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Tuesday, June 23, 2026

Targeting Anti-India elements abroad- PRAHAAR Joint Strategy Indo-US

Summary


 **covert operations by Indian intelligence agencies** targeting anti-India elements abroad, highlighting a shift from a defensive to an offensive security doctrine under the present administration led by Amit Shah and the Indian government. It emphasizes two recent high-profile assassinations—a **highly funded anti-India propagandist in the US, Lauren Balik**, and a **Pakistani Lieutenant Colonel Imran Dayal**—both eliminated silently by unidentified operatives called "Anonymous Gunmen." These actions signify a strategic recalibration involving **cross-border intelligence and counter-terrorism cooperation between India and the USA.**

 Timeline of Key Events

Timeline (Approx.)       | Event Description                                                                                      |

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| Recent (US)              | Lauren Balik, an anti-Hindu propagandist based in New York, killed in a park with no evident traces. |

| Recent (Pakistan)        | Lt. Col. Imran Dayal, a Pakistan Army officer linked to terror logistics, eliminated inside a secure area in Ismail Khan. |

| Prior Years (Last 20-30) | India played a defensive role, repeatedly filing complaints internationally against Pakistan-sponsored terrorism. |

| Post-2014               | Shift to an offensive strategy; covert operations authorized by government leadership resulted in targeted killings and disruption of hostile networks. |

| Present                  | India-USA joint counter-terrorism agreement leading to covert elimination of hostile actors and shutdown of their funding sources globally. |

 Key Insights

 **Anonymous Gunmen:** A covert strike force operating internationally to eliminate key hostile figures without leaving physical evidence—no footprints, no gunshot marks, no struggle signs.

**Lauren Balik Case (USA):**  

  - She was a **highly funded anti-India propagandist**, openly insulting Hindu gods and promoting anti-India narratives from the US.  

  - Killed mysteriously in a public park in New York, triggering FBI & CIA investigation.  

  - The manner of killing is described as flawless and untraceable.

 **Lt. Col. Imran Dayal Case (Pakistan):**  

  - A senior Pakistan Army officer deeply involved in terror logistics and funding.  

  - Killed inside Pakistan’s high-security area of Dera Ismail Khan with no footprints or traces.  

  - Seen as a "surgical strike" weakening Pakistan's intelligence and terror infrastructure.

**Geopolitical Context:**  

  - The killings resulted from a **strategic cooperation agreement between India and the USA, symbolizing a new geopolitical chessboard flipped to India’s advantage.**  

  - This marks an operational shift from **international diplomatic appeals to lethal covert actions** against anti-India elements, especially those undermining India's national security and Hindu cultural identity internationally.

**Funding and Propaganda Networks:**  

  - Significant cracks are reported in global funding channels of networks hostile to India.  

  - Operations have curtailed financial flows to anti-India propagandists, affecting their ability to create and sustain misinformation campaigns.  

  - India’s counter-intelligence efforts have extended to **cutting off “anti-India” money trails worldwide**, including from countries like the USA, Canada, and Australia.

**Impact on Pakistan:**  

  - Economic strangulation via denial of bailouts, demonetization impact, and targeted neutralization of key terror facilitators.  

  - Pakistan's intelligence agencies are claimed to be "paralyzed," unable to protect even their own officers.  

  - India’s operations have increased economic and operational costs for Pakistan’s proxy terrorism.

  **Political and Media Narrative:**  

  - The video criticizes domestic opposition and mainstream media for undermining the government's strength and overlooking the security paradigm shift.  

  - Former statements by political leaders downplaying India's counter-terrorism capacity have been contrasted with the current assertive strategy.

**Future Outlook:**  

  - The video underscores the inevitability of continued targeted operations against India's enemies globally, including those sheltered in Western countries.  

  - There is an expressed expectation for **further eliminations in 30-60 days** against hostile elements.  

  - India’s intelligence agencies are described as operating like Mossad or CIA, with global reach and patience.

Core Concepts & Terms


| Term                      | Definition / Context                                            |

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| **Anonymous Gunmen**       | Covert operatives executing lethal missions without evidence. |

| **Surgical Strikes**       | Precision killings on high-value targets inside hostile territories. |

| **Anti-India Propaganda**  | Campaigns aimed at defaming Hinduism and India internationally. |

| **Geopolitical Chessboard**| The shifting landscape of strategic power and influence globally. |

| **Demonetization**         | Economic measure impacting Pakistan, linked to India's strategic pressure. |

| **Counter-Terrorism Cooperation** | India-USA joint initiatives targeting terror funding and operatives. |

### Summary of Quantitative Data

| Data/Metric                        | Details                                             |

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| Target Elimination Timeline       | 2 targets eliminated within hours/days              |

| Expected Future Actions           | 30 to 60 days timeline for further targeted strikes |


Monday, June 22, 2026

दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से

दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से
दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से
दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से
दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से
दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से

 Sergei Gor अमित शाह से मिलते हैं। एक लिस्ट एक्सचेंज होती है और हमें पता लगता है कि दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां वो मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से।एक हाइली फंडेड एंटी इंडिया प्रोपगेंड है जो कि अमेरिका में रहती थी। नाम था लोरा बलिक।वो एक्चुअल नाम था इसका। लौड़ा बलिक मार दी गई। न्यूयॉर्क के एक पार्क में घूम रही थी। मार दिया किसी ने।उसका काम क्या था? उसने एक डिजिटल मशीन को यूज किया हुआ था

अमेरिका के अंदर। जहां पर वो हिंदू भगवानों को वो डिमीन करती थी वो। ओपनली अपने फॉलोअर्स को बोलती थी कि हिंदू जो देवी देवता हैं उनको गालियां निकालिए। उसको कर्स कीजिए। उसको मार दिया गया। उसको क्या लगता था कि अमेरिका की धरती पर बैठी है। उसे कोई टच कर नहीं सकता। ये उसका गलतफहमी थी। शी वाज़ एंटायरली रॉन्ग। उसकी बॉडी डिस्कवर हुई है। डिस्कवर हुई आइसोलेटेड न्यूयॉर्क के एक स्टेट के पार्क के अंदर। अब सीआईए और एफबीआई को बुलाया गया है। स्टेट पुलिस ने बोल दिया कि हमें तो कोई क्लू नहीं मिल रहा क्योंकि कोई फुटप्रिंट्स भी नहीं है कि कोई आया उसको मार के चला गया। जो पूरी की पूरी जो ट्रेल है वो कंप्लीटली कोल्ड है। इसलिए उन्होंने एफबीआई को बुलाया है इसको इन्वेस्टिगेट करने के लिए। लेकिन अभी तक कुछ भी पता नहीं लगा कि ये अननोन गन मैन कहां से आए।

 कब हवा में ही काम करके वो चले गए। कोई वहां पे निशान गोली का नहीं है। कोई निशान मारा पट्टी का नहीं है। कोई गला दबाया नहीं गया। कुछ नहीं किया। लेकिन लेडी मरी पड़ी है। ये है अननोन गन मैन का काम।महादेव की यह सेना है। कब आएगी, कब काम करके जाएगी यह किसी को पता लगेगा नहीं। अब आपको लगेगा यार अमेरिका में ही काम कर दिया। नहीं। सिर्फ अमेरिका में नहीं हुआ। अभी थोड़ा सा डायरेक्टली आप पाकिस्तान की तरफ भी आ जाइए। वहां पर भी कुछ काम हो गया है। वहां पे क्या हुआ? एक लेफ्टिनेंट कर्नल है इमरान दयाल।उसको Olla के पास भेज दिया। पाकिस्तान आर्मी का यह लेफ्टिनेंट कर्नल है। ही वाज़ फाउंड दैट शॉट बाय अननोन गन मैन एज ऑलवेज। दोस्तों लेकिन जो खासियत ये नहीं है कि हमने लेफ्टिनेंट कर्नल को मारा। नॉर्मल न्यूज़ है। मारा कहां है? हाइली गार्डेड जो इनका डेरा इस्माइल खान का एरिया है। उसके अंदर इसको मारा गया है। फ्लोलेस हाइपरस सर्जिकल स्ट्राइक। दोस्तों ये जो है ना बंदे को मारा वहां पे जो पुलिस इसकी ISI है नंबर वन और जो नंबर वन मिलिट्री है पाकिस्तान की वो कहते हैं हमें फुटप्रिंट्स भी नहीं मिल रहे कि कौन सा बंदा कब आके ना कोई मोटरसाइकिल के ना गाड़ी के ना ही किसी के पैरों के निशान है कि कोई आया और मार के चला गया। लेकिन गोली लगी है यहां पे बंदूक रख कर। कोई दूर से मारा नहीं गया है। और मारा भी कहां है? उसके अपना जो किला था उसके बीच में बैठकर उसको मारा गया है। अब पाकिस्तान क्या कर रहा है? वो बोलता है कोई Ghost आया था वो मार के चला गया। अब पाकिस्तान की आर्मी वो घोस्ट को ढूंढ रही है।

जब यूएसए के एंबेसडर सर्ग गौर जब वो हाइली सिक्योर रूम के अंदर बैठे  मोदी जी के साथ नहीं जयशंकर के साथ नहीं वो बैठे इंडियन होम मिनिस्टर अमित शाह के पास। मैंने तब आपको एक एक्सक्लूसिव चीज बताई थी कि वहां पर एक लिस्ट को एक्सचेंज किया गया है। जहां पर हमने बोला कि अब काउंटर टेररिज्म के ऊपर काम हमें इकट्ठे मिलकर करना पड़ेगा। अभी तो ख़स्तानियों का नाम आएगा इसमें। आप देख लेना अगले 40-50 दिनों में  आपको बड़ा खास्तानी मारा हुआ दिखेगा।अमित शाह को मालूम है आर्किटेक्ट हैं भारत की इंटरनल सिक्योरिटी के और वो रेयरली किसी भी फॉरेन डेलीगेट्स को वो नहीं मिलते डायरेक्टली। यह काम जयशंकर का है। टाइमिंग एब्सोल्यूटली एक्सप्लोसिव थी। क्योंकि जो गौर है वो G7 की मीटिंग को छोड़कर फ्रांस में वो सीधा आते हैं अमित शाह के कमरे के अंदर। और आपको मालूम है प्रधानमंत्री मोदी और डोन्ड ट्रंप वहां पर मीटिंग कर रहे थे जब यहां पर स्वर्गीय गॉड और अमित शाह मीटिंग कर रहे थे। डिस्कस क्या किया गया तब मैंने बताया था आपको टू कंट्रोल टेररिज्म और दूसरा जो भारत के खिलाफ अमेरिका में बैठकर हमें धमकियां देते हैं हमारे धर्म को भी और हमारे कंट्री को उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। और ये दोनों कंट्रीज ने एग्री किया कि अब जॉइंटली जो ये क्रिमिनल माइंडसेट के लोग हैं इनको जस्टिस दिलाई जाएगी। जस्टिस कोर्ट में जाकर नहीं होती है। यह अननोन गन मैन ही यह जस्टिस दिलाते हैं। अब ग्रीन लाइट मिल गई है अमेरिका से जो आप कर रहे हैं। हम आपके साथ हैं। जो हम करेंगे आप भी हमारे साथ रहेंगे। इसको बोलते हैं जियोपॉलिटिकल चेस बोर्ड को फ्लिप करना। अब ये कोई रैंडम कोइजिडेंसेस नहीं है। दो बहुत डिफरेंट टारगेट्स। दो डिफरेंट कंट्रीज के अंदर। और वो टारगेट कौन थे? जो ओपनली होस्टाइल थे भारत की स्ट्रेटेजिक इंटरेस्ट के लिए उनको मारा गया है। दोनों को एलिमिनेट किया कुछ दिनों में कह दीजिए या कुछ घंटों के बीच में।

दोस्तों पिछले 20-30 साल में हुआ क्या था जो भारत की गवर्नमेंट थी वो डिफेंसिव खेलती रही। आपको मालूम है हम डोज़ियर पे डोज़ियर देते रहे। कभी यूनाइटेड स्टेट्स को, कभी कनाडा को, कभी यूनाइटेड नेशंस में और कभी पाकिस्तान को। हम कंप्लेन करते रहे ग्लोबल कम्युनिटी को कि यार ये लोग हमारे देश के खिलाफ ये काम कर रहे हैं। इनको रोको। और जो हमारे दुश्मन है वो हमारे मुंह के ऊपर हंसते थे। आज जो उन्होंने काम क्या किया था? हमारी जो डेमोक्रेटिक वैल्यू्यूज हैं या डेमोक्रेसी हमारी कंट्री की है उसको वेपन की तरह हमारे ऊपर यूज़ कर दिया। अगर हमने किसी को मारने की कोशिश करी या बोला हम आपको मार देंगे तो बोलते हैं ये डेमोक्रेटिक नहीं है। ये तो ह्यूमन राइट्स की वायलेशन है।

हमने बोल दिया ह्यूमन राइट्स ह्यूमंस के लिए होते हैं। लिब्रांडू और मुसलमान वो ह्यूमंस की कैटेगरी में वो आते ही नहीं है। ये डॉक्ट्राइन है गवर्नमेंट ऑफ इंडिया का। इसलिए जो ये लोग सोचते थे कि पाकिस्तान के अंदर हम एक किले में बैठे हैं। अमेरिका में बैठे हैं। हमें कौन टच करेगा? वो एरा ऑफिशियली वो खत्म हो चुका है। अब क्या हो रहा है? जो हंटर है वो हम बन चुके हैं। हम हंटिंग कर रहे हैं अब इनकी कहीं भी हो दुनिया में और मैसिव ग्लोबल मनी ट्रेल को अगर आप फॉलो करेंगे तो आपको पता लगेगा ये सारे के सारे जो एंटी इंडिया के नेटवर्क्स हैं जहां पे पैसे आ रहे थे उसको भी ब्लॉक किया जा रहा है जो हॉस्टाइल कंट्रीज थी जो यूज़ करती थी हमारी जो फ्रिक्शन है कंट्री के अंदर छोटे-छोटे मुद्दों के ऊपर जियोपॉलिटिकल लीवरेज के लिए वो यूज़ करते थे हमने उसको भी बंद करना शुरू कर दिया आप यूज़ तो करके देखिए गोली ना आए अननोन गन मैन से नाम बदल देना भारत का भाई इंडिया का नाम बदल के भारत कर देना। हमें कोई दिक्कत नहीं है। एक राइजिंग पावर जब बढ़ती है उसे डिस्टेबलाइज करने के लिए आपके पास दो तीन मोहरे ही होते हैं। एक आप यहां पर उग्रवादी भेज दीजिए। हमारी तरक्की रुकवा दीजिए। दूसरा है कि आप नरेटिव्स को क्रिएट कीजिए। जैसे ये लौड़ा कर रही थी अमेरिका में बैठकर ताकि जो फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट्स है वो यहां पर भारत में ना आ सके। इसलिए जो ऑपरेशंस हैं ऐसे प्रोपेगेंडा करने वालों के जैसे बालिक थी ये ऑपरेशंस अब चालू हो चुके हैं। इनका जो मनी फ्लो है जो फाइनेंसियल मनी इनको मिलता था हमारे खिलाफ काम करने के लिए अब वो मनी फ्लो बंद हो जाएगा क्योंकि उनके जो लाउडस्पीकर्स हैं उसी को हमने साइलेंस कर  दिया। नेटवर्क कंप्लीटली फ्रैक्चर करके रख दिया है।लगेगा यार एक आधी लेडी को मार के क्या हो जाएगा अमेरिका में या एक कॉकरोच को आपने पाकिस्तान में मार दिया। की फर्क पड़ता है यही होता है कि जब आप इनको मारते हैं तो जो वेल्थदी जो डोनर्स हैं जो इनको फंडिंग करते हैं वह अपने पैसे को वो पीछे पीछे करना वो शुरू कर देंगे क्योंकि उनके जो रिटर्न ऑफ इन्वेस्टमेंट है वो क्रैश हो गई। अब उन्होंने इतने करोड़ों रुपए लगाए नरेटिव बिल्ड करने के लिए सोशल मीडिया पे स्प्रेड करने के लिए आज वो सारी इन्वेस्टमेंट जीरो

 कर दी आपने दो बंदों को मारकर। अब कनेक्ट कीजिए इसको पाकिस्तान के साथ। पाकिस्तान में जब से हमने सर्जिकल स्टाइल्स करनी शुरू करी है। क्या चक्कर है? पाकिस्तान इकोनॉमिकली भिखारी हो गया। कभी नोट किया आपने? हमने पहले काम किया था एक हमने सर्जिकल स्ट्राइक करी थी पाकिस्तान की घुस के अंदर के अंदर घुसकर नहीं। हमने जब डीमोनेटाइजेशन किया उसके बाद पाकिस्तान भिखारी होना शुरू हो गया। क्योंकि प्रिंटिंग मशीन कांग्रेस ने पाकिस्तान के अंदर लगाई हुई थी हमारी ही करेंसी की। उसके बाद दूसरा हमने किया जब अननोन गन मैन ने इनके बड़े-बड़े कॉकरोचों को मारना शुरू किया। उसके बाद जो इनको पैसे मिलते थे भारत को तंग करने के लिए वो मिलने बंद हो गए। अब आप सोच के देखिए 20 साल पीछे जाइए हिस्ट्री में तब क्या होता था। पाकिस्तान ने एक डॉक्ट्रिन बनाया था कि भारत को हर रोज हम जख्म देंगे। ये उनकी मास्टर पीस स्ट्रेटजी थी। उन्होंने नॉन स्टेट एक्टर्स को यूज़ किया जिओपॉलिटिकल वेपन की तरह। क्या बोलते थे वो? वो बोलते थे कि भ हमने तो कुछ किया ही नहीं। ये तो टेररिस्ट हैं। फ्रीडर फाइटर्स हैं। ये अपनी धरती के लिए ये लड़ रहे हैं। ग्लोबल स्टेज के ऊपर इनको ये नॉन स्टेक एक्टर्स बोल दिया गया। या

 बोल दीजिए अननोन गन मैन वो यूज़ करते थे। स्ट्रेटजी सफोकेटिंग थी। लेकिन लेकिन कामयाब थी पाकिस्तान के लिए। अब जो इकोनमिक कॉस्ट है इसकी वो ये थी कि इनको लगातार फंडिंग चाहिए ताकि इस नेटवर्क को जिंदा रख सके। हमने क्या किया? फंडिंग जहां से आती है पहले तो वहां से बंद करवाई। उसके बाद जिसको आती है उसको लुल्ला के पास हमने भेजना शुरू कर दिया। इनकी जो करेंसी है वो इसीलिए आज फेल हो रही है पाकिस्तान की। क्योंकि पीछे से जो टूटी थी पैसे आने की वो बंद हो गई। दोस्तों एक और भी चीज है कि ये जो पाकिस्तान है आज ये बेल आउट लेता है। बेल आउट भी हमने इनको दिलवाने बंद कर दिए। क्यों? क्योंकि बेल आउट आता है उससे ये उग्रवादी ही खड़ा करते हैं। हमने उस रास्ते को भी बंद कर दिया। सर्जिकल स्ट्राइक सिर्फ ये दो लोगों को मारने से नहीं हुई। हमने पाकिस्तान के ऊपर भी सर्जिकल स्ट्राइक्स बार-बार हमने करी है। कोई बात नहीं। इनको ये पाकिस्तानी बोलेंगे आज इस वीडियो के नीचे कि सर हमें तो जी 25 बार तो भीख मिल गई। एक बार और मिल जाएगी। आपके रोकने से क्या हो गया? होता क्या है? जब इनको भीख चाहिए हम उस वक्त नहीं दिलाने देते। हम देते हैं साल के बाद 8 महीने के बाद। जब उसका बोझ इतना बढ़ चुका होता है कि सिर्फ इंटरेस्ट पेमेंट में सारी की सारी भीख वो निकल जाती है। इसको बोलते हैं इनका वेट इतना बढ़ा देना है कि अपने वेट के नीचे ये दब के ही मर जाए। दोस्तों अब हो क्या रहा है? ये जो पाकिस्तान है ये जो जिसको हमने दीनदयाल को मारा है वहां पर दयालु होकर उसको ऊपर भेज दिया। ये वो आदमी है जिसको फंड करती थी मिलिट्री मिलिट्री ये हैंडलर्स थे मिलिट्री के अंदर इसको मार दिया गया और ये जरूरी था क्योंकि पाकिस्तान की एक फेटल मिसकलकुलेशन है उनको लगा कि यार दिल्ली के अगेंस्ट कुछ भी करते रहे हैं भारत के अगेंस्ट हमारे पास वो हिंदुओं की गवर्नमेंट है एपिटाइट ही नहीं है कि हम एस्केलेट करेंगे दे वर एम्बरेसिंगली रोंग हमारी जो इंटेलिजेंस एजेंसीज हैं उन्होंने अब एविडेंस को कलेक्ट करना बंद कर दिया और जाकर हम फॉरेन की कोर्ट में जाके बोलते थे कि ये एविडेंस इन्होंने मारा इनको कुछ बोलिए बिल्कुल भी नहीं आपके पास एक इंफॉर्मेशन आई आपने उसको यूज़ किया और काम तमाम कर दिया इंडियन मीडिया जो मेन स्ट्रीम मीडिया है कंप्लीटली अंडरप्ले करती है ये सारी की सारी जो हमारी डॉक्टाइन शिफ्ट हो चुकी है अब घर में घुस के मारेंगे और हर रोज मारेंगे अब तो अमेरिका को लिस्ट दे दी हमने ये लिस्ट है खाली कराओ और हमारे यहां पे जो लिस्ट है वो आप खाली करवाओ दोनों तरफ से काम चल रहा है दोस्तों जो हमारी मीडिया है और अपोजिशन है वो क्या बोलती है? वीक गवर्नमेंट है। मोदी जी सबसे ज्यादा वीक वो प्रधानमंत्री हैं। चलिए राहुल गांधगी का 2000 2011 का एक बयान है कि टेररिस्ट अटैक तो होते रहेंगे। गवर्नमेंट के पास इतनी पावर नहीं है कि वो सारे टेररिस्ट अटैक्स वो बंद करवा सके। चलिए 2014 के बाद ऐसी पावर क्या आ गई? वीक प्रधानमंत्री मोदी जी के हाथ में ऐसी कौन सी पावर आ गई कि अब टेररिस्ट अटैक होते नहीं है।अब एक काम और हो गया। वेस्टर्न इंटेलिजेंस जो अप्रेटस है वो वॉच कर रहा है। कोई जवाब नहीं है उनका। ना ही यह बोला जा रहा है कि जैसे Nijjar को अननोन गन मैन आकर कुत्ते की तरह मार के चले गए। वैसे ही इस लौड़ा को मार दिया। चुप्पी है। उन्हें मालूम है कि यह ब्रांड न्यू रियलिटी है। इसे एक्सेप्ट करना पड़ेगा। उन्हें पता लग गया कि जो गेम वो चलाते थे आज भारत ने उसको करना शुरू कर दिया। हमारे पास जो ऑपरेशनल जो रीच है वो ग्लोबल हो चुकी है। ये सारी दुनिया को  दिखती है। दोस्तों जो भी भारत के खिलाफ गेम प्ले करेगा। उसके पहले तो जो ये टेरर फंडिंग है उसको बंद किया जाएगा। उसके बाद उनको हंट किया जाएगा। ये दुनिया को समझ आ गया। और जो पाकिस्तान के अंदर जो कंटोनमेंट एरिया है वो भी सेफ नहीं रहे। न्यूयॉर्क के पास जो पार्क हैं जहां पर कैमरे लगे हुए थे चारों तरफ वो भी सेफ नहीं है इनके लिए। ये जो पुराना जिओपॉलिटिकल सेफ्टी नेट था वो कंप्लीटली हमने कोलैप्स कर दिया और जो हमारा इंटेलिजेंस एजेंसीज का जो रीच है वो एब्सोल्यूट स्ट्रेटेजिक पैर के ऊपर आ गई है। अब हम मोसाद की तरह काम करते हैं। अब डेमोंस्ट्रेट करते हैं हम लोग कि जैसे सीआईए हर जगह पे जाकर गंध डाल सकती है। हम भी डाल सकते हैं। पाकिस्तान पैरालाइज्ड है अंदर से। स्ट्रेटेजिक जो उनकी इंटेलिजेंस एजेंसीज हैं वो बिल्कुल दे आर लाइक यू नो जैसे मक्खियों को मारते हैं हम लोग वो हाल हो गया। नंबर वन बोलते हैं अपने आपको। आज लंबड़वान रह गए हैं वो और कुछ भी नहीं है। दे कैन नॉट इवन प्रोटेक्ट देयर ओन ऑफिसर्स। लेफ्टिनेंट कर्नल को कुत्ते की तरह हमने मार के फेंक दिया। हमने बोला हूं और गर्व से बोल रहा हूं। और उनको मालूम है कि जो हिट लिस्ट है हमारे पास वो बहुत लंबी है। ये आदमी वो था जिसने पहलगाम के अटैक के अंदर पूरा जो लॉजिस्टिक्स का काम था वो इसने करवा के दिया था। जो कॉस्ट है प्रॉक्सी वॉर की वो इतनी बड़ी हब पाकिस्तान के ऊपर कर रहे हैं कि जो जो ये अननोन गन मैन है इनक्रेडिबली पेशेंटली हाईली स्किल्ड वो ऑपरेशंस कर रहे हैं ताकि इनकी कॉस्ट बढ़ती रहे। दोस्तों उन्होंने एक डॉक्ट्रन शुरू किया भारत के खिलाफ। हम 1000 कट्स देंगे भारत को। भारत ने बोला कोई बात नहीं आपने 1000 दिए हम 10,000 दे सकते हैं। कल पीओके के अंदर एक डेमोंस्ट्रेशन और हुआ। क्या बोला उन्होंने कि आपके लोगों को पाकिस्तान को बोला है अपने लोगों को निकाल के बाहर निकालो। अब पीओके के लोग और भारत अपने आप निपट लेंगे कि हमने क्या करना है। क्या बोला? पीओके के लोग बोलते हैं कि हम भारत के साथ अपने आप डिसाइड कर लेंगे हमने क्या करना है। तुम यहां से दफा हो जाओ अपने बैग को लेकर। कल पीओके के अंदर यह काम हो गया। यह है ऑपरेशंस विद डेवस्टेटिंग इंप्युरिटी ग्लोबल हिट लिस्ट एक्सट्रीमली एक्टिव है। जो एनिमीज़ हैं भारत के उन्हें मालूम है कि क्या आने वाला है। उनकी नींदें अब हराम करने का टाइम आ गया। मैं कई बार बोलता हूं हमारे जो मेन स्ट्रीम मीडिया के कई लोग हैं जो छोड़ के कोई जर्मनी जर्मन शेफर्ड बन गया। कोई अमेरिका में अमेरिकन डॉग बन गया। कोई ऑस्ट्रेलिया में चला गया। ये जो वहां बैठ के भारत के खिलाफ काम करते हैं। मुझे लगता है इनका नाम भी उस लिस्ट में होना चाहिए। मुझे नहीं मालूम है कि नहीं लेकिन मैं बोल रहा हूं होना चाहिए और अननोन गन मैन को बोल सकते हैं हम लोग कि भैया आपको अगर पैसे चाहिए हमारे जैसे लोग बैठे हैं फंडिंग करने के लिए आप बताओ कितने चाहिए लेकिन ये सारे जो जर्मन शेफर्ड एंड ऑल इनको खत्म करो यार ये न्यूसेंस बहुत लंबी हो गई और जो शेरवानी है फटी हुई भारत में उसका भी कोई काम करना  पड़ेगा आपको क्योंकि बेचारी बहुत तंग है कहती है यार हम बड़े तंग है यहां पर क्योंकि इनकी जिंदगी जो है वो तो लुल्ला के पास जाकर ही पूरी होती है तो क्यों ना इनको भेज दिया जाए ये जब तक इनको ट्रेंबल हम नहीं करवाएंगे आएंगे तब तक काम होगा नहीं और आपको अब अमेरिका की तरफ से कोई स्टेटमेंट कनाडा की तरफ से आपके खिलाफ अब नहीं आएगी क्योंकि उन्हें मालूम है एक तूफान शुरू हो चुका है न्यू दिल्ली में नॉर्थ ब्लॉक में अमित शाह के कमरे से रूल्स ऑफ द गेम चेंज हो गए हैं फॉर एवर तो ओनली क्वेश्चन लेफ्ट इज नाउ हु इज नेक्स्ट

 मुझे बड़ी खुशी होगी जिस दिन ख़स्तानी मरने शुरू होंगे कनाडा में अमेरिका में ऑस्ट्रेलिया में और जहां-जहां यह बैठे हैं।

जय हिंद।


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दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से

दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से
दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से
दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से
दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से

 Sergei Gor अमित शाह से मिलते हैं। एक लिस्ट एक्सचेंज होती है और हमें पता लगता है कि दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां वो मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से।एक हाइली फंडेड एंटी इंडिया प्रोपगेंड है जो कि अमेरिका में रहती थी। नाम था लोरा बलिक।वो एक्चुअल नाम था इसका। लौड़ा बलिक मार दी गई। न्यूयॉर्क के एक पार्क में घूम रही थी। मार दिया किसी ने।उसका काम क्या था? उसने एक डिजिटल मशीन को यूज किया हुआ था

अमेरिका के अंदर। जहां पर वो हिंदू भगवानों को वो डिमीन करती थी वो। ओपनली अपने फॉलोअर्स को बोलती थी कि हिंदू जो देवी देवता हैं उनको गालियां निकालिए। उसको कर्स कीजिए। उसको मार दिया गया। उसको क्या लगता था कि अमेरिका की धरती पर बैठी है। उसे कोई टच कर नहीं सकता। ये उसका गलतफहमी थी। शी वाज़ एंटायरली रॉन्ग। उसकी बॉडी डिस्कवर हुई है। डिस्कवर हुई आइसोलेटेड न्यूयॉर्क के एक स्टेट के पार्क के अंदर। अब सीआईए और एफबीआई को बुलाया गया है। स्टेट पुलिस ने बोल दिया कि हमें तो कोई क्लू नहीं मिल रहा क्योंकि कोई फुटप्रिंट्स भी नहीं है कि कोई आया उसको मार के चला गया। जो पूरी की पूरी जो ट्रेल है वो कंप्लीटली कोल्ड है। इसलिए उन्होंने एफबीआई को बुलाया है इसको इन्वेस्टिगेट करने के लिए। लेकिन अभी तक कुछ भी पता नहीं लगा कि ये अननोन गन मैन कहां से आए।

 कब हवा में ही काम करके वो चले गए। कोई वहां पे निशान गोली का नहीं है। कोई निशान मारा पट्टी का नहीं है। कोई गला दबाया नहीं गया। कुछ नहीं किया। लेकिन लेडी मरी पड़ी है। ये है अननोन गन मैन का काम।महादेव की यह सेना है। कब आएगी, कब काम करके जाएगी यह किसी को पता लगेगा नहीं। अब आपको लगेगा यार अमेरिका में ही काम कर दिया। नहीं। सिर्फ अमेरिका में नहीं हुआ। अभी थोड़ा सा डायरेक्टली आप पाकिस्तान की तरफ भी आ जाइए। वहां पर भी कुछ काम हो गया है। वहां पे क्या हुआ? एक लेफ्टिनेंट कर्नल है इमरान दयाल।उसको Olla के पास भेज दिया। पाकिस्तान आर्मी का यह लेफ्टिनेंट कर्नल है। ही वाज़ फाउंड दैट शॉट बाय अननोन गन मैन एज ऑलवेज। दोस्तों लेकिन जो खासियत ये नहीं है कि हमने लेफ्टिनेंट कर्नल को मारा। नॉर्मल न्यूज़ है। मारा कहां है? हाइली गार्डेड जो इनका डेरा इस्माइल खान का एरिया है। उसके अंदर इसको मारा गया है। फ्लोलेस हाइपरस सर्जिकल स्ट्राइक। दोस्तों ये जो है ना बंदे को मारा वहां पे जो पुलिस इसकी ISI है नंबर वन और जो नंबर वन मिलिट्री है पाकिस्तान की वो कहते हैं हमें फुटप्रिंट्स भी नहीं मिल रहे कि कौन सा बंदा कब आके ना कोई मोटरसाइकिल के ना गाड़ी के ना ही किसी के पैरों के निशान है कि कोई आया और मार के चला गया। लेकिन गोली लगी है यहां पे बंदूक रख कर। कोई दूर से मारा नहीं गया है। और मारा भी कहां है? उसके अपना जो किला था उसके बीच में बैठकर उसको मारा गया है। अब पाकिस्तान क्या कर रहा है? वो बोलता है कोई Ghost आया था वो मार के चला गया। अब पाकिस्तान की आर्मी वो घोस्ट को ढूंढ रही है।

जब यूएसए के एंबेसडर सर्ग गौर जब वो हाइली सिक्योर रूम के अंदर बैठे  मोदी जी के साथ नहीं जयशंकर के साथ नहीं वो बैठे इंडियन होम मिनिस्टर अमित शाह के पास। मैंने तब आपको एक एक्सक्लूसिव चीज बताई थी कि वहां पर एक लिस्ट को एक्सचेंज किया गया है। जहां पर हमने बोला कि अब काउंटर टेररिज्म के ऊपर काम हमें इकट्ठे मिलकर करना पड़ेगा। अभी तो ख़स्तानियों का नाम आएगा इसमें। आप देख लेना अगले 40-50 दिनों में  आपको बड़ा खास्तानी मारा हुआ दिखेगा।अमित शाह को मालूम है आर्किटेक्ट हैं भारत की इंटरनल सिक्योरिटी के और वो रेयरली किसी भी फॉरेन डेलीगेट्स को वो नहीं मिलते डायरेक्टली। यह काम जयशंकर का है। टाइमिंग एब्सोल्यूटली एक्सप्लोसिव थी। क्योंकि जो गौर है वो G7 की मीटिंग को छोड़कर फ्रांस में वो सीधा आते हैं अमित शाह के कमरे के अंदर। और आपको मालूम है प्रधानमंत्री मोदी और डोन्ड ट्रंप वहां पर मीटिंग कर रहे थे जब यहां पर स्वर्गीय गॉड और अमित शाह मीटिंग कर रहे थे। डिस्कस क्या किया गया तब मैंने बताया था आपको टू कंट्रोल टेररिज्म और दूसरा जो भारत के खिलाफ अमेरिका में बैठकर हमें धमकियां देते हैं हमारे धर्म को भी और हमारे कंट्री को उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। और ये दोनों कंट्रीज ने एग्री किया कि अब जॉइंटली जो ये क्रिमिनल माइंडसेट के लोग हैं इनको जस्टिस दिलाई जाएगी। जस्टिस कोर्ट में जाकर नहीं होती है। यह अननोन गन मैन ही यह जस्टिस दिलाते हैं। अब ग्रीन लाइट मिल गई है अमेरिका से जो आप कर रहे हैं। हम आपके साथ हैं। जो हम करेंगे आप भी हमारे साथ रहेंगे। इसको बोलते हैं जियोपॉलिटिकल चेस बोर्ड को फ्लिप करना। अब ये कोई रैंडम कोइजिडेंसेस नहीं है। दो बहुत डिफरेंट टारगेट्स। दो डिफरेंट कंट्रीज के अंदर। और वो टारगेट कौन थे? जो ओपनली होस्टाइल थे भारत की स्ट्रेटेजिक इंटरेस्ट के लिए उनको मारा गया है। दोनों को एलिमिनेट किया कुछ दिनों में कह दीजिए या कुछ घंटों के बीच में।

दोस्तों पिछले 20-30 साल में हुआ क्या था जो भारत की गवर्नमेंट थी वो डिफेंसिव खेलती रही। आपको मालूम है हम डोज़ियर पे डोज़ियर देते रहे। कभी यूनाइटेड स्टेट्स को, कभी कनाडा को, कभी यूनाइटेड नेशंस में और कभी पाकिस्तान को। हम कंप्लेन करते रहे ग्लोबल कम्युनिटी को कि यार ये लोग हमारे देश के खिलाफ ये काम कर रहे हैं। इनको रोको। और जो हमारे दुश्मन है वो हमारे मुंह के ऊपर हंसते थे। आज जो उन्होंने काम क्या किया था? हमारी जो डेमोक्रेटिक वैल्यू्यूज हैं या डेमोक्रेसी हमारी कंट्री की है उसको वेपन की तरह हमारे ऊपर यूज़ कर दिया। अगर हमने किसी को मारने की कोशिश करी या बोला हम आपको मार देंगे तो बोलते हैं ये डेमोक्रेटिक नहीं है। ये तो ह्यूमन राइट्स की वायलेशन है।

हमने बोल दिया ह्यूमन राइट्स ह्यूमंस के लिए होते हैं। लिब्रांडू और मुसलमान वो ह्यूमंस की कैटेगरी में वो आते ही नहीं है। ये डॉक्ट्राइन है गवर्नमेंट ऑफ इंडिया का। इसलिए जो ये लोग सोचते थे कि पाकिस्तान के अंदर हम एक किले में बैठे हैं। अमेरिका में बैठे हैं। हमें कौन टच करेगा? वो एरा ऑफिशियली वो खत्म हो चुका है। अब क्या हो रहा है? जो हंटर है वो हम बन चुके हैं। हम हंटिंग कर रहे हैं अब इनकी कहीं भी हो दुनिया में और मैसिव ग्लोबल मनी ट्रेल को अगर आप फॉलो करेंगे तो आपको पता लगेगा ये सारे के सारे जो एंटी इंडिया के नेटवर्क्स हैं जहां पे पैसे आ रहे थे उसको भी ब्लॉक किया जा रहा है जो हॉस्टाइल कंट्रीज थी जो यूज़ करती थी हमारी जो फ्रिक्शन है कंट्री के अंदर छोटे-छोटे मुद्दों के ऊपर जियोपॉलिटिकल लीवरेज के लिए वो यूज़ करते थे हमने उसको भी बंद करना शुरू कर दिया आप यूज़ तो करके देखिए गोली ना आए अननोन गन मैन से नाम बदल देना भारत का भाई इंडिया का नाम बदल के भारत कर देना। हमें कोई दिक्कत नहीं है। एक राइजिंग पावर जब बढ़ती है उसे डिस्टेबलाइज करने के लिए आपके पास दो तीन मोहरे ही होते हैं। एक आप यहां पर उग्रवादी भेज दीजिए। हमारी तरक्की रुकवा दीजिए। दूसरा है कि आप नरेटिव्स को क्रिएट कीजिए। जैसे ये लौड़ा कर रही थी अमेरिका में बैठकर ताकि जो फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट्स है वो यहां पर भारत में ना आ सके। इसलिए जो ऑपरेशंस हैं ऐसे प्रोपेगेंडा करने वालों के जैसे बालिक थी ये ऑपरेशंस अब चालू हो चुके हैं। इनका जो मनी फ्लो है जो फाइनेंसियल मनी इनको मिलता था हमारे खिलाफ काम करने के लिए अब वो मनी फ्लो बंद हो जाएगा क्योंकि उनके जो लाउडस्पीकर्स हैं उसी को हमने साइलेंस कर  दिया। नेटवर्क कंप्लीटली फ्रैक्चर करके रख दिया है।लगेगा यार एक आधी लेडी को मार के क्या हो जाएगा अमेरिका में या एक कॉकरोच को आपने पाकिस्तान में मार दिया। की फर्क पड़ता है यही होता है कि जब आप इनको मारते हैं तो जो वेल्थदी जो डोनर्स हैं जो इनको फंडिंग करते हैं वह अपने पैसे को वो पीछे पीछे करना वो शुरू कर देंगे क्योंकि उनके जो रिटर्न ऑफ इन्वेस्टमेंट है वो क्रैश हो गई। अब उन्होंने इतने करोड़ों रुपए लगाए नरेटिव बिल्ड करने के लिए सोशल मीडिया पे स्प्रेड करने के लिए आज वो सारी इन्वेस्टमेंट जीरो

 कर दी आपने दो बंदों को मारकर। अब कनेक्ट कीजिए इसको पाकिस्तान के साथ। पाकिस्तान में जब से हमने सर्जिकल स्टाइल्स करनी शुरू करी है। क्या चक्कर है? पाकिस्तान इकोनॉमिकली भिखारी हो गया। कभी नोट किया आपने? हमने पहले काम किया था एक हमने सर्जिकल स्ट्राइक करी थी पाकिस्तान की घुस के अंदर के अंदर घुसकर नहीं। हमने जब डीमोनेटाइजेशन किया उसके बाद पाकिस्तान भिखारी होना शुरू हो गया। क्योंकि प्रिंटिंग मशीन कांग्रेस ने पाकिस्तान के अंदर लगाई हुई थी हमारी ही करेंसी की। उसके बाद दूसरा हमने किया जब अननोन गन मैन ने इनके बड़े-बड़े कॉकरोचों को मारना शुरू किया। उसके बाद जो इनको पैसे मिलते थे भारत को तंग करने के लिए वो मिलने बंद हो गए। अब आप सोच के देखिए 20 साल पीछे जाइए हिस्ट्री में तब क्या होता था। पाकिस्तान ने एक डॉक्ट्रिन बनाया था कि भारत को हर रोज हम जख्म देंगे। ये उनकी मास्टर पीस स्ट्रेटजी थी। उन्होंने नॉन स्टेट एक्टर्स को यूज़ किया जिओपॉलिटिकल वेपन की तरह। क्या बोलते थे वो? वो बोलते थे कि भ हमने तो कुछ किया ही नहीं। ये तो टेररिस्ट हैं। फ्रीडर फाइटर्स हैं। ये अपनी धरती के लिए ये लड़ रहे हैं। ग्लोबल स्टेज के ऊपर इनको ये नॉन स्टेक एक्टर्स बोल दिया गया। या

 बोल दीजिए अननोन गन मैन वो यूज़ करते थे। स्ट्रेटजी सफोकेटिंग थी। लेकिन लेकिन कामयाब थी पाकिस्तान के लिए। अब जो इकोनमिक कॉस्ट है इसकी वो ये थी कि इनको लगातार फंडिंग चाहिए ताकि इस नेटवर्क को जिंदा रख सके। हमने क्या किया? फंडिंग जहां से आती है पहले तो वहां से बंद करवाई। उसके बाद जिसको आती है उसको लुल्ला के पास हमने भेजना शुरू कर दिया। इनकी जो करेंसी है वो इसीलिए आज फेल हो रही है पाकिस्तान की। क्योंकि पीछे से जो टूटी थी पैसे आने की वो बंद हो गई। दोस्तों एक और भी चीज है कि ये जो पाकिस्तान है आज ये बेल आउट लेता है। बेल आउट भी हमने इनको दिलवाने बंद कर दिए। क्यों? क्योंकि बेल आउट आता है उससे ये उग्रवादी ही खड़ा करते हैं। हमने उस रास्ते को भी बंद कर दिया। सर्जिकल स्ट्राइक सिर्फ ये दो लोगों को मारने से नहीं हुई। हमने पाकिस्तान के ऊपर भी सर्जिकल स्ट्राइक्स बार-बार हमने करी है। कोई बात नहीं। इनको ये पाकिस्तानी बोलेंगे आज इस वीडियो के नीचे कि सर हमें तो जी 25 बार तो भीख मिल गई। एक बार और मिल जाएगी। आपके रोकने से क्या हो गया? होता क्या है? जब इनको भीख चाहिए हम उस वक्त नहीं दिलाने देते। हम देते हैं साल के बाद 8 महीने के बाद। जब उसका बोझ इतना बढ़ चुका होता है कि सिर्फ इंटरेस्ट पेमेंट में सारी की सारी भीख वो निकल जाती है। इसको बोलते हैं इनका वेट इतना बढ़ा देना है कि अपने वेट के नीचे ये दब के ही मर जाए। दोस्तों अब हो क्या रहा है? ये जो पाकिस्तान है ये जो जिसको हमने दीनदयाल को मारा है वहां पर दयालु होकर उसको ऊपर भेज दिया। ये वो आदमी है जिसको फंड करती थी मिलिट्री मिलिट्री ये हैंडलर्स थे मिलिट्री के अंदर इसको मार दिया गया और ये जरूरी था क्योंकि पाकिस्तान की एक फेटल मिसकलकुलेशन है उनको लगा कि यार दिल्ली के अगेंस्ट कुछ भी करते रहे हैं भारत के अगेंस्ट हमारे पास वो हिंदुओं की गवर्नमेंट है एपिटाइट ही नहीं है कि हम एस्केलेट करेंगे दे वर एम्बरेसिंगली रोंग हमारी जो इंटेलिजेंस एजेंसीज हैं उन्होंने अब एविडेंस को कलेक्ट करना बंद कर दिया और जाकर हम फॉरेन की कोर्ट में जाके बोलते थे कि ये एविडेंस इन्होंने मारा इनको कुछ बोलिए बिल्कुल भी नहीं आपके पास एक इंफॉर्मेशन आई आपने उसको यूज़ किया और काम तमाम कर दिया इंडियन मीडिया जो मेन स्ट्रीम मीडिया है कंप्लीटली अंडरप्ले करती है ये सारी की सारी जो हमारी डॉक्टाइन शिफ्ट हो चुकी है अब घर में घुस के मारेंगे और हर रोज मारेंगे अब तो अमेरिका को लिस्ट दे दी हमने ये लिस्ट है खाली कराओ और हमारे यहां पे जो लिस्ट है वो आप खाली करवाओ दोनों तरफ से काम चल रहा है दोस्तों जो हमारी मीडिया है और अपोजिशन है वो क्या बोलती है? वीक गवर्नमेंट है। मोदी जी सबसे ज्यादा वीक वो प्रधानमंत्री हैं। चलिए राहुल गांधगी का 2000 2011 का एक बयान है कि टेररिस्ट अटैक तो होते रहेंगे। गवर्नमेंट के पास इतनी पावर नहीं है कि वो सारे टेररिस्ट अटैक्स वो बंद करवा सके। चलिए 2014 के बाद ऐसी पावर क्या आ गई? वीक प्रधानमंत्री मोदी जी के हाथ में ऐसी कौन सी पावर आ गई कि अब टेररिस्ट अटैक होते नहीं है।अब एक काम और हो गया। वेस्टर्न इंटेलिजेंस जो अप्रेटस है वो वॉच कर रहा है। कोई जवाब नहीं है उनका। ना ही यह बोला जा रहा है कि जैसे Nijjar को अननोन गन मैन आकर कुत्ते की तरह मार के चले गए। वैसे ही इस लौड़ा को मार दिया। चुप्पी है। उन्हें मालूम है कि यह ब्रांड न्यू रियलिटी है। इसे एक्सेप्ट करना पड़ेगा। उन्हें पता लग गया कि जो गेम वो चलाते थे आज भारत ने उसको करना शुरू कर दिया। हमारे पास जो ऑपरेशनल जो रीच है वो ग्लोबल हो चुकी है। ये सारी दुनिया को  दिखती है। दोस्तों जो भी भारत के खिलाफ गेम प्ले करेगा। उसके पहले तो जो ये टेरर फंडिंग है उसको बंद किया जाएगा। उसके बाद उनको हंट किया जाएगा। ये दुनिया को समझ आ गया। और जो पाकिस्तान के अंदर जो कंटोनमेंट एरिया है वो भी सेफ नहीं रहे। न्यूयॉर्क के पास जो पार्क हैं जहां पर कैमरे लगे हुए थे चारों तरफ वो भी सेफ नहीं है इनके लिए। ये जो पुराना जिओपॉलिटिकल सेफ्टी नेट था वो कंप्लीटली हमने कोलैप्स कर दिया और जो हमारा इंटेलिजेंस एजेंसीज का जो रीच है वो एब्सोल्यूट स्ट्रेटेजिक पैर के ऊपर आ गई है। अब हम मोसाद की तरह काम करते हैं। अब डेमोंस्ट्रेट करते हैं हम लोग कि जैसे सीआईए हर जगह पे जाकर गंध डाल सकती है। हम भी डाल सकते हैं। पाकिस्तान पैरालाइज्ड है अंदर से। स्ट्रेटेजिक जो उनकी इंटेलिजेंस एजेंसीज हैं वो बिल्कुल दे आर लाइक यू नो जैसे मक्खियों को मारते हैं हम लोग वो हाल हो गया। नंबर वन बोलते हैं अपने आपको। आज लंबड़वान रह गए हैं वो और कुछ भी नहीं है। दे कैन नॉट इवन प्रोटेक्ट देयर ओन ऑफिसर्स। लेफ्टिनेंट कर्नल को कुत्ते की तरह हमने मार के फेंक दिया। हमने बोला हूं और गर्व से बोल रहा हूं। और उनको मालूम है कि जो हिट लिस्ट है हमारे पास वो बहुत लंबी है। ये आदमी वो था जिसने पहलगाम के अटैक के अंदर पूरा जो लॉजिस्टिक्स का काम था वो इसने करवा के दिया था। जो कॉस्ट है प्रॉक्सी वॉर की वो इतनी बड़ी हब पाकिस्तान के ऊपर कर रहे हैं कि जो जो ये अननोन गन मैन है इनक्रेडिबली पेशेंटली हाईली स्किल्ड वो ऑपरेशंस कर रहे हैं ताकि इनकी कॉस्ट बढ़ती रहे। दोस्तों उन्होंने एक डॉक्ट्रन शुरू किया भारत के खिलाफ। हम 1000 कट्स देंगे भारत को। भारत ने बोला कोई बात नहीं आपने 1000 दिए हम 10,000 दे सकते हैं। कल पीओके के अंदर एक डेमोंस्ट्रेशन और हुआ। क्या बोला उन्होंने कि आपके लोगों को पाकिस्तान को बोला है अपने लोगों को निकाल के बाहर निकालो। अब पीओके के लोग और भारत अपने आप निपट लेंगे कि हमने क्या करना है। क्या बोला? पीओके के लोग बोलते हैं कि हम भारत के साथ अपने आप डिसाइड कर लेंगे हमने क्या करना है। तुम यहां से दफा हो जाओ अपने बैग को लेकर। कल पीओके के अंदर यह काम हो गया। यह है ऑपरेशंस विद डेवस्टेटिंग इंप्युरिटी ग्लोबल हिट लिस्ट एक्सट्रीमली एक्टिव है। जो एनिमीज़ हैं भारत के उन्हें मालूम है कि क्या आने वाला है। उनकी नींदें अब हराम करने का टाइम आ गया। मैं कई बार बोलता हूं हमारे जो मेन स्ट्रीम मीडिया के कई लोग हैं जो छोड़ के कोई जर्मनी जर्मन शेफर्ड बन गया। कोई अमेरिका में अमेरिकन डॉग बन गया। कोई ऑस्ट्रेलिया में चला गया। ये जो वहां बैठ के भारत के खिलाफ काम करते हैं। मुझे लगता है इनका नाम भी उस लिस्ट में होना चाहिए। मुझे नहीं मालूम है कि नहीं लेकिन मैं बोल रहा हूं होना चाहिए और अननोन गन मैन को बोल सकते हैं हम लोग कि भैया आपको अगर पैसे चाहिए हमारे जैसे लोग बैठे हैं फंडिंग करने के लिए आप बताओ कितने चाहिए लेकिन ये सारे जो जर्मन शेफर्ड एंड ऑल इनको खत्म करो यार ये न्यूसेंस बहुत लंबी हो गई और जो शेरवानी है फटी हुई भारत में उसका भी कोई काम करना  पड़ेगा आपको क्योंकि बेचारी बहुत तंग है कहती है यार हम बड़े तंग है यहां पर क्योंकि इनकी जिंदगी जो है वो तो लुल्ला के पास जाकर ही पूरी होती है तो क्यों ना इनको भेज दिया जाए ये जब तक इनको ट्रेंबल हम नहीं करवाएंगे आएंगे तब तक काम होगा नहीं और आपको अब अमेरिका की तरफ से कोई स्टेटमेंट कनाडा की तरफ से आपके खिलाफ अब नहीं आएगी क्योंकि उन्हें मालूम है एक तूफान शुरू हो चुका है न्यू दिल्ली में नॉर्थ ब्लॉक में अमित शाह के कमरे से रूल्स ऑफ द गेम चेंज हो गए हैं फॉर एवर तो ओनली क्वेश्चन लेफ्ट इज नाउ हु इज नेक्स्ट

 मुझे बड़ी खुशी होगी जिस दिन ख़स्तानी मरने शुरू होंगे कनाडा में अमेरिका में ऑस्ट्रेलिया में और जहां-जहां यह बैठे हैं।

जय हिंद।


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दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से

दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से
दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से
दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से

 Sergei Gor अमित शाह से मिलते हैं। एक लिस्ट एक्सचेंज होती है और हमें पता लगता है कि दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां वो मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से।एक हाइली फंडेड एंटी इंडिया प्रोपगेंड है जो कि अमेरिका में रहती थी। नाम था लोरा बलिक।वो एक्चुअल नाम था इसका। लौड़ा बलिक मार दी गई। न्यूयॉर्क के एक पार्क में घूम रही थी। मार दिया किसी ने।उसका काम क्या था? उसने एक डिजिटल मशीन को यूज किया हुआ था

अमेरिका के अंदर। जहां पर वो हिंदू भगवानों को वो डिमीन करती थी वो। ओपनली अपने फॉलोअर्स को बोलती थी कि हिंदू जो देवी देवता हैं उनको गालियां निकालिए। उसको कर्स कीजिए। उसको मार दिया गया। उसको क्या लगता था कि अमेरिका की धरती पर बैठी है। उसे कोई टच कर नहीं सकता। ये उसका गलतफहमी थी। शी वाज़ एंटायरली रॉन्ग। उसकी बॉडी डिस्कवर हुई है। डिस्कवर हुई आइसोलेटेड न्यूयॉर्क के एक स्टेट के पार्क के अंदर। अब सीआईए और एफबीआई को बुलाया गया है। स्टेट पुलिस ने बोल दिया कि हमें तो कोई क्लू नहीं मिल रहा क्योंकि कोई फुटप्रिंट्स भी नहीं है कि कोई आया उसको मार के चला गया। जो पूरी की पूरी जो ट्रेल है वो कंप्लीटली कोल्ड है। इसलिए उन्होंने एफबीआई को बुलाया है इसको इन्वेस्टिगेट करने के लिए। लेकिन अभी तक कुछ भी पता नहीं लगा कि ये अननोन गन मैन कहां से आए।

 कब हवा में ही काम करके वो चले गए। कोई वहां पे निशान गोली का नहीं है। कोई निशान मारा पट्टी का नहीं है। कोई गला दबाया नहीं गया। कुछ नहीं किया। लेकिन लेडी मरी पड़ी है। ये है अननोन गन मैन का काम।महादेव की यह सेना है। कब आएगी, कब काम करके जाएगी यह किसी को पता लगेगा नहीं। अब आपको लगेगा यार अमेरिका में ही काम कर दिया। नहीं। सिर्फ अमेरिका में नहीं हुआ। अभी थोड़ा सा डायरेक्टली आप पाकिस्तान की तरफ भी आ जाइए। वहां पर भी कुछ काम हो गया है। वहां पे क्या हुआ? एक लेफ्टिनेंट कर्नल है इमरान दयाल।उसको Olla के पास भेज दिया। पाकिस्तान आर्मी का यह लेफ्टिनेंट कर्नल है। ही वाज़ फाउंड दैट शॉट बाय अननोन गन मैन एज ऑलवेज। दोस्तों लेकिन जो खासियत ये नहीं है कि हमने लेफ्टिनेंट कर्नल को मारा। नॉर्मल न्यूज़ है। मारा कहां है? हाइली गार्डेड जो इनका डेरा इस्माइल खान का एरिया है। उसके अंदर इसको मारा गया है। फ्लोलेस हाइपरस सर्जिकल स्ट्राइक। दोस्तों ये जो है ना बंदे को मारा वहां पे जो पुलिस इसकी ISI है नंबर वन और जो नंबर वन मिलिट्री है पाकिस्तान की वो कहते हैं हमें फुटप्रिंट्स भी नहीं मिल रहे कि कौन सा बंदा कब आके ना कोई मोटरसाइकिल के ना गाड़ी के ना ही किसी के पैरों के निशान है कि कोई आया और मार के चला गया। लेकिन गोली लगी है यहां पे बंदूक रख कर। कोई दूर से मारा नहीं गया है। और मारा भी कहां है? उसके अपना जो किला था उसके बीच में बैठकर उसको मारा गया है। अब पाकिस्तान क्या कर रहा है? वो बोलता है कोई Ghost आया था वो मार के चला गया। अब पाकिस्तान की आर्मी वो घोस्ट को ढूंढ रही है।

जब यूएसए के एंबेसडर सर्ग गौर जब वो हाइली सिक्योर रूम के अंदर बैठे  मोदी जी के साथ नहीं जयशंकर के साथ नहीं वो बैठे इंडियन होम मिनिस्टर अमित शाह के पास। मैंने तब आपको एक एक्सक्लूसिव चीज बताई थी कि वहां पर एक लिस्ट को एक्सचेंज किया गया है। जहां पर हमने बोला कि अब काउंटर टेररिज्म के ऊपर काम हमें इकट्ठे मिलकर करना पड़ेगा। अभी तो ख़स्तानियों का नाम आएगा इसमें। आप देख लेना अगले 40-50 दिनों में  आपको बड़ा खास्तानी मारा हुआ दिखेगा।अमित शाह को मालूम है आर्किटेक्ट हैं भारत की इंटरनल सिक्योरिटी के और वो रेयरली किसी भी फॉरेन डेलीगेट्स को वो नहीं मिलते डायरेक्टली। यह काम जयशंकर का है। टाइमिंग एब्सोल्यूटली एक्सप्लोसिव थी। क्योंकि जो गौर है वो G7 की मीटिंग को छोड़कर फ्रांस में वो सीधा आते हैं अमित शाह के कमरे के अंदर। और आपको मालूम है प्रधानमंत्री मोदी और डोन्ड ट्रंप वहां पर मीटिंग कर रहे थे जब यहां पर स्वर्गीय गॉड और अमित शाह मीटिंग कर रहे थे। डिस्कस क्या किया गया तब मैंने बताया था आपको टू कंट्रोल टेररिज्म और दूसरा जो भारत के खिलाफ अमेरिका में बैठकर हमें धमकियां देते हैं हमारे धर्म को भी और हमारे कंट्री को उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। और ये दोनों कंट्रीज ने एग्री किया कि अब जॉइंटली जो ये क्रिमिनल माइंडसेट के लोग हैं इनको जस्टिस दिलाई जाएगी। जस्टिस कोर्ट में जाकर नहीं होती है। यह अननोन गन मैन ही यह जस्टिस दिलाते हैं। अब ग्रीन लाइट मिल गई है अमेरिका से जो आप कर रहे हैं। हम आपके साथ हैं। जो हम करेंगे आप भी हमारे साथ रहेंगे। इसको बोलते हैं जियोपॉलिटिकल चेस बोर्ड को फ्लिप करना। अब ये कोई रैंडम कोइजिडेंसेस नहीं है। दो बहुत डिफरेंट टारगेट्स। दो डिफरेंट कंट्रीज के अंदर। और वो टारगेट कौन थे? जो ओपनली होस्टाइल थे भारत की स्ट्रेटेजिक इंटरेस्ट के लिए उनको मारा गया है। दोनों को एलिमिनेट किया कुछ दिनों में कह दीजिए या कुछ घंटों के बीच में।

दोस्तों पिछले 20-30 साल में हुआ क्या था जो भारत की गवर्नमेंट थी वो डिफेंसिव खेलती रही। आपको मालूम है हम डोज़ियर पे डोज़ियर देते रहे। कभी यूनाइटेड स्टेट्स को, कभी कनाडा को, कभी यूनाइटेड नेशंस में और कभी पाकिस्तान को। हम कंप्लेन करते रहे ग्लोबल कम्युनिटी को कि यार ये लोग हमारे देश के खिलाफ ये काम कर रहे हैं। इनको रोको। और जो हमारे दुश्मन है वो हमारे मुंह के ऊपर हंसते थे। आज जो उन्होंने काम क्या किया था? हमारी जो डेमोक्रेटिक वैल्यू्यूज हैं या डेमोक्रेसी हमारी कंट्री की है उसको वेपन की तरह हमारे ऊपर यूज़ कर दिया। अगर हमने किसी को मारने की कोशिश करी या बोला हम आपको मार देंगे तो बोलते हैं ये डेमोक्रेटिक नहीं है। ये तो ह्यूमन राइट्स की वायलेशन है।

हमने बोल दिया ह्यूमन राइट्स ह्यूमंस के लिए होते हैं। लिब्रांडू और मुसलमान वो ह्यूमंस की कैटेगरी में वो आते ही नहीं है। ये डॉक्ट्राइन है गवर्नमेंट ऑफ इंडिया का। इसलिए जो ये लोग सोचते थे कि पाकिस्तान के अंदर हम एक किले में बैठे हैं। अमेरिका में बैठे हैं। हमें कौन टच करेगा? वो एरा ऑफिशियली वो खत्म हो चुका है। अब क्या हो रहा है? जो हंटर है वो हम बन चुके हैं। हम हंटिंग कर रहे हैं अब इनकी कहीं भी हो दुनिया में और मैसिव ग्लोबल मनी ट्रेल को अगर आप फॉलो करेंगे तो आपको पता लगेगा ये सारे के सारे जो एंटी इंडिया के नेटवर्क्स हैं जहां पे पैसे आ रहे थे उसको भी ब्लॉक किया जा रहा है जो हॉस्टाइल कंट्रीज थी जो यूज़ करती थी हमारी जो फ्रिक्शन है कंट्री के अंदर छोटे-छोटे मुद्दों के ऊपर जियोपॉलिटिकल लीवरेज के लिए वो यूज़ करते थे हमने उसको भी बंद करना शुरू कर दिया आप यूज़ तो करके देखिए गोली ना आए अननोन गन मैन से नाम बदल देना भारत का भाई इंडिया का नाम बदल के भारत कर देना। हमें कोई दिक्कत नहीं है। एक राइजिंग पावर जब बढ़ती है उसे डिस्टेबलाइज करने के लिए आपके पास दो तीन मोहरे ही होते हैं। एक आप यहां पर उग्रवादी भेज दीजिए। हमारी तरक्की रुकवा दीजिए। दूसरा है कि आप नरेटिव्स को क्रिएट कीजिए। जैसे ये लौड़ा कर रही थी अमेरिका में बैठकर ताकि जो फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट्स है वो यहां पर भारत में ना आ सके। इसलिए जो ऑपरेशंस हैं ऐसे प्रोपेगेंडा करने वालों के जैसे बालिक थी ये ऑपरेशंस अब चालू हो चुके हैं। इनका जो मनी फ्लो है जो फाइनेंसियल मनी इनको मिलता था हमारे खिलाफ काम करने के लिए अब वो मनी फ्लो बंद हो जाएगा क्योंकि उनके जो लाउडस्पीकर्स हैं उसी को हमने साइलेंस कर  दिया। नेटवर्क कंप्लीटली फ्रैक्चर करके रख दिया है।लगेगा यार एक आधी लेडी को मार के क्या हो जाएगा अमेरिका में या एक कॉकरोच को आपने पाकिस्तान में मार दिया। की फर्क पड़ता है यही होता है कि जब आप इनको मारते हैं तो जो वेल्थदी जो डोनर्स हैं जो इनको फंडिंग करते हैं वह अपने पैसे को वो पीछे पीछे करना वो शुरू कर देंगे क्योंकि उनके जो रिटर्न ऑफ इन्वेस्टमेंट है वो क्रैश हो गई। अब उन्होंने इतने करोड़ों रुपए लगाए नरेटिव बिल्ड करने के लिए सोशल मीडिया पे स्प्रेड करने के लिए आज वो सारी इन्वेस्टमेंट जीरो

 कर दी आपने दो बंदों को मारकर। अब कनेक्ट कीजिए इसको पाकिस्तान के साथ। पाकिस्तान में जब से हमने सर्जिकल स्टाइल्स करनी शुरू करी है। क्या चक्कर है? पाकिस्तान इकोनॉमिकली भिखारी हो गया। कभी नोट किया आपने? हमने पहले काम किया था एक हमने सर्जिकल स्ट्राइक करी थी पाकिस्तान की घुस के अंदर के अंदर घुसकर नहीं। हमने जब डीमोनेटाइजेशन किया उसके बाद पाकिस्तान भिखारी होना शुरू हो गया। क्योंकि प्रिंटिंग मशीन कांग्रेस ने पाकिस्तान के अंदर लगाई हुई थी हमारी ही करेंसी की। उसके बाद दूसरा हमने किया जब अननोन गन मैन ने इनके बड़े-बड़े कॉकरोचों को मारना शुरू किया। उसके बाद जो इनको पैसे मिलते थे भारत को तंग करने के लिए वो मिलने बंद हो गए। अब आप सोच के देखिए 20 साल पीछे जाइए हिस्ट्री में तब क्या होता था। पाकिस्तान ने एक डॉक्ट्रिन बनाया था कि भारत को हर रोज हम जख्म देंगे। ये उनकी मास्टर पीस स्ट्रेटजी थी। उन्होंने नॉन स्टेट एक्टर्स को यूज़ किया जिओपॉलिटिकल वेपन की तरह। क्या बोलते थे वो? वो बोलते थे कि भ हमने तो कुछ किया ही नहीं। ये तो टेररिस्ट हैं। फ्रीडर फाइटर्स हैं। ये अपनी धरती के लिए ये लड़ रहे हैं। ग्लोबल स्टेज के ऊपर इनको ये नॉन स्टेक एक्टर्स बोल दिया गया। या

 बोल दीजिए अननोन गन मैन वो यूज़ करते थे। स्ट्रेटजी सफोकेटिंग थी। लेकिन लेकिन कामयाब थी पाकिस्तान के लिए। अब जो इकोनमिक कॉस्ट है इसकी वो ये थी कि इनको लगातार फंडिंग चाहिए ताकि इस नेटवर्क को जिंदा रख सके। हमने क्या किया? फंडिंग जहां से आती है पहले तो वहां से बंद करवाई। उसके बाद जिसको आती है उसको लुल्ला के पास हमने भेजना शुरू कर दिया। इनकी जो करेंसी है वो इसीलिए आज फेल हो रही है पाकिस्तान की। क्योंकि पीछे से जो टूटी थी पैसे आने की वो बंद हो गई। दोस्तों एक और भी चीज है कि ये जो पाकिस्तान है आज ये बेल आउट लेता है। बेल आउट भी हमने इनको दिलवाने बंद कर दिए। क्यों? क्योंकि बेल आउट आता है उससे ये उग्रवादी ही खड़ा करते हैं। हमने उस रास्ते को भी बंद कर दिया। सर्जिकल स्ट्राइक सिर्फ ये दो लोगों को मारने से नहीं हुई। हमने पाकिस्तान के ऊपर भी सर्जिकल स्ट्राइक्स बार-बार हमने करी है। कोई बात नहीं। इनको ये पाकिस्तानी बोलेंगे आज इस वीडियो के नीचे कि सर हमें तो जी 25 बार तो भीख मिल गई। एक बार और मिल जाएगी। आपके रोकने से क्या हो गया? होता क्या है? जब इनको भीख चाहिए हम उस वक्त नहीं दिलाने देते। हम देते हैं साल के बाद 8 महीने के बाद। जब उसका बोझ इतना बढ़ चुका होता है कि सिर्फ इंटरेस्ट पेमेंट में सारी की सारी भीख वो निकल जाती है। इसको बोलते हैं इनका वेट इतना बढ़ा देना है कि अपने वेट के नीचे ये दब के ही मर जाए। दोस्तों अब हो क्या रहा है? ये जो पाकिस्तान है ये जो जिसको हमने दीनदयाल को मारा है वहां पर दयालु होकर उसको ऊपर भेज दिया। ये वो आदमी है जिसको फंड करती थी मिलिट्री मिलिट्री ये हैंडलर्स थे मिलिट्री के अंदर इसको मार दिया गया और ये जरूरी था क्योंकि पाकिस्तान की एक फेटल मिसकलकुलेशन है उनको लगा कि यार दिल्ली के अगेंस्ट कुछ भी करते रहे हैं भारत के अगेंस्ट हमारे पास वो हिंदुओं की गवर्नमेंट है एपिटाइट ही नहीं है कि हम एस्केलेट करेंगे दे वर एम्बरेसिंगली रोंग हमारी जो इंटेलिजेंस एजेंसीज हैं उन्होंने अब एविडेंस को कलेक्ट करना बंद कर दिया और जाकर हम फॉरेन की कोर्ट में जाके बोलते थे कि ये एविडेंस इन्होंने मारा इनको कुछ बोलिए बिल्कुल भी नहीं आपके पास एक इंफॉर्मेशन आई आपने उसको यूज़ किया और काम तमाम कर दिया इंडियन मीडिया जो मेन स्ट्रीम मीडिया है कंप्लीटली अंडरप्ले करती है ये सारी की सारी जो हमारी डॉक्टाइन शिफ्ट हो चुकी है अब घर में घुस के मारेंगे और हर रोज मारेंगे अब तो अमेरिका को लिस्ट दे दी हमने ये लिस्ट है खाली कराओ और हमारे यहां पे जो लिस्ट है वो आप खाली करवाओ दोनों तरफ से काम चल रहा है दोस्तों जो हमारी मीडिया है और अपोजिशन है वो क्या बोलती है? वीक गवर्नमेंट है। मोदी जी सबसे ज्यादा वीक वो प्रधानमंत्री हैं। चलिए राहुल गांधगी का 2000 2011 का एक बयान है कि टेररिस्ट अटैक तो होते रहेंगे। गवर्नमेंट के पास इतनी पावर नहीं है कि वो सारे टेररिस्ट अटैक्स वो बंद करवा सके। चलिए 2014 के बाद ऐसी पावर क्या आ गई? वीक प्रधानमंत्री मोदी जी के हाथ में ऐसी कौन सी पावर आ गई कि अब टेररिस्ट अटैक होते नहीं है।अब एक काम और हो गया। वेस्टर्न इंटेलिजेंस जो अप्रेटस है वो वॉच कर रहा है। कोई जवाब नहीं है उनका। ना ही यह बोला जा रहा है कि जैसे Nijjar को अननोन गन मैन आकर कुत्ते की तरह मार के चले गए। वैसे ही इस लौड़ा को मार दिया। चुप्पी है। उन्हें मालूम है कि यह ब्रांड न्यू रियलिटी है। इसे एक्सेप्ट करना पड़ेगा। उन्हें पता लग गया कि जो गेम वो चलाते थे आज भारत ने उसको करना शुरू कर दिया। हमारे पास जो ऑपरेशनल जो रीच है वो ग्लोबल हो चुकी है। ये सारी दुनिया को  दिखती है। दोस्तों जो भी भारत के खिलाफ गेम प्ले करेगा। उसके पहले तो जो ये टेरर फंडिंग है उसको बंद किया जाएगा। उसके बाद उनको हंट किया जाएगा। ये दुनिया को समझ आ गया। और जो पाकिस्तान के अंदर जो कंटोनमेंट एरिया है वो भी सेफ नहीं रहे। न्यूयॉर्क के पास जो पार्क हैं जहां पर कैमरे लगे हुए थे चारों तरफ वो भी सेफ नहीं है इनके लिए। ये जो पुराना जिओपॉलिटिकल सेफ्टी नेट था वो कंप्लीटली हमने कोलैप्स कर दिया और जो हमारा इंटेलिजेंस एजेंसीज का जो रीच है वो एब्सोल्यूट स्ट्रेटेजिक पैर के ऊपर आ गई है। अब हम मोसाद की तरह काम करते हैं। अब डेमोंस्ट्रेट करते हैं हम लोग कि जैसे सीआईए हर जगह पे जाकर गंध डाल सकती है। हम भी डाल सकते हैं। पाकिस्तान पैरालाइज्ड है अंदर से। स्ट्रेटेजिक जो उनकी इंटेलिजेंस एजेंसीज हैं वो बिल्कुल दे आर लाइक यू नो जैसे मक्खियों को मारते हैं हम लोग वो हाल हो गया। नंबर वन बोलते हैं अपने आपको। आज लंबड़वान रह गए हैं वो और कुछ भी नहीं है। दे कैन नॉट इवन प्रोटेक्ट देयर ओन ऑफिसर्स। लेफ्टिनेंट कर्नल को कुत्ते की तरह हमने मार के फेंक दिया। हमने बोला हूं और गर्व से बोल रहा हूं। और उनको मालूम है कि जो हिट लिस्ट है हमारे पास वो बहुत लंबी है। ये आदमी वो था जिसने पहलगाम के अटैक के अंदर पूरा जो लॉजिस्टिक्स का काम था वो इसने करवा के दिया था। जो कॉस्ट है प्रॉक्सी वॉर की वो इतनी बड़ी हब पाकिस्तान के ऊपर कर रहे हैं कि जो जो ये अननोन गन मैन है इनक्रेडिबली पेशेंटली हाईली स्किल्ड वो ऑपरेशंस कर रहे हैं ताकि इनकी कॉस्ट बढ़ती रहे। दोस्तों उन्होंने एक डॉक्ट्रन शुरू किया भारत के खिलाफ। हम 1000 कट्स देंगे भारत को। भारत ने बोला कोई बात नहीं आपने 1000 दिए हम 10,000 दे सकते हैं। कल पीओके के अंदर एक डेमोंस्ट्रेशन और हुआ। क्या बोला उन्होंने कि आपके लोगों को पाकिस्तान को बोला है अपने लोगों को निकाल के बाहर निकालो। अब पीओके के लोग और भारत अपने आप निपट लेंगे कि हमने क्या करना है। क्या बोला? पीओके के लोग बोलते हैं कि हम भारत के साथ अपने आप डिसाइड कर लेंगे हमने क्या करना है। तुम यहां से दफा हो जाओ अपने बैग को लेकर। कल पीओके के अंदर यह काम हो गया। यह है ऑपरेशंस विद डेवस्टेटिंग इंप्युरिटी ग्लोबल हिट लिस्ट एक्सट्रीमली एक्टिव है। जो एनिमीज़ हैं भारत के उन्हें मालूम है कि क्या आने वाला है। उनकी नींदें अब हराम करने का टाइम आ गया। मैं कई बार बोलता हूं हमारे जो मेन स्ट्रीम मीडिया के कई लोग हैं जो छोड़ के कोई जर्मनी जर्मन शेफर्ड बन गया। कोई अमेरिका में अमेरिकन डॉग बन गया। कोई ऑस्ट्रेलिया में चला गया। ये जो वहां बैठ के भारत के खिलाफ काम करते हैं। मुझे लगता है इनका नाम भी उस लिस्ट में होना चाहिए। मुझे नहीं मालूम है कि नहीं लेकिन मैं बोल रहा हूं होना चाहिए और अननोन गन मैन को बोल सकते हैं हम लोग कि भैया आपको अगर पैसे चाहिए हमारे जैसे लोग बैठे हैं फंडिंग करने के लिए आप बताओ कितने चाहिए लेकिन ये सारे जो जर्मन शेफर्ड एंड ऑल इनको खत्म करो यार ये न्यूसेंस बहुत लंबी हो गई और जो शेरवानी है फटी हुई भारत में उसका भी कोई काम करना  पड़ेगा आपको क्योंकि बेचारी बहुत तंग है कहती है यार हम बड़े तंग है यहां पर क्योंकि इनकी जिंदगी जो है वो तो लुल्ला के पास जाकर ही पूरी होती है तो क्यों ना इनको भेज दिया जाए ये जब तक इनको ट्रेंबल हम नहीं करवाएंगे आएंगे तब तक काम होगा नहीं और आपको अब अमेरिका की तरफ से कोई स्टेटमेंट कनाडा की तरफ से आपके खिलाफ अब नहीं आएगी क्योंकि उन्हें मालूम है एक तूफान शुरू हो चुका है न्यू दिल्ली में नॉर्थ ब्लॉक में अमित शाह के कमरे से रूल्स ऑफ द गेम चेंज हो गए हैं फॉर एवर तो ओनली क्वेश्चन लेफ्ट इज नाउ हु इज नेक्स्ट

 मुझे बड़ी खुशी होगी जिस दिन ख़स्तानी मरने शुरू होंगे कनाडा में अमेरिका में ऑस्ट्रेलिया में और जहां-जहां यह बैठे हैं।

जय हिंद।


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दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से

दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से
दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से

 Sergei Gor अमित शाह से मिलते हैं। एक लिस्ट एक्सचेंज होती है और हमें पता लगता है कि दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां वो मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से।एक हाइली फंडेड एंटी इंडिया प्रोपगेंड है जो कि अमेरिका में रहती थी। नाम था लोरा बलिक।वो एक्चुअल नाम था इसका। लौड़ा बलिक मार दी गई। न्यूयॉर्क के एक पार्क में घूम रही थी। मार दिया किसी ने।उसका काम क्या था? उसने एक डिजिटल मशीन को यूज किया हुआ था

अमेरिका के अंदर। जहां पर वो हिंदू भगवानों को वो डिमीन करती थी वो। ओपनली अपने फॉलोअर्स को बोलती थी कि हिंदू जो देवी देवता हैं उनको गालियां निकालिए। उसको कर्स कीजिए। उसको मार दिया गया। उसको क्या लगता था कि अमेरिका की धरती पर बैठी है। उसे कोई टच कर नहीं सकता। ये उसका गलतफहमी थी। शी वाज़ एंटायरली रॉन्ग। उसकी बॉडी डिस्कवर हुई है। डिस्कवर हुई आइसोलेटेड न्यूयॉर्क के एक स्टेट के पार्क के अंदर। अब सीआईए और एफबीआई को बुलाया गया है। स्टेट पुलिस ने बोल दिया कि हमें तो कोई क्लू नहीं मिल रहा क्योंकि कोई फुटप्रिंट्स भी नहीं है कि कोई आया उसको मार के चला गया। जो पूरी की पूरी जो ट्रेल है वो कंप्लीटली कोल्ड है। इसलिए उन्होंने एफबीआई को बुलाया है इसको इन्वेस्टिगेट करने के लिए। लेकिन अभी तक कुछ भी पता नहीं लगा कि ये अननोन गन मैन कहां से आए।

 कब हवा में ही काम करके वो चले गए। कोई वहां पे निशान गोली का नहीं है। कोई निशान मारा पट्टी का नहीं है। कोई गला दबाया नहीं गया। कुछ नहीं किया। लेकिन लेडी मरी पड़ी है। ये है अननोन गन मैन का काम।महादेव की यह सेना है। कब आएगी, कब काम करके जाएगी यह किसी को पता लगेगा नहीं। अब आपको लगेगा यार अमेरिका में ही काम कर दिया। नहीं। सिर्फ अमेरिका में नहीं हुआ। अभी थोड़ा सा डायरेक्टली आप पाकिस्तान की तरफ भी आ जाइए। वहां पर भी कुछ काम हो गया है। वहां पे क्या हुआ? एक लेफ्टिनेंट कर्नल है इमरान दयाल।उसको Olla के पास भेज दिया। पाकिस्तान आर्मी का यह लेफ्टिनेंट कर्नल है। ही वाज़ फाउंड दैट शॉट बाय अननोन गन मैन एज ऑलवेज। दोस्तों लेकिन जो खासियत ये नहीं है कि हमने लेफ्टिनेंट कर्नल को मारा। नॉर्मल न्यूज़ है। मारा कहां है? हाइली गार्डेड जो इनका डेरा इस्माइल खान का एरिया है। उसके अंदर इसको मारा गया है। फ्लोलेस हाइपरस सर्जिकल स्ट्राइक। दोस्तों ये जो है ना बंदे को मारा वहां पे जो पुलिस इसकी ISI है नंबर वन और जो नंबर वन मिलिट्री है पाकिस्तान की वो कहते हैं हमें फुटप्रिंट्स भी नहीं मिल रहे कि कौन सा बंदा कब आके ना कोई मोटरसाइकिल के ना गाड़ी के ना ही किसी के पैरों के निशान है कि कोई आया और मार के चला गया। लेकिन गोली लगी है यहां पे बंदूक रख कर। कोई दूर से मारा नहीं गया है। और मारा भी कहां है? उसके अपना जो किला था उसके बीच में बैठकर उसको मारा गया है। अब पाकिस्तान क्या कर रहा है? वो बोलता है कोई Ghost आया था वो मार के चला गया। अब पाकिस्तान की आर्मी वो घोस्ट को ढूंढ रही है।

जब यूएसए के एंबेसडर सर्ग गौर जब वो हाइली सिक्योर रूम के अंदर बैठे  मोदी जी के साथ नहीं जयशंकर के साथ नहीं वो बैठे इंडियन होम मिनिस्टर अमित शाह के पास। मैंने तब आपको एक एक्सक्लूसिव चीज बताई थी कि वहां पर एक लिस्ट को एक्सचेंज किया गया है। जहां पर हमने बोला कि अब काउंटर टेररिज्म के ऊपर काम हमें इकट्ठे मिलकर करना पड़ेगा। अभी तो ख़स्तानियों का नाम आएगा इसमें। आप देख लेना अगले 40-50 दिनों में  आपको बड़ा खास्तानी मारा हुआ दिखेगा।अमित शाह को मालूम है आर्किटेक्ट हैं भारत की इंटरनल सिक्योरिटी के और वो रेयरली किसी भी फॉरेन डेलीगेट्स को वो नहीं मिलते डायरेक्टली। यह काम जयशंकर का है। टाइमिंग एब्सोल्यूटली एक्सप्लोसिव थी। क्योंकि जो गौर है वो G7 की मीटिंग को छोड़कर फ्रांस में वो सीधा आते हैं अमित शाह के कमरे के अंदर। और आपको मालूम है प्रधानमंत्री मोदी और डोन्ड ट्रंप वहां पर मीटिंग कर रहे थे जब यहां पर स्वर्गीय गॉड और अमित शाह मीटिंग कर रहे थे। डिस्कस क्या किया गया तब मैंने बताया था आपको टू कंट्रोल टेररिज्म और दूसरा जो भारत के खिलाफ अमेरिका में बैठकर हमें धमकियां देते हैं हमारे धर्म को भी और हमारे कंट्री को उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। और ये दोनों कंट्रीज ने एग्री किया कि अब जॉइंटली जो ये क्रिमिनल माइंडसेट के लोग हैं इनको जस्टिस दिलाई जाएगी। जस्टिस कोर्ट में जाकर नहीं होती है। यह अननोन गन मैन ही यह जस्टिस दिलाते हैं। अब ग्रीन लाइट मिल गई है अमेरिका से जो आप कर रहे हैं। हम आपके साथ हैं। जो हम करेंगे आप भी हमारे साथ रहेंगे। इसको बोलते हैं जियोपॉलिटिकल चेस बोर्ड को फ्लिप करना। अब ये कोई रैंडम कोइजिडेंसेस नहीं है। दो बहुत डिफरेंट टारगेट्स। दो डिफरेंट कंट्रीज के अंदर। और वो टारगेट कौन थे? जो ओपनली होस्टाइल थे भारत की स्ट्रेटेजिक इंटरेस्ट के लिए उनको मारा गया है। दोनों को एलिमिनेट किया कुछ दिनों में कह दीजिए या कुछ घंटों के बीच में।

दोस्तों पिछले 20-30 साल में हुआ क्या था जो भारत की गवर्नमेंट थी वो डिफेंसिव खेलती रही। आपको मालूम है हम डोज़ियर पे डोज़ियर देते रहे। कभी यूनाइटेड स्टेट्स को, कभी कनाडा को, कभी यूनाइटेड नेशंस में और कभी पाकिस्तान को। हम कंप्लेन करते रहे ग्लोबल कम्युनिटी को कि यार ये लोग हमारे देश के खिलाफ ये काम कर रहे हैं। इनको रोको। और जो हमारे दुश्मन है वो हमारे मुंह के ऊपर हंसते थे। आज जो उन्होंने काम क्या किया था? हमारी जो डेमोक्रेटिक वैल्यू्यूज हैं या डेमोक्रेसी हमारी कंट्री की है उसको वेपन की तरह हमारे ऊपर यूज़ कर दिया। अगर हमने किसी को मारने की कोशिश करी या बोला हम आपको मार देंगे तो बोलते हैं ये डेमोक्रेटिक नहीं है। ये तो ह्यूमन राइट्स की वायलेशन है।

हमने बोल दिया ह्यूमन राइट्स ह्यूमंस के लिए होते हैं। लिब्रांडू और मुसलमान वो ह्यूमंस की कैटेगरी में वो आते ही नहीं है। ये डॉक्ट्राइन है गवर्नमेंट ऑफ इंडिया का। इसलिए जो ये लोग सोचते थे कि पाकिस्तान के अंदर हम एक किले में बैठे हैं। अमेरिका में बैठे हैं। हमें कौन टच करेगा? वो एरा ऑफिशियली वो खत्म हो चुका है। अब क्या हो रहा है? जो हंटर है वो हम बन चुके हैं। हम हंटिंग कर रहे हैं अब इनकी कहीं भी हो दुनिया में और मैसिव ग्लोबल मनी ट्रेल को अगर आप फॉलो करेंगे तो आपको पता लगेगा ये सारे के सारे जो एंटी इंडिया के नेटवर्क्स हैं जहां पे पैसे आ रहे थे उसको भी ब्लॉक किया जा रहा है जो हॉस्टाइल कंट्रीज थी जो यूज़ करती थी हमारी जो फ्रिक्शन है कंट्री के अंदर छोटे-छोटे मुद्दों के ऊपर जियोपॉलिटिकल लीवरेज के लिए वो यूज़ करते थे हमने उसको भी बंद करना शुरू कर दिया आप यूज़ तो करके देखिए गोली ना आए अननोन गन मैन से नाम बदल देना भारत का भाई इंडिया का नाम बदल के भारत कर देना। हमें कोई दिक्कत नहीं है। एक राइजिंग पावर जब बढ़ती है उसे डिस्टेबलाइज करने के लिए आपके पास दो तीन मोहरे ही होते हैं। एक आप यहां पर उग्रवादी भेज दीजिए। हमारी तरक्की रुकवा दीजिए। दूसरा है कि आप नरेटिव्स को क्रिएट कीजिए। जैसे ये लौड़ा कर रही थी अमेरिका में बैठकर ताकि जो फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट्स है वो यहां पर भारत में ना आ सके। इसलिए जो ऑपरेशंस हैं ऐसे प्रोपेगेंडा करने वालों के जैसे बालिक थी ये ऑपरेशंस अब चालू हो चुके हैं। इनका जो मनी फ्लो है जो फाइनेंसियल मनी इनको मिलता था हमारे खिलाफ काम करने के लिए अब वो मनी फ्लो बंद हो जाएगा क्योंकि उनके जो लाउडस्पीकर्स हैं उसी को हमने साइलेंस कर  दिया। नेटवर्क कंप्लीटली फ्रैक्चर करके रख दिया है।लगेगा यार एक आधी लेडी को मार के क्या हो जाएगा अमेरिका में या एक कॉकरोच को आपने पाकिस्तान में मार दिया। की फर्क पड़ता है यही होता है कि जब आप इनको मारते हैं तो जो वेल्थदी जो डोनर्स हैं जो इनको फंडिंग करते हैं वह अपने पैसे को वो पीछे पीछे करना वो शुरू कर देंगे क्योंकि उनके जो रिटर्न ऑफ इन्वेस्टमेंट है वो क्रैश हो गई। अब उन्होंने इतने करोड़ों रुपए लगाए नरेटिव बिल्ड करने के लिए सोशल मीडिया पे स्प्रेड करने के लिए आज वो सारी इन्वेस्टमेंट जीरो

 कर दी आपने दो बंदों को मारकर। अब कनेक्ट कीजिए इसको पाकिस्तान के साथ। पाकिस्तान में जब से हमने सर्जिकल स्टाइल्स करनी शुरू करी है। क्या चक्कर है? पाकिस्तान इकोनॉमिकली भिखारी हो गया। कभी नोट किया आपने? हमने पहले काम किया था एक हमने सर्जिकल स्ट्राइक करी थी पाकिस्तान की घुस के अंदर के अंदर घुसकर नहीं। हमने जब डीमोनेटाइजेशन किया उसके बाद पाकिस्तान भिखारी होना शुरू हो गया। क्योंकि प्रिंटिंग मशीन कांग्रेस ने पाकिस्तान के अंदर लगाई हुई थी हमारी ही करेंसी की। उसके बाद दूसरा हमने किया जब अननोन गन मैन ने इनके बड़े-बड़े कॉकरोचों को मारना शुरू किया। उसके बाद जो इनको पैसे मिलते थे भारत को तंग करने के लिए वो मिलने बंद हो गए। अब आप सोच के देखिए 20 साल पीछे जाइए हिस्ट्री में तब क्या होता था। पाकिस्तान ने एक डॉक्ट्रिन बनाया था कि भारत को हर रोज हम जख्म देंगे। ये उनकी मास्टर पीस स्ट्रेटजी थी। उन्होंने नॉन स्टेट एक्टर्स को यूज़ किया जिओपॉलिटिकल वेपन की तरह। क्या बोलते थे वो? वो बोलते थे कि भ हमने तो कुछ किया ही नहीं। ये तो टेररिस्ट हैं। फ्रीडर फाइटर्स हैं। ये अपनी धरती के लिए ये लड़ रहे हैं। ग्लोबल स्टेज के ऊपर इनको ये नॉन स्टेक एक्टर्स बोल दिया गया। या

 बोल दीजिए अननोन गन मैन वो यूज़ करते थे। स्ट्रेटजी सफोकेटिंग थी। लेकिन लेकिन कामयाब थी पाकिस्तान के लिए। अब जो इकोनमिक कॉस्ट है इसकी वो ये थी कि इनको लगातार फंडिंग चाहिए ताकि इस नेटवर्क को जिंदा रख सके। हमने क्या किया? फंडिंग जहां से आती है पहले तो वहां से बंद करवाई। उसके बाद जिसको आती है उसको लुल्ला के पास हमने भेजना शुरू कर दिया। इनकी जो करेंसी है वो इसीलिए आज फेल हो रही है पाकिस्तान की। क्योंकि पीछे से जो टूटी थी पैसे आने की वो बंद हो गई। दोस्तों एक और भी चीज है कि ये जो पाकिस्तान है आज ये बेल आउट लेता है। बेल आउट भी हमने इनको दिलवाने बंद कर दिए। क्यों? क्योंकि बेल आउट आता है उससे ये उग्रवादी ही खड़ा करते हैं। हमने उस रास्ते को भी बंद कर दिया। सर्जिकल स्ट्राइक सिर्फ ये दो लोगों को मारने से नहीं हुई। हमने पाकिस्तान के ऊपर भी सर्जिकल स्ट्राइक्स बार-बार हमने करी है। कोई बात नहीं। इनको ये पाकिस्तानी बोलेंगे आज इस वीडियो के नीचे कि सर हमें तो जी 25 बार तो भीख मिल गई। एक बार और मिल जाएगी। आपके रोकने से क्या हो गया? होता क्या है? जब इनको भीख चाहिए हम उस वक्त नहीं दिलाने देते। हम देते हैं साल के बाद 8 महीने के बाद। जब उसका बोझ इतना बढ़ चुका होता है कि सिर्फ इंटरेस्ट पेमेंट में सारी की सारी भीख वो निकल जाती है। इसको बोलते हैं इनका वेट इतना बढ़ा देना है कि अपने वेट के नीचे ये दब के ही मर जाए। दोस्तों अब हो क्या रहा है? ये जो पाकिस्तान है ये जो जिसको हमने दीनदयाल को मारा है वहां पर दयालु होकर उसको ऊपर भेज दिया। ये वो आदमी है जिसको फंड करती थी मिलिट्री मिलिट्री ये हैंडलर्स थे मिलिट्री के अंदर इसको मार दिया गया और ये जरूरी था क्योंकि पाकिस्तान की एक फेटल मिसकलकुलेशन है उनको लगा कि यार दिल्ली के अगेंस्ट कुछ भी करते रहे हैं भारत के अगेंस्ट हमारे पास वो हिंदुओं की गवर्नमेंट है एपिटाइट ही नहीं है कि हम एस्केलेट करेंगे दे वर एम्बरेसिंगली रोंग हमारी जो इंटेलिजेंस एजेंसीज हैं उन्होंने अब एविडेंस को कलेक्ट करना बंद कर दिया और जाकर हम फॉरेन की कोर्ट में जाके बोलते थे कि ये एविडेंस इन्होंने मारा इनको कुछ बोलिए बिल्कुल भी नहीं आपके पास एक इंफॉर्मेशन आई आपने उसको यूज़ किया और काम तमाम कर दिया इंडियन मीडिया जो मेन स्ट्रीम मीडिया है कंप्लीटली अंडरप्ले करती है ये सारी की सारी जो हमारी डॉक्टाइन शिफ्ट हो चुकी है अब घर में घुस के मारेंगे और हर रोज मारेंगे अब तो अमेरिका को लिस्ट दे दी हमने ये लिस्ट है खाली कराओ और हमारे यहां पे जो लिस्ट है वो आप खाली करवाओ दोनों तरफ से काम चल रहा है दोस्तों जो हमारी मीडिया है और अपोजिशन है वो क्या बोलती है? वीक गवर्नमेंट है। मोदी जी सबसे ज्यादा वीक वो प्रधानमंत्री हैं। चलिए राहुल गांधगी का 2000 2011 का एक बयान है कि टेररिस्ट अटैक तो होते रहेंगे। गवर्नमेंट के पास इतनी पावर नहीं है कि वो सारे टेररिस्ट अटैक्स वो बंद करवा सके। चलिए 2014 के बाद ऐसी पावर क्या आ गई? वीक प्रधानमंत्री मोदी जी के हाथ में ऐसी कौन सी पावर आ गई कि अब टेररिस्ट अटैक होते नहीं है।अब एक काम और हो गया। वेस्टर्न इंटेलिजेंस जो अप्रेटस है वो वॉच कर रहा है। कोई जवाब नहीं है उनका। ना ही यह बोला जा रहा है कि जैसे Nijjar को अननोन गन मैन आकर कुत्ते की तरह मार के चले गए। वैसे ही इस लौड़ा को मार दिया। चुप्पी है। उन्हें मालूम है कि यह ब्रांड न्यू रियलिटी है। इसे एक्सेप्ट करना पड़ेगा। उन्हें पता लग गया कि जो गेम वो चलाते थे आज भारत ने उसको करना शुरू कर दिया। हमारे पास जो ऑपरेशनल जो रीच है वो ग्लोबल हो चुकी है। ये सारी दुनिया को  दिखती है। दोस्तों जो भी भारत के खिलाफ गेम प्ले करेगा। उसके पहले तो जो ये टेरर फंडिंग है उसको बंद किया जाएगा। उसके बाद उनको हंट किया जाएगा। ये दुनिया को समझ आ गया। और जो पाकिस्तान के अंदर जो कंटोनमेंट एरिया है वो भी सेफ नहीं रहे। न्यूयॉर्क के पास जो पार्क हैं जहां पर कैमरे लगे हुए थे चारों तरफ वो भी सेफ नहीं है इनके लिए। ये जो पुराना जिओपॉलिटिकल सेफ्टी नेट था वो कंप्लीटली हमने कोलैप्स कर दिया और जो हमारा इंटेलिजेंस एजेंसीज का जो रीच है वो एब्सोल्यूट स्ट्रेटेजिक पैर के ऊपर आ गई है। अब हम मोसाद की तरह काम करते हैं। अब डेमोंस्ट्रेट करते हैं हम लोग कि जैसे सीआईए हर जगह पे जाकर गंध डाल सकती है। हम भी डाल सकते हैं। पाकिस्तान पैरालाइज्ड है अंदर से। स्ट्रेटेजिक जो उनकी इंटेलिजेंस एजेंसीज हैं वो बिल्कुल दे आर लाइक यू नो जैसे मक्खियों को मारते हैं हम लोग वो हाल हो गया। नंबर वन बोलते हैं अपने आपको। आज लंबड़वान रह गए हैं वो और कुछ भी नहीं है। दे कैन नॉट इवन प्रोटेक्ट देयर ओन ऑफिसर्स। लेफ्टिनेंट कर्नल को कुत्ते की तरह हमने मार के फेंक दिया। हमने बोला हूं और गर्व से बोल रहा हूं। और उनको मालूम है कि जो हिट लिस्ट है हमारे पास वो बहुत लंबी है। ये आदमी वो था जिसने पहलगाम के अटैक के अंदर पूरा जो लॉजिस्टिक्स का काम था वो इसने करवा के दिया था। जो कॉस्ट है प्रॉक्सी वॉर की वो इतनी बड़ी हब पाकिस्तान के ऊपर कर रहे हैं कि जो जो ये अननोन गन मैन है इनक्रेडिबली पेशेंटली हाईली स्किल्ड वो ऑपरेशंस कर रहे हैं ताकि इनकी कॉस्ट बढ़ती रहे। दोस्तों उन्होंने एक डॉक्ट्रन शुरू किया भारत के खिलाफ। हम 1000 कट्स देंगे भारत को। भारत ने बोला कोई बात नहीं आपने 1000 दिए हम 10,000 दे सकते हैं। कल पीओके के अंदर एक डेमोंस्ट्रेशन और हुआ। क्या बोला उन्होंने कि आपके लोगों को पाकिस्तान को बोला है अपने लोगों को निकाल के बाहर निकालो। अब पीओके के लोग और भारत अपने आप निपट लेंगे कि हमने क्या करना है। क्या बोला? पीओके के लोग बोलते हैं कि हम भारत के साथ अपने आप डिसाइड कर लेंगे हमने क्या करना है। तुम यहां से दफा हो जाओ अपने बैग को लेकर। कल पीओके के अंदर यह काम हो गया। यह है ऑपरेशंस विद डेवस्टेटिंग इंप्युरिटी ग्लोबल हिट लिस्ट एक्सट्रीमली एक्टिव है। जो एनिमीज़ हैं भारत के उन्हें मालूम है कि क्या आने वाला है। उनकी नींदें अब हराम करने का टाइम आ गया। मैं कई बार बोलता हूं हमारे जो मेन स्ट्रीम मीडिया के कई लोग हैं जो छोड़ के कोई जर्मनी जर्मन शेफर्ड बन गया। कोई अमेरिका में अमेरिकन डॉग बन गया। कोई ऑस्ट्रेलिया में चला गया। ये जो वहां बैठ के भारत के खिलाफ काम करते हैं। मुझे लगता है इनका नाम भी उस लिस्ट में होना चाहिए। मुझे नहीं मालूम है कि नहीं लेकिन मैं बोल रहा हूं होना चाहिए और अननोन गन मैन को बोल सकते हैं हम लोग कि भैया आपको अगर पैसे चाहिए हमारे जैसे लोग बैठे हैं फंडिंग करने के लिए आप बताओ कितने चाहिए लेकिन ये सारे जो जर्मन शेफर्ड एंड ऑल इनको खत्म करो यार ये न्यूसेंस बहुत लंबी हो गई और जो शेरवानी है फटी हुई भारत में उसका भी कोई काम करना  पड़ेगा आपको क्योंकि बेचारी बहुत तंग है कहती है यार हम बड़े तंग है यहां पर क्योंकि इनकी जिंदगी जो है वो तो लुल्ला के पास जाकर ही पूरी होती है तो क्यों ना इनको भेज दिया जाए ये जब तक इनको ट्रेंबल हम नहीं करवाएंगे आएंगे तब तक काम होगा नहीं और आपको अब अमेरिका की तरफ से कोई स्टेटमेंट कनाडा की तरफ से आपके खिलाफ अब नहीं आएगी क्योंकि उन्हें मालूम है एक तूफान शुरू हो चुका है न्यू दिल्ली में नॉर्थ ब्लॉक में अमित शाह के कमरे से रूल्स ऑफ द गेम चेंज हो गए हैं फॉर एवर तो ओनली क्वेश्चन लेफ्ट इज नाउ हु इज नेक्स्ट

 मुझे बड़ी खुशी होगी जिस दिन ख़स्तानी मरने शुरू होंगे कनाडा में अमेरिका में ऑस्ट्रेलिया में और जहां-जहां यह बैठे हैं।

जय हिंद।


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2026-06-22T13:08:37+05:30
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2026-06-22T13:13:08+05:30

दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से

दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से

 Sergei Gor अमित शाह से मिलते हैं। एक लिस्ट एक्सचेंज होती है और हमें पता लगता है कि दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां वो मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से।एक हाइली फंडेड एंटी इंडिया प्रोपगेंड है जो कि अमेरिका में रहती थी। नाम था लोरा बलिक।वो एक्चुअल नाम था इसका। लौड़ा बलिक मार दी गई। न्यूयॉर्क के एक पार्क में घूम रही थी। मार दिया किसी ने।उसका काम क्या था? उसने एक डिजिटल मशीन को यूज किया हुआ था

अमेरिका के अंदर। जहां पर वो हिंदू भगवानों को वो डिमीन करती थी वो। ओपनली अपने फॉलोअर्स को बोलती थी कि हिंदू जो देवी देवता हैं उनको गालियां निकालिए। उसको कर्स कीजिए। उसको मार दिया गया। उसको क्या लगता था कि अमेरिका की धरती पर बैठी है। उसे कोई टच कर नहीं सकता। ये उसका गलतफहमी थी। शी वाज़ एंटायरली रॉन्ग। उसकी बॉडी डिस्कवर हुई है। डिस्कवर हुई आइसोलेटेड न्यूयॉर्क के एक स्टेट के पार्क के अंदर। अब सीआईए और एफबीआई को बुलाया गया है। स्टेट पुलिस ने बोल दिया कि हमें तो कोई क्लू नहीं मिल रहा क्योंकि कोई फुटप्रिंट्स भी नहीं है कि कोई आया उसको मार के चला गया। जो पूरी की पूरी जो ट्रेल है वो कंप्लीटली कोल्ड है। इसलिए उन्होंने एफबीआई को बुलाया है इसको इन्वेस्टिगेट करने के लिए। लेकिन अभी तक कुछ भी पता नहीं लगा कि ये अननोन गन मैन कहां से आए।

 कब हवा में ही काम करके वो चले गए। कोई वहां पे निशान गोली का नहीं है। कोई निशान मारा पट्टी का नहीं है। कोई गला दबाया नहीं गया। कुछ नहीं किया। लेकिन लेडी मरी पड़ी है। ये है अननोन गन मैन का काम।महादेव की यह सेना है। कब आएगी, कब काम करके जाएगी यह किसी को पता लगेगा नहीं। अब आपको लगेगा यार अमेरिका में ही काम कर दिया। नहीं। सिर्फ अमेरिका में नहीं हुआ। अभी थोड़ा सा डायरेक्टली आप पाकिस्तान की तरफ भी आ जाइए। वहां पर भी कुछ काम हो गया है। वहां पे क्या हुआ? एक लेफ्टिनेंट कर्नल है इमरान दयाल।उसको Olla के पास भेज दिया। पाकिस्तान आर्मी का यह लेफ्टिनेंट कर्नल है। ही वाज़ फाउंड दैट शॉट बाय अननोन गन मैन एज ऑलवेज। दोस्तों लेकिन जो खासियत ये नहीं है कि हमने लेफ्टिनेंट कर्नल को मारा। नॉर्मल न्यूज़ है। मारा कहां है? हाइली गार्डेड जो इनका डेरा इस्माइल खान का एरिया है। उसके अंदर इसको मारा गया है। फ्लोलेस हाइपरस सर्जिकल स्ट्राइक। दोस्तों ये जो है ना बंदे को मारा वहां पे जो पुलिस इसकी ISI है नंबर वन और जो नंबर वन मिलिट्री है पाकिस्तान की वो कहते हैं हमें फुटप्रिंट्स भी नहीं मिल रहे कि कौन सा बंदा कब आके ना कोई मोटरसाइकिल के ना गाड़ी के ना ही किसी के पैरों के निशान है कि कोई आया और मार के चला गया। लेकिन गोली लगी है यहां पे बंदूक रख कर। कोई दूर से मारा नहीं गया है। और मारा भी कहां है? उसके अपना जो किला था उसके बीच में बैठकर उसको मारा गया है। अब पाकिस्तान क्या कर रहा है? वो बोलता है कोई Ghost आया था वो मार के चला गया। अब पाकिस्तान की आर्मी वो घोस्ट को ढूंढ रही है।

जब यूएसए के एंबेसडर सर्ग गौर जब वो हाइली सिक्योर रूम के अंदर बैठे  मोदी जी के साथ नहीं जयशंकर के साथ नहीं वो बैठे इंडियन होम मिनिस्टर अमित शाह के पास। मैंने तब आपको एक एक्सक्लूसिव चीज बताई थी कि वहां पर एक लिस्ट को एक्सचेंज किया गया है। जहां पर हमने बोला कि अब काउंटर टेररिज्म के ऊपर काम हमें इकट्ठे मिलकर करना पड़ेगा। अभी तो ख़स्तानियों का नाम आएगा इसमें। आप देख लेना अगले 40-50 दिनों में  आपको बड़ा खास्तानी मारा हुआ दिखेगा।अमित शाह को मालूम है आर्किटेक्ट हैं भारत की इंटरनल सिक्योरिटी के और वो रेयरली किसी भी फॉरेन डेलीगेट्स को वो नहीं मिलते डायरेक्टली। यह काम जयशंकर का है। टाइमिंग एब्सोल्यूटली एक्सप्लोसिव थी। क्योंकि जो गौर है वो G7 की मीटिंग को छोड़कर फ्रांस में वो सीधा आते हैं अमित शाह के कमरे के अंदर। और आपको मालूम है प्रधानमंत्री मोदी और डोन्ड ट्रंप वहां पर मीटिंग कर रहे थे जब यहां पर स्वर्गीय गॉड और अमित शाह मीटिंग कर रहे थे। डिस्कस क्या किया गया तब मैंने बताया था आपको टू कंट्रोल टेररिज्म और दूसरा जो भारत के खिलाफ अमेरिका में बैठकर हमें धमकियां देते हैं हमारे धर्म को भी और हमारे कंट्री को उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। और ये दोनों कंट्रीज ने एग्री किया कि अब जॉइंटली जो ये क्रिमिनल माइंडसेट के लोग हैं इनको जस्टिस दिलाई जाएगी। जस्टिस कोर्ट में जाकर नहीं होती है। यह अननोन गन मैन ही यह जस्टिस दिलाते हैं। अब ग्रीन लाइट मिल गई है अमेरिका से जो आप कर रहे हैं। हम आपके साथ हैं। जो हम करेंगे आप भी हमारे साथ रहेंगे। इसको बोलते हैं जियोपॉलिटिकल चेस बोर्ड को फ्लिप करना। अब ये कोई रैंडम कोइजिडेंसेस नहीं है। दो बहुत डिफरेंट टारगेट्स। दो डिफरेंट कंट्रीज के अंदर। और वो टारगेट कौन थे? जो ओपनली होस्टाइल थे भारत की स्ट्रेटेजिक इंटरेस्ट के लिए उनको मारा गया है। दोनों को एलिमिनेट किया कुछ दिनों में कह दीजिए या कुछ घंटों के बीच में।

दोस्तों पिछले 20-30 साल में हुआ क्या था जो भारत की गवर्नमेंट थी वो डिफेंसिव खेलती रही। आपको मालूम है हम डोज़ियर पे डोज़ियर देते रहे। कभी यूनाइटेड स्टेट्स को, कभी कनाडा को, कभी यूनाइटेड नेशंस में और कभी पाकिस्तान को। हम कंप्लेन करते रहे ग्लोबल कम्युनिटी को कि यार ये लोग हमारे देश के खिलाफ ये काम कर रहे हैं। इनको रोको। और जो हमारे दुश्मन है वो हमारे मुंह के ऊपर हंसते थे। आज जो उन्होंने काम क्या किया था? हमारी जो डेमोक्रेटिक वैल्यू्यूज हैं या डेमोक्रेसी हमारी कंट्री की है उसको वेपन की तरह हमारे ऊपर यूज़ कर दिया। अगर हमने किसी को मारने की कोशिश करी या बोला हम आपको मार देंगे तो बोलते हैं ये डेमोक्रेटिक नहीं है। ये तो ह्यूमन राइट्स की वायलेशन है।

हमने बोल दिया ह्यूमन राइट्स ह्यूमंस के लिए होते हैं। लिब्रांडू और मुसलमान वो ह्यूमंस की कैटेगरी में वो आते ही नहीं है। ये डॉक्ट्राइन है गवर्नमेंट ऑफ इंडिया का। इसलिए जो ये लोग सोचते थे कि पाकिस्तान के अंदर हम एक किले में बैठे हैं। अमेरिका में बैठे हैं। हमें कौन टच करेगा? वो एरा ऑफिशियली वो खत्म हो चुका है। अब क्या हो रहा है? जो हंटर है वो हम बन चुके हैं। हम हंटिंग कर रहे हैं अब इनकी कहीं भी हो दुनिया में और मैसिव ग्लोबल मनी ट्रेल को अगर आप फॉलो करेंगे तो आपको पता लगेगा ये सारे के सारे जो एंटी इंडिया के नेटवर्क्स हैं जहां पे पैसे आ रहे थे उसको भी ब्लॉक किया जा रहा है जो हॉस्टाइल कंट्रीज थी जो यूज़ करती थी हमारी जो फ्रिक्शन है कंट्री के अंदर छोटे-छोटे मुद्दों के ऊपर जियोपॉलिटिकल लीवरेज के लिए वो यूज़ करते थे हमने उसको भी बंद करना शुरू कर दिया आप यूज़ तो करके देखिए गोली ना आए अननोन गन मैन से नाम बदल देना भारत का भाई इंडिया का नाम बदल के भारत कर देना। हमें कोई दिक्कत नहीं है। एक राइजिंग पावर जब बढ़ती है उसे डिस्टेबलाइज करने के लिए आपके पास दो तीन मोहरे ही होते हैं। एक आप यहां पर उग्रवादी भेज दीजिए। हमारी तरक्की रुकवा दीजिए। दूसरा है कि आप नरेटिव्स को क्रिएट कीजिए। जैसे ये लौड़ा कर रही थी अमेरिका में बैठकर ताकि जो फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट्स है वो यहां पर भारत में ना आ सके। इसलिए जो ऑपरेशंस हैं ऐसे प्रोपेगेंडा करने वालों के जैसे बालिक थी ये ऑपरेशंस अब चालू हो चुके हैं। इनका जो मनी फ्लो है जो फाइनेंसियल मनी इनको मिलता था हमारे खिलाफ काम करने के लिए अब वो मनी फ्लो बंद हो जाएगा क्योंकि उनके जो लाउडस्पीकर्स हैं उसी को हमने साइलेंस कर  दिया। नेटवर्क कंप्लीटली फ्रैक्चर करके रख दिया है।लगेगा यार एक आधी लेडी को मार के क्या हो जाएगा अमेरिका में या एक कॉकरोच को आपने पाकिस्तान में मार दिया। की फर्क पड़ता है यही होता है कि जब आप इनको मारते हैं तो जो वेल्थदी जो डोनर्स हैं जो इनको फंडिंग करते हैं वह अपने पैसे को वो पीछे पीछे करना वो शुरू कर देंगे क्योंकि उनके जो रिटर्न ऑफ इन्वेस्टमेंट है वो क्रैश हो गई। अब उन्होंने इतने करोड़ों रुपए लगाए नरेटिव बिल्ड करने के लिए सोशल मीडिया पे स्प्रेड करने के लिए आज वो सारी इन्वेस्टमेंट जीरो

 कर दी आपने दो बंदों को मारकर। अब कनेक्ट कीजिए इसको पाकिस्तान के साथ। पाकिस्तान में जब से हमने सर्जिकल स्टाइल्स करनी शुरू करी है। क्या चक्कर है? पाकिस्तान इकोनॉमिकली भिखारी हो गया। कभी नोट किया आपने? हमने पहले काम किया था एक हमने सर्जिकल स्ट्राइक करी थी पाकिस्तान की घुस के अंदर के अंदर घुसकर नहीं। हमने जब डीमोनेटाइजेशन किया उसके बाद पाकिस्तान भिखारी होना शुरू हो गया। क्योंकि प्रिंटिंग मशीन कांग्रेस ने पाकिस्तान के अंदर लगाई हुई थी हमारी ही करेंसी की। उसके बाद दूसरा हमने किया जब अननोन गन मैन ने इनके बड़े-बड़े कॉकरोचों को मारना शुरू किया। उसके बाद जो इनको पैसे मिलते थे भारत को तंग करने के लिए वो मिलने बंद हो गए। अब आप सोच के देखिए 20 साल पीछे जाइए हिस्ट्री में तब क्या होता था। पाकिस्तान ने एक डॉक्ट्रिन बनाया था कि भारत को हर रोज हम जख्म देंगे। ये उनकी मास्टर पीस स्ट्रेटजी थी। उन्होंने नॉन स्टेट एक्टर्स को यूज़ किया जिओपॉलिटिकल वेपन की तरह। क्या बोलते थे वो? वो बोलते थे कि भ हमने तो कुछ किया ही नहीं। ये तो टेररिस्ट हैं। फ्रीडर फाइटर्स हैं। ये अपनी धरती के लिए ये लड़ रहे हैं। ग्लोबल स्टेज के ऊपर इनको ये नॉन स्टेक एक्टर्स बोल दिया गया। या

 बोल दीजिए अननोन गन मैन वो यूज़ करते थे। स्ट्रेटजी सफोकेटिंग थी। लेकिन लेकिन कामयाब थी पाकिस्तान के लिए। अब जो इकोनमिक कॉस्ट है इसकी वो ये थी कि इनको लगातार फंडिंग चाहिए ताकि इस नेटवर्क को जिंदा रख सके। हमने क्या किया? फंडिंग जहां से आती है पहले तो वहां से बंद करवाई। उसके बाद जिसको आती है उसको लुल्ला के पास हमने भेजना शुरू कर दिया। इनकी जो करेंसी है वो इसीलिए आज फेल हो रही है पाकिस्तान की। क्योंकि पीछे से जो टूटी थी पैसे आने की वो बंद हो गई। दोस्तों एक और भी चीज है कि ये जो पाकिस्तान है आज ये बेल आउट लेता है। बेल आउट भी हमने इनको दिलवाने बंद कर दिए। क्यों? क्योंकि बेल आउट आता है उससे ये उग्रवादी ही खड़ा करते हैं। हमने उस रास्ते को भी बंद कर दिया। सर्जिकल स्ट्राइक सिर्फ ये दो लोगों को मारने से नहीं हुई। हमने पाकिस्तान के ऊपर भी सर्जिकल स्ट्राइक्स बार-बार हमने करी है। कोई बात नहीं। इनको ये पाकिस्तानी बोलेंगे आज इस वीडियो के नीचे कि सर हमें तो जी 25 बार तो भीख मिल गई। एक बार और मिल जाएगी। आपके रोकने से क्या हो गया? होता क्या है? जब इनको भीख चाहिए हम उस वक्त नहीं दिलाने देते। हम देते हैं साल के बाद 8 महीने के बाद। जब उसका बोझ इतना बढ़ चुका होता है कि सिर्फ इंटरेस्ट पेमेंट में सारी की सारी भीख वो निकल जाती है। इसको बोलते हैं इनका वेट इतना बढ़ा देना है कि अपने वेट के नीचे ये दब के ही मर जाए। दोस्तों अब हो क्या रहा है? ये जो पाकिस्तान है ये जो जिसको हमने दीनदयाल को मारा है वहां पर दयालु होकर उसको ऊपर भेज दिया। ये वो आदमी है जिसको फंड करती थी मिलिट्री मिलिट्री ये हैंडलर्स थे मिलिट्री के अंदर इसको मार दिया गया और ये जरूरी था क्योंकि पाकिस्तान की एक फेटल मिसकलकुलेशन है उनको लगा कि यार दिल्ली के अगेंस्ट कुछ भी करते रहे हैं भारत के अगेंस्ट हमारे पास वो हिंदुओं की गवर्नमेंट है एपिटाइट ही नहीं है कि हम एस्केलेट करेंगे दे वर एम्बरेसिंगली रोंग हमारी जो इंटेलिजेंस एजेंसीज हैं उन्होंने अब एविडेंस को कलेक्ट करना बंद कर दिया और जाकर हम फॉरेन की कोर्ट में जाके बोलते थे कि ये एविडेंस इन्होंने मारा इनको कुछ बोलिए बिल्कुल भी नहीं आपके पास एक इंफॉर्मेशन आई आपने उसको यूज़ किया और काम तमाम कर दिया इंडियन मीडिया जो मेन स्ट्रीम मीडिया है कंप्लीटली अंडरप्ले करती है ये सारी की सारी जो हमारी डॉक्टाइन शिफ्ट हो चुकी है अब घर में घुस के मारेंगे और हर रोज मारेंगे अब तो अमेरिका को लिस्ट दे दी हमने ये लिस्ट है खाली कराओ और हमारे यहां पे जो लिस्ट है वो आप खाली करवाओ दोनों तरफ से काम चल रहा है दोस्तों जो हमारी मीडिया है और अपोजिशन है वो क्या बोलती है? वीक गवर्नमेंट है। मोदी जी सबसे ज्यादा वीक वो प्रधानमंत्री हैं। चलिए राहुल गांधगी का 2000 2011 का एक बयान है कि टेररिस्ट अटैक तो होते रहेंगे। गवर्नमेंट के पास इतनी पावर नहीं है कि वो सारे टेररिस्ट अटैक्स वो बंद करवा सके। चलिए 2014 के बाद ऐसी पावर क्या आ गई? वीक प्रधानमंत्री मोदी जी के हाथ में ऐसी कौन सी पावर आ गई कि अब टेररिस्ट अटैक होते नहीं है।अब एक काम और हो गया। वेस्टर्न इंटेलिजेंस जो अप्रेटस है वो वॉच कर रहा है। कोई जवाब नहीं है उनका। ना ही यह बोला जा रहा है कि जैसे Nijjar को अननोन गन मैन आकर कुत्ते की तरह मार के चले गए। वैसे ही इस लौड़ा को मार दिया। चुप्पी है। उन्हें मालूम है कि यह ब्रांड न्यू रियलिटी है। इसे एक्सेप्ट करना पड़ेगा। उन्हें पता लग गया कि जो गेम वो चलाते थे आज भारत ने उसको करना शुरू कर दिया। हमारे पास जो ऑपरेशनल जो रीच है वो ग्लोबल हो चुकी है। ये सारी दुनिया को  दिखती है। दोस्तों जो भी भारत के खिलाफ गेम प्ले करेगा। उसके पहले तो जो ये टेरर फंडिंग है उसको बंद किया जाएगा। उसके बाद उनको हंट किया जाएगा। ये दुनिया को समझ आ गया। और जो पाकिस्तान के अंदर जो कंटोनमेंट एरिया है वो भी सेफ नहीं रहे। न्यूयॉर्क के पास जो पार्क हैं जहां पर कैमरे लगे हुए थे चारों तरफ वो भी सेफ नहीं है इनके लिए। ये जो पुराना जिओपॉलिटिकल सेफ्टी नेट था वो कंप्लीटली हमने कोलैप्स कर दिया और जो हमारा इंटेलिजेंस एजेंसीज का जो रीच है वो एब्सोल्यूट स्ट्रेटेजिक पैर के ऊपर आ गई है। अब हम मोसाद की तरह काम करते हैं। अब डेमोंस्ट्रेट करते हैं हम लोग कि जैसे सीआईए हर जगह पे जाकर गंध डाल सकती है। हम भी डाल सकते हैं। पाकिस्तान पैरालाइज्ड है अंदर से। स्ट्रेटेजिक जो उनकी इंटेलिजेंस एजेंसीज हैं वो बिल्कुल दे आर लाइक यू नो जैसे मक्खियों को मारते हैं हम लोग वो हाल हो गया। नंबर वन बोलते हैं अपने आपको। आज लंबड़वान रह गए हैं वो और कुछ भी नहीं है। दे कैन नॉट इवन प्रोटेक्ट देयर ओन ऑफिसर्स। लेफ्टिनेंट कर्नल को कुत्ते की तरह हमने मार के फेंक दिया। हमने बोला हूं और गर्व से बोल रहा हूं। और उनको मालूम है कि जो हिट लिस्ट है हमारे पास वो बहुत लंबी है। ये आदमी वो था जिसने पहलगाम के अटैक के अंदर पूरा जो लॉजिस्टिक्स का काम था वो इसने करवा के दिया था। जो कॉस्ट है प्रॉक्सी वॉर की वो इतनी बड़ी हब पाकिस्तान के ऊपर कर रहे हैं कि जो जो ये अननोन गन मैन है इनक्रेडिबली पेशेंटली हाईली स्किल्ड वो ऑपरेशंस कर रहे हैं ताकि इनकी कॉस्ट बढ़ती रहे। दोस्तों उन्होंने एक डॉक्ट्रन शुरू किया भारत के खिलाफ। हम 1000 कट्स देंगे भारत को। भारत ने बोला कोई बात नहीं आपने 1000 दिए हम 10,000 दे सकते हैं। कल पीओके के अंदर एक डेमोंस्ट्रेशन और हुआ। क्या बोला उन्होंने कि आपके लोगों को पाकिस्तान को बोला है अपने लोगों को निकाल के बाहर निकालो। अब पीओके के लोग और भारत अपने आप निपट लेंगे कि हमने क्या करना है। क्या बोला? पीओके के लोग बोलते हैं कि हम भारत के साथ अपने आप डिसाइड कर लेंगे हमने क्या करना है। तुम यहां से दफा हो जाओ अपने बैग को लेकर। कल पीओके के अंदर यह काम हो गया। यह है ऑपरेशंस विद डेवस्टेटिंग इंप्युरिटी ग्लोबल हिट लिस्ट एक्सट्रीमली एक्टिव है। जो एनिमीज़ हैं भारत के उन्हें मालूम है कि क्या आने वाला है। उनकी नींदें अब हराम करने का टाइम आ गया। मैं कई बार बोलता हूं हमारे जो मेन स्ट्रीम मीडिया के कई लोग हैं जो छोड़ के कोई जर्मनी जर्मन शेफर्ड बन गया। कोई अमेरिका में अमेरिकन डॉग बन गया। कोई ऑस्ट्रेलिया में चला गया। ये जो वहां बैठ के भारत के खिलाफ काम करते हैं। मुझे लगता है इनका नाम भी उस लिस्ट में होना चाहिए। मुझे नहीं मालूम है कि नहीं लेकिन मैं बोल रहा हूं होना चाहिए और अननोन गन मैन को बोल सकते हैं हम लोग कि भैया आपको अगर पैसे चाहिए हमारे जैसे लोग बैठे हैं फंडिंग करने के लिए आप बताओ कितने चाहिए लेकिन ये सारे जो जर्मन शेफर्ड एंड ऑल इनको खत्म करो यार ये न्यूसेंस बहुत लंबी हो गई और जो शेरवानी है फटी हुई भारत में उसका भी कोई काम करना  पड़ेगा आपको क्योंकि बेचारी बहुत तंग है कहती है यार हम बड़े तंग है यहां पर क्योंकि इनकी जिंदगी जो है वो तो लुल्ला के पास जाकर ही पूरी होती है तो क्यों ना इनको भेज दिया जाए ये जब तक इनको ट्रेंबल हम नहीं करवाएंगे आएंगे तब तक काम होगा नहीं और आपको अब अमेरिका की तरफ से कोई स्टेटमेंट कनाडा की तरफ से आपके खिलाफ अब नहीं आएगी क्योंकि उन्हें मालूम है एक तूफान शुरू हो चुका है न्यू दिल्ली में नॉर्थ ब्लॉक में अमित शाह के कमरे से रूल्स ऑफ द गेम चेंज हो गए हैं फॉर एवर तो ओनली क्वेश्चन लेफ्ट इज नाउ हु इज नेक्स्ट

 मुझे बड़ी खुशी होगी जिस दिन ख़स्तानी मरने शुरू होंगे कनाडा में अमेरिका में ऑस्ट्रेलिया में और जहां-जहां यह बैठे हैं।

जय हिंद।


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2026-06-22T13:08:37+05:30

दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से

 Sergei Gor अमित शाह से मिलते हैं। एक लिस्ट एक्सचेंज होती है और हमें पता लगता है कि दो बहुत बड़ी-बड़ी मछलियां वो मारी गई अननोन गन मैन की तरफ से।एक हाइली फंडेड एंटी इंडिया प्रोपगेंड है जो कि अमेरिका में रहती थी। नाम था लोरा बलिक।वो एक्चुअल नाम था इसका। लौड़ा बलिक मार दी गई। न्यूयॉर्क के एक पार्क में घूम रही थी। मार दिया किसी ने।उसका काम क्या था? उसने एक डिजिटल मशीन को यूज किया हुआ था

अमेरिका के अंदर। जहां पर वो हिंदू भगवानों को वो डिमीन करती थी वो। ओपनली अपने फॉलोअर्स को बोलती थी कि हिंदू जो देवी देवता हैं उनको गालियां निकालिए। उसको कर्स कीजिए। उसको मार दिया गया। उसको क्या लगता था कि अमेरिका की धरती पर बैठी है। उसे कोई टच कर नहीं सकता। ये उसका गलतफहमी थी। शी वाज़ एंटायरली रॉन्ग। उसकी बॉडी डिस्कवर हुई है। डिस्कवर हुई आइसोलेटेड न्यूयॉर्क के एक स्टेट के पार्क के अंदर। अब सीआईए और एफबीआई को बुलाया गया है। स्टेट पुलिस ने बोल दिया कि हमें तो कोई क्लू नहीं मिल रहा क्योंकि कोई फुटप्रिंट्स भी नहीं है कि कोई आया उसको मार के चला गया। जो पूरी की पूरी जो ट्रेल है वो कंप्लीटली कोल्ड है। इसलिए उन्होंने एफबीआई को बुलाया है इसको इन्वेस्टिगेट करने के लिए। लेकिन अभी तक कुछ भी पता नहीं लगा कि ये अननोन गन मैन कहां से आए।

 कब हवा में ही काम करके वो चले गए। कोई वहां पे निशान गोली का नहीं है। कोई निशान मारा पट्टी का नहीं है। कोई गला दबाया नहीं गया। कुछ नहीं किया। लेकिन लेडी मरी पड़ी है। ये है अननोन गन मैन का काम।महादेव की यह सेना है। कब आएगी, कब काम करके जाएगी यह किसी को पता लगेगा नहीं। अब आपको लगेगा यार अमेरिका में ही काम कर दिया। नहीं। सिर्फ अमेरिका में नहीं हुआ। अभी थोड़ा सा डायरेक्टली आप पाकिस्तान की तरफ भी आ जाइए। वहां पर भी कुछ काम हो गया है। वहां पे क्या हुआ? एक लेफ्टिनेंट कर्नल है इमरान दयाल।उसको Olla के पास भेज दिया। पाकिस्तान आर्मी का यह लेफ्टिनेंट कर्नल है। ही वाज़ फाउंड दैट शॉट बाय अननोन गन मैन एज ऑलवेज। दोस्तों लेकिन जो खासियत ये नहीं है कि हमने लेफ्टिनेंट कर्नल को मारा। नॉर्मल न्यूज़ है। मारा कहां है? हाइली गार्डेड जो इनका डेरा इस्माइल खान का एरिया है। उसके अंदर इसको मारा गया है। फ्लोलेस हाइपरस सर्जिकल स्ट्राइक। दोस्तों ये जो है ना बंदे को मारा वहां पे जो पुलिस इसकी ISI है नंबर वन और जो नंबर वन मिलिट्री है पाकिस्तान की वो कहते हैं हमें फुटप्रिंट्स भी नहीं मिल रहे कि कौन सा बंदा कब आके ना कोई मोटरसाइकिल के ना गाड़ी के ना ही किसी के पैरों के निशान है कि कोई आया और मार के चला गया। लेकिन गोली लगी है यहां पे बंदूक रख कर। कोई दूर से मारा नहीं गया है। और मारा भी कहां है? उसके अपना जो किला था उसके बीच में बैठकर उसको मारा गया है। अब पाकिस्तान क्या कर रहा है? वो बोलता है कोई Ghost आया था वो मार के चला गया। अब पाकिस्तान की आर्मी वो घोस्ट को ढूंढ रही है।

जब यूएसए के एंबेसडर सर्ग गौर जब वो हाइली सिक्योर रूम के अंदर बैठे  मोदी जी के साथ नहीं जयशंकर के साथ नहीं वो बैठे इंडियन होम मिनिस्टर अमित शाह के पास। मैंने तब आपको एक एक्सक्लूसिव चीज बताई थी कि वहां पर एक लिस्ट को एक्सचेंज किया गया है। जहां पर हमने बोला कि अब काउंटर टेररिज्म के ऊपर काम हमें इकट्ठे मिलकर करना पड़ेगा। अभी तो ख़स्तानियों का नाम आएगा इसमें। आप देख लेना अगले 40-50 दिनों में  आपको बड़ा खास्तानी मारा हुआ दिखेगा।अमित शाह को मालूम है आर्किटेक्ट हैं भारत की इंटरनल सिक्योरिटी के और वो रेयरली किसी भी फॉरेन डेलीगेट्स को वो नहीं मिलते डायरेक्टली। यह काम जयशंकर का है। टाइमिंग एब्सोल्यूटली एक्सप्लोसिव थी। क्योंकि जो गौर है वो G7 की मीटिंग को छोड़कर फ्रांस में वो सीधा आते हैं अमित शाह के कमरे के अंदर। और आपको मालूम है प्रधानमंत्री मोदी और डोन्ड ट्रंप वहां पर मीटिंग कर रहे थे जब यहां पर स्वर्गीय गॉड और अमित शाह मीटिंग कर रहे थे। डिस्कस क्या किया गया तब मैंने बताया था आपको टू कंट्रोल टेररिज्म और दूसरा जो भारत के खिलाफ अमेरिका में बैठकर हमें धमकियां देते हैं हमारे धर्म को भी और हमारे कंट्री को उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। और ये दोनों कंट्रीज ने एग्री किया कि अब जॉइंटली जो ये क्रिमिनल माइंडसेट के लोग हैं इनको जस्टिस दिलाई जाएगी। जस्टिस कोर्ट में जाकर नहीं होती है। यह अननोन गन मैन ही यह जस्टिस दिलाते हैं। अब ग्रीन लाइट मिल गई है अमेरिका से जो आप कर रहे हैं। हम आपके साथ हैं। जो हम करेंगे आप भी हमारे साथ रहेंगे। इसको बोलते हैं जियोपॉलिटिकल चेस बोर्ड को फ्लिप करना। अब ये कोई रैंडम कोइजिडेंसेस नहीं है। दो बहुत डिफरेंट टारगेट्स। दो डिफरेंट कंट्रीज के अंदर। और वो टारगेट कौन थे? जो ओपनली होस्टाइल थे भारत की स्ट्रेटेजिक इंटरेस्ट के लिए उनको मारा गया है। दोनों को एलिमिनेट किया कुछ दिनों में कह दीजिए या कुछ घंटों के बीच में।

दोस्तों पिछले 20-30 साल में हुआ क्या था जो भारत की गवर्नमेंट थी वो डिफेंसिव खेलती रही। आपको मालूम है हम डोज़ियर पे डोज़ियर देते रहे। कभी यूनाइटेड स्टेट्स को, कभी कनाडा को, कभी यूनाइटेड नेशंस में और कभी पाकिस्तान को। हम कंप्लेन करते रहे ग्लोबल कम्युनिटी को कि यार ये लोग हमारे देश के खिलाफ ये काम कर रहे हैं। इनको रोको। और जो हमारे दुश्मन है वो हमारे मुंह के ऊपर हंसते थे। आज जो उन्होंने काम क्या किया था? हमारी जो डेमोक्रेटिक वैल्यू्यूज हैं या डेमोक्रेसी हमारी कंट्री की है उसको वेपन की तरह हमारे ऊपर यूज़ कर दिया। अगर हमने किसी को मारने की कोशिश करी या बोला हम आपको मार देंगे तो बोलते हैं ये डेमोक्रेटिक नहीं है। ये तो ह्यूमन राइट्स की वायलेशन है।

हमने बोल दिया ह्यूमन राइट्स ह्यूमंस के लिए होते हैं। लिब्रांडू और मुसलमान वो ह्यूमंस की कैटेगरी में वो आते ही नहीं है। ये डॉक्ट्राइन है गवर्नमेंट ऑफ इंडिया का। इसलिए जो ये लोग सोचते थे कि पाकिस्तान के अंदर हम एक किले में बैठे हैं। अमेरिका में बैठे हैं। हमें कौन टच करेगा? वो एरा ऑफिशियली वो खत्म हो चुका है। अब क्या हो रहा है? जो हंटर है वो हम बन चुके हैं। हम हंटिंग कर रहे हैं अब इनकी कहीं भी हो दुनिया में और मैसिव ग्लोबल मनी ट्रेल को अगर आप फॉलो करेंगे तो आपको पता लगेगा ये सारे के सारे जो एंटी इंडिया के नेटवर्क्स हैं जहां पे पैसे आ रहे थे उसको भी ब्लॉक किया जा रहा है जो हॉस्टाइल कंट्रीज थी जो यूज़ करती थी हमारी जो फ्रिक्शन है कंट्री के अंदर छोटे-छोटे मुद्दों के ऊपर जियोपॉलिटिकल लीवरेज के लिए वो यूज़ करते थे हमने उसको भी बंद करना शुरू कर दिया आप यूज़ तो करके देखिए गोली ना आए अननोन गन मैन से नाम बदल देना भारत का भाई इंडिया का नाम बदल के भारत कर देना। हमें कोई दिक्कत नहीं है। एक राइजिंग पावर जब बढ़ती है उसे डिस्टेबलाइज करने के लिए आपके पास दो तीन मोहरे ही होते हैं। एक आप यहां पर उग्रवादी भेज दीजिए। हमारी तरक्की रुकवा दीजिए। दूसरा है कि आप नरेटिव्स को क्रिएट कीजिए। जैसे ये लौड़ा कर रही थी अमेरिका में बैठकर ताकि जो फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट्स है वो यहां पर भारत में ना आ सके। इसलिए जो ऑपरेशंस हैं ऐसे प्रोपेगेंडा करने वालों के जैसे बालिक थी ये ऑपरेशंस अब चालू हो चुके हैं। इनका जो मनी फ्लो है जो फाइनेंसियल मनी इनको मिलता था हमारे खिलाफ काम करने के लिए अब वो मनी फ्लो बंद हो जाएगा क्योंकि उनके जो लाउडस्पीकर्स हैं उसी को हमने साइलेंस कर  दिया। नेटवर्क कंप्लीटली फ्रैक्चर करके रख दिया है।लगेगा यार एक आधी लेडी को मार के क्या हो जाएगा अमेरिका में या एक कॉकरोच को आपने पाकिस्तान में मार दिया। की फर्क पड़ता है यही होता है कि जब आप इनको मारते हैं तो जो वेल्थदी जो डोनर्स हैं जो इनको फंडिंग करते हैं वह अपने पैसे को वो पीछे पीछे करना वो शुरू कर देंगे क्योंकि उनके जो रिटर्न ऑफ इन्वेस्टमेंट है वो क्रैश हो गई। अब उन्होंने इतने करोड़ों रुपए लगाए नरेटिव बिल्ड करने के लिए सोशल मीडिया पे स्प्रेड करने के लिए आज वो सारी इन्वेस्टमेंट जीरो

 कर दी आपने दो बंदों को मारकर। अब कनेक्ट कीजिए इसको पाकिस्तान के साथ। पाकिस्तान में जब से हमने सर्जिकल स्टाइल्स करनी शुरू करी है। क्या चक्कर है? पाकिस्तान इकोनॉमिकली भिखारी हो गया। कभी नोट किया आपने? हमने पहले काम किया था एक हमने सर्जिकल स्ट्राइक करी थी पाकिस्तान की घुस के अंदर के अंदर घुसकर नहीं। हमने जब डीमोनेटाइजेशन किया उसके बाद पाकिस्तान भिखारी होना शुरू हो गया। क्योंकि प्रिंटिंग मशीन कांग्रेस ने पाकिस्तान के अंदर लगाई हुई थी हमारी ही करेंसी की। उसके बाद दूसरा हमने किया जब अननोन गन मैन ने इनके बड़े-बड़े कॉकरोचों को मारना शुरू किया। उसके बाद जो इनको पैसे मिलते थे भारत को तंग करने के लिए वो मिलने बंद हो गए। अब आप सोच के देखिए 20 साल पीछे जाइए हिस्ट्री में तब क्या होता था। पाकिस्तान ने एक डॉक्ट्रिन बनाया था कि भारत को हर रोज हम जख्म देंगे। ये उनकी मास्टर पीस स्ट्रेटजी थी। उन्होंने नॉन स्टेट एक्टर्स को यूज़ किया जिओपॉलिटिकल वेपन की तरह। क्या बोलते थे वो? वो बोलते थे कि भ हमने तो कुछ किया ही नहीं। ये तो टेररिस्ट हैं। फ्रीडर फाइटर्स हैं। ये अपनी धरती के लिए ये लड़ रहे हैं। ग्लोबल स्टेज के ऊपर इनको ये नॉन स्टेक एक्टर्स बोल दिया गया। या

 बोल दीजिए अननोन गन मैन वो यूज़ करते थे। स्ट्रेटजी सफोकेटिंग थी। लेकिन लेकिन कामयाब थी पाकिस्तान के लिए। अब जो इकोनमिक कॉस्ट है इसकी वो ये थी कि इनको लगातार फंडिंग चाहिए ताकि इस नेटवर्क को जिंदा रख सके। हमने क्या किया? फंडिंग जहां से आती है पहले तो वहां से बंद करवाई। उसके बाद जिसको आती है उसको लुल्ला के पास हमने भेजना शुरू कर दिया। इनकी जो करेंसी है वो इसीलिए आज फेल हो रही है पाकिस्तान की। क्योंकि पीछे से जो टूटी थी पैसे आने की वो बंद हो गई। दोस्तों एक और भी चीज है कि ये जो पाकिस्तान है आज ये बेल आउट लेता है। बेल आउट भी हमने इनको दिलवाने बंद कर दिए। क्यों? क्योंकि बेल आउट आता है उससे ये उग्रवादी ही खड़ा करते हैं। हमने उस रास्ते को भी बंद कर दिया। सर्जिकल स्ट्राइक सिर्फ ये दो लोगों को मारने से नहीं हुई। हमने पाकिस्तान के ऊपर भी सर्जिकल स्ट्राइक्स बार-बार हमने करी है। कोई बात नहीं। इनको ये पाकिस्तानी बोलेंगे आज इस वीडियो के नीचे कि सर हमें तो जी 25 बार तो भीख मिल गई। एक बार और मिल जाएगी। आपके रोकने से क्या हो गया? होता क्या है? जब इनको भीख चाहिए हम उस वक्त नहीं दिलाने देते। हम देते हैं साल के बाद 8 महीने के बाद। जब उसका बोझ इतना बढ़ चुका होता है कि सिर्फ इंटरेस्ट पेमेंट में सारी की सारी भीख वो निकल जाती है। इसको बोलते हैं इनका वेट इतना बढ़ा देना है कि अपने वेट के नीचे ये दब के ही मर जाए। दोस्तों अब हो क्या रहा है? ये जो पाकिस्तान है ये जो जिसको हमने दीनदयाल को मारा है वहां पर दयालु होकर उसको ऊपर भेज दिया। ये वो आदमी है जिसको फंड करती थी मिलिट्री मिलिट्री ये हैंडलर्स थे मिलिट्री के अंदर इसको मार दिया गया और ये जरूरी था क्योंकि पाकिस्तान की एक फेटल मिसकलकुलेशन है उनको लगा कि यार दिल्ली के अगेंस्ट कुछ भी करते रहे हैं भारत के अगेंस्ट हमारे पास वो हिंदुओं की गवर्नमेंट है एपिटाइट ही नहीं है कि हम एस्केलेट करेंगे दे वर एम्बरेसिंगली रोंग हमारी जो इंटेलिजेंस एजेंसीज हैं उन्होंने अब एविडेंस को कलेक्ट करना बंद कर दिया और जाकर हम फॉरेन की कोर्ट में जाके बोलते थे कि ये एविडेंस इन्होंने मारा इनको कुछ बोलिए बिल्कुल भी नहीं आपके पास एक इंफॉर्मेशन आई आपने उसको यूज़ किया और काम तमाम कर दिया इंडियन मीडिया जो मेन स्ट्रीम मीडिया है कंप्लीटली अंडरप्ले करती है ये सारी की सारी जो हमारी डॉक्टाइन शिफ्ट हो चुकी है अब घर में घुस के मारेंगे और हर रोज मारेंगे अब तो अमेरिका को लिस्ट दे दी हमने ये लिस्ट है खाली कराओ और हमारे यहां पे जो लिस्ट है वो आप खाली करवाओ दोनों तरफ से काम चल रहा है दोस्तों जो हमारी मीडिया है और अपोजिशन है वो क्या बोलती है? वीक गवर्नमेंट है। मोदी जी सबसे ज्यादा वीक वो प्रधानमंत्री हैं। चलिए राहुल गांधगी का 2000 2011 का एक बयान है कि टेररिस्ट अटैक तो होते रहेंगे। गवर्नमेंट के पास इतनी पावर नहीं है कि वो सारे टेररिस्ट अटैक्स वो बंद करवा सके। चलिए 2014 के बाद ऐसी पावर क्या आ गई? वीक प्रधानमंत्री मोदी जी के हाथ में ऐसी कौन सी पावर आ गई कि अब टेररिस्ट अटैक होते नहीं है।अब एक काम और हो गया। वेस्टर्न इंटेलिजेंस जो अप्रेटस है वो वॉच कर रहा है। कोई जवाब नहीं है उनका। ना ही यह बोला जा रहा है कि जैसे Nijjar को अननोन गन मैन आकर कुत्ते की तरह मार के चले गए। वैसे ही इस लौड़ा को मार दिया। चुप्पी है। उन्हें मालूम है कि यह ब्रांड न्यू रियलिटी है। इसे एक्सेप्ट करना पड़ेगा। उन्हें पता लग गया कि जो गेम वो चलाते थे आज भारत ने उसको करना शुरू कर दिया। हमारे पास जो ऑपरेशनल जो रीच है वो ग्लोबल हो चुकी है। ये सारी दुनिया को  दिखती है। दोस्तों जो भी भारत के खिलाफ गेम प्ले करेगा। उसके पहले तो जो ये टेरर फंडिंग है उसको बंद किया जाएगा। उसके बाद उनको हंट किया जाएगा। ये दुनिया को समझ आ गया। और जो पाकिस्तान के अंदर जो कंटोनमेंट एरिया है वो भी सेफ नहीं रहे। न्यूयॉर्क के पास जो पार्क हैं जहां पर कैमरे लगे हुए थे चारों तरफ वो भी सेफ नहीं है इनके लिए। ये जो पुराना जिओपॉलिटिकल सेफ्टी नेट था वो कंप्लीटली हमने कोलैप्स कर दिया और जो हमारा इंटेलिजेंस एजेंसीज का जो रीच है वो एब्सोल्यूट स्ट्रेटेजिक पैर के ऊपर आ गई है। अब हम मोसाद की तरह काम करते हैं। अब डेमोंस्ट्रेट करते हैं हम लोग कि जैसे सीआईए हर जगह पे जाकर गंध डाल सकती है। हम भी डाल सकते हैं। पाकिस्तान पैरालाइज्ड है अंदर से। स्ट्रेटेजिक जो उनकी इंटेलिजेंस एजेंसीज हैं वो बिल्कुल दे आर लाइक यू नो जैसे मक्खियों को मारते हैं हम लोग वो हाल हो गया। नंबर वन बोलते हैं अपने आपको। आज लंबड़वान रह गए हैं वो और कुछ भी नहीं है। दे कैन नॉट इवन प्रोटेक्ट देयर ओन ऑफिसर्स। लेफ्टिनेंट कर्नल को कुत्ते की तरह हमने मार के फेंक दिया। हमने बोला हूं और गर्व से बोल रहा हूं। और उनको मालूम है कि जो हिट लिस्ट है हमारे पास वो बहुत लंबी है। ये आदमी वो था जिसने पहलगाम के अटैक के अंदर पूरा जो लॉजिस्टिक्स का काम था वो इसने करवा के दिया था। जो कॉस्ट है प्रॉक्सी वॉर की वो इतनी बड़ी हब पाकिस्तान के ऊपर कर रहे हैं कि जो जो ये अननोन गन मैन है इनक्रेडिबली पेशेंटली हाईली स्किल्ड वो ऑपरेशंस कर रहे हैं ताकि इनकी कॉस्ट बढ़ती रहे। दोस्तों उन्होंने एक डॉक्ट्रन शुरू किया भारत के खिलाफ। हम 1000 कट्स देंगे भारत को। भारत ने बोला कोई बात नहीं आपने 1000 दिए हम 10,000 दे सकते हैं। कल पीओके के अंदर एक डेमोंस्ट्रेशन और हुआ। क्या बोला उन्होंने कि आपके लोगों को पाकिस्तान को बोला है अपने लोगों को निकाल के बाहर निकालो। अब पीओके के लोग और भारत अपने आप निपट लेंगे कि हमने क्या करना है। क्या बोला? पीओके के लोग बोलते हैं कि हम भारत के साथ अपने आप डिसाइड कर लेंगे हमने क्या करना है। तुम यहां से दफा हो जाओ अपने बैग को लेकर। कल पीओके के अंदर यह काम हो गया। यह है ऑपरेशंस विद डेवस्टेटिंग इंप्युरिटी ग्लोबल हिट लिस्ट एक्सट्रीमली एक्टिव है। जो एनिमीज़ हैं भारत के उन्हें मालूम है कि क्या आने वाला है। उनकी नींदें अब हराम करने का टाइम आ गया। मैं कई बार बोलता हूं हमारे जो मेन स्ट्रीम मीडिया के कई लोग हैं जो छोड़ के कोई जर्मनी जर्मन शेफर्ड बन गया। कोई अमेरिका में अमेरिकन डॉग बन गया। कोई ऑस्ट्रेलिया में चला गया। ये जो वहां बैठ के भारत के खिलाफ काम करते हैं। मुझे लगता है इनका नाम भी उस लिस्ट में होना चाहिए। मुझे नहीं मालूम है कि नहीं लेकिन मैं बोल रहा हूं होना चाहिए और अननोन गन मैन को बोल सकते हैं हम लोग कि भैया आपको अगर पैसे चाहिए हमारे जैसे लोग बैठे हैं फंडिंग करने के लिए आप बताओ कितने चाहिए लेकिन ये सारे जो जर्मन शेफर्ड एंड ऑल इनको खत्म करो यार ये न्यूसेंस बहुत लंबी हो गई और जो शेरवानी है फटी हुई भारत में उसका भी कोई काम करना  पड़ेगा आपको क्योंकि बेचारी बहुत तंग है कहती है यार हम बड़े तंग है यहां पर क्योंकि इनकी जिंदगी जो है वो तो लुल्ला के पास जाकर ही पूरी होती है तो क्यों ना इनको भेज दिया जाए ये जब तक इनको ट्रेंबल हम नहीं करवाएंगे आएंगे तब तक काम होगा नहीं और आपको अब अमेरिका की तरफ से कोई स्टेटमेंट कनाडा की तरफ से आपके खिलाफ अब नहीं आएगी क्योंकि उन्हें मालूम है एक तूफान शुरू हो चुका है न्यू दिल्ली में नॉर्थ ब्लॉक में अमित शाह के कमरे से रूल्स ऑफ द गेम चेंज हो गए हैं फॉर एवर तो ओनली क्वेश्चन लेफ्ट इज नाउ हु इज नेक्स्ट

 मुझे बड़ी खुशी होगी जिस दिन ख़स्तानी मरने शुरू होंगे कनाडा में अमेरिका में ऑस्ट्रेलिया में और जहां-जहां यह बैठे हैं।

जय हिंद।

Targeting Anti-India elements abroad- PRAHAAR Joint Strategy Indo-US

Summary  **covert operations by Indian intelligence agencies** targeting anti-India elements abroad, highlighting a shift from a defensive t...