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Tuesday, April 22, 2025

सुप्रीम कोर्ट को लेकर अंदर की खबर

सुप्रीम कोर्ट को लेकर अंदर की खबर
सुप्रीम कोर्ट को लेकर अंदर की खबर

सुप्रीम कोर्ट को लेकर अंदर की खबर सुप्रीम कोर्ट को लेकर क्या है पीएम मोदी का धाकड़ प्लान और प्लान को पूरा करने के लिए पीएम मोदी ने अपने बड़े-बड़े नेताओं को मंत्रियों को बड़ी-बड़ी जिम्मेदारी भी दे दी है क्योंकि ऐसे ही नहीं अचानक से उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ ने कहा था कि अदालतें राष्ट्रपति को आदेश नहीं दे सकती उनके बाद निशिकांत दुबे ने कहा कि कोर्ट अपनी सीमाओं से बाहर जा रहा है

किसी को सारे मामलों के लिए सर्वोच्च अदालत जाना पड़े तो संसद और विधानसभा बंद कर देनी चाहिए उसके बाद दिनेश शर्मा ने कहा कि जो नियम बनाने का कानून बनाने का जो काम है वह पार्लियामेंट करेगा यानी संसद करेगा राज्यसभा करेगा सुप्रीम कोर्ट नहीं हालांकि दिनेश शर्मा और निशिकांत दुबे के बयान से बीजेपी ने किनारा तो कर लिया पर उसके बाद क्या हुआ नड्डा ने आदेश दिया फिर भी नहीं रुक रहे हैं बीजेपी के नेता निशिकांत दुबे ने उसके बाद फिर कई सारे बयान भी दे दिए तो निशिकांत दुबे की जुबान फिसली या निकलवाया गया सच और सबसे बड़ी बात निशुकांत दुबे के बयान के सपोर्ट में फौरन खड़े हो गए असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्व शर्मा तो क्या चल रहा है बीजेपी में क्या कुछ बड़ा करने वाले हैं पीएम मोदी क्या बड़ी प्लानिंग में जुटे हैं अमित शाह कॉलेजियम की जगह एनजीएसी की वापसी का क्या पूरा फार्मूला तय हो गया है मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार को खत्म किया नीतियों में नौकरशाही में चुनावी व्यवस्था में अब क्या बारी न्यायपालिका की है तो आज इसी पर पूरी डिटेल्स आपको देंगे तो चलिए शो शुरू करते हैं आप जानते ही हैं कि सुप्रीम कोर्ट इन दिनों जबरदस्त चर्चा का विषय बना हुआ है सुप्रीम कोर्ट को लेकर कई सारे सवाल खड़े हो रहे हैं हमारे देश में सुप्रीम कोर्ट वर्सेस संसद की लड़ाई चल रही है आज एक ऐसा दौर आ गया है जहां एक बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या अदालतें जनता की चुनवी संसद से ऊपर है क्या अदालतें अब सीमाएं लांग रही हैं और जब इस तरह के सवाल बड़े-बड़े नेता उठाने लगे तो सवाल और गंभीर हो जाते हैं सुप्रीम कोर्ट ने 8 अप्रैल को राष्ट्रपति को विधेयकों पर फैसला लेने के लिए एक समय सीमा तय करने की बात कही थी इस पर अब विवाद बढ़ता जा रहा है पहले उपराष्ट्रपति जगदीप धनकर ने कहा

था कि अदालतें राष्ट्रपति को आदेश नहीं दे सकती उसके बाद 19 अप्रैल को बीजेपी के सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि कोर्ट अपनी सीमाओं से बाहर जा रहा है अगर हर किसी को सारे मामले के लिए सर्वोच्च अदालत जाना पड़े तो संसद और विधानसभा बंद कर देनी चाहिए उन्होंने कहा कि संसद इस देश का कानून बनाती है क्या आप उस संसद को निर्देश देंगे देश में गृह युद्ध के लिए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया संजीव खन्ना जिम्मेदार है वहीं धार्मिक युद्ध भड़काने के लिए सुप्रीम कोर्ट जिम्मेदार है उसके बाद फौरन दिनेश शर्मा ने कहा था कि लोगों में यह आशंका है कि जब डॉक्टर बी आर

अंबेडकर ने संविधान लिखा था तब विधायकी और न्यायपालिका के अधिकार स्पष्ट रूप से तय किए गए थे भारत के संविधान के अनुसार कोई भी लोकसभा और राज्यसभा को निर्देश नहीं दे सकता और राष्ट्रपति पहले ही इस पर अपनी सहमति दे चुके हैं कोई भी राष्ट्रपति को चुनौती नहीं दे सकता क्योंकि राष्ट्रपति सर्वोच्च है उसके बाद इन दोनों ही नेताओं के बयान से बीजेपी ने किनारा कर लिया पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि निशुकांत दुबे और दिनेश शर्मा का न्यायपालिका और देश के चीफ जस्टिस पर दिए गए बयान से पार्टी का कोई लेना देना नहीं है यह इनका व्यक्तिगत बयान है पर यहां समझने वाली बात क्या है वो जरा समझिए यहां समझने वाली बात यह है कि जेपी नड्डा के बयान के बाद भी निशिकांत दुबे चुप नहीं बैठे वो नहीं रुके उसके बाद भी उनका कई सारा बयान सामने आया बवाल बढ़ने के बीच ही निशुकांत दुबे ने यह भी कह दिया कि भारत का इतिहास और संस्कृति बहुत पुरानी है और किसी एक धर्म की जमीन नहीं रही उन्होंने कुरैशी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वो देश को बांटने जैसी बातें कर रहे हैं जबकि भारत अब किसी और बंटवारे को स्वीकार नहीं करेगा मतलब वो चुप नहीं हुए और बार-बार शामिल है

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से डॉ निशिकांत दुबे के विरुद्ध कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट एक्ट में नियमानुसार कारवाई किए जाने की प्रार्थना की है अब सुप्रीम कोर्ट में भी एक वाक्या हुआ है वह भी आपको बता देते हैं सुप्रीम कोर्ट से उनके खिलाफ अवमानना का मुकदमा चलाने की मांग की गई थी और इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में एक अहम घटनाक्रम भी हुआ जिसकी भी जानकारी आपको दे देते हैं दरअसल जब एक याचिकाकर्ता निशिकांत दुबे के खिलाफ अवमान केस की अनुमति लेने के लिए जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस आंगस्टेन जॉर्ज मसीह की पीठ के पास कहता है कानून क्या निशिकांत दुबे के खिलाफ कोई कारवाई हो सकती है उस पर भी थोड़ी डिटेल्स आपको बताते हैं दरअसल भारतीय कानून के तहत कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट एक्ट 1971 में यह व्यवस्था है कि अगर अटर्नी जनरल अनुमति दे देते हैं तो निशिकांत दुबे के खिलाफ अवमानना का मामला चलाया जा सकता है हालांकि मामला सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का है तो कानून के जानकार यह कह रहे हैं कि सजा मिल सकती है लेकिन यह इतना आसान भी नहीं है सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अश्विनी कुमार दुबे कहते हैं कि अवमानना के मामले में 6 महीने तक की सजा का प्रावधान है


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April 22, 2025 at 03:28PM
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सुप्रीम कोर्ट को लेकर अंदर की खबर

सुप्रीम कोर्ट को लेकर अंदर की खबर

सुप्रीम कोर्ट को लेकर अंदर की खबर सुप्रीम कोर्ट को लेकर क्या है पीएम मोदी का धाकड़ प्लान और प्लान को पूरा करने के लिए पीएम मोदी ने अपने बड़े-बड़े नेताओं को मंत्रियों को बड़ी-बड़ी जिम्मेदारी भी दे दी है क्योंकि ऐसे ही नहीं अचानक से उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ ने कहा था कि अदालतें राष्ट्रपति को आदेश नहीं दे सकती उनके बाद निशिकांत दुबे ने कहा कि कोर्ट अपनी सीमाओं से बाहर जा रहा है

किसी को सारे मामलों के लिए सर्वोच्च अदालत जाना पड़े तो संसद और विधानसभा बंद कर देनी चाहिए उसके बाद दिनेश शर्मा ने कहा कि जो नियम बनाने का कानून बनाने का जो काम है वह पार्लियामेंट करेगा यानी संसद करेगा राज्यसभा करेगा सुप्रीम कोर्ट नहीं हालांकि दिनेश शर्मा और निशिकांत दुबे के बयान से बीजेपी ने किनारा तो कर लिया पर उसके बाद क्या हुआ नड्डा ने आदेश दिया फिर भी नहीं रुक रहे हैं बीजेपी के नेता निशिकांत दुबे ने उसके बाद फिर कई सारे बयान भी दे दिए तो निशिकांत दुबे की जुबान फिसली या निकलवाया गया सच और सबसे बड़ी बात निशुकांत दुबे के बयान के सपोर्ट में फौरन खड़े हो गए असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्व शर्मा तो क्या चल रहा है बीजेपी में क्या कुछ बड़ा करने वाले हैं पीएम मोदी क्या बड़ी प्लानिंग में जुटे हैं अमित शाह कॉलेजियम की जगह एनजीएसी की वापसी का क्या पूरा फार्मूला तय हो गया है मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार को खत्म किया नीतियों में नौकरशाही में चुनावी व्यवस्था में अब क्या बारी न्यायपालिका की है तो आज इसी पर पूरी डिटेल्स आपको देंगे तो चलिए शो शुरू करते हैं आप जानते ही हैं कि सुप्रीम कोर्ट इन दिनों जबरदस्त चर्चा का विषय बना हुआ है सुप्रीम कोर्ट को लेकर कई सारे सवाल खड़े हो रहे हैं हमारे देश में सुप्रीम कोर्ट वर्सेस संसद की लड़ाई चल रही है आज एक ऐसा दौर आ गया है जहां एक बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या अदालतें जनता की चुनवी संसद से ऊपर है क्या अदालतें अब सीमाएं लांग रही हैं और जब इस तरह के सवाल बड़े-बड़े नेता उठाने लगे तो सवाल और गंभीर हो जाते हैं सुप्रीम कोर्ट ने 8 अप्रैल को राष्ट्रपति को विधेयकों पर फैसला लेने के लिए एक समय सीमा तय करने की बात कही थी इस पर अब विवाद बढ़ता जा रहा है पहले उपराष्ट्रपति जगदीप धनकर ने कहा

था कि अदालतें राष्ट्रपति को आदेश नहीं दे सकती उसके बाद 19 अप्रैल को बीजेपी के सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि कोर्ट अपनी सीमाओं से बाहर जा रहा है अगर हर किसी को सारे मामले के लिए सर्वोच्च अदालत जाना पड़े तो संसद और विधानसभा बंद कर देनी चाहिए उन्होंने कहा कि संसद इस देश का कानून बनाती है क्या आप उस संसद को निर्देश देंगे देश में गृह युद्ध के लिए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया संजीव खन्ना जिम्मेदार है वहीं धार्मिक युद्ध भड़काने के लिए सुप्रीम कोर्ट जिम्मेदार है उसके बाद फौरन दिनेश शर्मा ने कहा था कि लोगों में यह आशंका है कि जब डॉक्टर बी आर

अंबेडकर ने संविधान लिखा था तब विधायकी और न्यायपालिका के अधिकार स्पष्ट रूप से तय किए गए थे भारत के संविधान के अनुसार कोई भी लोकसभा और राज्यसभा को निर्देश नहीं दे सकता और राष्ट्रपति पहले ही इस पर अपनी सहमति दे चुके हैं कोई भी राष्ट्रपति को चुनौती नहीं दे सकता क्योंकि राष्ट्रपति सर्वोच्च है उसके बाद इन दोनों ही नेताओं के बयान से बीजेपी ने किनारा कर लिया पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि निशुकांत दुबे और दिनेश शर्मा का न्यायपालिका और देश के चीफ जस्टिस पर दिए गए बयान से पार्टी का कोई लेना देना नहीं है यह इनका व्यक्तिगत बयान है पर यहां समझने वाली बात क्या है वो जरा समझिए यहां समझने वाली बात यह है कि जेपी नड्डा के बयान के बाद भी निशिकांत दुबे चुप नहीं बैठे वो नहीं रुके उसके बाद भी उनका कई सारा बयान सामने आया बवाल बढ़ने के बीच ही निशुकांत दुबे ने यह भी कह दिया कि भारत का इतिहास और संस्कृति बहुत पुरानी है और किसी एक धर्म की जमीन नहीं रही उन्होंने कुरैशी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वो देश को बांटने जैसी बातें कर रहे हैं जबकि भारत अब किसी और बंटवारे को स्वीकार नहीं करेगा मतलब वो चुप नहीं हुए और बार-बार शामिल है

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से डॉ निशिकांत दुबे के विरुद्ध कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट एक्ट में नियमानुसार कारवाई किए जाने की प्रार्थना की है अब सुप्रीम कोर्ट में भी एक वाक्या हुआ है वह भी आपको बता देते हैं सुप्रीम कोर्ट से उनके खिलाफ अवमानना का मुकदमा चलाने की मांग की गई थी और इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में एक अहम घटनाक्रम भी हुआ जिसकी भी जानकारी आपको दे देते हैं दरअसल जब एक याचिकाकर्ता निशिकांत दुबे के खिलाफ अवमान केस की अनुमति लेने के लिए जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस आंगस्टेन जॉर्ज मसीह की पीठ के पास कहता है कानून क्या निशिकांत दुबे के खिलाफ कोई कारवाई हो सकती है उस पर भी थोड़ी डिटेल्स आपको बताते हैं दरअसल भारतीय कानून के तहत कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट एक्ट 1971 में यह व्यवस्था है कि अगर अटर्नी जनरल अनुमति दे देते हैं तो निशिकांत दुबे के खिलाफ अवमानना का मामला चलाया जा सकता है हालांकि मामला सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का है तो कानून के जानकार यह कह रहे हैं कि सजा मिल सकती है लेकिन यह इतना आसान भी नहीं है सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अश्विनी कुमार दुबे कहते हैं कि अवमानना के मामले में 6 महीने तक की सजा का प्रावधान है


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सुप्रीम कोर्ट को लेकर अंदर की खबर

सुप्रीम कोर्ट को लेकर अंदर की खबर सुप्रीम कोर्ट को लेकर क्या है पीएम मोदी का धाकड़ प्लान और प्लान को पूरा करने के लिए पीएम मोदी ने अपने बड़े-बड़े नेताओं को मंत्रियों को बड़ी-बड़ी जिम्मेदारी भी दे दी है क्योंकि ऐसे ही नहीं अचानक से उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ ने कहा था कि अदालतें राष्ट्रपति को आदेश नहीं दे सकती उनके बाद निशिकांत दुबे ने कहा कि कोर्ट अपनी सीमाओं से बाहर जा रहा है

किसी को सारे मामलों के लिए सर्वोच्च अदालत जाना पड़े तो संसद और विधानसभा बंद कर देनी चाहिए उसके बाद दिनेश शर्मा ने कहा कि जो नियम बनाने का कानून बनाने का जो काम है वह पार्लियामेंट करेगा यानी संसद करेगा राज्यसभा करेगा सुप्रीम कोर्ट नहीं हालांकि दिनेश शर्मा और निशिकांत दुबे के बयान से बीजेपी ने किनारा तो कर लिया पर उसके बाद क्या हुआ नड्डा ने आदेश दिया फिर भी नहीं रुक रहे हैं बीजेपी के नेता निशिकांत दुबे ने उसके बाद फिर कई सारे बयान भी दे दिए तो निशिकांत दुबे की जुबान फिसली या निकलवाया गया सच और सबसे बड़ी बात निशुकांत दुबे के बयान के सपोर्ट में फौरन खड़े हो गए असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्व शर्मा तो क्या चल रहा है बीजेपी में क्या कुछ बड़ा करने वाले हैं पीएम मोदी क्या बड़ी प्लानिंग में जुटे हैं अमित शाह कॉलेजियम की जगह एनजीएसी की वापसी का क्या पूरा फार्मूला तय हो गया है मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार को खत्म किया नीतियों में नौकरशाही में चुनावी व्यवस्था में अब क्या बारी न्यायपालिका की है तो आज इसी पर पूरी डिटेल्स आपको देंगे तो चलिए शो शुरू करते हैं आप जानते ही हैं कि सुप्रीम कोर्ट इन दिनों जबरदस्त चर्चा का विषय बना हुआ है सुप्रीम कोर्ट को लेकर कई सारे सवाल खड़े हो रहे हैं हमारे देश में सुप्रीम कोर्ट वर्सेस संसद की लड़ाई चल रही है आज एक ऐसा दौर आ गया है जहां एक बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या अदालतें जनता की चुनवी संसद से ऊपर है क्या अदालतें अब सीमाएं लांग रही हैं और जब इस तरह के सवाल बड़े-बड़े नेता उठाने लगे तो सवाल और गंभीर हो जाते हैं सुप्रीम कोर्ट ने 8 अप्रैल को राष्ट्रपति को विधेयकों पर फैसला लेने के लिए एक समय सीमा तय करने की बात कही थी इस पर अब विवाद बढ़ता जा रहा है पहले उपराष्ट्रपति जगदीप धनकर ने कहा

था कि अदालतें राष्ट्रपति को आदेश नहीं दे सकती उसके बाद 19 अप्रैल को बीजेपी के सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि कोर्ट अपनी सीमाओं से बाहर जा रहा है अगर हर किसी को सारे मामले के लिए सर्वोच्च अदालत जाना पड़े तो संसद और विधानसभा बंद कर देनी चाहिए उन्होंने कहा कि संसद इस देश का कानून बनाती है क्या आप उस संसद को निर्देश देंगे देश में गृह युद्ध के लिए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया संजीव खन्ना जिम्मेदार है वहीं धार्मिक युद्ध भड़काने के लिए सुप्रीम कोर्ट जिम्मेदार है उसके बाद फौरन दिनेश शर्मा ने कहा था कि लोगों में यह आशंका है कि जब डॉक्टर बी आर

अंबेडकर ने संविधान लिखा था तब विधायकी और न्यायपालिका के अधिकार स्पष्ट रूप से तय किए गए थे भारत के संविधान के अनुसार कोई भी लोकसभा और राज्यसभा को निर्देश नहीं दे सकता और राष्ट्रपति पहले ही इस पर अपनी सहमति दे चुके हैं कोई भी राष्ट्रपति को चुनौती नहीं दे सकता क्योंकि राष्ट्रपति सर्वोच्च है उसके बाद इन दोनों ही नेताओं के बयान से बीजेपी ने किनारा कर लिया पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि निशुकांत दुबे और दिनेश शर्मा का न्यायपालिका और देश के चीफ जस्टिस पर दिए गए बयान से पार्टी का कोई लेना देना नहीं है यह इनका व्यक्तिगत बयान है पर यहां समझने वाली बात क्या है वो जरा समझिए यहां समझने वाली बात यह है कि जेपी नड्डा के बयान के बाद भी निशिकांत दुबे चुप नहीं बैठे वो नहीं रुके उसके बाद भी उनका कई सारा बयान सामने आया बवाल बढ़ने के बीच ही निशुकांत दुबे ने यह भी कह दिया कि भारत का इतिहास और संस्कृति बहुत पुरानी है और किसी एक धर्म की जमीन नहीं रही उन्होंने कुरैशी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वो देश को बांटने जैसी बातें कर रहे हैं जबकि भारत अब किसी और बंटवारे को स्वीकार नहीं करेगा मतलब वो चुप नहीं हुए और बार-बार शामिल है

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से डॉ निशिकांत दुबे के विरुद्ध कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट एक्ट में नियमानुसार कारवाई किए जाने की प्रार्थना की है अब सुप्रीम कोर्ट में भी एक वाक्या हुआ है वह भी आपको बता देते हैं सुप्रीम कोर्ट से उनके खिलाफ अवमानना का मुकदमा चलाने की मांग की गई थी और इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में एक अहम घटनाक्रम भी हुआ जिसकी भी जानकारी आपको दे देते हैं दरअसल जब एक याचिकाकर्ता निशिकांत दुबे के खिलाफ अवमान केस की अनुमति लेने के लिए जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस आंगस्टेन जॉर्ज मसीह की पीठ के पास कहता है कानून क्या निशिकांत दुबे के खिलाफ कोई कारवाई हो सकती है उस पर भी थोड़ी डिटेल्स आपको बताते हैं दरअसल भारतीय कानून के तहत कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट एक्ट 1971 में यह व्यवस्था है कि अगर अटर्नी जनरल अनुमति दे देते हैं तो निशिकांत दुबे के खिलाफ अवमानना का मामला चलाया जा सकता है हालांकि मामला सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का है तो कानून के जानकार यह कह रहे हैं कि सजा मिल सकती है लेकिन यह इतना आसान भी नहीं है सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अश्विनी कुमार दुबे कहते हैं कि अवमानना के मामले में 6 महीने तक की सजा का प्रावधान है

Monday, April 21, 2025

Nationalist Came Together on Social Media

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कभी आपने फिल्में देखी हैं बॉलीवुड की ऐसी 90 के दशक की फिल्में जहां पर हीरो मार खाने की स्थिति में हो और बॉलीवुड के सारे विलंस उनको घेर चुके हो अचानक से दो और कैरेक्टर रोल वाले हीरो प्रकट होते हैं और विलंस की बैंड बजाते हैं तीनों मिलकर जिसे आप सोचते थे कि वो विलेन होगा लेकिन वो हीरो निकलता है ऐसी फिल्में आपने देखी होगी बहुत सारी फिल्में क्योंकि आपने उन विलेनंस को विलेन के रोल में ही देखा है कल क्या हुआ है आपको पता है कल पूरे दिन जो एक्स पर मौजूद रहा या फिर जो सोशल मीडिया पर एक्टिव है इंस्टा पर भी उसने देखा कि पहली बार राष्ट्रवादी आपस में बटे नहीं क्या हिंदू महासभा क्या संघ क्या एबीपी क्या बीजेपी आईटी सेल क्या इन्फ्लुएंसरर सब एक पिच पर और सामने पंचिंग बैग में इस देश के माय लॉर्डशिप थे इस देश की न्यायपालिका थी और ऐसी ऐसी ऐसी चीजें खुदाई शुरू हुई मोहनजोदड़ो हड़प्पा संस्कृति की चीजें निकाली गई कि कांग्रेस आईटी सेल से लेकर के पूरा वामपंथ इको सिस्टम तिलमिला गया वो लिटरली समझ नहीं पा रहे कि यह एकता क्यों है

और मेरे मन में यह प्रश्न आया कि यही तो मोदी की जादूगरी है कि आज हिंदू समाज उठ खड़ा हुआ किसी के टाइटल में सिंह है किसी के टाइटल में वाल्मीकि है कोई तिवारी है कोई वर्मा है लेकिन सब सनातन की बात कर रहे हैं

देखिए जज साहब तो जज साहब हैं लेकिन वो कब तक छुपाएंगे कब तक बचा पाएंगे क्योंकि खेल तो शुरू हो चुका है आपको नहीं याद आ रहा है खेल कहां शुरू हुआ है चलिए मैं दिखा देता हूं खेल कहां शुरू हुआ है यह है इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर ठीक है और इस खबर को सॉरी फाइनेंसियल एक्सप्रेस की खबर है और जरा इस खबर की हेडिंग को ठीक से पढ़िए जस्टिस यशवंत वर्मा केस पुलिस फायर डिपार्टमेंट ऑफिशियल कंफर्म कैश प्रेजेंस एट पैनल प्रोब्स वीडियो डिलीटेशन अब आप देखिए वीडियो को डिलीट करने की बात और पूछा गया उनसे कि भाई आपने तब क्यों नहीं बताया कितना कैश था उन्होंने कहा भाई हमें समझ में नहीं आता कि जस्टिस का मामला इतना बड़ा मामला है हम इसको कैसे हैंडल करें

द हाई लेवल इंक्वायरी पैनल इन्वेस्टिगेटिंग द मार्च 14th फायर एट रेजिडेंस दिल्ली कोर्ट जस्टिस यशवंत वर्मा हैज़ राइज़ कंसर्न ओवर दिल्ली फोर्स एंड फायर ऑफिशियल्स और पैनल वाज इनफॉर्म दैट लीगल प्रोट प्रोटेक्शन ब्लॉक इमीडिएट एक्शन और ये सारी चीजें जो है और कहा गया है आगे कि हां संभवत 15 करोड़ से 50 करोड़ तक के कैश ग्रेट धीरे-धीरे सब एक छत के नीचे राष्ट्रवादी भी आ गए और खुदाई भी हो रही है चलिए एक इंदिरा गांधी जी की वीडियो सुनते हैं बड़ी वायरल हो रही है वो भी सोशल मीडिया पर कांग्रेस इस कारण से राष्ट्रवादियों से मुंह छुपाए फिर रहे हैं और जो अपने आप को इंटेलेक्चुअल समझ रहे थे कि सुप्रीम कोर्ट इज द फाइनल वो कह रहे हैं यार ये इसका हम क्या करें तो पहले वह भी सुन लेते हैं

चलिए सुनते हैं कुछ नो व्हाट इज़ हैपनिंग इन द पिटिकल वर्ल्ड व्हाट आर द फोर्सेस एट वर्क व्हिच डिस्ट्र वांट टू डिस्ट्रॉय अ डेवेलपिंग इकॉनमी इज़ अ इज़ अ जज कॉम्पटेंट टू डिसाइड दैट देन व्हाई हैव डेमोक्रेसी व्हाई हैव इलेक्शंस व्हाई हैव पॉलिटिकल पीपल इन पावर हाउ डस मिस्टर शान नो व्हाट इज़ हैप्पेनिंग इन द पॉलिटिकल वर्ल्ड व्हाट आर द फोर्सेस एट वर्क व्हिच डिस्ट वांट टू डिस्ट्रॉय अ डेवलपिंग इकॉनमी पार्लियामेंट किस लिए है संसद किस लिए है कौन होते हैं यही ये वो सारी बातें हैं यही बातें तो भाई अभी धनकर साहब ने कह कह दी तो आपको मिर्ची लग रही है और कांग्रेस की अम्मी कह रही है तो कोई दिक्कत नहीं है

कांग्रेस का चाल चरित चित्रण इस वक्त पूरी तरह से इस्लामिक है इसलिए माता की जगह अम्मी शब्द का प्रयोग किया तकलीफ है तो मैं क्या कर सकता हूं वास्तविकता है मिर्ची लग जाए तो लग जाए बात अलग है इसलिए मैंने कहा तो ये सारी चीजें हैं चलिए अब मैं आपको कुछ और चीजें दिखाता हूं यह कांग्रेस के नेताओं के पिछले 10 साल के बयान है मैंने कहा ना कि राष्ट्रवादी जब एक पेज पर आएंगे ना आप ना रिसर्च में मुकाबला कर पाएंगे आप ना कंटेंट में मुकाबला कर पाएंगे क्योंकि फिर कलेक्टिव फोर्स लगता है फिर तो यह जयराम रमेश ठीक है जो लिखते हैं टुडे इज़ द लास्ट वर्किंग डे ऑफ़ रिटायरिंग चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया हिज़ लीग- लेगसी विल कंटिन्यू टु बी डिबेटेड विड्र फ्रॉम ड्यूटीज कांग्रेस टू जस्टिस दीपक मिश्रा यह भी तो सीजीआई थे 55 अपोजिशन एमपी फाइल इंपीचमेंट मोशन अगेंस्ट जस्टिस शेखर यादव यह भी तो जस्टिस थे थे ना मैं उसकी जीभ काट दूंगा कांग्रेस लीडर एक जज को धमकी दे रहे हैं जो कहा है अगर उन्होंने राहुल गांधी के विरुद्ध जजमेंट दिया या कोई कार्यवाही की यह सारी बातें तो है ना कहां-कहां छुपाओगे किसको-किसको छुपाओगे

यहां तो बहुत कुछ है यहां तो बहुत कुछ है जो लोग कह रहे हैं कि जेल भेजेंगे निशिकांत दुबे को ऐसे कैसे भेजोगे ऐसे कैसे अभी तो पतीला लगना शुरू हुआ है अभी तो लोग खड़े होकर के बोलना शुरू कर रहे हैं अभी तो सनातन समाज उठना शुरू हुआ है दिखाऊं क्या-क्या हुआ ईडी ने कल क्या किया भाई मोदी है ना मोदी का डंडा एक तरफ नहीं चलता चारों तरफ चलता है चीख पुखार मच रही है देश में ये देखिए ईडी टीम वेंट टूक एंड रेडेड सेवरल परमिशेस इन मनी लॉन्ड्रिंग केसेस अरेस्टिंग मैन हु नेम अहमद हुसैन आजाद देन ईडी फाउंड दैट अहमद हुसैन इज़ एन इललीगल बांग्लादेशी हु वाज़ बीन लिविंग इन वेस्ट बंगाल फॉर इयर्स एंड इज़ इनवॉल्वड इन बिजनेस ऑफ मेकिंग फर्ज आइडेंटी डॉक्यूमेंट एज सच आधार कार्ड वोटर कार्ड क्या-क्या छुपाओगे क्या क्या-क्या छुपा पाओगे तुम मैंने बोला ना फॉरेनर और इमीग्रेशन बिल तुम लोग वक्त के ऊपर सोच रहे हो इतना बड़ा मास्टर स्ट्रोक है ना मैंने कल भी एक एपिसोड में दिखाया था कि आठ लोग पकड़े गए और यहां तो भाई मनी लॉन्ड्रिंग केस में ही पकड़ा गया यानी सोचिए भारत में अंदर आकर के भारत की एकता अखंडता के लिए यह लोग इतना बड़ा खतरा बन चुके हैं और बड़ी बेशर्मी के साथ यह विपक्ष के नेता इन बांग्लादेशियों के साथ खड़े हैं और मैं सीधे कहता हूं क्योंकि अगर आप खड़े नहीं होते तो इन बांग्लादेशी मुसलमानों के विरुद्ध आप भी उस ड्राइव में शामिल होते

जहां पर राष्ट्रवादी समाज आज खड़ा होकर ताल ठोक रहा है तो जज साहब सीजीआई जज संजीव खन्ना साहब किसको किसको बचाएंगे एक को बचा पाते तो ठीक था अब जस्टिस वर्मा से सवाल पूछा जा रहा है इस देश का मीडिया उछाल रहा है पूछ रहा है कि भाई कब कार्यवाही करोगे अच्छा भाई सब तो ठीक है दिल्ली आवास क्यों नहीं खाली कर रहे हो कैसे खाली कर दे हुजूर दिल्ली पुलिस की नजर है इधर आवास खाली हुआ उधर तो भाईंगारंग कार्यक्रम शुरू हो जाएगा पता नहीं घर से क्या-क्या और निकल जाए क्योंकि अब तो मैटर बहुत अलग हो गया है ना अब तो चीजें हाथ से बाहर जा चुकी है कैसे ब्लैकमेल करोगे मोदी सरकार को कैसे कर पाओगे ये सारी चीजें यह परेशानी का कारण है

परेशानी का कारण है हेमंता विश्व शर्मा ने जो ट्वीट किया है वह परेशानी का कारण है और वक्त के ऊपर जो सारी बातें हो रही है मैं आपको बताता हूं एक आंकड़ा जो मैंने अभी निकाला है आप लोग जानते हैं कि 40 लाख एकड़ व बोर्ड जमीन का मतलब क्या होता है 40 लाख एकड़ मतलब 16,200 स्क्वायर किलोमीटर फिट फीट नहीं बोल रहा हूं गजवज नहीं बोल रहा हूं किलोमीटर मुंबई में 650 वर्ग किलोमीटर चंडीगढ़ दिल्ली में 1605 वर्ग कि.मी चंडीगढ़ में 114 वर्ग कि.मी लखनऊ में 631 वर्ग कि.मी अर्थात 25 लखनऊ के बराबर छोटे-छोटे कस्बे खड़े हो जाए और इन सब की कुल इनकम कितनी है सवा करोड़ यानी जो बाकी ब्लैक का पैसा जनरेट हो रहा है इस वक्त बोर्ड के थ्रू वो कहां जा रहा है किसको बचाने में जा रहा है आतंकवादियों को या कहीं वो नागपुर का वो दंगाई तो नहीं जो कमलेश तिवारी हत्याकांड में अरेस्ट हुआ था उसको न्यायपालिका ने बेल दिया और वो आदमी नागपुर से फिर पकड़ा गया है फिर दंगा करते हो गुनाहगार कौन है न्यायपालिका जिसने बेल दिया कन्हैया कुमार के हत्याकांड में या वो दंगाई जिसने नागपुर में दंगा किया

ना तुम लोगों ने संविधान का तुम्हारे हिसाब से डेमोक्रेसी चलेगी तुम्हारे हिसाब से कानून चलेगा यह जो लेटर भेजा गया है ना निशिकांत दुबे जी को यह सुप्रीम कोर्ट के इस देश की न्यायपालिका का इस देश की न्यायपालिका का सबसे बड़ा अगर ब्लंडर साबित नहीं होगा तो मेरा नाम बदल दीजिएगा और आने वाले एक महीने यानी आज है 21 तारीख 16 मई से लेकर 20 मई इस इस दौरान इसलिए मैंने एक ओवरऑल एक महीना कहा एक महीने के अंदर आप वो वो चीजें इस देश में होते हुए देखेंगे जो आपने कभी नहीं देखी पूछिए क्यों और ये इतने कॉन्फिडेंस से मैं इसे मैं कैसे कह रहा हूं कल मोदी जी एक सभा में थे और उन्होंने कहा व बोर्ड तो पहला स्टेप है व बोर्ड तो पहला स्टेप है और जब भी नरेंद्र मोदी जी ने इस प्रकार के खुलेआम हिंट दिए हैं

नरेंद्र मोदी कह रहे हैं कि व बोर्ड पहला स्टेप है तो आप समझिए कि आने वाले समय में भाई साहब आपको बहुत सारी चीजों पर प्रोटेस्ट करना होगा और राष्ट्रवादी समाज जिस प्रकार से एकजुट हुआ है उसे वापस उतनी ही मजबूती के साथ अपने प्रधानमंत्री से लेकर के अपने लोगों के लिए अपने हिंदू भाइयों के लिए खड़ा होना होगा भाई साहब बंगला दे बंगाली फाइनली बंगाली हिंदू भी खड़े हो गए आपने कल मैंने कल रात के शो में देखा ना कितना बड़ा मैंने प्रोटेस्ट दिखाया था बंगाल में भी क्योंकि शुभेंदु अधिकारी ने बोला राजनीति को 15 दिन के लिए साइड करता हूं मैं अपने समर्थकों के बीच जा रहा हूं और समर्थकों के साथ खड़ा हो के सीधे मैदान पे उतरूंगा ये सब भाजपा के ही नेता हैं यह नहीं भूलना चाहिए हम लोग बहुत जल्दबाजी में बहुत सारी चीजें कर क्राइम कर बैठते हैं तो अभी तो बहुत कुछ होगा


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Nationalist Came Together on Social Media

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कभी आपने फिल्में देखी हैं बॉलीवुड की ऐसी 90 के दशक की फिल्में जहां पर हीरो मार खाने की स्थिति में हो और बॉलीवुड के सारे विलंस उनको घेर चुके हो अचानक से दो और कैरेक्टर रोल वाले हीरो प्रकट होते हैं और विलंस की बैंड बजाते हैं तीनों मिलकर जिसे आप सोचते थे कि वो विलेन होगा लेकिन वो हीरो निकलता है ऐसी फिल्में आपने देखी होगी बहुत सारी फिल्में क्योंकि आपने उन विलेनंस को विलेन के रोल में ही देखा है कल क्या हुआ है आपको पता है कल पूरे दिन जो एक्स पर मौजूद रहा या फिर जो सोशल मीडिया पर एक्टिव है इंस्टा पर भी उसने देखा कि पहली बार राष्ट्रवादी आपस में बटे नहीं क्या हिंदू महासभा क्या संघ क्या एबीपी क्या बीजेपी आईटी सेल क्या इन्फ्लुएंसरर सब एक पिच पर और सामने पंचिंग बैग में इस देश के माय लॉर्डशिप थे इस देश की न्यायपालिका थी और ऐसी ऐसी ऐसी चीजें खुदाई शुरू हुई मोहनजोदड़ो हड़प्पा संस्कृति की चीजें निकाली गई कि कांग्रेस आईटी सेल से लेकर के पूरा वामपंथ इको सिस्टम तिलमिला गया वो लिटरली समझ नहीं पा रहे कि यह एकता क्यों है

और मेरे मन में यह प्रश्न आया कि यही तो मोदी की जादूगरी है कि आज हिंदू समाज उठ खड़ा हुआ किसी के टाइटल में सिंह है किसी के टाइटल में वाल्मीकि है कोई तिवारी है कोई वर्मा है लेकिन सब सनातन की बात कर रहे हैं

देखिए जज साहब तो जज साहब हैं लेकिन वो कब तक छुपाएंगे कब तक बचा पाएंगे क्योंकि खेल तो शुरू हो चुका है आपको नहीं याद आ रहा है खेल कहां शुरू हुआ है चलिए मैं दिखा देता हूं खेल कहां शुरू हुआ है यह है इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर ठीक है और इस खबर को सॉरी फाइनेंसियल एक्सप्रेस की खबर है और जरा इस खबर की हेडिंग को ठीक से पढ़िए जस्टिस यशवंत वर्मा केस पुलिस फायर डिपार्टमेंट ऑफिशियल कंफर्म कैश प्रेजेंस एट पैनल प्रोब्स वीडियो डिलीटेशन अब आप देखिए वीडियो को डिलीट करने की बात और पूछा गया उनसे कि भाई आपने तब क्यों नहीं बताया कितना कैश था उन्होंने कहा भाई हमें समझ में नहीं आता कि जस्टिस का मामला इतना बड़ा मामला है हम इसको कैसे हैंडल करें

द हाई लेवल इंक्वायरी पैनल इन्वेस्टिगेटिंग द मार्च 14th फायर एट रेजिडेंस दिल्ली कोर्ट जस्टिस यशवंत वर्मा हैज़ राइज़ कंसर्न ओवर दिल्ली फोर्स एंड फायर ऑफिशियल्स और पैनल वाज इनफॉर्म दैट लीगल प्रोट प्रोटेक्शन ब्लॉक इमीडिएट एक्शन और ये सारी चीजें जो है और कहा गया है आगे कि हां संभवत 15 करोड़ से 50 करोड़ तक के कैश ग्रेट धीरे-धीरे सब एक छत के नीचे राष्ट्रवादी भी आ गए और खुदाई भी हो रही है चलिए एक इंदिरा गांधी जी की वीडियो सुनते हैं बड़ी वायरल हो रही है वो भी सोशल मीडिया पर कांग्रेस इस कारण से राष्ट्रवादियों से मुंह छुपाए फिर रहे हैं और जो अपने आप को इंटेलेक्चुअल समझ रहे थे कि सुप्रीम कोर्ट इज द फाइनल वो कह रहे हैं यार ये इसका हम क्या करें तो पहले वह भी सुन लेते हैं

चलिए सुनते हैं कुछ नो व्हाट इज़ हैपनिंग इन द पिटिकल वर्ल्ड व्हाट आर द फोर्सेस एट वर्क व्हिच डिस्ट्र वांट टू डिस्ट्रॉय अ डेवेलपिंग इकॉनमी इज़ अ इज़ अ जज कॉम्पटेंट टू डिसाइड दैट देन व्हाई हैव डेमोक्रेसी व्हाई हैव इलेक्शंस व्हाई हैव पॉलिटिकल पीपल इन पावर हाउ डस मिस्टर शान नो व्हाट इज़ हैप्पेनिंग इन द पॉलिटिकल वर्ल्ड व्हाट आर द फोर्सेस एट वर्क व्हिच डिस्ट वांट टू डिस्ट्रॉय अ डेवलपिंग इकॉनमी पार्लियामेंट किस लिए है संसद किस लिए है कौन होते हैं यही ये वो सारी बातें हैं यही बातें तो भाई अभी धनकर साहब ने कह कह दी तो आपको मिर्ची लग रही है और कांग्रेस की अम्मी कह रही है तो कोई दिक्कत नहीं है

कांग्रेस का चाल चरित चित्रण इस वक्त पूरी तरह से इस्लामिक है इसलिए माता की जगह अम्मी शब्द का प्रयोग किया तकलीफ है तो मैं क्या कर सकता हूं वास्तविकता है मिर्ची लग जाए तो लग जाए बात अलग है इसलिए मैंने कहा तो ये सारी चीजें हैं चलिए अब मैं आपको कुछ और चीजें दिखाता हूं यह कांग्रेस के नेताओं के पिछले 10 साल के बयान है मैंने कहा ना कि राष्ट्रवादी जब एक पेज पर आएंगे ना आप ना रिसर्च में मुकाबला कर पाएंगे आप ना कंटेंट में मुकाबला कर पाएंगे क्योंकि फिर कलेक्टिव फोर्स लगता है फिर तो यह जयराम रमेश ठीक है जो लिखते हैं टुडे इज़ द लास्ट वर्किंग डे ऑफ़ रिटायरिंग चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया हिज़ लीग- लेगसी विल कंटिन्यू टु बी डिबेटेड विड्र फ्रॉम ड्यूटीज कांग्रेस टू जस्टिस दीपक मिश्रा यह भी तो सीजीआई थे 55 अपोजिशन एमपी फाइल इंपीचमेंट मोशन अगेंस्ट जस्टिस शेखर यादव यह भी तो जस्टिस थे थे ना मैं उसकी जीभ काट दूंगा कांग्रेस लीडर एक जज को धमकी दे रहे हैं जो कहा है अगर उन्होंने राहुल गांधी के विरुद्ध जजमेंट दिया या कोई कार्यवाही की यह सारी बातें तो है ना कहां-कहां छुपाओगे किसको-किसको छुपाओगे

यहां तो बहुत कुछ है यहां तो बहुत कुछ है जो लोग कह रहे हैं कि जेल भेजेंगे निशिकांत दुबे को ऐसे कैसे भेजोगे ऐसे कैसे अभी तो पतीला लगना शुरू हुआ है अभी तो लोग खड़े होकर के बोलना शुरू कर रहे हैं अभी तो सनातन समाज उठना शुरू हुआ है दिखाऊं क्या-क्या हुआ ईडी ने कल क्या किया भाई मोदी है ना मोदी का डंडा एक तरफ नहीं चलता चारों तरफ चलता है चीख पुखार मच रही है देश में ये देखिए ईडी टीम वेंट टूक एंड रेडेड सेवरल परमिशेस इन मनी लॉन्ड्रिंग केसेस अरेस्टिंग मैन हु नेम अहमद हुसैन आजाद देन ईडी फाउंड दैट अहमद हुसैन इज़ एन इललीगल बांग्लादेशी हु वाज़ बीन लिविंग इन वेस्ट बंगाल फॉर इयर्स एंड इज़ इनवॉल्वड इन बिजनेस ऑफ मेकिंग फर्ज आइडेंटी डॉक्यूमेंट एज सच आधार कार्ड वोटर कार्ड क्या-क्या छुपाओगे क्या क्या-क्या छुपा पाओगे तुम मैंने बोला ना फॉरेनर और इमीग्रेशन बिल तुम लोग वक्त के ऊपर सोच रहे हो इतना बड़ा मास्टर स्ट्रोक है ना मैंने कल भी एक एपिसोड में दिखाया था कि आठ लोग पकड़े गए और यहां तो भाई मनी लॉन्ड्रिंग केस में ही पकड़ा गया यानी सोचिए भारत में अंदर आकर के भारत की एकता अखंडता के लिए यह लोग इतना बड़ा खतरा बन चुके हैं और बड़ी बेशर्मी के साथ यह विपक्ष के नेता इन बांग्लादेशियों के साथ खड़े हैं और मैं सीधे कहता हूं क्योंकि अगर आप खड़े नहीं होते तो इन बांग्लादेशी मुसलमानों के विरुद्ध आप भी उस ड्राइव में शामिल होते

जहां पर राष्ट्रवादी समाज आज खड़ा होकर ताल ठोक रहा है तो जज साहब सीजीआई जज संजीव खन्ना साहब किसको किसको बचाएंगे एक को बचा पाते तो ठीक था अब जस्टिस वर्मा से सवाल पूछा जा रहा है इस देश का मीडिया उछाल रहा है पूछ रहा है कि भाई कब कार्यवाही करोगे अच्छा भाई सब तो ठीक है दिल्ली आवास क्यों नहीं खाली कर रहे हो कैसे खाली कर दे हुजूर दिल्ली पुलिस की नजर है इधर आवास खाली हुआ उधर तो भाईंगारंग कार्यक्रम शुरू हो जाएगा पता नहीं घर से क्या-क्या और निकल जाए क्योंकि अब तो मैटर बहुत अलग हो गया है ना अब तो चीजें हाथ से बाहर जा चुकी है कैसे ब्लैकमेल करोगे मोदी सरकार को कैसे कर पाओगे ये सारी चीजें यह परेशानी का कारण है

परेशानी का कारण है हेमंता विश्व शर्मा ने जो ट्वीट किया है वह परेशानी का कारण है और वक्त के ऊपर जो सारी बातें हो रही है मैं आपको बताता हूं एक आंकड़ा जो मैंने अभी निकाला है आप लोग जानते हैं कि 40 लाख एकड़ व बोर्ड जमीन का मतलब क्या होता है 40 लाख एकड़ मतलब 16,200 स्क्वायर किलोमीटर फिट फीट नहीं बोल रहा हूं गजवज नहीं बोल रहा हूं किलोमीटर मुंबई में 650 वर्ग किलोमीटर चंडीगढ़ दिल्ली में 1605 वर्ग कि.मी चंडीगढ़ में 114 वर्ग कि.मी लखनऊ में 631 वर्ग कि.मी अर्थात 25 लखनऊ के बराबर छोटे-छोटे कस्बे खड़े हो जाए और इन सब की कुल इनकम कितनी है सवा करोड़ यानी जो बाकी ब्लैक का पैसा जनरेट हो रहा है इस वक्त बोर्ड के थ्रू वो कहां जा रहा है किसको बचाने में जा रहा है आतंकवादियों को या कहीं वो नागपुर का वो दंगाई तो नहीं जो कमलेश तिवारी हत्याकांड में अरेस्ट हुआ था उसको न्यायपालिका ने बेल दिया और वो आदमी नागपुर से फिर पकड़ा गया है फिर दंगा करते हो गुनाहगार कौन है न्यायपालिका जिसने बेल दिया कन्हैया कुमार के हत्याकांड में या वो दंगाई जिसने नागपुर में दंगा किया

ना तुम लोगों ने संविधान का तुम्हारे हिसाब से डेमोक्रेसी चलेगी तुम्हारे हिसाब से कानून चलेगा यह जो लेटर भेजा गया है ना निशिकांत दुबे जी को यह सुप्रीम कोर्ट के इस देश की न्यायपालिका का इस देश की न्यायपालिका का सबसे बड़ा अगर ब्लंडर साबित नहीं होगा तो मेरा नाम बदल दीजिएगा और आने वाले एक महीने यानी आज है 21 तारीख 16 मई से लेकर 20 मई इस इस दौरान इसलिए मैंने एक ओवरऑल एक महीना कहा एक महीने के अंदर आप वो वो चीजें इस देश में होते हुए देखेंगे जो आपने कभी नहीं देखी पूछिए क्यों और ये इतने कॉन्फिडेंस से मैं इसे मैं कैसे कह रहा हूं कल मोदी जी एक सभा में थे और उन्होंने कहा व बोर्ड तो पहला स्टेप है व बोर्ड तो पहला स्टेप है और जब भी नरेंद्र मोदी जी ने इस प्रकार के खुलेआम हिंट दिए हैं

नरेंद्र मोदी कह रहे हैं कि व बोर्ड पहला स्टेप है तो आप समझिए कि आने वाले समय में भाई साहब आपको बहुत सारी चीजों पर प्रोटेस्ट करना होगा और राष्ट्रवादी समाज जिस प्रकार से एकजुट हुआ है उसे वापस उतनी ही मजबूती के साथ अपने प्रधानमंत्री से लेकर के अपने लोगों के लिए अपने हिंदू भाइयों के लिए खड़ा होना होगा भाई साहब बंगला दे बंगाली फाइनली बंगाली हिंदू भी खड़े हो गए आपने कल मैंने कल रात के शो में देखा ना कितना बड़ा मैंने प्रोटेस्ट दिखाया था बंगाल में भी क्योंकि शुभेंदु अधिकारी ने बोला राजनीति को 15 दिन के लिए साइड करता हूं मैं अपने समर्थकों के बीच जा रहा हूं और समर्थकों के साथ खड़ा हो के सीधे मैदान पे उतरूंगा ये सब भाजपा के ही नेता हैं यह नहीं भूलना चाहिए हम लोग बहुत जल्दबाजी में बहुत सारी चीजें कर क्राइम कर बैठते हैं तो अभी तो बहुत कुछ होगा


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कभी आपने फिल्में देखी हैं बॉलीवुड की ऐसी 90 के दशक की फिल्में जहां पर हीरो मार खाने की स्थिति में हो और बॉलीवुड के सारे विलंस उनको घेर चुके हो अचानक से दो और कैरेक्टर रोल वाले हीरो प्रकट होते हैं और विलंस की बैंड बजाते हैं तीनों मिलकर जिसे आप सोचते थे कि वो विलेन होगा लेकिन वो हीरो निकलता है ऐसी फिल्में आपने देखी होगी बहुत सारी फिल्में क्योंकि आपने उन विलेनंस को विलेन के रोल में ही देखा है कल क्या हुआ है आपको पता है कल पूरे दिन जो एक्स पर मौजूद रहा या फिर जो सोशल मीडिया पर एक्टिव है इंस्टा पर भी उसने देखा कि पहली बार राष्ट्रवादी आपस में बटे नहीं क्या हिंदू महासभा क्या संघ क्या एबीपी क्या बीजेपी आईटी सेल क्या इन्फ्लुएंसरर सब एक पिच पर और सामने पंचिंग बैग में इस देश के माय लॉर्डशिप थे इस देश की न्यायपालिका थी और ऐसी ऐसी ऐसी चीजें खुदाई शुरू हुई मोहनजोदड़ो हड़प्पा संस्कृति की चीजें निकाली गई कि कांग्रेस आईटी सेल से लेकर के पूरा वामपंथ इको सिस्टम तिलमिला गया वो लिटरली समझ नहीं पा रहे कि यह एकता क्यों है

और मेरे मन में यह प्रश्न आया कि यही तो मोदी की जादूगरी है कि आज हिंदू समाज उठ खड़ा हुआ किसी के टाइटल में सिंह है किसी के टाइटल में वाल्मीकि है कोई तिवारी है कोई वर्मा है लेकिन सब सनातन की बात कर रहे हैं

देखिए जज साहब तो जज साहब हैं लेकिन वो कब तक छुपाएंगे कब तक बचा पाएंगे क्योंकि खेल तो शुरू हो चुका है आपको नहीं याद आ रहा है खेल कहां शुरू हुआ है चलिए मैं दिखा देता हूं खेल कहां शुरू हुआ है यह है इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर ठीक है और इस खबर को सॉरी फाइनेंसियल एक्सप्रेस की खबर है और जरा इस खबर की हेडिंग को ठीक से पढ़िए जस्टिस यशवंत वर्मा केस पुलिस फायर डिपार्टमेंट ऑफिशियल कंफर्म कैश प्रेजेंस एट पैनल प्रोब्स वीडियो डिलीटेशन अब आप देखिए वीडियो को डिलीट करने की बात और पूछा गया उनसे कि भाई आपने तब क्यों नहीं बताया कितना कैश था उन्होंने कहा भाई हमें समझ में नहीं आता कि जस्टिस का मामला इतना बड़ा मामला है हम इसको कैसे हैंडल करें

द हाई लेवल इंक्वायरी पैनल इन्वेस्टिगेटिंग द मार्च 14th फायर एट रेजिडेंस दिल्ली कोर्ट जस्टिस यशवंत वर्मा हैज़ राइज़ कंसर्न ओवर दिल्ली फोर्स एंड फायर ऑफिशियल्स और पैनल वाज इनफॉर्म दैट लीगल प्रोट प्रोटेक्शन ब्लॉक इमीडिएट एक्शन और ये सारी चीजें जो है और कहा गया है आगे कि हां संभवत 15 करोड़ से 50 करोड़ तक के कैश ग्रेट धीरे-धीरे सब एक छत के नीचे राष्ट्रवादी भी आ गए और खुदाई भी हो रही है चलिए एक इंदिरा गांधी जी की वीडियो सुनते हैं बड़ी वायरल हो रही है वो भी सोशल मीडिया पर कांग्रेस इस कारण से राष्ट्रवादियों से मुंह छुपाए फिर रहे हैं और जो अपने आप को इंटेलेक्चुअल समझ रहे थे कि सुप्रीम कोर्ट इज द फाइनल वो कह रहे हैं यार ये इसका हम क्या करें तो पहले वह भी सुन लेते हैं

चलिए सुनते हैं कुछ नो व्हाट इज़ हैपनिंग इन द पिटिकल वर्ल्ड व्हाट आर द फोर्सेस एट वर्क व्हिच डिस्ट्र वांट टू डिस्ट्रॉय अ डेवेलपिंग इकॉनमी इज़ अ इज़ अ जज कॉम्पटेंट टू डिसाइड दैट देन व्हाई हैव डेमोक्रेसी व्हाई हैव इलेक्शंस व्हाई हैव पॉलिटिकल पीपल इन पावर हाउ डस मिस्टर शान नो व्हाट इज़ हैप्पेनिंग इन द पॉलिटिकल वर्ल्ड व्हाट आर द फोर्सेस एट वर्क व्हिच डिस्ट वांट टू डिस्ट्रॉय अ डेवलपिंग इकॉनमी पार्लियामेंट किस लिए है संसद किस लिए है कौन होते हैं यही ये वो सारी बातें हैं यही बातें तो भाई अभी धनकर साहब ने कह कह दी तो आपको मिर्ची लग रही है और कांग्रेस की अम्मी कह रही है तो कोई दिक्कत नहीं है

कांग्रेस का चाल चरित चित्रण इस वक्त पूरी तरह से इस्लामिक है इसलिए माता की जगह अम्मी शब्द का प्रयोग किया तकलीफ है तो मैं क्या कर सकता हूं वास्तविकता है मिर्ची लग जाए तो लग जाए बात अलग है इसलिए मैंने कहा तो ये सारी चीजें हैं चलिए अब मैं आपको कुछ और चीजें दिखाता हूं यह कांग्रेस के नेताओं के पिछले 10 साल के बयान है मैंने कहा ना कि राष्ट्रवादी जब एक पेज पर आएंगे ना आप ना रिसर्च में मुकाबला कर पाएंगे आप ना कंटेंट में मुकाबला कर पाएंगे क्योंकि फिर कलेक्टिव फोर्स लगता है फिर तो यह जयराम रमेश ठीक है जो लिखते हैं टुडे इज़ द लास्ट वर्किंग डे ऑफ़ रिटायरिंग चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया हिज़ लीग- लेगसी विल कंटिन्यू टु बी डिबेटेड विड्र फ्रॉम ड्यूटीज कांग्रेस टू जस्टिस दीपक मिश्रा यह भी तो सीजीआई थे 55 अपोजिशन एमपी फाइल इंपीचमेंट मोशन अगेंस्ट जस्टिस शेखर यादव यह भी तो जस्टिस थे थे ना मैं उसकी जीभ काट दूंगा कांग्रेस लीडर एक जज को धमकी दे रहे हैं जो कहा है अगर उन्होंने राहुल गांधी के विरुद्ध जजमेंट दिया या कोई कार्यवाही की यह सारी बातें तो है ना कहां-कहां छुपाओगे किसको-किसको छुपाओगे

यहां तो बहुत कुछ है यहां तो बहुत कुछ है जो लोग कह रहे हैं कि जेल भेजेंगे निशिकांत दुबे को ऐसे कैसे भेजोगे ऐसे कैसे अभी तो पतीला लगना शुरू हुआ है अभी तो लोग खड़े होकर के बोलना शुरू कर रहे हैं अभी तो सनातन समाज उठना शुरू हुआ है दिखाऊं क्या-क्या हुआ ईडी ने कल क्या किया भाई मोदी है ना मोदी का डंडा एक तरफ नहीं चलता चारों तरफ चलता है चीख पुखार मच रही है देश में ये देखिए ईडी टीम वेंट टूक एंड रेडेड सेवरल परमिशेस इन मनी लॉन्ड्रिंग केसेस अरेस्टिंग मैन हु नेम अहमद हुसैन आजाद देन ईडी फाउंड दैट अहमद हुसैन इज़ एन इललीगल बांग्लादेशी हु वाज़ बीन लिविंग इन वेस्ट बंगाल फॉर इयर्स एंड इज़ इनवॉल्वड इन बिजनेस ऑफ मेकिंग फर्ज आइडेंटी डॉक्यूमेंट एज सच आधार कार्ड वोटर कार्ड क्या-क्या छुपाओगे क्या क्या-क्या छुपा पाओगे तुम मैंने बोला ना फॉरेनर और इमीग्रेशन बिल तुम लोग वक्त के ऊपर सोच रहे हो इतना बड़ा मास्टर स्ट्रोक है ना मैंने कल भी एक एपिसोड में दिखाया था कि आठ लोग पकड़े गए और यहां तो भाई मनी लॉन्ड्रिंग केस में ही पकड़ा गया यानी सोचिए भारत में अंदर आकर के भारत की एकता अखंडता के लिए यह लोग इतना बड़ा खतरा बन चुके हैं और बड़ी बेशर्मी के साथ यह विपक्ष के नेता इन बांग्लादेशियों के साथ खड़े हैं और मैं सीधे कहता हूं क्योंकि अगर आप खड़े नहीं होते तो इन बांग्लादेशी मुसलमानों के विरुद्ध आप भी उस ड्राइव में शामिल होते

जहां पर राष्ट्रवादी समाज आज खड़ा होकर ताल ठोक रहा है तो जज साहब सीजीआई जज संजीव खन्ना साहब किसको किसको बचाएंगे एक को बचा पाते तो ठीक था अब जस्टिस वर्मा से सवाल पूछा जा रहा है इस देश का मीडिया उछाल रहा है पूछ रहा है कि भाई कब कार्यवाही करोगे अच्छा भाई सब तो ठीक है दिल्ली आवास क्यों नहीं खाली कर रहे हो कैसे खाली कर दे हुजूर दिल्ली पुलिस की नजर है इधर आवास खाली हुआ उधर तो भाईंगारंग कार्यक्रम शुरू हो जाएगा पता नहीं घर से क्या-क्या और निकल जाए क्योंकि अब तो मैटर बहुत अलग हो गया है ना अब तो चीजें हाथ से बाहर जा चुकी है कैसे ब्लैकमेल करोगे मोदी सरकार को कैसे कर पाओगे ये सारी चीजें यह परेशानी का कारण है

परेशानी का कारण है हेमंता विश्व शर्मा ने जो ट्वीट किया है वह परेशानी का कारण है और वक्त के ऊपर जो सारी बातें हो रही है मैं आपको बताता हूं एक आंकड़ा जो मैंने अभी निकाला है आप लोग जानते हैं कि 40 लाख एकड़ व बोर्ड जमीन का मतलब क्या होता है 40 लाख एकड़ मतलब 16,200 स्क्वायर किलोमीटर फिट फीट नहीं बोल रहा हूं गजवज नहीं बोल रहा हूं किलोमीटर मुंबई में 650 वर्ग किलोमीटर चंडीगढ़ दिल्ली में 1605 वर्ग कि.मी चंडीगढ़ में 114 वर्ग कि.मी लखनऊ में 631 वर्ग कि.मी अर्थात 25 लखनऊ के बराबर छोटे-छोटे कस्बे खड़े हो जाए और इन सब की कुल इनकम कितनी है सवा करोड़ यानी जो बाकी ब्लैक का पैसा जनरेट हो रहा है इस वक्त बोर्ड के थ्रू वो कहां जा रहा है किसको बचाने में जा रहा है आतंकवादियों को या कहीं वो नागपुर का वो दंगाई तो नहीं जो कमलेश तिवारी हत्याकांड में अरेस्ट हुआ था उसको न्यायपालिका ने बेल दिया और वो आदमी नागपुर से फिर पकड़ा गया है फिर दंगा करते हो गुनाहगार कौन है न्यायपालिका जिसने बेल दिया कन्हैया कुमार के हत्याकांड में या वो दंगाई जिसने नागपुर में दंगा किया

ना तुम लोगों ने संविधान का तुम्हारे हिसाब से डेमोक्रेसी चलेगी तुम्हारे हिसाब से कानून चलेगा यह जो लेटर भेजा गया है ना निशिकांत दुबे जी को यह सुप्रीम कोर्ट के इस देश की न्यायपालिका का इस देश की न्यायपालिका का सबसे बड़ा अगर ब्लंडर साबित नहीं होगा तो मेरा नाम बदल दीजिएगा और आने वाले एक महीने यानी आज है 21 तारीख 16 मई से लेकर 20 मई इस इस दौरान इसलिए मैंने एक ओवरऑल एक महीना कहा एक महीने के अंदर आप वो वो चीजें इस देश में होते हुए देखेंगे जो आपने कभी नहीं देखी पूछिए क्यों और ये इतने कॉन्फिडेंस से मैं इसे मैं कैसे कह रहा हूं कल मोदी जी एक सभा में थे और उन्होंने कहा व बोर्ड तो पहला स्टेप है व बोर्ड तो पहला स्टेप है और जब भी नरेंद्र मोदी जी ने इस प्रकार के खुलेआम हिंट दिए हैं

नरेंद्र मोदी कह रहे हैं कि व बोर्ड पहला स्टेप है तो आप समझिए कि आने वाले समय में भाई साहब आपको बहुत सारी चीजों पर प्रोटेस्ट करना होगा और राष्ट्रवादी समाज जिस प्रकार से एकजुट हुआ है उसे वापस उतनी ही मजबूती के साथ अपने प्रधानमंत्री से लेकर के अपने लोगों के लिए अपने हिंदू भाइयों के लिए खड़ा होना होगा भाई साहब बंगला दे बंगाली फाइनली बंगाली हिंदू भी खड़े हो गए आपने कल मैंने कल रात के शो में देखा ना कितना बड़ा मैंने प्रोटेस्ट दिखाया था बंगाल में भी क्योंकि शुभेंदु अधिकारी ने बोला राजनीति को 15 दिन के लिए साइड करता हूं मैं अपने समर्थकों के बीच जा रहा हूं और समर्थकों के साथ खड़ा हो के सीधे मैदान पे उतरूंगा ये सब भाजपा के ही नेता हैं यह नहीं भूलना चाहिए हम लोग बहुत जल्दबाजी में बहुत सारी चीजें कर क्राइम कर बैठते हैं तो अभी तो बहुत कुछ होगा


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कभी आपने फिल्में देखी हैं बॉलीवुड की ऐसी 90 के दशक की फिल्में जहां पर हीरो मार खाने की स्थिति में हो और बॉलीवुड के सारे विलंस उनको घेर चुके हो अचानक से दो और कैरेक्टर रोल वाले हीरो प्रकट होते हैं और विलंस की बैंड बजाते हैं तीनों मिलकर जिसे आप सोचते थे कि वो विलेन होगा लेकिन वो हीरो निकलता है ऐसी फिल्में आपने देखी होगी बहुत सारी फिल्में क्योंकि आपने उन विलेनंस को विलेन के रोल में ही देखा है कल क्या हुआ है आपको पता है कल पूरे दिन जो एक्स पर मौजूद रहा या फिर जो सोशल मीडिया पर एक्टिव है इंस्टा पर भी उसने देखा कि पहली बार राष्ट्रवादी आपस में बटे नहीं क्या हिंदू महासभा क्या संघ क्या एबीपी क्या बीजेपी आईटी सेल क्या इन्फ्लुएंसरर सब एक पिच पर और सामने पंचिंग बैग में इस देश के माय लॉर्डशिप थे इस देश की न्यायपालिका थी और ऐसी ऐसी ऐसी चीजें खुदाई शुरू हुई मोहनजोदड़ो हड़प्पा संस्कृति की चीजें निकाली गई कि कांग्रेस आईटी सेल से लेकर के पूरा वामपंथ इको सिस्टम तिलमिला गया वो लिटरली समझ नहीं पा रहे कि यह एकता क्यों है

और मेरे मन में यह प्रश्न आया कि यही तो मोदी की जादूगरी है कि आज हिंदू समाज उठ खड़ा हुआ किसी के टाइटल में सिंह है किसी के टाइटल में वाल्मीकि है कोई तिवारी है कोई वर्मा है लेकिन सब सनातन की बात कर रहे हैं

देखिए जज साहब तो जज साहब हैं लेकिन वो कब तक छुपाएंगे कब तक बचा पाएंगे क्योंकि खेल तो शुरू हो चुका है आपको नहीं याद आ रहा है खेल कहां शुरू हुआ है चलिए मैं दिखा देता हूं खेल कहां शुरू हुआ है यह है इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर ठीक है और इस खबर को सॉरी फाइनेंसियल एक्सप्रेस की खबर है और जरा इस खबर की हेडिंग को ठीक से पढ़िए जस्टिस यशवंत वर्मा केस पुलिस फायर डिपार्टमेंट ऑफिशियल कंफर्म कैश प्रेजेंस एट पैनल प्रोब्स वीडियो डिलीटेशन अब आप देखिए वीडियो को डिलीट करने की बात और पूछा गया उनसे कि भाई आपने तब क्यों नहीं बताया कितना कैश था उन्होंने कहा भाई हमें समझ में नहीं आता कि जस्टिस का मामला इतना बड़ा मामला है हम इसको कैसे हैंडल करें

द हाई लेवल इंक्वायरी पैनल इन्वेस्टिगेटिंग द मार्च 14th फायर एट रेजिडेंस दिल्ली कोर्ट जस्टिस यशवंत वर्मा हैज़ राइज़ कंसर्न ओवर दिल्ली फोर्स एंड फायर ऑफिशियल्स और पैनल वाज इनफॉर्म दैट लीगल प्रोट प्रोटेक्शन ब्लॉक इमीडिएट एक्शन और ये सारी चीजें जो है और कहा गया है आगे कि हां संभवत 15 करोड़ से 50 करोड़ तक के कैश ग्रेट धीरे-धीरे सब एक छत के नीचे राष्ट्रवादी भी आ गए और खुदाई भी हो रही है चलिए एक इंदिरा गांधी जी की वीडियो सुनते हैं बड़ी वायरल हो रही है वो भी सोशल मीडिया पर कांग्रेस इस कारण से राष्ट्रवादियों से मुंह छुपाए फिर रहे हैं और जो अपने आप को इंटेलेक्चुअल समझ रहे थे कि सुप्रीम कोर्ट इज द फाइनल वो कह रहे हैं यार ये इसका हम क्या करें तो पहले वह भी सुन लेते हैं

चलिए सुनते हैं कुछ नो व्हाट इज़ हैपनिंग इन द पिटिकल वर्ल्ड व्हाट आर द फोर्सेस एट वर्क व्हिच डिस्ट्र वांट टू डिस्ट्रॉय अ डेवेलपिंग इकॉनमी इज़ अ इज़ अ जज कॉम्पटेंट टू डिसाइड दैट देन व्हाई हैव डेमोक्रेसी व्हाई हैव इलेक्शंस व्हाई हैव पॉलिटिकल पीपल इन पावर हाउ डस मिस्टर शान नो व्हाट इज़ हैप्पेनिंग इन द पॉलिटिकल वर्ल्ड व्हाट आर द फोर्सेस एट वर्क व्हिच डिस्ट वांट टू डिस्ट्रॉय अ डेवलपिंग इकॉनमी पार्लियामेंट किस लिए है संसद किस लिए है कौन होते हैं यही ये वो सारी बातें हैं यही बातें तो भाई अभी धनकर साहब ने कह कह दी तो आपको मिर्ची लग रही है और कांग्रेस की अम्मी कह रही है तो कोई दिक्कत नहीं है

कांग्रेस का चाल चरित चित्रण इस वक्त पूरी तरह से इस्लामिक है इसलिए माता की जगह अम्मी शब्द का प्रयोग किया तकलीफ है तो मैं क्या कर सकता हूं वास्तविकता है मिर्ची लग जाए तो लग जाए बात अलग है इसलिए मैंने कहा तो ये सारी चीजें हैं चलिए अब मैं आपको कुछ और चीजें दिखाता हूं यह कांग्रेस के नेताओं के पिछले 10 साल के बयान है मैंने कहा ना कि राष्ट्रवादी जब एक पेज पर आएंगे ना आप ना रिसर्च में मुकाबला कर पाएंगे आप ना कंटेंट में मुकाबला कर पाएंगे क्योंकि फिर कलेक्टिव फोर्स लगता है फिर तो यह जयराम रमेश ठीक है जो लिखते हैं टुडे इज़ द लास्ट वर्किंग डे ऑफ़ रिटायरिंग चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया हिज़ लीग- लेगसी विल कंटिन्यू टु बी डिबेटेड विड्र फ्रॉम ड्यूटीज कांग्रेस टू जस्टिस दीपक मिश्रा यह भी तो सीजीआई थे 55 अपोजिशन एमपी फाइल इंपीचमेंट मोशन अगेंस्ट जस्टिस शेखर यादव यह भी तो जस्टिस थे थे ना मैं उसकी जीभ काट दूंगा कांग्रेस लीडर एक जज को धमकी दे रहे हैं जो कहा है अगर उन्होंने राहुल गांधी के विरुद्ध जजमेंट दिया या कोई कार्यवाही की यह सारी बातें तो है ना कहां-कहां छुपाओगे किसको-किसको छुपाओगे

यहां तो बहुत कुछ है यहां तो बहुत कुछ है जो लोग कह रहे हैं कि जेल भेजेंगे निशिकांत दुबे को ऐसे कैसे भेजोगे ऐसे कैसे अभी तो पतीला लगना शुरू हुआ है अभी तो लोग खड़े होकर के बोलना शुरू कर रहे हैं अभी तो सनातन समाज उठना शुरू हुआ है दिखाऊं क्या-क्या हुआ ईडी ने कल क्या किया भाई मोदी है ना मोदी का डंडा एक तरफ नहीं चलता चारों तरफ चलता है चीख पुखार मच रही है देश में ये देखिए ईडी टीम वेंट टूक एंड रेडेड सेवरल परमिशेस इन मनी लॉन्ड्रिंग केसेस अरेस्टिंग मैन हु नेम अहमद हुसैन आजाद देन ईडी फाउंड दैट अहमद हुसैन इज़ एन इललीगल बांग्लादेशी हु वाज़ बीन लिविंग इन वेस्ट बंगाल फॉर इयर्स एंड इज़ इनवॉल्वड इन बिजनेस ऑफ मेकिंग फर्ज आइडेंटी डॉक्यूमेंट एज सच आधार कार्ड वोटर कार्ड क्या-क्या छुपाओगे क्या क्या-क्या छुपा पाओगे तुम मैंने बोला ना फॉरेनर और इमीग्रेशन बिल तुम लोग वक्त के ऊपर सोच रहे हो इतना बड़ा मास्टर स्ट्रोक है ना मैंने कल भी एक एपिसोड में दिखाया था कि आठ लोग पकड़े गए और यहां तो भाई मनी लॉन्ड्रिंग केस में ही पकड़ा गया यानी सोचिए भारत में अंदर आकर के भारत की एकता अखंडता के लिए यह लोग इतना बड़ा खतरा बन चुके हैं और बड़ी बेशर्मी के साथ यह विपक्ष के नेता इन बांग्लादेशियों के साथ खड़े हैं और मैं सीधे कहता हूं क्योंकि अगर आप खड़े नहीं होते तो इन बांग्लादेशी मुसलमानों के विरुद्ध आप भी उस ड्राइव में शामिल होते

जहां पर राष्ट्रवादी समाज आज खड़ा होकर ताल ठोक रहा है तो जज साहब सीजीआई जज संजीव खन्ना साहब किसको किसको बचाएंगे एक को बचा पाते तो ठीक था अब जस्टिस वर्मा से सवाल पूछा जा रहा है इस देश का मीडिया उछाल रहा है पूछ रहा है कि भाई कब कार्यवाही करोगे अच्छा भाई सब तो ठीक है दिल्ली आवास क्यों नहीं खाली कर रहे हो कैसे खाली कर दे हुजूर दिल्ली पुलिस की नजर है इधर आवास खाली हुआ उधर तो भाईंगारंग कार्यक्रम शुरू हो जाएगा पता नहीं घर से क्या-क्या और निकल जाए क्योंकि अब तो मैटर बहुत अलग हो गया है ना अब तो चीजें हाथ से बाहर जा चुकी है कैसे ब्लैकमेल करोगे मोदी सरकार को कैसे कर पाओगे ये सारी चीजें यह परेशानी का कारण है

परेशानी का कारण है हेमंता विश्व शर्मा ने जो ट्वीट किया है वह परेशानी का कारण है और वक्त के ऊपर जो सारी बातें हो रही है मैं आपको बताता हूं एक आंकड़ा जो मैंने अभी निकाला है आप लोग जानते हैं कि 40 लाख एकड़ व बोर्ड जमीन का मतलब क्या होता है 40 लाख एकड़ मतलब 16,200 स्क्वायर किलोमीटर फिट फीट नहीं बोल रहा हूं गजवज नहीं बोल रहा हूं किलोमीटर मुंबई में 650 वर्ग किलोमीटर चंडीगढ़ दिल्ली में 1605 वर्ग कि.मी चंडीगढ़ में 114 वर्ग कि.मी लखनऊ में 631 वर्ग कि.मी अर्थात 25 लखनऊ के बराबर छोटे-छोटे कस्बे खड़े हो जाए और इन सब की कुल इनकम कितनी है सवा करोड़ यानी जो बाकी ब्लैक का पैसा जनरेट हो रहा है इस वक्त बोर्ड के थ्रू वो कहां जा रहा है किसको बचाने में जा रहा है आतंकवादियों को या कहीं वो नागपुर का वो दंगाई तो नहीं जो कमलेश तिवारी हत्याकांड में अरेस्ट हुआ था उसको न्यायपालिका ने बेल दिया और वो आदमी नागपुर से फिर पकड़ा गया है फिर दंगा करते हो गुनाहगार कौन है न्यायपालिका जिसने बेल दिया कन्हैया कुमार के हत्याकांड में या वो दंगाई जिसने नागपुर में दंगा किया

ना तुम लोगों ने संविधान का तुम्हारे हिसाब से डेमोक्रेसी चलेगी तुम्हारे हिसाब से कानून चलेगा यह जो लेटर भेजा गया है ना निशिकांत दुबे जी को यह सुप्रीम कोर्ट के इस देश की न्यायपालिका का इस देश की न्यायपालिका का सबसे बड़ा अगर ब्लंडर साबित नहीं होगा तो मेरा नाम बदल दीजिएगा और आने वाले एक महीने यानी आज है 21 तारीख 16 मई से लेकर 20 मई इस इस दौरान इसलिए मैंने एक ओवरऑल एक महीना कहा एक महीने के अंदर आप वो वो चीजें इस देश में होते हुए देखेंगे जो आपने कभी नहीं देखी पूछिए क्यों और ये इतने कॉन्फिडेंस से मैं इसे मैं कैसे कह रहा हूं कल मोदी जी एक सभा में थे और उन्होंने कहा व बोर्ड तो पहला स्टेप है व बोर्ड तो पहला स्टेप है और जब भी नरेंद्र मोदी जी ने इस प्रकार के खुलेआम हिंट दिए हैं

नरेंद्र मोदी कह रहे हैं कि व बोर्ड पहला स्टेप है तो आप समझिए कि आने वाले समय में भाई साहब आपको बहुत सारी चीजों पर प्रोटेस्ट करना होगा और राष्ट्रवादी समाज जिस प्रकार से एकजुट हुआ है उसे वापस उतनी ही मजबूती के साथ अपने प्रधानमंत्री से लेकर के अपने लोगों के लिए अपने हिंदू भाइयों के लिए खड़ा होना होगा भाई साहब बंगला दे बंगाली फाइनली बंगाली हिंदू भी खड़े हो गए आपने कल मैंने कल रात के शो में देखा ना कितना बड़ा मैंने प्रोटेस्ट दिखाया था बंगाल में भी क्योंकि शुभेंदु अधिकारी ने बोला राजनीति को 15 दिन के लिए साइड करता हूं मैं अपने समर्थकों के बीच जा रहा हूं और समर्थकों के साथ खड़ा हो के सीधे मैदान पे उतरूंगा ये सब भाजपा के ही नेता हैं यह नहीं भूलना चाहिए हम लोग बहुत जल्दबाजी में बहुत सारी चीजें कर क्राइम कर बैठते हैं तो अभी तो बहुत कुछ होगा


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April 21, 2025 at 05:22PM

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