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Monday, June 22, 2026

दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से

दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से
दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से
दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से
दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से
दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से

 Sergei Gor अमित शाह से मिलते हैं। एक लिस्ट एक्सचेंज होती है और हमें पता लगता है कि दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां वो मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से।एक हाइली फंडेड एंटी इंडिया प्रोपगेंड है जो कि अमेरिका में रहती थी। नाम था लोरा बलिक।वो एक्चुअल नाम था इसका। लौड़ा बलिक मार दी गई। न्यूयॉर्क के एक पार्क में घूम रही थी। मार दिया किसी ने।उसका काम क्या था? उसने एक डिजिटल मशीन को यूज किया हुआ था

अमेरिका के अंदर। जहां पर वो हिंदू भगवानों को वो डिमीन करती थी वो। ओपनली अपने फॉलोअर्स को बोलती थी कि हिंदू जो देवी देवता हैं उनको गालियां निकालिए। उसको कर्स कीजिए। उसको मार दिया गया। उसको क्या लगता था कि अमेरिका की धरती पर बैठी है। उसे कोई टच कर नहीं सकता। ये उसका गलतफहमी थी। शी वाज़ एंटायरली रॉन्ग। उसकी बॉडी डिस्कवर हुई है। डिस्कवर हुई आइसोलेटेड न्यूयॉर्क के एक स्टेट के पार्क के अंदर। अब सीआईए और एफबीआई को बुलाया गया है। स्टेट पुलिस ने बोल दिया कि हमें तो कोई क्लू नहीं मिल रहा क्योंकि कोई फुटप्रिंट्स भी नहीं है कि कोई आया उसको मार के चला गया। जो पूरी की पूरी जो ट्रेल है वो कंप्लीटली कोल्ड है। इसलिए उन्होंने एफबीआई को बुलाया है इसको इन्वेस्टिगेट करने के लिए। लेकिन अभी तक कुछ भी पता नहीं लगा कि ये अननोन गन मैन कहां से आए।

 कब हवा में ही काम करके वो चले गए। कोई वहां पे निशान गोली का नहीं है। कोई निशान मारा पट्टी का नहीं है। कोई गला दबाया नहीं गया। कुछ नहीं किया। लेकिन लेडी मरी पड़ी है। ये है अननोन गन मैन का काम।महादेव की यह सेना है। कब आएगी, कब काम करके जाएगी यह किसी को पता लगेगा नहीं। अब आपको लगेगा यार अमेरिका में ही काम कर दिया। नहीं। सिर्फ अमेरिका में नहीं हुआ। अभी थोड़ा सा डायरेक्टली आप पाकिस्तान की तरफ भी आ जाइए। वहां पर भी कुछ काम हो गया है। वहां पे क्या हुआ? एक लेफ्टिनेंट कर्नल है इमरान दयाल।उसको Olla के पास भेज दिया। पाकिस्तान आर्मी का यह लेफ्टिनेंट कर्नल है। ही वाज़ फाउंड दैट शॉट बाय अननोन गन मैन एज ऑलवेज। दोस्तों लेकिन जो खासियत ये नहीं है कि हमने लेफ्टिनेंट कर्नल को मारा। नॉर्मल न्यूज़ है। मारा कहां है? हाइली गार्डेड जो इनका डेरा इस्माइल खान का एरिया है। उसके अंदर इसको मारा गया है। फ्लोलेस हाइपरस सर्जिकल स्ट्राइक। दोस्तों ये जो है ना बंदे को मारा वहां पे जो पुलिस इसकी ISI है नंबर वन और जो नंबर वन मिलिट्री है पाकिस्तान की वो कहते हैं हमें फुटप्रिंट्स भी नहीं मिल रहे कि कौन सा बंदा कब आके ना कोई मोटरसाइकिल के ना गाड़ी के ना ही किसी के पैरों के निशान है कि कोई आया और मार के चला गया। लेकिन गोली लगी है यहां पे बंदूक रख कर। कोई दूर से मारा नहीं गया है। और मारा भी कहां है? उसके अपना जो किला था उसके बीच में बैठकर उसको मारा गया है। अब पाकिस्तान क्या कर रहा है? वो बोलता है कोई Ghost आया था वो मार के चला गया। अब पाकिस्तान की आर्मी वो घोस्ट को ढूंढ रही है।

जब यूएसए के एंबेसडर सर्ग गौर जब वो हाइली सिक्योर रूम के अंदर बैठे  मोदी जी के साथ नहीं जयशंकर के साथ नहीं वो बैठे इंडियन होम मिनिस्टर अमित शाह के पास। मैंने तब आपको एक एक्सक्लूसिव चीज बताई थी कि वहां पर एक लिस्ट को एक्सचेंज किया गया है। जहां पर हमने बोला कि अब काउंटर टेररिज्म के ऊपर काम हमें इकट्ठे मिलकर करना पड़ेगा। अभी तो ख़स्तानियों का नाम आएगा इसमें। आप देख लेना अगले 40-50 दिनों में  आपको बड़ा खास्तानी मारा हुआ दिखेगा।अमित शाह को मालूम है आर्किटेक्ट हैं भारत की इंटरनल सिक्योरिटी के और वो रेयरली किसी भी फॉरेन डेलीगेट्स को वो नहीं मिलते डायरेक्टली। यह काम जयशंकर का है। टाइमिंग एब्सोल्यूटली एक्सप्लोसिव थी। क्योंकि जो गौर है वो G7 की मीटिंग को छोड़कर फ्रांस में वो सीधा आते हैं अमित शाह के कमरे के अंदर। और आपको मालूम है प्रधानमंत्री मोदी और डोन्ड ट्रंप वहां पर मीटिंग कर रहे थे जब यहां पर स्वर्गीय गॉड और अमित शाह मीटिंग कर रहे थे। डिस्कस क्या किया गया तब मैंने बताया था आपको टू कंट्रोल टेररिज्म और दूसरा जो भारत के खिलाफ अमेरिका में बैठकर हमें धमकियां देते हैं हमारे धर्म को भी और हमारे कंट्री को उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। और ये दोनों कंट्रीज ने एग्री किया कि अब जॉइंटली जो ये क्रिमिनल माइंडसेट के लोग हैं इनको जस्टिस दिलाई जाएगी। जस्टिस कोर्ट में जाकर नहीं होती है। यह अननोन गन मैन ही यह जस्टिस दिलाते हैं। अब ग्रीन लाइट मिल गई है अमेरिका से जो आप कर रहे हैं। हम आपके साथ हैं। जो हम करेंगे आप भी हमारे साथ रहेंगे। इसको बोलते हैं जियोपॉलिटिकल चेस बोर्ड को फ्लिप करना। अब ये कोई रैंडम कोइजिडेंसेस नहीं है। दो बहुत डिफरेंट टारगेट्स। दो डिफरेंट कंट्रीज के अंदर। और वो टारगेट कौन थे? जो ओपनली होस्टाइल थे भारत की स्ट्रेटेजिक इंटरेस्ट के लिए उनको मारा गया है। दोनों को एलिमिनेट किया कुछ दिनों में कह दीजिए या कुछ घंटों के बीच में।

दोस्तों पिछले 20-30 साल में हुआ क्या था जो भारत की गवर्नमेंट थी वो डिफेंसिव खेलती रही। आपको मालूम है हम डोज़ियर पे डोज़ियर देते रहे। कभी यूनाइटेड स्टेट्स को, कभी कनाडा को, कभी यूनाइटेड नेशंस में और कभी पाकिस्तान को। हम कंप्लेन करते रहे ग्लोबल कम्युनिटी को कि यार ये लोग हमारे देश के खिलाफ ये काम कर रहे हैं। इनको रोको। और जो हमारे दुश्मन है वो हमारे मुंह के ऊपर हंसते थे। आज जो उन्होंने काम क्या किया था? हमारी जो डेमोक्रेटिक वैल्यू्यूज हैं या डेमोक्रेसी हमारी कंट्री की है उसको वेपन की तरह हमारे ऊपर यूज़ कर दिया। अगर हमने किसी को मारने की कोशिश करी या बोला हम आपको मार देंगे तो बोलते हैं ये डेमोक्रेटिक नहीं है। ये तो ह्यूमन राइट्स की वायलेशन है।

हमने बोल दिया ह्यूमन राइट्स ह्यूमंस के लिए होते हैं। लिब्रांडू और मुसलमान वो ह्यूमंस की कैटेगरी में वो आते ही नहीं है। ये डॉक्ट्राइन है गवर्नमेंट ऑफ इंडिया का। इसलिए जो ये लोग सोचते थे कि पाकिस्तान के अंदर हम एक किले में बैठे हैं। अमेरिका में बैठे हैं। हमें कौन टच करेगा? वो एरा ऑफिशियली वो खत्म हो चुका है। अब क्या हो रहा है? जो हंटर है वो हम बन चुके हैं। हम हंटिंग कर रहे हैं अब इनकी कहीं भी हो दुनिया में और मैसिव ग्लोबल मनी ट्रेल को अगर आप फॉलो करेंगे तो आपको पता लगेगा ये सारे के सारे जो एंटी इंडिया के नेटवर्क्स हैं जहां पे पैसे आ रहे थे उसको भी ब्लॉक किया जा रहा है जो हॉस्टाइल कंट्रीज थी जो यूज़ करती थी हमारी जो फ्रिक्शन है कंट्री के अंदर छोटे-छोटे मुद्दों के ऊपर जियोपॉलिटिकल लीवरेज के लिए वो यूज़ करते थे हमने उसको भी बंद करना शुरू कर दिया आप यूज़ तो करके देखिए गोली ना आए अननोन गन मैन से नाम बदल देना भारत का भाई इंडिया का नाम बदल के भारत कर देना। हमें कोई दिक्कत नहीं है। एक राइजिंग पावर जब बढ़ती है उसे डिस्टेबलाइज करने के लिए आपके पास दो तीन मोहरे ही होते हैं। एक आप यहां पर उग्रवादी भेज दीजिए। हमारी तरक्की रुकवा दीजिए। दूसरा है कि आप नरेटिव्स को क्रिएट कीजिए। जैसे ये लौड़ा कर रही थी अमेरिका में बैठकर ताकि जो फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट्स है वो यहां पर भारत में ना आ सके। इसलिए जो ऑपरेशंस हैं ऐसे प्रोपेगेंडा करने वालों के जैसे बालिक थी ये ऑपरेशंस अब चालू हो चुके हैं। इनका जो मनी फ्लो है जो फाइनेंसियल मनी इनको मिलता था हमारे खिलाफ काम करने के लिए अब वो मनी फ्लो बंद हो जाएगा क्योंकि उनके जो लाउडस्पीकर्स हैं उसी को हमने साइलेंस कर  दिया। नेटवर्क कंप्लीटली फ्रैक्चर करके रख दिया है।लगेगा यार एक आधी लेडी को मार के क्या हो जाएगा अमेरिका में या एक कॉकरोच को आपने पाकिस्तान में मार दिया। की फर्क पड़ता है यही होता है कि जब आप इनको मारते हैं तो जो वेल्थदी जो डोनर्स हैं जो इनको फंडिंग करते हैं वह अपने पैसे को वो पीछे पीछे करना वो शुरू कर देंगे क्योंकि उनके जो रिटर्न ऑफ इन्वेस्टमेंट है वो क्रैश हो गई। अब उन्होंने इतने करोड़ों रुपए लगाए नरेटिव बिल्ड करने के लिए सोशल मीडिया पे स्प्रेड करने के लिए आज वो सारी इन्वेस्टमेंट जीरो

 कर दी आपने दो बंदों को मारकर। अब कनेक्ट कीजिए इसको पाकिस्तान के साथ। पाकिस्तान में जब से हमने सर्जिकल स्टाइल्स करनी शुरू करी है। क्या चक्कर है? पाकिस्तान इकोनॉमिकली भिखारी हो गया। कभी नोट किया आपने? हमने पहले काम किया था एक हमने सर्जिकल स्ट्राइक करी थी पाकिस्तान की घुस के अंदर के अंदर घुसकर नहीं। हमने जब डीमोनेटाइजेशन किया उसके बाद पाकिस्तान भिखारी होना शुरू हो गया। क्योंकि प्रिंटिंग मशीन कांग्रेस ने पाकिस्तान के अंदर लगाई हुई थी हमारी ही करेंसी की। उसके बाद दूसरा हमने किया जब अननोन गन मैन ने इनके बड़े-बड़े कॉकरोचों को मारना शुरू किया। उसके बाद जो इनको पैसे मिलते थे भारत को तंग करने के लिए वो मिलने बंद हो गए। अब आप सोच के देखिए 20 साल पीछे जाइए हिस्ट्री में तब क्या होता था। पाकिस्तान ने एक डॉक्ट्रिन बनाया था कि भारत को हर रोज हम जख्म देंगे। ये उनकी मास्टर पीस स्ट्रेटजी थी। उन्होंने नॉन स्टेट एक्टर्स को यूज़ किया जिओपॉलिटिकल वेपन की तरह। क्या बोलते थे वो? वो बोलते थे कि भ हमने तो कुछ किया ही नहीं। ये तो टेररिस्ट हैं। फ्रीडर फाइटर्स हैं। ये अपनी धरती के लिए ये लड़ रहे हैं। ग्लोबल स्टेज के ऊपर इनको ये नॉन स्टेक एक्टर्स बोल दिया गया। या

 बोल दीजिए अननोन गन मैन वो यूज़ करते थे। स्ट्रेटजी सफोकेटिंग थी। लेकिन लेकिन कामयाब थी पाकिस्तान के लिए। अब जो इकोनमिक कॉस्ट है इसकी वो ये थी कि इनको लगातार फंडिंग चाहिए ताकि इस नेटवर्क को जिंदा रख सके। हमने क्या किया? फंडिंग जहां से आती है पहले तो वहां से बंद करवाई। उसके बाद जिसको आती है उसको लुल्ला के पास हमने भेजना शुरू कर दिया। इनकी जो करेंसी है वो इसीलिए आज फेल हो रही है पाकिस्तान की। क्योंकि पीछे से जो टूटी थी पैसे आने की वो बंद हो गई। दोस्तों एक और भी चीज है कि ये जो पाकिस्तान है आज ये बेल आउट लेता है। बेल आउट भी हमने इनको दिलवाने बंद कर दिए। क्यों? क्योंकि बेल आउट आता है उससे ये उग्रवादी ही खड़ा करते हैं। हमने उस रास्ते को भी बंद कर दिया। सर्जिकल स्ट्राइक सिर्फ ये दो लोगों को मारने से नहीं हुई। हमने पाकिस्तान के ऊपर भी सर्जिकल स्ट्राइक्स बार-बार हमने करी है। कोई बात नहीं। इनको ये पाकिस्तानी बोलेंगे आज इस वीडियो के नीचे कि सर हमें तो जी 25 बार तो भीख मिल गई। एक बार और मिल जाएगी। आपके रोकने से क्या हो गया? होता क्या है? जब इनको भीख चाहिए हम उस वक्त नहीं दिलाने देते। हम देते हैं साल के बाद 8 महीने के बाद। जब उसका बोझ इतना बढ़ चुका होता है कि सिर्फ इंटरेस्ट पेमेंट में सारी की सारी भीख वो निकल जाती है। इसको बोलते हैं इनका वेट इतना बढ़ा देना है कि अपने वेट के नीचे ये दब के ही मर जाए। दोस्तों अब हो क्या रहा है? ये जो पाकिस्तान है ये जो जिसको हमने दीनदयाल को मारा है वहां पर दयालु होकर उसको ऊपर भेज दिया। ये वो आदमी है जिसको फंड करती थी मिलिट्री मिलिट्री ये हैंडलर्स थे मिलिट्री के अंदर इसको मार दिया गया और ये जरूरी था क्योंकि पाकिस्तान की एक फेटल मिसकलकुलेशन है उनको लगा कि यार दिल्ली के अगेंस्ट कुछ भी करते रहे हैं भारत के अगेंस्ट हमारे पास वो हिंदुओं की गवर्नमेंट है एपिटाइट ही नहीं है कि हम एस्केलेट करेंगे दे वर एम्बरेसिंगली रोंग हमारी जो इंटेलिजेंस एजेंसीज हैं उन्होंने अब एविडेंस को कलेक्ट करना बंद कर दिया और जाकर हम फॉरेन की कोर्ट में जाके बोलते थे कि ये एविडेंस इन्होंने मारा इनको कुछ बोलिए बिल्कुल भी नहीं आपके पास एक इंफॉर्मेशन आई आपने उसको यूज़ किया और काम तमाम कर दिया इंडियन मीडिया जो मेन स्ट्रीम मीडिया है कंप्लीटली अंडरप्ले करती है ये सारी की सारी जो हमारी डॉक्टाइन शिफ्ट हो चुकी है अब घर में घुस के मारेंगे और हर रोज मारेंगे अब तो अमेरिका को लिस्ट दे दी हमने ये लिस्ट है खाली कराओ और हमारे यहां पे जो लिस्ट है वो आप खाली करवाओ दोनों तरफ से काम चल रहा है दोस्तों जो हमारी मीडिया है और अपोजिशन है वो क्या बोलती है? वीक गवर्नमेंट है। मोदी जी सबसे ज्यादा वीक वो प्रधानमंत्री हैं। चलिए राहुल गांधगी का 2000 2011 का एक बयान है कि टेररिस्ट अटैक तो होते रहेंगे। गवर्नमेंट के पास इतनी पावर नहीं है कि वो सारे टेररिस्ट अटैक्स वो बंद करवा सके। चलिए 2014 के बाद ऐसी पावर क्या आ गई? वीक प्रधानमंत्री मोदी जी के हाथ में ऐसी कौन सी पावर आ गई कि अब टेररिस्ट अटैक होते नहीं है।अब एक काम और हो गया। वेस्टर्न इंटेलिजेंस जो अप्रेटस है वो वॉच कर रहा है। कोई जवाब नहीं है उनका। ना ही यह बोला जा रहा है कि जैसे Nijjar को अननोन गन मैन आकर कुत्ते की तरह मार के चले गए। वैसे ही इस लौड़ा को मार दिया। चुप्पी है। उन्हें मालूम है कि यह ब्रांड न्यू रियलिटी है। इसे एक्सेप्ट करना पड़ेगा। उन्हें पता लग गया कि जो गेम वो चलाते थे आज भारत ने उसको करना शुरू कर दिया। हमारे पास जो ऑपरेशनल जो रीच है वो ग्लोबल हो चुकी है। ये सारी दुनिया को  दिखती है। दोस्तों जो भी भारत के खिलाफ गेम प्ले करेगा। उसके पहले तो जो ये टेरर फंडिंग है उसको बंद किया जाएगा। उसके बाद उनको हंट किया जाएगा। ये दुनिया को समझ आ गया। और जो पाकिस्तान के अंदर जो कंटोनमेंट एरिया है वो भी सेफ नहीं रहे। न्यूयॉर्क के पास जो पार्क हैं जहां पर कैमरे लगे हुए थे चारों तरफ वो भी सेफ नहीं है इनके लिए। ये जो पुराना जिओपॉलिटिकल सेफ्टी नेट था वो कंप्लीटली हमने कोलैप्स कर दिया और जो हमारा इंटेलिजेंस एजेंसीज का जो रीच है वो एब्सोल्यूट स्ट्रेटेजिक पैर के ऊपर आ गई है। अब हम मोसाद की तरह काम करते हैं। अब डेमोंस्ट्रेट करते हैं हम लोग कि जैसे सीआईए हर जगह पे जाकर गंध डाल सकती है। हम भी डाल सकते हैं। पाकिस्तान पैरालाइज्ड है अंदर से। स्ट्रेटेजिक जो उनकी इंटेलिजेंस एजेंसीज हैं वो बिल्कुल दे आर लाइक यू नो जैसे मक्खियों को मारते हैं हम लोग वो हाल हो गया। नंबर वन बोलते हैं अपने आपको। आज लंबड़वान रह गए हैं वो और कुछ भी नहीं है। दे कैन नॉट इवन प्रोटेक्ट देयर ओन ऑफिसर्स। लेफ्टिनेंट कर्नल को कुत्ते की तरह हमने मार के फेंक दिया। हमने बोला हूं और गर्व से बोल रहा हूं। और उनको मालूम है कि जो हिट लिस्ट है हमारे पास वो बहुत लंबी है। ये आदमी वो था जिसने पहलगाम के अटैक के अंदर पूरा जो लॉजिस्टिक्स का काम था वो इसने करवा के दिया था। जो कॉस्ट है प्रॉक्सी वॉर की वो इतनी बड़ी हब पाकिस्तान के ऊपर कर रहे हैं कि जो जो ये अननोन गन मैन है इनक्रेडिबली पेशेंटली हाईली स्किल्ड वो ऑपरेशंस कर रहे हैं ताकि इनकी कॉस्ट बढ़ती रहे। दोस्तों उन्होंने एक डॉक्ट्रन शुरू किया भारत के खिलाफ। हम 1000 कट्स देंगे भारत को। भारत ने बोला कोई बात नहीं आपने 1000 दिए हम 10,000 दे सकते हैं। कल पीओके के अंदर एक डेमोंस्ट्रेशन और हुआ। क्या बोला उन्होंने कि आपके लोगों को पाकिस्तान को बोला है अपने लोगों को निकाल के बाहर निकालो। अब पीओके के लोग और भारत अपने आप निपट लेंगे कि हमने क्या करना है। क्या बोला? पीओके के लोग बोलते हैं कि हम भारत के साथ अपने आप डिसाइड कर लेंगे हमने क्या करना है। तुम यहां से दफा हो जाओ अपने बैग को लेकर। कल पीओके के अंदर यह काम हो गया। यह है ऑपरेशंस विद डेवस्टेटिंग इंप्युरिटी ग्लोबल हिट लिस्ट एक्सट्रीमली एक्टिव है। जो एनिमीज़ हैं भारत के उन्हें मालूम है कि क्या आने वाला है। उनकी नींदें अब हराम करने का टाइम आ गया। मैं कई बार बोलता हूं हमारे जो मेन स्ट्रीम मीडिया के कई लोग हैं जो छोड़ के कोई जर्मनी जर्मन शेफर्ड बन गया। कोई अमेरिका में अमेरिकन डॉग बन गया। कोई ऑस्ट्रेलिया में चला गया। ये जो वहां बैठ के भारत के खिलाफ काम करते हैं। मुझे लगता है इनका नाम भी उस लिस्ट में होना चाहिए। मुझे नहीं मालूम है कि नहीं लेकिन मैं बोल रहा हूं होना चाहिए और अननोन गन मैन को बोल सकते हैं हम लोग कि भैया आपको अगर पैसे चाहिए हमारे जैसे लोग बैठे हैं फंडिंग करने के लिए आप बताओ कितने चाहिए लेकिन ये सारे जो जर्मन शेफर्ड एंड ऑल इनको खत्म करो यार ये न्यूसेंस बहुत लंबी हो गई और जो शेरवानी है फटी हुई भारत में उसका भी कोई काम करना  पड़ेगा आपको क्योंकि बेचारी बहुत तंग है कहती है यार हम बड़े तंग है यहां पर क्योंकि इनकी जिंदगी जो है वो तो लुल्ला के पास जाकर ही पूरी होती है तो क्यों ना इनको भेज दिया जाए ये जब तक इनको ट्रेंबल हम नहीं करवाएंगे आएंगे तब तक काम होगा नहीं और आपको अब अमेरिका की तरफ से कोई स्टेटमेंट कनाडा की तरफ से आपके खिलाफ अब नहीं आएगी क्योंकि उन्हें मालूम है एक तूफान शुरू हो चुका है न्यू दिल्ली में नॉर्थ ब्लॉक में अमित शाह के कमरे से रूल्स ऑफ द गेम चेंज हो गए हैं फॉर एवर तो ओनली क्वेश्चन लेफ्ट इज नाउ हु इज नेक्स्ट

 मुझे बड़ी खुशी होगी जिस दिन ख़स्तानी मरने शुरू होंगे कनाडा में अमेरिका में ऑस्ट्रेलिया में और जहां-जहां यह बैठे हैं।

जय हिंद।


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दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से

दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से
दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से
दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से
दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से

 Sergei Gor अमित शाह से मिलते हैं। एक लिस्ट एक्सचेंज होती है और हमें पता लगता है कि दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां वो मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से।एक हाइली फंडेड एंटी इंडिया प्रोपगेंड है जो कि अमेरिका में रहती थी। नाम था लोरा बलिक।वो एक्चुअल नाम था इसका। लौड़ा बलिक मार दी गई। न्यूयॉर्क के एक पार्क में घूम रही थी। मार दिया किसी ने।उसका काम क्या था? उसने एक डिजिटल मशीन को यूज किया हुआ था

अमेरिका के अंदर। जहां पर वो हिंदू भगवानों को वो डिमीन करती थी वो। ओपनली अपने फॉलोअर्स को बोलती थी कि हिंदू जो देवी देवता हैं उनको गालियां निकालिए। उसको कर्स कीजिए। उसको मार दिया गया। उसको क्या लगता था कि अमेरिका की धरती पर बैठी है। उसे कोई टच कर नहीं सकता। ये उसका गलतफहमी थी। शी वाज़ एंटायरली रॉन्ग। उसकी बॉडी डिस्कवर हुई है। डिस्कवर हुई आइसोलेटेड न्यूयॉर्क के एक स्टेट के पार्क के अंदर। अब सीआईए और एफबीआई को बुलाया गया है। स्टेट पुलिस ने बोल दिया कि हमें तो कोई क्लू नहीं मिल रहा क्योंकि कोई फुटप्रिंट्स भी नहीं है कि कोई आया उसको मार के चला गया। जो पूरी की पूरी जो ट्रेल है वो कंप्लीटली कोल्ड है। इसलिए उन्होंने एफबीआई को बुलाया है इसको इन्वेस्टिगेट करने के लिए। लेकिन अभी तक कुछ भी पता नहीं लगा कि ये अननोन गन मैन कहां से आए।

 कब हवा में ही काम करके वो चले गए। कोई वहां पे निशान गोली का नहीं है। कोई निशान मारा पट्टी का नहीं है। कोई गला दबाया नहीं गया। कुछ नहीं किया। लेकिन लेडी मरी पड़ी है। ये है अननोन गन मैन का काम।महादेव की यह सेना है। कब आएगी, कब काम करके जाएगी यह किसी को पता लगेगा नहीं। अब आपको लगेगा यार अमेरिका में ही काम कर दिया। नहीं। सिर्फ अमेरिका में नहीं हुआ। अभी थोड़ा सा डायरेक्टली आप पाकिस्तान की तरफ भी आ जाइए। वहां पर भी कुछ काम हो गया है। वहां पे क्या हुआ? एक लेफ्टिनेंट कर्नल है इमरान दयाल।उसको Olla के पास भेज दिया। पाकिस्तान आर्मी का यह लेफ्टिनेंट कर्नल है। ही वाज़ फाउंड दैट शॉट बाय अननोन गन मैन एज ऑलवेज। दोस्तों लेकिन जो खासियत ये नहीं है कि हमने लेफ्टिनेंट कर्नल को मारा। नॉर्मल न्यूज़ है। मारा कहां है? हाइली गार्डेड जो इनका डेरा इस्माइल खान का एरिया है। उसके अंदर इसको मारा गया है। फ्लोलेस हाइपरस सर्जिकल स्ट्राइक। दोस्तों ये जो है ना बंदे को मारा वहां पे जो पुलिस इसकी ISI है नंबर वन और जो नंबर वन मिलिट्री है पाकिस्तान की वो कहते हैं हमें फुटप्रिंट्स भी नहीं मिल रहे कि कौन सा बंदा कब आके ना कोई मोटरसाइकिल के ना गाड़ी के ना ही किसी के पैरों के निशान है कि कोई आया और मार के चला गया। लेकिन गोली लगी है यहां पे बंदूक रख कर। कोई दूर से मारा नहीं गया है। और मारा भी कहां है? उसके अपना जो किला था उसके बीच में बैठकर उसको मारा गया है। अब पाकिस्तान क्या कर रहा है? वो बोलता है कोई Ghost आया था वो मार के चला गया। अब पाकिस्तान की आर्मी वो घोस्ट को ढूंढ रही है।

जब यूएसए के एंबेसडर सर्ग गौर जब वो हाइली सिक्योर रूम के अंदर बैठे  मोदी जी के साथ नहीं जयशंकर के साथ नहीं वो बैठे इंडियन होम मिनिस्टर अमित शाह के पास। मैंने तब आपको एक एक्सक्लूसिव चीज बताई थी कि वहां पर एक लिस्ट को एक्सचेंज किया गया है। जहां पर हमने बोला कि अब काउंटर टेररिज्म के ऊपर काम हमें इकट्ठे मिलकर करना पड़ेगा। अभी तो ख़स्तानियों का नाम आएगा इसमें। आप देख लेना अगले 40-50 दिनों में  आपको बड़ा खास्तानी मारा हुआ दिखेगा।अमित शाह को मालूम है आर्किटेक्ट हैं भारत की इंटरनल सिक्योरिटी के और वो रेयरली किसी भी फॉरेन डेलीगेट्स को वो नहीं मिलते डायरेक्टली। यह काम जयशंकर का है। टाइमिंग एब्सोल्यूटली एक्सप्लोसिव थी। क्योंकि जो गौर है वो G7 की मीटिंग को छोड़कर फ्रांस में वो सीधा आते हैं अमित शाह के कमरे के अंदर। और आपको मालूम है प्रधानमंत्री मोदी और डोन्ड ट्रंप वहां पर मीटिंग कर रहे थे जब यहां पर स्वर्गीय गॉड और अमित शाह मीटिंग कर रहे थे। डिस्कस क्या किया गया तब मैंने बताया था आपको टू कंट्रोल टेररिज्म और दूसरा जो भारत के खिलाफ अमेरिका में बैठकर हमें धमकियां देते हैं हमारे धर्म को भी और हमारे कंट्री को उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। और ये दोनों कंट्रीज ने एग्री किया कि अब जॉइंटली जो ये क्रिमिनल माइंडसेट के लोग हैं इनको जस्टिस दिलाई जाएगी। जस्टिस कोर्ट में जाकर नहीं होती है। यह अननोन गन मैन ही यह जस्टिस दिलाते हैं। अब ग्रीन लाइट मिल गई है अमेरिका से जो आप कर रहे हैं। हम आपके साथ हैं। जो हम करेंगे आप भी हमारे साथ रहेंगे। इसको बोलते हैं जियोपॉलिटिकल चेस बोर्ड को फ्लिप करना। अब ये कोई रैंडम कोइजिडेंसेस नहीं है। दो बहुत डिफरेंट टारगेट्स। दो डिफरेंट कंट्रीज के अंदर। और वो टारगेट कौन थे? जो ओपनली होस्टाइल थे भारत की स्ट्रेटेजिक इंटरेस्ट के लिए उनको मारा गया है। दोनों को एलिमिनेट किया कुछ दिनों में कह दीजिए या कुछ घंटों के बीच में।

दोस्तों पिछले 20-30 साल में हुआ क्या था जो भारत की गवर्नमेंट थी वो डिफेंसिव खेलती रही। आपको मालूम है हम डोज़ियर पे डोज़ियर देते रहे। कभी यूनाइटेड स्टेट्स को, कभी कनाडा को, कभी यूनाइटेड नेशंस में और कभी पाकिस्तान को। हम कंप्लेन करते रहे ग्लोबल कम्युनिटी को कि यार ये लोग हमारे देश के खिलाफ ये काम कर रहे हैं। इनको रोको। और जो हमारे दुश्मन है वो हमारे मुंह के ऊपर हंसते थे। आज जो उन्होंने काम क्या किया था? हमारी जो डेमोक्रेटिक वैल्यू्यूज हैं या डेमोक्रेसी हमारी कंट्री की है उसको वेपन की तरह हमारे ऊपर यूज़ कर दिया। अगर हमने किसी को मारने की कोशिश करी या बोला हम आपको मार देंगे तो बोलते हैं ये डेमोक्रेटिक नहीं है। ये तो ह्यूमन राइट्स की वायलेशन है।

हमने बोल दिया ह्यूमन राइट्स ह्यूमंस के लिए होते हैं। लिब्रांडू और मुसलमान वो ह्यूमंस की कैटेगरी में वो आते ही नहीं है। ये डॉक्ट्राइन है गवर्नमेंट ऑफ इंडिया का। इसलिए जो ये लोग सोचते थे कि पाकिस्तान के अंदर हम एक किले में बैठे हैं। अमेरिका में बैठे हैं। हमें कौन टच करेगा? वो एरा ऑफिशियली वो खत्म हो चुका है। अब क्या हो रहा है? जो हंटर है वो हम बन चुके हैं। हम हंटिंग कर रहे हैं अब इनकी कहीं भी हो दुनिया में और मैसिव ग्लोबल मनी ट्रेल को अगर आप फॉलो करेंगे तो आपको पता लगेगा ये सारे के सारे जो एंटी इंडिया के नेटवर्क्स हैं जहां पे पैसे आ रहे थे उसको भी ब्लॉक किया जा रहा है जो हॉस्टाइल कंट्रीज थी जो यूज़ करती थी हमारी जो फ्रिक्शन है कंट्री के अंदर छोटे-छोटे मुद्दों के ऊपर जियोपॉलिटिकल लीवरेज के लिए वो यूज़ करते थे हमने उसको भी बंद करना शुरू कर दिया आप यूज़ तो करके देखिए गोली ना आए अननोन गन मैन से नाम बदल देना भारत का भाई इंडिया का नाम बदल के भारत कर देना। हमें कोई दिक्कत नहीं है। एक राइजिंग पावर जब बढ़ती है उसे डिस्टेबलाइज करने के लिए आपके पास दो तीन मोहरे ही होते हैं। एक आप यहां पर उग्रवादी भेज दीजिए। हमारी तरक्की रुकवा दीजिए। दूसरा है कि आप नरेटिव्स को क्रिएट कीजिए। जैसे ये लौड़ा कर रही थी अमेरिका में बैठकर ताकि जो फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट्स है वो यहां पर भारत में ना आ सके। इसलिए जो ऑपरेशंस हैं ऐसे प्रोपेगेंडा करने वालों के जैसे बालिक थी ये ऑपरेशंस अब चालू हो चुके हैं। इनका जो मनी फ्लो है जो फाइनेंसियल मनी इनको मिलता था हमारे खिलाफ काम करने के लिए अब वो मनी फ्लो बंद हो जाएगा क्योंकि उनके जो लाउडस्पीकर्स हैं उसी को हमने साइलेंस कर  दिया। नेटवर्क कंप्लीटली फ्रैक्चर करके रख दिया है।लगेगा यार एक आधी लेडी को मार के क्या हो जाएगा अमेरिका में या एक कॉकरोच को आपने पाकिस्तान में मार दिया। की फर्क पड़ता है यही होता है कि जब आप इनको मारते हैं तो जो वेल्थदी जो डोनर्स हैं जो इनको फंडिंग करते हैं वह अपने पैसे को वो पीछे पीछे करना वो शुरू कर देंगे क्योंकि उनके जो रिटर्न ऑफ इन्वेस्टमेंट है वो क्रैश हो गई। अब उन्होंने इतने करोड़ों रुपए लगाए नरेटिव बिल्ड करने के लिए सोशल मीडिया पे स्प्रेड करने के लिए आज वो सारी इन्वेस्टमेंट जीरो

 कर दी आपने दो बंदों को मारकर। अब कनेक्ट कीजिए इसको पाकिस्तान के साथ। पाकिस्तान में जब से हमने सर्जिकल स्टाइल्स करनी शुरू करी है। क्या चक्कर है? पाकिस्तान इकोनॉमिकली भिखारी हो गया। कभी नोट किया आपने? हमने पहले काम किया था एक हमने सर्जिकल स्ट्राइक करी थी पाकिस्तान की घुस के अंदर के अंदर घुसकर नहीं। हमने जब डीमोनेटाइजेशन किया उसके बाद पाकिस्तान भिखारी होना शुरू हो गया। क्योंकि प्रिंटिंग मशीन कांग्रेस ने पाकिस्तान के अंदर लगाई हुई थी हमारी ही करेंसी की। उसके बाद दूसरा हमने किया जब अननोन गन मैन ने इनके बड़े-बड़े कॉकरोचों को मारना शुरू किया। उसके बाद जो इनको पैसे मिलते थे भारत को तंग करने के लिए वो मिलने बंद हो गए। अब आप सोच के देखिए 20 साल पीछे जाइए हिस्ट्री में तब क्या होता था। पाकिस्तान ने एक डॉक्ट्रिन बनाया था कि भारत को हर रोज हम जख्म देंगे। ये उनकी मास्टर पीस स्ट्रेटजी थी। उन्होंने नॉन स्टेट एक्टर्स को यूज़ किया जिओपॉलिटिकल वेपन की तरह। क्या बोलते थे वो? वो बोलते थे कि भ हमने तो कुछ किया ही नहीं। ये तो टेररिस्ट हैं। फ्रीडर फाइटर्स हैं। ये अपनी धरती के लिए ये लड़ रहे हैं। ग्लोबल स्टेज के ऊपर इनको ये नॉन स्टेक एक्टर्स बोल दिया गया। या

 बोल दीजिए अननोन गन मैन वो यूज़ करते थे। स्ट्रेटजी सफोकेटिंग थी। लेकिन लेकिन कामयाब थी पाकिस्तान के लिए। अब जो इकोनमिक कॉस्ट है इसकी वो ये थी कि इनको लगातार फंडिंग चाहिए ताकि इस नेटवर्क को जिंदा रख सके। हमने क्या किया? फंडिंग जहां से आती है पहले तो वहां से बंद करवाई। उसके बाद जिसको आती है उसको लुल्ला के पास हमने भेजना शुरू कर दिया। इनकी जो करेंसी है वो इसीलिए आज फेल हो रही है पाकिस्तान की। क्योंकि पीछे से जो टूटी थी पैसे आने की वो बंद हो गई। दोस्तों एक और भी चीज है कि ये जो पाकिस्तान है आज ये बेल आउट लेता है। बेल आउट भी हमने इनको दिलवाने बंद कर दिए। क्यों? क्योंकि बेल आउट आता है उससे ये उग्रवादी ही खड़ा करते हैं। हमने उस रास्ते को भी बंद कर दिया। सर्जिकल स्ट्राइक सिर्फ ये दो लोगों को मारने से नहीं हुई। हमने पाकिस्तान के ऊपर भी सर्जिकल स्ट्राइक्स बार-बार हमने करी है। कोई बात नहीं। इनको ये पाकिस्तानी बोलेंगे आज इस वीडियो के नीचे कि सर हमें तो जी 25 बार तो भीख मिल गई। एक बार और मिल जाएगी। आपके रोकने से क्या हो गया? होता क्या है? जब इनको भीख चाहिए हम उस वक्त नहीं दिलाने देते। हम देते हैं साल के बाद 8 महीने के बाद। जब उसका बोझ इतना बढ़ चुका होता है कि सिर्फ इंटरेस्ट पेमेंट में सारी की सारी भीख वो निकल जाती है। इसको बोलते हैं इनका वेट इतना बढ़ा देना है कि अपने वेट के नीचे ये दब के ही मर जाए। दोस्तों अब हो क्या रहा है? ये जो पाकिस्तान है ये जो जिसको हमने दीनदयाल को मारा है वहां पर दयालु होकर उसको ऊपर भेज दिया। ये वो आदमी है जिसको फंड करती थी मिलिट्री मिलिट्री ये हैंडलर्स थे मिलिट्री के अंदर इसको मार दिया गया और ये जरूरी था क्योंकि पाकिस्तान की एक फेटल मिसकलकुलेशन है उनको लगा कि यार दिल्ली के अगेंस्ट कुछ भी करते रहे हैं भारत के अगेंस्ट हमारे पास वो हिंदुओं की गवर्नमेंट है एपिटाइट ही नहीं है कि हम एस्केलेट करेंगे दे वर एम्बरेसिंगली रोंग हमारी जो इंटेलिजेंस एजेंसीज हैं उन्होंने अब एविडेंस को कलेक्ट करना बंद कर दिया और जाकर हम फॉरेन की कोर्ट में जाके बोलते थे कि ये एविडेंस इन्होंने मारा इनको कुछ बोलिए बिल्कुल भी नहीं आपके पास एक इंफॉर्मेशन आई आपने उसको यूज़ किया और काम तमाम कर दिया इंडियन मीडिया जो मेन स्ट्रीम मीडिया है कंप्लीटली अंडरप्ले करती है ये सारी की सारी जो हमारी डॉक्टाइन शिफ्ट हो चुकी है अब घर में घुस के मारेंगे और हर रोज मारेंगे अब तो अमेरिका को लिस्ट दे दी हमने ये लिस्ट है खाली कराओ और हमारे यहां पे जो लिस्ट है वो आप खाली करवाओ दोनों तरफ से काम चल रहा है दोस्तों जो हमारी मीडिया है और अपोजिशन है वो क्या बोलती है? वीक गवर्नमेंट है। मोदी जी सबसे ज्यादा वीक वो प्रधानमंत्री हैं। चलिए राहुल गांधगी का 2000 2011 का एक बयान है कि टेररिस्ट अटैक तो होते रहेंगे। गवर्नमेंट के पास इतनी पावर नहीं है कि वो सारे टेररिस्ट अटैक्स वो बंद करवा सके। चलिए 2014 के बाद ऐसी पावर क्या आ गई? वीक प्रधानमंत्री मोदी जी के हाथ में ऐसी कौन सी पावर आ गई कि अब टेररिस्ट अटैक होते नहीं है।अब एक काम और हो गया। वेस्टर्न इंटेलिजेंस जो अप्रेटस है वो वॉच कर रहा है। कोई जवाब नहीं है उनका। ना ही यह बोला जा रहा है कि जैसे Nijjar को अननोन गन मैन आकर कुत्ते की तरह मार के चले गए। वैसे ही इस लौड़ा को मार दिया। चुप्पी है। उन्हें मालूम है कि यह ब्रांड न्यू रियलिटी है। इसे एक्सेप्ट करना पड़ेगा। उन्हें पता लग गया कि जो गेम वो चलाते थे आज भारत ने उसको करना शुरू कर दिया। हमारे पास जो ऑपरेशनल जो रीच है वो ग्लोबल हो चुकी है। ये सारी दुनिया को  दिखती है। दोस्तों जो भी भारत के खिलाफ गेम प्ले करेगा। उसके पहले तो जो ये टेरर फंडिंग है उसको बंद किया जाएगा। उसके बाद उनको हंट किया जाएगा। ये दुनिया को समझ आ गया। और जो पाकिस्तान के अंदर जो कंटोनमेंट एरिया है वो भी सेफ नहीं रहे। न्यूयॉर्क के पास जो पार्क हैं जहां पर कैमरे लगे हुए थे चारों तरफ वो भी सेफ नहीं है इनके लिए। ये जो पुराना जिओपॉलिटिकल सेफ्टी नेट था वो कंप्लीटली हमने कोलैप्स कर दिया और जो हमारा इंटेलिजेंस एजेंसीज का जो रीच है वो एब्सोल्यूट स्ट्रेटेजिक पैर के ऊपर आ गई है। अब हम मोसाद की तरह काम करते हैं। अब डेमोंस्ट्रेट करते हैं हम लोग कि जैसे सीआईए हर जगह पे जाकर गंध डाल सकती है। हम भी डाल सकते हैं। पाकिस्तान पैरालाइज्ड है अंदर से। स्ट्रेटेजिक जो उनकी इंटेलिजेंस एजेंसीज हैं वो बिल्कुल दे आर लाइक यू नो जैसे मक्खियों को मारते हैं हम लोग वो हाल हो गया। नंबर वन बोलते हैं अपने आपको। आज लंबड़वान रह गए हैं वो और कुछ भी नहीं है। दे कैन नॉट इवन प्रोटेक्ट देयर ओन ऑफिसर्स। लेफ्टिनेंट कर्नल को कुत्ते की तरह हमने मार के फेंक दिया। हमने बोला हूं और गर्व से बोल रहा हूं। और उनको मालूम है कि जो हिट लिस्ट है हमारे पास वो बहुत लंबी है। ये आदमी वो था जिसने पहलगाम के अटैक के अंदर पूरा जो लॉजिस्टिक्स का काम था वो इसने करवा के दिया था। जो कॉस्ट है प्रॉक्सी वॉर की वो इतनी बड़ी हब पाकिस्तान के ऊपर कर रहे हैं कि जो जो ये अननोन गन मैन है इनक्रेडिबली पेशेंटली हाईली स्किल्ड वो ऑपरेशंस कर रहे हैं ताकि इनकी कॉस्ट बढ़ती रहे। दोस्तों उन्होंने एक डॉक्ट्रन शुरू किया भारत के खिलाफ। हम 1000 कट्स देंगे भारत को। भारत ने बोला कोई बात नहीं आपने 1000 दिए हम 10,000 दे सकते हैं। कल पीओके के अंदर एक डेमोंस्ट्रेशन और हुआ। क्या बोला उन्होंने कि आपके लोगों को पाकिस्तान को बोला है अपने लोगों को निकाल के बाहर निकालो। अब पीओके के लोग और भारत अपने आप निपट लेंगे कि हमने क्या करना है। क्या बोला? पीओके के लोग बोलते हैं कि हम भारत के साथ अपने आप डिसाइड कर लेंगे हमने क्या करना है। तुम यहां से दफा हो जाओ अपने बैग को लेकर। कल पीओके के अंदर यह काम हो गया। यह है ऑपरेशंस विद डेवस्टेटिंग इंप्युरिटी ग्लोबल हिट लिस्ट एक्सट्रीमली एक्टिव है। जो एनिमीज़ हैं भारत के उन्हें मालूम है कि क्या आने वाला है। उनकी नींदें अब हराम करने का टाइम आ गया। मैं कई बार बोलता हूं हमारे जो मेन स्ट्रीम मीडिया के कई लोग हैं जो छोड़ के कोई जर्मनी जर्मन शेफर्ड बन गया। कोई अमेरिका में अमेरिकन डॉग बन गया। कोई ऑस्ट्रेलिया में चला गया। ये जो वहां बैठ के भारत के खिलाफ काम करते हैं। मुझे लगता है इनका नाम भी उस लिस्ट में होना चाहिए। मुझे नहीं मालूम है कि नहीं लेकिन मैं बोल रहा हूं होना चाहिए और अननोन गन मैन को बोल सकते हैं हम लोग कि भैया आपको अगर पैसे चाहिए हमारे जैसे लोग बैठे हैं फंडिंग करने के लिए आप बताओ कितने चाहिए लेकिन ये सारे जो जर्मन शेफर्ड एंड ऑल इनको खत्म करो यार ये न्यूसेंस बहुत लंबी हो गई और जो शेरवानी है फटी हुई भारत में उसका भी कोई काम करना  पड़ेगा आपको क्योंकि बेचारी बहुत तंग है कहती है यार हम बड़े तंग है यहां पर क्योंकि इनकी जिंदगी जो है वो तो लुल्ला के पास जाकर ही पूरी होती है तो क्यों ना इनको भेज दिया जाए ये जब तक इनको ट्रेंबल हम नहीं करवाएंगे आएंगे तब तक काम होगा नहीं और आपको अब अमेरिका की तरफ से कोई स्टेटमेंट कनाडा की तरफ से आपके खिलाफ अब नहीं आएगी क्योंकि उन्हें मालूम है एक तूफान शुरू हो चुका है न्यू दिल्ली में नॉर्थ ब्लॉक में अमित शाह के कमरे से रूल्स ऑफ द गेम चेंज हो गए हैं फॉर एवर तो ओनली क्वेश्चन लेफ्ट इज नाउ हु इज नेक्स्ट

 मुझे बड़ी खुशी होगी जिस दिन ख़स्तानी मरने शुरू होंगे कनाडा में अमेरिका में ऑस्ट्रेलिया में और जहां-जहां यह बैठे हैं।

जय हिंद।


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दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से

दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से
दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से
दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से

 Sergei Gor अमित शाह से मिलते हैं। एक लिस्ट एक्सचेंज होती है और हमें पता लगता है कि दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां वो मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से।एक हाइली फंडेड एंटी इंडिया प्रोपगेंड है जो कि अमेरिका में रहती थी। नाम था लोरा बलिक।वो एक्चुअल नाम था इसका। लौड़ा बलिक मार दी गई। न्यूयॉर्क के एक पार्क में घूम रही थी। मार दिया किसी ने।उसका काम क्या था? उसने एक डिजिटल मशीन को यूज किया हुआ था

अमेरिका के अंदर। जहां पर वो हिंदू भगवानों को वो डिमीन करती थी वो। ओपनली अपने फॉलोअर्स को बोलती थी कि हिंदू जो देवी देवता हैं उनको गालियां निकालिए। उसको कर्स कीजिए। उसको मार दिया गया। उसको क्या लगता था कि अमेरिका की धरती पर बैठी है। उसे कोई टच कर नहीं सकता। ये उसका गलतफहमी थी। शी वाज़ एंटायरली रॉन्ग। उसकी बॉडी डिस्कवर हुई है। डिस्कवर हुई आइसोलेटेड न्यूयॉर्क के एक स्टेट के पार्क के अंदर। अब सीआईए और एफबीआई को बुलाया गया है। स्टेट पुलिस ने बोल दिया कि हमें तो कोई क्लू नहीं मिल रहा क्योंकि कोई फुटप्रिंट्स भी नहीं है कि कोई आया उसको मार के चला गया। जो पूरी की पूरी जो ट्रेल है वो कंप्लीटली कोल्ड है। इसलिए उन्होंने एफबीआई को बुलाया है इसको इन्वेस्टिगेट करने के लिए। लेकिन अभी तक कुछ भी पता नहीं लगा कि ये अननोन गन मैन कहां से आए।

 कब हवा में ही काम करके वो चले गए। कोई वहां पे निशान गोली का नहीं है। कोई निशान मारा पट्टी का नहीं है। कोई गला दबाया नहीं गया। कुछ नहीं किया। लेकिन लेडी मरी पड़ी है। ये है अननोन गन मैन का काम।महादेव की यह सेना है। कब आएगी, कब काम करके जाएगी यह किसी को पता लगेगा नहीं। अब आपको लगेगा यार अमेरिका में ही काम कर दिया। नहीं। सिर्फ अमेरिका में नहीं हुआ। अभी थोड़ा सा डायरेक्टली आप पाकिस्तान की तरफ भी आ जाइए। वहां पर भी कुछ काम हो गया है। वहां पे क्या हुआ? एक लेफ्टिनेंट कर्नल है इमरान दयाल।उसको Olla के पास भेज दिया। पाकिस्तान आर्मी का यह लेफ्टिनेंट कर्नल है। ही वाज़ फाउंड दैट शॉट बाय अननोन गन मैन एज ऑलवेज। दोस्तों लेकिन जो खासियत ये नहीं है कि हमने लेफ्टिनेंट कर्नल को मारा। नॉर्मल न्यूज़ है। मारा कहां है? हाइली गार्डेड जो इनका डेरा इस्माइल खान का एरिया है। उसके अंदर इसको मारा गया है। फ्लोलेस हाइपरस सर्जिकल स्ट्राइक। दोस्तों ये जो है ना बंदे को मारा वहां पे जो पुलिस इसकी ISI है नंबर वन और जो नंबर वन मिलिट्री है पाकिस्तान की वो कहते हैं हमें फुटप्रिंट्स भी नहीं मिल रहे कि कौन सा बंदा कब आके ना कोई मोटरसाइकिल के ना गाड़ी के ना ही किसी के पैरों के निशान है कि कोई आया और मार के चला गया। लेकिन गोली लगी है यहां पे बंदूक रख कर। कोई दूर से मारा नहीं गया है। और मारा भी कहां है? उसके अपना जो किला था उसके बीच में बैठकर उसको मारा गया है। अब पाकिस्तान क्या कर रहा है? वो बोलता है कोई Ghost आया था वो मार के चला गया। अब पाकिस्तान की आर्मी वो घोस्ट को ढूंढ रही है।

जब यूएसए के एंबेसडर सर्ग गौर जब वो हाइली सिक्योर रूम के अंदर बैठे  मोदी जी के साथ नहीं जयशंकर के साथ नहीं वो बैठे इंडियन होम मिनिस्टर अमित शाह के पास। मैंने तब आपको एक एक्सक्लूसिव चीज बताई थी कि वहां पर एक लिस्ट को एक्सचेंज किया गया है। जहां पर हमने बोला कि अब काउंटर टेररिज्म के ऊपर काम हमें इकट्ठे मिलकर करना पड़ेगा। अभी तो ख़स्तानियों का नाम आएगा इसमें। आप देख लेना अगले 40-50 दिनों में  आपको बड़ा खास्तानी मारा हुआ दिखेगा।अमित शाह को मालूम है आर्किटेक्ट हैं भारत की इंटरनल सिक्योरिटी के और वो रेयरली किसी भी फॉरेन डेलीगेट्स को वो नहीं मिलते डायरेक्टली। यह काम जयशंकर का है। टाइमिंग एब्सोल्यूटली एक्सप्लोसिव थी। क्योंकि जो गौर है वो G7 की मीटिंग को छोड़कर फ्रांस में वो सीधा आते हैं अमित शाह के कमरे के अंदर। और आपको मालूम है प्रधानमंत्री मोदी और डोन्ड ट्रंप वहां पर मीटिंग कर रहे थे जब यहां पर स्वर्गीय गॉड और अमित शाह मीटिंग कर रहे थे। डिस्कस क्या किया गया तब मैंने बताया था आपको टू कंट्रोल टेररिज्म और दूसरा जो भारत के खिलाफ अमेरिका में बैठकर हमें धमकियां देते हैं हमारे धर्म को भी और हमारे कंट्री को उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। और ये दोनों कंट्रीज ने एग्री किया कि अब जॉइंटली जो ये क्रिमिनल माइंडसेट के लोग हैं इनको जस्टिस दिलाई जाएगी। जस्टिस कोर्ट में जाकर नहीं होती है। यह अननोन गन मैन ही यह जस्टिस दिलाते हैं। अब ग्रीन लाइट मिल गई है अमेरिका से जो आप कर रहे हैं। हम आपके साथ हैं। जो हम करेंगे आप भी हमारे साथ रहेंगे। इसको बोलते हैं जियोपॉलिटिकल चेस बोर्ड को फ्लिप करना। अब ये कोई रैंडम कोइजिडेंसेस नहीं है। दो बहुत डिफरेंट टारगेट्स। दो डिफरेंट कंट्रीज के अंदर। और वो टारगेट कौन थे? जो ओपनली होस्टाइल थे भारत की स्ट्रेटेजिक इंटरेस्ट के लिए उनको मारा गया है। दोनों को एलिमिनेट किया कुछ दिनों में कह दीजिए या कुछ घंटों के बीच में।

दोस्तों पिछले 20-30 साल में हुआ क्या था जो भारत की गवर्नमेंट थी वो डिफेंसिव खेलती रही। आपको मालूम है हम डोज़ियर पे डोज़ियर देते रहे। कभी यूनाइटेड स्टेट्स को, कभी कनाडा को, कभी यूनाइटेड नेशंस में और कभी पाकिस्तान को। हम कंप्लेन करते रहे ग्लोबल कम्युनिटी को कि यार ये लोग हमारे देश के खिलाफ ये काम कर रहे हैं। इनको रोको। और जो हमारे दुश्मन है वो हमारे मुंह के ऊपर हंसते थे। आज जो उन्होंने काम क्या किया था? हमारी जो डेमोक्रेटिक वैल्यू्यूज हैं या डेमोक्रेसी हमारी कंट्री की है उसको वेपन की तरह हमारे ऊपर यूज़ कर दिया। अगर हमने किसी को मारने की कोशिश करी या बोला हम आपको मार देंगे तो बोलते हैं ये डेमोक्रेटिक नहीं है। ये तो ह्यूमन राइट्स की वायलेशन है।

हमने बोल दिया ह्यूमन राइट्स ह्यूमंस के लिए होते हैं। लिब्रांडू और मुसलमान वो ह्यूमंस की कैटेगरी में वो आते ही नहीं है। ये डॉक्ट्राइन है गवर्नमेंट ऑफ इंडिया का। इसलिए जो ये लोग सोचते थे कि पाकिस्तान के अंदर हम एक किले में बैठे हैं। अमेरिका में बैठे हैं। हमें कौन टच करेगा? वो एरा ऑफिशियली वो खत्म हो चुका है। अब क्या हो रहा है? जो हंटर है वो हम बन चुके हैं। हम हंटिंग कर रहे हैं अब इनकी कहीं भी हो दुनिया में और मैसिव ग्लोबल मनी ट्रेल को अगर आप फॉलो करेंगे तो आपको पता लगेगा ये सारे के सारे जो एंटी इंडिया के नेटवर्क्स हैं जहां पे पैसे आ रहे थे उसको भी ब्लॉक किया जा रहा है जो हॉस्टाइल कंट्रीज थी जो यूज़ करती थी हमारी जो फ्रिक्शन है कंट्री के अंदर छोटे-छोटे मुद्दों के ऊपर जियोपॉलिटिकल लीवरेज के लिए वो यूज़ करते थे हमने उसको भी बंद करना शुरू कर दिया आप यूज़ तो करके देखिए गोली ना आए अननोन गन मैन से नाम बदल देना भारत का भाई इंडिया का नाम बदल के भारत कर देना। हमें कोई दिक्कत नहीं है। एक राइजिंग पावर जब बढ़ती है उसे डिस्टेबलाइज करने के लिए आपके पास दो तीन मोहरे ही होते हैं। एक आप यहां पर उग्रवादी भेज दीजिए। हमारी तरक्की रुकवा दीजिए। दूसरा है कि आप नरेटिव्स को क्रिएट कीजिए। जैसे ये लौड़ा कर रही थी अमेरिका में बैठकर ताकि जो फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट्स है वो यहां पर भारत में ना आ सके। इसलिए जो ऑपरेशंस हैं ऐसे प्रोपेगेंडा करने वालों के जैसे बालिक थी ये ऑपरेशंस अब चालू हो चुके हैं। इनका जो मनी फ्लो है जो फाइनेंसियल मनी इनको मिलता था हमारे खिलाफ काम करने के लिए अब वो मनी फ्लो बंद हो जाएगा क्योंकि उनके जो लाउडस्पीकर्स हैं उसी को हमने साइलेंस कर  दिया। नेटवर्क कंप्लीटली फ्रैक्चर करके रख दिया है।लगेगा यार एक आधी लेडी को मार के क्या हो जाएगा अमेरिका में या एक कॉकरोच को आपने पाकिस्तान में मार दिया। की फर्क पड़ता है यही होता है कि जब आप इनको मारते हैं तो जो वेल्थदी जो डोनर्स हैं जो इनको फंडिंग करते हैं वह अपने पैसे को वो पीछे पीछे करना वो शुरू कर देंगे क्योंकि उनके जो रिटर्न ऑफ इन्वेस्टमेंट है वो क्रैश हो गई। अब उन्होंने इतने करोड़ों रुपए लगाए नरेटिव बिल्ड करने के लिए सोशल मीडिया पे स्प्रेड करने के लिए आज वो सारी इन्वेस्टमेंट जीरो

 कर दी आपने दो बंदों को मारकर। अब कनेक्ट कीजिए इसको पाकिस्तान के साथ। पाकिस्तान में जब से हमने सर्जिकल स्टाइल्स करनी शुरू करी है। क्या चक्कर है? पाकिस्तान इकोनॉमिकली भिखारी हो गया। कभी नोट किया आपने? हमने पहले काम किया था एक हमने सर्जिकल स्ट्राइक करी थी पाकिस्तान की घुस के अंदर के अंदर घुसकर नहीं। हमने जब डीमोनेटाइजेशन किया उसके बाद पाकिस्तान भिखारी होना शुरू हो गया। क्योंकि प्रिंटिंग मशीन कांग्रेस ने पाकिस्तान के अंदर लगाई हुई थी हमारी ही करेंसी की। उसके बाद दूसरा हमने किया जब अननोन गन मैन ने इनके बड़े-बड़े कॉकरोचों को मारना शुरू किया। उसके बाद जो इनको पैसे मिलते थे भारत को तंग करने के लिए वो मिलने बंद हो गए। अब आप सोच के देखिए 20 साल पीछे जाइए हिस्ट्री में तब क्या होता था। पाकिस्तान ने एक डॉक्ट्रिन बनाया था कि भारत को हर रोज हम जख्म देंगे। ये उनकी मास्टर पीस स्ट्रेटजी थी। उन्होंने नॉन स्टेट एक्टर्स को यूज़ किया जिओपॉलिटिकल वेपन की तरह। क्या बोलते थे वो? वो बोलते थे कि भ हमने तो कुछ किया ही नहीं। ये तो टेररिस्ट हैं। फ्रीडर फाइटर्स हैं। ये अपनी धरती के लिए ये लड़ रहे हैं। ग्लोबल स्टेज के ऊपर इनको ये नॉन स्टेक एक्टर्स बोल दिया गया। या

 बोल दीजिए अननोन गन मैन वो यूज़ करते थे। स्ट्रेटजी सफोकेटिंग थी। लेकिन लेकिन कामयाब थी पाकिस्तान के लिए। अब जो इकोनमिक कॉस्ट है इसकी वो ये थी कि इनको लगातार फंडिंग चाहिए ताकि इस नेटवर्क को जिंदा रख सके। हमने क्या किया? फंडिंग जहां से आती है पहले तो वहां से बंद करवाई। उसके बाद जिसको आती है उसको लुल्ला के पास हमने भेजना शुरू कर दिया। इनकी जो करेंसी है वो इसीलिए आज फेल हो रही है पाकिस्तान की। क्योंकि पीछे से जो टूटी थी पैसे आने की वो बंद हो गई। दोस्तों एक और भी चीज है कि ये जो पाकिस्तान है आज ये बेल आउट लेता है। बेल आउट भी हमने इनको दिलवाने बंद कर दिए। क्यों? क्योंकि बेल आउट आता है उससे ये उग्रवादी ही खड़ा करते हैं। हमने उस रास्ते को भी बंद कर दिया। सर्जिकल स्ट्राइक सिर्फ ये दो लोगों को मारने से नहीं हुई। हमने पाकिस्तान के ऊपर भी सर्जिकल स्ट्राइक्स बार-बार हमने करी है। कोई बात नहीं। इनको ये पाकिस्तानी बोलेंगे आज इस वीडियो के नीचे कि सर हमें तो जी 25 बार तो भीख मिल गई। एक बार और मिल जाएगी। आपके रोकने से क्या हो गया? होता क्या है? जब इनको भीख चाहिए हम उस वक्त नहीं दिलाने देते। हम देते हैं साल के बाद 8 महीने के बाद। जब उसका बोझ इतना बढ़ चुका होता है कि सिर्फ इंटरेस्ट पेमेंट में सारी की सारी भीख वो निकल जाती है। इसको बोलते हैं इनका वेट इतना बढ़ा देना है कि अपने वेट के नीचे ये दब के ही मर जाए। दोस्तों अब हो क्या रहा है? ये जो पाकिस्तान है ये जो जिसको हमने दीनदयाल को मारा है वहां पर दयालु होकर उसको ऊपर भेज दिया। ये वो आदमी है जिसको फंड करती थी मिलिट्री मिलिट्री ये हैंडलर्स थे मिलिट्री के अंदर इसको मार दिया गया और ये जरूरी था क्योंकि पाकिस्तान की एक फेटल मिसकलकुलेशन है उनको लगा कि यार दिल्ली के अगेंस्ट कुछ भी करते रहे हैं भारत के अगेंस्ट हमारे पास वो हिंदुओं की गवर्नमेंट है एपिटाइट ही नहीं है कि हम एस्केलेट करेंगे दे वर एम्बरेसिंगली रोंग हमारी जो इंटेलिजेंस एजेंसीज हैं उन्होंने अब एविडेंस को कलेक्ट करना बंद कर दिया और जाकर हम फॉरेन की कोर्ट में जाके बोलते थे कि ये एविडेंस इन्होंने मारा इनको कुछ बोलिए बिल्कुल भी नहीं आपके पास एक इंफॉर्मेशन आई आपने उसको यूज़ किया और काम तमाम कर दिया इंडियन मीडिया जो मेन स्ट्रीम मीडिया है कंप्लीटली अंडरप्ले करती है ये सारी की सारी जो हमारी डॉक्टाइन शिफ्ट हो चुकी है अब घर में घुस के मारेंगे और हर रोज मारेंगे अब तो अमेरिका को लिस्ट दे दी हमने ये लिस्ट है खाली कराओ और हमारे यहां पे जो लिस्ट है वो आप खाली करवाओ दोनों तरफ से काम चल रहा है दोस्तों जो हमारी मीडिया है और अपोजिशन है वो क्या बोलती है? वीक गवर्नमेंट है। मोदी जी सबसे ज्यादा वीक वो प्रधानमंत्री हैं। चलिए राहुल गांधगी का 2000 2011 का एक बयान है कि टेररिस्ट अटैक तो होते रहेंगे। गवर्नमेंट के पास इतनी पावर नहीं है कि वो सारे टेररिस्ट अटैक्स वो बंद करवा सके। चलिए 2014 के बाद ऐसी पावर क्या आ गई? वीक प्रधानमंत्री मोदी जी के हाथ में ऐसी कौन सी पावर आ गई कि अब टेररिस्ट अटैक होते नहीं है।अब एक काम और हो गया। वेस्टर्न इंटेलिजेंस जो अप्रेटस है वो वॉच कर रहा है। कोई जवाब नहीं है उनका। ना ही यह बोला जा रहा है कि जैसे Nijjar को अननोन गन मैन आकर कुत्ते की तरह मार के चले गए। वैसे ही इस लौड़ा को मार दिया। चुप्पी है। उन्हें मालूम है कि यह ब्रांड न्यू रियलिटी है। इसे एक्सेप्ट करना पड़ेगा। उन्हें पता लग गया कि जो गेम वो चलाते थे आज भारत ने उसको करना शुरू कर दिया। हमारे पास जो ऑपरेशनल जो रीच है वो ग्लोबल हो चुकी है। ये सारी दुनिया को  दिखती है। दोस्तों जो भी भारत के खिलाफ गेम प्ले करेगा। उसके पहले तो जो ये टेरर फंडिंग है उसको बंद किया जाएगा। उसके बाद उनको हंट किया जाएगा। ये दुनिया को समझ आ गया। और जो पाकिस्तान के अंदर जो कंटोनमेंट एरिया है वो भी सेफ नहीं रहे। न्यूयॉर्क के पास जो पार्क हैं जहां पर कैमरे लगे हुए थे चारों तरफ वो भी सेफ नहीं है इनके लिए। ये जो पुराना जिओपॉलिटिकल सेफ्टी नेट था वो कंप्लीटली हमने कोलैप्स कर दिया और जो हमारा इंटेलिजेंस एजेंसीज का जो रीच है वो एब्सोल्यूट स्ट्रेटेजिक पैर के ऊपर आ गई है। अब हम मोसाद की तरह काम करते हैं। अब डेमोंस्ट्रेट करते हैं हम लोग कि जैसे सीआईए हर जगह पे जाकर गंध डाल सकती है। हम भी डाल सकते हैं। पाकिस्तान पैरालाइज्ड है अंदर से। स्ट्रेटेजिक जो उनकी इंटेलिजेंस एजेंसीज हैं वो बिल्कुल दे आर लाइक यू नो जैसे मक्खियों को मारते हैं हम लोग वो हाल हो गया। नंबर वन बोलते हैं अपने आपको। आज लंबड़वान रह गए हैं वो और कुछ भी नहीं है। दे कैन नॉट इवन प्रोटेक्ट देयर ओन ऑफिसर्स। लेफ्टिनेंट कर्नल को कुत्ते की तरह हमने मार के फेंक दिया। हमने बोला हूं और गर्व से बोल रहा हूं। और उनको मालूम है कि जो हिट लिस्ट है हमारे पास वो बहुत लंबी है। ये आदमी वो था जिसने पहलगाम के अटैक के अंदर पूरा जो लॉजिस्टिक्स का काम था वो इसने करवा के दिया था। जो कॉस्ट है प्रॉक्सी वॉर की वो इतनी बड़ी हब पाकिस्तान के ऊपर कर रहे हैं कि जो जो ये अननोन गन मैन है इनक्रेडिबली पेशेंटली हाईली स्किल्ड वो ऑपरेशंस कर रहे हैं ताकि इनकी कॉस्ट बढ़ती रहे। दोस्तों उन्होंने एक डॉक्ट्रन शुरू किया भारत के खिलाफ। हम 1000 कट्स देंगे भारत को। भारत ने बोला कोई बात नहीं आपने 1000 दिए हम 10,000 दे सकते हैं। कल पीओके के अंदर एक डेमोंस्ट्रेशन और हुआ। क्या बोला उन्होंने कि आपके लोगों को पाकिस्तान को बोला है अपने लोगों को निकाल के बाहर निकालो। अब पीओके के लोग और भारत अपने आप निपट लेंगे कि हमने क्या करना है। क्या बोला? पीओके के लोग बोलते हैं कि हम भारत के साथ अपने आप डिसाइड कर लेंगे हमने क्या करना है। तुम यहां से दफा हो जाओ अपने बैग को लेकर। कल पीओके के अंदर यह काम हो गया। यह है ऑपरेशंस विद डेवस्टेटिंग इंप्युरिटी ग्लोबल हिट लिस्ट एक्सट्रीमली एक्टिव है। जो एनिमीज़ हैं भारत के उन्हें मालूम है कि क्या आने वाला है। उनकी नींदें अब हराम करने का टाइम आ गया। मैं कई बार बोलता हूं हमारे जो मेन स्ट्रीम मीडिया के कई लोग हैं जो छोड़ के कोई जर्मनी जर्मन शेफर्ड बन गया। कोई अमेरिका में अमेरिकन डॉग बन गया। कोई ऑस्ट्रेलिया में चला गया। ये जो वहां बैठ के भारत के खिलाफ काम करते हैं। मुझे लगता है इनका नाम भी उस लिस्ट में होना चाहिए। मुझे नहीं मालूम है कि नहीं लेकिन मैं बोल रहा हूं होना चाहिए और अननोन गन मैन को बोल सकते हैं हम लोग कि भैया आपको अगर पैसे चाहिए हमारे जैसे लोग बैठे हैं फंडिंग करने के लिए आप बताओ कितने चाहिए लेकिन ये सारे जो जर्मन शेफर्ड एंड ऑल इनको खत्म करो यार ये न्यूसेंस बहुत लंबी हो गई और जो शेरवानी है फटी हुई भारत में उसका भी कोई काम करना  पड़ेगा आपको क्योंकि बेचारी बहुत तंग है कहती है यार हम बड़े तंग है यहां पर क्योंकि इनकी जिंदगी जो है वो तो लुल्ला के पास जाकर ही पूरी होती है तो क्यों ना इनको भेज दिया जाए ये जब तक इनको ट्रेंबल हम नहीं करवाएंगे आएंगे तब तक काम होगा नहीं और आपको अब अमेरिका की तरफ से कोई स्टेटमेंट कनाडा की तरफ से आपके खिलाफ अब नहीं आएगी क्योंकि उन्हें मालूम है एक तूफान शुरू हो चुका है न्यू दिल्ली में नॉर्थ ब्लॉक में अमित शाह के कमरे से रूल्स ऑफ द गेम चेंज हो गए हैं फॉर एवर तो ओनली क्वेश्चन लेफ्ट इज नाउ हु इज नेक्स्ट

 मुझे बड़ी खुशी होगी जिस दिन ख़स्तानी मरने शुरू होंगे कनाडा में अमेरिका में ऑस्ट्रेलिया में और जहां-जहां यह बैठे हैं।

जय हिंद।


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दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से

दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से
दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से

 Sergei Gor अमित शाह से मिलते हैं। एक लिस्ट एक्सचेंज होती है और हमें पता लगता है कि दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां वो मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से।एक हाइली फंडेड एंटी इंडिया प्रोपगेंड है जो कि अमेरिका में रहती थी। नाम था लोरा बलिक।वो एक्चुअल नाम था इसका। लौड़ा बलिक मार दी गई। न्यूयॉर्क के एक पार्क में घूम रही थी। मार दिया किसी ने।उसका काम क्या था? उसने एक डिजिटल मशीन को यूज किया हुआ था

अमेरिका के अंदर। जहां पर वो हिंदू भगवानों को वो डिमीन करती थी वो। ओपनली अपने फॉलोअर्स को बोलती थी कि हिंदू जो देवी देवता हैं उनको गालियां निकालिए। उसको कर्स कीजिए। उसको मार दिया गया। उसको क्या लगता था कि अमेरिका की धरती पर बैठी है। उसे कोई टच कर नहीं सकता। ये उसका गलतफहमी थी। शी वाज़ एंटायरली रॉन्ग। उसकी बॉडी डिस्कवर हुई है। डिस्कवर हुई आइसोलेटेड न्यूयॉर्क के एक स्टेट के पार्क के अंदर। अब सीआईए और एफबीआई को बुलाया गया है। स्टेट पुलिस ने बोल दिया कि हमें तो कोई क्लू नहीं मिल रहा क्योंकि कोई फुटप्रिंट्स भी नहीं है कि कोई आया उसको मार के चला गया। जो पूरी की पूरी जो ट्रेल है वो कंप्लीटली कोल्ड है। इसलिए उन्होंने एफबीआई को बुलाया है इसको इन्वेस्टिगेट करने के लिए। लेकिन अभी तक कुछ भी पता नहीं लगा कि ये अननोन गन मैन कहां से आए।

 कब हवा में ही काम करके वो चले गए। कोई वहां पे निशान गोली का नहीं है। कोई निशान मारा पट्टी का नहीं है। कोई गला दबाया नहीं गया। कुछ नहीं किया। लेकिन लेडी मरी पड़ी है। ये है अननोन गन मैन का काम।महादेव की यह सेना है। कब आएगी, कब काम करके जाएगी यह किसी को पता लगेगा नहीं। अब आपको लगेगा यार अमेरिका में ही काम कर दिया। नहीं। सिर्फ अमेरिका में नहीं हुआ। अभी थोड़ा सा डायरेक्टली आप पाकिस्तान की तरफ भी आ जाइए। वहां पर भी कुछ काम हो गया है। वहां पे क्या हुआ? एक लेफ्टिनेंट कर्नल है इमरान दयाल।उसको Olla के पास भेज दिया। पाकिस्तान आर्मी का यह लेफ्टिनेंट कर्नल है। ही वाज़ फाउंड दैट शॉट बाय अननोन गन मैन एज ऑलवेज। दोस्तों लेकिन जो खासियत ये नहीं है कि हमने लेफ्टिनेंट कर्नल को मारा। नॉर्मल न्यूज़ है। मारा कहां है? हाइली गार्डेड जो इनका डेरा इस्माइल खान का एरिया है। उसके अंदर इसको मारा गया है। फ्लोलेस हाइपरस सर्जिकल स्ट्राइक। दोस्तों ये जो है ना बंदे को मारा वहां पे जो पुलिस इसकी ISI है नंबर वन और जो नंबर वन मिलिट्री है पाकिस्तान की वो कहते हैं हमें फुटप्रिंट्स भी नहीं मिल रहे कि कौन सा बंदा कब आके ना कोई मोटरसाइकिल के ना गाड़ी के ना ही किसी के पैरों के निशान है कि कोई आया और मार के चला गया। लेकिन गोली लगी है यहां पे बंदूक रख कर। कोई दूर से मारा नहीं गया है। और मारा भी कहां है? उसके अपना जो किला था उसके बीच में बैठकर उसको मारा गया है। अब पाकिस्तान क्या कर रहा है? वो बोलता है कोई Ghost आया था वो मार के चला गया। अब पाकिस्तान की आर्मी वो घोस्ट को ढूंढ रही है।

जब यूएसए के एंबेसडर सर्ग गौर जब वो हाइली सिक्योर रूम के अंदर बैठे  मोदी जी के साथ नहीं जयशंकर के साथ नहीं वो बैठे इंडियन होम मिनिस्टर अमित शाह के पास। मैंने तब आपको एक एक्सक्लूसिव चीज बताई थी कि वहां पर एक लिस्ट को एक्सचेंज किया गया है। जहां पर हमने बोला कि अब काउंटर टेररिज्म के ऊपर काम हमें इकट्ठे मिलकर करना पड़ेगा। अभी तो ख़स्तानियों का नाम आएगा इसमें। आप देख लेना अगले 40-50 दिनों में  आपको बड़ा खास्तानी मारा हुआ दिखेगा।अमित शाह को मालूम है आर्किटेक्ट हैं भारत की इंटरनल सिक्योरिटी के और वो रेयरली किसी भी फॉरेन डेलीगेट्स को वो नहीं मिलते डायरेक्टली। यह काम जयशंकर का है। टाइमिंग एब्सोल्यूटली एक्सप्लोसिव थी। क्योंकि जो गौर है वो G7 की मीटिंग को छोड़कर फ्रांस में वो सीधा आते हैं अमित शाह के कमरे के अंदर। और आपको मालूम है प्रधानमंत्री मोदी और डोन्ड ट्रंप वहां पर मीटिंग कर रहे थे जब यहां पर स्वर्गीय गॉड और अमित शाह मीटिंग कर रहे थे। डिस्कस क्या किया गया तब मैंने बताया था आपको टू कंट्रोल टेररिज्म और दूसरा जो भारत के खिलाफ अमेरिका में बैठकर हमें धमकियां देते हैं हमारे धर्म को भी और हमारे कंट्री को उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। और ये दोनों कंट्रीज ने एग्री किया कि अब जॉइंटली जो ये क्रिमिनल माइंडसेट के लोग हैं इनको जस्टिस दिलाई जाएगी। जस्टिस कोर्ट में जाकर नहीं होती है। यह अननोन गन मैन ही यह जस्टिस दिलाते हैं। अब ग्रीन लाइट मिल गई है अमेरिका से जो आप कर रहे हैं। हम आपके साथ हैं। जो हम करेंगे आप भी हमारे साथ रहेंगे। इसको बोलते हैं जियोपॉलिटिकल चेस बोर्ड को फ्लिप करना। अब ये कोई रैंडम कोइजिडेंसेस नहीं है। दो बहुत डिफरेंट टारगेट्स। दो डिफरेंट कंट्रीज के अंदर। और वो टारगेट कौन थे? जो ओपनली होस्टाइल थे भारत की स्ट्रेटेजिक इंटरेस्ट के लिए उनको मारा गया है। दोनों को एलिमिनेट किया कुछ दिनों में कह दीजिए या कुछ घंटों के बीच में।

दोस्तों पिछले 20-30 साल में हुआ क्या था जो भारत की गवर्नमेंट थी वो डिफेंसिव खेलती रही। आपको मालूम है हम डोज़ियर पे डोज़ियर देते रहे। कभी यूनाइटेड स्टेट्स को, कभी कनाडा को, कभी यूनाइटेड नेशंस में और कभी पाकिस्तान को। हम कंप्लेन करते रहे ग्लोबल कम्युनिटी को कि यार ये लोग हमारे देश के खिलाफ ये काम कर रहे हैं। इनको रोको। और जो हमारे दुश्मन है वो हमारे मुंह के ऊपर हंसते थे। आज जो उन्होंने काम क्या किया था? हमारी जो डेमोक्रेटिक वैल्यू्यूज हैं या डेमोक्रेसी हमारी कंट्री की है उसको वेपन की तरह हमारे ऊपर यूज़ कर दिया। अगर हमने किसी को मारने की कोशिश करी या बोला हम आपको मार देंगे तो बोलते हैं ये डेमोक्रेटिक नहीं है। ये तो ह्यूमन राइट्स की वायलेशन है।

हमने बोल दिया ह्यूमन राइट्स ह्यूमंस के लिए होते हैं। लिब्रांडू और मुसलमान वो ह्यूमंस की कैटेगरी में वो आते ही नहीं है। ये डॉक्ट्राइन है गवर्नमेंट ऑफ इंडिया का। इसलिए जो ये लोग सोचते थे कि पाकिस्तान के अंदर हम एक किले में बैठे हैं। अमेरिका में बैठे हैं। हमें कौन टच करेगा? वो एरा ऑफिशियली वो खत्म हो चुका है। अब क्या हो रहा है? जो हंटर है वो हम बन चुके हैं। हम हंटिंग कर रहे हैं अब इनकी कहीं भी हो दुनिया में और मैसिव ग्लोबल मनी ट्रेल को अगर आप फॉलो करेंगे तो आपको पता लगेगा ये सारे के सारे जो एंटी इंडिया के नेटवर्क्स हैं जहां पे पैसे आ रहे थे उसको भी ब्लॉक किया जा रहा है जो हॉस्टाइल कंट्रीज थी जो यूज़ करती थी हमारी जो फ्रिक्शन है कंट्री के अंदर छोटे-छोटे मुद्दों के ऊपर जियोपॉलिटिकल लीवरेज के लिए वो यूज़ करते थे हमने उसको भी बंद करना शुरू कर दिया आप यूज़ तो करके देखिए गोली ना आए अननोन गन मैन से नाम बदल देना भारत का भाई इंडिया का नाम बदल के भारत कर देना। हमें कोई दिक्कत नहीं है। एक राइजिंग पावर जब बढ़ती है उसे डिस्टेबलाइज करने के लिए आपके पास दो तीन मोहरे ही होते हैं। एक आप यहां पर उग्रवादी भेज दीजिए। हमारी तरक्की रुकवा दीजिए। दूसरा है कि आप नरेटिव्स को क्रिएट कीजिए। जैसे ये लौड़ा कर रही थी अमेरिका में बैठकर ताकि जो फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट्स है वो यहां पर भारत में ना आ सके। इसलिए जो ऑपरेशंस हैं ऐसे प्रोपेगेंडा करने वालों के जैसे बालिक थी ये ऑपरेशंस अब चालू हो चुके हैं। इनका जो मनी फ्लो है जो फाइनेंसियल मनी इनको मिलता था हमारे खिलाफ काम करने के लिए अब वो मनी फ्लो बंद हो जाएगा क्योंकि उनके जो लाउडस्पीकर्स हैं उसी को हमने साइलेंस कर  दिया। नेटवर्क कंप्लीटली फ्रैक्चर करके रख दिया है।लगेगा यार एक आधी लेडी को मार के क्या हो जाएगा अमेरिका में या एक कॉकरोच को आपने पाकिस्तान में मार दिया। की फर्क पड़ता है यही होता है कि जब आप इनको मारते हैं तो जो वेल्थदी जो डोनर्स हैं जो इनको फंडिंग करते हैं वह अपने पैसे को वो पीछे पीछे करना वो शुरू कर देंगे क्योंकि उनके जो रिटर्न ऑफ इन्वेस्टमेंट है वो क्रैश हो गई। अब उन्होंने इतने करोड़ों रुपए लगाए नरेटिव बिल्ड करने के लिए सोशल मीडिया पे स्प्रेड करने के लिए आज वो सारी इन्वेस्टमेंट जीरो

 कर दी आपने दो बंदों को मारकर। अब कनेक्ट कीजिए इसको पाकिस्तान के साथ। पाकिस्तान में जब से हमने सर्जिकल स्टाइल्स करनी शुरू करी है। क्या चक्कर है? पाकिस्तान इकोनॉमिकली भिखारी हो गया। कभी नोट किया आपने? हमने पहले काम किया था एक हमने सर्जिकल स्ट्राइक करी थी पाकिस्तान की घुस के अंदर के अंदर घुसकर नहीं। हमने जब डीमोनेटाइजेशन किया उसके बाद पाकिस्तान भिखारी होना शुरू हो गया। क्योंकि प्रिंटिंग मशीन कांग्रेस ने पाकिस्तान के अंदर लगाई हुई थी हमारी ही करेंसी की। उसके बाद दूसरा हमने किया जब अननोन गन मैन ने इनके बड़े-बड़े कॉकरोचों को मारना शुरू किया। उसके बाद जो इनको पैसे मिलते थे भारत को तंग करने के लिए वो मिलने बंद हो गए। अब आप सोच के देखिए 20 साल पीछे जाइए हिस्ट्री में तब क्या होता था। पाकिस्तान ने एक डॉक्ट्रिन बनाया था कि भारत को हर रोज हम जख्म देंगे। ये उनकी मास्टर पीस स्ट्रेटजी थी। उन्होंने नॉन स्टेट एक्टर्स को यूज़ किया जिओपॉलिटिकल वेपन की तरह। क्या बोलते थे वो? वो बोलते थे कि भ हमने तो कुछ किया ही नहीं। ये तो टेररिस्ट हैं। फ्रीडर फाइटर्स हैं। ये अपनी धरती के लिए ये लड़ रहे हैं। ग्लोबल स्टेज के ऊपर इनको ये नॉन स्टेक एक्टर्स बोल दिया गया। या

 बोल दीजिए अननोन गन मैन वो यूज़ करते थे। स्ट्रेटजी सफोकेटिंग थी। लेकिन लेकिन कामयाब थी पाकिस्तान के लिए। अब जो इकोनमिक कॉस्ट है इसकी वो ये थी कि इनको लगातार फंडिंग चाहिए ताकि इस नेटवर्क को जिंदा रख सके। हमने क्या किया? फंडिंग जहां से आती है पहले तो वहां से बंद करवाई। उसके बाद जिसको आती है उसको लुल्ला के पास हमने भेजना शुरू कर दिया। इनकी जो करेंसी है वो इसीलिए आज फेल हो रही है पाकिस्तान की। क्योंकि पीछे से जो टूटी थी पैसे आने की वो बंद हो गई। दोस्तों एक और भी चीज है कि ये जो पाकिस्तान है आज ये बेल आउट लेता है। बेल आउट भी हमने इनको दिलवाने बंद कर दिए। क्यों? क्योंकि बेल आउट आता है उससे ये उग्रवादी ही खड़ा करते हैं। हमने उस रास्ते को भी बंद कर दिया। सर्जिकल स्ट्राइक सिर्फ ये दो लोगों को मारने से नहीं हुई। हमने पाकिस्तान के ऊपर भी सर्जिकल स्ट्राइक्स बार-बार हमने करी है। कोई बात नहीं। इनको ये पाकिस्तानी बोलेंगे आज इस वीडियो के नीचे कि सर हमें तो जी 25 बार तो भीख मिल गई। एक बार और मिल जाएगी। आपके रोकने से क्या हो गया? होता क्या है? जब इनको भीख चाहिए हम उस वक्त नहीं दिलाने देते। हम देते हैं साल के बाद 8 महीने के बाद। जब उसका बोझ इतना बढ़ चुका होता है कि सिर्फ इंटरेस्ट पेमेंट में सारी की सारी भीख वो निकल जाती है। इसको बोलते हैं इनका वेट इतना बढ़ा देना है कि अपने वेट के नीचे ये दब के ही मर जाए। दोस्तों अब हो क्या रहा है? ये जो पाकिस्तान है ये जो जिसको हमने दीनदयाल को मारा है वहां पर दयालु होकर उसको ऊपर भेज दिया। ये वो आदमी है जिसको फंड करती थी मिलिट्री मिलिट्री ये हैंडलर्स थे मिलिट्री के अंदर इसको मार दिया गया और ये जरूरी था क्योंकि पाकिस्तान की एक फेटल मिसकलकुलेशन है उनको लगा कि यार दिल्ली के अगेंस्ट कुछ भी करते रहे हैं भारत के अगेंस्ट हमारे पास वो हिंदुओं की गवर्नमेंट है एपिटाइट ही नहीं है कि हम एस्केलेट करेंगे दे वर एम्बरेसिंगली रोंग हमारी जो इंटेलिजेंस एजेंसीज हैं उन्होंने अब एविडेंस को कलेक्ट करना बंद कर दिया और जाकर हम फॉरेन की कोर्ट में जाके बोलते थे कि ये एविडेंस इन्होंने मारा इनको कुछ बोलिए बिल्कुल भी नहीं आपके पास एक इंफॉर्मेशन आई आपने उसको यूज़ किया और काम तमाम कर दिया इंडियन मीडिया जो मेन स्ट्रीम मीडिया है कंप्लीटली अंडरप्ले करती है ये सारी की सारी जो हमारी डॉक्टाइन शिफ्ट हो चुकी है अब घर में घुस के मारेंगे और हर रोज मारेंगे अब तो अमेरिका को लिस्ट दे दी हमने ये लिस्ट है खाली कराओ और हमारे यहां पे जो लिस्ट है वो आप खाली करवाओ दोनों तरफ से काम चल रहा है दोस्तों जो हमारी मीडिया है और अपोजिशन है वो क्या बोलती है? वीक गवर्नमेंट है। मोदी जी सबसे ज्यादा वीक वो प्रधानमंत्री हैं। चलिए राहुल गांधगी का 2000 2011 का एक बयान है कि टेररिस्ट अटैक तो होते रहेंगे। गवर्नमेंट के पास इतनी पावर नहीं है कि वो सारे टेररिस्ट अटैक्स वो बंद करवा सके। चलिए 2014 के बाद ऐसी पावर क्या आ गई? वीक प्रधानमंत्री मोदी जी के हाथ में ऐसी कौन सी पावर आ गई कि अब टेररिस्ट अटैक होते नहीं है।अब एक काम और हो गया। वेस्टर्न इंटेलिजेंस जो अप्रेटस है वो वॉच कर रहा है। कोई जवाब नहीं है उनका। ना ही यह बोला जा रहा है कि जैसे Nijjar को अननोन गन मैन आकर कुत्ते की तरह मार के चले गए। वैसे ही इस लौड़ा को मार दिया। चुप्पी है। उन्हें मालूम है कि यह ब्रांड न्यू रियलिटी है। इसे एक्सेप्ट करना पड़ेगा। उन्हें पता लग गया कि जो गेम वो चलाते थे आज भारत ने उसको करना शुरू कर दिया। हमारे पास जो ऑपरेशनल जो रीच है वो ग्लोबल हो चुकी है। ये सारी दुनिया को  दिखती है। दोस्तों जो भी भारत के खिलाफ गेम प्ले करेगा। उसके पहले तो जो ये टेरर फंडिंग है उसको बंद किया जाएगा। उसके बाद उनको हंट किया जाएगा। ये दुनिया को समझ आ गया। और जो पाकिस्तान के अंदर जो कंटोनमेंट एरिया है वो भी सेफ नहीं रहे। न्यूयॉर्क के पास जो पार्क हैं जहां पर कैमरे लगे हुए थे चारों तरफ वो भी सेफ नहीं है इनके लिए। ये जो पुराना जिओपॉलिटिकल सेफ्टी नेट था वो कंप्लीटली हमने कोलैप्स कर दिया और जो हमारा इंटेलिजेंस एजेंसीज का जो रीच है वो एब्सोल्यूट स्ट्रेटेजिक पैर के ऊपर आ गई है। अब हम मोसाद की तरह काम करते हैं। अब डेमोंस्ट्रेट करते हैं हम लोग कि जैसे सीआईए हर जगह पे जाकर गंध डाल सकती है। हम भी डाल सकते हैं। पाकिस्तान पैरालाइज्ड है अंदर से। स्ट्रेटेजिक जो उनकी इंटेलिजेंस एजेंसीज हैं वो बिल्कुल दे आर लाइक यू नो जैसे मक्खियों को मारते हैं हम लोग वो हाल हो गया। नंबर वन बोलते हैं अपने आपको। आज लंबड़वान रह गए हैं वो और कुछ भी नहीं है। दे कैन नॉट इवन प्रोटेक्ट देयर ओन ऑफिसर्स। लेफ्टिनेंट कर्नल को कुत्ते की तरह हमने मार के फेंक दिया। हमने बोला हूं और गर्व से बोल रहा हूं। और उनको मालूम है कि जो हिट लिस्ट है हमारे पास वो बहुत लंबी है। ये आदमी वो था जिसने पहलगाम के अटैक के अंदर पूरा जो लॉजिस्टिक्स का काम था वो इसने करवा के दिया था। जो कॉस्ट है प्रॉक्सी वॉर की वो इतनी बड़ी हब पाकिस्तान के ऊपर कर रहे हैं कि जो जो ये अननोन गन मैन है इनक्रेडिबली पेशेंटली हाईली स्किल्ड वो ऑपरेशंस कर रहे हैं ताकि इनकी कॉस्ट बढ़ती रहे। दोस्तों उन्होंने एक डॉक्ट्रन शुरू किया भारत के खिलाफ। हम 1000 कट्स देंगे भारत को। भारत ने बोला कोई बात नहीं आपने 1000 दिए हम 10,000 दे सकते हैं। कल पीओके के अंदर एक डेमोंस्ट्रेशन और हुआ। क्या बोला उन्होंने कि आपके लोगों को पाकिस्तान को बोला है अपने लोगों को निकाल के बाहर निकालो। अब पीओके के लोग और भारत अपने आप निपट लेंगे कि हमने क्या करना है। क्या बोला? पीओके के लोग बोलते हैं कि हम भारत के साथ अपने आप डिसाइड कर लेंगे हमने क्या करना है। तुम यहां से दफा हो जाओ अपने बैग को लेकर। कल पीओके के अंदर यह काम हो गया। यह है ऑपरेशंस विद डेवस्टेटिंग इंप्युरिटी ग्लोबल हिट लिस्ट एक्सट्रीमली एक्टिव है। जो एनिमीज़ हैं भारत के उन्हें मालूम है कि क्या आने वाला है। उनकी नींदें अब हराम करने का टाइम आ गया। मैं कई बार बोलता हूं हमारे जो मेन स्ट्रीम मीडिया के कई लोग हैं जो छोड़ के कोई जर्मनी जर्मन शेफर्ड बन गया। कोई अमेरिका में अमेरिकन डॉग बन गया। कोई ऑस्ट्रेलिया में चला गया। ये जो वहां बैठ के भारत के खिलाफ काम करते हैं। मुझे लगता है इनका नाम भी उस लिस्ट में होना चाहिए। मुझे नहीं मालूम है कि नहीं लेकिन मैं बोल रहा हूं होना चाहिए और अननोन गन मैन को बोल सकते हैं हम लोग कि भैया आपको अगर पैसे चाहिए हमारे जैसे लोग बैठे हैं फंडिंग करने के लिए आप बताओ कितने चाहिए लेकिन ये सारे जो जर्मन शेफर्ड एंड ऑल इनको खत्म करो यार ये न्यूसेंस बहुत लंबी हो गई और जो शेरवानी है फटी हुई भारत में उसका भी कोई काम करना  पड़ेगा आपको क्योंकि बेचारी बहुत तंग है कहती है यार हम बड़े तंग है यहां पर क्योंकि इनकी जिंदगी जो है वो तो लुल्ला के पास जाकर ही पूरी होती है तो क्यों ना इनको भेज दिया जाए ये जब तक इनको ट्रेंबल हम नहीं करवाएंगे आएंगे तब तक काम होगा नहीं और आपको अब अमेरिका की तरफ से कोई स्टेटमेंट कनाडा की तरफ से आपके खिलाफ अब नहीं आएगी क्योंकि उन्हें मालूम है एक तूफान शुरू हो चुका है न्यू दिल्ली में नॉर्थ ब्लॉक में अमित शाह के कमरे से रूल्स ऑफ द गेम चेंज हो गए हैं फॉर एवर तो ओनली क्वेश्चन लेफ्ट इज नाउ हु इज नेक्स्ट

 मुझे बड़ी खुशी होगी जिस दिन ख़स्तानी मरने शुरू होंगे कनाडा में अमेरिका में ऑस्ट्रेलिया में और जहां-जहां यह बैठे हैं।

जय हिंद।


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2026-06-22T13:08:37+05:30
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दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से

दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से

 Sergei Gor अमित शाह से मिलते हैं। एक लिस्ट एक्सचेंज होती है और हमें पता लगता है कि दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां वो मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से।एक हाइली फंडेड एंटी इंडिया प्रोपगेंड है जो कि अमेरिका में रहती थी। नाम था लोरा बलिक।वो एक्चुअल नाम था इसका। लौड़ा बलिक मार दी गई। न्यूयॉर्क के एक पार्क में घूम रही थी। मार दिया किसी ने।उसका काम क्या था? उसने एक डिजिटल मशीन को यूज किया हुआ था

अमेरिका के अंदर। जहां पर वो हिंदू भगवानों को वो डिमीन करती थी वो। ओपनली अपने फॉलोअर्स को बोलती थी कि हिंदू जो देवी देवता हैं उनको गालियां निकालिए। उसको कर्स कीजिए। उसको मार दिया गया। उसको क्या लगता था कि अमेरिका की धरती पर बैठी है। उसे कोई टच कर नहीं सकता। ये उसका गलतफहमी थी। शी वाज़ एंटायरली रॉन्ग। उसकी बॉडी डिस्कवर हुई है। डिस्कवर हुई आइसोलेटेड न्यूयॉर्क के एक स्टेट के पार्क के अंदर। अब सीआईए और एफबीआई को बुलाया गया है। स्टेट पुलिस ने बोल दिया कि हमें तो कोई क्लू नहीं मिल रहा क्योंकि कोई फुटप्रिंट्स भी नहीं है कि कोई आया उसको मार के चला गया। जो पूरी की पूरी जो ट्रेल है वो कंप्लीटली कोल्ड है। इसलिए उन्होंने एफबीआई को बुलाया है इसको इन्वेस्टिगेट करने के लिए। लेकिन अभी तक कुछ भी पता नहीं लगा कि ये अननोन गन मैन कहां से आए।

 कब हवा में ही काम करके वो चले गए। कोई वहां पे निशान गोली का नहीं है। कोई निशान मारा पट्टी का नहीं है। कोई गला दबाया नहीं गया। कुछ नहीं किया। लेकिन लेडी मरी पड़ी है। ये है अननोन गन मैन का काम।महादेव की यह सेना है। कब आएगी, कब काम करके जाएगी यह किसी को पता लगेगा नहीं। अब आपको लगेगा यार अमेरिका में ही काम कर दिया। नहीं। सिर्फ अमेरिका में नहीं हुआ। अभी थोड़ा सा डायरेक्टली आप पाकिस्तान की तरफ भी आ जाइए। वहां पर भी कुछ काम हो गया है। वहां पे क्या हुआ? एक लेफ्टिनेंट कर्नल है इमरान दयाल।उसको Olla के पास भेज दिया। पाकिस्तान आर्मी का यह लेफ्टिनेंट कर्नल है। ही वाज़ फाउंड दैट शॉट बाय अननोन गन मैन एज ऑलवेज। दोस्तों लेकिन जो खासियत ये नहीं है कि हमने लेफ्टिनेंट कर्नल को मारा। नॉर्मल न्यूज़ है। मारा कहां है? हाइली गार्डेड जो इनका डेरा इस्माइल खान का एरिया है। उसके अंदर इसको मारा गया है। फ्लोलेस हाइपरस सर्जिकल स्ट्राइक। दोस्तों ये जो है ना बंदे को मारा वहां पे जो पुलिस इसकी ISI है नंबर वन और जो नंबर वन मिलिट्री है पाकिस्तान की वो कहते हैं हमें फुटप्रिंट्स भी नहीं मिल रहे कि कौन सा बंदा कब आके ना कोई मोटरसाइकिल के ना गाड़ी के ना ही किसी के पैरों के निशान है कि कोई आया और मार के चला गया। लेकिन गोली लगी है यहां पे बंदूक रख कर। कोई दूर से मारा नहीं गया है। और मारा भी कहां है? उसके अपना जो किला था उसके बीच में बैठकर उसको मारा गया है। अब पाकिस्तान क्या कर रहा है? वो बोलता है कोई Ghost आया था वो मार के चला गया। अब पाकिस्तान की आर्मी वो घोस्ट को ढूंढ रही है।

जब यूएसए के एंबेसडर सर्ग गौर जब वो हाइली सिक्योर रूम के अंदर बैठे  मोदी जी के साथ नहीं जयशंकर के साथ नहीं वो बैठे इंडियन होम मिनिस्टर अमित शाह के पास। मैंने तब आपको एक एक्सक्लूसिव चीज बताई थी कि वहां पर एक लिस्ट को एक्सचेंज किया गया है। जहां पर हमने बोला कि अब काउंटर टेररिज्म के ऊपर काम हमें इकट्ठे मिलकर करना पड़ेगा। अभी तो ख़स्तानियों का नाम आएगा इसमें। आप देख लेना अगले 40-50 दिनों में  आपको बड़ा खास्तानी मारा हुआ दिखेगा।अमित शाह को मालूम है आर्किटेक्ट हैं भारत की इंटरनल सिक्योरिटी के और वो रेयरली किसी भी फॉरेन डेलीगेट्स को वो नहीं मिलते डायरेक्टली। यह काम जयशंकर का है। टाइमिंग एब्सोल्यूटली एक्सप्लोसिव थी। क्योंकि जो गौर है वो G7 की मीटिंग को छोड़कर फ्रांस में वो सीधा आते हैं अमित शाह के कमरे के अंदर। और आपको मालूम है प्रधानमंत्री मोदी और डोन्ड ट्रंप वहां पर मीटिंग कर रहे थे जब यहां पर स्वर्गीय गॉड और अमित शाह मीटिंग कर रहे थे। डिस्कस क्या किया गया तब मैंने बताया था आपको टू कंट्रोल टेररिज्म और दूसरा जो भारत के खिलाफ अमेरिका में बैठकर हमें धमकियां देते हैं हमारे धर्म को भी और हमारे कंट्री को उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। और ये दोनों कंट्रीज ने एग्री किया कि अब जॉइंटली जो ये क्रिमिनल माइंडसेट के लोग हैं इनको जस्टिस दिलाई जाएगी। जस्टिस कोर्ट में जाकर नहीं होती है। यह अननोन गन मैन ही यह जस्टिस दिलाते हैं। अब ग्रीन लाइट मिल गई है अमेरिका से जो आप कर रहे हैं। हम आपके साथ हैं। जो हम करेंगे आप भी हमारे साथ रहेंगे। इसको बोलते हैं जियोपॉलिटिकल चेस बोर्ड को फ्लिप करना। अब ये कोई रैंडम कोइजिडेंसेस नहीं है। दो बहुत डिफरेंट टारगेट्स। दो डिफरेंट कंट्रीज के अंदर। और वो टारगेट कौन थे? जो ओपनली होस्टाइल थे भारत की स्ट्रेटेजिक इंटरेस्ट के लिए उनको मारा गया है। दोनों को एलिमिनेट किया कुछ दिनों में कह दीजिए या कुछ घंटों के बीच में।

दोस्तों पिछले 20-30 साल में हुआ क्या था जो भारत की गवर्नमेंट थी वो डिफेंसिव खेलती रही। आपको मालूम है हम डोज़ियर पे डोज़ियर देते रहे। कभी यूनाइटेड स्टेट्स को, कभी कनाडा को, कभी यूनाइटेड नेशंस में और कभी पाकिस्तान को। हम कंप्लेन करते रहे ग्लोबल कम्युनिटी को कि यार ये लोग हमारे देश के खिलाफ ये काम कर रहे हैं। इनको रोको। और जो हमारे दुश्मन है वो हमारे मुंह के ऊपर हंसते थे। आज जो उन्होंने काम क्या किया था? हमारी जो डेमोक्रेटिक वैल्यू्यूज हैं या डेमोक्रेसी हमारी कंट्री की है उसको वेपन की तरह हमारे ऊपर यूज़ कर दिया। अगर हमने किसी को मारने की कोशिश करी या बोला हम आपको मार देंगे तो बोलते हैं ये डेमोक्रेटिक नहीं है। ये तो ह्यूमन राइट्स की वायलेशन है।

हमने बोल दिया ह्यूमन राइट्स ह्यूमंस के लिए होते हैं। लिब्रांडू और मुसलमान वो ह्यूमंस की कैटेगरी में वो आते ही नहीं है। ये डॉक्ट्राइन है गवर्नमेंट ऑफ इंडिया का। इसलिए जो ये लोग सोचते थे कि पाकिस्तान के अंदर हम एक किले में बैठे हैं। अमेरिका में बैठे हैं। हमें कौन टच करेगा? वो एरा ऑफिशियली वो खत्म हो चुका है। अब क्या हो रहा है? जो हंटर है वो हम बन चुके हैं। हम हंटिंग कर रहे हैं अब इनकी कहीं भी हो दुनिया में और मैसिव ग्लोबल मनी ट्रेल को अगर आप फॉलो करेंगे तो आपको पता लगेगा ये सारे के सारे जो एंटी इंडिया के नेटवर्क्स हैं जहां पे पैसे आ रहे थे उसको भी ब्लॉक किया जा रहा है जो हॉस्टाइल कंट्रीज थी जो यूज़ करती थी हमारी जो फ्रिक्शन है कंट्री के अंदर छोटे-छोटे मुद्दों के ऊपर जियोपॉलिटिकल लीवरेज के लिए वो यूज़ करते थे हमने उसको भी बंद करना शुरू कर दिया आप यूज़ तो करके देखिए गोली ना आए अननोन गन मैन से नाम बदल देना भारत का भाई इंडिया का नाम बदल के भारत कर देना। हमें कोई दिक्कत नहीं है। एक राइजिंग पावर जब बढ़ती है उसे डिस्टेबलाइज करने के लिए आपके पास दो तीन मोहरे ही होते हैं। एक आप यहां पर उग्रवादी भेज दीजिए। हमारी तरक्की रुकवा दीजिए। दूसरा है कि आप नरेटिव्स को क्रिएट कीजिए। जैसे ये लौड़ा कर रही थी अमेरिका में बैठकर ताकि जो फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट्स है वो यहां पर भारत में ना आ सके। इसलिए जो ऑपरेशंस हैं ऐसे प्रोपेगेंडा करने वालों के जैसे बालिक थी ये ऑपरेशंस अब चालू हो चुके हैं। इनका जो मनी फ्लो है जो फाइनेंसियल मनी इनको मिलता था हमारे खिलाफ काम करने के लिए अब वो मनी फ्लो बंद हो जाएगा क्योंकि उनके जो लाउडस्पीकर्स हैं उसी को हमने साइलेंस कर  दिया। नेटवर्क कंप्लीटली फ्रैक्चर करके रख दिया है।लगेगा यार एक आधी लेडी को मार के क्या हो जाएगा अमेरिका में या एक कॉकरोच को आपने पाकिस्तान में मार दिया। की फर्क पड़ता है यही होता है कि जब आप इनको मारते हैं तो जो वेल्थदी जो डोनर्स हैं जो इनको फंडिंग करते हैं वह अपने पैसे को वो पीछे पीछे करना वो शुरू कर देंगे क्योंकि उनके जो रिटर्न ऑफ इन्वेस्टमेंट है वो क्रैश हो गई। अब उन्होंने इतने करोड़ों रुपए लगाए नरेटिव बिल्ड करने के लिए सोशल मीडिया पे स्प्रेड करने के लिए आज वो सारी इन्वेस्टमेंट जीरो

 कर दी आपने दो बंदों को मारकर। अब कनेक्ट कीजिए इसको पाकिस्तान के साथ। पाकिस्तान में जब से हमने सर्जिकल स्टाइल्स करनी शुरू करी है। क्या चक्कर है? पाकिस्तान इकोनॉमिकली भिखारी हो गया। कभी नोट किया आपने? हमने पहले काम किया था एक हमने सर्जिकल स्ट्राइक करी थी पाकिस्तान की घुस के अंदर के अंदर घुसकर नहीं। हमने जब डीमोनेटाइजेशन किया उसके बाद पाकिस्तान भिखारी होना शुरू हो गया। क्योंकि प्रिंटिंग मशीन कांग्रेस ने पाकिस्तान के अंदर लगाई हुई थी हमारी ही करेंसी की। उसके बाद दूसरा हमने किया जब अननोन गन मैन ने इनके बड़े-बड़े कॉकरोचों को मारना शुरू किया। उसके बाद जो इनको पैसे मिलते थे भारत को तंग करने के लिए वो मिलने बंद हो गए। अब आप सोच के देखिए 20 साल पीछे जाइए हिस्ट्री में तब क्या होता था। पाकिस्तान ने एक डॉक्ट्रिन बनाया था कि भारत को हर रोज हम जख्म देंगे। ये उनकी मास्टर पीस स्ट्रेटजी थी। उन्होंने नॉन स्टेट एक्टर्स को यूज़ किया जिओपॉलिटिकल वेपन की तरह। क्या बोलते थे वो? वो बोलते थे कि भ हमने तो कुछ किया ही नहीं। ये तो टेररिस्ट हैं। फ्रीडर फाइटर्स हैं। ये अपनी धरती के लिए ये लड़ रहे हैं। ग्लोबल स्टेज के ऊपर इनको ये नॉन स्टेक एक्टर्स बोल दिया गया। या

 बोल दीजिए अननोन गन मैन वो यूज़ करते थे। स्ट्रेटजी सफोकेटिंग थी। लेकिन लेकिन कामयाब थी पाकिस्तान के लिए। अब जो इकोनमिक कॉस्ट है इसकी वो ये थी कि इनको लगातार फंडिंग चाहिए ताकि इस नेटवर्क को जिंदा रख सके। हमने क्या किया? फंडिंग जहां से आती है पहले तो वहां से बंद करवाई। उसके बाद जिसको आती है उसको लुल्ला के पास हमने भेजना शुरू कर दिया। इनकी जो करेंसी है वो इसीलिए आज फेल हो रही है पाकिस्तान की। क्योंकि पीछे से जो टूटी थी पैसे आने की वो बंद हो गई। दोस्तों एक और भी चीज है कि ये जो पाकिस्तान है आज ये बेल आउट लेता है। बेल आउट भी हमने इनको दिलवाने बंद कर दिए। क्यों? क्योंकि बेल आउट आता है उससे ये उग्रवादी ही खड़ा करते हैं। हमने उस रास्ते को भी बंद कर दिया। सर्जिकल स्ट्राइक सिर्फ ये दो लोगों को मारने से नहीं हुई। हमने पाकिस्तान के ऊपर भी सर्जिकल स्ट्राइक्स बार-बार हमने करी है। कोई बात नहीं। इनको ये पाकिस्तानी बोलेंगे आज इस वीडियो के नीचे कि सर हमें तो जी 25 बार तो भीख मिल गई। एक बार और मिल जाएगी। आपके रोकने से क्या हो गया? होता क्या है? जब इनको भीख चाहिए हम उस वक्त नहीं दिलाने देते। हम देते हैं साल के बाद 8 महीने के बाद। जब उसका बोझ इतना बढ़ चुका होता है कि सिर्फ इंटरेस्ट पेमेंट में सारी की सारी भीख वो निकल जाती है। इसको बोलते हैं इनका वेट इतना बढ़ा देना है कि अपने वेट के नीचे ये दब के ही मर जाए। दोस्तों अब हो क्या रहा है? ये जो पाकिस्तान है ये जो जिसको हमने दीनदयाल को मारा है वहां पर दयालु होकर उसको ऊपर भेज दिया। ये वो आदमी है जिसको फंड करती थी मिलिट्री मिलिट्री ये हैंडलर्स थे मिलिट्री के अंदर इसको मार दिया गया और ये जरूरी था क्योंकि पाकिस्तान की एक फेटल मिसकलकुलेशन है उनको लगा कि यार दिल्ली के अगेंस्ट कुछ भी करते रहे हैं भारत के अगेंस्ट हमारे पास वो हिंदुओं की गवर्नमेंट है एपिटाइट ही नहीं है कि हम एस्केलेट करेंगे दे वर एम्बरेसिंगली रोंग हमारी जो इंटेलिजेंस एजेंसीज हैं उन्होंने अब एविडेंस को कलेक्ट करना बंद कर दिया और जाकर हम फॉरेन की कोर्ट में जाके बोलते थे कि ये एविडेंस इन्होंने मारा इनको कुछ बोलिए बिल्कुल भी नहीं आपके पास एक इंफॉर्मेशन आई आपने उसको यूज़ किया और काम तमाम कर दिया इंडियन मीडिया जो मेन स्ट्रीम मीडिया है कंप्लीटली अंडरप्ले करती है ये सारी की सारी जो हमारी डॉक्टाइन शिफ्ट हो चुकी है अब घर में घुस के मारेंगे और हर रोज मारेंगे अब तो अमेरिका को लिस्ट दे दी हमने ये लिस्ट है खाली कराओ और हमारे यहां पे जो लिस्ट है वो आप खाली करवाओ दोनों तरफ से काम चल रहा है दोस्तों जो हमारी मीडिया है और अपोजिशन है वो क्या बोलती है? वीक गवर्नमेंट है। मोदी जी सबसे ज्यादा वीक वो प्रधानमंत्री हैं। चलिए राहुल गांधगी का 2000 2011 का एक बयान है कि टेररिस्ट अटैक तो होते रहेंगे। गवर्नमेंट के पास इतनी पावर नहीं है कि वो सारे टेररिस्ट अटैक्स वो बंद करवा सके। चलिए 2014 के बाद ऐसी पावर क्या आ गई? वीक प्रधानमंत्री मोदी जी के हाथ में ऐसी कौन सी पावर आ गई कि अब टेररिस्ट अटैक होते नहीं है।अब एक काम और हो गया। वेस्टर्न इंटेलिजेंस जो अप्रेटस है वो वॉच कर रहा है। कोई जवाब नहीं है उनका। ना ही यह बोला जा रहा है कि जैसे Nijjar को अननोन गन मैन आकर कुत्ते की तरह मार के चले गए। वैसे ही इस लौड़ा को मार दिया। चुप्पी है। उन्हें मालूम है कि यह ब्रांड न्यू रियलिटी है। इसे एक्सेप्ट करना पड़ेगा। उन्हें पता लग गया कि जो गेम वो चलाते थे आज भारत ने उसको करना शुरू कर दिया। हमारे पास जो ऑपरेशनल जो रीच है वो ग्लोबल हो चुकी है। ये सारी दुनिया को  दिखती है। दोस्तों जो भी भारत के खिलाफ गेम प्ले करेगा। उसके पहले तो जो ये टेरर फंडिंग है उसको बंद किया जाएगा। उसके बाद उनको हंट किया जाएगा। ये दुनिया को समझ आ गया। और जो पाकिस्तान के अंदर जो कंटोनमेंट एरिया है वो भी सेफ नहीं रहे। न्यूयॉर्क के पास जो पार्क हैं जहां पर कैमरे लगे हुए थे चारों तरफ वो भी सेफ नहीं है इनके लिए। ये जो पुराना जिओपॉलिटिकल सेफ्टी नेट था वो कंप्लीटली हमने कोलैप्स कर दिया और जो हमारा इंटेलिजेंस एजेंसीज का जो रीच है वो एब्सोल्यूट स्ट्रेटेजिक पैर के ऊपर आ गई है। अब हम मोसाद की तरह काम करते हैं। अब डेमोंस्ट्रेट करते हैं हम लोग कि जैसे सीआईए हर जगह पे जाकर गंध डाल सकती है। हम भी डाल सकते हैं। पाकिस्तान पैरालाइज्ड है अंदर से। स्ट्रेटेजिक जो उनकी इंटेलिजेंस एजेंसीज हैं वो बिल्कुल दे आर लाइक यू नो जैसे मक्खियों को मारते हैं हम लोग वो हाल हो गया। नंबर वन बोलते हैं अपने आपको। आज लंबड़वान रह गए हैं वो और कुछ भी नहीं है। दे कैन नॉट इवन प्रोटेक्ट देयर ओन ऑफिसर्स। लेफ्टिनेंट कर्नल को कुत्ते की तरह हमने मार के फेंक दिया। हमने बोला हूं और गर्व से बोल रहा हूं। और उनको मालूम है कि जो हिट लिस्ट है हमारे पास वो बहुत लंबी है। ये आदमी वो था जिसने पहलगाम के अटैक के अंदर पूरा जो लॉजिस्टिक्स का काम था वो इसने करवा के दिया था। जो कॉस्ट है प्रॉक्सी वॉर की वो इतनी बड़ी हब पाकिस्तान के ऊपर कर रहे हैं कि जो जो ये अननोन गन मैन है इनक्रेडिबली पेशेंटली हाईली स्किल्ड वो ऑपरेशंस कर रहे हैं ताकि इनकी कॉस्ट बढ़ती रहे। दोस्तों उन्होंने एक डॉक्ट्रन शुरू किया भारत के खिलाफ। हम 1000 कट्स देंगे भारत को। भारत ने बोला कोई बात नहीं आपने 1000 दिए हम 10,000 दे सकते हैं। कल पीओके के अंदर एक डेमोंस्ट्रेशन और हुआ। क्या बोला उन्होंने कि आपके लोगों को पाकिस्तान को बोला है अपने लोगों को निकाल के बाहर निकालो। अब पीओके के लोग और भारत अपने आप निपट लेंगे कि हमने क्या करना है। क्या बोला? पीओके के लोग बोलते हैं कि हम भारत के साथ अपने आप डिसाइड कर लेंगे हमने क्या करना है। तुम यहां से दफा हो जाओ अपने बैग को लेकर। कल पीओके के अंदर यह काम हो गया। यह है ऑपरेशंस विद डेवस्टेटिंग इंप्युरिटी ग्लोबल हिट लिस्ट एक्सट्रीमली एक्टिव है। जो एनिमीज़ हैं भारत के उन्हें मालूम है कि क्या आने वाला है। उनकी नींदें अब हराम करने का टाइम आ गया। मैं कई बार बोलता हूं हमारे जो मेन स्ट्रीम मीडिया के कई लोग हैं जो छोड़ के कोई जर्मनी जर्मन शेफर्ड बन गया। कोई अमेरिका में अमेरिकन डॉग बन गया। कोई ऑस्ट्रेलिया में चला गया। ये जो वहां बैठ के भारत के खिलाफ काम करते हैं। मुझे लगता है इनका नाम भी उस लिस्ट में होना चाहिए। मुझे नहीं मालूम है कि नहीं लेकिन मैं बोल रहा हूं होना चाहिए और अननोन गन मैन को बोल सकते हैं हम लोग कि भैया आपको अगर पैसे चाहिए हमारे जैसे लोग बैठे हैं फंडिंग करने के लिए आप बताओ कितने चाहिए लेकिन ये सारे जो जर्मन शेफर्ड एंड ऑल इनको खत्म करो यार ये न्यूसेंस बहुत लंबी हो गई और जो शेरवानी है फटी हुई भारत में उसका भी कोई काम करना  पड़ेगा आपको क्योंकि बेचारी बहुत तंग है कहती है यार हम बड़े तंग है यहां पर क्योंकि इनकी जिंदगी जो है वो तो लुल्ला के पास जाकर ही पूरी होती है तो क्यों ना इनको भेज दिया जाए ये जब तक इनको ट्रेंबल हम नहीं करवाएंगे आएंगे तब तक काम होगा नहीं और आपको अब अमेरिका की तरफ से कोई स्टेटमेंट कनाडा की तरफ से आपके खिलाफ अब नहीं आएगी क्योंकि उन्हें मालूम है एक तूफान शुरू हो चुका है न्यू दिल्ली में नॉर्थ ब्लॉक में अमित शाह के कमरे से रूल्स ऑफ द गेम चेंज हो गए हैं फॉर एवर तो ओनली क्वेश्चन लेफ्ट इज नाउ हु इज नेक्स्ट

 मुझे बड़ी खुशी होगी जिस दिन ख़स्तानी मरने शुरू होंगे कनाडा में अमेरिका में ऑस्ट्रेलिया में और जहां-जहां यह बैठे हैं।

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Saturday, June 20, 2026

DOCTRINE PRAHAR

DOCTRINE PRAHAR
DOCTRINE PRAHAR
DOCTRINE PRAHAR
DOCTRINE PRAHAR

 एक डील जो दिल्ली में बैठकर हुई गौर और अमित शाह के बीच में। एक सीक्रेट मीटिंग था जो नॉर्थ ब्लॉक में किया गया। लेकिन इस मीटिंग में आने से पहले कुछ चीजें हैं जो पहले हुई है। चार न्यूज़ हैं जो इंटररिलेटेड है वो आपको समझनी पड़ेगी।मेरे पास कुछ एक्सक्लूसिव कुछ डिटेल्स हैं जो मैं आपके सामने रखूंगा। पहला काम हुआ था फरवरी 2026 पे जहां पर एक इंडियन ने प्लीट गिल्टी किया न्यूयॉर्क के अंदर कि यस भारत की जो इंटेलिजेंस एजेंसीज हैं वो अननोन गन मैन को भेजती हैं और जाकर वो वेस्ट में उन्होंने निजर को गीला कर दिया था। फरवरी में यह काम होता है मार्च 2026 में। कनाडा सडनली जो पूरा का पूरा सेंसिटिव एविडेंस है उसको छुपा लेता है। मर्डर ट्रायल के अंदर उस आदमी को बचाने के लिए कनाडा अमेरिका को डॉक्यूमेंट देता ही नहीं। ये मार्च में हुआ था। उसके बाद आता है जून में जून 2026। भारत ने अनाउंस कर दिया एक नया एग्रेसिव काउंटर टेररिज्म का एक डॉक्ट्राइन। काउंटर टेररिज्म का मतलब है कि अगर हमारे इंटरेस्ट या भारत की धरती को कोई भी अगर टच करने की कोशिश करेगा या धमकी देगा हम जाकर उसे कहीं भी मार सकते हैं। ये हमने ऑफिशियली डिक्लेअर कर दिया और जैसे ही हमने वो डिक्लेअर किया है अमेरिका का एंबेसडर वो जी7 को छोड़कर वो यहां पे आता है और सीधा अमित शाह के ऑफिस में बैठकर कुछ बातें। ये सारी बातें मैं आपके सामने रखूंगा क्योंकि चार डिफरेंट हेडलाइंस हैं जो आपको दिखती हैं। लेकिन चार डिफरेंट हेडलाइंस तीन डिफरेंट कंट्रीज में ये इंसिडेंट होते हैं।फाइनल मूव मैसिव हाई स्टेक्स का जिओपॉलिटिकल ऑपरेशन है जो हमारे आंखों के सामने हो रहा है। रूल्स चेंज हो रहे हैं ओवरनाइट। अब इस सारे को एक टेप को रिवाइंड करते हैं एक-एक करके कि हुआ क्या था और आगे इस मीटिंग में हुआ क्या? आप पहले आइए समर 2023 में निजर याद है आपको? हरदीप सिंह निजर उसको कुत्ते की तरह पार्किंग लॉट में कनाडा में गोलियों से भून दिया गया। मार दिया उसको। लेकिन उसके बाद जो एफबीआई है उसमें एक और प्लॉट था जहां पर जो पन्नू है उसको मारने की अननोन गवर्नमेंट ने कोशिश करी थी लेकिन  एफबीआई बीच में आ गया और उन्होंने अपने एसेट को पन्नू को उन्होंने बचा लिया न्यूयॉर्क के अंदर। उसके बाद क्या हुआ? यूनाइटेड स्टेट्स और कनाडा दोनों ने कोऑर्डिनेट करना शुरू कर दिया कि एक कैंपेन शुरू करते हैं कि किसी तरीके से भारत की गवर्नमेंट को अब रिस्पांसिबल करेंगे इन चीजों के ऊपर। जो जस्ट आउट जस्टिन था वैसे जस्टिन ट्रूडो अभी जस्ट आउट हो चुका है। ट्रूडो वो पार्लियामेंट में खड़े हो के क्या बोलता है कि हमारे पास एविडेंस है कि भारत की इंटेलिजेंस ने ये काम किया है।यूएसए का जो जस्टिस डिपार्टमेंट है उन्होंने भी एकदम से पूरे दुनिया में उन्होंने रेड नोटिस निकाल दिया कि भारत के कौन से ऑपरेटिव्स हैं जो कि काम कर रहे हैं।अमेरिका ने चार्ज किया एक भारत के नेशनल को जिसका नाम था निखिल गुप्ता। आपको मालूम है साथ में उन्होंने एक और भारत का इंटेलिजेंस का ऑफिसर रिटायर किया हुआ विकास यादव उसको भी इन्होंने इंडक्ट कर दिया कि यार ये दो लोग हैं जो ये सारे काम कर रहे हैं। अब वाशिंगटन को और कनाडा को लगा कि यार हमने हमने पूरा एक वाटर टाइट हमने केस बना लिया। अब ये भारत को हम कटघरे में खड़ा करेंगे। लेकिन उनको लगा कि न्यू दिल्ली ब्लिंक कर जाएगा। मिसकैलकुलेट कर दिया। रीज़न क्या था? अमित शाह होम मिनिस्टर हैं। उन्होंने और अजीत देवाल ने एक ही काम बोला प्रूफ दिखा दो। हम मान जाएंगे। प्रूफ उनके पास था नहीं क्योंकि जो अननोन गन मैन है वो बिना ट्रेस छोड़े वो काम करके आते हैं। कोई पता लगता ही नहीं कि कब आए और कब काम करके चली गई। अब ये तो हो गया जो 2023 में हुआ और 2024 में यह ड्रामा चलता रहा। फास्ट फॉरवर्ड कीजिए 2026 में। लैंडस्केप पूरी की पूरी डिफरेंट हो गई है। फ में निखिल गुप्ता ने प्लीड किया कि यस वो निजर के केस में या पन्नू के केस में वो इनवॉल्व था। वेस्टर्न मीडिया ने बोलना शुरू कर दिया ये तो विक्ट्री है। अमेरिका का जस्टिस सिस्टम ने निखिल गुप्ता को डंडे मारे और उसे सब कुछ उगलवा लिया। लेकिन उसके बाद आया मास्टर स्ट्रोक वो था कनाडा का। कनाडा का जो जस्टिस डिपार्टमेंट है उनके ऑफिशियल्स वो जाते हैं फेडरल कोर्ट के अंदर। और वो बोलते हैं कि हमें परमिशन चाहिए कि जो सेंसिटिव इंफॉर्मेशन हमारे हाथों में है मर्डर केस का निजर के मर्डर केस का वो हम विद होल्ड करना चाहते हैं। क्यों? जब पूछा गया कि अब ये डॉक्यूमेंट्स को रिलीज क्यों नहीं कर रहे? तो उन्होंने बोला हम इंटरनेशनल रिलेशंस को खराब नहीं करना चाहते। इसलिए हम ये डॉक्यूमेंट्स को छुपाना चाहते हैं। कनाडा ने वो डॉक्यूमेंट्स को सीक्रेटली अपने पास रख लिया। अमेरिका के साथ शेयर नहीं किया। यानी कि कनाडा फाइनली क्या बोल रहा है? हम एक ट्रांसपेरेंट ट्रायल हम नहीं चाहते। कनाडा बोल रहा है जो पहले इतना उछल उछल के बोल रहा था कि निजर का हम हिसाब किताब बराबर करेंगे भारत के साथ। अब बोलता है हमें केस चाहिए ही नहीं। आप केस को बंद कर दीजिए। जो एविडेंस ट्रेल था वो लीड करता ही नहीं है निखिल गुप्ता के पास। ना ही हमारे जो रॉ के एजेंट है उन तक यह डॉक्यूमेंट्स वो प्रूव ही नहीं करते कि ये लोग इनवॉल्व थे।कनाडा के अंदर वो एक्सपोज क्या कर रहे थे? वो एक्सपोज कर रहे थे जो डॉक्यूमेंट्स कनाडा के पास है वो एक्सपोज करते हैं नेटवर्क्स ड्रग्स के टेररिज्म के खिस्तानियों के जो गैंग वॉर्स हैं उसके और एक्सटॉशन का जो रैकेट है वो सारा का सारा इन्वॉल्व था उन डॉक्यूमेंट्स के अंदर जब उन्होंने बोला कि हम इंटरनेशनल अपने रिलेशंस को खराब नहीं करना चाहते उसका मतलब था वो ख़स्तानियों से अपने कंट्री को बचाना चाहते हैं इसलिए वो उनको ख़स्तानियों को एक्सपोज नहीं करना चाहते। ये वही चीजें हैं जो भारत इतनी देर से कनाडा को बोलता रहा कि भाई आपके पास ये खस्तानी जो हैं ये ट्रग्स का काम करते हैं। ये ड्रग्स और ड्रग्स ये दोनों का काम करते हैं। कनाडा से अमेरिका में पहुंचाने का काम ये ख़स्तानी कर रहे हैं। और वहां पे जो ड्रग का मनी है उससे ये ख़स्तान की मूवमेंट को इन्होंने जिंदा रखा हुआ है। ये तो हो गया जो अब तक हुआ। अब आते हैं जून 2026। ये जो US Ambassador  गौर की मीटिंग है उससे पहले हमने एक हथौड़ा मारा। गवर्नमेंट ने रिलीज किया एक पॉलिसी को। उसका नाम था प्रहार। अब ये प्रहार क्या है? प्रहार का मतलब है कि हम कोडिफाइड नेशनल काउंटर टेररिज्म की पॉलिसी हमने निकाल दी। मैसेज बड़ा ब्लंट और अनक्प्रोमाइजिंग था कि पूरे दुनिया में कहीं भी कोई सप्लाई चेन है टेरर इकोसिस्टम का। अब उसे डिस्मेंटल किया जाएगा। पूरे दुनिया में अकेला भारत में नहीं कहीं भी हो। यानी कि अब कोई डिफेंसिव पोश्चरिंग नहीं होगा। ना ही हम वैसे से परमिशन मांगेंगे कि जी हमारा पन्नू है हमें वापस कर दो। ठीक है? और नहीं तो उसकी जुड्डी पे आग लगा दो। हम कोई ऐसी बात नहीं करेंगे। खुद जाएंगे जाके आग लगा देंगेअगर किसी ने भी वो खस्तानी हो या आईएसआई हो वो कोई भी हो। अगर उन्होंने टेरर फंडिंग करी भारत के खिलाफ। ये प्रहार किया है जाएंगे प्रहार करेंगे। कहां पर? पहले तो भारत में अगर उनकी कोई एसेट है उसको फ्रीज़ कर दिया जाएगा। उसके बाद पूरे दुनिया में कहीं भी इनका नेटवर्क है कहीं भी यह बैठे हैं उसे हंट किया जाएगा और अननोन गन मैन ये लिखा नहीं है। ये मैं बता रहा हूं। वो अपना काम कराएंगे। जैसे ही आपने प्रहार अनाउंस किया है। उसके बाद क्या हुआ? प्रधानमंत्री मोदी पहुंच जाते हैं फ्रांस के अंदर। वहां पर डॉनल्ड ट्रंप से मिलते हैं। G7 की सबमिट करते हैं और वहां पर स्ट्रेटेजिकली चीजों के ऊपर बात होती है। बात क्या होती है? इंडोपेसिफिक है, मैरिटाइम सिक्योरिटी है। ये सारी बच्चों वाली बातें हमने कर ली। चलिए मैं बच्चों वाले बोल रहा हूं। वैसे डीप डीप टॉपिक्स हैं। अब इसके बाद क्या होता है? रियल डील जो था वो वहां पर नहीं हुआ। वो हुआ बैकग्राउंड में क्योंकि 24 घंटे उसके बाद सारा का सारा जो जो एक्शन है वो शिफ्ट होता है G7 से निकल कर वो न्यू दिल्ली। वो पहुंच गया। यूएसए के एंबेसडर सर्गीय कौर वो भारत पहुंचते हैं भाग-भाग कर और वो मिनिस्टर ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स जयशंकर से मीटिंग नहीं करते। वो बायपास करते हैं सारे डिप्लोमेटिक प्रोटोकॉल्स को। वो चलते हैं सीधा नॉर्थ ब्लॉक के अंदर और वहां पर पहुंचते हैं अमित शाह के सामने उनके ऑफिस में। अब मैं एक्सप्लेन करता हूं पहले तो ये अनप्रेसिडेंटेड क्यों है? और जी7 की मीटिंग को छोड़कर अगर आप वापस आ रहे हैं इसका मतलब है कुछ बड़ा प्रहार हमने कर लिया या करने वाले हैं। एंबेसडर जो होता है गौर एक डिप्लोमेट है। वो एंबेसडर है और वो डिप्लोमेट जो होता है वो हमेशा डिप्लोमेट से मीटिंग करता है। अमित शाह एक डिप्लोमेट नहीं है। वो कंट्रोल करते हैं भारत की इंटरनल सिक्योरिटी को, इंटेलिजेंस ब्यूरोस को और साथ में जो बॉर्डर की फर्सेस हैं वो उसे डील करते हैं अमित शाह। प्लस एक फाइल और है जो अमित शाह के पास है वो है एक्स्ट्राडिशन की फाइल। यानी कि भारत के खिलाफ किसी ने काम पूरे दुनिया में किया उसको पकड़ के उठा के वापस लेके आने का काम वो अमित शाह का है। अब जब यूएसए का एंबेसडर जब अमित शाह को एक जो होम मिनिस्टर है उसे मिलके आता है यानी कि डिप्लोमेसी खत्म हो गया। अब आप ऑपरेशनल मीटिंग के पास की तरफ आप जाना शुरू हो गए। इसलिए अमित शाह से मीटिंग हुआ। अब जो ऑफिशियल स्टेटमेंट है वो रिलीज हो गया। उस पे क्या लिखा गया है वो सुनिए तीन चीजें वो बात करता है काउंटर टेररिज्म के ऊपर काउंटर टेररिज्म तो अमेरिका में कनाडा में पाकिस्तान में बांग्लादेश में यही है काउंटर टेररिज्म के साथ-साथ आपने जोड़ दिया काउंटर नारकोटिक्स कि अब काउंटर टेररिज्म के ऊपर काम अमेरिका और भारत मिलकर करेंगे काउंटर नारकोटिक्स ड्रग्स के ऊपर भी भारत में भी यह एक पेंडेमिक बन चुका है और अमेरिका के अंदर भी यही चीज है इसके ऊपर जॉइंटली काम होगा लेकिन उसके उसके बाद तीसरी जो चीज थी वो स्टैंड अलोन थी ग्लेयरिंग एक वार्निंग है। क्या बोला गया? जॉइंटली हम जो क्रिमिनल्स हैं उसे जस्टिस पे लेके आएंगे बिटवीन बोथ द कंट्रीज। अगर अमेरिका का कोई उग्रवादी या कोई भी ऑपरेटिव अगर भारत में है तो भारत अमेरिका के साथ मिलकर उसे डंडे मारेगा, सीधा करेगा। और अगर भारत का कोई क्रिमिनल वो अमेरिका में बैठा है उसे भी वहीं पर सीधा किया जाएगा। अमेरिका भारत के साथ मिलकर भारत के बिहाफ पर वो काम करेगा। डंडे हम भी मारेंगे वो भी मारेंगे। दोस्तों, यह जेनेरिक टॉकिंग पॉइंट नहीं है। यह टारगेटेड एक एक्शन प्लान है जो स्वर्गीय गौर और अमित शाह ने मिलकर प्रहार के ऊपर काम करना शुरू कर दिया। अब जो जिओपॉलिटिकल रियलिटी है जिसके बारे में कोई बात नहीं कर रहा। यूनाइटेड स्टेट्स के पास मैसिव एक ड्रग्स की क्राइसिस है। नारकोटिक्स वहां पर फ्रीली वो मूव करते हैं मेक्सिको से भी और कनाडा से भी। कनाडा से कौन लेके आता है? यही निग्जर के पार्टी के सारे के सारे खाली हैं। सारा ट्रकिंग का बिनेस उनके हाथ में है। भारत के अंदर भी जो ड्रग्स की प्रॉब्लम है वो बहुत ज्यादा बढ़ती जा रही है। अब इससे प्रॉब्लम दुगनी है। जब कनाडा में ख़स्तानी जब ड्रग्स में से पैसा कमाते हैं उसके बाद वो टेरर फाइनेंसिंग का काम करते हैं भारत में। जब भी टेरर का काम करना हो जैसे पंजाब में टेररिज्म फैलानी है, खाली मूवमेंट करना है, एक्सट्रीमिज्म करना है तो वो सारा का सारा इन पैसों से किया जाता है। बड़े ऑर्गेनाइज्ड वे से ये जो क्राइम के सिंडिकेट्स हैं वो ऑपरेट करते हैं अमेरिका में और भारत के अंदर। अब ये जो दो प्रॉब्लम्स है ये इंटरसेक्ट कर रही हैं। अमेरिका में ड्रग्स की प्रॉब्लम है और भारत में उसी ड्रग्स के पैसे से ड्रग्स का काम भारत में भी हो रहा है। प्लस एक्सट्रीमिज्म का काम वो भी हो रहा है। इसलिए इंटरसेक्ट कर रहा है उनकी दुगती रग और हमारी वो कॉमन है। इसलिए जो ये जो क्योंकि जो ख़स्तानी वहां पे काम कर रहे हैं वही ख़स्तानी भारत में भी वो काम कर रहे हैं। दोस्तों जो गैंग्स हैं वो क्या कर रहे हैं? ड्रग्स के मनी से अब वो वेपन्स खरीद रहे हैं। उसके बाद कैलिफोर्निया में, ब्रिटिश कोलंबिया में यहां पंजाब में उन्होंने गंध डाल के रखा हुआ है। और ये जो सेपरेटेस्ट जो नेटवर्क्स हैं जो टारगेट करते हैं भारत को कि हमने खाली स्थान बना लेना है। हमने कश्मीर अलग कर देना है।हमेशा काटने की ही बातें वो बोलते हैं। ये अब अमेरिका ने और भारत ने बोल दिया कि अब ये बदतमीजी नहीं चलेगी। आपको याद होगा जब बाइडन की गवर्नमेंट थी उसने इन इंडिविजुअल्स को निजर को पन्नू को उनको क्या बोला ये तो पॉलिटिकल एक्टिविस्ट है इनको फ्रीडम ऑफ स्पीच के अंडर हम इनको पकड़ नहीं सकते वो वहां पे बैठकर भारत की धरती के ऊपर वो बोलते हैं अमित शाह को गोली मार देंगे हम प्लेन उड़ा देंगे लेकिन फ्रीडम ऑफ स्पीच के अंदर उनको पकड़ा नहीं गया जैसे ही ट्रंप आए उन्होंने देखा कि यार ये कार्टल्स एक प्रॉब्लम है इसलिए वाशिंगटन ने फाइनली रियलाइज कर दिया कि भारत की अगर हेल्प मिल जाती है क्योंकि भारत ने ऑलरेडी प्रहार को अनाउंस कर दिया है। अगर हम अलाइन कर ले भारत के साथ तो हमारा जो यहां पे ड्रग्स का प्रॉब्लम है उसे डिस्मेंटल किया जा सकता है। क्योंकि जो करने वाले लोग हैं वो भारतीय ही है। इसलिए आज मीटिंग हुई है। दोस्तों आप सोच के देखिए जो प्लेयर्स है वो इनवॉल्वड कौन है? वो है ट्रांस नेशनल ड्रग्स के गैंग्स, एक्सट्रॉक्शन के रिंग्स। और जहां तक यहां तो पंजाब के अंदर जो हाईली सिक्योर प्रिजंस हैं जेल के अंदर लोग बैठे हैं। वहां से बैठकर वो कनाडा के अंदर ड्रग्स का काम कर रहे हैं। जेल में वो भी पंजाब के अंदर जहां पे पूरी सख्ती है। इसलिए भारत जब चीखता रहा कनाडा को कि आप जिन सांपों को पाल रहे हैं एक दिन आपको डसेंगे वो काम होना शुरू हो गया। इसलिए जो हमारी एजेंसीज हैं आज एफबीआई और कनाडा के जो सीक्रेट एजेंसीज हैं उसके साथ कोऑर्डिनेट कर कर हम उनको डोजियर भेज रहे हैं। हमने  फाइनेंसियल रिकॉर्ड्स जो हैं पूरे इनके नेचर पार्टी के या ख़स्तानियों के हमने एक्सचेंज करने शुरू कर दिए। वेस्ट अब तक हमारी इंटेलिजेंस की रिपोर्ट्स को इग्नोर करता रहा। क्योंकि उनको ख़स्तानियों की जरूरत थी गवर्नमेंट में आने के लिए। लेकिन अब जो कारने की गवर्नमेंट है वो बिना ख़स्तानियों के आई है। इसलिए अब उन्होंने हमारी बात सुननी शुरू कर दी। दोस्तों चेस बोर्ड फ्लिप हो चुका है। जो मीटिंग है भारत की अमित शाह की और सर गौर की वो ट्रांजैक्शनल है। ट्रांजैक्शनल क्यों बोल रहा हूं? क्योंकि जो यूएसए का कोऑपरेशन है वो अब हमें मिलना शुरू हो गया और हमारा कोऑपरेशन उनको मिलना शुरू हो गया। नॉट ओनली इन प्रहार बट इन समथिंग एल्स आल्सो। हम क्या बोल रहे हैं? यूएसए को सप्लाई चेस को डायवर्सिफाई करना है चाइना से। हम मदद कर रहे हैं। उसको इंडोपेसिफिक में भारत की जरूरत है। हम दे रहे हैं। जबकि इंडोपेसिफिक में से इंडो वर्ड निकाल दिया लेकिन इंडिया को नहीं निकाला। सिर्फ नाम में से इंडो निकाला है। अब इसके रिटर्न में यूएसए क्या बोल रहा है? यूएसए बोल रहा है कि जो पन्नू एंड पार्टी को हम प्रोटेक्ट कर रहे थे सीआईए और एफबीआई अब वो प्रोटेक्शन खत्म कर दी जाएगी। इसलिए गौर जब अमित शाह को मिलते हैं उन्होंने एक लिस्ट दिया है अमित शाह को और अमित शाह ने भी एक लिस्ट दे दिया। लिस्ट में कई नाम है जो कॉमन है। उसमें पन्नू का नाम आ चुका है। नाउ डोज़ियर्स दोनों ने एक्सचेंज कर लिए। दोनों मैच कर रहे हैं कि कॉमन आदमी कौन है। उनके लोग भारत में कौन से बैठे हैं और हमारे लोग अमेरिका में कौन से बैठे हैं जिनको पकड़ के अब सीधा करना है। अब कोऑर्डिनेट किया जाएगा कि बैंक अकाउंट्स को वहां पर भी फ्रीज़ किया जाएगा और भारत के अंदर भी फ्रीज़ किया जाएगा। यानी कि दोनों पैरेलली एक ही बंदे के ऊपर

अब काम करना शुरू करेंगे। लिस्ट इसीलिए एक्सचेंज की गई है। यह जो म्यूचुअल लीगल असिस्टेंस है उसके ऊपर काम होना शुरू हो गया ताकि लूप होल रहे नहीं। अगर यहां से कोई भाग कर कोई अमेरिका में या यूके में या कनाडा में पहुंच गया है। अब उसको वापस लेके आने का काम दोनों कंट्रीज इकट्ठी मिलकर लीगली उसको वापस करेंगी। दोस्तों कनाडा जो डेस्पिरेटली ट्राई करता रहा कि हमें एक्सपोज करने के लिए आज एविडेंस वो प्रोटेक्ट कर रहा है उसे हाइड कर रहा है क्योंकि उसे एफडीए की जरूरत है भारत के साथ निजर गया तेल लेने कनाडा बोलता है ऐसी तैसी फराए हमें फर्क नहीं पड़ता हम भारत की मार्केट को छोड़ नहीं सकते दूसरी तरफ से यूनाइटेड स्टेट्स उसने भी डिसाइड कर लिया कि ड्रग्स के कार्ट्स को अब खत्म करना है उसके लिए भारत की जरूरत है और इसलिए अगर वो एंटी इंडिया के जो एलिमेंट्स है जिसको मैं एसेट्स बोलता हूं पन्नू जैसे जो सीआईए के एसेट्स थे अगर उसको वो प्रोटेक्ट करता है तो वो अपनी जो पकड़ है भारत की मार्केट के ऊपर वो लूज़ कर जाएगा वो लूज़ करना चाहता नहीं है इसलिए भारत ने क्या किया हमने अपनी लिवरेज को क्रिएट किया हमने अपना खुद का प्रहार का जो पॉलिसी है काउंटर टेरर टेरर का जो डॉक्ट्रिन है हमने खुद उसको क्रिएट किया और ल्च कर दिया इसलिए जब सुपर पावर्स को अब जरूरत है हमारी हमने क्या किया। हमने भी बिल दे दिया उनको। यह हमारा बिल है। बिल के अंदर हमने कुछ नाम दिए हैं कि नाम चाहिए। दोस्तों बिल बिल वाज़ प्रेजेंटेड इन फ्रांस। दैट इज व्हाई G7 में छोड़कर ये बंदा बेचारा वापस आया है और सीधा उसने बिल पे किया नॉर्थ ब्लॉक में अमित शाह के सामने। अब वॉच क्या करना है? अगले कुछ तीन चार महीनों में आप देखेंगे अननोन एक्टिविटीज इंक्रीस हो जाएंगी। आप देखेंगे कि कुछ अरेस्ट हो गए हैं नॉर्थ अमेरिका में कुछ लोग अंडर द गाइस ऑफ दिखाया जाएगा कि नारकोटिक्स को क्रैक डाउन करने में लिए हमने पन्नू को पकड़ लिया। पन्नू मैं एग्जांपल दे रहा हूं वो कोई भी पन्नू शन्नू टन्नू कुछ भी हो सकता है। दूसरा एक और होगा। अब अकाउंट्स जो है वो फ्रीज किए जाएंगे कनाडा के अंदर भी भारत के अंदर भी और अमेरिका के अंदर भी कुछ लोगों के। आप न्यूज़ देखेंगे ये सारी चीजें आपके सामने होती हुई दिखाई देंगी अगले कुछ महीनों में। और क्वाइटली कुछ लोगों को डिपोर्ट किया जाएगा अमेरिका कनाडा से भारत के अंदर। ये सारी चीजें वो है जो इवनिंग न्यूज़ में नहीं आएंगी। दोस्तों ऑपरेशंस ऑलरेडी शुरू हो चुके हैं। मैंने पहले शुरू में बोला था आपको कुछ बहुत बड़ा है जिसके लिए अमित शाह के साथ मीटिंग करी है। ये डिप्लोमेटिक ये डिप्लोमेसी नहीं है। जॉइंट टास्क फोर्स अब क्रिएट की जा रही है अमेरिका, कनाडा और भारत के बीच में। और जो लोग सोचते थे कि अमेरिका में, कनाडा में बैठकर वो अनटचेबल हैं। वो न्यूयॉर्क में और वेंकूवर में बैठकर वो पूरा कार्टल्स का काम चलाएंगे और भारत में दंगे करवाएंगे। वो काम खत्म हो गया। अब ये जो लिस्ट है वो ऑलरेडी गौर के टेबल पे और नॉर्थ ब्लॉक में अमित शाह के टेबल पे वो लिस्ट पहुंच चुकी है।  अगला जो दरवाजा है वो किसका खटकाया जाएगा? भारत में, अमेरिका में और कनाडा में? दो नाम देता हूं पन्नू का या मोहम्मद का।कि आपकी जो रिक्वेस्ट है वो मोहम्मद के डंडे पहले मारने चाहिए या पन्नू के।

 जय हिंद।



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DOCTRINE PRAHAR

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 एक डील जो दिल्ली में बैठकर हुई गौर और अमित शाह के बीच में। एक सीक्रेट मीटिंग था जो नॉर्थ ब्लॉक में किया गया। लेकिन इस मीटिंग में आने से पहले कुछ चीजें हैं जो पहले हुई है। चार न्यूज़ हैं जो इंटररिलेटेड है वो आपको समझनी पड़ेगी।मेरे पास कुछ एक्सक्लूसिव कुछ डिटेल्स हैं जो मैं आपके सामने रखूंगा। पहला काम हुआ था फरवरी 2026 पे जहां पर एक इंडियन ने प्लीट गिल्टी किया न्यूयॉर्क के अंदर कि यस भारत की जो इंटेलिजेंस एजेंसीज हैं वो अननोन गन मैन को भेजती हैं और जाकर वो वेस्ट में उन्होंने निजर को गीला कर दिया था। फरवरी में यह काम होता है मार्च 2026 में। कनाडा सडनली जो पूरा का पूरा सेंसिटिव एविडेंस है उसको छुपा लेता है। मर्डर ट्रायल के अंदर उस आदमी को बचाने के लिए कनाडा अमेरिका को डॉक्यूमेंट देता ही नहीं। ये मार्च में हुआ था। उसके बाद आता है जून में जून 2026। भारत ने अनाउंस कर दिया एक नया एग्रेसिव काउंटर टेररिज्म का एक डॉक्ट्राइन। काउंटर टेररिज्म का मतलब है कि अगर हमारे इंटरेस्ट या भारत की धरती को कोई भी अगर टच करने की कोशिश करेगा या धमकी देगा हम जाकर उसे कहीं भी मार सकते हैं। ये हमने ऑफिशियली डिक्लेअर कर दिया और जैसे ही हमने वो डिक्लेअर किया है अमेरिका का एंबेसडर वो जी7 को छोड़कर वो यहां पे आता है और सीधा अमित शाह के ऑफिस में बैठकर कुछ बातें। ये सारी बातें मैं आपके सामने रखूंगा क्योंकि चार डिफरेंट हेडलाइंस हैं जो आपको दिखती हैं। लेकिन चार डिफरेंट हेडलाइंस तीन डिफरेंट कंट्रीज में ये इंसिडेंट होते हैं।फाइनल मूव मैसिव हाई स्टेक्स का जिओपॉलिटिकल ऑपरेशन है जो हमारे आंखों के सामने हो रहा है। रूल्स चेंज हो रहे हैं ओवरनाइट। अब इस सारे को एक टेप को रिवाइंड करते हैं एक-एक करके कि हुआ क्या था और आगे इस मीटिंग में हुआ क्या? आप पहले आइए समर 2023 में निजर याद है आपको? हरदीप सिंह निजर उसको कुत्ते की तरह पार्किंग लॉट में कनाडा में गोलियों से भून दिया गया। मार दिया उसको। लेकिन उसके बाद जो एफबीआई है उसमें एक और प्लॉट था जहां पर जो पन्नू है उसको मारने की अननोन गवर्नमेंट ने कोशिश करी थी लेकिन  एफबीआई बीच में आ गया और उन्होंने अपने एसेट को पन्नू को उन्होंने बचा लिया न्यूयॉर्क के अंदर। उसके बाद क्या हुआ? यूनाइटेड स्टेट्स और कनाडा दोनों ने कोऑर्डिनेट करना शुरू कर दिया कि एक कैंपेन शुरू करते हैं कि किसी तरीके से भारत की गवर्नमेंट को अब रिस्पांसिबल करेंगे इन चीजों के ऊपर। जो जस्ट आउट जस्टिन था वैसे जस्टिन ट्रूडो अभी जस्ट आउट हो चुका है। ट्रूडो वो पार्लियामेंट में खड़े हो के क्या बोलता है कि हमारे पास एविडेंस है कि भारत की इंटेलिजेंस ने ये काम किया है।यूएसए का जो जस्टिस डिपार्टमेंट है उन्होंने भी एकदम से पूरे दुनिया में उन्होंने रेड नोटिस निकाल दिया कि भारत के कौन से ऑपरेटिव्स हैं जो कि काम कर रहे हैं।अमेरिका ने चार्ज किया एक भारत के नेशनल को जिसका नाम था निखिल गुप्ता। आपको मालूम है साथ में उन्होंने एक और भारत का इंटेलिजेंस का ऑफिसर रिटायर किया हुआ विकास यादव उसको भी इन्होंने इंडक्ट कर दिया कि यार ये दो लोग हैं जो ये सारे काम कर रहे हैं। अब वाशिंगटन को और कनाडा को लगा कि यार हमने हमने पूरा एक वाटर टाइट हमने केस बना लिया। अब ये भारत को हम कटघरे में खड़ा करेंगे। लेकिन उनको लगा कि न्यू दिल्ली ब्लिंक कर जाएगा। मिसकैलकुलेट कर दिया। रीज़न क्या था? अमित शाह होम मिनिस्टर हैं। उन्होंने और अजीत देवाल ने एक ही काम बोला प्रूफ दिखा दो। हम मान जाएंगे। प्रूफ उनके पास था नहीं क्योंकि जो अननोन गन मैन है वो बिना ट्रेस छोड़े वो काम करके आते हैं। कोई पता लगता ही नहीं कि कब आए और कब काम करके चली गई। अब ये तो हो गया जो 2023 में हुआ और 2024 में यह ड्रामा चलता रहा। फास्ट फॉरवर्ड कीजिए 2026 में। लैंडस्केप पूरी की पूरी डिफरेंट हो गई है। फ में निखिल गुप्ता ने प्लीड किया कि यस वो निजर के केस में या पन्नू के केस में वो इनवॉल्व था। वेस्टर्न मीडिया ने बोलना शुरू कर दिया ये तो विक्ट्री है। अमेरिका का जस्टिस सिस्टम ने निखिल गुप्ता को डंडे मारे और उसे सब कुछ उगलवा लिया। लेकिन उसके बाद आया मास्टर स्ट्रोक वो था कनाडा का। कनाडा का जो जस्टिस डिपार्टमेंट है उनके ऑफिशियल्स वो जाते हैं फेडरल कोर्ट के अंदर। और वो बोलते हैं कि हमें परमिशन चाहिए कि जो सेंसिटिव इंफॉर्मेशन हमारे हाथों में है मर्डर केस का निजर के मर्डर केस का वो हम विद होल्ड करना चाहते हैं। क्यों? जब पूछा गया कि अब ये डॉक्यूमेंट्स को रिलीज क्यों नहीं कर रहे? तो उन्होंने बोला हम इंटरनेशनल रिलेशंस को खराब नहीं करना चाहते। इसलिए हम ये डॉक्यूमेंट्स को छुपाना चाहते हैं। कनाडा ने वो डॉक्यूमेंट्स को सीक्रेटली अपने पास रख लिया। अमेरिका के साथ शेयर नहीं किया। यानी कि कनाडा फाइनली क्या बोल रहा है? हम एक ट्रांसपेरेंट ट्रायल हम नहीं चाहते। कनाडा बोल रहा है जो पहले इतना उछल उछल के बोल रहा था कि निजर का हम हिसाब किताब बराबर करेंगे भारत के साथ। अब बोलता है हमें केस चाहिए ही नहीं। आप केस को बंद कर दीजिए। जो एविडेंस ट्रेल था वो लीड करता ही नहीं है निखिल गुप्ता के पास। ना ही हमारे जो रॉ के एजेंट है उन तक यह डॉक्यूमेंट्स वो प्रूव ही नहीं करते कि ये लोग इनवॉल्व थे।कनाडा के अंदर वो एक्सपोज क्या कर रहे थे? वो एक्सपोज कर रहे थे जो डॉक्यूमेंट्स कनाडा के पास है वो एक्सपोज करते हैं नेटवर्क्स ड्रग्स के टेररिज्म के खिस्तानियों के जो गैंग वॉर्स हैं उसके और एक्सटॉशन का जो रैकेट है वो सारा का सारा इन्वॉल्व था उन डॉक्यूमेंट्स के अंदर जब उन्होंने बोला कि हम इंटरनेशनल अपने रिलेशंस को खराब नहीं करना चाहते उसका मतलब था वो ख़स्तानियों से अपने कंट्री को बचाना चाहते हैं इसलिए वो उनको ख़स्तानियों को एक्सपोज नहीं करना चाहते। ये वही चीजें हैं जो भारत इतनी देर से कनाडा को बोलता रहा कि भाई आपके पास ये खस्तानी जो हैं ये ट्रग्स का काम करते हैं। ये ड्रग्स और ड्रग्स ये दोनों का काम करते हैं। कनाडा से अमेरिका में पहुंचाने का काम ये ख़स्तानी कर रहे हैं। और वहां पे जो ड्रग का मनी है उससे ये ख़स्तान की मूवमेंट को इन्होंने जिंदा रखा हुआ है। ये तो हो गया जो अब तक हुआ। अब आते हैं जून 2026। ये जो US Ambassador  गौर की मीटिंग है उससे पहले हमने एक हथौड़ा मारा। गवर्नमेंट ने रिलीज किया एक पॉलिसी को। उसका नाम था प्रहार। अब ये प्रहार क्या है? प्रहार का मतलब है कि हम कोडिफाइड नेशनल काउंटर टेररिज्म की पॉलिसी हमने निकाल दी। मैसेज बड़ा ब्लंट और अनक्प्रोमाइजिंग था कि पूरे दुनिया में कहीं भी कोई सप्लाई चेन है टेरर इकोसिस्टम का। अब उसे डिस्मेंटल किया जाएगा। पूरे दुनिया में अकेला भारत में नहीं कहीं भी हो। यानी कि अब कोई डिफेंसिव पोश्चरिंग नहीं होगा। ना ही हम वैसे से परमिशन मांगेंगे कि जी हमारा पन्नू है हमें वापस कर दो। ठीक है? और नहीं तो उसकी जुड्डी पे आग लगा दो। हम कोई ऐसी बात नहीं करेंगे। खुद जाएंगे जाके आग लगा देंगेअगर किसी ने भी वो खस्तानी हो या आईएसआई हो वो कोई भी हो। अगर उन्होंने टेरर फंडिंग करी भारत के खिलाफ। ये प्रहार किया है जाएंगे प्रहार करेंगे। कहां पर? पहले तो भारत में अगर उनकी कोई एसेट है उसको फ्रीज़ कर दिया जाएगा। उसके बाद पूरे दुनिया में कहीं भी इनका नेटवर्क है कहीं भी यह बैठे हैं उसे हंट किया जाएगा और अननोन गन मैन ये लिखा नहीं है। ये मैं बता रहा हूं। वो अपना काम कराएंगे। जैसे ही आपने प्रहार अनाउंस किया है। उसके बाद क्या हुआ? प्रधानमंत्री मोदी पहुंच जाते हैं फ्रांस के अंदर। वहां पर डॉनल्ड ट्रंप से मिलते हैं। G7 की सबमिट करते हैं और वहां पर स्ट्रेटेजिकली चीजों के ऊपर बात होती है। बात क्या होती है? इंडोपेसिफिक है, मैरिटाइम सिक्योरिटी है। ये सारी बच्चों वाली बातें हमने कर ली। चलिए मैं बच्चों वाले बोल रहा हूं। वैसे डीप डीप टॉपिक्स हैं। अब इसके बाद क्या होता है? रियल डील जो था वो वहां पर नहीं हुआ। वो हुआ बैकग्राउंड में क्योंकि 24 घंटे उसके बाद सारा का सारा जो जो एक्शन है वो शिफ्ट होता है G7 से निकल कर वो न्यू दिल्ली। वो पहुंच गया। यूएसए के एंबेसडर सर्गीय कौर वो भारत पहुंचते हैं भाग-भाग कर और वो मिनिस्टर ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स जयशंकर से मीटिंग नहीं करते। वो बायपास करते हैं सारे डिप्लोमेटिक प्रोटोकॉल्स को। वो चलते हैं सीधा नॉर्थ ब्लॉक के अंदर और वहां पर पहुंचते हैं अमित शाह के सामने उनके ऑफिस में। अब मैं एक्सप्लेन करता हूं पहले तो ये अनप्रेसिडेंटेड क्यों है? और जी7 की मीटिंग को छोड़कर अगर आप वापस आ रहे हैं इसका मतलब है कुछ बड़ा प्रहार हमने कर लिया या करने वाले हैं। एंबेसडर जो होता है गौर एक डिप्लोमेट है। वो एंबेसडर है और वो डिप्लोमेट जो होता है वो हमेशा डिप्लोमेट से मीटिंग करता है। अमित शाह एक डिप्लोमेट नहीं है। वो कंट्रोल करते हैं भारत की इंटरनल सिक्योरिटी को, इंटेलिजेंस ब्यूरोस को और साथ में जो बॉर्डर की फर्सेस हैं वो उसे डील करते हैं अमित शाह। प्लस एक फाइल और है जो अमित शाह के पास है वो है एक्स्ट्राडिशन की फाइल। यानी कि भारत के खिलाफ किसी ने काम पूरे दुनिया में किया उसको पकड़ के उठा के वापस लेके आने का काम वो अमित शाह का है। अब जब यूएसए का एंबेसडर जब अमित शाह को एक जो होम मिनिस्टर है उसे मिलके आता है यानी कि डिप्लोमेसी खत्म हो गया। अब आप ऑपरेशनल मीटिंग के पास की तरफ आप जाना शुरू हो गए। इसलिए अमित शाह से मीटिंग हुआ। अब जो ऑफिशियल स्टेटमेंट है वो रिलीज हो गया। उस पे क्या लिखा गया है वो सुनिए तीन चीजें वो बात करता है काउंटर टेररिज्म के ऊपर काउंटर टेररिज्म तो अमेरिका में कनाडा में पाकिस्तान में बांग्लादेश में यही है काउंटर टेररिज्म के साथ-साथ आपने जोड़ दिया काउंटर नारकोटिक्स कि अब काउंटर टेररिज्म के ऊपर काम अमेरिका और भारत मिलकर करेंगे काउंटर नारकोटिक्स ड्रग्स के ऊपर भी भारत में भी यह एक पेंडेमिक बन चुका है और अमेरिका के अंदर भी यही चीज है इसके ऊपर जॉइंटली काम होगा लेकिन उसके उसके बाद तीसरी जो चीज थी वो स्टैंड अलोन थी ग्लेयरिंग एक वार्निंग है। क्या बोला गया? जॉइंटली हम जो क्रिमिनल्स हैं उसे जस्टिस पे लेके आएंगे बिटवीन बोथ द कंट्रीज। अगर अमेरिका का कोई उग्रवादी या कोई भी ऑपरेटिव अगर भारत में है तो भारत अमेरिका के साथ मिलकर उसे डंडे मारेगा, सीधा करेगा। और अगर भारत का कोई क्रिमिनल वो अमेरिका में बैठा है उसे भी वहीं पर सीधा किया जाएगा। अमेरिका भारत के साथ मिलकर भारत के बिहाफ पर वो काम करेगा। डंडे हम भी मारेंगे वो भी मारेंगे। दोस्तों, यह जेनेरिक टॉकिंग पॉइंट नहीं है। यह टारगेटेड एक एक्शन प्लान है जो स्वर्गीय गौर और अमित शाह ने मिलकर प्रहार के ऊपर काम करना शुरू कर दिया। अब जो जिओपॉलिटिकल रियलिटी है जिसके बारे में कोई बात नहीं कर रहा। यूनाइटेड स्टेट्स के पास मैसिव एक ड्रग्स की क्राइसिस है। नारकोटिक्स वहां पर फ्रीली वो मूव करते हैं मेक्सिको से भी और कनाडा से भी। कनाडा से कौन लेके आता है? यही निग्जर के पार्टी के सारे के सारे खाली हैं। सारा ट्रकिंग का बिनेस उनके हाथ में है। भारत के अंदर भी जो ड्रग्स की प्रॉब्लम है वो बहुत ज्यादा बढ़ती जा रही है। अब इससे प्रॉब्लम दुगनी है। जब कनाडा में ख़स्तानी जब ड्रग्स में से पैसा कमाते हैं उसके बाद वो टेरर फाइनेंसिंग का काम करते हैं भारत में। जब भी टेरर का काम करना हो जैसे पंजाब में टेररिज्म फैलानी है, खाली मूवमेंट करना है, एक्सट्रीमिज्म करना है तो वो सारा का सारा इन पैसों से किया जाता है। बड़े ऑर्गेनाइज्ड वे से ये जो क्राइम के सिंडिकेट्स हैं वो ऑपरेट करते हैं अमेरिका में और भारत के अंदर। अब ये जो दो प्रॉब्लम्स है ये इंटरसेक्ट कर रही हैं। अमेरिका में ड्रग्स की प्रॉब्लम है और भारत में उसी ड्रग्स के पैसे से ड्रग्स का काम भारत में भी हो रहा है। प्लस एक्सट्रीमिज्म का काम वो भी हो रहा है। इसलिए इंटरसेक्ट कर रहा है उनकी दुगती रग और हमारी वो कॉमन है। इसलिए जो ये जो क्योंकि जो ख़स्तानी वहां पे काम कर रहे हैं वही ख़स्तानी भारत में भी वो काम कर रहे हैं। दोस्तों जो गैंग्स हैं वो क्या कर रहे हैं? ड्रग्स के मनी से अब वो वेपन्स खरीद रहे हैं। उसके बाद कैलिफोर्निया में, ब्रिटिश कोलंबिया में यहां पंजाब में उन्होंने गंध डाल के रखा हुआ है। और ये जो सेपरेटेस्ट जो नेटवर्क्स हैं जो टारगेट करते हैं भारत को कि हमने खाली स्थान बना लेना है। हमने कश्मीर अलग कर देना है।हमेशा काटने की ही बातें वो बोलते हैं। ये अब अमेरिका ने और भारत ने बोल दिया कि अब ये बदतमीजी नहीं चलेगी। आपको याद होगा जब बाइडन की गवर्नमेंट थी उसने इन इंडिविजुअल्स को निजर को पन्नू को उनको क्या बोला ये तो पॉलिटिकल एक्टिविस्ट है इनको फ्रीडम ऑफ स्पीच के अंडर हम इनको पकड़ नहीं सकते वो वहां पे बैठकर भारत की धरती के ऊपर वो बोलते हैं अमित शाह को गोली मार देंगे हम प्लेन उड़ा देंगे लेकिन फ्रीडम ऑफ स्पीच के अंदर उनको पकड़ा नहीं गया जैसे ही ट्रंप आए उन्होंने देखा कि यार ये कार्टल्स एक प्रॉब्लम है इसलिए वाशिंगटन ने फाइनली रियलाइज कर दिया कि भारत की अगर हेल्प मिल जाती है क्योंकि भारत ने ऑलरेडी प्रहार को अनाउंस कर दिया है। अगर हम अलाइन कर ले भारत के साथ तो हमारा जो यहां पे ड्रग्स का प्रॉब्लम है उसे डिस्मेंटल किया जा सकता है। क्योंकि जो करने वाले लोग हैं वो भारतीय ही है। इसलिए आज मीटिंग हुई है। दोस्तों आप सोच के देखिए जो प्लेयर्स है वो इनवॉल्वड कौन है? वो है ट्रांस नेशनल ड्रग्स के गैंग्स, एक्सट्रॉक्शन के रिंग्स। और जहां तक यहां तो पंजाब के अंदर जो हाईली सिक्योर प्रिजंस हैं जेल के अंदर लोग बैठे हैं। वहां से बैठकर वो कनाडा के अंदर ड्रग्स का काम कर रहे हैं। जेल में वो भी पंजाब के अंदर जहां पे पूरी सख्ती है। इसलिए भारत जब चीखता रहा कनाडा को कि आप जिन सांपों को पाल रहे हैं एक दिन आपको डसेंगे वो काम होना शुरू हो गया। इसलिए जो हमारी एजेंसीज हैं आज एफबीआई और कनाडा के जो सीक्रेट एजेंसीज हैं उसके साथ कोऑर्डिनेट कर कर हम उनको डोजियर भेज रहे हैं। हमने  फाइनेंसियल रिकॉर्ड्स जो हैं पूरे इनके नेचर पार्टी के या ख़स्तानियों के हमने एक्सचेंज करने शुरू कर दिए। वेस्ट अब तक हमारी इंटेलिजेंस की रिपोर्ट्स को इग्नोर करता रहा। क्योंकि उनको ख़स्तानियों की जरूरत थी गवर्नमेंट में आने के लिए। लेकिन अब जो कारने की गवर्नमेंट है वो बिना ख़स्तानियों के आई है। इसलिए अब उन्होंने हमारी बात सुननी शुरू कर दी। दोस्तों चेस बोर्ड फ्लिप हो चुका है। जो मीटिंग है भारत की अमित शाह की और सर गौर की वो ट्रांजैक्शनल है। ट्रांजैक्शनल क्यों बोल रहा हूं? क्योंकि जो यूएसए का कोऑपरेशन है वो अब हमें मिलना शुरू हो गया और हमारा कोऑपरेशन उनको मिलना शुरू हो गया। नॉट ओनली इन प्रहार बट इन समथिंग एल्स आल्सो। हम क्या बोल रहे हैं? यूएसए को सप्लाई चेस को डायवर्सिफाई करना है चाइना से। हम मदद कर रहे हैं। उसको इंडोपेसिफिक में भारत की जरूरत है। हम दे रहे हैं। जबकि इंडोपेसिफिक में से इंडो वर्ड निकाल दिया लेकिन इंडिया को नहीं निकाला। सिर्फ नाम में से इंडो निकाला है। अब इसके रिटर्न में यूएसए क्या बोल रहा है? यूएसए बोल रहा है कि जो पन्नू एंड पार्टी को हम प्रोटेक्ट कर रहे थे सीआईए और एफबीआई अब वो प्रोटेक्शन खत्म कर दी जाएगी। इसलिए गौर जब अमित शाह को मिलते हैं उन्होंने एक लिस्ट दिया है अमित शाह को और अमित शाह ने भी एक लिस्ट दे दिया। लिस्ट में कई नाम है जो कॉमन है। उसमें पन्नू का नाम आ चुका है। नाउ डोज़ियर्स दोनों ने एक्सचेंज कर लिए। दोनों मैच कर रहे हैं कि कॉमन आदमी कौन है। उनके लोग भारत में कौन से बैठे हैं और हमारे लोग अमेरिका में कौन से बैठे हैं जिनको पकड़ के अब सीधा करना है। अब कोऑर्डिनेट किया जाएगा कि बैंक अकाउंट्स को वहां पर भी फ्रीज़ किया जाएगा और भारत के अंदर भी फ्रीज़ किया जाएगा। यानी कि दोनों पैरेलली एक ही बंदे के ऊपर

अब काम करना शुरू करेंगे। लिस्ट इसीलिए एक्सचेंज की गई है। यह जो म्यूचुअल लीगल असिस्टेंस है उसके ऊपर काम होना शुरू हो गया ताकि लूप होल रहे नहीं। अगर यहां से कोई भाग कर कोई अमेरिका में या यूके में या कनाडा में पहुंच गया है। अब उसको वापस लेके आने का काम दोनों कंट्रीज इकट्ठी मिलकर लीगली उसको वापस करेंगी। दोस्तों कनाडा जो डेस्पिरेटली ट्राई करता रहा कि हमें एक्सपोज करने के लिए आज एविडेंस वो प्रोटेक्ट कर रहा है उसे हाइड कर रहा है क्योंकि उसे एफडीए की जरूरत है भारत के साथ निजर गया तेल लेने कनाडा बोलता है ऐसी तैसी फराए हमें फर्क नहीं पड़ता हम भारत की मार्केट को छोड़ नहीं सकते दूसरी तरफ से यूनाइटेड स्टेट्स उसने भी डिसाइड कर लिया कि ड्रग्स के कार्ट्स को अब खत्म करना है उसके लिए भारत की जरूरत है और इसलिए अगर वो एंटी इंडिया के जो एलिमेंट्स है जिसको मैं एसेट्स बोलता हूं पन्नू जैसे जो सीआईए के एसेट्स थे अगर उसको वो प्रोटेक्ट करता है तो वो अपनी जो पकड़ है भारत की मार्केट के ऊपर वो लूज़ कर जाएगा वो लूज़ करना चाहता नहीं है इसलिए भारत ने क्या किया हमने अपनी लिवरेज को क्रिएट किया हमने अपना खुद का प्रहार का जो पॉलिसी है काउंटर टेरर टेरर का जो डॉक्ट्रिन है हमने खुद उसको क्रिएट किया और ल्च कर दिया इसलिए जब सुपर पावर्स को अब जरूरत है हमारी हमने क्या किया। हमने भी बिल दे दिया उनको। यह हमारा बिल है। बिल के अंदर हमने कुछ नाम दिए हैं कि नाम चाहिए। दोस्तों बिल बिल वाज़ प्रेजेंटेड इन फ्रांस। दैट इज व्हाई G7 में छोड़कर ये बंदा बेचारा वापस आया है और सीधा उसने बिल पे किया नॉर्थ ब्लॉक में अमित शाह के सामने। अब वॉच क्या करना है? अगले कुछ तीन चार महीनों में आप देखेंगे अननोन एक्टिविटीज इंक्रीस हो जाएंगी। आप देखेंगे कि कुछ अरेस्ट हो गए हैं नॉर्थ अमेरिका में कुछ लोग अंडर द गाइस ऑफ दिखाया जाएगा कि नारकोटिक्स को क्रैक डाउन करने में लिए हमने पन्नू को पकड़ लिया। पन्नू मैं एग्जांपल दे रहा हूं वो कोई भी पन्नू शन्नू टन्नू कुछ भी हो सकता है। दूसरा एक और होगा। अब अकाउंट्स जो है वो फ्रीज किए जाएंगे कनाडा के अंदर भी भारत के अंदर भी और अमेरिका के अंदर भी कुछ लोगों के। आप न्यूज़ देखेंगे ये सारी चीजें आपके सामने होती हुई दिखाई देंगी अगले कुछ महीनों में। और क्वाइटली कुछ लोगों को डिपोर्ट किया जाएगा अमेरिका कनाडा से भारत के अंदर। ये सारी चीजें वो है जो इवनिंग न्यूज़ में नहीं आएंगी। दोस्तों ऑपरेशंस ऑलरेडी शुरू हो चुके हैं। मैंने पहले शुरू में बोला था आपको कुछ बहुत बड़ा है जिसके लिए अमित शाह के साथ मीटिंग करी है। ये डिप्लोमेटिक ये डिप्लोमेसी नहीं है। जॉइंट टास्क फोर्स अब क्रिएट की जा रही है अमेरिका, कनाडा और भारत के बीच में। और जो लोग सोचते थे कि अमेरिका में, कनाडा में बैठकर वो अनटचेबल हैं। वो न्यूयॉर्क में और वेंकूवर में बैठकर वो पूरा कार्टल्स का काम चलाएंगे और भारत में दंगे करवाएंगे। वो काम खत्म हो गया। अब ये जो लिस्ट है वो ऑलरेडी गौर के टेबल पे और नॉर्थ ब्लॉक में अमित शाह के टेबल पे वो लिस्ट पहुंच चुकी है।  अगला जो दरवाजा है वो किसका खटकाया जाएगा? भारत में, अमेरिका में और कनाडा में? दो नाम देता हूं पन्नू का या मोहम्मद का।कि आपकी जो रिक्वेस्ट है वो मोहम्मद के डंडे पहले मारने चाहिए या पन्नू के।

 जय हिंद।



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