आखिरकार 6 जनवरी 2026 के दिन लखनऊ की एमपी एमएलए कोर्ट में राहुल गांधी की नागरिकता से जुड़े मामले में उन तमाम सबूतों को अदालत में पेश कर जज साहब के सामने बकायदा बताया गया जो सबूत यह बात साबित कर रहे हैं कि राहुल गांधी ना सिर्फ ब्रिटिश नागरिक हैं बल्कि पिछले 20 सालों से भारत की संसद के एक सदस्य के तौर पर किस किस तरह राहुल गांधी भारत सरकार को धोखा दे रहे हैं और भारत में भारत के कानूनों का, पासपोर्ट कानून का, भारत की संसद के कानून का हर तरीके से उल्लंघन कर रहे हैं। और खास बात यह रही कि बीते दिन यानी कि 6 जनवरी के दिन इस मामले में बहस खुद अधिवक्ता और इस मामले के याचिकाकर्ता भारतीय जनता पार्टी के नेता एस विग्नेश शिसे ने की।
2 घंटे तक उन्होंने जज साहब के सामने जबरदस्त तरीके से बहस की और उस पूरी बहस में उन्होंने एक-एक कर उन तमाम सबूतों को दिखाया जिन सबूतों को देख जाने के बाद राहुल गांधी की तरफ से खड़े हुए अधिवक्ता भी कांप गए। पूरी कहानी समझाऊंगा और बताऊंगा कि इसके बाद अब अदालत कौन सा बड़ा फैसला सुनाने वाली है। राहुल गांधी की नागरिकता के मामले में जो सुनवाई होनी थी वो सुनवाई पहले तो रायबरेली के एमपी एमएलए कोर्ट में होनी थी। लेकिन रायबरेली एमपी एमएलए कोर्ट में लगातार भाजपा के जो कार्यकर्ता हैं, नेता हैं और इस पूरे मामले में याचिका करते हैं अग्नेश एस वेग्नेश से उन्हें धमकाया जा रहा था। बार-बार डराया जा रहा था। यहां तक कि जो पिछले महीने हुआ था वहां पर पूरा सुनवाई का कार्यक्रम वहां तो कम से कम 100 से 200 कांग्रेसी वकीलों ने उनके ऊपर हमले तक की कोशिश की थी। लेकिन इंटेलिजेंस की मदद से उन्हें यह बात पता चल गई और उन्होंने रायबरेली से अपना केस ट्रांसफर करवाकर लखनऊ की एमपी एमएलए कोर्ट में लगाया था। अब एमपी एमएलए कोर्ट में लगातार बहस चल रही है। बीते दिनों जो बहस हुई उसमें एस विग्नेश शिर खुद बहस करने के लिए खड़े हुए। दो घंटे उन्होंने जज साहब के सामने वो तमाम सबूत दिखाए और सबूतों के साथ यह भी बताया कि किस तरह राहुल गांधी इस पूरे मामले में कानून का उल्लंघन कर रहे हैं। किस तरह वो भर्जी नागरिकता के मामले में आरोपी हैं। एस विग्नेश ने दो सबूत सबसे अहम पेश किए और सबसे चौंकाने वाला सबूत जो निकल कर आया उसने पूरी अदालत को हिला कर रख दिया। एस विग्नेश ने बताया कि राहुल गांधी और राहुल विंसी यह दो नाम नहीं है बल्कि यह दोनों एक ही शख्स हैं जो इस वक्त
रायबरेली से सांसद हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष हैं और लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं राहुल गांधी उनका ही नाम राहुल विंसी है। और इस पूरी बात को साबित करने के लिए एस विग्नेश ने जो सबूत पेश किए उसमें उन्होंने बार्कले बैंक अकाउंट्स की डिटेल पूरी दिखाई है अदालत को जिसमें बकायदा राहुल विंसी के नाम पर बैंक अकाउंट है। यूके कैंब्रिज यूनिवर्सिटी का उन्होंने पूरा रिकॉर्ड दिखाया। जिस रिकॉर्ड में बकायदा राहुल विंसी के नाम से राहुल गांधी दाखिला लेते हुए नजर आए। और इसके अलावा विग्नेश ने उन तमाम ईमेल्स को भी दिखाया जो ब्रिटेन की गवर्नमेंट से उन्हें मिले हैं। यूके गवर्नमेंट से उन्हें मिले हैं। इसके अलावा जो यूके की गवर्नमेंट से, वहां से पासपोर्ट डिपार्टमेंट से, इमीग्रेशन डिपार्टमेंट से, सिटीजनशिप डिपार्टमेंट से और भारत के गृह मंत्रालय से जो जो उन्होंने सबूत इकट्ठा किए थे। इन तमाम सबूतों को एस विग्नेश ने अदालत के सामने दिखाया और उन्होंने एक-एक कर राहुल के गुनाह गिनाए। एस विग्नेश ने अदालत में यह भी कहा कि राहुल के पास दो नागरिकता हैं।
उनके पास भारत की भी नागरिकता है और उनके पास ब्रिटेन की भी नागरिकता है और भारत का कानून दोहरी नागरिकता की इजाजत नहीं देता है। इसका मतलब है कि राहुल गांधी की जो भारतीय नागरिकता है वो तत्काल प्रभाव से रद्द नहीं की जानी चाहिए बल्कि इस रद्द करने के साथ-साथ राहुल गांधी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर भी दर्ज की जानी चाहिए। क्योंकि यह जो पूरी बहस चल रही है, यह सिर्फ राहुल गांधी की नागरिकता साबित करने के लिए बहस नहीं चल रही है। यह जो अदालत में मामला एस विग्नेश ने लगाया है, यह सिर्फ राहुल की नागरिकता साबित करने का मामला नहीं है। बल्कि यह पूरा मामला राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने के लिए लगाया गया है।
यह जो पूरी सुनवाई चल रही है अदालत में इस सुनवाई के अंत में अदालत से यह मांग की जा रही है कि आप राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दीजिए और एफआईआर ऐसी छोटी-मोटी धाराओं में नहीं एफआईआर उन धाराओं में दर्ज होगी जिसमें एस विग्नेश ने जिक्र किया है कि राहुल गांधी ने जो ऑफिस के सीक्रेट्स होते हैं उन्हें भी दुश्मन देशों को दिया है। उन्होंने भारत में एक फर्जी नागरिक के तौर पर संसद तक का सफर तय किया है। और यह वो किस एवज पर कह रहे हैं? विग्नेश शिसिर का कहना है कि जब राहुल गांधी ब्रिटेन की नागरिकता ले चुके थे और उसके बाद जो उन्होंने भारत में सांसद पद का चुनाव लड़ते हुए शपथ पत्र दिया था। उसमें उन्होंने अपने आप को भारतीय नागरिक दिखाया है। इसका मतलब राहुल ने सीधे तौर पर फ्रॉड किया। और अगर यहां पर फ्रॉड हुआ है तो इसके खिलाफ आपराधिक मामला भी दर्ज होना चाहिए। इसके अलावा 2003 में जिस कंपनी में राहुल गांधी डायरेक्टर थे ब्रिटेन में बेकप्स बकायदा उसके भी सबूत यहां पर पेश किए गए और जबरदस्त तरीके से बहस हुई और यह पहली बार नहीं है जब अदालत में राहुल के मामले में बहस हो रही है। लेकिन इस बार मामला बेहद रोचक हो चुका है। मामला बेहद महत्वपूर्ण स्थिति पर पहुंच गया है। क्योंकि अब से पहले सबूत पेश नहीं किए गए और एक बात और जब रायबरेली में एस विग्नेश से पहुंचे हुए थे सुनवाई के लिए तब वहां पर उन्होंने एक बात का खुलासा किया था और उन्होंने कहा था कि क्या राहुल का विदेश में कोई परिवार भी है क्योंकि इस बात की भी उन्होंने आशंका जाहिर की है कि राहुल भारत में तो अपने आप को अविवाहित दिखाते हैं जो वह शपथ पत्र देते हैं चुनाव के दौरान उसमें राहुल का कोई भी बच्चा या कोई भी पतिपत्नी पत्नी ऐसा कोई संबंध नहीं आता लेकिन विग्नेश शिसिर का कहीं ना कहीं यह दावा है कि राहुल इस मामले में भी झूठ बोल रहे हैं। राहुल भारत को गुमराह कर रहे हैं और फर्जी शपथ कहीं ना कहीं लिखकर वह चुनाव लड़ते हैं। उन्होंने पिछली बार भी यह कहा था कि विदेश में राहुल का कोई परिवार है। मैं यह सवाल भी राहुल से पूछना चाहता हूं। यानी अब स्पष्ट हो गया है। हालांकि बीते दिन की जो सुनवाई थी, सुनवाई अभी जारी है। सुनवाई लगातार चल रही है और इस सुनवाई के अंत में अदालत राहुल को पेश होने का वारंट जारी कर सकती है।
राहुल से सीधे इन सबूतों के बचाव में कोई पक्ष रखना है तो उसके लिए राहुल को बुलाया जा सकता है और सीधे सवाल किया जा सकता है कि आप किस तरह से यह साबित करेंगे कि आपके खिलाफ जो आरोप लगाए गए हैं वो झूठे हैं। अगर राहुल यह साबित नहीं कर पाते हैं और जो राहुल के मामले में दिखाए जा रहे सबूत पेश किए गए अदालत में वह तमाम सबूत सच्चे पाए जाते हैं तो अदालत राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश बहुत जल्दी सुना सकती है क्योंकि अब मामले की सुनवाई शुरू हो चुकी है। सारे सबूत पेश किए जा चुके हैं। खुद गवाह विग्नेश शिसिर हैं। अदालत इसके बाद राहुल का पक्ष सुनेगी और पक्ष सुनने पर
अगर राहुल साबित नहीं कर पाते हैं। राहुल अपने आप को बेकसूर साबित नहीं कर पाते हैं। अपने आप को भारतीय नागरिक बस साबित नहीं कर पाते हैं। तो एक बात तय है कि ना सिर्फ अब राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी बल्कि राहुल की सांसदी भी जाएगी और राहुल गांधी के खिलाफ भारत में अब तक का सबसे बड़ा मुकदमा भी दर्ज होगा और यह मुकदमा भारत के इतिहास में पहले कभी दर्ज नहीं हुआ होगा क्योंकि राहुल 20 सालों से भारत के सांसद हैं। और अगर गाज गिरेगी तो अब संसद से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक और हर अदालत में राहुल का बच पाना बहुत मुश्किल हो जाएगा।