In this blog I write Articles on Indian Politics, Current Affairs, How to Make Money Online, Geo Politics and Military Strategy
Saturday, September 2, 2023
प्रधानमंत्री मोदी के संसद के विशेष सत्र को बुलवाने के पीछे की रणनीति
प्रधानमंत्री मोदी: विपक्षी दलों को चौंकाने का सबका साथ
संविदानिक नाम मोदी जी का नाम है, मगर उनकी राजनीतिक कुंजी में 'सरप्राइज' एक महत्वपूर्ण तत्व बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्सर अपने राजनीतिक दुश्मनों को चौंकाया है और उन्हें जबरदस्त सबक सिखाया है। इसके बारे में बात करते समय, हमें यह ध्यान में रखना चाहिए कि वे एक विचारक और संवादक के रूप में भी महत्वपूर्ण हैं।
मोदी जी का प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टिकोण सबसे हटकर है। वे हमेशा अपने संवादना और कठिनाइयों के साथ खड़े रहते हैं और विपक्षी दलों को अकेले छोड़ देते हैं। उनकी नीतियों का एक उदाहरण यह है कि वे अपने सबके साथ काम करने की पकड़ में हैं, चाहे वो सियासी दल हों या गणराज्य के लोग।
मोदी जी ने अकेले ही अपने विपक्षी दलों को सरप्राइज किया है, जब वे कई महत्वपूर्ण निर्णयों को जल्दी और सही तरीके से लिया है। उन्होंने बिना किसी पूर्व सूचना के भी बड़े फैसले लिए हैं, जैसे कि अर्थव्यवस्था में नोटबंदी और कर आराजकता का प्रारूप। ये फैसले विपक्षी दलों को चौंका देने वाले थे और उन्होंने उनके रणनीतिक कार्यक्रम को पुराना बना दिया।
विपक्षी दलों को चौंकाने का एक और तरीका यह है कि मोदी जी का संवादना और शैली अनूठी है। वे आपके दिमाग में बैठ जाते हैं और आपको सोचने पर मजबूर कर देते हैं। उनके भाषण और संवाद कौशल ने उन्हें एक महत्वपूर्ण राजनीतिक उद्यमी के रूप में उभारा है।
प्रधानमंत्री मोदी के संसद के विशेष सत्र को बुलवाने के पीछे की रणनीति
संसद के विशेष सत्र को बुलवाने का निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा किया गया है, और इस पर विचार करने के लिए हमें समय-समय पर उपयुक्त रणनीतिक दिशा देखनी चाहिए। इस सत्र को बुलवाने के पीछे के कुछ महत्वपूर्ण कारक हैं, जिन्हें समझना आवश्यक है।
1. **राजनीतिक चुनौतियां:** प्रधानमंत्री मोदी के लिए राजनीतिक चुनौतियां हमेशा बनी रहती हैं, खासकर विपक्ष के तरफ से। अगमणीय चुनावों के बाद, विपक्ष ने अपने आरोपों को संसद में उठाने का आलंब बनाया है। प्रधानमंत्री का संसद में विचार करने का प्रयास इसे सुनिश्चित करने के रूप में दिखता है कि वह राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं।
2. **नए कानूनों का प्रस्तावना:** प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सरकार के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण कानून पास किए हैं, जैसे कि सीएए, फार्म बिल, और जनसंख्या नियंत्रण बिल। इन कानूनों पर विपक्ष का विरोध हमेशा रहा है, और संसद के इस विशेष सत्र में ये कानूनों पर बहस होने की संभावना है।
3. **सरकार की प्रगति की जांच:** संसद के विशेष सत्र को बुलवाने से, प्रधानमंत्री मोदी अपनी सरकार के कार्यकाल की प्रगति की जांच करवा सकते हैं। इसमें सरकार के कार्यों को समीक्षित करने, योजनाओं को पुनरालोचना करने, और संभावित सुधार की दिशा में विचार करने का सामर्थ्य हो सकता है।
4. **जनमत से जुड़ी समस्याएँ:** प्रधानमंत्री मोदी अपने कार्यकाल में जनमत से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान करने का प्रयास कर रहे हैं, जैसे कि स्वच्छ भारत अभियान, आयुष्मान भारत, और मेक इन इंडिया। यह सत्र इन मुद्दों पर भी विचार करने का मौका प्रदान कर सकता है।
5. **राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दे:** आपके अनुभव के हिसाब से, विशेष सत्र राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित कर सकता है। भारत के साथ पड़कर हो रहे विवाद और सीमा सुरक्षा के मुद्दे संसद के समक्ष प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
इसके अलावा, यह सत्र राजनीतिक महत्वपूर्ण हो सकता है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी के आगामी प्रधानमंत्री चुनाव के संकेतक हो सकते हैं। वह अपनी सरकार की कामयाबियों को सामने लाने का प्रयास कर सकते हैं और उनकी निरंतरता को दर्शा सकते हैं।
समापकता में, प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा संसद के विशेष सत्र को बुलवाने के पीछे की रणनीति विभिन्न मुद्दों के साथ जुड़ी हुई है, जो राजनीतिक, कानूनी, और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित हैं। यह सत्र संसद के आदर्श और निर्णय की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकता है और देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण निर्णयों की ओर कदम बढ़ा सकता है।
अंत में, प्रधानमंत्री मोदी का यह स्वाभाविक क्षमता है कि वे विपक्षी दलों को चौंकाने का काम करते हैं, लेकिन उन्हें सबका साथ लेने की क्षमता भी है। इस तरह के अद्वितीय नेतृत्व का परिणाम है कि उन्होंने भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण और सशक्त भूमिका बनाई है, और उनके विपक्षी दलों को बार-बार सरप्राइज दिया है।
Sunday, August 27, 2023
प्रज्ञन: चंद्रमा की ओर बढ़ते कदम
प्रज्ञन: चंद्रमा की ओर बढ़ते कदम
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अपने नवीनतम प्रोजेक्ट "प्रज्ञन" के माध्यम से चंद्रमा की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। यह प्रयास भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर साबित हो सकता है, जिससे हमारी वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमताएँ एक नई ऊँचाइयों तक पहुँच सकती हैं।
"प्रज्ञन" का उद्घाटन 2023 में हुआ था और इसका लक्ष्य चंद्रमा पर एक विशेष जगह पर लैंडिंग करना है, जिससे हम चंद्रमा की सतह के बारे में नई जानकारी प्राप्त कर सकें। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से भारत ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष समुदाय में एक बार फिर से अपनी महत्वपूर्ण स्थानीयता दिखाई है।
इस मिशन में उपयोग होने वाली तकनीकों में भारतीय वैज्ञानिकों की मेहनत और उनके अद्भुत विचारों का संयोजन है। इसके साथ ही, यह मिशन युवा तकनीकी उद्यमिता को बढ़ावा देने का भी एक माध्यम हो सकता है।
"प्रज्ञन" के माध्यम से भारत अपने वैज्ञानिकों को मौका देने का प्रयास कर रहा है कि वे चंद्रमा की रहस्यमयी सतह को समझने में आगे बढ़ सकें। इसके अलावा, यह मिशन चंद्रमा पर विभिन्न अद्भुत गुणवत्ता के डेटा को प्राप्त करने का भी माध्यम बना सकता है, जो हमारे वैज्ञानिक और अंतरिक्ष शोधकर्ताओं के लिए एक सोने की ख़दान की तरह हो सकता है।
चंद्रमा पर पहुँचने का यह प्रयास भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में नए सपनों की ओर एक कदम है। यह न केवल विज्ञान में बल्कि राष्ट्रीय गर्व में भी एक महत्वपूर्ण यात्रा है। हमारे वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष शोधकर्ताओं की मेहनत और संघर्ष का परिणाम है जो आगे बढ़कर हमारे राष्ट्र को नए उच्चायों तक पहुँचा सकता है।
समापन में, "प्रज्ञन" का मिशन चंद्रमा पर भारतीय प्रौद्योगिकी और विज्ञान में एक नया अद्वितीय अध्याय लिखने का प्रयास है। यह सिर्फ चंद्रमा पर पहुँचने की कहानी नहीं है, बल्कि यह भारत की तकनीकी प्रतिष्ठा और विज्ञान की महत्वपूर्ण उपलब्धियों की कहानी है, जिसका परिणाम आने वाले समय में और भी उत्कृष्टता की दिशा में हमें आगे बढ़ने में मदद करेगा।
Thursday, August 24, 2023
चंद्रमा पर भारत की सफलता: चंद्रयान-3 के सफल लैंडिंग की उपलब्धि
चंद्रमा पर भारत की सफलता: चंद्रयान-3 के सफल लैंडिंग की उपलब्धि
भारत ने एक बार फिर से दिखाया कि उसकी वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमता में कोई कमी नहीं है, जब भारत ने चंद्रयान-3 मिशन के माध्यम से पूर्वी चंद्रमा के सतह पर सफल लैंडिंग की प्राप्ति हासिल की। यह उत्कृष्ट प्रक्रिया और वैज्ञानिक माहिरी का परिणाम है जो भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान ने प्रदर्शित किया है।
चंद्रयान-3 मिशन का लक्ष्य पूर्वी चंद्रमा की सतह पर सफल लैंडिंग करना था, जिससे भारत विशेषज्ञता क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ सकता। इस मिशन के माध्यम से वैज्ञानिकों ने चंद्रमा के उपनगरीय क्षेत्रों की अध्ययन की तकनीकों को समझने का प्रयास किया, जिससे हम चंद्रमा के रहस्यमयी और अज्ञात पहलुओं को समझ सकें।
इस सफलता के पीछे भारतीय वैज्ञानिकों की मेहनत, निष्ठा और विशेषज्ञता का बड़ा योगदान है। चंद्रयान-3 मिशन के दौरान हमारे वैज्ञानिकों ने अद्वितीय तकनीकी चुनौतियों का सामना किया और उन्हें पार करने में सफलता प्राप्त की।
इस महत्वपूर्ण कदम के साथ, भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंगल अनुसंधान क्षेत्र में अपने प्रतिष्ठान को भी मजबूत किया है। हमारे वैज्ञानिक और तकनीकी दल ने विश्व को यह सिद्ध कराया है कि भारत अंतरिक्ष मिशनों में एक प्रमुख खिलाड़ी बन चुका है।
चंद्रयान-3 की सफलता ने भारत की विज्ञानिक और तकनीकी क्षमता को नए उचाईयों तक पहुँचाया है। इससे हमारे युवा पीढ़ी को प्रेरित होने का अवसर मिलेगा और वे भी अंतरिक्ष अनुसंधान में अपना योगदान देने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
इस सफलता के साथ, हमारे वैज्ञानिक और विज्ञान समुदाय ने दुनिया को यह सिखाया है कि संघर्ष, समर्पण और निष्ठा से हम किसी भी महत्वपूर्ण लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। चंद्रयान-3 की सफलता ने हमें यह सिखाया है कि अगर हमारी मनोबल और साहस दिशानिर्देशित हो, तो हम किसी भी कठिनाई को पार कर सकते हैं और अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रतिबद्ध रह सकते हैं।
इस उपलब्धि के साथ, हमारा देश एक बार फिर से गर्व महसूस कर रहा है और हम सभी भारतीय इस सफलता का सम्मान करते हैं, जो हमारे वैज्ञानिकों और तकनीकी दल के प्रतिबद्धता का परिणाम है। चंद्रयान-3 मिशन की सफलता से हमारा देश अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित करने में कामयाब हुआ है, और यह हमारे वैज्ञानिक समुदाय की महानता का प्रतीक है।
समापन में, चंद्रयान-3 मिशन की सफलता ने हमें यह सिखाया है कि साहस, समर्पण और वैज्ञानिक माहिरी से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। भारतीय वैज्ञानिकों की उच्च स्तर की प्रतिबद्धता ने हमें एक बार फिर से गर्व महसूस कराया है और हमें आशा है कि आने वाले समय में भी हम अंतरिक्ष अनुसंधान में नए उच्चाईयों को छूने के साथ-साथ अपने मानवता के लिए और भी अधिक सकारात्मक परिणाम हासिल करेंगे।
Sunday, August 20, 2023
चीन की असफल अर्थव्यवस्था
चीन की आर्थिक संकट: एक विश्लेषण
प्रस्तावना:
पिछले दशकों में, चीन ने विश्व अर्थव्यवस्था में विशेष रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह देश उच्च विकास दर और व्यापारिक गतिविधियों के क्षेत्र में अपने आप को साबित कर चुका है। हालांकि, हाल के समय में चीन की आर्थिक स्थिति में उतार-चढ़ाव आया है, जिसके कारण विश्व बाजार में चिंता की बेला आई है। इस लेख में, हम चीन की आर्थिक समस्याओं की विश्लेषणा करेंगे और उनके पीछे के कारणों की समीक्षा करेंगे।
विकास की थमी गति:
चीन का विकास गतिशील था जिसमें उच्च निवेश, निरंतर नवाचार और निपुण निर्माण कार्यक्रमों की भूमिका थी। इसके परिणामस्वरूप, चीन ने उच्च उत्पादन और निरंतर विकास की दिशा में प्रगति की। हालांकि, इस समय चीन की अर्थव्यवस्था में मंदी की चिंता बढ़ रही है।
वित्तीय संकट:
चीन की वित्तीय स्थिति में विकटता की घड़ी चल रही है। उच्च कर्ज, वित्तीय संवेदनशीलता में कमी और विनियमितता की कमी ने उनकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित किया है। वित्तीय संकट के परिणामस्वरूप, विनिवेश की दर में कमी और निवेशकों की आत्मविश्वास में गिरावट आई है।
व्यापारिक मुद्दे:
चीन का व्यापारिक माहौल भी अच्छा नहीं है। विश्व व्यापार संगठन की ओर से आयात और निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंधों ने चीन के व्यापारिक गतिविधियों को प्रभावित किया है।
बदलते जनसंख्या संरचना:
चीन की बढ़ती जनसंख्या और बदलती जनसंरचना भी आर्थिक समस्याओं के एक कारण हो सकती है। वृद्धि दर कम हो रही है और यह व्यक्तिगत खर्च में कमी की ओर संकेत कर सकती है।
समाधान:
चीन को अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार करने के लिए विशेषज्ञता और निवेश की आवश्यकता है। सरकार को वित्तीय संवेदनशीलता में सुधार करने, निवेशकों को प्रासंगिक योजनाएँ प्रस्तुत करने और नवाचार में निवेश करने के उपाय अपनाने चाहिए।
निष्कर्ष:
चीन की आर्थिक स्थिति में आई समस्याएँ गंभीर हैं और उनके समाधान के लिए नेतृत्व, साहस और नियमित निवेश की आवश्यकता है। आर्थिक सुधार चीन के विकास मार्ग को मजबूती से आगे बढ़ाने का कीचड़ हो सकता है, लेकिन सही दिशा में कदम उठाकर चीन अपने आर्थिक संकट को पार कर सकता है।
Thursday, August 17, 2023
Red Fort Message of PM Modi
On the auspicious occasion of India's 76th Independence Day, Prime Minister Narendra Modi delivered a significant and impactful message from the historic Red Fort. His address to the nation on this day is eagerly awaited by citizens across the country, as it provides insights into the government's vision, policies, and plans for the nation's progress.
In his address this year, PM Modi touched upon various important aspects of India's development, governance, and global standing. Here is a detailed summary of the key points he discussed:
1. **COVID-19 Pandemic Response:** The Prime Minister began by acknowledging the nation's collective efforts in combating the COVID-19 pandemic. He highlighted the importance of vaccination and how India's vaccination drive has been one of the largest and fastest in the world. He emphasized the need to continue following health protocols while gradually reopening the economy.
2. **National Infrastructure:** PM Modi outlined plans to boost the nation's infrastructure through the National Infrastructure Pipeline (NIP). He discussed the importance of modernizing and expanding infrastructure in sectors like roads, railways, ports, airports, and digital connectivity to spur economic growth and enhance quality of life.
3. **Economic Growth and Self-Reliance:** The Prime Minister reiterated the concept of "Atmanirbhar Bharat" (self-reliant India) and how it has guided the country's response to challenges. He emphasized the need to strengthen local manufacturing, innovation, and entrepreneurship to achieve sustainable economic growth.
4. **Healthcare and Education:** PM Modi underlined the government's commitment to improving healthcare facilities and access to education. He mentioned the ongoing efforts to establish more medical colleges and the importance of quality healthcare in rural areas. Additionally, he spoke about initiatives to bridge the digital divide and provide equitable education opportunities.
5. **Environmental Conservation:** The Prime Minister discussed India's commitment to environmental conservation and the fight against climate change. He highlighted the nation's progress in renewable energy production and the "Jal Jeevan Mission" to provide clean drinking water to all households.
6. **Social Welfare:** PM Modi talked about various social welfare programs, including financial inclusion through the Jan Dhan Yojana, sanitation through the Swachh Bharat Abhiyan, and housing through the Pradhan Mantri Awas Yojana. He shared stories of beneficiaries who have directly benefited from these initiatives.
7. **Global Partnerships:** Addressing the global stage, the Prime Minister spoke about India's role in international forums and its commitment to peace and development. He mentioned India's contribution to global efforts in areas like climate change, counter-terrorism, and healthcare cooperation.
8. **National Security:** Highlighting the importance of national security, PM Modi acknowledged the sacrifices of the armed forces and the police. He emphasized that a strong and secure India is essential for overall progress and development.
9. **Farmers and Agriculture:** The Prime Minister discussed recent agricultural reforms and their benefits for farmers. He reassured that the government is committed to the welfare of farmers and mentioned initiatives like the PM-KISAN scheme.
In summary, Prime Minister Narendra Modi's Independence Day address from the Red Fort touched upon a wide range of topics, reflecting the government's vision for a progressive, self-reliant, and secure India. The message underscored the nation's determination to overcome challenges and achieve holistic development for all citizens.
Monday, August 14, 2023
प्रियंका गांधी वाड्रा ने हाल ही में एक पत्र पर आधारित खबर का प्रसार किया है
महत्वपूर्ण सूचना: यह लेख केवल तथ्यों और समाचार के परिप्रेक्ष्य में है और किसी भी राजनीतिक दल या व्यक्ति की निंदा या प्रशंसा का आदान-प्रदान नहीं करता है।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने हाल ही में एक पत्र पर आधारित खबर का प्रसार किया है जिसमें कथित रूप से एक उपमंत्री ने एक संदेश में कहा है कि वह 50% कमीशन पर व्यापार कर रहे हैं। यह खबर सामाजिक मीडिया पर व्यापारी और राजनीतिक दलों के बीच महत्वपूर्ण चर्चाओं का कारण बन गई है। इस घटना की सजीवता और सत्यापन की आवश्यकता है ताकि हम यह जान सकें कि क्या यह खबर वास्तविकता में सही है या फिर यह केवल एक विपक्षी दल की राजनीतिक षड्यंत्र है।
इस खबर के प्रसार के पश्चात्, कई लोग इस पर सवाल उठा रहे हैं कि यदि यह सच है तो क्या यह नेता जनता के विश्वास की धारा को छूने की नहीं कोशिश कर रहे हैं? वास्तविकता में इस पत्र की मान्यता की सत्यापन करना महत्वपूर्ण है।
इस मामले में, न्यूज़ चैनलों, पत्रकारों और सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्मों की जिम्मेदारी होती है कि वे इस खबर की सत्यापन के लिए मान्यता स्रोतों का उपयोग करें और समाचार की विश्वसनीयता को बनाए रखने का प्रयास करें। प्रियंका गांधी वाड्रा के द्वारा प्रस्तुत की गई यह खबर जिसमें किसी उपमंत्री का संदेश दिखाया जा रहा है, उसकी सत्यता की परीक्षण के लिए उपयोगी दिख सकती है।
यह भी महत्वपूर्ण है कि लोग आपसी विवादों और राजनीतिक षड्यंत्रों के चक्र में न फंसें और सच्चाई की तलाश में सावधान रहें। आपके जैसे व्यक्तिगतता ने समाज में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और आपकी भविष्य में भी इसी निष्कलंक नेतृत्व की आवश्यकता है। आपके नेतृत्व में सजगता और निष्ठा होने से ही आप समाज में सुधार ला सकते हैं और एक सच्चे नेता की भूमिका को निभा सकते हैं।
समापन के रूप में, हमें सभी को यह ध्यान में रखना चाहिए कि समाज की सुरक्षा और समृद्धि के लिए सच्चे और विश्वसनीय सूचनाओं की आवश्यकता होती है। राजनीतिक खेलों में अपने दिल और दिमाग का सही इस्तेमाल करके हम सब मिलकर एक सशक्त और सद्भावनापूर्ण समाज की दिशा में काम कर सकते हैं।
Sunday, August 13, 2023
Congress involvement in News Click controversy with Chinese money
In recent times, the realm of Indian politics has been marked by a multitude of controversies and intricate connections that often extend beyond national borders. One such controversy that has garnered considerable attention is the News Click controversy, which is said to involve financial links with Chinese entities and has raised questions about transparency, national security, and political influence.
At the heart of this controversy lies the digital news platform "News Click." The platform has been accused of receiving substantial funds from Chinese sources, leading to concerns about the potential implications of such financial backing on the platform's editorial independence and agenda. The allegations against News Click have given rise to discussions about the involvement of various political actors, including the Congress party.
The Congress party, one of India's major political parties, has found itself drawn into the controversy due to alleged links between some of its members and the management of News Click. While it's important to remember that allegations are not proof of wrongdoing, the mere perception of ties between a political party and a media organization funded by foreign entities can spark debates about potential conflicts of interest and the preservation of national interests.
In a democratic society, a free press is essential to hold those in power accountable and to provide citizens with unbiased information. Any potential compromise of the independence of media outlets, whether due to financial influence or political affiliations, raises valid concerns. The News Click controversy, in this context, should serve as a reminder for political parties and media organizations alike to uphold the principles of transparency and unbiased reporting.
The intricacies of such controversies demand a thorough investigation by relevant authorities to ascertain the veracity of the claims made against News Click and any alleged connections with political entities. Transparency is crucial to restoring public trust in media organizations and political parties, and it is in the best interest of all parties involved to cooperate fully with any investigations that may be carried out.
The significance of maintaining the integrity of our democratic processes is quintessential. In the pursuit of truth and transparency, it is essential that political leaders and media organizations set an example by engaging in open dialogues and addressing concerns with honesty and clarity.
In conclusion, the News Click controversy involving alleged Chinese funding and political affiliations highlights the complexities and challenges that can arise in the intersection of media, politics, and foreign influence.Commitment to neutrality and the well-being of our nation will undoubtedly play a pivotal role in shaping a more transparent and accountable political landscape.
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