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Thursday, September 10, 2026

हनुमान अंश -हरे रंग के बॉलीवुड के कॉकरोच का गुरूर तोड़ा

हनुमान अंश -हरे रंग के बॉलीवुड के कॉकरोच का गुरूर तोड़ा
हनुमान अंश -हरे रंग के बॉलीवुड के कॉकरोच का गुरूर तोड़ा
हनुमान अंश -हरे रंग के बॉलीवुड के कॉकरोच का गुरूर तोड़ा
हनुमान अंश -हरे रंग के बॉलीवुड के कॉकरोच का गुरूर तोड़ा

हनुमान अंश ने एक काम तो कर दिया जो यह हरे रंग के कॉकरोच है उनका गुरूर तोड़ा है साथ में इसका पार्ट टू बनना शुरू हो गया मूवी टेक्स्ट फ्री कर दी गई है और इसकी जो स्टोरी है एक-एक चीजें वो बता रही है चीख-चीख कर कि ये मूवी नहीं है एक डिवाइन एक्सपीरियंस है और शुरू से जब ये मूवी चल शुरू हुई उससे पहले से चमत्कार होने शुरू हो गए थे अब तो लोगों ने बोलना शुरू कर दिया मूवी देखने के बाद इनका जो कनेक्शन बाबा जी के साथ बना है उसके साथ उस के साथ उनकी लाइफ में चमत्कार आने शुरू हो गए हैं। दोस्तों पहले आपने कभी देखा है कि मूवी में लोग हाथ जोड़ के बैठे हैं। वहां पे आंखें बंद कर कर जब गाना चलता है कोई भजन चल रहा है वो साथ में एक भजन गा रहे हैं। जैसे कि वो एक बाबा की जो प्रेजेंस है उसको महसूस कर रहे हो। ये कभी भी आपने पहले कभी भी देखा नहीं होगा वो भी इंडियन पब्लिक से। अब स्टोरी में क्या है? बहुत चीजें हैं जो मैं बताऊंगा आपको आज कि स्टोरी में कई ऐसी खास चीजें हैं जो किसी को ऐसा पता नहीं है। दोस्तों पहली बात यह है कि यह स्टोरी है एक बाबा की एक लड़के की जिसकी मां गुजर

चुकी है और वो भगवान की तलाश में बाहर निकलता है। अब सोच के देखिए आपने कब ऐसी स्टोरीज पहले देखी थी जहां पर वो भगवान को ढूंढने गया वो हनुमान जी के थ्रू उन्हें राम जी मिलते हैं और उसने जो पावरफुल लोग हैं उस बच्चे ने सबके एोगेंस को तोड़ा है और पूरी ह्यूमैनिटी को अपनी फैमिली बना लिया। दोस्तों उन्होंने ये जो मूवी बनी कौन इनको लीड करेगा वो भी बाबा जी ने खुद उसको डिसाइड किया है। कैसे नवंबर 2025 चित्रकूट में पहला दिन शूटिंग का कैमरा रोल हो रहे हैं। बजट है सिर्फ ₹ करोड़ का। एक-एक सेकंड कॉस्ट कर रहा है। फ्रॉम नोवेयर एब्सोल्यूट डिजास्टर आता है मूवी के ऊपर। वो कैसे जो लीड एक्टर है वो कोलैप्स कर गया। इन इतना ज्यादा वो बीमार पड़ गया। उसको 40 बार तो वोमिटिंग आ गई। यानी कि उसकी जो लाइफ है वह ड्रेन आउट हो गई। ही कुड नॉट इवन स्टैंड ही कुड नॉट स्पीक और एक्टिंग तो बहुत दूर की बात थी। अब बॉलीवुड का सेट है। उसके बाद आपको मालूम है कि कॉस्ट ऑलरेडी बहुत ज्यादा बढ़ती जा रही है। 2 करोड़ का बजट है तो क्रू पैनिकिक करने लग गया। आधे से ज्यादा जो टेक्ननीशियस थे उन्होंने बैग को पैक किया और वो निकलने लग गए। कि ये मूवी नहीं बन सकती। और जो क्योंकि मनी जो है हर घंटे वो खत्म होता जा रहा था। जो डायरेक्टर है विशाल चतुर्वेदी वो वहां पर खड़े हैं केस के अंदर समझ नहीं आ रहा क्या करें और उनको दिखने लग गया कि उनका जो ड्रीम है वो खत्म होने वाला है तब उन्होंने पीछे मुड़ के देखा तो उनके पीछे एक आदमी खड़ा हुआ था एक स्लेट लेकर ऐसे ना टेक वन वो स्लेट लेके वो बंदा पीछे खड़ा हुआ है और उसका वो था एक असिस्टेंट डायरेक्टर क्वाइटली एक यंग मैन जिसका नाम था शोभिनव सात्या वो खड़े हैं वहां पर और विशाल ने जब उनको ऑडिशन नहीं करी कुछ नहीं करी वहां पे खड़े होकर कर जैसे ना जैसे होता है कि उनके आंखों में देखा जब इसके इस बंदे के आंखों में देखा कुछ था जो उसके अपनी बोनस तक एक मैसेज चला गया जैसे कि ऊपर से भगवान खुद बोल रहे हैं ही इज द वन उन्हें एक कमांड आया अंदर से कि जैसे बाबा ने चूज़ कर लिया है कि यह बंदा मेरे फेस को रिप्रेजेंट करेगा इसको बोलते हैं चमत्कार कि आपने जिसको चूज़ किया बाबा बोलते हैं यह मुझे रिप्रेजेंट करेगा बाहर निकल तेरी जरूरत नहीं है अशोभिनव दोस्तों उसने पुल किया कैमरा के सामने जब आया वो हाथ कांप रहे थे उसके रीज़ बीइंग उसका रीज़ था उसने कभी ये काम किया नहीं ही वास टेरिफाइड ही वास अनप्रिपयर्ड साथ में एक और भी चीज था एक टेरिफाइंग एक वेट था एक वार्निंग थी जो दी गई वृंदावन से उसके दिमाग में वो था वो वार्निंग क्योंकि जो प्रेमानंद महाराज जी हैं उन्होंने खुद एक स्टर्न वार्निंग एक स्टर्न मैसेज वो भेजा था फिल्म मेकर्स को कि आप एक बहुत बड़े संत के ऊपर आप मूवी बना रहे हैं डोंट प्ले विद ह इमेज अगर आपने किसी सिद्ध पुरुष को अगर आपने गलत बंदे के थ्रू उसको डिपेक्ट किया तो बुरा होगा। दोस्तों इस बंदे ने जो ये नया बंदा जो चूज़ किया गया उसने इसको तपस्या में इसको कन्वर्ट कर दिया। जो शोबिन है उसने अपना सर झुकाया और सरेंडर कर दिया बाबा के सामने। और आज देखिए वो अननोन एक असिस्टेंट डायरेक्टर वो एक एक्टर भी नहीं है। आज वो हिस्ट्री बुक्स में उसका नाम दर्ज है। अब तो मिलियंस ऑफ लोग अगर बाबा को देखते हैं तो उसके नजर के उसकी जो पिक्चर है उसके थ्रू बाबा को देखते हैं। आज जब स्क्रीन के ऊपर वो सामने आता है। लोग बाबा नीम कोली को देखते हैं और वहां पे माथा टेकते हैं इस एक्टर के सामने। एक्टर नहीं असिस्टेंट डायरेक्टर था। टेक वन वो लगाने वाला आदमी आज एक्टर बन गया है। दोस्तों यही मिरेकल्स हैं जो इस मूवी के आपको दिखते हैं और यह यहीं पर खत्म नहीं होते। वो स्टार्ट हो गया था बॉक्स ऑफिस में जब ये मूवी शुरू हुई है उससे पहले ही। दोस्तों अब हुआ क्या? जब स्टार्ट हुआ एग्जैक्ट दैट मोमेंट तो प्रोडक्शन जो है वो फेल अपार्ट हो गई। आपको मालूम है पैसे थे नहीं। अब जो पहली टिकट बिकी है उससे पहले जो फिल्म था उसके ऊपर इंसल्ट डाले गए। रिजेक्ट किया गया। उसको मॉक किया गया। विशाल चतुर्वेदी वो गए अपनी स्टोरी लाइन को लेकर जितने बड़े-बड़े कॉर्पोरेट टावर्स हैं वहां पर वहां पर उन्होंने बोल दिया यह मूवी आप पागल हो गए हो ये चलेगी  ये तो यार ये जो है एक कंबल घोड़ा हुआ एक बाबा के ऊपर मूवी आजकल नहीं चलती आजकल तो आपको चाहिए डर्टी सा एक होना चाहिए उसमें ये आइटम सॉन्ग जिसको बोलते हैं आइटम सॉन्ग होना चाहिए उसमें गंदी सी लैंग्वेज मां बहन की गालियां निकालने वाली हो ये जो डिवोशनल सिनेमा है ये तो 40-50 साल पहले ये मर चुका था उन्होंने बोल दिया इंडियन ऑडियंसेस को आजकल उनको क्राइम चाहिए। वहां पर सेंसेशनल वायलेंस चाहिए। वहां पर हवा में उड़ते हुए एक्टर्स लड़ रहे हैं। उन्हें वो चाहिए। नोबडी केयर्स अबाउट अ सेंट। विशाल वहां से बाहर निकले उस बोर्ड रूम्स के अंदर से और अंदर दिल के अंदर उन्होंने बोला मुझे उन्होंने बोला कि मेरे अंदर एक फायर थी। उन्होंने सरेंडर नहीं किया। क्या किया उन्होंने? उन्होंने 43 डेज का हनुमान चाला चालीसा का संकल्प ले लिया कि मैं अब यह मूवी बनाऊंगा। खुद बनाऊंगा और पूरा का पूरा उन्होंने बोला कि जो डायरेक्टर की फीस होती है वो मैं जीरो करने वाला हूं। मैं एक भी इस मूवी से मैं लेने वाला नहीं हूं। एंड ही सर्वाइव्ड ओनली ऑन स्ट्रिक्ट फ्रूट डाइट। दोस्तों जब आपके अंदर यह तपस्या होती है कि 4 महीने आप सिर्फ फ्रूट के ऊपर रह रहे हैं। कोई  पैसा लेने वाले नहीं और आपने बाबा का जो एक्सपीरियंस या आपने संकल्प ले लिया उसको आप पूरा करेंगे। तो हुआ क्या? पूरे के पूरे सेट को इन्होंने वेजिटेरियन में कन्वर्ट कर दिया कि यहां पर नॉनवेज दारू वगैरह कुछ नहीं चलेगी। दोस्तों ये मूवी इसलिए एक यज्ञ की तरह है क्योंकि मूवी ही यज्ञ की तरह वो बनाई गई है और उसके बाद जो होता है कि अनलाइकली एक अलाई एक मिल गया। मॉडर्न सिनेमा की हिस्ट्री में कभी ऐसा हुआ नहीं है। पैसों की कमी थी। लोग चाहिए थे तो वहां पे आती है एक लड़की अनुप्रिया नागर। 21 साल की सिर्फ एक इकोनॉमिक्स की ग्रेजुएट अभी-अभी यूके से पढ़कर आई है। उसके अंदर कोई कनेक्शन नहीं फिल्म माफिया के अंदर। माफिया बोल रहा हूं ये खान कॉकरोच गैंग वाले वहां पे कोई कनेक्शन नहीं था। सब तभी इसलिए इसको हटाया नहीं गया। वरना इसको तो 14वीं मंजिल से इसको भी नीचे गिर देते। आपको मालूम है मैं दिशा सलियान की बात कर रहा हूं। यह इसका कनेक्शन नहीं था तो बच गई। अब हुआ क्या? इसके पास एक जॉब आया था स्विट्जरलैंड से। यह अपना बैग पैक करके वहां पे जा रही थी। लेकिन वो जाने से पहले उसने क्या किया कि कॉलेज के अंदर उसने रिसर्च का प्रोजेक्ट शुरू किया कि जो सिलिकॉन वैली के टाइटंस है वो वो उनकी लाइफ की शुरुआत कैसे हुई तो उसको लिखा एक कुछ गलती है इसके अंदर स्टीव जॉब्स है मार्क जकमबर्ग है ये सारे के सारे ये अपने सक्सेस से पहले ये भारत के अंदर एक डीप माउंटेंस के अंदर वहां पर कोई कैंची धाम नाम का कोई जगह है वहां पर जाकर आए हैं और वहां पे जाने के बाद बाबा का आशीर्वाद लेने के बाद ये मल्टी ट्रिलियन डॉलर की ये कंपनी बन उसने अंदर से क्वेश्चन पूछा कि जो इस दुनिया के रिचेस्ट माइंड्स है अगर वो भारत के एक मिस्टिक को मिलने जा रहे हैं जिसको कि भारत भूल चुका है उसको इग्नोर करता है तो मैं स्विट्जरलैंड में जाकर झक मारने जा रही हूं। उसने अपने स्विट्जरलैंड का ट्रिप को कैंसिल किया। उसने अपना पैसे पैसा इस मूवी के ऊपर लगा दिया। उसको पता लगा कि मूवी बन रही है। एंड शी स्टेप्ड इन एज अ प्रोड्यूसर। जनरली आपको ये ऐसी स्टोरीज सुनाई नहीं देती और कोई कॉर्पोरेट स्टूडियो नहीं था दोस्तों। कोई स्टार्स की बैकिंग नहीं है। कोई एल्गोरिदम नहीं, कोई पेड बॉट नहीं, कोई मीडिया के बिके हुए लोग कुछ भी नहीं था इनके पास। सिर्फ एक अनपोलजेटिक एक फेथ था कि हम बाबा को रिप्रेजेंट करने वाले हैं। अगर आपको लगता है कि कास्टिंग है या प्रोड्यूसर्स हैं

इसी में मिरेकल्स थे? नो मिरेकल्स म्यूजिक के अंदर भी थे। बॉलीवुड स्पेंड करता है करोड़ों रुपए कि जो सेलिब्रिटी सिंगर्स हैं बड़े-बड़े इनको यूज़ किया जाए। ऑटो ट्यून के सॉफ्टवेयर्स हैं उसको यूज किया जाता है। मैन्युफैक्चर किया जाता है क्लब के रिमिक्सेस को। यह जो फिल्म है दोस्तों इसकी हार्ट बीट था एक ब्लाइंड बॉय अंधा लड़का जो कि एक छोटे से बुलंद खंड है या बुलंद शहर है वहां को बिलोंग करता है। नाम था सुनील लोधी। दोस्तों 25 साल का लड़का ब्लाइंड फ्रॉम बर्थ और उसकी फैमिली इतनी ज्यादा गरीब थी कि वो इसका ऑपरेशन नहीं करवा पाई। फैमिली सागर मध्य प्रदेश से दोस्तों बिकॉज़ मेडिकल ट्रीटमेंट था नहीं पढ़ सकता नहीं वो उसने अपनी स्टडीज भी पूरी नहीं करी और कोई भी म्यूजिक गू उसके पास नहीं था कोई ट्रेनिंग म्यूजिक की या गाने की उसने नहीं ली है उसने म्यूजिक कहां से सीखा फिर बाय लिसनिंग टू ओल्ड रेडियो बाय लिसनिंग टू लता मंगेशकर दोस्तों कई साल तक यह लड़का क्या करता रहा उसका कंपैनियन पूरे दुनिया में एक ही था उसका जो वुडन तंबूरा होता है वो उसके हाथ में और वो लोकल जो पैसेंजर ट्रेंस हैं उस पे घूमता था। वहां पर भजन गाता था। कोश टू कोश अंधा है। वहां पर भजन गा रहा है। और सर्वाइव कैसे कर रहा है? किसी ने कुछ सिक्का दे दिया। उस सिक्कों को इकट्ठा कर कर जो उसके हाथों में डाले जाते थे उससे अपनी जिंदगी चलाने वाला लड़का आज एक सुपरडुपर मूवी में उसके गाने आज सुनाए जा रहे हैं। दोस्तों ये है बाबा की लीला। जब बाबा की लीला आती है तो होता क्या है? वो कहां से कहां ले जाएगा? किसी को कुछ नहीं मालूम। मैं दोबारा से जब भी मैं मूवी के बारे में मैं रिकॉर्ड करने लगता हूं मेरे आंसू आ जाते हैं कि बाबा कैसे टच कर रहा है कैसे मूवी को बनाया है ये एक्सपीरियंस ऐसे नहीं आते दोस्तों आप सोच के देखिए वो पॉपुलर कैसे हुआ एक रॉ वीडियो वो तंबूरा लेकर वो गा रहा है ट्रेन के अंदर किसने उसको रिकॉर्ड कर दिया ऑनलाइन डाल दिया एक प्रोड्यूसर है उसने ट्रैक किया कि बच्चा कौन है उसे वो मुंबई के स्टूडियो में वो लेकर आए और सुनीत जो यह लड़का है सुनीत है सुमित नहीं है सुनीत यह वहां पर बैठा है अपना तंबूरा लेकर और उसने अपनी आत्मा से एक गाना गाया मैंने मैंने तेरे ही भरोसे नैया सागर में डाल दी है दोस्तों ये गाना उसने दिल से गाया है उसको पता नहीं था कि उसकी ये वॉइस एक दिन एक नेशन वाइड एक जो फीचर फिल्म है उसके अंदर इस गाने को लगाया जाएगा कोई आईडिया नहीं सिंपली सेंड वि प्योर अनएडल्टरेटेड जो सरेंडर है बजरंगबली के सामने ने उस फीलिंग के साथ उसने उस गाने को गाया है और आज देखिए आप एक बिल्कुल बच्चा जिसके पास पैसा भी नहीं है। ट्रेन के अंदर गाना गाने वाला आज थाउजेंड्स ऑफ जो लोग हैं मल्टीप्लेक्सेस हैं पूरे दुनिया में उसके अंदर उसके गाने को सुनाया जा सुनाया जा रहा है। सो दोस्तों ऑडियंसेस इसलिए आज टियर्स में है। डिवोटीज बुक कर रहे हैं पूरे मूवी हाउस को। सिर्फ इसलिए कि सुनील की जो आवाज है उसको सुनना है। उसकी वॉइस को वो सुनने के लिए नहीं उस एक्सपीरियंस को जो बजरंगबली के लिए उसने दिल से गाया है उसको सुनने के लिए आ रहे हैं। और जो नेशनल मीडिया है उसने जब पूछा सुनील को कि तुम्हें जिंदगी में क्या चाहिए? तुम्हें पैसा चाहिए? लग्जरी चाहिए, नाम शहरत चाहिए? क्या चाहिए? तो लड़का क्या बोलता है आपको? हाथ जोड़कर स्माइल करते हुए कहता है मुझे कुछ नहीं चाहिए। मैं सिर्फ हनुमान जी के लिए सेल्फलेसली अपने दिल से मैं गाने गाना चाहता हूं। दोस्तों, यही पोरिटी है एक-एक आदमी के अंदर जिसने इस मूवी को शेक कर दिया। इस मूवी ने लोगों के दिल को, आत्मा को झिंझोर के रख दिया है। ये ग्रीन कॉकरोच ये काम नहीं कर सकते। ये हमारा सनातन की खूबसूरती भी इसी में है। अब सुनील की मैंने बात बता दी आपको। उसका जो ये रस्ट लगा हुआ तंबूरा है वो तो हो गया। जो थिएटर हॉल्स हैं वहां पर वाइबेशंस देखिए आप देखो वहां पर अगर यह लड़का था जिसकी वॉइस है तो कृष्ण दास वो गोरा जिसने चट किया था ओम नमः शिवाय या श्री राम जय राम वो जो वहां पर एकको कर रहा है उसकी एग्जैक्ट वॉइस को लिया गया है वो ये आदमी वो है जिन्होंने इंट्रोड्यूस किया बाबा को वेस्टर्न वर्ल्ड के वर्ल्ड में जो नेम ग्रोली बाबा को अगर वेस्ट में पॉपुलर किया है इस बंदे ने उसकी आवाज भी इंडियन मल्टीप्लेक्सेस में सुनील के साथ-साथ इसकी भी वॉइस वहां पर गूंज रही है। दोस्तों ये मूवी अब फिनोमिना बन चुकी है। हर जो भी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के जितने रूल्स थे इसने तोड़ दिए। ये डिवाइन पावर के बिना ये नहीं हो सकता क्योंकि इन्होंने बोला था कि मूवी डेड हो चुकी है। और आज जो ये जितने भी इकोनॉमिक्स हैं सारी मूवीस के वो खत्म हो गए और मिरेकल ने टेकओवर कर लिया। दोस्तों आज थिएटर्स के अंदर क्या हो रहा है? ऑडियंसेस वहां पे सिर्फ क्लैप नहीं कर रहे। वो रो रहे हैं। वो वहां से भागने की कोशिश नहीं कर रहे। वो रुक रहे हैं। एक ठहराव है जो लोगों के अंदर आपको दिखाई देता है। वो वहां पर खड़े होते हैं। आंखें बंद कर कर हाथ जोड़कर वो चट कर रहे हैं हनुमान चालीसा को। ये किसी मंदिर की बात नहीं कर रहा हूं मैं। ये मैं बात कर रहा हूं एक सिनेमा हॉल की। पीपल आर वॉकिंग आउट ऑफ द थिएटर्स हॉल्स। दे आर डस् दे आर पुलिंग देयर पेरेंट्स आउट ऑफ बेड कि आप निकलिए मूवी को जाकर देख के आइए। जैसे मैंने अपने पेरेंट्स को बोला आप जाकर मूवी देख कर आओ। दोस्तों अपने लेबरर को लोग फोन कर रहे हैं कि जाकर मूवी देख के आओ। पूरे

के पूरे एंटायर हॉल्स को सोसाइटीज बुक कर रही हैं कि हम पूरी सोसाइटी वाले आज मूवी को देखने जाएंगे और यह वर्ड ऑफ़ माउथ है। कोई मार्केटिंग नहीं हुई। हमारे सनातनियों ने वर्ड ऑफ़ माउथ में एक स्पिरिचुअल अप्राइिंग उन्होंने खड़ी कर दी है। मैं क्यों बोल रहा हूं? क्योंकि अभी ये मूवी शुरू हुई है। इसके बाद पार्ट टू ऑलरेडी बनना भी शुरू हो गया। और जो ये मल्टीप्लेक्सेस के एग्जीक्यूटिव्स हैं जिन्होंने देखा कि मूवी फिट गई है। उसके बाद जो उसका बुकिंग का सॉफ्टवेयर है उसमें डिसबिलीफ है। एक एक हफ्ते की वेटिंग है वहां पर। यह कैसे हो सकता है? एक अनप्रेजेंटेड मूव जिसने शटर कर दिया पूरे के पूरे डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को वो भी इंडियन सिनेमा के हिस्ट्री में ऐसा कभी हुआ नहीं है। दोस्तों एक मूवी जिसको बाहर निकाल दिया गया हो उसके बाद वो एक्सप्लोर कर जाए और जो 40 स्क्रीन थे आज वो दो चार 5000 स्क्रीनंस के ऊपर पूरे कंट्री में मूवी दिखा दी जा रहे हो और आगे जाकर वो रिलीज हो रही है पूरे वर्ल्ड वाइड में 50 फोल्ड का एक्सपेंशन है ऑलरेडी पब्लिक के अंदर और जो मूवी के ग्राफ्स हैं वो रुकने का नाम भी नहीं ले रहे और बैडनेस देखिए आप वीक फोर और वीक फाइव में जो मूवी है ज्यादातर मूवीस की जो एररिंग्स होती हैं वो ड्रॉप कर जाती है 80 से लेकर 90% % यह मूवी हनुमान अंश इसमें इंपॉसिबल हो रहा है। यह चौथे हफ्ते में इसने काम करना शुरू किया और जितने रिकॉर्ड है पुराने वो बड़ी-बड़ी मूवीस के उसको तोड़ के रख दिया है। क्या रिकॉर्ड तोड़ा 140 करोड़ में पहुंच गई। ये 200 करोड़ के क्लब में आने वाली है। इंपॉर्टेंट नहीं है। लोग इसको कवर कर रहे हैं। देखिए जी 200 क्लब पहुंच जाएगी। हाउ डस इट मैटर? मैटर यह करता है कि आपको वहां पर एक्सपीरियंस क्या हो रहा है। लोग कैसे अपने दोस्तों को बोल रहे हैं जाकर मूवी देख कर आओ यार कुछ डिफरेंट है इस मूवी के अंदर और यह स्मैश कर रहा है हमारा जो एक नरेटिव था पिछले 30 सालों से यही हर एक कॉकरोचों का उसे स्मैश किया जा रहा है दोस्तों जो बिग बजट की जो मूवीस बनती थी उनको उनके जो रिकॉर्ड्स थे उनका जो मार्केटिंग का स्टाइल था उसको तोड़ के रख दिया है। ये गुरूर है जो बाबा जी ने अपनी लाइफ में भी तोड़ा आज मूवी के थ्रू भी वो तोड़ते जा रहे हैं। ये आपको लगता है कि ऐसे हो सकता है? एक मूवी जिसने पहले हफ्ते में सिर्फ 90 लाख की एक मूवी का वो किया हो आज वो 200 करोड़ में पहुंच गई वो  तीसरे हफ्ते के बाद इसको बोलते हैं ब्लेसिंग और एक दो करोड़ की मूवी वो एक सिंगल हाईएस्ट थिएटर रिटर्न जो आज दे रही है इन्वेस्टमेंट का 1975 में लास्ट टाइम हुआ था जय संतोषी मां मूवी बनी थी उसके बाद अब ये हो रहा है 51 इयर्स के बाद हिस्ट्री रिपीट हो रही है और इसने पूरी की पूरी इंडस्ट्री की जो छत है या फर्श है उसको तबाह करके रख दिया दोस्तों जो शॉक वेव्स है वो पहुंच गए हमारी गवर्नमेंट तक। अब सितंबर पांच को कुछ और अजीब सा हुआ। उत्तराखंड के चीफ मिनिस्टर पुष्कर सिंह धामी वो जाते हैं थिएटर के अंदर इस मूवी को देखने के लिए। कहां पर? देहरादून में। जब लाइट मूवी खत्म होती है, लाइट्स दोबारा से ऑन होती हैं। वो हिले पड़े थे। मैं खुद हिल गया हूं। यह बताते-बताते आपको। और हुआ क्या? इमीडिएटली वहां से निकले, ऑफिस गए। एक ऑर्डर को पास कर दिया गया कि यह मूवी अब टैक्स फ्री पूरी देवभूमि में यह दिखाई जाएगी। दोस्तों जो लैंड ऑफ कांची कैंची धाम है उसने रोड क्लियर कर दिया कि बाबा का जो मैसेज है वो हर घर तक वो पहुंचना चाहिए। अब यह मैसेज जितने धर्म गुरु हैं वो बता रहे हैं कि जाके मूवी देखिए। ये एक बाबा नहीं ये बाबा के ऊपर ये साक्षात ये अवतार थे। और आज तो यह हो गया है कि जो बॉर्डर है उसको भी हमने तोड़ के रख दिया। एक फिल्म जो स्टूडियो है जिसका नाम है होम बेल आपको मालूम होगा मैंने पहली बार नाम सुना है उन्होंने सिनेमा के जो जिन्होंने केजीएफ या कंतारा मूवीस बनाई थी मुझे अब पता लगा वो उन्होंने एक लाइटनिंग बोल्ट की तरह वो सामने आए उन्होंने देख लिया यार ये चीज जो है ना ये ग्लोबल फिनोमना अब बनता जा रहा है। उन्होंने ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स उन्होंने खरीद लिए और सितंबर 11 को हनुमान अंश इंटरनेशनलली अक्रॉस द ग्लोब को दिखाई जाएगी। एक दिन देखिए आप 9:11 जिस दिन हरे कॉकरोचों ने अमेरिका के ऊपर अटैक किया था उसी दिन को हमने सनातन का धर्म का जो हमारा मैसेज है उसको स्प्रेड करने के लिए हमने 9 11 को ही चूज़ किया। ये भी बाबा की लीला है कि हर एक कॉकरोचों को कैसे जीरो करना है पूरे दुनिया में दिखाने के लिए। हरे कॉकरोच क्या करते हैं? हम क्या करते हैं? ये वही वेस्ट जहां पर ये मूवी दिखाई जाएगी। ये वही वेस्ट है जहां पर जो टेक के जो विज़नरीज हैं जो कभी बाबा के चरणों में बैठते थे। उनसे डायरेक्शन लेते थे। आज वो उनकी मूवी देखेंगे जो एक एक जो है ना सीक्रेट जो फिल्म थी वो जाएगी ओवरसीज सिल्वर स्क्रीन के ऊपर सनातन की ब्यूटी दिखाई जाएगी। दोस्तों ये सिर्फ बिगनी है। डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने ऑफिशियली कंफर्म कर दिया है कि हनुमान अंश पार्ट टू वो बनाया जा रहा है। यानी कि एपिक ट्रायोलॉजी उसको बनाया जाएगा। अब होगा क्या? जो प्री प्रोडक्शन है वो शुरू हो गई है। ऑलरेडी दे आर डविंग डीप इनू जो बाबा की जो मिस्ट्रीज थी उनका जो ट्रांसफॉर्मेशन थी उन्होंने करी आगरा में मथुरा में लोगों की लाइफ में उसके बारे में बताया जाएगा। दोस्तों ये सिर्फ फाइनल नहीं है। इसके बाद एक और भी चीज है। एक क्रशिंग मैसेज है जो पूरे कॉर्पोरेट वर्ल्ड को फिल्म इंडस्ट्री को दुनिया को आईटी के हेड्स को सबको दिया जा रहा है कि आपको अब जो आत्मा है भारत की अगर समझना है तो आपको ग्रीन कॉकरोचों की जो खान गैंग की मूवीज हैं दाऊद की फंडेड उससे कुछ नहीं पता लगेगा। उसमें दरिंदगी ही मिलेगी। अगर आपको भारत की आत्माओं को समझना है तो ऐसी मूवीज आपको देखनी पड़ेगी। दोस्तों आपको लगा कि जो सिनेमा है वो मार्केटिंग बजट के बिना नहीं चल सकता। एल्गोरिदम्स को मैनपुलेट करना पड़ेगा। वहां पर सुपरस्टार्स को के साथ आप मूवी को मैन्युफैक्चर करेंगे। एक 2 करोड़ की मूवी ने इनके जितने भी सारे के सारे चीजें हैं उसको तोड़ के रख दिया। वो भी 2 करोड़ की मूवी में जहां पर जो मेन एक्टर है उसको रिप्लेस कराया गया। नॉट विद अ एक्टर बट वि जस्ट अ असिस्टेंट डायरेक्टर। साउंड ट्रैक एक ब्लाइंड लड़का ट्रेन में गाता हुआ वो गा रहा है। यह प्रूव करता है कि जो डिवोशन है हमारी सनातन के अंदर वो बोलती है। बॉक्स ऑफिस को बेंड करना पड़ा। झक मार के बेंड किए बाबा के सामने हम सनातनियों के सामने। और जो मार्केट है वो क्या बोलती है? ये तो एक फ्रीक एक मिरेकल है। इट्स अ कोइंसिडेंस। ओ भाई ग्रीन कॉकरोचों के साथ ये ये कोइंसिडेंस क्यों नहीं होता? जो डिवोटीज हैं उन्हें मालूम है कि ट्रुथ क्या है? ट्रुथ यह है कि बाबा को किसी की परमिशन की जरूरत नहीं थी। बाबा ने ऑलरेडी सारे ट्रैक्स को क्लियर कर दिया था। इट वास जस्ट ही वांटेड टू शो यू ह पावर। कि तीसरे हफ्ते के बाद एक मूवी फेमस होती है। बाबा ने दिखाना था आपको कि जब मैं हूं तो कुछ भी पॉसिबल है। जय हिंद 


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हनुमान अंश -हरे रंग के बॉलीवुड के कॉकरोच का गुरूर तोड़ा

हनुमान अंश -हरे रंग के बॉलीवुड के कॉकरोच का गुरूर तोड़ा
हनुमान अंश -हरे रंग के बॉलीवुड के कॉकरोच का गुरूर तोड़ा
हनुमान अंश -हरे रंग के बॉलीवुड के कॉकरोच का गुरूर तोड़ा

हनुमान अंश ने एक काम तो कर दिया जो यह हरे रंग के कॉकरोच है उनका गुरूर तोड़ा है साथ में इसका पार्ट टू बनना शुरू हो गया मूवी टेक्स्ट फ्री कर दी गई है और इसकी जो स्टोरी है एक-एक चीजें वो बता रही है चीख-चीख कर कि ये मूवी नहीं है एक डिवाइन एक्सपीरियंस है और शुरू से जब ये मूवी चल शुरू हुई उससे पहले से चमत्कार होने शुरू हो गए थे अब तो लोगों ने बोलना शुरू कर दिया मूवी देखने के बाद इनका जो कनेक्शन बाबा जी के साथ बना है उसके साथ उस के साथ उनकी लाइफ में चमत्कार आने शुरू हो गए हैं। दोस्तों पहले आपने कभी देखा है कि मूवी में लोग हाथ जोड़ के बैठे हैं। वहां पे आंखें बंद कर कर जब गाना चलता है कोई भजन चल रहा है वो साथ में एक भजन गा रहे हैं। जैसे कि वो एक बाबा की जो प्रेजेंस है उसको महसूस कर रहे हो। ये कभी भी आपने पहले कभी भी देखा नहीं होगा वो भी इंडियन पब्लिक से। अब स्टोरी में क्या है? बहुत चीजें हैं जो मैं बताऊंगा आपको आज कि स्टोरी में कई ऐसी खास चीजें हैं जो किसी को ऐसा पता नहीं है। दोस्तों पहली बात यह है कि यह स्टोरी है एक बाबा की एक लड़के की जिसकी मां गुजर

चुकी है और वो भगवान की तलाश में बाहर निकलता है। अब सोच के देखिए आपने कब ऐसी स्टोरीज पहले देखी थी जहां पर वो भगवान को ढूंढने गया वो हनुमान जी के थ्रू उन्हें राम जी मिलते हैं और उसने जो पावरफुल लोग हैं उस बच्चे ने सबके एोगेंस को तोड़ा है और पूरी ह्यूमैनिटी को अपनी फैमिली बना लिया। दोस्तों उन्होंने ये जो मूवी बनी कौन इनको लीड करेगा वो भी बाबा जी ने खुद उसको डिसाइड किया है। कैसे नवंबर 2025 चित्रकूट में पहला दिन शूटिंग का कैमरा रोल हो रहे हैं। बजट है सिर्फ ₹ करोड़ का। एक-एक सेकंड कॉस्ट कर रहा है। फ्रॉम नोवेयर एब्सोल्यूट डिजास्टर आता है मूवी के ऊपर। वो कैसे जो लीड एक्टर है वो कोलैप्स कर गया। इन इतना ज्यादा वो बीमार पड़ गया। उसको 40 बार तो वोमिटिंग आ गई। यानी कि उसकी जो लाइफ है वह ड्रेन आउट हो गई। ही कुड नॉट इवन स्टैंड ही कुड नॉट स्पीक और एक्टिंग तो बहुत दूर की बात थी। अब बॉलीवुड का सेट है। उसके बाद आपको मालूम है कि कॉस्ट ऑलरेडी बहुत ज्यादा बढ़ती जा रही है। 2 करोड़ का बजट है तो क्रू पैनिकिक करने लग गया। आधे से ज्यादा जो टेक्ननीशियस थे उन्होंने बैग को पैक किया और वो निकलने लग गए। कि ये मूवी नहीं बन सकती। और जो क्योंकि मनी जो है हर घंटे वो खत्म होता जा रहा था। जो डायरेक्टर है विशाल चतुर्वेदी वो वहां पर खड़े हैं केस के अंदर समझ नहीं आ रहा क्या करें और उनको दिखने लग गया कि उनका जो ड्रीम है वो खत्म होने वाला है तब उन्होंने पीछे मुड़ के देखा तो उनके पीछे एक आदमी खड़ा हुआ था एक स्लेट लेकर ऐसे ना टेक वन वो स्लेट लेके वो बंदा पीछे खड़ा हुआ है और उसका वो था एक असिस्टेंट डायरेक्टर क्वाइटली एक यंग मैन जिसका नाम था शोभिनव सात्या वो खड़े हैं वहां पर और विशाल ने जब उनको ऑडिशन नहीं करी कुछ नहीं करी वहां पे खड़े होकर कर जैसे ना जैसे होता है कि उनके आंखों में देखा जब इसके इस बंदे के आंखों में देखा कुछ था जो उसके अपनी बोनस तक एक मैसेज चला गया जैसे कि ऊपर से भगवान खुद बोल रहे हैं ही इज द वन उन्हें एक कमांड आया अंदर से कि जैसे बाबा ने चूज़ कर लिया है कि यह बंदा मेरे फेस को रिप्रेजेंट करेगा इसको बोलते हैं चमत्कार कि आपने जिसको चूज़ किया बाबा बोलते हैं यह मुझे रिप्रेजेंट करेगा बाहर निकल तेरी जरूरत नहीं है अशोभिनव दोस्तों उसने पुल किया कैमरा के सामने जब आया वो हाथ कांप रहे थे उसके रीज़ बीइंग उसका रीज़ था उसने कभी ये काम किया नहीं ही वास टेरिफाइड ही वास अनप्रिपयर्ड साथ में एक और भी चीज था एक टेरिफाइंग एक वेट था एक वार्निंग थी जो दी गई वृंदावन से उसके दिमाग में वो था वो वार्निंग क्योंकि जो प्रेमानंद महाराज जी हैं उन्होंने खुद एक स्टर्न वार्निंग एक स्टर्न मैसेज वो भेजा था फिल्म मेकर्स को कि आप एक बहुत बड़े संत के ऊपर आप मूवी बना रहे हैं डोंट प्ले विद ह इमेज अगर आपने किसी सिद्ध पुरुष को अगर आपने गलत बंदे के थ्रू उसको डिपेक्ट किया तो बुरा होगा। दोस्तों इस बंदे ने जो ये नया बंदा जो चूज़ किया गया उसने इसको तपस्या में इसको कन्वर्ट कर दिया। जो शोबिन है उसने अपना सर झुकाया और सरेंडर कर दिया बाबा के सामने। और आज देखिए वो अननोन एक असिस्टेंट डायरेक्टर वो एक एक्टर भी नहीं है। आज वो हिस्ट्री बुक्स में उसका नाम दर्ज है। अब तो मिलियंस ऑफ लोग अगर बाबा को देखते हैं तो उसके नजर के उसकी जो पिक्चर है उसके थ्रू बाबा को देखते हैं। आज जब स्क्रीन के ऊपर वो सामने आता है। लोग बाबा नीम कोली को देखते हैं और वहां पे माथा टेकते हैं इस एक्टर के सामने। एक्टर नहीं असिस्टेंट डायरेक्टर था। टेक वन वो लगाने वाला आदमी आज एक्टर बन गया है। दोस्तों यही मिरेकल्स हैं जो इस मूवी के आपको दिखते हैं और यह यहीं पर खत्म नहीं होते। वो स्टार्ट हो गया था बॉक्स ऑफिस में जब ये मूवी शुरू हुई है उससे पहले ही। दोस्तों अब हुआ क्या? जब स्टार्ट हुआ एग्जैक्ट दैट मोमेंट तो प्रोडक्शन जो है वो फेल अपार्ट हो गई। आपको मालूम है पैसे थे नहीं। अब जो पहली टिकट बिकी है उससे पहले जो फिल्म था उसके ऊपर इंसल्ट डाले गए। रिजेक्ट किया गया। उसको मॉक किया गया। विशाल चतुर्वेदी वो गए अपनी स्टोरी लाइन को लेकर जितने बड़े-बड़े कॉर्पोरेट टावर्स हैं वहां पर वहां पर उन्होंने बोल दिया यह मूवी आप पागल हो गए हो ये चलेगी  ये तो यार ये जो है एक कंबल घोड़ा हुआ एक बाबा के ऊपर मूवी आजकल नहीं चलती आजकल तो आपको चाहिए डर्टी सा एक होना चाहिए उसमें ये आइटम सॉन्ग जिसको बोलते हैं आइटम सॉन्ग होना चाहिए उसमें गंदी सी लैंग्वेज मां बहन की गालियां निकालने वाली हो ये जो डिवोशनल सिनेमा है ये तो 40-50 साल पहले ये मर चुका था उन्होंने बोल दिया इंडियन ऑडियंसेस को आजकल उनको क्राइम चाहिए। वहां पर सेंसेशनल वायलेंस चाहिए। वहां पर हवा में उड़ते हुए एक्टर्स लड़ रहे हैं। उन्हें वो चाहिए। नोबडी केयर्स अबाउट अ सेंट। विशाल वहां से बाहर निकले उस बोर्ड रूम्स के अंदर से और अंदर दिल के अंदर उन्होंने बोला मुझे उन्होंने बोला कि मेरे अंदर एक फायर थी। उन्होंने सरेंडर नहीं किया। क्या किया उन्होंने? उन्होंने 43 डेज का हनुमान चाला चालीसा का संकल्प ले लिया कि मैं अब यह मूवी बनाऊंगा। खुद बनाऊंगा और पूरा का पूरा उन्होंने बोला कि जो डायरेक्टर की फीस होती है वो मैं जीरो करने वाला हूं। मैं एक भी इस मूवी से मैं लेने वाला नहीं हूं। एंड ही सर्वाइव्ड ओनली ऑन स्ट्रिक्ट फ्रूट डाइट। दोस्तों जब आपके अंदर यह तपस्या होती है कि 4 महीने आप सिर्फ फ्रूट के ऊपर रह रहे हैं। कोई  पैसा लेने वाले नहीं और आपने बाबा का जो एक्सपीरियंस या आपने संकल्प ले लिया उसको आप पूरा करेंगे। तो हुआ क्या? पूरे के पूरे सेट को इन्होंने वेजिटेरियन में कन्वर्ट कर दिया कि यहां पर नॉनवेज दारू वगैरह कुछ नहीं चलेगी। दोस्तों ये मूवी इसलिए एक यज्ञ की तरह है क्योंकि मूवी ही यज्ञ की तरह वो बनाई गई है और उसके बाद जो होता है कि अनलाइकली एक अलाई एक मिल गया। मॉडर्न सिनेमा की हिस्ट्री में कभी ऐसा हुआ नहीं है। पैसों की कमी थी। लोग चाहिए थे तो वहां पे आती है एक लड़की अनुप्रिया नागर। 21 साल की सिर्फ एक इकोनॉमिक्स की ग्रेजुएट अभी-अभी यूके से पढ़कर आई है। उसके अंदर कोई कनेक्शन नहीं फिल्म माफिया के अंदर। माफिया बोल रहा हूं ये खान कॉकरोच गैंग वाले वहां पे कोई कनेक्शन नहीं था। सब तभी इसलिए इसको हटाया नहीं गया। वरना इसको तो 14वीं मंजिल से इसको भी नीचे गिर देते। आपको मालूम है मैं दिशा सलियान की बात कर रहा हूं। यह इसका कनेक्शन नहीं था तो बच गई। अब हुआ क्या? इसके पास एक जॉब आया था स्विट्जरलैंड से। यह अपना बैग पैक करके वहां पे जा रही थी। लेकिन वो जाने से पहले उसने क्या किया कि कॉलेज के अंदर उसने रिसर्च का प्रोजेक्ट शुरू किया कि जो सिलिकॉन वैली के टाइटंस है वो वो उनकी लाइफ की शुरुआत कैसे हुई तो उसको लिखा एक कुछ गलती है इसके अंदर स्टीव जॉब्स है मार्क जकमबर्ग है ये सारे के सारे ये अपने सक्सेस से पहले ये भारत के अंदर एक डीप माउंटेंस के अंदर वहां पर कोई कैंची धाम नाम का कोई जगह है वहां पर जाकर आए हैं और वहां पे जाने के बाद बाबा का आशीर्वाद लेने के बाद ये मल्टी ट्रिलियन डॉलर की ये कंपनी बन उसने अंदर से क्वेश्चन पूछा कि जो इस दुनिया के रिचेस्ट माइंड्स है अगर वो भारत के एक मिस्टिक को मिलने जा रहे हैं जिसको कि भारत भूल चुका है उसको इग्नोर करता है तो मैं स्विट्जरलैंड में जाकर झक मारने जा रही हूं। उसने अपने स्विट्जरलैंड का ट्रिप को कैंसिल किया। उसने अपना पैसे पैसा इस मूवी के ऊपर लगा दिया। उसको पता लगा कि मूवी बन रही है। एंड शी स्टेप्ड इन एज अ प्रोड्यूसर। जनरली आपको ये ऐसी स्टोरीज सुनाई नहीं देती और कोई कॉर्पोरेट स्टूडियो नहीं था दोस्तों। कोई स्टार्स की बैकिंग नहीं है। कोई एल्गोरिदम नहीं, कोई पेड बॉट नहीं, कोई मीडिया के बिके हुए लोग कुछ भी नहीं था इनके पास। सिर्फ एक अनपोलजेटिक एक फेथ था कि हम बाबा को रिप्रेजेंट करने वाले हैं। अगर आपको लगता है कि कास्टिंग है या प्रोड्यूसर्स हैं

इसी में मिरेकल्स थे? नो मिरेकल्स म्यूजिक के अंदर भी थे। बॉलीवुड स्पेंड करता है करोड़ों रुपए कि जो सेलिब्रिटी सिंगर्स हैं बड़े-बड़े इनको यूज़ किया जाए। ऑटो ट्यून के सॉफ्टवेयर्स हैं उसको यूज किया जाता है। मैन्युफैक्चर किया जाता है क्लब के रिमिक्सेस को। यह जो फिल्म है दोस्तों इसकी हार्ट बीट था एक ब्लाइंड बॉय अंधा लड़का जो कि एक छोटे से बुलंद खंड है या बुलंद शहर है वहां को बिलोंग करता है। नाम था सुनील लोधी। दोस्तों 25 साल का लड़का ब्लाइंड फ्रॉम बर्थ और उसकी फैमिली इतनी ज्यादा गरीब थी कि वो इसका ऑपरेशन नहीं करवा पाई। फैमिली सागर मध्य प्रदेश से दोस्तों बिकॉज़ मेडिकल ट्रीटमेंट था नहीं पढ़ सकता नहीं वो उसने अपनी स्टडीज भी पूरी नहीं करी और कोई भी म्यूजिक गू उसके पास नहीं था कोई ट्रेनिंग म्यूजिक की या गाने की उसने नहीं ली है उसने म्यूजिक कहां से सीखा फिर बाय लिसनिंग टू ओल्ड रेडियो बाय लिसनिंग टू लता मंगेशकर दोस्तों कई साल तक यह लड़का क्या करता रहा उसका कंपैनियन पूरे दुनिया में एक ही था उसका जो वुडन तंबूरा होता है वो उसके हाथ में और वो लोकल जो पैसेंजर ट्रेंस हैं उस पे घूमता था। वहां पर भजन गाता था। कोश टू कोश अंधा है। वहां पर भजन गा रहा है। और सर्वाइव कैसे कर रहा है? किसी ने कुछ सिक्का दे दिया। उस सिक्कों को इकट्ठा कर कर जो उसके हाथों में डाले जाते थे उससे अपनी जिंदगी चलाने वाला लड़का आज एक सुपरडुपर मूवी में उसके गाने आज सुनाए जा रहे हैं। दोस्तों ये है बाबा की लीला। जब बाबा की लीला आती है तो होता क्या है? वो कहां से कहां ले जाएगा? किसी को कुछ नहीं मालूम। मैं दोबारा से जब भी मैं मूवी के बारे में मैं रिकॉर्ड करने लगता हूं मेरे आंसू आ जाते हैं कि बाबा कैसे टच कर रहा है कैसे मूवी को बनाया है ये एक्सपीरियंस ऐसे नहीं आते दोस्तों आप सोच के देखिए वो पॉपुलर कैसे हुआ एक रॉ वीडियो वो तंबूरा लेकर वो गा रहा है ट्रेन के अंदर किसने उसको रिकॉर्ड कर दिया ऑनलाइन डाल दिया एक प्रोड्यूसर है उसने ट्रैक किया कि बच्चा कौन है उसे वो मुंबई के स्टूडियो में वो लेकर आए और सुनीत जो यह लड़का है सुनीत है सुमित नहीं है सुनीत यह वहां पर बैठा है अपना तंबूरा लेकर और उसने अपनी आत्मा से एक गाना गाया मैंने मैंने तेरे ही भरोसे नैया सागर में डाल दी है दोस्तों ये गाना उसने दिल से गाया है उसको पता नहीं था कि उसकी ये वॉइस एक दिन एक नेशन वाइड एक जो फीचर फिल्म है उसके अंदर इस गाने को लगाया जाएगा कोई आईडिया नहीं सिंपली सेंड वि प्योर अनएडल्टरेटेड जो सरेंडर है बजरंगबली के सामने ने उस फीलिंग के साथ उसने उस गाने को गाया है और आज देखिए आप एक बिल्कुल बच्चा जिसके पास पैसा भी नहीं है। ट्रेन के अंदर गाना गाने वाला आज थाउजेंड्स ऑफ जो लोग हैं मल्टीप्लेक्सेस हैं पूरे दुनिया में उसके अंदर उसके गाने को सुनाया जा सुनाया जा रहा है। सो दोस्तों ऑडियंसेस इसलिए आज टियर्स में है। डिवोटीज बुक कर रहे हैं पूरे मूवी हाउस को। सिर्फ इसलिए कि सुनील की जो आवाज है उसको सुनना है। उसकी वॉइस को वो सुनने के लिए नहीं उस एक्सपीरियंस को जो बजरंगबली के लिए उसने दिल से गाया है उसको सुनने के लिए आ रहे हैं। और जो नेशनल मीडिया है उसने जब पूछा सुनील को कि तुम्हें जिंदगी में क्या चाहिए? तुम्हें पैसा चाहिए? लग्जरी चाहिए, नाम शहरत चाहिए? क्या चाहिए? तो लड़का क्या बोलता है आपको? हाथ जोड़कर स्माइल करते हुए कहता है मुझे कुछ नहीं चाहिए। मैं सिर्फ हनुमान जी के लिए सेल्फलेसली अपने दिल से मैं गाने गाना चाहता हूं। दोस्तों, यही पोरिटी है एक-एक आदमी के अंदर जिसने इस मूवी को शेक कर दिया। इस मूवी ने लोगों के दिल को, आत्मा को झिंझोर के रख दिया है। ये ग्रीन कॉकरोच ये काम नहीं कर सकते। ये हमारा सनातन की खूबसूरती भी इसी में है। अब सुनील की मैंने बात बता दी आपको। उसका जो ये रस्ट लगा हुआ तंबूरा है वो तो हो गया। जो थिएटर हॉल्स हैं वहां पर वाइबेशंस देखिए आप देखो वहां पर अगर यह लड़का था जिसकी वॉइस है तो कृष्ण दास वो गोरा जिसने चट किया था ओम नमः शिवाय या श्री राम जय राम वो जो वहां पर एकको कर रहा है उसकी एग्जैक्ट वॉइस को लिया गया है वो ये आदमी वो है जिन्होंने इंट्रोड्यूस किया बाबा को वेस्टर्न वर्ल्ड के वर्ल्ड में जो नेम ग्रोली बाबा को अगर वेस्ट में पॉपुलर किया है इस बंदे ने उसकी आवाज भी इंडियन मल्टीप्लेक्सेस में सुनील के साथ-साथ इसकी भी वॉइस वहां पर गूंज रही है। दोस्तों ये मूवी अब फिनोमिना बन चुकी है। हर जो भी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के जितने रूल्स थे इसने तोड़ दिए। ये डिवाइन पावर के बिना ये नहीं हो सकता क्योंकि इन्होंने बोला था कि मूवी डेड हो चुकी है। और आज जो ये जितने भी इकोनॉमिक्स हैं सारी मूवीस के वो खत्म हो गए और मिरेकल ने टेकओवर कर लिया। दोस्तों आज थिएटर्स के अंदर क्या हो रहा है? ऑडियंसेस वहां पे सिर्फ क्लैप नहीं कर रहे। वो रो रहे हैं। वो वहां से भागने की कोशिश नहीं कर रहे। वो रुक रहे हैं। एक ठहराव है जो लोगों के अंदर आपको दिखाई देता है। वो वहां पर खड़े होते हैं। आंखें बंद कर कर हाथ जोड़कर वो चट कर रहे हैं हनुमान चालीसा को। ये किसी मंदिर की बात नहीं कर रहा हूं मैं। ये मैं बात कर रहा हूं एक सिनेमा हॉल की। पीपल आर वॉकिंग आउट ऑफ द थिएटर्स हॉल्स। दे आर डस् दे आर पुलिंग देयर पेरेंट्स आउट ऑफ बेड कि आप निकलिए मूवी को जाकर देख के आइए। जैसे मैंने अपने पेरेंट्स को बोला आप जाकर मूवी देख कर आओ। दोस्तों अपने लेबरर को लोग फोन कर रहे हैं कि जाकर मूवी देख के आओ। पूरे

के पूरे एंटायर हॉल्स को सोसाइटीज बुक कर रही हैं कि हम पूरी सोसाइटी वाले आज मूवी को देखने जाएंगे और यह वर्ड ऑफ़ माउथ है। कोई मार्केटिंग नहीं हुई। हमारे सनातनियों ने वर्ड ऑफ़ माउथ में एक स्पिरिचुअल अप्राइिंग उन्होंने खड़ी कर दी है। मैं क्यों बोल रहा हूं? क्योंकि अभी ये मूवी शुरू हुई है। इसके बाद पार्ट टू ऑलरेडी बनना भी शुरू हो गया। और जो ये मल्टीप्लेक्सेस के एग्जीक्यूटिव्स हैं जिन्होंने देखा कि मूवी फिट गई है। उसके बाद जो उसका बुकिंग का सॉफ्टवेयर है उसमें डिसबिलीफ है। एक एक हफ्ते की वेटिंग है वहां पर। यह कैसे हो सकता है? एक अनप्रेजेंटेड मूव जिसने शटर कर दिया पूरे के पूरे डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को वो भी इंडियन सिनेमा के हिस्ट्री में ऐसा कभी हुआ नहीं है। दोस्तों एक मूवी जिसको बाहर निकाल दिया गया हो उसके बाद वो एक्सप्लोर कर जाए और जो 40 स्क्रीन थे आज वो दो चार 5000 स्क्रीनंस के ऊपर पूरे कंट्री में मूवी दिखा दी जा रहे हो और आगे जाकर वो रिलीज हो रही है पूरे वर्ल्ड वाइड में 50 फोल्ड का एक्सपेंशन है ऑलरेडी पब्लिक के अंदर और जो मूवी के ग्राफ्स हैं वो रुकने का नाम भी नहीं ले रहे और बैडनेस देखिए आप वीक फोर और वीक फाइव में जो मूवी है ज्यादातर मूवीस की जो एररिंग्स होती हैं वो ड्रॉप कर जाती है 80 से लेकर 90% % यह मूवी हनुमान अंश इसमें इंपॉसिबल हो रहा है। यह चौथे हफ्ते में इसने काम करना शुरू किया और जितने रिकॉर्ड है पुराने वो बड़ी-बड़ी मूवीस के उसको तोड़ के रख दिया है। क्या रिकॉर्ड तोड़ा 140 करोड़ में पहुंच गई। ये 200 करोड़ के क्लब में आने वाली है। इंपॉर्टेंट नहीं है। लोग इसको कवर कर रहे हैं। देखिए जी 200 क्लब पहुंच जाएगी। हाउ डस इट मैटर? मैटर यह करता है कि आपको वहां पर एक्सपीरियंस क्या हो रहा है। लोग कैसे अपने दोस्तों को बोल रहे हैं जाकर मूवी देख कर आओ यार कुछ डिफरेंट है इस मूवी के अंदर और यह स्मैश कर रहा है हमारा जो एक नरेटिव था पिछले 30 सालों से यही हर एक कॉकरोचों का उसे स्मैश किया जा रहा है दोस्तों जो बिग बजट की जो मूवीस बनती थी उनको उनके जो रिकॉर्ड्स थे उनका जो मार्केटिंग का स्टाइल था उसको तोड़ के रख दिया है। ये गुरूर है जो बाबा जी ने अपनी लाइफ में भी तोड़ा आज मूवी के थ्रू भी वो तोड़ते जा रहे हैं। ये आपको लगता है कि ऐसे हो सकता है? एक मूवी जिसने पहले हफ्ते में सिर्फ 90 लाख की एक मूवी का वो किया हो आज वो 200 करोड़ में पहुंच गई वो  तीसरे हफ्ते के बाद इसको बोलते हैं ब्लेसिंग और एक दो करोड़ की मूवी वो एक सिंगल हाईएस्ट थिएटर रिटर्न जो आज दे रही है इन्वेस्टमेंट का 1975 में लास्ट टाइम हुआ था जय संतोषी मां मूवी बनी थी उसके बाद अब ये हो रहा है 51 इयर्स के बाद हिस्ट्री रिपीट हो रही है और इसने पूरी की पूरी इंडस्ट्री की जो छत है या फर्श है उसको तबाह करके रख दिया दोस्तों जो शॉक वेव्स है वो पहुंच गए हमारी गवर्नमेंट तक। अब सितंबर पांच को कुछ और अजीब सा हुआ। उत्तराखंड के चीफ मिनिस्टर पुष्कर सिंह धामी वो जाते हैं थिएटर के अंदर इस मूवी को देखने के लिए। कहां पर? देहरादून में। जब लाइट मूवी खत्म होती है, लाइट्स दोबारा से ऑन होती हैं। वो हिले पड़े थे। मैं खुद हिल गया हूं। यह बताते-बताते आपको। और हुआ क्या? इमीडिएटली वहां से निकले, ऑफिस गए। एक ऑर्डर को पास कर दिया गया कि यह मूवी अब टैक्स फ्री पूरी देवभूमि में यह दिखाई जाएगी। दोस्तों जो लैंड ऑफ कांची कैंची धाम है उसने रोड क्लियर कर दिया कि बाबा का जो मैसेज है वो हर घर तक वो पहुंचना चाहिए। अब यह मैसेज जितने धर्म गुरु हैं वो बता रहे हैं कि जाके मूवी देखिए। ये एक बाबा नहीं ये बाबा के ऊपर ये साक्षात ये अवतार थे। और आज तो यह हो गया है कि जो बॉर्डर है उसको भी हमने तोड़ के रख दिया। एक फिल्म जो स्टूडियो है जिसका नाम है होम बेल आपको मालूम होगा मैंने पहली बार नाम सुना है उन्होंने सिनेमा के जो जिन्होंने केजीएफ या कंतारा मूवीस बनाई थी मुझे अब पता लगा वो उन्होंने एक लाइटनिंग बोल्ट की तरह वो सामने आए उन्होंने देख लिया यार ये चीज जो है ना ये ग्लोबल फिनोमना अब बनता जा रहा है। उन्होंने ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स उन्होंने खरीद लिए और सितंबर 11 को हनुमान अंश इंटरनेशनलली अक्रॉस द ग्लोब को दिखाई जाएगी। एक दिन देखिए आप 9:11 जिस दिन हरे कॉकरोचों ने अमेरिका के ऊपर अटैक किया था उसी दिन को हमने सनातन का धर्म का जो हमारा मैसेज है उसको स्प्रेड करने के लिए हमने 9 11 को ही चूज़ किया। ये भी बाबा की लीला है कि हर एक कॉकरोचों को कैसे जीरो करना है पूरे दुनिया में दिखाने के लिए। हरे कॉकरोच क्या करते हैं? हम क्या करते हैं? ये वही वेस्ट जहां पर ये मूवी दिखाई जाएगी। ये वही वेस्ट है जहां पर जो टेक के जो विज़नरीज हैं जो कभी बाबा के चरणों में बैठते थे। उनसे डायरेक्शन लेते थे। आज वो उनकी मूवी देखेंगे जो एक एक जो है ना सीक्रेट जो फिल्म थी वो जाएगी ओवरसीज सिल्वर स्क्रीन के ऊपर सनातन की ब्यूटी दिखाई जाएगी। दोस्तों ये सिर्फ बिगनी है। डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने ऑफिशियली कंफर्म कर दिया है कि हनुमान अंश पार्ट टू वो बनाया जा रहा है। यानी कि एपिक ट्रायोलॉजी उसको बनाया जाएगा। अब होगा क्या? जो प्री प्रोडक्शन है वो शुरू हो गई है। ऑलरेडी दे आर डविंग डीप इनू जो बाबा की जो मिस्ट्रीज थी उनका जो ट्रांसफॉर्मेशन थी उन्होंने करी आगरा में मथुरा में लोगों की लाइफ में उसके बारे में बताया जाएगा। दोस्तों ये सिर्फ फाइनल नहीं है। इसके बाद एक और भी चीज है। एक क्रशिंग मैसेज है जो पूरे कॉर्पोरेट वर्ल्ड को फिल्म इंडस्ट्री को दुनिया को आईटी के हेड्स को सबको दिया जा रहा है कि आपको अब जो आत्मा है भारत की अगर समझना है तो आपको ग्रीन कॉकरोचों की जो खान गैंग की मूवीज हैं दाऊद की फंडेड उससे कुछ नहीं पता लगेगा। उसमें दरिंदगी ही मिलेगी। अगर आपको भारत की आत्माओं को समझना है तो ऐसी मूवीज आपको देखनी पड़ेगी। दोस्तों आपको लगा कि जो सिनेमा है वो मार्केटिंग बजट के बिना नहीं चल सकता। एल्गोरिदम्स को मैनपुलेट करना पड़ेगा। वहां पर सुपरस्टार्स को के साथ आप मूवी को मैन्युफैक्चर करेंगे। एक 2 करोड़ की मूवी ने इनके जितने भी सारे के सारे चीजें हैं उसको तोड़ के रख दिया। वो भी 2 करोड़ की मूवी में जहां पर जो मेन एक्टर है उसको रिप्लेस कराया गया। नॉट विद अ एक्टर बट वि जस्ट अ असिस्टेंट डायरेक्टर। साउंड ट्रैक एक ब्लाइंड लड़का ट्रेन में गाता हुआ वो गा रहा है। यह प्रूव करता है कि जो डिवोशन है हमारी सनातन के अंदर वो बोलती है। बॉक्स ऑफिस को बेंड करना पड़ा। झक मार के बेंड किए बाबा के सामने हम सनातनियों के सामने। और जो मार्केट है वो क्या बोलती है? ये तो एक फ्रीक एक मिरेकल है। इट्स अ कोइंसिडेंस। ओ भाई ग्रीन कॉकरोचों के साथ ये ये कोइंसिडेंस क्यों नहीं होता? जो डिवोटीज हैं उन्हें मालूम है कि ट्रुथ क्या है? ट्रुथ यह है कि बाबा को किसी की परमिशन की जरूरत नहीं थी। बाबा ने ऑलरेडी सारे ट्रैक्स को क्लियर कर दिया था। इट वास जस्ट ही वांटेड टू शो यू ह पावर। कि तीसरे हफ्ते के बाद एक मूवी फेमस होती है। बाबा ने दिखाना था आपको कि जब मैं हूं तो कुछ भी पॉसिबल है। जय हिंद 


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हनुमान अंश -हरे रंग के बॉलीवुड के कॉकरोच का गुरूर तोड़ा

हनुमान अंश -हरे रंग के बॉलीवुड के कॉकरोच का गुरूर तोड़ा
हनुमान अंश -हरे रंग के बॉलीवुड के कॉकरोच का गुरूर तोड़ा

हनुमान अंश ने एक काम तो कर दिया जो यह हरे रंग के कॉकरोच है उनका गुरूर तोड़ा है साथ में इसका पार्ट टू बनना शुरू हो गया मूवी टेक्स्ट फ्री कर दी गई है और इसकी जो स्टोरी है एक-एक चीजें वो बता रही है चीख-चीख कर कि ये मूवी नहीं है एक डिवाइन एक्सपीरियंस है और शुरू से जब ये मूवी चल शुरू हुई उससे पहले से चमत्कार होने शुरू हो गए थे अब तो लोगों ने बोलना शुरू कर दिया मूवी देखने के बाद इनका जो कनेक्शन बाबा जी के साथ बना है उसके साथ उस के साथ उनकी लाइफ में चमत्कार आने शुरू हो गए हैं। दोस्तों पहले आपने कभी देखा है कि मूवी में लोग हाथ जोड़ के बैठे हैं। वहां पे आंखें बंद कर कर जब गाना चलता है कोई भजन चल रहा है वो साथ में एक भजन गा रहे हैं। जैसे कि वो एक बाबा की जो प्रेजेंस है उसको महसूस कर रहे हो। ये कभी भी आपने पहले कभी भी देखा नहीं होगा वो भी इंडियन पब्लिक से। अब स्टोरी में क्या है? बहुत चीजें हैं जो मैं बताऊंगा आपको आज कि स्टोरी में कई ऐसी खास चीजें हैं जो किसी को ऐसा पता नहीं है। दोस्तों पहली बात यह है कि यह स्टोरी है एक बाबा की एक लड़के की जिसकी मां गुजर

चुकी है और वो भगवान की तलाश में बाहर निकलता है। अब सोच के देखिए आपने कब ऐसी स्टोरीज पहले देखी थी जहां पर वो भगवान को ढूंढने गया वो हनुमान जी के थ्रू उन्हें राम जी मिलते हैं और उसने जो पावरफुल लोग हैं उस बच्चे ने सबके एोगेंस को तोड़ा है और पूरी ह्यूमैनिटी को अपनी फैमिली बना लिया। दोस्तों उन्होंने ये जो मूवी बनी कौन इनको लीड करेगा वो भी बाबा जी ने खुद उसको डिसाइड किया है। कैसे नवंबर 2025 चित्रकूट में पहला दिन शूटिंग का कैमरा रोल हो रहे हैं। बजट है सिर्फ ₹ करोड़ का। एक-एक सेकंड कॉस्ट कर रहा है। फ्रॉम नोवेयर एब्सोल्यूट डिजास्टर आता है मूवी के ऊपर। वो कैसे जो लीड एक्टर है वो कोलैप्स कर गया। इन इतना ज्यादा वो बीमार पड़ गया। उसको 40 बार तो वोमिटिंग आ गई। यानी कि उसकी जो लाइफ है वह ड्रेन आउट हो गई। ही कुड नॉट इवन स्टैंड ही कुड नॉट स्पीक और एक्टिंग तो बहुत दूर की बात थी। अब बॉलीवुड का सेट है। उसके बाद आपको मालूम है कि कॉस्ट ऑलरेडी बहुत ज्यादा बढ़ती जा रही है। 2 करोड़ का बजट है तो क्रू पैनिकिक करने लग गया। आधे से ज्यादा जो टेक्ननीशियस थे उन्होंने बैग को पैक किया और वो निकलने लग गए। कि ये मूवी नहीं बन सकती। और जो क्योंकि मनी जो है हर घंटे वो खत्म होता जा रहा था। जो डायरेक्टर है विशाल चतुर्वेदी वो वहां पर खड़े हैं केस के अंदर समझ नहीं आ रहा क्या करें और उनको दिखने लग गया कि उनका जो ड्रीम है वो खत्म होने वाला है तब उन्होंने पीछे मुड़ के देखा तो उनके पीछे एक आदमी खड़ा हुआ था एक स्लेट लेकर ऐसे ना टेक वन वो स्लेट लेके वो बंदा पीछे खड़ा हुआ है और उसका वो था एक असिस्टेंट डायरेक्टर क्वाइटली एक यंग मैन जिसका नाम था शोभिनव सात्या वो खड़े हैं वहां पर और विशाल ने जब उनको ऑडिशन नहीं करी कुछ नहीं करी वहां पे खड़े होकर कर जैसे ना जैसे होता है कि उनके आंखों में देखा जब इसके इस बंदे के आंखों में देखा कुछ था जो उसके अपनी बोनस तक एक मैसेज चला गया जैसे कि ऊपर से भगवान खुद बोल रहे हैं ही इज द वन उन्हें एक कमांड आया अंदर से कि जैसे बाबा ने चूज़ कर लिया है कि यह बंदा मेरे फेस को रिप्रेजेंट करेगा इसको बोलते हैं चमत्कार कि आपने जिसको चूज़ किया बाबा बोलते हैं यह मुझे रिप्रेजेंट करेगा बाहर निकल तेरी जरूरत नहीं है अशोभिनव दोस्तों उसने पुल किया कैमरा के सामने जब आया वो हाथ कांप रहे थे उसके रीज़ बीइंग उसका रीज़ था उसने कभी ये काम किया नहीं ही वास टेरिफाइड ही वास अनप्रिपयर्ड साथ में एक और भी चीज था एक टेरिफाइंग एक वेट था एक वार्निंग थी जो दी गई वृंदावन से उसके दिमाग में वो था वो वार्निंग क्योंकि जो प्रेमानंद महाराज जी हैं उन्होंने खुद एक स्टर्न वार्निंग एक स्टर्न मैसेज वो भेजा था फिल्म मेकर्स को कि आप एक बहुत बड़े संत के ऊपर आप मूवी बना रहे हैं डोंट प्ले विद ह इमेज अगर आपने किसी सिद्ध पुरुष को अगर आपने गलत बंदे के थ्रू उसको डिपेक्ट किया तो बुरा होगा। दोस्तों इस बंदे ने जो ये नया बंदा जो चूज़ किया गया उसने इसको तपस्या में इसको कन्वर्ट कर दिया। जो शोबिन है उसने अपना सर झुकाया और सरेंडर कर दिया बाबा के सामने। और आज देखिए वो अननोन एक असिस्टेंट डायरेक्टर वो एक एक्टर भी नहीं है। आज वो हिस्ट्री बुक्स में उसका नाम दर्ज है। अब तो मिलियंस ऑफ लोग अगर बाबा को देखते हैं तो उसके नजर के उसकी जो पिक्चर है उसके थ्रू बाबा को देखते हैं। आज जब स्क्रीन के ऊपर वो सामने आता है। लोग बाबा नीम कोली को देखते हैं और वहां पे माथा टेकते हैं इस एक्टर के सामने। एक्टर नहीं असिस्टेंट डायरेक्टर था। टेक वन वो लगाने वाला आदमी आज एक्टर बन गया है। दोस्तों यही मिरेकल्स हैं जो इस मूवी के आपको दिखते हैं और यह यहीं पर खत्म नहीं होते। वो स्टार्ट हो गया था बॉक्स ऑफिस में जब ये मूवी शुरू हुई है उससे पहले ही। दोस्तों अब हुआ क्या? जब स्टार्ट हुआ एग्जैक्ट दैट मोमेंट तो प्रोडक्शन जो है वो फेल अपार्ट हो गई। आपको मालूम है पैसे थे नहीं। अब जो पहली टिकट बिकी है उससे पहले जो फिल्म था उसके ऊपर इंसल्ट डाले गए। रिजेक्ट किया गया। उसको मॉक किया गया। विशाल चतुर्वेदी वो गए अपनी स्टोरी लाइन को लेकर जितने बड़े-बड़े कॉर्पोरेट टावर्स हैं वहां पर वहां पर उन्होंने बोल दिया यह मूवी आप पागल हो गए हो ये चलेगी  ये तो यार ये जो है एक कंबल घोड़ा हुआ एक बाबा के ऊपर मूवी आजकल नहीं चलती आजकल तो आपको चाहिए डर्टी सा एक होना चाहिए उसमें ये आइटम सॉन्ग जिसको बोलते हैं आइटम सॉन्ग होना चाहिए उसमें गंदी सी लैंग्वेज मां बहन की गालियां निकालने वाली हो ये जो डिवोशनल सिनेमा है ये तो 40-50 साल पहले ये मर चुका था उन्होंने बोल दिया इंडियन ऑडियंसेस को आजकल उनको क्राइम चाहिए। वहां पर सेंसेशनल वायलेंस चाहिए। वहां पर हवा में उड़ते हुए एक्टर्स लड़ रहे हैं। उन्हें वो चाहिए। नोबडी केयर्स अबाउट अ सेंट। विशाल वहां से बाहर निकले उस बोर्ड रूम्स के अंदर से और अंदर दिल के अंदर उन्होंने बोला मुझे उन्होंने बोला कि मेरे अंदर एक फायर थी। उन्होंने सरेंडर नहीं किया। क्या किया उन्होंने? उन्होंने 43 डेज का हनुमान चाला चालीसा का संकल्प ले लिया कि मैं अब यह मूवी बनाऊंगा। खुद बनाऊंगा और पूरा का पूरा उन्होंने बोला कि जो डायरेक्टर की फीस होती है वो मैं जीरो करने वाला हूं। मैं एक भी इस मूवी से मैं लेने वाला नहीं हूं। एंड ही सर्वाइव्ड ओनली ऑन स्ट्रिक्ट फ्रूट डाइट। दोस्तों जब आपके अंदर यह तपस्या होती है कि 4 महीने आप सिर्फ फ्रूट के ऊपर रह रहे हैं। कोई  पैसा लेने वाले नहीं और आपने बाबा का जो एक्सपीरियंस या आपने संकल्प ले लिया उसको आप पूरा करेंगे। तो हुआ क्या? पूरे के पूरे सेट को इन्होंने वेजिटेरियन में कन्वर्ट कर दिया कि यहां पर नॉनवेज दारू वगैरह कुछ नहीं चलेगी। दोस्तों ये मूवी इसलिए एक यज्ञ की तरह है क्योंकि मूवी ही यज्ञ की तरह वो बनाई गई है और उसके बाद जो होता है कि अनलाइकली एक अलाई एक मिल गया। मॉडर्न सिनेमा की हिस्ट्री में कभी ऐसा हुआ नहीं है। पैसों की कमी थी। लोग चाहिए थे तो वहां पे आती है एक लड़की अनुप्रिया नागर। 21 साल की सिर्फ एक इकोनॉमिक्स की ग्रेजुएट अभी-अभी यूके से पढ़कर आई है। उसके अंदर कोई कनेक्शन नहीं फिल्म माफिया के अंदर। माफिया बोल रहा हूं ये खान कॉकरोच गैंग वाले वहां पे कोई कनेक्शन नहीं था। सब तभी इसलिए इसको हटाया नहीं गया। वरना इसको तो 14वीं मंजिल से इसको भी नीचे गिर देते। आपको मालूम है मैं दिशा सलियान की बात कर रहा हूं। यह इसका कनेक्शन नहीं था तो बच गई। अब हुआ क्या? इसके पास एक जॉब आया था स्विट्जरलैंड से। यह अपना बैग पैक करके वहां पे जा रही थी। लेकिन वो जाने से पहले उसने क्या किया कि कॉलेज के अंदर उसने रिसर्च का प्रोजेक्ट शुरू किया कि जो सिलिकॉन वैली के टाइटंस है वो वो उनकी लाइफ की शुरुआत कैसे हुई तो उसको लिखा एक कुछ गलती है इसके अंदर स्टीव जॉब्स है मार्क जकमबर्ग है ये सारे के सारे ये अपने सक्सेस से पहले ये भारत के अंदर एक डीप माउंटेंस के अंदर वहां पर कोई कैंची धाम नाम का कोई जगह है वहां पर जाकर आए हैं और वहां पे जाने के बाद बाबा का आशीर्वाद लेने के बाद ये मल्टी ट्रिलियन डॉलर की ये कंपनी बन उसने अंदर से क्वेश्चन पूछा कि जो इस दुनिया के रिचेस्ट माइंड्स है अगर वो भारत के एक मिस्टिक को मिलने जा रहे हैं जिसको कि भारत भूल चुका है उसको इग्नोर करता है तो मैं स्विट्जरलैंड में जाकर झक मारने जा रही हूं। उसने अपने स्विट्जरलैंड का ट्रिप को कैंसिल किया। उसने अपना पैसे पैसा इस मूवी के ऊपर लगा दिया। उसको पता लगा कि मूवी बन रही है। एंड शी स्टेप्ड इन एज अ प्रोड्यूसर। जनरली आपको ये ऐसी स्टोरीज सुनाई नहीं देती और कोई कॉर्पोरेट स्टूडियो नहीं था दोस्तों। कोई स्टार्स की बैकिंग नहीं है। कोई एल्गोरिदम नहीं, कोई पेड बॉट नहीं, कोई मीडिया के बिके हुए लोग कुछ भी नहीं था इनके पास। सिर्फ एक अनपोलजेटिक एक फेथ था कि हम बाबा को रिप्रेजेंट करने वाले हैं। अगर आपको लगता है कि कास्टिंग है या प्रोड्यूसर्स हैं

इसी में मिरेकल्स थे? नो मिरेकल्स म्यूजिक के अंदर भी थे। बॉलीवुड स्पेंड करता है करोड़ों रुपए कि जो सेलिब्रिटी सिंगर्स हैं बड़े-बड़े इनको यूज़ किया जाए। ऑटो ट्यून के सॉफ्टवेयर्स हैं उसको यूज किया जाता है। मैन्युफैक्चर किया जाता है क्लब के रिमिक्सेस को। यह जो फिल्म है दोस्तों इसकी हार्ट बीट था एक ब्लाइंड बॉय अंधा लड़का जो कि एक छोटे से बुलंद खंड है या बुलंद शहर है वहां को बिलोंग करता है। नाम था सुनील लोधी। दोस्तों 25 साल का लड़का ब्लाइंड फ्रॉम बर्थ और उसकी फैमिली इतनी ज्यादा गरीब थी कि वो इसका ऑपरेशन नहीं करवा पाई। फैमिली सागर मध्य प्रदेश से दोस्तों बिकॉज़ मेडिकल ट्रीटमेंट था नहीं पढ़ सकता नहीं वो उसने अपनी स्टडीज भी पूरी नहीं करी और कोई भी म्यूजिक गू उसके पास नहीं था कोई ट्रेनिंग म्यूजिक की या गाने की उसने नहीं ली है उसने म्यूजिक कहां से सीखा फिर बाय लिसनिंग टू ओल्ड रेडियो बाय लिसनिंग टू लता मंगेशकर दोस्तों कई साल तक यह लड़का क्या करता रहा उसका कंपैनियन पूरे दुनिया में एक ही था उसका जो वुडन तंबूरा होता है वो उसके हाथ में और वो लोकल जो पैसेंजर ट्रेंस हैं उस पे घूमता था। वहां पर भजन गाता था। कोश टू कोश अंधा है। वहां पर भजन गा रहा है। और सर्वाइव कैसे कर रहा है? किसी ने कुछ सिक्का दे दिया। उस सिक्कों को इकट्ठा कर कर जो उसके हाथों में डाले जाते थे उससे अपनी जिंदगी चलाने वाला लड़का आज एक सुपरडुपर मूवी में उसके गाने आज सुनाए जा रहे हैं। दोस्तों ये है बाबा की लीला। जब बाबा की लीला आती है तो होता क्या है? वो कहां से कहां ले जाएगा? किसी को कुछ नहीं मालूम। मैं दोबारा से जब भी मैं मूवी के बारे में मैं रिकॉर्ड करने लगता हूं मेरे आंसू आ जाते हैं कि बाबा कैसे टच कर रहा है कैसे मूवी को बनाया है ये एक्सपीरियंस ऐसे नहीं आते दोस्तों आप सोच के देखिए वो पॉपुलर कैसे हुआ एक रॉ वीडियो वो तंबूरा लेकर वो गा रहा है ट्रेन के अंदर किसने उसको रिकॉर्ड कर दिया ऑनलाइन डाल दिया एक प्रोड्यूसर है उसने ट्रैक किया कि बच्चा कौन है उसे वो मुंबई के स्टूडियो में वो लेकर आए और सुनीत जो यह लड़का है सुनीत है सुमित नहीं है सुनीत यह वहां पर बैठा है अपना तंबूरा लेकर और उसने अपनी आत्मा से एक गाना गाया मैंने मैंने तेरे ही भरोसे नैया सागर में डाल दी है दोस्तों ये गाना उसने दिल से गाया है उसको पता नहीं था कि उसकी ये वॉइस एक दिन एक नेशन वाइड एक जो फीचर फिल्म है उसके अंदर इस गाने को लगाया जाएगा कोई आईडिया नहीं सिंपली सेंड वि प्योर अनएडल्टरेटेड जो सरेंडर है बजरंगबली के सामने ने उस फीलिंग के साथ उसने उस गाने को गाया है और आज देखिए आप एक बिल्कुल बच्चा जिसके पास पैसा भी नहीं है। ट्रेन के अंदर गाना गाने वाला आज थाउजेंड्स ऑफ जो लोग हैं मल्टीप्लेक्सेस हैं पूरे दुनिया में उसके अंदर उसके गाने को सुनाया जा सुनाया जा रहा है। सो दोस्तों ऑडियंसेस इसलिए आज टियर्स में है। डिवोटीज बुक कर रहे हैं पूरे मूवी हाउस को। सिर्फ इसलिए कि सुनील की जो आवाज है उसको सुनना है। उसकी वॉइस को वो सुनने के लिए नहीं उस एक्सपीरियंस को जो बजरंगबली के लिए उसने दिल से गाया है उसको सुनने के लिए आ रहे हैं। और जो नेशनल मीडिया है उसने जब पूछा सुनील को कि तुम्हें जिंदगी में क्या चाहिए? तुम्हें पैसा चाहिए? लग्जरी चाहिए, नाम शहरत चाहिए? क्या चाहिए? तो लड़का क्या बोलता है आपको? हाथ जोड़कर स्माइल करते हुए कहता है मुझे कुछ नहीं चाहिए। मैं सिर्फ हनुमान जी के लिए सेल्फलेसली अपने दिल से मैं गाने गाना चाहता हूं। दोस्तों, यही पोरिटी है एक-एक आदमी के अंदर जिसने इस मूवी को शेक कर दिया। इस मूवी ने लोगों के दिल को, आत्मा को झिंझोर के रख दिया है। ये ग्रीन कॉकरोच ये काम नहीं कर सकते। ये हमारा सनातन की खूबसूरती भी इसी में है। अब सुनील की मैंने बात बता दी आपको। उसका जो ये रस्ट लगा हुआ तंबूरा है वो तो हो गया। जो थिएटर हॉल्स हैं वहां पर वाइबेशंस देखिए आप देखो वहां पर अगर यह लड़का था जिसकी वॉइस है तो कृष्ण दास वो गोरा जिसने चट किया था ओम नमः शिवाय या श्री राम जय राम वो जो वहां पर एकको कर रहा है उसकी एग्जैक्ट वॉइस को लिया गया है वो ये आदमी वो है जिन्होंने इंट्रोड्यूस किया बाबा को वेस्टर्न वर्ल्ड के वर्ल्ड में जो नेम ग्रोली बाबा को अगर वेस्ट में पॉपुलर किया है इस बंदे ने उसकी आवाज भी इंडियन मल्टीप्लेक्सेस में सुनील के साथ-साथ इसकी भी वॉइस वहां पर गूंज रही है। दोस्तों ये मूवी अब फिनोमिना बन चुकी है। हर जो भी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के जितने रूल्स थे इसने तोड़ दिए। ये डिवाइन पावर के बिना ये नहीं हो सकता क्योंकि इन्होंने बोला था कि मूवी डेड हो चुकी है। और आज जो ये जितने भी इकोनॉमिक्स हैं सारी मूवीस के वो खत्म हो गए और मिरेकल ने टेकओवर कर लिया। दोस्तों आज थिएटर्स के अंदर क्या हो रहा है? ऑडियंसेस वहां पे सिर्फ क्लैप नहीं कर रहे। वो रो रहे हैं। वो वहां से भागने की कोशिश नहीं कर रहे। वो रुक रहे हैं। एक ठहराव है जो लोगों के अंदर आपको दिखाई देता है। वो वहां पर खड़े होते हैं। आंखें बंद कर कर हाथ जोड़कर वो चट कर रहे हैं हनुमान चालीसा को। ये किसी मंदिर की बात नहीं कर रहा हूं मैं। ये मैं बात कर रहा हूं एक सिनेमा हॉल की। पीपल आर वॉकिंग आउट ऑफ द थिएटर्स हॉल्स। दे आर डस् दे आर पुलिंग देयर पेरेंट्स आउट ऑफ बेड कि आप निकलिए मूवी को जाकर देख के आइए। जैसे मैंने अपने पेरेंट्स को बोला आप जाकर मूवी देख कर आओ। दोस्तों अपने लेबरर को लोग फोन कर रहे हैं कि जाकर मूवी देख के आओ। पूरे

के पूरे एंटायर हॉल्स को सोसाइटीज बुक कर रही हैं कि हम पूरी सोसाइटी वाले आज मूवी को देखने जाएंगे और यह वर्ड ऑफ़ माउथ है। कोई मार्केटिंग नहीं हुई। हमारे सनातनियों ने वर्ड ऑफ़ माउथ में एक स्पिरिचुअल अप्राइिंग उन्होंने खड़ी कर दी है। मैं क्यों बोल रहा हूं? क्योंकि अभी ये मूवी शुरू हुई है। इसके बाद पार्ट टू ऑलरेडी बनना भी शुरू हो गया। और जो ये मल्टीप्लेक्सेस के एग्जीक्यूटिव्स हैं जिन्होंने देखा कि मूवी फिट गई है। उसके बाद जो उसका बुकिंग का सॉफ्टवेयर है उसमें डिसबिलीफ है। एक एक हफ्ते की वेटिंग है वहां पर। यह कैसे हो सकता है? एक अनप्रेजेंटेड मूव जिसने शटर कर दिया पूरे के पूरे डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को वो भी इंडियन सिनेमा के हिस्ट्री में ऐसा कभी हुआ नहीं है। दोस्तों एक मूवी जिसको बाहर निकाल दिया गया हो उसके बाद वो एक्सप्लोर कर जाए और जो 40 स्क्रीन थे आज वो दो चार 5000 स्क्रीनंस के ऊपर पूरे कंट्री में मूवी दिखा दी जा रहे हो और आगे जाकर वो रिलीज हो रही है पूरे वर्ल्ड वाइड में 50 फोल्ड का एक्सपेंशन है ऑलरेडी पब्लिक के अंदर और जो मूवी के ग्राफ्स हैं वो रुकने का नाम भी नहीं ले रहे और बैडनेस देखिए आप वीक फोर और वीक फाइव में जो मूवी है ज्यादातर मूवीस की जो एररिंग्स होती हैं वो ड्रॉप कर जाती है 80 से लेकर 90% % यह मूवी हनुमान अंश इसमें इंपॉसिबल हो रहा है। यह चौथे हफ्ते में इसने काम करना शुरू किया और जितने रिकॉर्ड है पुराने वो बड़ी-बड़ी मूवीस के उसको तोड़ के रख दिया है। क्या रिकॉर्ड तोड़ा 140 करोड़ में पहुंच गई। ये 200 करोड़ के क्लब में आने वाली है। इंपॉर्टेंट नहीं है। लोग इसको कवर कर रहे हैं। देखिए जी 200 क्लब पहुंच जाएगी। हाउ डस इट मैटर? मैटर यह करता है कि आपको वहां पर एक्सपीरियंस क्या हो रहा है। लोग कैसे अपने दोस्तों को बोल रहे हैं जाकर मूवी देख कर आओ यार कुछ डिफरेंट है इस मूवी के अंदर और यह स्मैश कर रहा है हमारा जो एक नरेटिव था पिछले 30 सालों से यही हर एक कॉकरोचों का उसे स्मैश किया जा रहा है दोस्तों जो बिग बजट की जो मूवीस बनती थी उनको उनके जो रिकॉर्ड्स थे उनका जो मार्केटिंग का स्टाइल था उसको तोड़ के रख दिया है। ये गुरूर है जो बाबा जी ने अपनी लाइफ में भी तोड़ा आज मूवी के थ्रू भी वो तोड़ते जा रहे हैं। ये आपको लगता है कि ऐसे हो सकता है? एक मूवी जिसने पहले हफ्ते में सिर्फ 90 लाख की एक मूवी का वो किया हो आज वो 200 करोड़ में पहुंच गई वो  तीसरे हफ्ते के बाद इसको बोलते हैं ब्लेसिंग और एक दो करोड़ की मूवी वो एक सिंगल हाईएस्ट थिएटर रिटर्न जो आज दे रही है इन्वेस्टमेंट का 1975 में लास्ट टाइम हुआ था जय संतोषी मां मूवी बनी थी उसके बाद अब ये हो रहा है 51 इयर्स के बाद हिस्ट्री रिपीट हो रही है और इसने पूरी की पूरी इंडस्ट्री की जो छत है या फर्श है उसको तबाह करके रख दिया दोस्तों जो शॉक वेव्स है वो पहुंच गए हमारी गवर्नमेंट तक। अब सितंबर पांच को कुछ और अजीब सा हुआ। उत्तराखंड के चीफ मिनिस्टर पुष्कर सिंह धामी वो जाते हैं थिएटर के अंदर इस मूवी को देखने के लिए। कहां पर? देहरादून में। जब लाइट मूवी खत्म होती है, लाइट्स दोबारा से ऑन होती हैं। वो हिले पड़े थे। मैं खुद हिल गया हूं। यह बताते-बताते आपको। और हुआ क्या? इमीडिएटली वहां से निकले, ऑफिस गए। एक ऑर्डर को पास कर दिया गया कि यह मूवी अब टैक्स फ्री पूरी देवभूमि में यह दिखाई जाएगी। दोस्तों जो लैंड ऑफ कांची कैंची धाम है उसने रोड क्लियर कर दिया कि बाबा का जो मैसेज है वो हर घर तक वो पहुंचना चाहिए। अब यह मैसेज जितने धर्म गुरु हैं वो बता रहे हैं कि जाके मूवी देखिए। ये एक बाबा नहीं ये बाबा के ऊपर ये साक्षात ये अवतार थे। और आज तो यह हो गया है कि जो बॉर्डर है उसको भी हमने तोड़ के रख दिया। एक फिल्म जो स्टूडियो है जिसका नाम है होम बेल आपको मालूम होगा मैंने पहली बार नाम सुना है उन्होंने सिनेमा के जो जिन्होंने केजीएफ या कंतारा मूवीस बनाई थी मुझे अब पता लगा वो उन्होंने एक लाइटनिंग बोल्ट की तरह वो सामने आए उन्होंने देख लिया यार ये चीज जो है ना ये ग्लोबल फिनोमना अब बनता जा रहा है। उन्होंने ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स उन्होंने खरीद लिए और सितंबर 11 को हनुमान अंश इंटरनेशनलली अक्रॉस द ग्लोब को दिखाई जाएगी। एक दिन देखिए आप 9:11 जिस दिन हरे कॉकरोचों ने अमेरिका के ऊपर अटैक किया था उसी दिन को हमने सनातन का धर्म का जो हमारा मैसेज है उसको स्प्रेड करने के लिए हमने 9 11 को ही चूज़ किया। ये भी बाबा की लीला है कि हर एक कॉकरोचों को कैसे जीरो करना है पूरे दुनिया में दिखाने के लिए। हरे कॉकरोच क्या करते हैं? हम क्या करते हैं? ये वही वेस्ट जहां पर ये मूवी दिखाई जाएगी। ये वही वेस्ट है जहां पर जो टेक के जो विज़नरीज हैं जो कभी बाबा के चरणों में बैठते थे। उनसे डायरेक्शन लेते थे। आज वो उनकी मूवी देखेंगे जो एक एक जो है ना सीक्रेट जो फिल्म थी वो जाएगी ओवरसीज सिल्वर स्क्रीन के ऊपर सनातन की ब्यूटी दिखाई जाएगी। दोस्तों ये सिर्फ बिगनी है। डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने ऑफिशियली कंफर्म कर दिया है कि हनुमान अंश पार्ट टू वो बनाया जा रहा है। यानी कि एपिक ट्रायोलॉजी उसको बनाया जाएगा। अब होगा क्या? जो प्री प्रोडक्शन है वो शुरू हो गई है। ऑलरेडी दे आर डविंग डीप इनू जो बाबा की जो मिस्ट्रीज थी उनका जो ट्रांसफॉर्मेशन थी उन्होंने करी आगरा में मथुरा में लोगों की लाइफ में उसके बारे में बताया जाएगा। दोस्तों ये सिर्फ फाइनल नहीं है। इसके बाद एक और भी चीज है। एक क्रशिंग मैसेज है जो पूरे कॉर्पोरेट वर्ल्ड को फिल्म इंडस्ट्री को दुनिया को आईटी के हेड्स को सबको दिया जा रहा है कि आपको अब जो आत्मा है भारत की अगर समझना है तो आपको ग्रीन कॉकरोचों की जो खान गैंग की मूवीज हैं दाऊद की फंडेड उससे कुछ नहीं पता लगेगा। उसमें दरिंदगी ही मिलेगी। अगर आपको भारत की आत्माओं को समझना है तो ऐसी मूवीज आपको देखनी पड़ेगी। दोस्तों आपको लगा कि जो सिनेमा है वो मार्केटिंग बजट के बिना नहीं चल सकता। एल्गोरिदम्स को मैनपुलेट करना पड़ेगा। वहां पर सुपरस्टार्स को के साथ आप मूवी को मैन्युफैक्चर करेंगे। एक 2 करोड़ की मूवी ने इनके जितने भी सारे के सारे चीजें हैं उसको तोड़ के रख दिया। वो भी 2 करोड़ की मूवी में जहां पर जो मेन एक्टर है उसको रिप्लेस कराया गया। नॉट विद अ एक्टर बट वि जस्ट अ असिस्टेंट डायरेक्टर। साउंड ट्रैक एक ब्लाइंड लड़का ट्रेन में गाता हुआ वो गा रहा है। यह प्रूव करता है कि जो डिवोशन है हमारी सनातन के अंदर वो बोलती है। बॉक्स ऑफिस को बेंड करना पड़ा। झक मार के बेंड किए बाबा के सामने हम सनातनियों के सामने। और जो मार्केट है वो क्या बोलती है? ये तो एक फ्रीक एक मिरेकल है। इट्स अ कोइंसिडेंस। ओ भाई ग्रीन कॉकरोचों के साथ ये ये कोइंसिडेंस क्यों नहीं होता? जो डिवोटीज हैं उन्हें मालूम है कि ट्रुथ क्या है? ट्रुथ यह है कि बाबा को किसी की परमिशन की जरूरत नहीं थी। बाबा ने ऑलरेडी सारे ट्रैक्स को क्लियर कर दिया था। इट वास जस्ट ही वांटेड टू शो यू ह पावर। कि तीसरे हफ्ते के बाद एक मूवी फेमस होती है। बाबा ने दिखाना था आपको कि जब मैं हूं तो कुछ भी पॉसिबल है। जय हिंद 


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हनुमान अंश -हरे रंग के बॉलीवुड के कॉकरोच का गुरूर तोड़ा

हनुमान अंश -हरे रंग के बॉलीवुड के कॉकरोच का गुरूर तोड़ा

हनुमान अंश ने एक काम तो कर दिया जो यह हरे रंग के कॉकरोच है उनका गुरूर तोड़ा है साथ में इसका पार्ट टू बनना शुरू हो गया मूवी टेक्स्ट फ्री कर दी गई है और इसकी जो स्टोरी है एक-एक चीजें वो बता रही है चीख-चीख कर कि ये मूवी नहीं है एक डिवाइन एक्सपीरियंस है और शुरू से जब ये मूवी चल शुरू हुई उससे पहले से चमत्कार होने शुरू हो गए थे अब तो लोगों ने बोलना शुरू कर दिया मूवी देखने के बाद इनका जो कनेक्शन बाबा जी के साथ बना है उसके साथ उस के साथ उनकी लाइफ में चमत्कार आने शुरू हो गए हैं। दोस्तों पहले आपने कभी देखा है कि मूवी में लोग हाथ जोड़ के बैठे हैं। वहां पे आंखें बंद कर कर जब गाना चलता है कोई भजन चल रहा है वो साथ में एक भजन गा रहे हैं। जैसे कि वो एक बाबा की जो प्रेजेंस है उसको महसूस कर रहे हो। ये कभी भी आपने पहले कभी भी देखा नहीं होगा वो भी इंडियन पब्लिक से। अब स्टोरी में क्या है? बहुत चीजें हैं जो मैं बताऊंगा आपको आज कि स्टोरी में कई ऐसी खास चीजें हैं जो किसी को ऐसा पता नहीं है। दोस्तों पहली बात यह है कि यह स्टोरी है एक बाबा की एक लड़के की जिसकी मां गुजर

चुकी है और वो भगवान की तलाश में बाहर निकलता है। अब सोच के देखिए आपने कब ऐसी स्टोरीज पहले देखी थी जहां पर वो भगवान को ढूंढने गया वो हनुमान जी के थ्रू उन्हें राम जी मिलते हैं और उसने जो पावरफुल लोग हैं उस बच्चे ने सबके एोगेंस को तोड़ा है और पूरी ह्यूमैनिटी को अपनी फैमिली बना लिया। दोस्तों उन्होंने ये जो मूवी बनी कौन इनको लीड करेगा वो भी बाबा जी ने खुद उसको डिसाइड किया है। कैसे नवंबर 2025 चित्रकूट में पहला दिन शूटिंग का कैमरा रोल हो रहे हैं। बजट है सिर्फ ₹ करोड़ का। एक-एक सेकंड कॉस्ट कर रहा है। फ्रॉम नोवेयर एब्सोल्यूट डिजास्टर आता है मूवी के ऊपर। वो कैसे जो लीड एक्टर है वो कोलैप्स कर गया। इन इतना ज्यादा वो बीमार पड़ गया। उसको 40 बार तो वोमिटिंग आ गई। यानी कि उसकी जो लाइफ है वह ड्रेन आउट हो गई। ही कुड नॉट इवन स्टैंड ही कुड नॉट स्पीक और एक्टिंग तो बहुत दूर की बात थी। अब बॉलीवुड का सेट है। उसके बाद आपको मालूम है कि कॉस्ट ऑलरेडी बहुत ज्यादा बढ़ती जा रही है। 2 करोड़ का बजट है तो क्रू पैनिकिक करने लग गया। आधे से ज्यादा जो टेक्ननीशियस थे उन्होंने बैग को पैक किया और वो निकलने लग गए। कि ये मूवी नहीं बन सकती। और जो क्योंकि मनी जो है हर घंटे वो खत्म होता जा रहा था। जो डायरेक्टर है विशाल चतुर्वेदी वो वहां पर खड़े हैं केस के अंदर समझ नहीं आ रहा क्या करें और उनको दिखने लग गया कि उनका जो ड्रीम है वो खत्म होने वाला है तब उन्होंने पीछे मुड़ के देखा तो उनके पीछे एक आदमी खड़ा हुआ था एक स्लेट लेकर ऐसे ना टेक वन वो स्लेट लेके वो बंदा पीछे खड़ा हुआ है और उसका वो था एक असिस्टेंट डायरेक्टर क्वाइटली एक यंग मैन जिसका नाम था शोभिनव सात्या वो खड़े हैं वहां पर और विशाल ने जब उनको ऑडिशन नहीं करी कुछ नहीं करी वहां पे खड़े होकर कर जैसे ना जैसे होता है कि उनके आंखों में देखा जब इसके इस बंदे के आंखों में देखा कुछ था जो उसके अपनी बोनस तक एक मैसेज चला गया जैसे कि ऊपर से भगवान खुद बोल रहे हैं ही इज द वन उन्हें एक कमांड आया अंदर से कि जैसे बाबा ने चूज़ कर लिया है कि यह बंदा मेरे फेस को रिप्रेजेंट करेगा इसको बोलते हैं चमत्कार कि आपने जिसको चूज़ किया बाबा बोलते हैं यह मुझे रिप्रेजेंट करेगा बाहर निकल तेरी जरूरत नहीं है अशोभिनव दोस्तों उसने पुल किया कैमरा के सामने जब आया वो हाथ कांप रहे थे उसके रीज़ बीइंग उसका रीज़ था उसने कभी ये काम किया नहीं ही वास टेरिफाइड ही वास अनप्रिपयर्ड साथ में एक और भी चीज था एक टेरिफाइंग एक वेट था एक वार्निंग थी जो दी गई वृंदावन से उसके दिमाग में वो था वो वार्निंग क्योंकि जो प्रेमानंद महाराज जी हैं उन्होंने खुद एक स्टर्न वार्निंग एक स्टर्न मैसेज वो भेजा था फिल्म मेकर्स को कि आप एक बहुत बड़े संत के ऊपर आप मूवी बना रहे हैं डोंट प्ले विद ह इमेज अगर आपने किसी सिद्ध पुरुष को अगर आपने गलत बंदे के थ्रू उसको डिपेक्ट किया तो बुरा होगा। दोस्तों इस बंदे ने जो ये नया बंदा जो चूज़ किया गया उसने इसको तपस्या में इसको कन्वर्ट कर दिया। जो शोबिन है उसने अपना सर झुकाया और सरेंडर कर दिया बाबा के सामने। और आज देखिए वो अननोन एक असिस्टेंट डायरेक्टर वो एक एक्टर भी नहीं है। आज वो हिस्ट्री बुक्स में उसका नाम दर्ज है। अब तो मिलियंस ऑफ लोग अगर बाबा को देखते हैं तो उसके नजर के उसकी जो पिक्चर है उसके थ्रू बाबा को देखते हैं। आज जब स्क्रीन के ऊपर वो सामने आता है। लोग बाबा नीम कोली को देखते हैं और वहां पे माथा टेकते हैं इस एक्टर के सामने। एक्टर नहीं असिस्टेंट डायरेक्टर था। टेक वन वो लगाने वाला आदमी आज एक्टर बन गया है। दोस्तों यही मिरेकल्स हैं जो इस मूवी के आपको दिखते हैं और यह यहीं पर खत्म नहीं होते। वो स्टार्ट हो गया था बॉक्स ऑफिस में जब ये मूवी शुरू हुई है उससे पहले ही। दोस्तों अब हुआ क्या? जब स्टार्ट हुआ एग्जैक्ट दैट मोमेंट तो प्रोडक्शन जो है वो फेल अपार्ट हो गई। आपको मालूम है पैसे थे नहीं। अब जो पहली टिकट बिकी है उससे पहले जो फिल्म था उसके ऊपर इंसल्ट डाले गए। रिजेक्ट किया गया। उसको मॉक किया गया। विशाल चतुर्वेदी वो गए अपनी स्टोरी लाइन को लेकर जितने बड़े-बड़े कॉर्पोरेट टावर्स हैं वहां पर वहां पर उन्होंने बोल दिया यह मूवी आप पागल हो गए हो ये चलेगी  ये तो यार ये जो है एक कंबल घोड़ा हुआ एक बाबा के ऊपर मूवी आजकल नहीं चलती आजकल तो आपको चाहिए डर्टी सा एक होना चाहिए उसमें ये आइटम सॉन्ग जिसको बोलते हैं आइटम सॉन्ग होना चाहिए उसमें गंदी सी लैंग्वेज मां बहन की गालियां निकालने वाली हो ये जो डिवोशनल सिनेमा है ये तो 40-50 साल पहले ये मर चुका था उन्होंने बोल दिया इंडियन ऑडियंसेस को आजकल उनको क्राइम चाहिए। वहां पर सेंसेशनल वायलेंस चाहिए। वहां पर हवा में उड़ते हुए एक्टर्स लड़ रहे हैं। उन्हें वो चाहिए। नोबडी केयर्स अबाउट अ सेंट। विशाल वहां से बाहर निकले उस बोर्ड रूम्स के अंदर से और अंदर दिल के अंदर उन्होंने बोला मुझे उन्होंने बोला कि मेरे अंदर एक फायर थी। उन्होंने सरेंडर नहीं किया। क्या किया उन्होंने? उन्होंने 43 डेज का हनुमान चाला चालीसा का संकल्प ले लिया कि मैं अब यह मूवी बनाऊंगा। खुद बनाऊंगा और पूरा का पूरा उन्होंने बोला कि जो डायरेक्टर की फीस होती है वो मैं जीरो करने वाला हूं। मैं एक भी इस मूवी से मैं लेने वाला नहीं हूं। एंड ही सर्वाइव्ड ओनली ऑन स्ट्रिक्ट फ्रूट डाइट। दोस्तों जब आपके अंदर यह तपस्या होती है कि 4 महीने आप सिर्फ फ्रूट के ऊपर रह रहे हैं। कोई  पैसा लेने वाले नहीं और आपने बाबा का जो एक्सपीरियंस या आपने संकल्प ले लिया उसको आप पूरा करेंगे। तो हुआ क्या? पूरे के पूरे सेट को इन्होंने वेजिटेरियन में कन्वर्ट कर दिया कि यहां पर नॉनवेज दारू वगैरह कुछ नहीं चलेगी। दोस्तों ये मूवी इसलिए एक यज्ञ की तरह है क्योंकि मूवी ही यज्ञ की तरह वो बनाई गई है और उसके बाद जो होता है कि अनलाइकली एक अलाई एक मिल गया। मॉडर्न सिनेमा की हिस्ट्री में कभी ऐसा हुआ नहीं है। पैसों की कमी थी। लोग चाहिए थे तो वहां पे आती है एक लड़की अनुप्रिया नागर। 21 साल की सिर्फ एक इकोनॉमिक्स की ग्रेजुएट अभी-अभी यूके से पढ़कर आई है। उसके अंदर कोई कनेक्शन नहीं फिल्म माफिया के अंदर। माफिया बोल रहा हूं ये खान कॉकरोच गैंग वाले वहां पे कोई कनेक्शन नहीं था। सब तभी इसलिए इसको हटाया नहीं गया। वरना इसको तो 14वीं मंजिल से इसको भी नीचे गिर देते। आपको मालूम है मैं दिशा सलियान की बात कर रहा हूं। यह इसका कनेक्शन नहीं था तो बच गई। अब हुआ क्या? इसके पास एक जॉब आया था स्विट्जरलैंड से। यह अपना बैग पैक करके वहां पे जा रही थी। लेकिन वो जाने से पहले उसने क्या किया कि कॉलेज के अंदर उसने रिसर्च का प्रोजेक्ट शुरू किया कि जो सिलिकॉन वैली के टाइटंस है वो वो उनकी लाइफ की शुरुआत कैसे हुई तो उसको लिखा एक कुछ गलती है इसके अंदर स्टीव जॉब्स है मार्क जकमबर्ग है ये सारे के सारे ये अपने सक्सेस से पहले ये भारत के अंदर एक डीप माउंटेंस के अंदर वहां पर कोई कैंची धाम नाम का कोई जगह है वहां पर जाकर आए हैं और वहां पे जाने के बाद बाबा का आशीर्वाद लेने के बाद ये मल्टी ट्रिलियन डॉलर की ये कंपनी बन उसने अंदर से क्वेश्चन पूछा कि जो इस दुनिया के रिचेस्ट माइंड्स है अगर वो भारत के एक मिस्टिक को मिलने जा रहे हैं जिसको कि भारत भूल चुका है उसको इग्नोर करता है तो मैं स्विट्जरलैंड में जाकर झक मारने जा रही हूं। उसने अपने स्विट्जरलैंड का ट्रिप को कैंसिल किया। उसने अपना पैसे पैसा इस मूवी के ऊपर लगा दिया। उसको पता लगा कि मूवी बन रही है। एंड शी स्टेप्ड इन एज अ प्रोड्यूसर। जनरली आपको ये ऐसी स्टोरीज सुनाई नहीं देती और कोई कॉर्पोरेट स्टूडियो नहीं था दोस्तों। कोई स्टार्स की बैकिंग नहीं है। कोई एल्गोरिदम नहीं, कोई पेड बॉट नहीं, कोई मीडिया के बिके हुए लोग कुछ भी नहीं था इनके पास। सिर्फ एक अनपोलजेटिक एक फेथ था कि हम बाबा को रिप्रेजेंट करने वाले हैं। अगर आपको लगता है कि कास्टिंग है या प्रोड्यूसर्स हैं

इसी में मिरेकल्स थे? नो मिरेकल्स म्यूजिक के अंदर भी थे। बॉलीवुड स्पेंड करता है करोड़ों रुपए कि जो सेलिब्रिटी सिंगर्स हैं बड़े-बड़े इनको यूज़ किया जाए। ऑटो ट्यून के सॉफ्टवेयर्स हैं उसको यूज किया जाता है। मैन्युफैक्चर किया जाता है क्लब के रिमिक्सेस को। यह जो फिल्म है दोस्तों इसकी हार्ट बीट था एक ब्लाइंड बॉय अंधा लड़का जो कि एक छोटे से बुलंद खंड है या बुलंद शहर है वहां को बिलोंग करता है। नाम था सुनील लोधी। दोस्तों 25 साल का लड़का ब्लाइंड फ्रॉम बर्थ और उसकी फैमिली इतनी ज्यादा गरीब थी कि वो इसका ऑपरेशन नहीं करवा पाई। फैमिली सागर मध्य प्रदेश से दोस्तों बिकॉज़ मेडिकल ट्रीटमेंट था नहीं पढ़ सकता नहीं वो उसने अपनी स्टडीज भी पूरी नहीं करी और कोई भी म्यूजिक गू उसके पास नहीं था कोई ट्रेनिंग म्यूजिक की या गाने की उसने नहीं ली है उसने म्यूजिक कहां से सीखा फिर बाय लिसनिंग टू ओल्ड रेडियो बाय लिसनिंग टू लता मंगेशकर दोस्तों कई साल तक यह लड़का क्या करता रहा उसका कंपैनियन पूरे दुनिया में एक ही था उसका जो वुडन तंबूरा होता है वो उसके हाथ में और वो लोकल जो पैसेंजर ट्रेंस हैं उस पे घूमता था। वहां पर भजन गाता था। कोश टू कोश अंधा है। वहां पर भजन गा रहा है। और सर्वाइव कैसे कर रहा है? किसी ने कुछ सिक्का दे दिया। उस सिक्कों को इकट्ठा कर कर जो उसके हाथों में डाले जाते थे उससे अपनी जिंदगी चलाने वाला लड़का आज एक सुपरडुपर मूवी में उसके गाने आज सुनाए जा रहे हैं। दोस्तों ये है बाबा की लीला। जब बाबा की लीला आती है तो होता क्या है? वो कहां से कहां ले जाएगा? किसी को कुछ नहीं मालूम। मैं दोबारा से जब भी मैं मूवी के बारे में मैं रिकॉर्ड करने लगता हूं मेरे आंसू आ जाते हैं कि बाबा कैसे टच कर रहा है कैसे मूवी को बनाया है ये एक्सपीरियंस ऐसे नहीं आते दोस्तों आप सोच के देखिए वो पॉपुलर कैसे हुआ एक रॉ वीडियो वो तंबूरा लेकर वो गा रहा है ट्रेन के अंदर किसने उसको रिकॉर्ड कर दिया ऑनलाइन डाल दिया एक प्रोड्यूसर है उसने ट्रैक किया कि बच्चा कौन है उसे वो मुंबई के स्टूडियो में वो लेकर आए और सुनीत जो यह लड़का है सुनीत है सुमित नहीं है सुनीत यह वहां पर बैठा है अपना तंबूरा लेकर और उसने अपनी आत्मा से एक गाना गाया मैंने मैंने तेरे ही भरोसे नैया सागर में डाल दी है दोस्तों ये गाना उसने दिल से गाया है उसको पता नहीं था कि उसकी ये वॉइस एक दिन एक नेशन वाइड एक जो फीचर फिल्म है उसके अंदर इस गाने को लगाया जाएगा कोई आईडिया नहीं सिंपली सेंड वि प्योर अनएडल्टरेटेड जो सरेंडर है बजरंगबली के सामने ने उस फीलिंग के साथ उसने उस गाने को गाया है और आज देखिए आप एक बिल्कुल बच्चा जिसके पास पैसा भी नहीं है। ट्रेन के अंदर गाना गाने वाला आज थाउजेंड्स ऑफ जो लोग हैं मल्टीप्लेक्सेस हैं पूरे दुनिया में उसके अंदर उसके गाने को सुनाया जा सुनाया जा रहा है। सो दोस्तों ऑडियंसेस इसलिए आज टियर्स में है। डिवोटीज बुक कर रहे हैं पूरे मूवी हाउस को। सिर्फ इसलिए कि सुनील की जो आवाज है उसको सुनना है। उसकी वॉइस को वो सुनने के लिए नहीं उस एक्सपीरियंस को जो बजरंगबली के लिए उसने दिल से गाया है उसको सुनने के लिए आ रहे हैं। और जो नेशनल मीडिया है उसने जब पूछा सुनील को कि तुम्हें जिंदगी में क्या चाहिए? तुम्हें पैसा चाहिए? लग्जरी चाहिए, नाम शहरत चाहिए? क्या चाहिए? तो लड़का क्या बोलता है आपको? हाथ जोड़कर स्माइल करते हुए कहता है मुझे कुछ नहीं चाहिए। मैं सिर्फ हनुमान जी के लिए सेल्फलेसली अपने दिल से मैं गाने गाना चाहता हूं। दोस्तों, यही पोरिटी है एक-एक आदमी के अंदर जिसने इस मूवी को शेक कर दिया। इस मूवी ने लोगों के दिल को, आत्मा को झिंझोर के रख दिया है। ये ग्रीन कॉकरोच ये काम नहीं कर सकते। ये हमारा सनातन की खूबसूरती भी इसी में है। अब सुनील की मैंने बात बता दी आपको। उसका जो ये रस्ट लगा हुआ तंबूरा है वो तो हो गया। जो थिएटर हॉल्स हैं वहां पर वाइबेशंस देखिए आप देखो वहां पर अगर यह लड़का था जिसकी वॉइस है तो कृष्ण दास वो गोरा जिसने चट किया था ओम नमः शिवाय या श्री राम जय राम वो जो वहां पर एकको कर रहा है उसकी एग्जैक्ट वॉइस को लिया गया है वो ये आदमी वो है जिन्होंने इंट्रोड्यूस किया बाबा को वेस्टर्न वर्ल्ड के वर्ल्ड में जो नेम ग्रोली बाबा को अगर वेस्ट में पॉपुलर किया है इस बंदे ने उसकी आवाज भी इंडियन मल्टीप्लेक्सेस में सुनील के साथ-साथ इसकी भी वॉइस वहां पर गूंज रही है। दोस्तों ये मूवी अब फिनोमिना बन चुकी है। हर जो भी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के जितने रूल्स थे इसने तोड़ दिए। ये डिवाइन पावर के बिना ये नहीं हो सकता क्योंकि इन्होंने बोला था कि मूवी डेड हो चुकी है। और आज जो ये जितने भी इकोनॉमिक्स हैं सारी मूवीस के वो खत्म हो गए और मिरेकल ने टेकओवर कर लिया। दोस्तों आज थिएटर्स के अंदर क्या हो रहा है? ऑडियंसेस वहां पे सिर्फ क्लैप नहीं कर रहे। वो रो रहे हैं। वो वहां से भागने की कोशिश नहीं कर रहे। वो रुक रहे हैं। एक ठहराव है जो लोगों के अंदर आपको दिखाई देता है। वो वहां पर खड़े होते हैं। आंखें बंद कर कर हाथ जोड़कर वो चट कर रहे हैं हनुमान चालीसा को। ये किसी मंदिर की बात नहीं कर रहा हूं मैं। ये मैं बात कर रहा हूं एक सिनेमा हॉल की। पीपल आर वॉकिंग आउट ऑफ द थिएटर्स हॉल्स। दे आर डस् दे आर पुलिंग देयर पेरेंट्स आउट ऑफ बेड कि आप निकलिए मूवी को जाकर देख के आइए। जैसे मैंने अपने पेरेंट्स को बोला आप जाकर मूवी देख कर आओ। दोस्तों अपने लेबरर को लोग फोन कर रहे हैं कि जाकर मूवी देख के आओ। पूरे

के पूरे एंटायर हॉल्स को सोसाइटीज बुक कर रही हैं कि हम पूरी सोसाइटी वाले आज मूवी को देखने जाएंगे और यह वर्ड ऑफ़ माउथ है। कोई मार्केटिंग नहीं हुई। हमारे सनातनियों ने वर्ड ऑफ़ माउथ में एक स्पिरिचुअल अप्राइिंग उन्होंने खड़ी कर दी है। मैं क्यों बोल रहा हूं? क्योंकि अभी ये मूवी शुरू हुई है। इसके बाद पार्ट टू ऑलरेडी बनना भी शुरू हो गया। और जो ये मल्टीप्लेक्सेस के एग्जीक्यूटिव्स हैं जिन्होंने देखा कि मूवी फिट गई है। उसके बाद जो उसका बुकिंग का सॉफ्टवेयर है उसमें डिसबिलीफ है। एक एक हफ्ते की वेटिंग है वहां पर। यह कैसे हो सकता है? एक अनप्रेजेंटेड मूव जिसने शटर कर दिया पूरे के पूरे डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को वो भी इंडियन सिनेमा के हिस्ट्री में ऐसा कभी हुआ नहीं है। दोस्तों एक मूवी जिसको बाहर निकाल दिया गया हो उसके बाद वो एक्सप्लोर कर जाए और जो 40 स्क्रीन थे आज वो दो चार 5000 स्क्रीनंस के ऊपर पूरे कंट्री में मूवी दिखा दी जा रहे हो और आगे जाकर वो रिलीज हो रही है पूरे वर्ल्ड वाइड में 50 फोल्ड का एक्सपेंशन है ऑलरेडी पब्लिक के अंदर और जो मूवी के ग्राफ्स हैं वो रुकने का नाम भी नहीं ले रहे और बैडनेस देखिए आप वीक फोर और वीक फाइव में जो मूवी है ज्यादातर मूवीस की जो एररिंग्स होती हैं वो ड्रॉप कर जाती है 80 से लेकर 90% % यह मूवी हनुमान अंश इसमें इंपॉसिबल हो रहा है। यह चौथे हफ्ते में इसने काम करना शुरू किया और जितने रिकॉर्ड है पुराने वो बड़ी-बड़ी मूवीस के उसको तोड़ के रख दिया है। क्या रिकॉर्ड तोड़ा 140 करोड़ में पहुंच गई। ये 200 करोड़ के क्लब में आने वाली है। इंपॉर्टेंट नहीं है। लोग इसको कवर कर रहे हैं। देखिए जी 200 क्लब पहुंच जाएगी। हाउ डस इट मैटर? मैटर यह करता है कि आपको वहां पर एक्सपीरियंस क्या हो रहा है। लोग कैसे अपने दोस्तों को बोल रहे हैं जाकर मूवी देख कर आओ यार कुछ डिफरेंट है इस मूवी के अंदर और यह स्मैश कर रहा है हमारा जो एक नरेटिव था पिछले 30 सालों से यही हर एक कॉकरोचों का उसे स्मैश किया जा रहा है दोस्तों जो बिग बजट की जो मूवीस बनती थी उनको उनके जो रिकॉर्ड्स थे उनका जो मार्केटिंग का स्टाइल था उसको तोड़ के रख दिया है। ये गुरूर है जो बाबा जी ने अपनी लाइफ में भी तोड़ा आज मूवी के थ्रू भी वो तोड़ते जा रहे हैं। ये आपको लगता है कि ऐसे हो सकता है? एक मूवी जिसने पहले हफ्ते में सिर्फ 90 लाख की एक मूवी का वो किया हो आज वो 200 करोड़ में पहुंच गई वो  तीसरे हफ्ते के बाद इसको बोलते हैं ब्लेसिंग और एक दो करोड़ की मूवी वो एक सिंगल हाईएस्ट थिएटर रिटर्न जो आज दे रही है इन्वेस्टमेंट का 1975 में लास्ट टाइम हुआ था जय संतोषी मां मूवी बनी थी उसके बाद अब ये हो रहा है 51 इयर्स के बाद हिस्ट्री रिपीट हो रही है और इसने पूरी की पूरी इंडस्ट्री की जो छत है या फर्श है उसको तबाह करके रख दिया दोस्तों जो शॉक वेव्स है वो पहुंच गए हमारी गवर्नमेंट तक। अब सितंबर पांच को कुछ और अजीब सा हुआ। उत्तराखंड के चीफ मिनिस्टर पुष्कर सिंह धामी वो जाते हैं थिएटर के अंदर इस मूवी को देखने के लिए। कहां पर? देहरादून में। जब लाइट मूवी खत्म होती है, लाइट्स दोबारा से ऑन होती हैं। वो हिले पड़े थे। मैं खुद हिल गया हूं। यह बताते-बताते आपको। और हुआ क्या? इमीडिएटली वहां से निकले, ऑफिस गए। एक ऑर्डर को पास कर दिया गया कि यह मूवी अब टैक्स फ्री पूरी देवभूमि में यह दिखाई जाएगी। दोस्तों जो लैंड ऑफ कांची कैंची धाम है उसने रोड क्लियर कर दिया कि बाबा का जो मैसेज है वो हर घर तक वो पहुंचना चाहिए। अब यह मैसेज जितने धर्म गुरु हैं वो बता रहे हैं कि जाके मूवी देखिए। ये एक बाबा नहीं ये बाबा के ऊपर ये साक्षात ये अवतार थे। और आज तो यह हो गया है कि जो बॉर्डर है उसको भी हमने तोड़ के रख दिया। एक फिल्म जो स्टूडियो है जिसका नाम है होम बेल आपको मालूम होगा मैंने पहली बार नाम सुना है उन्होंने सिनेमा के जो जिन्होंने केजीएफ या कंतारा मूवीस बनाई थी मुझे अब पता लगा वो उन्होंने एक लाइटनिंग बोल्ट की तरह वो सामने आए उन्होंने देख लिया यार ये चीज जो है ना ये ग्लोबल फिनोमना अब बनता जा रहा है। उन्होंने ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स उन्होंने खरीद लिए और सितंबर 11 को हनुमान अंश इंटरनेशनलली अक्रॉस द ग्लोब को दिखाई जाएगी। एक दिन देखिए आप 9:11 जिस दिन हरे कॉकरोचों ने अमेरिका के ऊपर अटैक किया था उसी दिन को हमने सनातन का धर्म का जो हमारा मैसेज है उसको स्प्रेड करने के लिए हमने 9 11 को ही चूज़ किया। ये भी बाबा की लीला है कि हर एक कॉकरोचों को कैसे जीरो करना है पूरे दुनिया में दिखाने के लिए। हरे कॉकरोच क्या करते हैं? हम क्या करते हैं? ये वही वेस्ट जहां पर ये मूवी दिखाई जाएगी। ये वही वेस्ट है जहां पर जो टेक के जो विज़नरीज हैं जो कभी बाबा के चरणों में बैठते थे। उनसे डायरेक्शन लेते थे। आज वो उनकी मूवी देखेंगे जो एक एक जो है ना सीक्रेट जो फिल्म थी वो जाएगी ओवरसीज सिल्वर स्क्रीन के ऊपर सनातन की ब्यूटी दिखाई जाएगी। दोस्तों ये सिर्फ बिगनी है। डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने ऑफिशियली कंफर्म कर दिया है कि हनुमान अंश पार्ट टू वो बनाया जा रहा है। यानी कि एपिक ट्रायोलॉजी उसको बनाया जाएगा। अब होगा क्या? जो प्री प्रोडक्शन है वो शुरू हो गई है। ऑलरेडी दे आर डविंग डीप इनू जो बाबा की जो मिस्ट्रीज थी उनका जो ट्रांसफॉर्मेशन थी उन्होंने करी आगरा में मथुरा में लोगों की लाइफ में उसके बारे में बताया जाएगा। दोस्तों ये सिर्फ फाइनल नहीं है। इसके बाद एक और भी चीज है। एक क्रशिंग मैसेज है जो पूरे कॉर्पोरेट वर्ल्ड को फिल्म इंडस्ट्री को दुनिया को आईटी के हेड्स को सबको दिया जा रहा है कि आपको अब जो आत्मा है भारत की अगर समझना है तो आपको ग्रीन कॉकरोचों की जो खान गैंग की मूवीज हैं दाऊद की फंडेड उससे कुछ नहीं पता लगेगा। उसमें दरिंदगी ही मिलेगी। अगर आपको भारत की आत्माओं को समझना है तो ऐसी मूवीज आपको देखनी पड़ेगी। दोस्तों आपको लगा कि जो सिनेमा है वो मार्केटिंग बजट के बिना नहीं चल सकता। एल्गोरिदम्स को मैनपुलेट करना पड़ेगा। वहां पर सुपरस्टार्स को के साथ आप मूवी को मैन्युफैक्चर करेंगे। एक 2 करोड़ की मूवी ने इनके जितने भी सारे के सारे चीजें हैं उसको तोड़ के रख दिया। वो भी 2 करोड़ की मूवी में जहां पर जो मेन एक्टर है उसको रिप्लेस कराया गया। नॉट विद अ एक्टर बट वि जस्ट अ असिस्टेंट डायरेक्टर। साउंड ट्रैक एक ब्लाइंड लड़का ट्रेन में गाता हुआ वो गा रहा है। यह प्रूव करता है कि जो डिवोशन है हमारी सनातन के अंदर वो बोलती है। बॉक्स ऑफिस को बेंड करना पड़ा। झक मार के बेंड किए बाबा के सामने हम सनातनियों के सामने। और जो मार्केट है वो क्या बोलती है? ये तो एक फ्रीक एक मिरेकल है। इट्स अ कोइंसिडेंस। ओ भाई ग्रीन कॉकरोचों के साथ ये ये कोइंसिडेंस क्यों नहीं होता? जो डिवोटीज हैं उन्हें मालूम है कि ट्रुथ क्या है? ट्रुथ यह है कि बाबा को किसी की परमिशन की जरूरत नहीं थी। बाबा ने ऑलरेडी सारे ट्रैक्स को क्लियर कर दिया था। इट वास जस्ट ही वांटेड टू शो यू ह पावर। कि तीसरे हफ्ते के बाद एक मूवी फेमस होती है। बाबा ने दिखाना था आपको कि जब मैं हूं तो कुछ भी पॉसिबल है। जय हिंद 


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2026-09-10T11:06:17+05:30

हनुमान अंश -हरे रंग के बॉलीवुड के कॉकरोच का गुरूर तोड़ा

हनुमान अंश ने एक काम तो कर दिया जो यह हरे रंग के कॉकरोच है उनका गुरूर तोड़ा है साथ में इसका पार्ट टू बनना शुरू हो गया मूवी टेक्स्ट फ्री कर दी गई है और इसकी जो स्टोरी है एक-एक चीजें वो बता रही है चीख-चीख कर कि ये मूवी नहीं है एक डिवाइन एक्सपीरियंस है और शुरू से जब ये मूवी चल शुरू हुई उससे पहले से चमत्कार होने शुरू हो गए थे अब तो लोगों ने बोलना शुरू कर दिया मूवी देखने के बाद इनका जो कनेक्शन बाबा जी के साथ बना है उसके साथ उस के साथ उनकी लाइफ में चमत्कार आने शुरू हो गए हैं। दोस्तों पहले आपने कभी देखा है कि मूवी में लोग हाथ जोड़ के बैठे हैं। वहां पे आंखें बंद कर कर जब गाना चलता है कोई भजन चल रहा है वो साथ में एक भजन गा रहे हैं। जैसे कि वो एक बाबा की जो प्रेजेंस है उसको महसूस कर रहे हो। ये कभी भी आपने पहले कभी भी देखा नहीं होगा वो भी इंडियन पब्लिक से। अब स्टोरी में क्या है? बहुत चीजें हैं जो मैं बताऊंगा आपको आज कि स्टोरी में कई ऐसी खास चीजें हैं जो किसी को ऐसा पता नहीं है। दोस्तों पहली बात यह है कि यह स्टोरी है एक बाबा की एक लड़के की जिसकी मां गुजर

चुकी है और वो भगवान की तलाश में बाहर निकलता है। अब सोच के देखिए आपने कब ऐसी स्टोरीज पहले देखी थी जहां पर वो भगवान को ढूंढने गया वो हनुमान जी के थ्रू उन्हें राम जी मिलते हैं और उसने जो पावरफुल लोग हैं उस बच्चे ने सबके एोगेंस को तोड़ा है और पूरी ह्यूमैनिटी को अपनी फैमिली बना लिया। दोस्तों उन्होंने ये जो मूवी बनी कौन इनको लीड करेगा वो भी बाबा जी ने खुद उसको डिसाइड किया है। कैसे नवंबर 2025 चित्रकूट में पहला दिन शूटिंग का कैमरा रोल हो रहे हैं। बजट है सिर्फ ₹ करोड़ का। एक-एक सेकंड कॉस्ट कर रहा है। फ्रॉम नोवेयर एब्सोल्यूट डिजास्टर आता है मूवी के ऊपर। वो कैसे जो लीड एक्टर है वो कोलैप्स कर गया। इन इतना ज्यादा वो बीमार पड़ गया। उसको 40 बार तो वोमिटिंग आ गई। यानी कि उसकी जो लाइफ है वह ड्रेन आउट हो गई। ही कुड नॉट इवन स्टैंड ही कुड नॉट स्पीक और एक्टिंग तो बहुत दूर की बात थी। अब बॉलीवुड का सेट है। उसके बाद आपको मालूम है कि कॉस्ट ऑलरेडी बहुत ज्यादा बढ़ती जा रही है। 2 करोड़ का बजट है तो क्रू पैनिकिक करने लग गया। आधे से ज्यादा जो टेक्ननीशियस थे उन्होंने बैग को पैक किया और वो निकलने लग गए। कि ये मूवी नहीं बन सकती। और जो क्योंकि मनी जो है हर घंटे वो खत्म होता जा रहा था। जो डायरेक्टर है विशाल चतुर्वेदी वो वहां पर खड़े हैं केस के अंदर समझ नहीं आ रहा क्या करें और उनको दिखने लग गया कि उनका जो ड्रीम है वो खत्म होने वाला है तब उन्होंने पीछे मुड़ के देखा तो उनके पीछे एक आदमी खड़ा हुआ था एक स्लेट लेकर ऐसे ना टेक वन वो स्लेट लेके वो बंदा पीछे खड़ा हुआ है और उसका वो था एक असिस्टेंट डायरेक्टर क्वाइटली एक यंग मैन जिसका नाम था शोभिनव सात्या वो खड़े हैं वहां पर और विशाल ने जब उनको ऑडिशन नहीं करी कुछ नहीं करी वहां पे खड़े होकर कर जैसे ना जैसे होता है कि उनके आंखों में देखा जब इसके इस बंदे के आंखों में देखा कुछ था जो उसके अपनी बोनस तक एक मैसेज चला गया जैसे कि ऊपर से भगवान खुद बोल रहे हैं ही इज द वन उन्हें एक कमांड आया अंदर से कि जैसे बाबा ने चूज़ कर लिया है कि यह बंदा मेरे फेस को रिप्रेजेंट करेगा इसको बोलते हैं चमत्कार कि आपने जिसको चूज़ किया बाबा बोलते हैं यह मुझे रिप्रेजेंट करेगा बाहर निकल तेरी जरूरत नहीं है अशोभिनव दोस्तों उसने पुल किया कैमरा के सामने जब आया वो हाथ कांप रहे थे उसके रीज़ बीइंग उसका रीज़ था उसने कभी ये काम किया नहीं ही वास टेरिफाइड ही वास अनप्रिपयर्ड साथ में एक और भी चीज था एक टेरिफाइंग एक वेट था एक वार्निंग थी जो दी गई वृंदावन से उसके दिमाग में वो था वो वार्निंग क्योंकि जो प्रेमानंद महाराज जी हैं उन्होंने खुद एक स्टर्न वार्निंग एक स्टर्न मैसेज वो भेजा था फिल्म मेकर्स को कि आप एक बहुत बड़े संत के ऊपर आप मूवी बना रहे हैं डोंट प्ले विद ह इमेज अगर आपने किसी सिद्ध पुरुष को अगर आपने गलत बंदे के थ्रू उसको डिपेक्ट किया तो बुरा होगा। दोस्तों इस बंदे ने जो ये नया बंदा जो चूज़ किया गया उसने इसको तपस्या में इसको कन्वर्ट कर दिया। जो शोबिन है उसने अपना सर झुकाया और सरेंडर कर दिया बाबा के सामने। और आज देखिए वो अननोन एक असिस्टेंट डायरेक्टर वो एक एक्टर भी नहीं है। आज वो हिस्ट्री बुक्स में उसका नाम दर्ज है। अब तो मिलियंस ऑफ लोग अगर बाबा को देखते हैं तो उसके नजर के उसकी जो पिक्चर है उसके थ्रू बाबा को देखते हैं। आज जब स्क्रीन के ऊपर वो सामने आता है। लोग बाबा नीम कोली को देखते हैं और वहां पे माथा टेकते हैं इस एक्टर के सामने। एक्टर नहीं असिस्टेंट डायरेक्टर था। टेक वन वो लगाने वाला आदमी आज एक्टर बन गया है। दोस्तों यही मिरेकल्स हैं जो इस मूवी के आपको दिखते हैं और यह यहीं पर खत्म नहीं होते। वो स्टार्ट हो गया था बॉक्स ऑफिस में जब ये मूवी शुरू हुई है उससे पहले ही। दोस्तों अब हुआ क्या? जब स्टार्ट हुआ एग्जैक्ट दैट मोमेंट तो प्रोडक्शन जो है वो फेल अपार्ट हो गई। आपको मालूम है पैसे थे नहीं। अब जो पहली टिकट बिकी है उससे पहले जो फिल्म था उसके ऊपर इंसल्ट डाले गए। रिजेक्ट किया गया। उसको मॉक किया गया। विशाल चतुर्वेदी वो गए अपनी स्टोरी लाइन को लेकर जितने बड़े-बड़े कॉर्पोरेट टावर्स हैं वहां पर वहां पर उन्होंने बोल दिया यह मूवी आप पागल हो गए हो ये चलेगी  ये तो यार ये जो है एक कंबल घोड़ा हुआ एक बाबा के ऊपर मूवी आजकल नहीं चलती आजकल तो आपको चाहिए डर्टी सा एक होना चाहिए उसमें ये आइटम सॉन्ग जिसको बोलते हैं आइटम सॉन्ग होना चाहिए उसमें गंदी सी लैंग्वेज मां बहन की गालियां निकालने वाली हो ये जो डिवोशनल सिनेमा है ये तो 40-50 साल पहले ये मर चुका था उन्होंने बोल दिया इंडियन ऑडियंसेस को आजकल उनको क्राइम चाहिए। वहां पर सेंसेशनल वायलेंस चाहिए। वहां पर हवा में उड़ते हुए एक्टर्स लड़ रहे हैं। उन्हें वो चाहिए। नोबडी केयर्स अबाउट अ सेंट। विशाल वहां से बाहर निकले उस बोर्ड रूम्स के अंदर से और अंदर दिल के अंदर उन्होंने बोला मुझे उन्होंने बोला कि मेरे अंदर एक फायर थी। उन्होंने सरेंडर नहीं किया। क्या किया उन्होंने? उन्होंने 43 डेज का हनुमान चाला चालीसा का संकल्प ले लिया कि मैं अब यह मूवी बनाऊंगा। खुद बनाऊंगा और पूरा का पूरा उन्होंने बोला कि जो डायरेक्टर की फीस होती है वो मैं जीरो करने वाला हूं। मैं एक भी इस मूवी से मैं लेने वाला नहीं हूं। एंड ही सर्वाइव्ड ओनली ऑन स्ट्रिक्ट फ्रूट डाइट। दोस्तों जब आपके अंदर यह तपस्या होती है कि 4 महीने आप सिर्फ फ्रूट के ऊपर रह रहे हैं। कोई  पैसा लेने वाले नहीं और आपने बाबा का जो एक्सपीरियंस या आपने संकल्प ले लिया उसको आप पूरा करेंगे। तो हुआ क्या? पूरे के पूरे सेट को इन्होंने वेजिटेरियन में कन्वर्ट कर दिया कि यहां पर नॉनवेज दारू वगैरह कुछ नहीं चलेगी। दोस्तों ये मूवी इसलिए एक यज्ञ की तरह है क्योंकि मूवी ही यज्ञ की तरह वो बनाई गई है और उसके बाद जो होता है कि अनलाइकली एक अलाई एक मिल गया। मॉडर्न सिनेमा की हिस्ट्री में कभी ऐसा हुआ नहीं है। पैसों की कमी थी। लोग चाहिए थे तो वहां पे आती है एक लड़की अनुप्रिया नागर। 21 साल की सिर्फ एक इकोनॉमिक्स की ग्रेजुएट अभी-अभी यूके से पढ़कर आई है। उसके अंदर कोई कनेक्शन नहीं फिल्म माफिया के अंदर। माफिया बोल रहा हूं ये खान कॉकरोच गैंग वाले वहां पे कोई कनेक्शन नहीं था। सब तभी इसलिए इसको हटाया नहीं गया। वरना इसको तो 14वीं मंजिल से इसको भी नीचे गिर देते। आपको मालूम है मैं दिशा सलियान की बात कर रहा हूं। यह इसका कनेक्शन नहीं था तो बच गई। अब हुआ क्या? इसके पास एक जॉब आया था स्विट्जरलैंड से। यह अपना बैग पैक करके वहां पे जा रही थी। लेकिन वो जाने से पहले उसने क्या किया कि कॉलेज के अंदर उसने रिसर्च का प्रोजेक्ट शुरू किया कि जो सिलिकॉन वैली के टाइटंस है वो वो उनकी लाइफ की शुरुआत कैसे हुई तो उसको लिखा एक कुछ गलती है इसके अंदर स्टीव जॉब्स है मार्क जकमबर्ग है ये सारे के सारे ये अपने सक्सेस से पहले ये भारत के अंदर एक डीप माउंटेंस के अंदर वहां पर कोई कैंची धाम नाम का कोई जगह है वहां पर जाकर आए हैं और वहां पे जाने के बाद बाबा का आशीर्वाद लेने के बाद ये मल्टी ट्रिलियन डॉलर की ये कंपनी बन उसने अंदर से क्वेश्चन पूछा कि जो इस दुनिया के रिचेस्ट माइंड्स है अगर वो भारत के एक मिस्टिक को मिलने जा रहे हैं जिसको कि भारत भूल चुका है उसको इग्नोर करता है तो मैं स्विट्जरलैंड में जाकर झक मारने जा रही हूं। उसने अपने स्विट्जरलैंड का ट्रिप को कैंसिल किया। उसने अपना पैसे पैसा इस मूवी के ऊपर लगा दिया। उसको पता लगा कि मूवी बन रही है। एंड शी स्टेप्ड इन एज अ प्रोड्यूसर। जनरली आपको ये ऐसी स्टोरीज सुनाई नहीं देती और कोई कॉर्पोरेट स्टूडियो नहीं था दोस्तों। कोई स्टार्स की बैकिंग नहीं है। कोई एल्गोरिदम नहीं, कोई पेड बॉट नहीं, कोई मीडिया के बिके हुए लोग कुछ भी नहीं था इनके पास। सिर्फ एक अनपोलजेटिक एक फेथ था कि हम बाबा को रिप्रेजेंट करने वाले हैं। अगर आपको लगता है कि कास्टिंग है या प्रोड्यूसर्स हैं

इसी में मिरेकल्स थे? नो मिरेकल्स म्यूजिक के अंदर भी थे। बॉलीवुड स्पेंड करता है करोड़ों रुपए कि जो सेलिब्रिटी सिंगर्स हैं बड़े-बड़े इनको यूज़ किया जाए। ऑटो ट्यून के सॉफ्टवेयर्स हैं उसको यूज किया जाता है। मैन्युफैक्चर किया जाता है क्लब के रिमिक्सेस को। यह जो फिल्म है दोस्तों इसकी हार्ट बीट था एक ब्लाइंड बॉय अंधा लड़का जो कि एक छोटे से बुलंद खंड है या बुलंद शहर है वहां को बिलोंग करता है। नाम था सुनील लोधी। दोस्तों 25 साल का लड़का ब्लाइंड फ्रॉम बर्थ और उसकी फैमिली इतनी ज्यादा गरीब थी कि वो इसका ऑपरेशन नहीं करवा पाई। फैमिली सागर मध्य प्रदेश से दोस्तों बिकॉज़ मेडिकल ट्रीटमेंट था नहीं पढ़ सकता नहीं वो उसने अपनी स्टडीज भी पूरी नहीं करी और कोई भी म्यूजिक गू उसके पास नहीं था कोई ट्रेनिंग म्यूजिक की या गाने की उसने नहीं ली है उसने म्यूजिक कहां से सीखा फिर बाय लिसनिंग टू ओल्ड रेडियो बाय लिसनिंग टू लता मंगेशकर दोस्तों कई साल तक यह लड़का क्या करता रहा उसका कंपैनियन पूरे दुनिया में एक ही था उसका जो वुडन तंबूरा होता है वो उसके हाथ में और वो लोकल जो पैसेंजर ट्रेंस हैं उस पे घूमता था। वहां पर भजन गाता था। कोश टू कोश अंधा है। वहां पर भजन गा रहा है। और सर्वाइव कैसे कर रहा है? किसी ने कुछ सिक्का दे दिया। उस सिक्कों को इकट्ठा कर कर जो उसके हाथों में डाले जाते थे उससे अपनी जिंदगी चलाने वाला लड़का आज एक सुपरडुपर मूवी में उसके गाने आज सुनाए जा रहे हैं। दोस्तों ये है बाबा की लीला। जब बाबा की लीला आती है तो होता क्या है? वो कहां से कहां ले जाएगा? किसी को कुछ नहीं मालूम। मैं दोबारा से जब भी मैं मूवी के बारे में मैं रिकॉर्ड करने लगता हूं मेरे आंसू आ जाते हैं कि बाबा कैसे टच कर रहा है कैसे मूवी को बनाया है ये एक्सपीरियंस ऐसे नहीं आते दोस्तों आप सोच के देखिए वो पॉपुलर कैसे हुआ एक रॉ वीडियो वो तंबूरा लेकर वो गा रहा है ट्रेन के अंदर किसने उसको रिकॉर्ड कर दिया ऑनलाइन डाल दिया एक प्रोड्यूसर है उसने ट्रैक किया कि बच्चा कौन है उसे वो मुंबई के स्टूडियो में वो लेकर आए और सुनीत जो यह लड़का है सुनीत है सुमित नहीं है सुनीत यह वहां पर बैठा है अपना तंबूरा लेकर और उसने अपनी आत्मा से एक गाना गाया मैंने मैंने तेरे ही भरोसे नैया सागर में डाल दी है दोस्तों ये गाना उसने दिल से गाया है उसको पता नहीं था कि उसकी ये वॉइस एक दिन एक नेशन वाइड एक जो फीचर फिल्म है उसके अंदर इस गाने को लगाया जाएगा कोई आईडिया नहीं सिंपली सेंड वि प्योर अनएडल्टरेटेड जो सरेंडर है बजरंगबली के सामने ने उस फीलिंग के साथ उसने उस गाने को गाया है और आज देखिए आप एक बिल्कुल बच्चा जिसके पास पैसा भी नहीं है। ट्रेन के अंदर गाना गाने वाला आज थाउजेंड्स ऑफ जो लोग हैं मल्टीप्लेक्सेस हैं पूरे दुनिया में उसके अंदर उसके गाने को सुनाया जा सुनाया जा रहा है। सो दोस्तों ऑडियंसेस इसलिए आज टियर्स में है। डिवोटीज बुक कर रहे हैं पूरे मूवी हाउस को। सिर्फ इसलिए कि सुनील की जो आवाज है उसको सुनना है। उसकी वॉइस को वो सुनने के लिए नहीं उस एक्सपीरियंस को जो बजरंगबली के लिए उसने दिल से गाया है उसको सुनने के लिए आ रहे हैं। और जो नेशनल मीडिया है उसने जब पूछा सुनील को कि तुम्हें जिंदगी में क्या चाहिए? तुम्हें पैसा चाहिए? लग्जरी चाहिए, नाम शहरत चाहिए? क्या चाहिए? तो लड़का क्या बोलता है आपको? हाथ जोड़कर स्माइल करते हुए कहता है मुझे कुछ नहीं चाहिए। मैं सिर्फ हनुमान जी के लिए सेल्फलेसली अपने दिल से मैं गाने गाना चाहता हूं। दोस्तों, यही पोरिटी है एक-एक आदमी के अंदर जिसने इस मूवी को शेक कर दिया। इस मूवी ने लोगों के दिल को, आत्मा को झिंझोर के रख दिया है। ये ग्रीन कॉकरोच ये काम नहीं कर सकते। ये हमारा सनातन की खूबसूरती भी इसी में है। अब सुनील की मैंने बात बता दी आपको। उसका जो ये रस्ट लगा हुआ तंबूरा है वो तो हो गया। जो थिएटर हॉल्स हैं वहां पर वाइबेशंस देखिए आप देखो वहां पर अगर यह लड़का था जिसकी वॉइस है तो कृष्ण दास वो गोरा जिसने चट किया था ओम नमः शिवाय या श्री राम जय राम वो जो वहां पर एकको कर रहा है उसकी एग्जैक्ट वॉइस को लिया गया है वो ये आदमी वो है जिन्होंने इंट्रोड्यूस किया बाबा को वेस्टर्न वर्ल्ड के वर्ल्ड में जो नेम ग्रोली बाबा को अगर वेस्ट में पॉपुलर किया है इस बंदे ने उसकी आवाज भी इंडियन मल्टीप्लेक्सेस में सुनील के साथ-साथ इसकी भी वॉइस वहां पर गूंज रही है। दोस्तों ये मूवी अब फिनोमिना बन चुकी है। हर जो भी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के जितने रूल्स थे इसने तोड़ दिए। ये डिवाइन पावर के बिना ये नहीं हो सकता क्योंकि इन्होंने बोला था कि मूवी डेड हो चुकी है। और आज जो ये जितने भी इकोनॉमिक्स हैं सारी मूवीस के वो खत्म हो गए और मिरेकल ने टेकओवर कर लिया। दोस्तों आज थिएटर्स के अंदर क्या हो रहा है? ऑडियंसेस वहां पे सिर्फ क्लैप नहीं कर रहे। वो रो रहे हैं। वो वहां से भागने की कोशिश नहीं कर रहे। वो रुक रहे हैं। एक ठहराव है जो लोगों के अंदर आपको दिखाई देता है। वो वहां पर खड़े होते हैं। आंखें बंद कर कर हाथ जोड़कर वो चट कर रहे हैं हनुमान चालीसा को। ये किसी मंदिर की बात नहीं कर रहा हूं मैं। ये मैं बात कर रहा हूं एक सिनेमा हॉल की। पीपल आर वॉकिंग आउट ऑफ द थिएटर्स हॉल्स। दे आर डस् दे आर पुलिंग देयर पेरेंट्स आउट ऑफ बेड कि आप निकलिए मूवी को जाकर देख के आइए। जैसे मैंने अपने पेरेंट्स को बोला आप जाकर मूवी देख कर आओ। दोस्तों अपने लेबरर को लोग फोन कर रहे हैं कि जाकर मूवी देख के आओ। पूरे

के पूरे एंटायर हॉल्स को सोसाइटीज बुक कर रही हैं कि हम पूरी सोसाइटी वाले आज मूवी को देखने जाएंगे और यह वर्ड ऑफ़ माउथ है। कोई मार्केटिंग नहीं हुई। हमारे सनातनियों ने वर्ड ऑफ़ माउथ में एक स्पिरिचुअल अप्राइिंग उन्होंने खड़ी कर दी है। मैं क्यों बोल रहा हूं? क्योंकि अभी ये मूवी शुरू हुई है। इसके बाद पार्ट टू ऑलरेडी बनना भी शुरू हो गया। और जो ये मल्टीप्लेक्सेस के एग्जीक्यूटिव्स हैं जिन्होंने देखा कि मूवी फिट गई है। उसके बाद जो उसका बुकिंग का सॉफ्टवेयर है उसमें डिसबिलीफ है। एक एक हफ्ते की वेटिंग है वहां पर। यह कैसे हो सकता है? एक अनप्रेजेंटेड मूव जिसने शटर कर दिया पूरे के पूरे डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को वो भी इंडियन सिनेमा के हिस्ट्री में ऐसा कभी हुआ नहीं है। दोस्तों एक मूवी जिसको बाहर निकाल दिया गया हो उसके बाद वो एक्सप्लोर कर जाए और जो 40 स्क्रीन थे आज वो दो चार 5000 स्क्रीनंस के ऊपर पूरे कंट्री में मूवी दिखा दी जा रहे हो और आगे जाकर वो रिलीज हो रही है पूरे वर्ल्ड वाइड में 50 फोल्ड का एक्सपेंशन है ऑलरेडी पब्लिक के अंदर और जो मूवी के ग्राफ्स हैं वो रुकने का नाम भी नहीं ले रहे और बैडनेस देखिए आप वीक फोर और वीक फाइव में जो मूवी है ज्यादातर मूवीस की जो एररिंग्स होती हैं वो ड्रॉप कर जाती है 80 से लेकर 90% % यह मूवी हनुमान अंश इसमें इंपॉसिबल हो रहा है। यह चौथे हफ्ते में इसने काम करना शुरू किया और जितने रिकॉर्ड है पुराने वो बड़ी-बड़ी मूवीस के उसको तोड़ के रख दिया है। क्या रिकॉर्ड तोड़ा 140 करोड़ में पहुंच गई। ये 200 करोड़ के क्लब में आने वाली है। इंपॉर्टेंट नहीं है। लोग इसको कवर कर रहे हैं। देखिए जी 200 क्लब पहुंच जाएगी। हाउ डस इट मैटर? मैटर यह करता है कि आपको वहां पर एक्सपीरियंस क्या हो रहा है। लोग कैसे अपने दोस्तों को बोल रहे हैं जाकर मूवी देख कर आओ यार कुछ डिफरेंट है इस मूवी के अंदर और यह स्मैश कर रहा है हमारा जो एक नरेटिव था पिछले 30 सालों से यही हर एक कॉकरोचों का उसे स्मैश किया जा रहा है दोस्तों जो बिग बजट की जो मूवीस बनती थी उनको उनके जो रिकॉर्ड्स थे उनका जो मार्केटिंग का स्टाइल था उसको तोड़ के रख दिया है। ये गुरूर है जो बाबा जी ने अपनी लाइफ में भी तोड़ा आज मूवी के थ्रू भी वो तोड़ते जा रहे हैं। ये आपको लगता है कि ऐसे हो सकता है? एक मूवी जिसने पहले हफ्ते में सिर्फ 90 लाख की एक मूवी का वो किया हो आज वो 200 करोड़ में पहुंच गई वो  तीसरे हफ्ते के बाद इसको बोलते हैं ब्लेसिंग और एक दो करोड़ की मूवी वो एक सिंगल हाईएस्ट थिएटर रिटर्न जो आज दे रही है इन्वेस्टमेंट का 1975 में लास्ट टाइम हुआ था जय संतोषी मां मूवी बनी थी उसके बाद अब ये हो रहा है 51 इयर्स के बाद हिस्ट्री रिपीट हो रही है और इसने पूरी की पूरी इंडस्ट्री की जो छत है या फर्श है उसको तबाह करके रख दिया दोस्तों जो शॉक वेव्स है वो पहुंच गए हमारी गवर्नमेंट तक। अब सितंबर पांच को कुछ और अजीब सा हुआ। उत्तराखंड के चीफ मिनिस्टर पुष्कर सिंह धामी वो जाते हैं थिएटर के अंदर इस मूवी को देखने के लिए। कहां पर? देहरादून में। जब लाइट मूवी खत्म होती है, लाइट्स दोबारा से ऑन होती हैं। वो हिले पड़े थे। मैं खुद हिल गया हूं। यह बताते-बताते आपको। और हुआ क्या? इमीडिएटली वहां से निकले, ऑफिस गए। एक ऑर्डर को पास कर दिया गया कि यह मूवी अब टैक्स फ्री पूरी देवभूमि में यह दिखाई जाएगी। दोस्तों जो लैंड ऑफ कांची कैंची धाम है उसने रोड क्लियर कर दिया कि बाबा का जो मैसेज है वो हर घर तक वो पहुंचना चाहिए। अब यह मैसेज जितने धर्म गुरु हैं वो बता रहे हैं कि जाके मूवी देखिए। ये एक बाबा नहीं ये बाबा के ऊपर ये साक्षात ये अवतार थे। और आज तो यह हो गया है कि जो बॉर्डर है उसको भी हमने तोड़ के रख दिया। एक फिल्म जो स्टूडियो है जिसका नाम है होम बेल आपको मालूम होगा मैंने पहली बार नाम सुना है उन्होंने सिनेमा के जो जिन्होंने केजीएफ या कंतारा मूवीस बनाई थी मुझे अब पता लगा वो उन्होंने एक लाइटनिंग बोल्ट की तरह वो सामने आए उन्होंने देख लिया यार ये चीज जो है ना ये ग्लोबल फिनोमना अब बनता जा रहा है। उन्होंने ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स उन्होंने खरीद लिए और सितंबर 11 को हनुमान अंश इंटरनेशनलली अक्रॉस द ग्लोब को दिखाई जाएगी। एक दिन देखिए आप 9:11 जिस दिन हरे कॉकरोचों ने अमेरिका के ऊपर अटैक किया था उसी दिन को हमने सनातन का धर्म का जो हमारा मैसेज है उसको स्प्रेड करने के लिए हमने 9 11 को ही चूज़ किया। ये भी बाबा की लीला है कि हर एक कॉकरोचों को कैसे जीरो करना है पूरे दुनिया में दिखाने के लिए। हरे कॉकरोच क्या करते हैं? हम क्या करते हैं? ये वही वेस्ट जहां पर ये मूवी दिखाई जाएगी। ये वही वेस्ट है जहां पर जो टेक के जो विज़नरीज हैं जो कभी बाबा के चरणों में बैठते थे। उनसे डायरेक्शन लेते थे। आज वो उनकी मूवी देखेंगे जो एक एक जो है ना सीक्रेट जो फिल्म थी वो जाएगी ओवरसीज सिल्वर स्क्रीन के ऊपर सनातन की ब्यूटी दिखाई जाएगी। दोस्तों ये सिर्फ बिगनी है। डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने ऑफिशियली कंफर्म कर दिया है कि हनुमान अंश पार्ट टू वो बनाया जा रहा है। यानी कि एपिक ट्रायोलॉजी उसको बनाया जाएगा। अब होगा क्या? जो प्री प्रोडक्शन है वो शुरू हो गई है। ऑलरेडी दे आर डविंग डीप इनू जो बाबा की जो मिस्ट्रीज थी उनका जो ट्रांसफॉर्मेशन थी उन्होंने करी आगरा में मथुरा में लोगों की लाइफ में उसके बारे में बताया जाएगा। दोस्तों ये सिर्फ फाइनल नहीं है। इसके बाद एक और भी चीज है। एक क्रशिंग मैसेज है जो पूरे कॉर्पोरेट वर्ल्ड को फिल्म इंडस्ट्री को दुनिया को आईटी के हेड्स को सबको दिया जा रहा है कि आपको अब जो आत्मा है भारत की अगर समझना है तो आपको ग्रीन कॉकरोचों की जो खान गैंग की मूवीज हैं दाऊद की फंडेड उससे कुछ नहीं पता लगेगा। उसमें दरिंदगी ही मिलेगी। अगर आपको भारत की आत्माओं को समझना है तो ऐसी मूवीज आपको देखनी पड़ेगी। दोस्तों आपको लगा कि जो सिनेमा है वो मार्केटिंग बजट के बिना नहीं चल सकता। एल्गोरिदम्स को मैनपुलेट करना पड़ेगा। वहां पर सुपरस्टार्स को के साथ आप मूवी को मैन्युफैक्चर करेंगे। एक 2 करोड़ की मूवी ने इनके जितने भी सारे के सारे चीजें हैं उसको तोड़ के रख दिया। वो भी 2 करोड़ की मूवी में जहां पर जो मेन एक्टर है उसको रिप्लेस कराया गया। नॉट विद अ एक्टर बट वि जस्ट अ असिस्टेंट डायरेक्टर। साउंड ट्रैक एक ब्लाइंड लड़का ट्रेन में गाता हुआ वो गा रहा है। यह प्रूव करता है कि जो डिवोशन है हमारी सनातन के अंदर वो बोलती है। बॉक्स ऑफिस को बेंड करना पड़ा। झक मार के बेंड किए बाबा के सामने हम सनातनियों के सामने। और जो मार्केट है वो क्या बोलती है? ये तो एक फ्रीक एक मिरेकल है। इट्स अ कोइंसिडेंस। ओ भाई ग्रीन कॉकरोचों के साथ ये ये कोइंसिडेंस क्यों नहीं होता? जो डिवोटीज हैं उन्हें मालूम है कि ट्रुथ क्या है? ट्रुथ यह है कि बाबा को किसी की परमिशन की जरूरत नहीं थी। बाबा ने ऑलरेडी सारे ट्रैक्स को क्लियर कर दिया था। इट वास जस्ट ही वांटेड टू शो यू ह पावर। कि तीसरे हफ्ते के बाद एक मूवी फेमस होती है। बाबा ने दिखाना था आपको कि जब मैं हूं तो कुछ भी पॉसिबल है। जय हिंद 

हनुमान अंश -हरे रंग के बॉलीवुड के कॉकरोच का गुरूर तोड़ा

हनुमान अंश -हरे रंग के बॉलीवुड के कॉकरोच का गुरूर तोड़ा हनुमान अंश -हरे रंग के बॉलीवुड के कॉकरोच का गुरूर तोड़ा हनुमान अंश -हरे रंग के ...