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Thursday, August 14, 2025

देवगुरु बृहस्पति अपने ही नक्षत्र पुनर्वसु नक्षत्र पर गोचर करेंगे तख्ता पलट की घटनाएं करवाने वाला यह गोचर 13 अगस्त 2025-18 जून 2026

जय सियाराम

आप सबके समक्ष देवुरु बृहस्पति के नक्षत्र परिवर्तन और उसके प्रभाव को लेकर बहुत ही शानदार बहुत ही विशिष्ट नक्षत्र गोचर होने जा रहा है और सिंह राशि के जातकों को इसका सर्वाधिक परिणाम और अच्छा परिणाम प्राप्त होने जा रहा है। 13 अगस्त 2025 से देवगुरु बृहस्पति अपने ही नक्षत्र पुनर्वसु नक्षत्र पर गोचर करेंगे और यहां पर वो 18 जून 2026 तक विराजमान रहेंगे। इतना लंबा कार्यकाल अपने नक्षत्र पर देवगुरु बृहस्पति का गोचर बहुत ही शानदार बहुत ही श्रेष्ठ परिणाम तख्ता पलट की घटनाएं करवाने वाला यह गोचर होगा देवगुरु बृहस्पति का।तख्ता पलट का अर्थ है टोटल ट्रांसफॉर्मेशन। उल्टे को उलट कर सीधा करने की क्षमता जिस गोचर में है वो इस देवगुरु बृहस्पति के पुनर्वसु नक्षत्र पर है। मंडेन एस्ट्रोलॉजी की बात करें तो वो वैश्विक स्तर पर तमाम ऐसी घटनाएं घटने वाली हैं जिसमें सत्ता परिवर्तन होगा। सेना के द्वारा सत्ता का तख्तापलट हो जाएगा। लेकिन हमारे जीवन में भी तख्तापलट की घटनाएं होंगी। लेकिन सकारात्मक होंगी। अर्थात हमारे जीवन में भी बहुत आमूलचूल परिवर्तन करने वाले हैं देवगुरु बृहस्पति।


क्यों? कैसे? आइए समझते हैं। देवगुरु बृहस्पति पुनर्वसु नक्षत्र पर जब गोचर करेंगे तो पुनर्वसु नक्षत्र के जो प्रत्यवता है, देवी है जो इसकी वो हैं अदिति। मां अदिति। मां आदिति के बारे में आप सब लोग जानते हैं। इन्हीं के गर्भ से देवता पैदा हुए हैं। भगवान सूर्य भी मां आदिति के गर्भ से पैदा हुए। इसीलिए उन्हें आदित्य कहा जाता है। पुनर्वसु नक्षत्र की मां अदिति स्वामिनी होने के कारण इस नक्षत्र का स्वभाव बन जाता है। मदरली केयर एंड नर्चरिंग का। अर्थात मां मां की धरा मां की तरह ध्यान रखने वाला केयर करने वाला पालन पोषण करने वाला नक्षत्र है। अब देवगुरु बृहस्पति का ज्ञान जब इस नक्षत्र पर आएगा तो आप समझ सकते हैं कितनी शानदार घटनाएं घट सकती हैं। और ना केवल यहां पर इसके चार बड़ी ही महत्वपूर्ण गुण हैं पुनर्वसु नक्षत्र का।



पहले तो समझ लीजिए कि इसका विस्तार मिथुन राशि के 20° से लेकर के कर्क राशि के 3° 20 मिनट तक है। और ये चार जो मूलभूत विशेषताएं हैं उसको बताने के पहले एक बात बता दें आपको ताकि इससे आप इन विशेषताओं को कनेक्ट करके समझ सकते हैं कि हमारे जीवन पर कैसा परिणाम प्राप्त होगा। वाल्मीकि रामायण के बालकांड में 18 नंबर सर्ग के श्लोक नंबर आठ, 9, 10 और 11 में यह बताया गया है कि भगवान राम का जन्म भी इसी नक्षत्र अर्थात पुनर्वसु नक्षत्र में हुआ है। भगवान राम भी अपने अवतरण के लिए इस नक्षत्र को चुने हैं। तो समझ सकते हैं कितना महत्वपूर्ण और कितना शानदार नक्षत्र है यह।

अब देवगुरु बृहस्पति जब इस नक्षत्र पर आ रहे हैं तो चार विशेषताएं इस नक्षत्र की हैं और चार विशेषताएं हमारे जीवन में घटेंग और वही भगवान राम के भी जीवन में घटी। क्या पहली जो घटना है रिटर्न रिटर्न होना वापस होना अर्थात सिंह राशि के जातकों की जो भी चीज इनके हाथ से निकल गई थी, इनका धन चला गया था, इनका मान सम्मान चला गया था, इनकी नौकरी चली गई थी, यह सब रिटर्न हो के वापस आएगी। आप रिटर्न इसका स्वभाव है। भगवान राम भी तो रिटर्न हो के आए हैं। क्योंकि बार-बार जन्म लेने का उनका स्वभाव है। बार-बार अवतरित होकर के पृथ्वी पर अवतरित होकर के यहां पर धर्म की स्थापना करने का उनका वचन है। तो रिटर्न होते रहते यहां पर रिटर्न हुआ। पहली बात उनका राज्य जो चला गया था। आपने देखा वो राज भी रिटर्न हुआ उनको। पत्नी चली गई थी। पत्नी रिटर्न हुई उनकी। तथा रिटर्न विशेष इनके जीवन में हो रहा है और हमारे जीवन में भी जो चला गया था इस नक्षत्र पर देव गुरु बृहस्पति गोचर करते हमें वापस कराएंगे। नंबर एक



दूसरा है रिन्यूल। पहला रिटर्न दूसरा है रिन्यूल अर्थात नवीनीकरण करना। यहां पर जैसे भगवान ने इस पृथ्वी पर अवतार लेकर के भगवान राम ने अवतार लेकर चीजों का रिन्यूल किया। नवीनीकरण किया। अत्याचार अनाचार राक्षसों से इस पृथ्वी को मुक्त करके उनका विनाश करके इस पृथ्वी का नवीनीकरण करके राम राज्य स्थापित किया। ऐसे ही हमारे जीवन में भी नवीनीकरण होगा अर्थात घटनाएं नवीनीकरण में घटनाएं तो कुछ भयावह हो सकती है। अर्थात जब नवीनीकरण होगा तो पुरानी चीजें उखाड़ कर फेंकी जाएंगी। जो समस्या पैदा कर रही हैं तो आपकी समस्याओं को जब उखाड़ करके फेंका जाएगा तो कुछ समस्याएं तो जरूर आएंगी। लेकिन उससे नवीनीकरण होगा और अच्छाई के लिए होगा और बेहतरी के लिए होगा।



तीसरा है रेस्टोरेशन। रिस्टोरेशन मतलब पुनस्थापना करना है। रिस्टोरेशन होगा। अच्छा रिस्टोरेशन जब होगा तो पुनस्थापना भगवान राम ने भी तो पुन स्थापना की। अब गीता में श्लोक आता है ना कि यदा यदा धर्मस भवती भारतान अधर्मस तद्मान सजाम परित्राणाय साधु नाम विनाशाय दुष्कता धर्म संस्थापनार्थाय संभवाम योगे योगे धर्म की स्थापना कर रहे हैं पुनरस्थापना कर रहे हैं भगवान का यह वचन है और यह किया उन्होंने पुनर्वसु नक्षत्र में जन्म लेकर के हमारे भी जीवन में पुन स्थापना करेंगे देव गुरु बृहस्पति हम कौन सी पुन पुन स्थापना अर्थात जो चीजें जहां भी समस्याएं हैं जिन भी कारणों से समस्याएं पैदा हुई उन कारणों को उन उसके रूट काज में जाकर के उन कारणों को ऐसी समझ हम में विकसित होगी उन कारणों को हम पहचान पाएंगे उन कारणों को हटा करके हम अपनी पुनस्थापना करेंगे अपनी पद की अपनी प्रतिष्ठा की पुन स्थापना अपनी सर्विस चली गई नौकरी चली गई तो उसकी पुनस्थापना घर की पुनस्थापना आदि आदि व्यापार की पुनस्थापना आदि और चौथी महत्वपूर्ण बात यहां पर घट रही है और वह है रिपीटीशन अर्थात बारंबार वही वही घटनाएं घटने वाली हैं 18 जून तक अच्छी भी बुरी भी अच्छी की मात्रा अधिक और जो बुरी घटनाएं घटेंग वो भी अच्छाई के लिए घटने वाली हैं। भगवान राम भी संभवाम युगे युगे अर्थात बार-बार हर युग में मैं आता रहूंगा। वो रिपीटीशन उनका हो रहा है। ऐसी घटनाएं भी यहां रिपीटीशन करेंगी।

सिंह राशि के जातकों अब कैसे करेंगी? इसको समझिए सिंह राशि के जातकों के लिए त्रिकोण के स्वामी हो रहे हैं देवगुरु बृहस्पति फंक्शनल रोल उनका बहुत अच्छा हो गया कार्यात्मक भूमिका बहुत जबरदस्त हो गई उनकी और गोचर कहां कर रहे हैं आपके इनकम के भाव पर और यहां पर चकि ये मिथुन राशि है शत्रु की राशि है यहां पर बहुत अच्छे परिणाम देने के लिए बहुत बाध्य नहीं है देवुरु बृहस्पति लेकिन जब अपने ही नक्षत्र पर गोचर करने लगेंगे 13 अगस्त ते से तब शानदार परिणाम इनका देखने को प्राप्त होगा और जबरदस्त परिणाम प्राप्त होगा 13 अगस्त से इनकम बढ़ेगी। देव गुरु बृहस्पति जहां बैठते हैं उस भाव को एक्सपेंड करते हैं। उसको विस्तार देते हैं। तो अर्थात इनकम के भाव पर बैठे तो इनकम को विस्तार देंगे। लाभ का विस्तार देंगे। पद की प्राप्ति कराते हैं। देवगुरु बृहस्पति 11थ भाव पर गोचर करते हैं तो पद का लाभ आपको होने वाला है। प्रतिष्ठा आपको बन आपकी बढ़ने वाली है। यहां पर पुनर्वसु नक्षत्र पर गोचर करते हुए तो इनकम निश्चित रूप से बढ़ने वाली है। अच्छा देवगुरु बृहस्पति क्योंकि आपके अष्टम स्थान के स्वामी हैं। अष्टम स्थान के स्वामी लाभ स्थान पर बैठे हैं। अष्टम से लाभ अर्थात आकस्मिकता से लाभ अचानक अचानक से चीजों से लाभ होगा। अचानक लाभ होगा। आकस्मिक लाभ की घटनाएं घटेंग। धन लाभ होता हुआ दिख रहा है। कैसे? अचानक। अच्छा किसी के द्वारा संचित धन प्राप्त हो सकता है या ऐसे धन प्राप्त हो सकते हैं जिस पे हमने बहुत मेहनत नहीं की जिसप हमने बहुत बड़ा इन्वेस्ट कोई नहीं किया था। वहां से भी लाभ आकस्मिक लाभ के योग बनते हुए दिख रहे हैं।

Wednesday, August 13, 2025

Date of Birth Analysis through Lo Shu Grid

Date of Birth Analysis through Lo Shu Grid
<>

 

Date of Birth Analysis through Lo Shu Grid

      

       





Introduction

Why Your Insights and Perspectives Are Crucial for Brands (and Yourself)  

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 Lo Shu Grid is an ancient Chinese numerology technique used for personality analysis, life predictions, and self-discovery. It originated from the Lo Shu Square, a 3x3 magic square with deep mystical significance in Chinese metaphysics. By analyzing an individual's date of birth, the Lo Shu Grid provides insights into strengths, weaknesses, and life paths.

History of Lo Shu Grid

The Lo Shu Square traces back to ancient China, where it was discovered on the back of a divine turtle emerging from the Luo River. This square, consisting of numbers 1 to 9 arranged in a 3x3 grid, is the foundation of numerology-based life analysis. Over time, the Lo Shu Grid became a crucial tool in Feng Shui and personal numerology.

How to Create a Lo Shu Grid

  1. Write down the date of birth (DD/MM/YYYY) and separate the digits.

  2. Place the digits in the corresponding grid positions:

    • 1: Represents Water (North) - Communication, intelligence
    • 2: Represents Earth (Southwest) - Relationships, sensitivity
    • 3: Represents Wood (East) - Creativity, expression
    • 4: Represents Wood (Southeast) - Planning, discipline
    • 5: Represents Earth (Center) - Adaptability, balance
    • 6: Represents Metal (Northwest) - Responsibility, wealth
    • 7: Represents Metal (West) - Wisdom, spirituality
    • 8: Represents Earth (Northeast) - Stability, inner strength
    • 9: Represents Fire (South) - Energy, leadership
  3. Interpret the grid based on the presence or absence of numbers in each box.

Interpreting the Lo Shu Grid

Example of Lo Shu Grid Calculation

For a person born on 15/07/1992: Digits: 1, 5, 0, 7, 1, 9, 9, 2

4 9
5 7
1 2
  • Missing 3, 6, 8 suggests a need to develop creativity, financial discipline, and inner stability.
  • Repeated 1 and 9 signifies strong leadership and intellectual capacity.

Conclusion

The Lo Shu Grid is a simple yet powerful method to gain insights into one’s personality and destiny. It helps individuals recognize their strengths and work on their weaknesses for a balanced life. Regularly analyzing and applying the principles of the Lo Shu Grid can lead to better decision-making and self-awareness.

For Analysis and Remedies of your DOB  Please pay Rs 2000/$20 through Pay Pal shuksrp@gmail.com or UPI 9868031897@ybl. Whats app DOB on +91986803189

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August 13, 2025 at 05:17PM

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History of Lo Shu Grid

The Lo Shu Square traces back to ancient China, where it was discovered on the back of a divine turtle emerging from the Luo River. This square, consisting of numbers 1 to 9 arranged in a 3x3 grid, is the foundation of numerology-based life analysis. Over time, the Lo Shu Grid became a crucial tool in Feng Shui and personal numerology.

How to Create a Lo Shu Grid

  1. Write down the date of birth (DD/MM/YYYY) and separate the digits.

  2. Place the digits in the corresponding grid positions:

    • 1: Represents Water (North) - Communication, intelligence
    • 2: Represents Earth (Southwest) - Relationships, sensitivity
    • 3: Represents Wood (East) - Creativity, expression
    • 4: Represents Wood (Southeast) - Planning, discipline
    • 5: Represents Earth (Center) - Adaptability, balance
    • 6: Represents Metal (Northwest) - Responsibility, wealth
    • 7: Represents Metal (West) - Wisdom, spirituality
    • 8: Represents Earth (Northeast) - Stability, inner strength
    • 9: Represents Fire (South) - Energy, leadership
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Interpreting the Lo Shu Grid

Example of Lo Shu Grid Calculation

For a person born on 15/07/1992: Digits: 1, 5, 0, 7, 1, 9, 9, 2

49
57
12
  • Missing 3, 6, 8 suggests a need to develop creativity, financial discipline, and inner stability.
  • Repeated 1 and 9 signifies strong leadership and intellectual capacity.

Conclusion

The Lo Shu Grid is a simple yet powerful method to gain insights into one’s personality and destiny. It helps individuals recognize their strengths and work on their weaknesses for a balanced life. Regularly analyzing and applying the principles of the Lo Shu Grid can lead to better decision-making and self-awareness.

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Tuesday, August 12, 2025

ईडी पार सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सोनिया गांधी के जेल जाने का रास्ता साफ

ईडी पार सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सोनिया गांधी के जेल जाने का रास्ता साफ
ईडी पार सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सोनिया गांधी के जेल जाने का रास्ता साफ
ईडी पार सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सोनिया गांधी के जेल जाने का रास्ता साफ

 आज का दिन बड़ा ऐतिहासिक है क्योंकि मोदी सरकार को एक ऐतिहासिक जीत मिली है सुप्रीम कोर्ट में जिसके जरिए सोनिया गांधी की गिरफ्तारी का भी रास्ता साफ हो गया तमाम चोर हिंदुस्तान के इकट्ठा हो गए थे यस ईडी के खिलाफ आज कांग्रेस पार्टी ने क्या कहा कि पूरे देश में ईडी का आतंक है और इस आतंक से निजात पाने के लिए यह तमाम घोटालेबाज भ्रष्टाचारी पहुंच गए थे सुप्रीम कोर्ट किस ईडी के ऊपर पाबंदी लगाई जाए एक नहीं दो नहीं तीन नहीं एक दर्जन नहीं पाच दर्जन नहीं टोटल 242 याचिका दायर की गई चिदंबरम तो अनिल देशमुख तो महबूबा मुफ्ती ये तमाम ये जो भ्रष्टाचारी है सब सुप्रीम कोर्ट त्राहिमाम त्राहिमाम करते हुए पहुंच गए कि ईडी से बचाओ हमें यह ईडी बड़ा आतंक कर रहा है

आज सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया जो इन भ्रष्टाचारियों के कलेजे के ऊपर एक वज पात की तरह गिरा है सुप्रीम कोर्ट ने कहा ईडी के कानूनों में जो बदलाव मोदी सरकार ने किए वह बिल्कुल सही है यह भ्रष्टाचारियों को फ्री रन हिंदुस्तान में दिया नहीं जा सकता आतंकियों को फ्री रन दिया नहीं जा सकता काले धन को सफेद करने की मशीन जो फर्जी कंपनी बना कर के यह लोग कुकर्म करते हैं इसके लिए अनुमति नहीं दी जा सकती आप जो मांग रहे हो वह भ्रष्टाचार को आगे बढ़ाने वाला आतंकवाद को आगे बढ़ाने वाला ब्लैक मनी को मजबूती प्रदान करने वाला याचिका आपने डाला है इसलिए हम आपकी सारी मांगों को ट करते हैं ईडी के चक्कर में है

सोनिया गांधी पूछताछ उधर चल रही है और यह भी मालूम चला कि कल कुछ दस्तावेज लेकर के गई थी मैडम और ईडी के अधिकारी बता रहे कि उस कागज में ही फर्जी वारा है और इस फर्जी वारे की कीमत बहुत महंगी हो सकती है क्यों क्योंकि ईडी के पास जो वर्तमान में जो ताकत है जो अधिकार है जिसकी पुष्टि सुप्रीम कोर्ट ने की उसके तहत अगर कोई शख्स गलत बयानी करता है फर्जी वारा करता है तो वह पूछताछ का हिस्सा भी सबूत के तौर पर कोर्ट में पेश किया जा सकता है यही तो पूरा बवाल चल रहा था कि भाई एफआईआर नहीं होता फिर भी गिरफ्तार करके लेकर चले जाते हैं और एक मामला ऐसा है इतना सारा पावर दे दिया गया है इसमें बेल मिलना बड़ा मुश्किल है

अनिल देशमुख छ महीने से बेचारे वहां अर्थर रोड जेल में जो है उनके पीठ की जो रीड की हड्डी जो है उसमें बहुत पेन है ये सुनने में आया है खैर क्या हुआ सुप्रीम कोर्ट में ये समझने की जरूरत है लेकिन इसे जानने से पहले यह जानना जरूरी है कि इन चोरों ने क्या हर्जी लगाई थी जाकर के वहां क्या कहा था कि सुप्रीम कोर्ट से ये अर्जी लगाई थी कि ईडी के प्रकोप से हमें बचाए तो क्या-क्या वो दलीलें थी पहले उसको सुनिए उसके बाद आज क्या फैसला आया उसको जानना और समझना जरूरी पड़ेगा सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं में पीएमएलए एक्ट को असंवैधानिक बताते हुए कहा गया कि इसके क्रिमिनल प्रोसीजर कोर्ट में किसी संगे अपराध की जांच और ट्रायल के बारे में दी गई प्रक्रिया का पालन नहीं होता है पीएम कानून के तहत गिरफ्तारी जमानत देने संपत्ति जप्त करने का अधिकार दंड प्रक्रिया संता मतलब सीआरपीसी के दायरे के बाहर है

सीधे पहुंच गए बोले ये अनकंस्टीट्यूशनल है माय लड यह ईडी वाले कुछ फॉलो नहीं करते केस चला देते हैं संपत्ति जप्त कर लेते हैं बुला लेते हैं और जो सीआरपीसी के तहत कम से कम एफआईआर देने की भी प्रक्रिया जो होती है वह भी नहीं करते यह और बताते भी नहीं भाई कि क्या कंप्लेन है और सीधे उठा के लेकर चले जाते हैं तो यह संविधान के मुताबिक नहीं है गैर कानूनी है ईडी को खत्म किया जाए इन अधिकार से वंचित किया जाए दूसरी दलील याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि जांच एजेंसियां प्रभावी रूप से पुलिस शक्तियों का प्रयोग करती है इसलिए उन्हें जांच करते समय सीआरपीसी का पालन करने के लिए बाध्य होना चाहिए जांच के दौरान आरोपी द्वारा ईडी के दिए गए बयानों का इस्तेमाल आरोपी के खिलाफ न्यायिक कारवाही में किया जा सकता है जो आरोपी के कानूनी अधिकार के खिलाफ है बोले माय लॉर्ड यह तो बहुत खराब है यह पूछताछ के दौरान सारी चीज उगलती है फसा है टेढ़े मोड़े सवाल करती है उसमें कोई आरोपी फस जाता है तो उसको ही सबूत बना कर के कोर्ट में जाकर के दे देती है और कोर्ट कहती कि भा यह सबूत है यह तो आरोपी के अधिकारों का बताइए

242 याचिका चली गई भ्रष्टाचारियों के अधिकारों को बचाने के लिए शर्म भी नहीं आती इन लोगों को और यह सब कोई मुख्यमंत्री रहा है कोई गृहम मंत्री रहा है कोई फांस मिनिस्टर देश का रहा है यह छोटे मोटे लोग हैं इनको लूट मचाने की पूरी आजादी चाहिए जो जेनयू में जो भाषण चलता है ना हमें चाहिए आजादी यह पहुंच गए कि हमें भ्रष्टाचार करने की आजादी दी जाए घूसखोरी करने की पैसा वसूली करने की अनिल देशमुख भी गया बताइए चिदंबरम साहब वही पहुंच गए सोनिया गांधी के खासम खास अदर सोनिया गांधी से सवाल जवाब पूछा जा रहा है और वहां गलती उल उल्टा पुल्टा जवाब दे रही हैं

यह कोर्ट से कह रहे कि भाई अब हमें इससे निजात दिलाई जाए याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि कैसे जांच शुरू करने गवाहों और आरोपी व्यक्तियों को पूछताछ के लिए बुलाने बयान दर्ज करने संपत्ति की कुर्की की प्रक्रिया स्वतंत्र के मौलिक अधिकार का उल्लंघन करती है बो राइट टू फ्रीडम जो है फंडामेंटल राइट य सब ईडी के आते ही इसलिए ईडी का डर है लोग ईडी के पास मोदी सरकार जो भ्रष्टाचार नहीं करेगा जो घुसूरी नहीं करेगा उसे तो डर होता है इस तरह के कड़े प्रावधान से जो चोर होंगे उनको दिक्कत होगी

मोदी सरकार ने प्रावधानों में बदल दिया 2019 में अब उसके बाद यह लोग पहुंच गए कि भाई यह तो बड़ा गड़बड़ है और क्या बताया गया याचिकाकर्ताओं ने यह भी तर्क दिया कि ईडी अधिकारियों को पीएमएलए की धारा 50 के तहत किसी को भी बुलाने और उनका बयान दर्ज करने और उनके बयान पर हस्ताक्षर करने को मजबूर करने की शक्ति है यह शक्तिया संविधान का गौर उल्लंघन है राहुल गांधी से करवाया गया

बेंच थी और पूरी सको कह सकते हैं कि समय देकर सरकार के पक्ष को इनके पक्ष को सुनने के बाद आज ऐतिहासिक फैसला दिया सरकार ने एक तरफ से एक ही बात कही हिंदुस्तान के अंदर यह आतंकवाद यह पीएफआई यह इंटरनल डिस्टरबेंस नक्सलिज्म यह जो फर्जी आंदोलन जीविंचू को जो बल मिलता है उसके पीछे काला धन है और इस काले धन को रोकने के लिए हमें कड़े से कड़े कानून की आवश्यकता है और इसलिए जज साहब मोदी सरकार के आर्गुमेंट से ज्यादा प्रभावित हुए

और क्या फैसला दिया पहला सेंटेंस सुप्रीम कोर्ट ने कहा पीएमएलए कानून में बदलाव जो किए गए वह सही हैं और ईडी के सामने दिया गया बयान सबूत की तरह ट्रीट किया जाएगा सुप्रीम कोर्ट ने पीएमएलए कानून के तहत अपराध से बनाई गई आय उसकी तलाशी जपती आरोपी की गिरफ्तारी की शक्ति और संपत्तियों की कुर्की जैसे पीएमएल के करे प्रावधान को सही ठहराया है बहुत ही अच्छा फैसला इस देश को इन भ्रष्टाचारियों के हाथ में कठपुतली नहीं बनने दिया जा सकता यह द द हजार करोड़ का घोटाला करेंगे घर से इनके करोड़ों का नोट निकलेगा नोटों का पहाड़ और इनके पास को अधिकार चाहिए यह लूट मचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आगे क्या कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मनी लरिंग के तहत किसी आरोपी की गिरफ्तारी गलत नहीं है यानी शीर्ष अदालत ने ईडी के गिरफ्तारी के अधिकार को बरकरार रखा है इसी से तो डर थाय गिरफ्तार कर लेती है और बेल नहीं मिलता है

बेल क्यों मिलेगा तु 30 30 40 40 फर्जी कंपनिया बनाकर के पता नहीं कहां से पैसा आ रहा है ड्रग्स का पैसा है चोरी का पैसा है घुस कोरी का पैसा है प्रोस्टिट्यूशन का पैसा है चाइल्ड पता नहीं किस किस काम का पैसा है ये आप हिसाब नहीं देंगे और जब ईडी पकड़े गी तो आप कहेंगे कि हमारे फंडामेंटल राइट्स का जो है अवहेलना हो रही है सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा कि ईसीआईआर जिसे एक तरह से एफआईआर की कॉपी माना जाता है कोर्ट ने कहा इस कॉपी को आरोपी को देना जरूरी नहीं है गिरफ्तारी के समय कारण बता देना ही ईडी के लिए पर्याप्त होगा यह कह रहे थे कि भाई एफआईआर की तरह थ तो पुलिस की तरह जांच करती है एफआईआर तक दिखाती नहीं बताती नहीं गिरफ्तार कर लेती है तब बताती कि भाई क्यों हमको गिरफ्तार किया गया है

सुप्रीम कोर्ट ने कहा सही करती है इन चोरों को इन भ्रष्टाचारियों को यही ट्रीटमेंट की जरूरत है और इसलिए य जो ईसीआईआर जो ईसी अपने ईडी अपनी तरफ से जो कंप्लेंट दायर करती है उसको बताने और उसको देने की आवश्यकता नहीं यह कोई पुलिस इन्वेस्टिगेशन नहीं है हां इसमें एक बात और पूरा आर्गुमेंट यह था कि पुलिस की तरह यह जांच करती है इसलिए पुलिस को जो जो अधिकार है सीआरपीसी के तहत वही अधिकार ईडी को दिया जाना चाहिए ताकि यह फिर कोर्ट में गोल मोल करें ईडी के सामने फर्जी वारा कुछ कबूल ले और कोर्ट के सामने जाए और कह दे कि नहीं नहीं हमने तो कहा नहीं मुझे दबाब दे कर के कहा गया मतलब आप रास्ता निकालना चाह रहे हो सोनिया गांधी से पूछताछ हो र राहुल गांधी से पूछताछ हो रही है गिरफ्तारी का रास्ता क्लियर हो गया है

और इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सब ईडी पुलिस नहीं है ईडी एक स्पेशल यूनिट है जो मनी लरिंग और काले धन के ऊपर एक्शन लेने वाली एक एजेंसी है इसको पुलिस से कंपेयर नहीं किया जा सकता उसका ईसीआईआर और एफआईआर बराबर नहीं है मतलब सुप्रीम कोर्ट आज बिल्कुल सख्त नजर आई इन भ्रष्टाचारियों के खिलाफ अब जब से यह फैसला आया है त्राहिमाम मचा हुआ है त्राहिमाम इसलिए मचा हुआ है कि अब तो सरकार के पास भी इसको कह सकते हैं कि एक वरद हस्त सुप्रीम कोर्ट का ये जो अभी तक कह रहे थे कि ईडी का गलत इस्तेमाल हो रहा है अनकूल तरीके से और इनको हर चीज में संविधान खतरे में और डेमोक्रेसी खतरे में नजर आती है ईडी के एक्शन को बता रहे हैं कि यहां पर फासिज्म आ गया एजेंसियों का इस्तेमाल गलत हो रहा है सुप्रीम कोर्ट ने आज ने कहा बिल्कुल सही हो रहा मामला सरकार के पक्ष में गया और यह जो पूरी जो कारवाई जो पूरा डिसीजन सुप्रीम कोर्ट का हुआ वो ऐतिहासिक इसलिए है कि आज इन भ्रष्टाचारियों को इन चोरों को यह पता चला होगा कि सुप्रीम कोर्ट का जब डंडा बरसता है तो कितनी चोट लगती है इन सब लोगों के पैसे संपत्ति यह कुर्क हो चुकी है ईडी के द्वारा इसलिए बिल बिलाते हुए वहां पहुंचे हुए थे लेकिन आज राहत नहीं

सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला स्वागत करने योग्य है


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ईडी पार सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सोनिया गांधी के जेल जाने का रास्ता साफ

ईडी पार सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सोनिया गांधी के जेल जाने का रास्ता साफ
ईडी पार सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सोनिया गांधी के जेल जाने का रास्ता साफ

 आज का दिन बड़ा ऐतिहासिक है क्योंकि मोदी सरकार को एक ऐतिहासिक जीत मिली है सुप्रीम कोर्ट में जिसके जरिए सोनिया गांधी की गिरफ्तारी का भी रास्ता साफ हो गया तमाम चोर हिंदुस्तान के इकट्ठा हो गए थे यस ईडी के खिलाफ आज कांग्रेस पार्टी ने क्या कहा कि पूरे देश में ईडी का आतंक है और इस आतंक से निजात पाने के लिए यह तमाम घोटालेबाज भ्रष्टाचारी पहुंच गए थे सुप्रीम कोर्ट किस ईडी के ऊपर पाबंदी लगाई जाए एक नहीं दो नहीं तीन नहीं एक दर्जन नहीं पाच दर्जन नहीं टोटल 242 याचिका दायर की गई चिदंबरम तो अनिल देशमुख तो महबूबा मुफ्ती ये तमाम ये जो भ्रष्टाचारी है सब सुप्रीम कोर्ट त्राहिमाम त्राहिमाम करते हुए पहुंच गए कि ईडी से बचाओ हमें यह ईडी बड़ा आतंक कर रहा है

आज सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया जो इन भ्रष्टाचारियों के कलेजे के ऊपर एक वज पात की तरह गिरा है सुप्रीम कोर्ट ने कहा ईडी के कानूनों में जो बदलाव मोदी सरकार ने किए वह बिल्कुल सही है यह भ्रष्टाचारियों को फ्री रन हिंदुस्तान में दिया नहीं जा सकता आतंकियों को फ्री रन दिया नहीं जा सकता काले धन को सफेद करने की मशीन जो फर्जी कंपनी बना कर के यह लोग कुकर्म करते हैं इसके लिए अनुमति नहीं दी जा सकती आप जो मांग रहे हो वह भ्रष्टाचार को आगे बढ़ाने वाला आतंकवाद को आगे बढ़ाने वाला ब्लैक मनी को मजबूती प्रदान करने वाला याचिका आपने डाला है इसलिए हम आपकी सारी मांगों को ट करते हैं ईडी के चक्कर में है

सोनिया गांधी पूछताछ उधर चल रही है और यह भी मालूम चला कि कल कुछ दस्तावेज लेकर के गई थी मैडम और ईडी के अधिकारी बता रहे कि उस कागज में ही फर्जी वारा है और इस फर्जी वारे की कीमत बहुत महंगी हो सकती है क्यों क्योंकि ईडी के पास जो वर्तमान में जो ताकत है जो अधिकार है जिसकी पुष्टि सुप्रीम कोर्ट ने की उसके तहत अगर कोई शख्स गलत बयानी करता है फर्जी वारा करता है तो वह पूछताछ का हिस्सा भी सबूत के तौर पर कोर्ट में पेश किया जा सकता है यही तो पूरा बवाल चल रहा था कि भाई एफआईआर नहीं होता फिर भी गिरफ्तार करके लेकर चले जाते हैं और एक मामला ऐसा है इतना सारा पावर दे दिया गया है इसमें बेल मिलना बड़ा मुश्किल है

अनिल देशमुख छ महीने से बेचारे वहां अर्थर रोड जेल में जो है उनके पीठ की जो रीड की हड्डी जो है उसमें बहुत पेन है ये सुनने में आया है खैर क्या हुआ सुप्रीम कोर्ट में ये समझने की जरूरत है लेकिन इसे जानने से पहले यह जानना जरूरी है कि इन चोरों ने क्या हर्जी लगाई थी जाकर के वहां क्या कहा था कि सुप्रीम कोर्ट से ये अर्जी लगाई थी कि ईडी के प्रकोप से हमें बचाए तो क्या-क्या वो दलीलें थी पहले उसको सुनिए उसके बाद आज क्या फैसला आया उसको जानना और समझना जरूरी पड़ेगा सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं में पीएमएलए एक्ट को असंवैधानिक बताते हुए कहा गया कि इसके क्रिमिनल प्रोसीजर कोर्ट में किसी संगे अपराध की जांच और ट्रायल के बारे में दी गई प्रक्रिया का पालन नहीं होता है पीएम कानून के तहत गिरफ्तारी जमानत देने संपत्ति जप्त करने का अधिकार दंड प्रक्रिया संता मतलब सीआरपीसी के दायरे के बाहर है

सीधे पहुंच गए बोले ये अनकंस्टीट्यूशनल है माय लड यह ईडी वाले कुछ फॉलो नहीं करते केस चला देते हैं संपत्ति जप्त कर लेते हैं बुला लेते हैं और जो सीआरपीसी के तहत कम से कम एफआईआर देने की भी प्रक्रिया जो होती है वह भी नहीं करते यह और बताते भी नहीं भाई कि क्या कंप्लेन है और सीधे उठा के लेकर चले जाते हैं तो यह संविधान के मुताबिक नहीं है गैर कानूनी है ईडी को खत्म किया जाए इन अधिकार से वंचित किया जाए दूसरी दलील याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि जांच एजेंसियां प्रभावी रूप से पुलिस शक्तियों का प्रयोग करती है इसलिए उन्हें जांच करते समय सीआरपीसी का पालन करने के लिए बाध्य होना चाहिए जांच के दौरान आरोपी द्वारा ईडी के दिए गए बयानों का इस्तेमाल आरोपी के खिलाफ न्यायिक कारवाही में किया जा सकता है जो आरोपी के कानूनी अधिकार के खिलाफ है बोले माय लॉर्ड यह तो बहुत खराब है यह पूछताछ के दौरान सारी चीज उगलती है फसा है टेढ़े मोड़े सवाल करती है उसमें कोई आरोपी फस जाता है तो उसको ही सबूत बना कर के कोर्ट में जाकर के दे देती है और कोर्ट कहती कि भा यह सबूत है यह तो आरोपी के अधिकारों का बताइए

242 याचिका चली गई भ्रष्टाचारियों के अधिकारों को बचाने के लिए शर्म भी नहीं आती इन लोगों को और यह सब कोई मुख्यमंत्री रहा है कोई गृहम मंत्री रहा है कोई फांस मिनिस्टर देश का रहा है यह छोटे मोटे लोग हैं इनको लूट मचाने की पूरी आजादी चाहिए जो जेनयू में जो भाषण चलता है ना हमें चाहिए आजादी यह पहुंच गए कि हमें भ्रष्टाचार करने की आजादी दी जाए घूसखोरी करने की पैसा वसूली करने की अनिल देशमुख भी गया बताइए चिदंबरम साहब वही पहुंच गए सोनिया गांधी के खासम खास अदर सोनिया गांधी से सवाल जवाब पूछा जा रहा है और वहां गलती उल उल्टा पुल्टा जवाब दे रही हैं

यह कोर्ट से कह रहे कि भाई अब हमें इससे निजात दिलाई जाए याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि कैसे जांच शुरू करने गवाहों और आरोपी व्यक्तियों को पूछताछ के लिए बुलाने बयान दर्ज करने संपत्ति की कुर्की की प्रक्रिया स्वतंत्र के मौलिक अधिकार का उल्लंघन करती है बो राइट टू फ्रीडम जो है फंडामेंटल राइट य सब ईडी के आते ही इसलिए ईडी का डर है लोग ईडी के पास मोदी सरकार जो भ्रष्टाचार नहीं करेगा जो घुसूरी नहीं करेगा उसे तो डर होता है इस तरह के कड़े प्रावधान से जो चोर होंगे उनको दिक्कत होगी

मोदी सरकार ने प्रावधानों में बदल दिया 2019 में अब उसके बाद यह लोग पहुंच गए कि भाई यह तो बड़ा गड़बड़ है और क्या बताया गया याचिकाकर्ताओं ने यह भी तर्क दिया कि ईडी अधिकारियों को पीएमएलए की धारा 50 के तहत किसी को भी बुलाने और उनका बयान दर्ज करने और उनके बयान पर हस्ताक्षर करने को मजबूर करने की शक्ति है यह शक्तिया संविधान का गौर उल्लंघन है राहुल गांधी से करवाया गया

बेंच थी और पूरी सको कह सकते हैं कि समय देकर सरकार के पक्ष को इनके पक्ष को सुनने के बाद आज ऐतिहासिक फैसला दिया सरकार ने एक तरफ से एक ही बात कही हिंदुस्तान के अंदर यह आतंकवाद यह पीएफआई यह इंटरनल डिस्टरबेंस नक्सलिज्म यह जो फर्जी आंदोलन जीविंचू को जो बल मिलता है उसके पीछे काला धन है और इस काले धन को रोकने के लिए हमें कड़े से कड़े कानून की आवश्यकता है और इसलिए जज साहब मोदी सरकार के आर्गुमेंट से ज्यादा प्रभावित हुए

और क्या फैसला दिया पहला सेंटेंस सुप्रीम कोर्ट ने कहा पीएमएलए कानून में बदलाव जो किए गए वह सही हैं और ईडी के सामने दिया गया बयान सबूत की तरह ट्रीट किया जाएगा सुप्रीम कोर्ट ने पीएमएलए कानून के तहत अपराध से बनाई गई आय उसकी तलाशी जपती आरोपी की गिरफ्तारी की शक्ति और संपत्तियों की कुर्की जैसे पीएमएल के करे प्रावधान को सही ठहराया है बहुत ही अच्छा फैसला इस देश को इन भ्रष्टाचारियों के हाथ में कठपुतली नहीं बनने दिया जा सकता यह द द हजार करोड़ का घोटाला करेंगे घर से इनके करोड़ों का नोट निकलेगा नोटों का पहाड़ और इनके पास को अधिकार चाहिए यह लूट मचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आगे क्या कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मनी लरिंग के तहत किसी आरोपी की गिरफ्तारी गलत नहीं है यानी शीर्ष अदालत ने ईडी के गिरफ्तारी के अधिकार को बरकरार रखा है इसी से तो डर थाय गिरफ्तार कर लेती है और बेल नहीं मिलता है

बेल क्यों मिलेगा तु 30 30 40 40 फर्जी कंपनिया बनाकर के पता नहीं कहां से पैसा आ रहा है ड्रग्स का पैसा है चोरी का पैसा है घुस कोरी का पैसा है प्रोस्टिट्यूशन का पैसा है चाइल्ड पता नहीं किस किस काम का पैसा है ये आप हिसाब नहीं देंगे और जब ईडी पकड़े गी तो आप कहेंगे कि हमारे फंडामेंटल राइट्स का जो है अवहेलना हो रही है सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा कि ईसीआईआर जिसे एक तरह से एफआईआर की कॉपी माना जाता है कोर्ट ने कहा इस कॉपी को आरोपी को देना जरूरी नहीं है गिरफ्तारी के समय कारण बता देना ही ईडी के लिए पर्याप्त होगा यह कह रहे थे कि भाई एफआईआर की तरह थ तो पुलिस की तरह जांच करती है एफआईआर तक दिखाती नहीं बताती नहीं गिरफ्तार कर लेती है तब बताती कि भाई क्यों हमको गिरफ्तार किया गया है

सुप्रीम कोर्ट ने कहा सही करती है इन चोरों को इन भ्रष्टाचारियों को यही ट्रीटमेंट की जरूरत है और इसलिए य जो ईसीआईआर जो ईसी अपने ईडी अपनी तरफ से जो कंप्लेंट दायर करती है उसको बताने और उसको देने की आवश्यकता नहीं यह कोई पुलिस इन्वेस्टिगेशन नहीं है हां इसमें एक बात और पूरा आर्गुमेंट यह था कि पुलिस की तरह यह जांच करती है इसलिए पुलिस को जो जो अधिकार है सीआरपीसी के तहत वही अधिकार ईडी को दिया जाना चाहिए ताकि यह फिर कोर्ट में गोल मोल करें ईडी के सामने फर्जी वारा कुछ कबूल ले और कोर्ट के सामने जाए और कह दे कि नहीं नहीं हमने तो कहा नहीं मुझे दबाब दे कर के कहा गया मतलब आप रास्ता निकालना चाह रहे हो सोनिया गांधी से पूछताछ हो र राहुल गांधी से पूछताछ हो रही है गिरफ्तारी का रास्ता क्लियर हो गया है

और इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सब ईडी पुलिस नहीं है ईडी एक स्पेशल यूनिट है जो मनी लरिंग और काले धन के ऊपर एक्शन लेने वाली एक एजेंसी है इसको पुलिस से कंपेयर नहीं किया जा सकता उसका ईसीआईआर और एफआईआर बराबर नहीं है मतलब सुप्रीम कोर्ट आज बिल्कुल सख्त नजर आई इन भ्रष्टाचारियों के खिलाफ अब जब से यह फैसला आया है त्राहिमाम मचा हुआ है त्राहिमाम इसलिए मचा हुआ है कि अब तो सरकार के पास भी इसको कह सकते हैं कि एक वरद हस्त सुप्रीम कोर्ट का ये जो अभी तक कह रहे थे कि ईडी का गलत इस्तेमाल हो रहा है अनकूल तरीके से और इनको हर चीज में संविधान खतरे में और डेमोक्रेसी खतरे में नजर आती है ईडी के एक्शन को बता रहे हैं कि यहां पर फासिज्म आ गया एजेंसियों का इस्तेमाल गलत हो रहा है सुप्रीम कोर्ट ने आज ने कहा बिल्कुल सही हो रहा मामला सरकार के पक्ष में गया और यह जो पूरी जो कारवाई जो पूरा डिसीजन सुप्रीम कोर्ट का हुआ वो ऐतिहासिक इसलिए है कि आज इन भ्रष्टाचारियों को इन चोरों को यह पता चला होगा कि सुप्रीम कोर्ट का जब डंडा बरसता है तो कितनी चोट लगती है इन सब लोगों के पैसे संपत्ति यह कुर्क हो चुकी है ईडी के द्वारा इसलिए बिल बिलाते हुए वहां पहुंचे हुए थे लेकिन आज राहत नहीं

सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला स्वागत करने योग्य है


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August 12, 2025 at 09:00PM
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August 12, 2025 at 09:13PM

ईडी पार सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सोनिया गांधी के जेल जाने का रास्ता साफ

ईडी पार सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सोनिया गांधी के जेल जाने का रास्ता साफ

 आज का दिन बड़ा ऐतिहासिक है क्योंकि मोदी सरकार को एक ऐतिहासिक जीत मिली है सुप्रीम कोर्ट में जिसके जरिए सोनिया गांधी की गिरफ्तारी का भी रास्ता साफ हो गया तमाम चोर हिंदुस्तान के इकट्ठा हो गए थे यस ईडी के खिलाफ आज कांग्रेस पार्टी ने क्या कहा कि पूरे देश में ईडी का आतंक है और इस आतंक से निजात पाने के लिए यह तमाम घोटालेबाज भ्रष्टाचारी पहुंच गए थे सुप्रीम कोर्ट किस ईडी के ऊपर पाबंदी लगाई जाए एक नहीं दो नहीं तीन नहीं एक दर्जन नहीं पाच दर्जन नहीं टोटल 242 याचिका दायर की गई चिदंबरम तो अनिल देशमुख तो महबूबा मुफ्ती ये तमाम ये जो भ्रष्टाचारी है सब सुप्रीम कोर्ट त्राहिमाम त्राहिमाम करते हुए पहुंच गए कि ईडी से बचाओ हमें यह ईडी बड़ा आतंक कर रहा है

आज सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया जो इन भ्रष्टाचारियों के कलेजे के ऊपर एक वज पात की तरह गिरा है सुप्रीम कोर्ट ने कहा ईडी के कानूनों में जो बदलाव मोदी सरकार ने किए वह बिल्कुल सही है यह भ्रष्टाचारियों को फ्री रन हिंदुस्तान में दिया नहीं जा सकता आतंकियों को फ्री रन दिया नहीं जा सकता काले धन को सफेद करने की मशीन जो फर्जी कंपनी बना कर के यह लोग कुकर्म करते हैं इसके लिए अनुमति नहीं दी जा सकती आप जो मांग रहे हो वह भ्रष्टाचार को आगे बढ़ाने वाला आतंकवाद को आगे बढ़ाने वाला ब्लैक मनी को मजबूती प्रदान करने वाला याचिका आपने डाला है इसलिए हम आपकी सारी मांगों को ट करते हैं ईडी के चक्कर में है

सोनिया गांधी पूछताछ उधर चल रही है और यह भी मालूम चला कि कल कुछ दस्तावेज लेकर के गई थी मैडम और ईडी के अधिकारी बता रहे कि उस कागज में ही फर्जी वारा है और इस फर्जी वारे की कीमत बहुत महंगी हो सकती है क्यों क्योंकि ईडी के पास जो वर्तमान में जो ताकत है जो अधिकार है जिसकी पुष्टि सुप्रीम कोर्ट ने की उसके तहत अगर कोई शख्स गलत बयानी करता है फर्जी वारा करता है तो वह पूछताछ का हिस्सा भी सबूत के तौर पर कोर्ट में पेश किया जा सकता है यही तो पूरा बवाल चल रहा था कि भाई एफआईआर नहीं होता फिर भी गिरफ्तार करके लेकर चले जाते हैं और एक मामला ऐसा है इतना सारा पावर दे दिया गया है इसमें बेल मिलना बड़ा मुश्किल है

अनिल देशमुख छ महीने से बेचारे वहां अर्थर रोड जेल में जो है उनके पीठ की जो रीड की हड्डी जो है उसमें बहुत पेन है ये सुनने में आया है खैर क्या हुआ सुप्रीम कोर्ट में ये समझने की जरूरत है लेकिन इसे जानने से पहले यह जानना जरूरी है कि इन चोरों ने क्या हर्जी लगाई थी जाकर के वहां क्या कहा था कि सुप्रीम कोर्ट से ये अर्जी लगाई थी कि ईडी के प्रकोप से हमें बचाए तो क्या-क्या वो दलीलें थी पहले उसको सुनिए उसके बाद आज क्या फैसला आया उसको जानना और समझना जरूरी पड़ेगा सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं में पीएमएलए एक्ट को असंवैधानिक बताते हुए कहा गया कि इसके क्रिमिनल प्रोसीजर कोर्ट में किसी संगे अपराध की जांच और ट्रायल के बारे में दी गई प्रक्रिया का पालन नहीं होता है पीएम कानून के तहत गिरफ्तारी जमानत देने संपत्ति जप्त करने का अधिकार दंड प्रक्रिया संता मतलब सीआरपीसी के दायरे के बाहर है

सीधे पहुंच गए बोले ये अनकंस्टीट्यूशनल है माय लड यह ईडी वाले कुछ फॉलो नहीं करते केस चला देते हैं संपत्ति जप्त कर लेते हैं बुला लेते हैं और जो सीआरपीसी के तहत कम से कम एफआईआर देने की भी प्रक्रिया जो होती है वह भी नहीं करते यह और बताते भी नहीं भाई कि क्या कंप्लेन है और सीधे उठा के लेकर चले जाते हैं तो यह संविधान के मुताबिक नहीं है गैर कानूनी है ईडी को खत्म किया जाए इन अधिकार से वंचित किया जाए दूसरी दलील याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि जांच एजेंसियां प्रभावी रूप से पुलिस शक्तियों का प्रयोग करती है इसलिए उन्हें जांच करते समय सीआरपीसी का पालन करने के लिए बाध्य होना चाहिए जांच के दौरान आरोपी द्वारा ईडी के दिए गए बयानों का इस्तेमाल आरोपी के खिलाफ न्यायिक कारवाही में किया जा सकता है जो आरोपी के कानूनी अधिकार के खिलाफ है बोले माय लॉर्ड यह तो बहुत खराब है यह पूछताछ के दौरान सारी चीज उगलती है फसा है टेढ़े मोड़े सवाल करती है उसमें कोई आरोपी फस जाता है तो उसको ही सबूत बना कर के कोर्ट में जाकर के दे देती है और कोर्ट कहती कि भा यह सबूत है यह तो आरोपी के अधिकारों का बताइए

242 याचिका चली गई भ्रष्टाचारियों के अधिकारों को बचाने के लिए शर्म भी नहीं आती इन लोगों को और यह सब कोई मुख्यमंत्री रहा है कोई गृहम मंत्री रहा है कोई फांस मिनिस्टर देश का रहा है यह छोटे मोटे लोग हैं इनको लूट मचाने की पूरी आजादी चाहिए जो जेनयू में जो भाषण चलता है ना हमें चाहिए आजादी यह पहुंच गए कि हमें भ्रष्टाचार करने की आजादी दी जाए घूसखोरी करने की पैसा वसूली करने की अनिल देशमुख भी गया बताइए चिदंबरम साहब वही पहुंच गए सोनिया गांधी के खासम खास अदर सोनिया गांधी से सवाल जवाब पूछा जा रहा है और वहां गलती उल उल्टा पुल्टा जवाब दे रही हैं

यह कोर्ट से कह रहे कि भाई अब हमें इससे निजात दिलाई जाए याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि कैसे जांच शुरू करने गवाहों और आरोपी व्यक्तियों को पूछताछ के लिए बुलाने बयान दर्ज करने संपत्ति की कुर्की की प्रक्रिया स्वतंत्र के मौलिक अधिकार का उल्लंघन करती है बो राइट टू फ्रीडम जो है फंडामेंटल राइट य सब ईडी के आते ही इसलिए ईडी का डर है लोग ईडी के पास मोदी सरकार जो भ्रष्टाचार नहीं करेगा जो घुसूरी नहीं करेगा उसे तो डर होता है इस तरह के कड़े प्रावधान से जो चोर होंगे उनको दिक्कत होगी

मोदी सरकार ने प्रावधानों में बदल दिया 2019 में अब उसके बाद यह लोग पहुंच गए कि भाई यह तो बड़ा गड़बड़ है और क्या बताया गया याचिकाकर्ताओं ने यह भी तर्क दिया कि ईडी अधिकारियों को पीएमएलए की धारा 50 के तहत किसी को भी बुलाने और उनका बयान दर्ज करने और उनके बयान पर हस्ताक्षर करने को मजबूर करने की शक्ति है यह शक्तिया संविधान का गौर उल्लंघन है राहुल गांधी से करवाया गया

बेंच थी और पूरी सको कह सकते हैं कि समय देकर सरकार के पक्ष को इनके पक्ष को सुनने के बाद आज ऐतिहासिक फैसला दिया सरकार ने एक तरफ से एक ही बात कही हिंदुस्तान के अंदर यह आतंकवाद यह पीएफआई यह इंटरनल डिस्टरबेंस नक्सलिज्म यह जो फर्जी आंदोलन जीविंचू को जो बल मिलता है उसके पीछे काला धन है और इस काले धन को रोकने के लिए हमें कड़े से कड़े कानून की आवश्यकता है और इसलिए जज साहब मोदी सरकार के आर्गुमेंट से ज्यादा प्रभावित हुए

और क्या फैसला दिया पहला सेंटेंस सुप्रीम कोर्ट ने कहा पीएमएलए कानून में बदलाव जो किए गए वह सही हैं और ईडी के सामने दिया गया बयान सबूत की तरह ट्रीट किया जाएगा सुप्रीम कोर्ट ने पीएमएलए कानून के तहत अपराध से बनाई गई आय उसकी तलाशी जपती आरोपी की गिरफ्तारी की शक्ति और संपत्तियों की कुर्की जैसे पीएमएल के करे प्रावधान को सही ठहराया है बहुत ही अच्छा फैसला इस देश को इन भ्रष्टाचारियों के हाथ में कठपुतली नहीं बनने दिया जा सकता यह द द हजार करोड़ का घोटाला करेंगे घर से इनके करोड़ों का नोट निकलेगा नोटों का पहाड़ और इनके पास को अधिकार चाहिए यह लूट मचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आगे क्या कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मनी लरिंग के तहत किसी आरोपी की गिरफ्तारी गलत नहीं है यानी शीर्ष अदालत ने ईडी के गिरफ्तारी के अधिकार को बरकरार रखा है इसी से तो डर थाय गिरफ्तार कर लेती है और बेल नहीं मिलता है

बेल क्यों मिलेगा तु 30 30 40 40 फर्जी कंपनिया बनाकर के पता नहीं कहां से पैसा आ रहा है ड्रग्स का पैसा है चोरी का पैसा है घुस कोरी का पैसा है प्रोस्टिट्यूशन का पैसा है चाइल्ड पता नहीं किस किस काम का पैसा है ये आप हिसाब नहीं देंगे और जब ईडी पकड़े गी तो आप कहेंगे कि हमारे फंडामेंटल राइट्स का जो है अवहेलना हो रही है सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा कि ईसीआईआर जिसे एक तरह से एफआईआर की कॉपी माना जाता है कोर्ट ने कहा इस कॉपी को आरोपी को देना जरूरी नहीं है गिरफ्तारी के समय कारण बता देना ही ईडी के लिए पर्याप्त होगा यह कह रहे थे कि भाई एफआईआर की तरह थ तो पुलिस की तरह जांच करती है एफआईआर तक दिखाती नहीं बताती नहीं गिरफ्तार कर लेती है तब बताती कि भाई क्यों हमको गिरफ्तार किया गया है

सुप्रीम कोर्ट ने कहा सही करती है इन चोरों को इन भ्रष्टाचारियों को यही ट्रीटमेंट की जरूरत है और इसलिए य जो ईसीआईआर जो ईसी अपने ईडी अपनी तरफ से जो कंप्लेंट दायर करती है उसको बताने और उसको देने की आवश्यकता नहीं यह कोई पुलिस इन्वेस्टिगेशन नहीं है हां इसमें एक बात और पूरा आर्गुमेंट यह था कि पुलिस की तरह यह जांच करती है इसलिए पुलिस को जो जो अधिकार है सीआरपीसी के तहत वही अधिकार ईडी को दिया जाना चाहिए ताकि यह फिर कोर्ट में गोल मोल करें ईडी के सामने फर्जी वारा कुछ कबूल ले और कोर्ट के सामने जाए और कह दे कि नहीं नहीं हमने तो कहा नहीं मुझे दबाब दे कर के कहा गया मतलब आप रास्ता निकालना चाह रहे हो सोनिया गांधी से पूछताछ हो र राहुल गांधी से पूछताछ हो रही है गिरफ्तारी का रास्ता क्लियर हो गया है

और इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सब ईडी पुलिस नहीं है ईडी एक स्पेशल यूनिट है जो मनी लरिंग और काले धन के ऊपर एक्शन लेने वाली एक एजेंसी है इसको पुलिस से कंपेयर नहीं किया जा सकता उसका ईसीआईआर और एफआईआर बराबर नहीं है मतलब सुप्रीम कोर्ट आज बिल्कुल सख्त नजर आई इन भ्रष्टाचारियों के खिलाफ अब जब से यह फैसला आया है त्राहिमाम मचा हुआ है त्राहिमाम इसलिए मचा हुआ है कि अब तो सरकार के पास भी इसको कह सकते हैं कि एक वरद हस्त सुप्रीम कोर्ट का ये जो अभी तक कह रहे थे कि ईडी का गलत इस्तेमाल हो रहा है अनकूल तरीके से और इनको हर चीज में संविधान खतरे में और डेमोक्रेसी खतरे में नजर आती है ईडी के एक्शन को बता रहे हैं कि यहां पर फासिज्म आ गया एजेंसियों का इस्तेमाल गलत हो रहा है सुप्रीम कोर्ट ने आज ने कहा बिल्कुल सही हो रहा मामला सरकार के पक्ष में गया और यह जो पूरी जो कारवाई जो पूरा डिसीजन सुप्रीम कोर्ट का हुआ वो ऐतिहासिक इसलिए है कि आज इन भ्रष्टाचारियों को इन चोरों को यह पता चला होगा कि सुप्रीम कोर्ट का जब डंडा बरसता है तो कितनी चोट लगती है इन सब लोगों के पैसे संपत्ति यह कुर्क हो चुकी है ईडी के द्वारा इसलिए बिल बिलाते हुए वहां पहुंचे हुए थे लेकिन आज राहत नहीं

सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला स्वागत करने योग्य है


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August 12, 2025 at 09:00PM

Landmark decision by the Supreme Court of India affirming the powers of ED under the Prevention of Money Laundering Act (PMLA)

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 A landmark decision by the Supreme Court of India affirming the powers of the Enforcement Directorate (ED) under the Prevention of Money Laundering Act (PMLA). The court upheld the amendments made by the Modi government in 2019, which strengthened ED’s authority to investigate, arrest, and confiscate assets related to money laundering and black money activities. This ruling came amidst numerous petitions—242 in total—filed by various prominent politicians and accused individuals, including Sonia Gandhi, P. Chidambaram, Anil Deshmukh, and Mehbooba Mufti, who sought relief from the ED’s stringent powers, labeling them as unconstitutional and violating fundamental rights.

The Supreme Court rejected all these petitions, emphasizing that the enhanced powers are essential to curb corruption, black money, and related crimes that finance internal disturbances, terrorism, and illegal activities. The court clarified that ED’s investigative process, including the use of statements made during questioning as evidence, is lawful and distinct from regular police procedures. It also stated that the agency is not bound to disclose copies of ECIR (Enforcement Case Information Report), equated with FIR in police investigations, thereby maintaining the confidentiality essential for effective probing.

The ruling is seen as a historic victory for the Modi government and a severe blow to corrupt politicians and accused individuals attempting to weaken the ED’s authority. It sends a strong message that the judiciary supports stringent action against financial crimes, and those involved in corruption will not be allowed to misuse fundamental rights as a shield against investigation and prosecution.

It aIso mentions ongoing investigations involving Sonia Gandhi, where alleged submission of false documents has emerged, potentially leading to serious legal consequences. The court’s decision is welcomed as a significant step in India’s fight against corruption and black money, reinforcing the government’s resolve to bring transparency and accountability.

Highlights

  • ⚖️ Supreme Court upholds Modi government’s amendments to PMLA, strengthening ED’s powers.
  • 🏛️ 242 petitions filed by prominent politicians challenging ED’s authority rejected by the Supreme Court.
  • 💼 ED’s power to use statements from interrogations as evidence affirmed legally.
  • 🔒 Court rules ED does not have to disclose ECIR copy to accused, distinguishing it from police FIR.
  • 🚫 Petitions claiming violation of fundamental rights by ED dismissed as unfounded.
  • 💰 Ruling seen as a major blow to corrupt politicians including Sonia Gandhi, Chidambaram, and Anil Deshmukh.
  • 🔍 Supreme Court supports stringent action against money laundering, black money, and corruption.

Key Insights

  • ⚖️ Judicial Endorsement of Strong Anti-Corruption Measures: The Supreme Court’s decision firmly endorses the Modi government’s approach to combating corruption and money laundering by validating the amendments to the PMLA. This judicial backing provides the ED with robust legal support to pursue high-profile cases without fear of procedural impediments or allegations of rights violations. This is a significant development that strengthens India’s institutional framework against economic crimes.

  • 🧾 Legal Distinction Between ED Investigations and Police Procedures: The court’s ruling clarifies that ED is a special investigative agency, distinct from the police, and therefore is not bound by the procedural requirements applicable to police investigations under the Criminal Procedure Code (CrPC). This distinction allows ED to operate with more flexibility and confidentiality, especially regarding sensitive information like the ECIR, which does not need to be disclosed to the accused. This helps prevent tampering with evidence and undue influence on witnesses.

  • 🔍 Use of Interrogation Statements as Evidence: One of the contentious issues was the use of statements made during ED questioning as evidence in court. The Supreme Court upheld this practice, emphasizing its importance in building strong cases against money laundering suspects. While critics argued this could violate fundamental rights, the court balanced individual rights with the need to effectively prosecute financial crimes, signaling a shift toward prioritizing anti-corruption enforcement.

  • 💥 **Impact on High-Profile Political

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India at the Crossroads: Reservation Politics, Minority Appeasement, Islamic Terror & Modi's Political Future

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