो टॉलरेंस है। वैसे उन्होंने क्वेश्चन जो वर्ड था वो यूज़ किया था जीरो टॉलरेंस अगेंस्ट करप्शन। अब उसमें कोर्ट भी आती है। उसमें राहुल गांधी भी आता है। उसके जीजा जी, मम्मी जी, पापा जी ये सारे आते हैं। ये मुद्दा हो गया।

दूसरा अगर जीरो टॉलरेंस की बात हो ही रही है तो पार्लियामेंट के अंदर भी जो ये इतना उछलउछल के काम करते हैं उसके ऊपर भी जीरो टॉलरेंस है। तीसरा जीरो टॉलरेंस है जो ये गुंडा राज करने की कोशिश करते हैं। ये जंगल राज इसके ऊपर भी जीरो टॉलरेंस अब अपनाई जाएगी। आसाम के अंदर इन्होंने कोशिश किया था वो हमने देख लिया। और आखिरी चीज वो है फ्रॉड।

आप अगर गंदगी को हटा दोगे तो फिर कोई नया बंदा डीप स्टेट पकड़ेगा। उसको समझो कहां जाता है ट्रेस करो। ये डिफिकल्ट हो जाएगा। इसलिए जाना दुश्मन अनजाने दुश्मन से बेहतर होता है। ये राजनीति है। तो हम क्या करते हैं? इसको खुला छोड़ के रखते हैं। अब देखो अभी ये गया था बहरीन इसने आसाम में करने की कोशिश की दंगा। हमने क्या किया? पकड़ लिया। तो फिर इससे क्या किया? जस्टिस वर्मा के इंपीचमेंट पे साइन करा दिए। है ना?

तो आप जब आप अपने दुश्मन को जान लेते हैं, समझ लेते हैं तो हर बार उसको हटाने की जल्दी मत करिए। अगर उससे पहले कुछ काम निकल रहा है ना काम निकालिए। राजनीति है इसमें घोड़ा ढाई अक्षर चलता है। एक दो ढाई तो आप जितना सीधा चलेंगे उतनी जल्दी खत्म हो जाएंगे। आप जितना टेढ़ा चलेंगे उतना सर्वाइव करेंगे। तो राहुल गंदगी को और उसकी मैया को आप जेल मत भेजिए। आप जितना हो सके इनसे देश हित में काम करा लीजिए। सच बता रहे हैं। यह जेल भेजने से बदतर है। यह मौत से बदतर है उनके लिए कि वो राष्ट्र हित में काम करते हैं।

ये तो बिल्कुल सही बात हुई कि इनके लिए इनके लिए मौत है कि वो राष्ट्र हित में काम कर रहे हैं। ये भी कांग्रेस के लिए और गंदगी फैमिली के लिए ये मौत से बड़ी चीज नहीं है। मोदी जी ने बोल दिया कि करप्शन के लिए जीरो टॉलरेंस है। क्या ये सिर्फ जजेस के लिए है या इनकी फैमिली के ऊपर भी कोई ताज गिरेगी। आपने बोल दिया इनको बाहर छोड़ दीजिए। फिर करप्शन की जीरो टॉलरेंस का मतलब क्या हुआ?

जीरो टॉलरेंस का मतलब है इनसे देश में काम कराइए। धीरे-धीरे इनकी प्रॉपर्टीज, इनकी चीजें कन्फसकेट करते जाइए। अब आप बताइए सोनिया गांधी से आपने पैसे ले लिए, प्रॉपर्टी ले ली, पावर ले ली और देश में जीरो टॉलरेंस का मतलब है इनसे देश में काम कराइए। धीरे-धीरे इनकी प्रॉपर्टीज, इनकी चीजें कन्फसकेट करते जाइए।

सीएम मोहन यादव है उन्होंने एक आईएएस है डॉक्टर नवनीत मोहन कोठारी इनको एक स्कैम में गिरफ्तार किया। इन्होंने करीब 450 प्रोजेक्ट्स को बिना मीटिंग के मंजूरी दे दी है। ये क्लियर कट करप्शन का केस है। तो उनको गिरफ्तार कर दिया। तो आप ब्यूरोक्रेसी के ऊपर बहुत एक्टिव हैं। क्यों? इसी को हूं इलेक्टेड वर्सेस सिलेक्टेड। इेड कौन है? जो नेता है। सिलेक्टेड कौन है? आईएएस, जजेस ये सब जो ब्यूरोक्रेसी पूरी बनाते हैं, फ्रेमवर्क बनाते हैं। नेता आते हैं 5 साल के लिए, 10 साल के लिए उनको जनता के लिए उत्तरदाई। यह जो सिलेक्टेड लॉट है यह सिर्फ अपने लिए उत्तरदाई है। पूरा देश इनके लिए बना हुआ है और इन्होंने करप्शन करने के नए-नए तरीके इजाद कर रखे हैं। सिस्टम इनके हाथ में खेलता है। वो कहते हैं ना सरकार हमारी है पर करप सिस्टम उनका है।

वो जो भी डायलॉग था वो इन्हीं लोगों के कारण है कि आप ट्रेन ब्लास्ट के सारे लोग एक्विट कर देते हैं। उनको निर्दोष घोषित कर देते हैं। उनको छोड़ देते हैं। एव्री सिनर हैज़ अ फ्यूचर इन्वेस्टिगेशन किसने किया कैसा किया कोई रिस्पांसिबिलिटी नहीं है ब्यूरोक्रेसी के लिए वो रिस्पांसिबिलिटी इस टर्म में मोदी सरकार सुनिश्चित कर रही है आप कैसे भी जीरो नंबर ला के भी अगर आप शिक्षक बने हैं तो आपको जो कोर्स दिया जाएगा वो पढ़ाना पड़ेगा आप जीरो नंबर ला के भी आईएएस बने हैं लेकिन जो काम दिया जाएगा आपको करना पड़ेगा नियम कानून पालन करने पड़ेंगे तो ब्यूरो ोक्रेसी को सिस्टम को वेल और ये आपको अगर ये एक बिहार के मंत्री का एक समय एक इंटरव्यू आया था पहली बार वो चुनाव जीत करके गया था उससे पूछा गया क्या आप लेंगे उसने कहा हां बिल्कुल चुनाव में जो खर्च किया उसकी रिकवरी करूंगा तो पत्रकार ने पूछा कि कैसे करेंगे तो उसका क्या जवाब था वो तो बाबू बताएगा

सांसद कि जो नेता आते हैं उनको मालूम नहीं है कि सिस्टम का फायदा उठा के पैसे कैसे कमाते हैं। यह शिक्षा वहां बैठे बाबू देते हैं। इसके साथ ही कौन सा नेता पागल है जैसे मोदी को डिक्टेटर ये सब किसने क्रूशिएट किया था? ये सब बाबूओं का काम। और मोदी जी जब 2019 में वापस चुनकर के आए थे तो उन्होंने इन्हीं आईएएस ऑफिसर्स को बुला के बैठा के कहा था आपने मेरे 5 साल बर्बाद किए। ये बहुत बात अलग है कि वो वीडियो देखने के बाद मैं शौक में चली गई थी। भाई साहब आपने इतने सारे काम 5 साल में कर लिए। कांग्रेस राज में तो ये 80 साल में नहीं हो पाए और आप कह रहे हैं मेरे 5 साल बर्बाद कर दिए। मतलब अगर आप करते तो क्या मतलब 5 साल में भारत चांद पे पहुंच जाता। बट इट वास वेरी मच पॉसिबल। >> बिल्कुल पहुंचे। तो पहुंच चुके हैं। मार्स पे पहुंच गए, चांद पे पहुंच गए। कोई चीज छोड़ी नहीं है। देखिए अभी जैसे हमने बोला आपने बोला कि जीरो टॉलरेंस है। समझ आ गया मुझे करप्शन है, बाबू है। इनके अगेंस्ट आप काम कर रहे हैं। लेकिन आप देखिए जो जिहादी हैं उनके अगेंस्ट अभी भी क्या जो जीरो टॉलरेंस है उनके अगेंस्ट भी रखी जाएगी?

हां एक यूपी में जिहादी का घर तोड़ा गया। उसका पूरा नेटवर्क खोदा गया। अब पिक्चरें पहुंच जाता। बट इट वास वेरी मच पॉसिबल। >> बिल्कुल पहुंचे। पांच साल में हम चांद पे पहुंच गए। कोई चीज छोड़ी नहीं है। देखिए अभी जैसे हमने बोला आपने बोला कि जीरो टॉलरेंस है। समझ आ गया मुझे करप्शन है, बाबू है। इनके अगेंस्ट आप काम कर रहे हैं। लेकिन आप देखिए जो जिहादी हैं उनके अगेंस्ट अभी भी क्या जो जीरो टॉलरेंस है उनके अगेंस्ट भी रखी जाएगी? >> हां एक यूपी में जिहादी का घर तोड़ा गया। उसका पूरा नेटवर्क खोदा गया। अब पिक्चरें भी आ रही है। जैसे अजमेर शरीफ में जो कांड हुआ था जहां पर दरगाह का खातिम खुद इन्वॉल्व था और वो कांग्रेस का वर्कर ओके तो पोस्ट होल्डर था ऑफिशियल पोस्ट होल्डर ऐसे ही गोधरा में भी वो ऑफिशियल पोस्ट होल्डर था। तो ये सारी चीजें एक्सपोज की जा रही है। तो इसमें ये हिंदू लड़कियों के खिलाफ जो ये सब चल रहा है लव जिहाद वगैरह का मामला ये कैसे अभी कन्हैया लाल जो ट्रेलर था जिसको नपुर शर्मा वाले केस में मार दिया गया उसके ऊपर भी मूवी बनी है कि आप अगर फिल्मों से सीखना चाहते हैं तो हम फिल्मों से सिखा देंगे। कश्मीर फाइल है। बंगाल फाइल्स आने वाली है। केरला स्टोरी आ चुकी है। तो ये कांग्रेस काल में क्यों नहीं बन पाई? कांग्रेस काल में क्यों मुस्लिम हीरो हिंदू लड़की हीरोइन यह चल रहा था ना अकबर द ग्रेट जोधा अकबर की लव स्टोरी चल रही थी। अभी हकीकतें दिखा रहे हैं और इस बात का बहुत विरोध हो रहा है कि आप हकीकत कैसे दिखा रहे हैं और इस बात का गुस्सा है। आज राहुल गांधी पार्लियामेंट के बाहर खड़े होकर के काला पट्टा बांध करके काफी कुछ चीख चिल्ला रहे हैं। काफी गुस्सा है। उनको पता है इलेक्शन कमीशन कैसी धांधली कर रहा है। लेकिन भाई साहब अगली बार प्रेस कॉन्फ्र इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बताने आए हैं कि मैं अगली प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा। उसमें बताऊंगा कि इलेक्शन कमीशन कैसा घोटाला कर रहा है। जब आपके पास सबूत है आपको पता तो अभी ले आते ना। हमारा जनता का भी तो समय बचता। अब एक बार इनको और झेलो और उसमें भी ये अड़म गडम बड़म अब एक बड़ा लॉजिकल क्वेश्चन लेके आए हैं। आप कह रहे हैं आओ ऑपरेशन सिंदूर ऑन गोइंग है। फिर आप कह रहे हैं हम जीत गए। ये दोनों बातें कैसे हो सकती? पप्पू तुमसे ना हो पाएगा। तुम्हारी समझ में नहीं आएगा। हम जो एक एग्जिट पॉलिसी होती है। किसी भी युद्ध, किसी भी चीज में एंटर करने से पहले आपके कुछ टारगेट्स होते हैं। आप उनको अचीव कर लेते हैं। कह देते हैं कि हम जीत के आप उसको और आगे एक्सकलेट नहीं करते। एग्जिट पॉलिसी लिए बिना रशिया यूक्रेन में घुसा। आज 3 साल से ऊपर हो गया। वो वहां पर फंसा हुआ है। मोदी जी को यह नहीं करना था। उनको यह था तुम्हारे एयरपोर्ट्स मैंने तबाह कर दिए। तुम्हारे आतंकवादी मैंने तबाह कर दिए। पाकिस्तान को घुटने पर ला दिया। उसके न्यूक्लियर हथियार एक्सपोज कर दिए। अब मेरी एग्जिट पॉलिसी है। मैं न्यूक्लियर वेपंस डिस्ट्रॉय करूंगा और जब तक सारे नहीं हो जाते तब तक चुप बैठूं। ये लेकर के हम घुसे थे। अभी मोदी जी इंग्लैंड गए हैं। उससे पहले हमारे पवन कल्याण जी जो आंध्र प्रदेश के डेपुटी सीएम है। उन्होंने एक बयान दे दिया और बीजेपी में कोई आउट ऑफ टर्न नहीं बोलता। यह जान लीजिए। उन्होंने जो बयान दिया है वो ये कि कोहिनूर वापस आना चाहिए। अब ये कसम तो नहीं है और चार किंग चार्ल्स की जो है इसमें अब ये अगर उनको ट्रेड डील लेनी है तो कुछ देना पड़ेगा मोदी को। आपने हमारा काफी सारा 800 टन सोना रखा हुआ है। कोहिनूर रखा हुआ। हमारे स्क्रिप्चर्स रखे हैं। अच्छा मोदी जी को सब मालूम है। आप एजुकेशन डिफाइन कर रहे हैं। न्यू एजुकेशन पॉलिसी लेके आए और राजा भोज की भोजशाला की जो सरस्वती जी की मूर्ति है वो भी उनके म्यूजियम में रखी है। पिछली बार अन्नपूर्णा मां की मूर्ति लेके आए थे। काशी विश्वनाथ जी में स्थापित मां की। आज आप 80 करोड़ लोगों को घर बैठ के खिला रहे हैं और अनाज एक्सपोर्ट कर रहे हैं। भंडार भर गए हैं। ऐसा नहीं है कि आप अपनी देवी मूर्तियां ले आते हैं उनको प्राण प्रतिष्ठित करते हैं तो असर नहीं पड़ता। बहुत तगड़ा असर पड़ता है। अब अगर आप न्यू एजुकेशन पॉलिसी पे काम कर रहे हैं और भोशाला की सरस्वती मां की मूर्ति ला के म्यूजियम में नहीं रखिएगा। उसकी स्थापना करके उसकी पूजा शुरू हो जाए। भारतीय तंत्र बदल जाएगा। लेकिन यह चीजें लोग सबूत दिखाओ सबूत दिखाओ गैंग को यह चीजें नहीं समझ में आएंगी बट इसका प्रैक्टिकल सशन होता है। तो भारत बहुत सारे माइलस्टोन तय कर रहा है और राहुल गांधी के पूरे दिन शुरू हो गए हैं। इस समय संसद के बाहर वो मजमा लगा के मददारी बने हुए हैं। बंदर >> बिल्कुल ठीक है क्योंकि जीरो टॉलरेंस मोदी जी ने डिक्लेअ कर दिया राहुल गंदगी और उसकी फैमिली के खिलाफ ये जो लोग हैं वो भी बोलते हैं राहुल गंदगी नाम रखा है बिल्कुल सही रखा है


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जीरो टॉलरेंस अगेंस्ट करप्शन

जीरो टॉलरेंस अगेंस्ट करप्शन
जीरो टॉलरेंस अगेंस्ट करप्शन

 दो तीन बड़ी खबरें हैं और तीनों ही जबरदस्त हैं। एक हम बार-बार बोलते रहे मोदी जी ये गंदगी वाली फैमिली को आप अंदर कब करोगे? इनके ऊपर जो टॉलरेंस आपने रखी है यह कब बंद करोगे? बाकी सारे काम कर दिए। एक ये रह गया था। यह भी पूरा कर ही दो। उन्होंने अब डिक्लेअ कर दिया है कि जीरो टॉलरेंस राहुल गंदगी और इसकी फैमिली इसके साथ की जाएगी। अब मैं क्यों बोल रहा हूं कि ये जीरो टॉलरेंस है। वैसे उन्होंने क्वेश्चन जो वर्ड था वो यूज़ किया था जीरो टॉलरेंस अगेंस्ट करप्शन। अब उसमें कोर्ट भी आती है। उसमें राहुल गांधी भी आता है। उसके जीजा जी, मम्मी जी, पापा जी ये सारे आते हैं। ये मुद्दा हो गया।

दूसरा अगर जीरो टॉलरेंस की बात हो ही रही है तो पार्लियामेंट के अंदर भी जो ये इतना उछलउछल के काम करते हैं उसके ऊपर भी जीरो टॉलरेंस है। तीसरा जीरो टॉलरेंस है जो ये गुंडा राज करने की कोशिश करते हैं। ये जंगल राज इसके ऊपर भी जीरो टॉलरेंस अब अपनाई जाएगी। आसाम के अंदर इन्होंने कोशिश किया था वो हमने देख लिया। और आखिरी चीज वो है फ्रॉड।

आप अगर गंदगी को हटा दोगे तो फिर कोई नया बंदा डीप स्टेट पकड़ेगा। उसको समझो कहां जाता है ट्रेस करो। ये डिफिकल्ट हो जाएगा। इसलिए जाना दुश्मन अनजाने दुश्मन से बेहतर होता है। ये राजनीति है। तो हम क्या करते हैं? इसको खुला छोड़ के रखते हैं। अब देखो अभी ये गया था बहरीन इसने आसाम में करने की कोशिश की दंगा। हमने क्या किया? पकड़ लिया। तो फिर इससे क्या किया? जस्टिस वर्मा के इंपीचमेंट पे साइन करा दिए। है ना?

तो आप जब आप अपने दुश्मन को जान लेते हैं, समझ लेते हैं तो हर बार उसको हटाने की जल्दी मत करिए। अगर उससे पहले कुछ काम निकल रहा है ना काम निकालिए। राजनीति है इसमें घोड़ा ढाई अक्षर चलता है। एक दो ढाई तो आप जितना सीधा चलेंगे उतनी जल्दी खत्म हो जाएंगे। आप जितना टेढ़ा चलेंगे उतना सर्वाइव करेंगे। तो राहुल गंदगी को और उसकी मैया को आप जेल मत भेजिए। आप जितना हो सके इनसे देश हित में काम करा लीजिए। सच बता रहे हैं। यह जेल भेजने से बदतर है। यह मौत से बदतर है उनके लिए कि वो राष्ट्र हित में काम करते हैं।

ये तो बिल्कुल सही बात हुई कि इनके लिए इनके लिए मौत है कि वो राष्ट्र हित में काम कर रहे हैं। ये भी कांग्रेस के लिए और गंदगी फैमिली के लिए ये मौत से बड़ी चीज नहीं है। मोदी जी ने बोल दिया कि करप्शन के लिए जीरो टॉलरेंस है। क्या ये सिर्फ जजेस के लिए है या इनकी फैमिली के ऊपर भी कोई ताज गिरेगी। आपने बोल दिया इनको बाहर छोड़ दीजिए। फिर करप्शन की जीरो टॉलरेंस का मतलब क्या हुआ?

जीरो टॉलरेंस का मतलब है इनसे देश में काम कराइए। धीरे-धीरे इनकी प्रॉपर्टीज, इनकी चीजें कन्फसकेट करते जाइए। अब आप बताइए सोनिया गांधी से आपने पैसे ले लिए, प्रॉपर्टी ले ली, पावर ले ली और देश में जीरो टॉलरेंस का मतलब है इनसे देश में काम कराइए। धीरे-धीरे इनकी प्रॉपर्टीज, इनकी चीजें कन्फसकेट करते जाइए।

सीएम मोहन यादव है उन्होंने एक आईएएस है डॉक्टर नवनीत मोहन कोठारी इनको एक स्कैम में गिरफ्तार किया। इन्होंने करीब 450 प्रोजेक्ट्स को बिना मीटिंग के मंजूरी दे दी है। ये क्लियर कट करप्शन का केस है। तो उनको गिरफ्तार कर दिया। तो आप ब्यूरोक्रेसी के ऊपर बहुत एक्टिव हैं। क्यों? इसी को हूं इलेक्टेड वर्सेस सिलेक्टेड। इेड कौन है? जो नेता है। सिलेक्टेड कौन है? आईएएस, जजेस ये सब जो ब्यूरोक्रेसी पूरी बनाते हैं, फ्रेमवर्क बनाते हैं। नेता आते हैं 5 साल के लिए, 10 साल के लिए उनको जनता के लिए उत्तरदाई। यह जो सिलेक्टेड लॉट है यह सिर्फ अपने लिए उत्तरदाई है। पूरा देश इनके लिए बना हुआ है और इन्होंने करप्शन करने के नए-नए तरीके इजाद कर रखे हैं। सिस्टम इनके हाथ में खेलता है। वो कहते हैं ना सरकार हमारी है पर करप सिस्टम उनका है।

वो जो भी डायलॉग था वो इन्हीं लोगों के कारण है कि आप ट्रेन ब्लास्ट के सारे लोग एक्विट कर देते हैं। उनको निर्दोष घोषित कर देते हैं। उनको छोड़ देते हैं। एव्री सिनर हैज़ अ फ्यूचर इन्वेस्टिगेशन किसने किया कैसा किया कोई रिस्पांसिबिलिटी नहीं है ब्यूरोक्रेसी के लिए वो रिस्पांसिबिलिटी इस टर्म में मोदी सरकार सुनिश्चित कर रही है आप कैसे भी जीरो नंबर ला के भी अगर आप शिक्षक बने हैं तो आपको जो कोर्स दिया जाएगा वो पढ़ाना पड़ेगा आप जीरो नंबर ला के भी आईएएस बने हैं लेकिन जो काम दिया जाएगा आपको करना पड़ेगा नियम कानून पालन करने पड़ेंगे तो ब्यूरो ोक्रेसी को सिस्टम को वेल और ये आपको अगर ये एक बिहार के मंत्री का एक समय एक इंटरव्यू आया था पहली बार वो चुनाव जीत करके गया था उससे पूछा गया क्या आप लेंगे उसने कहा हां बिल्कुल चुनाव में जो खर्च किया उसकी रिकवरी करूंगा तो पत्रकार ने पूछा कि कैसे करेंगे तो उसका क्या जवाब था वो तो बाबू बताएगा

सांसद कि जो नेता आते हैं उनको मालूम नहीं है कि सिस्टम का फायदा उठा के पैसे कैसे कमाते हैं। यह शिक्षा वहां बैठे बाबू देते हैं। इसके साथ ही कौन सा नेता पागल है जैसे मोदी को डिक्टेटर ये सब किसने क्रूशिएट किया था? ये सब बाबूओं का काम। और मोदी जी जब 2019 में वापस चुनकर के आए थे तो उन्होंने इन्हीं आईएएस ऑफिसर्स को बुला के बैठा के कहा था आपने मेरे 5 साल बर्बाद किए। ये बहुत बात अलग है कि वो वीडियो देखने के बाद मैं शौक में चली गई थी। भाई साहब आपने इतने सारे काम 5 साल में कर लिए। कांग्रेस राज में तो ये 80 साल में नहीं हो पाए और आप कह रहे हैं मेरे 5 साल बर्बाद कर दिए। मतलब अगर आप करते तो क्या मतलब 5 साल में भारत चांद पे पहुंच जाता। बट इट वास वेरी मच पॉसिबल। >> बिल्कुल पहुंचे। तो पहुंच चुके हैं। मार्स पे पहुंच गए, चांद पे पहुंच गए। कोई चीज छोड़ी नहीं है। देखिए अभी जैसे हमने बोला आपने बोला कि जीरो टॉलरेंस है। समझ आ गया मुझे करप्शन है, बाबू है। इनके अगेंस्ट आप काम कर रहे हैं। लेकिन आप देखिए जो जिहादी हैं उनके अगेंस्ट अभी भी क्या जो जीरो टॉलरेंस है उनके अगेंस्ट भी रखी जाएगी?

हां एक यूपी में जिहादी का घर तोड़ा गया। उसका पूरा नेटवर्क खोदा गया। अब पिक्चरें पहुंच जाता। बट इट वास वेरी मच पॉसिबल। >> बिल्कुल पहुंचे। पांच साल में हम चांद पे पहुंच गए। कोई चीज छोड़ी नहीं है। देखिए अभी जैसे हमने बोला आपने बोला कि जीरो टॉलरेंस है। समझ आ गया मुझे करप्शन है, बाबू है। इनके अगेंस्ट आप काम कर रहे हैं। लेकिन आप देखिए जो जिहादी हैं उनके अगेंस्ट अभी भी क्या जो जीरो टॉलरेंस है उनके अगेंस्ट भी रखी जाएगी? >> हां एक यूपी में जिहादी का घर तोड़ा गया। उसका पूरा नेटवर्क खोदा गया। अब पिक्चरें भी आ रही है। जैसे अजमेर शरीफ में जो कांड हुआ था जहां पर दरगाह का खातिम खुद इन्वॉल्व था और वो कांग्रेस का वर्कर ओके तो पोस्ट होल्डर था ऑफिशियल पोस्ट होल्डर ऐसे ही गोधरा में भी वो ऑफिशियल पोस्ट होल्डर था। तो ये सारी चीजें एक्सपोज की जा रही है। तो इसमें ये हिंदू लड़कियों के खिलाफ जो ये सब चल रहा है लव जिहाद वगैरह का मामला ये कैसे अभी कन्हैया लाल जो ट्रेलर था जिसको नपुर शर्मा वाले केस में मार दिया गया उसके ऊपर भी मूवी बनी है कि आप अगर फिल्मों से सीखना चाहते हैं तो हम फिल्मों से सिखा देंगे। कश्मीर फाइल है। बंगाल फाइल्स आने वाली है। केरला स्टोरी आ चुकी है। तो ये कांग्रेस काल में क्यों नहीं बन पाई? कांग्रेस काल में क्यों मुस्लिम हीरो हिंदू लड़की हीरोइन यह चल रहा था ना अकबर द ग्रेट जोधा अकबर की लव स्टोरी चल रही थी। अभी हकीकतें दिखा रहे हैं और इस बात का बहुत विरोध हो रहा है कि आप हकीकत कैसे दिखा रहे हैं और इस बात का गुस्सा है। आज राहुल गांधी पार्लियामेंट के बाहर खड़े होकर के काला पट्टा बांध करके काफी कुछ चीख चिल्ला रहे हैं। काफी गुस्सा है। उनको पता है इलेक्शन कमीशन कैसी धांधली कर रहा है। लेकिन भाई साहब अगली बार प्रेस कॉन्फ्र इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बताने आए हैं कि मैं अगली प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा। उसमें बताऊंगा कि इलेक्शन कमीशन कैसा घोटाला कर रहा है। जब आपके पास सबूत है आपको पता तो अभी ले आते ना। हमारा जनता का भी तो समय बचता। अब एक बार इनको और झेलो और उसमें भी ये अड़म गडम बड़म अब एक बड़ा लॉजिकल क्वेश्चन लेके आए हैं। आप कह रहे हैं आओ ऑपरेशन सिंदूर ऑन गोइंग है। फिर आप कह रहे हैं हम जीत गए। ये दोनों बातें कैसे हो सकती? पप्पू तुमसे ना हो पाएगा। तुम्हारी समझ में नहीं आएगा। हम जो एक एग्जिट पॉलिसी होती है। किसी भी युद्ध, किसी भी चीज में एंटर करने से पहले आपके कुछ टारगेट्स होते हैं। आप उनको अचीव कर लेते हैं। कह देते हैं कि हम जीत के आप उसको और आगे एक्सकलेट नहीं करते। एग्जिट पॉलिसी लिए बिना रशिया यूक्रेन में घुसा। आज 3 साल से ऊपर हो गया। वो वहां पर फंसा हुआ है। मोदी जी को यह नहीं करना था। उनको यह था तुम्हारे एयरपोर्ट्स मैंने तबाह कर दिए। तुम्हारे आतंकवादी मैंने तबाह कर दिए। पाकिस्तान को घुटने पर ला दिया। उसके न्यूक्लियर हथियार एक्सपोज कर दिए। अब मेरी एग्जिट पॉलिसी है। मैं न्यूक्लियर वेपंस डिस्ट्रॉय करूंगा और जब तक सारे नहीं हो जाते तब तक चुप बैठूं। ये लेकर के हम घुसे थे। अभी मोदी जी इंग्लैंड गए हैं। उससे पहले हमारे पवन कल्याण जी जो आंध्र प्रदेश के डेपुटी सीएम है। उन्होंने एक बयान दे दिया और बीजेपी में कोई आउट ऑफ टर्न नहीं बोलता। यह जान लीजिए। उन्होंने जो बयान दिया है वो ये कि कोहिनूर वापस आना चाहिए। अब ये कसम तो नहीं है और चार किंग चार्ल्स की जो है इसमें अब ये अगर उनको ट्रेड डील लेनी है तो कुछ देना पड़ेगा मोदी को। आपने हमारा काफी सारा 800 टन सोना रखा हुआ है। कोहिनूर रखा हुआ। हमारे स्क्रिप्चर्स रखे हैं। अच्छा मोदी जी को सब मालूम है। आप एजुकेशन डिफाइन कर रहे हैं। न्यू एजुकेशन पॉलिसी लेके आए और राजा भोज की भोजशाला की जो सरस्वती जी की मूर्ति है वो भी उनके म्यूजियम में रखी है। पिछली बार अन्नपूर्णा मां की मूर्ति लेके आए थे। काशी विश्वनाथ जी में स्थापित मां की। आज आप 80 करोड़ लोगों को घर बैठ के खिला रहे हैं और अनाज एक्सपोर्ट कर रहे हैं। भंडार भर गए हैं। ऐसा नहीं है कि आप अपनी देवी मूर्तियां ले आते हैं उनको प्राण प्रतिष्ठित करते हैं तो असर नहीं पड़ता। बहुत तगड़ा असर पड़ता है। अब अगर आप न्यू एजुकेशन पॉलिसी पे काम कर रहे हैं और भोशाला की सरस्वती मां की मूर्ति ला के म्यूजियम में नहीं रखिएगा। उसकी स्थापना करके उसकी पूजा शुरू हो जाए। भारतीय तंत्र बदल जाएगा। लेकिन यह चीजें लोग सबूत दिखाओ सबूत दिखाओ गैंग को यह चीजें नहीं समझ में आएंगी बट इसका प्रैक्टिकल सशन होता है। तो भारत बहुत सारे माइलस्टोन तय कर रहा है और राहुल गांधी के पूरे दिन शुरू हो गए हैं। इस समय संसद के बाहर वो मजमा लगा के मददारी बने हुए हैं। बंदर >> बिल्कुल ठीक है क्योंकि जीरो टॉलरेंस मोदी जी ने डिक्लेअ कर दिया राहुल गंदगी और उसकी फैमिली के खिलाफ ये जो लोग हैं वो भी बोलते हैं राहुल गंदगी नाम रखा है बिल्कुल सही रखा है


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India at the Crossroads: Reservation Politics, Minority Appeasement, Islamic Terror & Modi's Political Future

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