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Sunday, April 26, 2026

भारत के 240 इंडियंस खुशी-खुशी हाईजैक हुए 'Operation Wings of Dawn'.

भारत के 240 इंडियंस खुशी-खुशी हाईजैक हुए 'Operation Wings of Dawn'.

 भारत के 240 इंडियंस हाईजैक हो गए। जिनको हाईजैक किया गया वो खुशी-खुशी हाईजैक हुए हैं। यह मैसिव टॉप सीक्रेट जियोपॉलिटिकल शिफ्ट है जो हमारी आंखों के सामने हुआ। आप सोच के देखिए कि 240 इंडियंस हाईजैक हो गए। वो एक प्लेन को बोर्ड करते हैं न्यू दिल्ली के अंदर। हाईजैक होकर जाते कहां है? वो जाते हैं इजराइल में टेलवीव के अंदर लैंड करते हैं। और जब वो प्लेन के बाहर निकलते हैं उन्हें हीरोज़ का वेलकम है। जैसे कि वो हीरो आया हो। ऑफिशियल्स जो है इजराइल के वो वहां पर खड़े होकर गाने गा रहे थे। दे वर क्राउड्स वर जो वे होता है फ्लैग होता है इजराइल का उसको वेव कर रहे थे। दोस्तों गवर्नमेंट जो है इजराइल की वो उनको वहां पर रिसीव करने आई थी। यह जो लोग हैं यह कोई डिप्लोमेट्स नहीं थे। यह कोई बिलनेयर्स भी नहीं है। यह ऑर्डिनरी भारतीय हैं जो आए हैं स्टेट ऑफ मणिपुर से। अब यार इसको मैं जियोपॉलिटिकल अर्थक्वेक क्यों बोल रहा हूं? ये लोग खुशी-खुशी वहां क्यों गए हैं? जबकि इनको हाईजैक करके लेके जाया जा रहा है। और कहां भेजा जा रहा है? जो उनके फ्रंट लाइंस हैं जहां पर उनका युद्ध चल रहा है हिजबुल्लाह के साथ वहां पर इनको भेजा जा रहा है। क्या ये वहां पे लड़ने गए हैं इजराइल की तरफ से? नॉट एट ऑल। यही सारी चीजें हैं जिसको मैं आपके सामने रखने वाला हूं क्योंकि इजराइल की गवर्नमेंट ने उसने देख लिया कि अब उनका सर्वाइवल का मैटर आ गया है। हिजबुल्ला है, हमास है, ईरान है। ये सब लगे हैं इजराइल को खत्म करने के लिए। अब जो ये लोगों को हाईजैक किया। ये कोई रिलीजियस हाईजैक नहीं है। ना ही कोई रेस्क्यू मिशन के लिए इनको वहां पे बुलाया जा रहा है। ये ब्रिलियंट अग्रेसिव  डेमोग्राफिक मास्टर स्ट्रोक है इजराइल का। और ये एक्सपेरिमेंट है। शायद इसी को मोदी जी भी इंप्लीमेंट करने वाले हैं आगे जाकर। क्यों बोल रहा हूं? आगे पहले देखते हैं कि हो क्या रहा है। इंडियन मीडिया ने इसको कवर नहीं किया। पूरे दुनिया की जो नजरें हैं वो ईरान के ऊपर हैं। मीडिया फोकस्ड है कि कहां पे किसने बॉम्ब फेंके। लेकिन जो आज मैं आपको रियल रीज़ इजराइल ने एयरलिफ्ट किया है थाउजेंड्स ऑफ इंडियंस को। वो भी कहां पर लेके जा रहे हैं मोस्ट डेंजरस बॉर्डर ऑफ इजराइल का। इसका मैं ट्रुथ बताऊंगा आपको। यह आपको समझना पड़ेगा कि  इजराइल ने मास्टर श्रोक किया कैसे है। अब देखिए अप्रैल 23 बन गोरियो एयरपोर्ट है इजराइल का। वहां पर कुछ एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी हुआ। एक ऑपरेशन शुरू किया गया जिसका नाम है ऑपरेशन विंग्स ऑफ डॉन। ये हाईली कोऑर्डिनेटेड 90 मिलियन लगा रहे हैं इजराइल की गवर्नमेंट। ऑब्जेक्टिव बड़ा क्लियर है कि 6000 मेंबर्स हैं एक बनई मीनाशे कोई कम्युनिटी है भारत की। उनको भारत से इजराइल ले जाना है। 6000 लोगों को 1200 को इस साल ले जाया जाएगा और इजराइल जो है वह पे कर रहा है उनकी फ्लाइट के टिकट्स वीजा एवरीथिंग। यहां तक कि उनको घर भी इजराइल देने वाला है। फुल सिटीजनशिप ऑफ


इजराइल उन सब लोगों को मिलने वाली है। लेकिन जिओपॉलिटिक्स में मैं हमेशा बोलता हूं एक चीज बड़ा इंपॉर्टेंट क्वेश्चन है। क्वेश्चन ये है व्हाई नाउ एंड व्हाई दिस कम्युनिटी फ्रॉम मणिपुर? यह जो स्पेसिफिक ग्रुप है यह इतना इनक्रेडिबल कैसे हो गया कि इजराइल तो किसी को भी सिटीजनशिप देता नहीं है। इनको एक मिडिल ऑफ मैसिव कॉन्फ्लिक्ट चल रहा है ईरान के साथ। वहां से आप मणिपुर की कम्युनिटी को पूरी की पूरी कम्युनिटी को इजराइल लेके जा रहे हैं। कुछ तो गड़बड़ है। अब देखते हैं गड़बड़ क्या है। इसको अंडरस्टैंड करने के लिए जो ये मास्टर प्लान है आपको थोड़ा सा


रिवाइंड करना पड़ेगा कि ये जो कम्युनिटी है विनय मीनाक्षे ये है कौन? आपको हिस्ट्री देखनी पड़ेगी और यह एक्शन मूवी लगेगा आपको कि एक्शन मूवी की स्टोरी चल रही है। मिनाशे जो ये बिने मिनाशे जो कम्युनिटी है वो अपने आप को एक एंशिएंट और मिस्टीरियस लाइनिश यानी कि डिसेंडेंट्स मानते हैं इजराइलीस का। वो अपने आप को जूस बोलते हैं। उनका मानना है एक कि जो इनका जो इजराइल के 10 लॉस्ट कम्युनिटीज थी या ट्राइब्स थे उनमें से ये एक आते हैं। इनके जो असेस्टर्स है दोस्तों वो 720 बीसी में ऑलमोस्ट 200 साल पहले उनको रूथलेसली वहां


पे धक्के मार के वहां से निकाल दिया गया था। और इनकी जो हिस्ट्री है वो बताती है कि ये हजार दो साल साल पहले ये वहां से निकले पर्शिया आए यानी कि ईरान में ईरान को क्रॉस करके ये अफगानिस्तान आए। अफगानिस्तान से ये तिब्बत चले गए, चाइना चले गए और फाइनली ये सेटल किए नॉर्थ ईस्ट जो हमारा मणिपुर है उसके रिमोट जो विलेजेस हिल्स हैं वहां पे जाकर बिल्कुल शांति से इन्होंने रहना शुरू कर दिया। लेकिन ये अपने जो जश रूट्स हैं उसको इन्होंने नहीं छोड़ा। जो ट्रेडिशंस है वो आज भी वो फॉलो कर रहे हैं। इसलिए 2005 में जो इजराइल की


जो टॉप रिलीजियस अथॉरिटीज है उन्होंने ऑफिशियली इनको जूस कंसीडर किया रेग्नाइज किया। और इसलिए एक और बोल दिया कि यही जो है वो जो लॉस्ट कम्युनिटी थी उसी के मेंबर्स हैं। यह जुइश लोग ही हैं। इसलिए इजराइल ने पॉलिसी बनाया जिसका नाम था एक इजराइल के अंदर पॉलिसी भी है द लॉ ऑफ रिटर्न। यानी कि इजराइली कहीं भी दुनिया में तंग हो फंसा हो। उसको वो इजराइल में वापस ले जाते हैं। उसको घर देते हैं और उसको बसाते हैं। भारत की तरह नहीं है। कि हिंदुओं को आप कहीं दुनिया से दुखी हो उसको कहीं लेके जाते नहीं। आप वापस बुलाते नहीं है। ऐसा काम नहीं है। इसलिए इजराइल लॉ ऑफ रिटर्न है उसके अंदर इन सारे 6000 के 6000 जो ये लोग हैं यहां पे कम्युनिटी के उनको लेके जाया जा रहा है। दरवाजे खोल दिए। इसलिए मैसिव एयर शिफ्ट किया है हाईजैक करके लेके गए उनको पूरे के पूरे प्लेन को और लेके चले गए इजराइल में। एंड नाउ जो एक प्रोफसी है कि इजराइली कहीं भी जोइश कहीं भी दुनिया में फंसा हो उसको इजराइल बचा के लेके आएगा। वो उन्होंने करना शुरू कर दिया। अब आते हैं ट्रुथ के ऊपर जो एक्सप्लोसिव है। इजराइल अपनी एकिस्टेंस के लिए लड़ाई कर रहा है। उसे मालूम है कि यह मुसलमान उसे जीने नहीं 

देंगे। उसको खत्म करके ही छोड़ेंगे। इसलिए वो डेस्परेटली उनको मैन पावर चाहिए। प्रॉब्लम क्या है? इजराइल की इकॉनमी डिपेंडेंट थी पैलेस्तीन के वर्कर्स के ऊपर। ये लोग आके इनके इजराइलियों के घर के टॉयलेट साफ करते थे। वही मुसलमान का तो यही काम होता है कि टॉयलेट साफ कर लिया, टैक्सी चला ली, यू नो बच्चों को पाल लिया। ये काम वो करते रहे। लेकिन जो एरा था वो वाला पेलेस्टीनियन वर्कर्स को बुलाने का इजराइल के अंदर वो खत्म हो गया क्योंकि ट्रस्ट खत्म हो चुका है। परमानेंटली ब्रोकन है। अब इजराइल को अग्रेसिवली उसको रिप्लेसमेंट चाहिए। जो बिन मिनाशे की जो लोग हैं एक तो हार्ड वर्किंग है। ऊपर से भारत में रहे हैं तो इनके अंदर वो इस्लामिक पागलपन नहीं है।इजराइल ने इसलिए इन सबको बुलाया वहां पर एक मैसिव जो वैक्यूम है उनके कंट्री के अंदर पैलेस्तीन वालों को रोकने के बाद उसको फिल करने के लिए इनको बुलाया जा रहा है ताकि ये जाकर इजराइल की इकॉनमी को बिल्ड अप करेंगे उनके जो जॉब्स है जो पहले पैलेस्तीनियंस लेते थे अब इन लोगों को वहां पर काम पे लगाया जाएगा कंस्ट्रक्शन है एग्रीकल्चर है ये


सारा काम इनसे करवाया जाएगा ताकि इजराइल की इकॉनमी को बचाया जाए बट उससे ज्यादा इंपॉर्टेंट है आप मैप देखिए इजराइल का प्लीज क्लोजली लुक एट द नॉर्थ जो रेड मार्क है ये है अपर गैलील गैलील रीजन। यह रीजन वो है जो बॉर्डर करता है लेबनान के साथ। यह वो एरिया है जहां पर अबब्सोलुटली हिजबुल्ला ने कंट्रोल किया हुआ था। अभी उस एरिया को खाली कर लिया गया है। वहां पर लेबनान का एरिया अब इजराइल के कब्जे में आ गया। दोस्तों यह रीजन वो है जो मैसिव टेरिफाइंगली डेमोग्राफी की प्रॉब्लम से जूझ रहा है। इजराइयली गवर्नमेंट को मालूम


है कि वहां पर जो 53% अब लोग हैं वो आ गए हैं पेलेस्तीन वाले या लेबरन वाले। जइश पापुलेशन वहां पे कम होती जा रही है। और जहां पर इनकी जुइश की या हिंदुओं की पापुलेशन कम होती है वहां पर दरिंदगी शुरू हो जाती है मुसलमानों की तरफ से। हिजबुल्ला ने वहां पर टेरर किया हुआ है। ताकि जो इजराइल के लोग हैं वो डर के मारे वहां से भाग जाए। टिपिकल मुसलमान स्टाइल इनकी पापुलेशन जैसे ही कॉकरोचों की तरह इनक्रीस होनी शुरू होती है, यह वहां पर गंध डालना शुरू कर देते हैं। अब इजराइली जो है वहां पे जो घर है वो खाली पड़े हैं। स्कूल्स हैं खाली है। शॉप्स हैं लेकिन शॉप के अंदर शॉपिंग करने वाला कोई आदमी नहीं है। उनके शटर डाउन है। इजराइल पता लग रहा है उनको कि अगर मुझे अपने नॉर्दन एरिया को बचाना है क्योंकि अपना वो जो कंट्रोल है वो लूज करते जा रहे हैं क्योंकि जश पापुलेशन ही नहीं है। अब उस सारे नेटवर्क को अगर खत्म करना है तो आपको वहां पर लोकल्स इनफिल्ट्रेट करने पड़ेंगे। इसलिए इजराइल ने क्या किया? इससे पहले कि पैलेस्तीन वाले अपने जानवरों को वहां भेजें कॉकरोचों की तरह मल्टीप्लाई करने के लिए। क्यों ना वहां पर इंसान भेज दिए जाए। अब इसलिए अल्टीमेट सशन क्या था कि आप अपने  कंट्री के जो लॉयल सिटीजंस हैं उनको डायरेक्टली उस एरिया में बसाएं। अब आप बोलेंगे यार डेमोग्राफी चेंज करने का ओवरनाइट ये बड़ा अच्छा तरीका है कि आप नए इमीग्रेंट्स को बुलाते हैं इंडिया से उनको सेटल करवाते हैं एक सेफ वेल्थदी एरिया में जो नॉर्थ का है सेफ इसलिए बोल रहा हूं क्योंकि वो जो घर है वो आपको दिए जाएंगे लेकिन साथ में सिक्योरिटी इजराइल की गवर्नमेंट देने वाली है एंड दे आर बीइंग मूव्ड देयर जहां पर वो वहां की इकॉनमी को बचाएंगे डेमोग्राफी को इंक्रीस करेंगे इजराइल की फेवर में और उसके बाद एक ह्यूमन फायर वाल है जो खड़ा किया जाएगा इनको वहांमरने करने के लिए नहीं भेजा जा रहा है। दोस्तों यह डेमोग्राफी दोबारा से चेंज करने के लिए वहां भेजा जा रहा है। ऐसा नहीं है कि कश्मीर में से हिंदुओं को निकाला। आज भी 30 40 साल के बाद वो पूरे भारत में धक्के खा रहे हैं और हम उनको वापस भेज नहीं पा रहे। भेज नहीं पा रहे या भेजना चाहते नहीं है। ये मैं आपके ऊपर छोड़ता हूं। अब आप सोच के देखिए ब्रिलियंस ऑफ दिस प्रोग्राम और स्ट्रेटजी एक सिमिलर सिनेरियो भारत के अंदर भी है। आप सोच के देखिए कि भारत का जो बॉर्डर है पाकिस्तान के साथ कश्मीर के अंदर, बांग्लादेश के अंदर, अफगानिस्तान के अंदर वो सारी जगह वो है जहां पर हिंदू को निकाला गया। वहां पे एरियाज को खाली कराया गया और मुसलमानों को सेटल करवाया गया इन सारे कंट्रीज की तरफ से। पाकिस्तान हो, बांग्लादेश हो, हमारे सारे बॉर्डर्स के जो बॉर्डर्स हैं वहां पे सिर्फ आपको कॉकरोच दिखते हैं। अब अगर यही पॉलिसी जो आज इजराइल ने करी है भारत भी बांग्लादेश और पाकिस्तान, अफगानिस्तान से अपने हिंदुओं को वापस लेकर इन जो बॉर्डर एरियाज है वहां पर इनको परमानेंटली सेटल करवा दे। तो होगा क्या? जो मिलिटेंट सपोर्ट नेटवर्क है इंस्टेंटली टूट जाएगा। डेमोग्राफी का जो बैलेंस है वो दोबारा से  हमारी फेवर में आ जाएगा और जो बॉर्डर स्टेट्स हैं वो सिक्योर होने शुरू हो जाएंगे अंदर से जो आज अंदर से टूट चुके हैं। यही पॉलिसी अब इजराइल वहां पर कर रहा है अपर गैलील एरिया में। वो कर क्या रहे हैं? पूरी की पूरी नई पपुलेशन को वहां पर भेजा जा रहा है ताकि जो लोकल लोग हैं उनके साथ कोई भी टाई नहीं होंगे। और आपको मालूम है जो लोकल लोग होते हैं कई बार उनके नू रिलेशन बनने शुरू हो जाते हैं लोकल पॉपुलेशन के साथ। जैसे भारत में जो बांग्लादेश है उसके पास है वेस्ट बंगाल। वेस्ट बंगाल में जो हिंदू हैं उनके घरों में मुसलमान काम कर रहे हैं। उनको फर्क


नहीं पड़ता। क्यों? उनको लगता है यार हमारे साथ ही थे। लेकिन अगर कोई बाहर से आएगा वो मुसलमानों के साथ कभी भी रिलेशन नहीं रखेगा। यही स्ट्रेटजी इजराइल ने करी है आज अपने एरिया में। अब इजराइल की जो कैबिनेट थी उन्होंने पास कर दिया एक मास्टर प्लान नवंबर में। जो प्रधानमंत्री बेंजामिन नितिन याहू है उन्होंने इस पॉलिसी को इंप्लीमेंट करवाया। इसलिए फ्लाइटों को बुक किया गया है। पूरा पेमेंट इजराइल की गवर्नमेंट कर रही है और 100्स ऑफ लोग इस हफ्ते वहां पहुंच गए इजराइल के अंदर। पूरी दुनिया डिस्ट्रक्टेड थी युद्ध के अंदर और इजराइल ने लंबी गेम खेलनी शुरू


कर दी। दोस्तों जो वॉर है वो सिर्फ एयर स्ट्राइक से या टैंक से लड़ा नहीं जाता या जीता नहीं जाता। डेमोग्राफी चेंज जो है वो भी एक युद्ध है। मुसलमान हमेशा किसी भी कंट्री में जाएंगे वो एरिया में छोटे-छोटे एरिया में वो डेमोग्राफी चेंज करते रहते हैं। उसके बाद वो बड़े एरिया को वो इंक्रीस करके वो पूरा का पूरा एरिया वो खा जाते हैं। पूरी कंट्रीज ये खा जाते हैं। इसलिए अगर आपको डेमोग्राफी अगर आपको समझ नहीं आती इजराइल को समझ आ गई उन्होंने इसलिए लॉयल लोगों को उन्होंने बॉर्डर पे भेज दिया। पूरी डेमोग्राफी को दोबारा से


अपने कंट्रोल में लेके आने के लिए। दूसरी चीज जो विनय मीनाक्षे जो ग्रुप है जो भारत से मणिपुर से गया है वो अपने लश ग्रीन जो हिल्स है मणिपुर की उसको छोड़कर वो जा रहे हैं रेगिस्तान एरिया में वो भी कहां पर जहां पर युद्ध चल रहा है ताकि सिर्फ एक ही बात इनके लोगों के अंदर भी एक जज्बा है कि हम जस हैं। हमें इजराइल को बचाना है। वो वहां पर इजराइल को बचाने गए हैं ना कि अपने आप को। इसका रीजन एक और भी है कि इनके जितने भी टेंपल्स थे यहां पर मणिपुर में इसी कम्युनिटी के उनको मुसलमानों ने तोड़ दिया। उनके जो घर है उनको तोड़ दिया था। टेक ओवर कर लिया था। लड़कियों को उठा के ले जाते थे। नाउ दे आर गोइंग टू गो बैक इनू इजराइल। और अपना जो लॉस्ट इनका जो एक सम्मान है जो भारत में इनको नहीं मिला उसको लेने गए हैं वहां पर। प्लस अपनी कंट्री या जिसको बोलते हैं कि जिससे प्यार है इनको इजराइल से उसको डिफेंड करने के लिए यह वहां पर गए हैं। दोस्तों एक तो हो गया एक कॉन्फ्लिक्ट जोन था मणिपुर उसको छोड़कर वो उससे बड़े कॉन्फ्लिक्ट जोोन इजराइल में वापस जा रहे हैं। बट नाउ दे आर नॉट गोइंग टू टेक आर्म्स। वहां पे हथियार उठाने नहीं गए। वो वहां पे गए हैं एक बहुत ही प्रोफाउंड पर्पस के लिए। पर्पस है इजराइल की जो डेमोग्राफिक चेंज है उसको बचाना है। पहली बात ये और इजराइल का जो नॉर्थ का एरिया है उसे सेफ करना है एज अ शील्ड। अब ये अल्टीमेट जियोपॉलिटिकल मूव कैसे है? एक लॉस्ट ट्राइब उसको 3000 या 2000 साल के बाद उसे ढूंढा गया और उसे वापस लेके जाया गया उसी कंट्री में जहां पे उनको प्यार है। एक वनरेबल बॉर्डर है। वहां पर लॉयल सिटीजंस को बैठाया जा रहा है इजराइल की तरफ से। इजराइल इनको यूज कर रहा है नॉट एज अ ह्यूमन शील्ड। वो कर रहा है अपने मैप को एक्सपेंड करने के लिए। वो

रिड्रॉ कर रहा है पूरे एरिया को कि भाड़ में गया लेबनान और ये सारे मुसलमान ये इजराइल बोल रहा है। अब वो अपने एरिया को एक्सपेंड करेगा। मुसलमान हमेशा दूसरे को बोलेंगे हमें आपका ये वाला एरिया चाहिए। ये दे दीजिए। हम उसके बाद शांति से बैठ जाएंगे। उसके बाद वो ले लिया। उसके बाद एक और एरिया चाहिए। ये करते-करते पूरे कंट्री को ले जाते हैं। इजराइल ने बोला अब इसको रिवर्स करते हैं। अब वो लेबनन का एरिया अपने कब्जे में कर रहा है। वो जो बाकी के कंट्रीज है आसपास वहां के एरियाज को आहिस्ता-आहिस्ता उसने कब्जे में करना शुरू कर दिया। गाजा दिया था आधा से ज्यादा 65% गाजा वो अपने कब्जे में कर लिया। उसने मैप चेंज कर दिया। जो काम मुसलमान करते थे। अब इजराइल ने मुसलमानों के साथ करना शुरू कर दिया। इन्हीं की कंट्री के एरियाज को जब्त करना शुरू कर दिया है। एक्सपेंड करना शुरू कर दिया इजराइल को। और वहां पर सेटल करवाने के लिए अब अपनी जो कम्युनिटीज है जो लॉस्ट थी उन्हें ढूंढा जा रहा है पूरी दुनिया में और ढूंढ-ढूंढ कर उनको वापस बुलाया जा रहा है अपने कंट्री के अंदर। एंड द लॉस्ट ट्राइब्स इन मणिपुर जिसके बारे में भारत की गवर्नमेंट ने कभी सोचा नहीं। उनको इजराइल ने ढूंढा और उसे अपने घर में ले जा रहे हैं। दोस्तों यह है हार्डेस्ट बैटल जो इजराइल जीत रहा है क्योंकि वो अपने लोगों को पूरे दुनिया में कहीं भी हो वो छोड़ता नहीं है। हमारी तरह नहीं है कि हमारे एक इस के जो दास थे वो हेड थे जो बांग्लादेश में वो जेल में आज भी सड़ रहे हैं। अब भारत की गवर्नमेंट ने एक बार भी उनको बोला नहीं है बांग्लादेश की नई गवर्नमेंट को कि भैया कांग्रेचुलेशंस फॉर बिकमिंग द प्राइम मिनिस्टर हमारा एक आदमी आपने गलती से पकड़ा है उसको छोड़ दीजिए इतनी हिम्मत हमने बांग्लादेश को नहीं दिखाई और इजराइल अपने सारे लोगों को उठा के वो अपने कंट्री में लेके जा रहा है दोस्तों इसको बोलते हैं मोस्ट डेंजरस पार्ट के लिए आपको डेंजरस डिसीजंस लेने पड़ते हैं इजराइल इज रेडी फॉर इट क्या भारत की गवर्नमेंट कभी रेडी होगी कि पाकिस्तान बांग्लादेश के जितने हिंदू उनको पकड़ के भारत में लेकर आए और लेकर उनको पूरे बॉर्डर एरियाज पे उनको बिठा दे कि आपकी जो लॉयल्टी है वो भारत के साथ है तो अब और लॉयल्टी दिखाइए आप और वहां पे जितने कॉकरोच है जिनको प्यार है हरे रंग के झंडे से उनको बोलो वन वे टिकट देते हैं आपको चाहिए जैसे पैलेस्तीन वालों को धक्के मारकर इजराइल  में से बाहर निकाल दिया गया क्या हमारी गवर्नमेंट ऐसा काम करेगी और भाई आपसे ज्यादा हिम्मत तो पाकिस्तान ने दिखा दी जितने वहां पर अफगानी बैठे थे उनको सबको बोल दिया 30 दिन का टाइम है यहां से बाहर निकल जाओ उसके बाद अगर कोई नहीं निकला तो गोली मार के वापस भेजा है। इतनी हिम्मत तो पाकिस्तान ने दिखा दी। क्या पूरी दुनिया ने कोई उफ करी? लेकिन हमारी गवर्नमेंट बोलती है कि नहीं न्यूयॉर्क टाइम्स कहीं हमारे लिए कोई गलत बात ना बोल दे। इसलिए हम ये काम नहीं करेंगे। भाड़ में गया न्यूयॉर्क टाइम्स। अफगानिस्तान हो, पाकिस्तान हो, कोई भी हो या इजराइल हो वो अपने लोगों के लिए वो मरते हैं और हमारी गवर्नमेंट?

  जय हिंद।



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April 26, 2026 at 03:58PM

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भारत के 240 इंडियंस खुशी-खुशी हाईजैक हुए 'Operation Wings of Dawn'.

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