डीप स्टेट ने भांप लिया मोदी डरपोंक है वो डंडे खा लेंगे लेकिन डंडे नहीं बरसाएंगे
डीप स्टेट ने भांप लिया मोदी डरपोंक है वो डंडे खा लेंगे लेकिन डंडे नहीं बरसाएंगे
डीप स्टेट ने भांप लिया मोदी डरपोंक है वो डंडे खा लेंगे लेकिन डंडे नहीं बरसाएंगे
ट्रंप ने दोबारा से कल क्लेम कर दिया कि वो भारत और पाकिस्तान के बीच में जो युद्ध था उसको उसने रुकवाया है। साथ में बोल दिया कि 11 प्लेन डिस्ट्रॉय हुए हैं। लेकिन ये नहीं बताता कि 11 में से 10 प्लेन वो पाकिस्तान के थे क्योंकि मेजरली वो F16 जो कभी नीचे गिर नहीं सकते उसको हमने गिरवाया। वो नहीं बात किया। क्वेश्चन ये नहीं है कि ट्रंप ने क्या किया? ट्रंप क्वेश्चन ये है कि वो ये स्टेटमेंट अभी क्यों दे रहा है? क्योंकि उसे मालूम है कि भारत के अंदर जो सिचुएशन है वो बहुत ज्यादा वोलेटाइल है। वो चाहता है कि जो पॉट है उसको दोबारा से स्टर किया जाए ताकि जो मिट्टी बैठने वाली है पानी के अंदर वो दोबारा से डंडा फिरा दिया ताकि वो मरकी वाटर हो जाए। कब हो रहा है? जब पार्लियामेंट का सेशन चल रहा है। वो चाहता है कि गवर्नमेंट को कोई भी जो रूल्स है वो पास करना चाहते हैं। कोई भी बिल वो पास नहीं हो और गवर्नमेंट जो है अपनी टर्म्स के ऊपर अपनी कंट्री को चलाने की कोशिश कर रही है। वो नहीं कर पाए। एफसीआरए के बिल अगले हफ्ते आने वाला है।दोस्तों ये ये जो सब कुछ हो रहा है दिस इज नॉट अबाउट अ बिल। दिस इज नॉट अबाउट अ स्टेटमेंट। दिस इज मच बिगर देन दिस। तो जिओपॉलिटिकल क्वेश्चन मैं हमेशा आपसे पूछता हूं व्हाई एंड व्हाई नाउ समथिंग इज हैपनिंग? जब आप इन दो क्वेश्चन का आंसर देंगे तो आपको पूरी की पूरी पजल वो समझ आ जाएगी। अब देखते हैं हो क्या रहा है। एक शैडो वॉर है हमारे कॉरिडर्स ऑफ पावर भी दिल्ली के अंदर। दोब वाचिंग दिस इनविज़िबल हैंड्स जो ये स्ट्रिंग्स को पुल कर रहे हैं। हम विटनेस कर रहे हैं एक कोऑर्डिनेटेड डेस्परेट रूथलेस टेक डाउन एक अटेम्प्ट है जो जियोपॉलिटिकल हिस्ट्री में भारत के अंदर जो अभी हो रहा है कि किसी तरीके से भारत की गवर्नमेंट को वो नीचे गिरवाया जाए। एक कंप्लीट रिजीम चेंज 2029 से पहले वो किया जाए क्योंकि रीजन है उन्हें दिखता है कि जिस तरह से भारत आगे चल रहा है मोदी जी को हराना 2029 में वो इंपॉसिबल हो जाएगा। वेस्ट बंगाल जीतने के बाद इन्हें एक चीज समझ आ गया कि अब हिंदू इकट्ठा हो रहा है। इसलिए बार-बार अगर मोदी जी को हराना है तो इनकी जो स्ट्रांग बेल्ट है हिंदू बेल्ट हिंदी बेल्ट इसमें इनको तोड़ना पड़ेगा। तो इसलिए अब आपको समझना पड़ेगा कि इनका जो पैनिकिक है वो इतना ज्यादा डीप है कि अब ये ओपनली जो है मोदी जी की गवर्नमेंट को ये गिरवाने के लिए आ गए। दे आर हेल्प बाउंड कि किसी तरीके से मोदी को हराया जाए और मोदी जी की जो सॉफ्टनेस है उसे मोदी जी के अगेंस्ट एक वेपन की तरह उसे यूज़ किया जा रहा है।एक ग्लोबल चेस बोर्ड होता है उसके ऊपर मोहरे तेजी से मूव होने शुरू हो गए और जो इंटरनेशनल डीप स्टेट है उनके जो डोमेस्टिक प्रॉपर्टेट्स है भारत के अंदर वो कंप्लीटली रेटल्ड है क्योंकि भारत उनकी बातों को सुन नहीं रहा जो पुराना ऑर्डर है वर्ल्ड ऑर्डर वो हमारी आंखों के सामने वो कोलैप्स होना शुरू हो गया न्यू दिल्ली की गवर्नमेंट वो सुनती नहीं है और मोदी जी किसी से कम नहीं है अब हो क्या रहा है इसलिए वाशिंगटन कहता है कि कुछ भी करो मोदी जी का जाना वो जरूरी है इनके के सर्वाइवल के लिए। अब अमेरिका की जो एस्टैब्लिशमेंट है वो कर क्या रही है? तीन चीजें हैं जो उन्होंने करी और हमने एक भी बात मानने से मना कर दिया पूरा प्रेशर आने के बाद। अब हो क्या रहा है? हो ये रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी बोलते हैं मैं झुकूंगा नहीं ना आंख उठाकर ना झुका कर। मैं आंख में आंख डालकर बात करूंगा। ये बात करते हैं फौरन जो जो ये मास्टर्स हैं उनके लिए। लेकिन तीन चीजें हैं जिसके ऊपर हमें प्रेशराइज किया गया और हमने तीनों के लिए मना कर दिया। अब उसके ऑोजिट हमने काम करना शुरू कर दिया। पहला आपको मालूम है रशियन ऑयल का हमारे ऊपर प्रेशर था। तो डोनल्ड ट्रंप ने क्या किया? जब हमने बात नहीं मानी तो हमारा जो टैक्स है उसको 25 से 50% इंक्रीस कर दिया। यहां तक कि हमें यह बोला गया कि आपके ऊपर 500% का टैक्स लगा देंगे। अगर आपने हमारी बात नहीं सुनी। अब हमने नहीं सुनी तो उसके बाद ये अपना नीचे भी आ गए। बट अभी दोबारा से इन्होंने बोलना शुरू कर दिया जब पार्लियामेंट का सेशन चल रहा है कि हम 100% का टेरिफ भारत के ऊपर लगाएंगे। हमने झुकने की बजाय एक ही काम किया। हमने रशिया का जो क्रूड ऑयल है उसकी परचेस को और इंक्रीस कर दिया और आज की डेट में हम 55% अपनी जो रिक्वायरमेंट है वो रशिया से खरीद रहे हैं। और ये हर रोज इंक्रीस होती जा रही है। दोस्तों रिजल्ट क्या हुआ? रिजल्ट ये था कि वाशिंगटन को ब्लिंक करना पड़ा। हम ब्लिंक नहीं किए। फरवरी टू आपको याद है 2026 यूएसए और भारत ने दोनों ने फाइनललाइज किया एक हिस्टोरिकल इंटेरिम ट्रेड एग्रीमेंट। ट्रेड एग्रीमेंट अभी साइन हुआ हुआ नहीं है। ये सिर्फ एक इंटेरिम एक टेंपरेरी एक एग्रीमेंट था। अमेरिका को हमने फोर्स किया कि जो रशिया की ऑयल पेनाल्टी है आपको खत्म करनी पड़ेगी और जो टेरिफ हमारा 50% था उसे 18% पे नीचे लाया गया। हमने एक ही काम किया कि हमने उनको बोला तुम्हें झुकना पड़ेगा। हम नहीं झुकेंगे क्योंकि अमेरिका को हमारी मार्केट की जरूरत थी।
अमेरिका का डीप स्टेट वो मोदी जी को वो ब्रेक नहीं कर पाया। वो हमारी फॉरेन पॉलिसी को वो ब्रेक नहीं कर पाए। इसलिए उन्हें फोर्स किया गया कि वो एक डील को हमारे साथ साइन करें। आपको लगता है इतनी आसानी से इतनी बड़ी इंसल्ट इतने लाइटली वो ले लेंगे। इसलिए आपकी रिजीम चेंज करने के लिए वो आपके पीछे पड़े हैं। लेकिन ये तो है पहला रीज़। दूसरा रीजन इससे भी ज्यादा खतरनाक है। जब वो बोलता है कि मैंने भारत और पाकिस्तान के बीच में युद्ध बंद करवाया। पाकिस्तान बंदरों की तरह तालियां मारने लग जाता है। हम क्या बोलते हैं? यू वर नोवेयर इन द सीन। जब जयशंकर जी से पूछा गया कि वेयर वाज़ अमेरिका? जब आपका और पाकिस्तान का युद्ध हो रहा था तो उनका स्टेटमेंट था अमेरिका वाज़ इन अमेरिका। दे वर नोवेयर इन द सीन। जब आप हर रोज उसकी वाट लगाएंगे ट्रम्प जैसे इगोस्टिक आदमी की। वो आपको इतनी आसानी से जीतने देगा। नहीं हो सकता। ये है दूसरा रीजन। जहां पर आप अमेरिकन प्रेसिडेंट के मुंह पे बोल रहे हैं तुम एक नंबर के झूठे, मक्कार और घटिया इंसान हो। मैं थोड़ी सी पंजाबी वाली लैंग्वेज यूज़ करने वाला था। आप अपना फिल इन द ब्लैंक्स कर सकते हैं। तीसरा रीज़न है डिफेंस का। दोस्तों, यह अमेरिका की होली काऊ है। मोदी जी क्या बोलते हैं? मोदी जी ने इन्हीं की होलिकाओं डिफेंस को एक नाइट मेयर में हमने कन्वर्ट करना शुरू कर दिया।
आपको मालूम है पिछले 10 20 साल से अमेरिका और यूरोप ने भारत को एक पर्सनल एटीएम की तरह यूज़ किया जहां पर वेपन्स को भारत में सेल करने के लिए ये यहां पर आते थे और हमारी गवर्नमेंट फोल्ड होती थी इनके सामने। अब मोदी जी ने वो रास्ते को बंद कर दिया। मोदी जी क्या कर रहे हैं? भारत हेवली आर्म कर रहा है अपने आप को बाय आत्मनिर्भर। 2025-26 में जो हमारा डिफेंस के एक्सपोर्ट्स है वो पिछले रिकॉर्ड से भी बढ़कर 60% इनक्रीस होता रहे हैं। लेकिन वो इतना बड़ा मैटर नहीं है। मैटर ये है कि हम जो अपने आर्म्स हैं ये बेच कहां रहे हैं। आप देखिए हम जो मिडिल ईस्ट है वहां पे बेच रहे हैं। मिडिल ईस्ट वो मार्केट है जो कि वेस्ट की सबसे बड़ी लुक्रेटिव मार्केट थी। इसलिए वो टेरिफाइड है। दूसरा हम बेच रहे हैं फिलीपींस को, वियतनाम को, इंडोनेशिया को। ये दूसरी मोस्ट लुक्रेटिव मार्केट थी अमेरिका की और वेस्ट की। ये दोनों हमने इसके मुंह से हमने छीन लिए। नाउ दे आर रेटल्ड। इसलिए वो क्या कर रहे हैं? वो रेटल्ड इसलिए हैं क्योंकि उनका लीवरेज इन सारी मार्केट्स के ऊपर वो खत्म हो गया। भारत के ऊपर खत्म हो गया। इसलिए वो टेरिफाइड है। और जो टेरर है वो डायरेक्टली भारत के अंदर वो एंटर करना शुरू कर दिया। ये तो हो गया। मैंने अमेरिका का वैष्क बता दिया कि ये हमारे से दुखी क्यों है और मोदी जी को ये गिरवाना क्यों चाहते हैं। अब दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है। अब ये क्या कर रहे हैं? इन्होंने भारत के अंदर देखा कि मोदी जी के दुश्मन कौन है? मोदी जी के दुश्मन है हमारी अपोजिशन की पार्टीज। उन्होंने अब जो पेन अमेरिका का है वही पेन हमारी अपोजिशन का भी होना शुरू
हो गया। अब आते हैं डोमेस्टिक ऑोजिशन के अंदर। जो क्लॉक है वह टिक कर रही है जो भारत के अंदर ओल्ड गार्ड है उन्हें मालूम है कि वह करंट एडमिनिस्ट्रेशन को वो ब्रेक नहीं कर सकते। उन्हें मालूम है कि 2029 में मोदी जी की जीत वो पक्की है। वो एब्सोल्यूट सर्टन है। प्लेबुक सिंपल है। झूठ बोलो। सिस्टम को डिरप्ट करो और उसे अंदर से डिस्ट्रॉय करो। ट्रंप भी झूठ का सहारा ले रहा है। राहुल गांध भी हर रोज पार्लियामेंट में झूठ का सहारा लेता है। तो अब होगा क्या? होगा यह कि जो हमारी सड़कें हैं वहां पर जो प्रोटेस्ट है वो और बढ़ने वाले हैं। आप देखेंगे एक सडन एक्सप्लोसिव प्रोटेस्ट वो फ्लड करेंगे स्ट्रीट्स के ऊपर। डोंट बी फूल। ये सब कुछ अकॉर्डिंग टू अ प्लान है। ये ऑर्गेनिक अप्राइजिंग नहीं है दोस्तों। यह कैलकुलेटेड हैवली फंडेड ऑपरेशंस है जिसे अमेरिका से लेकर भारत की ऑपोजिशन सारे मिलकर यह काम कर रहे हैं। मैं पहले बोला दुश्मन का दुश्मन वो दोस्त होता है। दूसरा एक और है भारत के अंदर जो स्लीपर सेल्स है जिसको क्रिएट किया गया लिब्रांडो की तरफ से उसे अब एक्टिवेट अब किया जाएगा। जब भी कोई इलेक्शंस आने वाले होंगे कोई पार्लियामेंट का सेशन होगा उससे पहले आपको दिखेगा ये एक्टिवेट्स ये बाहर निकलेंगे। यह एनारकी फैलाने वाले यह लोग हैं जो स्टूडेंट्स के नाम पर, कभी फार्मर्स के नाम पर, कभी किसी और के नाम पर बाहर आएंगे। यह अर्बन नेक्स बाहर निकलेंगे और ये इनफ्लुएंसरर्स जो है जो YouTube के ऊपर वीडियोस बनाते हैं, कॉमेडियंस है ये सब एक ही टाइम पर ये बाहर निकलेंगे एक सिंक्रोनाइज वे से ताकि एक साइकोलॉजिकल वॉरफेयर हमारी कंट्री की स्टेट जो गवर्नमेंट है उसके साथ किया जाए। क्योंकि इन्हें सिर्फ कस चाहिए।
वो चाहते हैं कि मोदी जी किसी तरीके से वो झुक जाए। लेकिन बिटर ट्रुथ यह है कि मोदी जी झुकने का नाम ही नहीं लेते। भारत की गवर्नमेंट पैरालाइज हो जाए अपने आप। नहीं झुकेंगे तो पैरालाइज हो जाएंगे डिसीजन ना लेकर। और ये सबसे ज्यादा मुश्किल टाइम है या मुश्किल वर्ड है क्या? इन डिडसीजन। और आपको मालूम है कि जो डीप स्टेट है उसे भी मालूम है कि मोदी जी काम कैसे करते हैं। स्लो एंड स्टडी विंस द रेस वाली पॉलिसी है मोदी जी की। योगी जी की योगी जी की है। आज प्रॉब्लम आई किसी लड़के ने लड़की को छेड़ा उसको उठाया और टांगों पर गोली मार दी। हिसाब बराबर हो गया और उसका घर बुलडोजर से तोड़ दिया। मोदी जी बोलते हैं इनको सबको माफ कर दो। ये जो स्ट्रेटजी है ये बहुत डेंजरस है और जो डीप स्टेट है उन्हें मालूम है कि ये मोदी जी की एक वीकनेस है कि वो सॉफ्ट है। उन्होंने उन्हीं की वीकनेस को यूज़ करना शुरू कर दिया मोदी जी के खिलाफ। और जो आपको मालूम है जो एडमिनिस्ट्रेशन है जो जैसे हमने हैंडल किया कॉकरोचों को वो था बहुत ज्यादा सॉफ्टली। उन्हें मालूम था डीप स्टेट को कि मोदी जी सॉफ्ट चलेंगे। वो डंडे खा लेंगे लेकिन इनके ऊपर डंडे नहीं बरसाएंगे। लेकिन जब अर्थ हो गई उसके बाद डंडे मारे तो उन्होंने उसी डंडों को आपके खिलाफ उन्होंने यूज़ करना शुरू कर दिया। दोस्तों अगर हम ऐसे ही सॉफ्ट रहे जो कार्टल जो इनको मालूम है ग्लोबलिस्ट को कि मोदी जी सॉफ्ट चलेंगे। अगर आप ऐसे ही सॉफ्टली अगर आपको लगता है कि आप डोमेस्टिक सेबोटाइजर्स को ग्लोबल जो ये थिंक टैंक्स है जो डीप स्टेट है ये जो कार्टल्स हैं जो स्लीपर सेल्स है अगर आप इनको रूल बुक के हिसाब से सॉफ्टली या कोर्ट्स के थ्रू अगर आप इनको जीत लेंगे ये इंपॉसिबल है। आप नेगोशिएट नहीं कर सकते उन लोगों के साथ जो आपकी कंट्री को जलाने के लिए और गजवे हिंद करने के सपने लेके बैठे हो। जब वो सारे के सारे हैवली आर्म्ड है। वो इनफिल्ट्रेट किए हैं। स्टूडेंट्स के प्रोटेस्ट के अंदर, फार्मर्स के प्रोटेस्ट के अंदर वो अब्यूज करते हैं हमारी मिलिट्री को, हमारी कंट्री के प्रधानमंत्री को वो भी कैमरे के ऊपर। इसका मतलब है कि जो आपका ओरा था अथॉरिटी का, इनविज़िबिलिटी का उन्होंने तोड़ दिया है। और इसके साथ एक और हो गया। मिलियंस ऑफ लोग आज उनके साथ जुड़ गए हैं कॉकरोचों के साथ कि मोदी जी को गालियां निकालनी है। यह अल्टीमेट ट्रैप है। क्यों किया गया? क्योंकि डीप स्टेट को मालूम है कि जो गवर्नमेंट हमारी है वो प्ले करेगी नाइसली।इसलिए ये जो सारे सारे मुद्दे हैं कि मोदी जी को किसी तरीके से गिरवाना है उसके गिरवाने के लिए उन्होंने सब कुछ करके देख लिया। डिप्लोमेसी की वो फेल हो गई। इकोनमिक थ्रेटन किया फेल हो गया। मिलिटरली हमें दंग करने की कोशिश करी पाकिस्तान के थ्रू। वो फेल हो गए। अब मोदी जी का जो वीकनेस है सॉफ्टनेस का उसे इन्हीं के खिलाफ यूज़ करना शुरू कर दिया। अब मैं आपसे पूछता हूं क्या यह टाइम अपीजमेंट का क्या खत्म नहीं होना चाहिए? अगर कांग्रेस को हम बोलते हैं कि मुसलमानों की वो अपीजमेंट करते हैं तो क्या मोदी जी भी अपीज़मेंट नहीं कर रहे आज की डेट में। कैमरे के ऊपर आके बोल दिया जिन्होंने गालियां निकाली थी। चलिए इनको माफ कर देते हैं। क्या ये अपीज़मेंट नहीं है? जो बिलियंस ऑफ डॉल स्पेंड किए जा रहे हैं डीप स्टेट की तरफ से। आपको भी मालूम है कि यह जो आपने आपकी गवर्नमेंट को गिरवाने के लिए वो एनजीओस में पैसे भेज रहे हैं। क्या वो ऐसे फ्री में भेज रहे हैं या एक एजेंडा है और हमारी गवर्नमेंट क्या कर रही है? हमारी गवर्नमेंट वेलफेयर का काम कर रही है। हमने घर बना के दे दिए। फ्री राशन दे दिया। फ्री पढ़ाई लिखाई दे दी। लेकिन इससे आप लॉयल्टी इनरडिकलाइज्ड इकोसिस्टम का आप
खरीद नहीं पाए। फिर 9900% जो वोटिंग हुई आपको उसमें से एक% भी इन रेडिकलाइज इकोसिस्टम की तरफ से आपको नहीं आया। ना तो लिब्रांडो की तरफ से ना ये गाली गलौज करने वाले बच्चों से और ना ही मुसलमानों से। लीडरशिप जो उनकी है वो क्या कर रही है? वो वो एक हारश रियलिटी पे काम कर रहे हैं कि किसी तरीके से मोदी एक दिन चले जाएंगे। हम गजवे हिंद कर लेंगे और हम उनको राशन दे रहे हैं कि चलिए आप आराम से यहां पर रहिए फ्री राशन फ्री पढ़ाई फ्री आपको हर चीज दी जा रही है आप आराम से गजब हिंद लेना लेकिन जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है दोस्तों
हम भीख मांग रहे हैं इन रेडिकलाइज जानवरों से वोट्स के लिए और वो वो क्या कर रहे हैं वो हमारे नेशन को अंदर से फ्रैक्चर करने की बातें कर रहे हैं और पैसा कहां से आ रहा है वही अमेरिका से जो आज आपको लेक्चर दे रहा है राशन में और नेशन में फर्क होता है मोदी जी यह फर्क हमें समझना पड़ेगा। मोदी जी को लगता है मैं राशन दूंगा तो मेरा नेशन बच जाएगा। मैं बहुत वोकल हूं। मोदी जी के खिलाफ मैंने कभी कुछ नहीं बोला क्योंकि वो जबरदस्त काम कर रहे हैं। लेकिन मैं बहुत देर से एक चीज बोल रहा हूं कि अगर ये कंट्री कभी ब्रेक हुआ फ्यूचर में उसके लिए अगर आप पीछे मुड़ के देखेंगे आपको दिखेगा मोदी जी विल बी हेल्ड रिस्पांसिबल। जैसे आज हम नेहरू को रिसोंसिबल मानते हैं कि जो कश्मीर की प्रॉब्लम है वो नेहरू की इन डिसीजन के कारण वो प्रॉब्लम इतनी बड़ी हो गई। अगर कल को जाकर ये इस्लामिक लोगों ने अगर हमारे कंट्री के ऊपर अगर राज किया या कांग्रेस दोबारा से आ गई उसका रीजन होगा आज जो हम सॉफ्टली इन चीजों को डील करते हैं। अब मेरा टेक है इस पूरे सिचुएशन के ऊपर। यह मेरा अपना डिसीजन है। यह मेरी अपनी सोच है। अगर आप मेरे से एग्री नहीं करते, आप कमेंट्स में डाल सकते हैं। अगर एग्री करते हैं तो भी बताना कि इज इट राइट? कि जो भारत है, भारत को अगर बचाना है, तो उसका फार्मूला बड़ा ही सिंपल है। आपको इजराइल और चाइना वे में आपको डिसीजन लेने पड़ेंगे। भाई अगर आज इजराइल है उसके अंदर कोई भी आपको जिहादी दिखता है। एकदम से वो गोली टांगों पे नहीं मारते। वो यहां मारते हैं ताकि वो लुल्ला को प्यारा हो जाए और अगला जिहादी वो पैदा ना हो। अगर आपको भारत को सिक्योर करना है, आपको तीन चीजें एट अ टाइम वो करनी पड़गी। वरना ये देश इस्लामिक कंट्री बनने से कोई रोक नहीं सकता। पहला है इंटरनल एनिमीज़। आपको मालूम है कि यहां पर फॉरेन से पैसे लिए हुए कुछ कॉकरोच है जो भारत में बैठे हैं। मैं कोई दीपके की बात नहीं कर रहा हूं। कॉकरोच और भी बहुत है। 10 करोड़ तो जिहादी बाहर से इंपोर्ट किए गए हैं। इन सबको फॉरेन से और भारत के ऑोजिशन से इनको सपोर्ट है। मीडिया इनको सपोर्ट करता है और ऊपर से सुप्रीम कोर्ट के हमारे बिके हुए जजेस 15-15 करोड़ लेकर इनको बाहर निकलने देते नहीं है। ये जो वायलेंट राइटर्स हैं जो दंगे करते हैं। ये जो आज हमारी ब्यूरोक्रेसी के अंदर ये घुस चुके हैं। आपको पहले इनको क्रश करना पड़ेगा। जीरो मर्स के साथ ये नहीं बोल सकते कि इनको माफ कर दीजिए। क्या हो गया? अगर थोड़ी सी गाड़ियां निकाल दी, थोड़ी सी पत्थरबाजी कर दी तो की फर्क पड़ता है। आपको एक प्रोएक्टिव अप्रोच इजराइल और चाइना वे में आपको लेनी पड़ेगी और कोई अप्रोच चल नहीं सकती। आपको फियर ऑफ द लॉ आपको डालना पड़ेगा। अब मुझे बताइए कौन सी कंट्री है जो अपनी आर्मी और अपनी लीडरशिप के खिलाफ वो गालियां सुनने की परमिशन देती है। आप बाकी छोड़ दीजिए भारत के अंदर भी जब सोनिया गंदगी की सरकार थी। डी फेक्टो पीएम थी वो क्या आपने किसी को देखा सोनिया गंदगी के खिलाफ कोई भी कोई स्टेटमेंट दे सके या कांग्रेस के खिलाफ आज भी कर्नाटका के अंदर अगर आप सोनिया गंदगी राहुल गंदगी या कांग्रेस के खिलाफ कोई स्टेटमेंट देते हैं आपको जेल हो जाती है बिना ट्रायल के और मोदी जी के टाइम पर उल्टा हो रहा है माफ कर दीजिए सबको दोस्तों इस तरह की सॉफ्टनेस के साथ आप फियर ऑफ लॉ आप नहीं डाल सकते फियर ऑफ लॉ होता है जैसे चाइना में है जैसे मिडिल ईस्ट के अंदर है आपने आपने चोरी करी आपके हाथ काट दिए आपने किसी का रेप किया आपका लिंग काट दिया गया और फांसी चढ़ा दी गई और कोई तरीका नहीं है लॉ को इंप्लीमेंट करने का ये है पहला तरीका दूसरा एक और है करप्शन का कि भारत के अंदर करप्शन आपको लगता है कि कम हो गई मोदी जी के आने के बाद मोदी जी बोलते हैं मैं ना खाऊंगा ना खाने दूंगा आप देखिए सड़कों के ऊपर वहां पे पुलिस वाले ओपनली वहां पर रिश्वत ले रहे हैं क्योंकि आपने दो2000 5000 का आपने फाइन लगाना शुरू कर दिया उनकी रिश्वत 100 से 500 की और000 की हो गई। ये जो करप्शन है ये पूरे देश को खाती जा रही है और करप्शन के कारण ही ये जो सारे इललीगल्स है भारत में ये स्प्रेड होते जा रहे हैं। आपको इसका ऑक्सीजन आपको खत्म करना पड़ेगा ताकि एंटी नेशनल एक्टिविटीज बंद हो सके। ये है दूसरा तरीका मोदी जी कैसे करेंगे? वो ये नहीं बोल सकते मैं पैसे नहीं खाता हूं। आप नहीं खाते बाकी का सिस्टम आप ही की पार्टी के लोग क्या वो पैसे नहीं खाते? ये चीजें रोकनी पड़ेगी। और तीसरा है जो यह हमारा यह जो नगज़लवाद है आपने नक्ज़लवाद लेकिन अर्बन अर्बन नगज़ल्स आप खत्म नहीं कर पाए। वो ऑपरेट कर रहे हैं अपने एजेंडाज़ को हर रोज वो फैला रहे हैं। उनका जो प्रोपेगेंडा का नेटवर्क है सोशल मीडिया के ऊपर वो बहुत ज्यादा स्ट्रांग है जिसे आपको डिस्मेंटल करना पड़ेगा। ये Twitter Facebook मोदी जी आपकी वीडियो को भी उन्होंने ब्लॉक कर दिया। लेकिन कॉकरोचों की कोई भी वीडियो को ब्लॉक नहीं किया गया क्योंकि वो तो नेशनल इंटरेस्ट की बात थी। आप तो लोच को तोड़ने की बातें बोल रहे थे। ये कौन बोल रहा है? Facebook और Instagram बोल रहा है। आपको इन चीजों को सीधा करना पड़ेगा। क्योंकि जो बैटल लाइंस है वो ड्रॉ हो चुकी हैं। फॉरेन पावर्स एक ही चीज बोल रही है कि वो आपकी गवर्नमेंट को गिरवा कर ही छोड़ेंगे। डोमेस्टिक जो हमारी ऑपोजिशन है वो उनके साथ मिलकर उन्होंने क्या किया? यहां का जो फर्नीचर है अपने घर का उसको जलाना शुरू कर दिया ताकि घर को बचा सके। गवर्नमेंट रिएक्ट ही नहीं कर रही। वो केस को हैंडल ही नहीं कर पा रही और क्या कर रहे हैं वो लोगों ने डीप स्टेट ने और अपोजिशन ने टर्म्स को डिक्टेट करना शुरू कर दिया है हमारी गवर्नमेंट के ऊपर दोस्तों जो अगले कुछ महीने हैं कुछ हफ्ते हैं वो डिसाइड अब जब हमारी गवर्नमेंट जो है अगली गवर्नमेंट कौन आएगी वो इलेक्शंस में डिसाइड नहीं होगा वो डिसाइड होगा कि क्या मोदी जी आज को डिसीजन लेंगे या नहीं लेंगे। अब डिसीजन ये है कि ये डिसीजन लेना जरूरी क्यों है? क्योंकि अगर भारत को सर्वाइव करना है एस अ सोवरन सुपर पावर तो आपको यह जो शैडोस में जो आपको कंट्रोल करने की पूरी मुहिम है अमेरिका से और हमारे ऑोजिशन की तरफ से इसको हैंडल करना पड़ेगा। आपको अपने ग्लव्स उतारने पड़ेंगे मोदी जी या तो योगी स्टाइल में काम करना शुरू कर दीजिए। वरना यह कंट्री हमारे हाथ से निकल जाएगी क्योंकि हमने डिसीजन लिया ही नहीं। सबका साथ, सबका बकवास। यह सबसे बड़ा फेल्ड प्रोजेक्ट है। योगी जी का फार्मूला क्या है? एक रहोगे तो सेफ रहोगे। इसके अलावा आप इसको चीज को आप सर्वाइव नहीं करवा सकते। प्लीज टेक दिस डिसीजन। मैं यह कोई क्रिटिसिज्म मोदी जी की नहीं कर रहा हूं। मैंने हमेशा बोला है कि मोदी जी बड़ा जबरदस्त काम कर रहे हैं डेवलपमेंट में, फॉरेन पॉलिसी में। लेकिन इंटरनली वी आर टू सॉफ्ट एंड फॉर नो रीज़न एट ऑल। आप प्ले करना चाहते हैं बाय द प्ले बुक ओवी किसके अगेंस्ट जिहादियों के अगेंस्ट आप पुरुषोत्तम राम बनना चाहते हैं लेकिन भूल जाते हैं कि पुरुषोत्तम राम तब बने जब रावण का वध किया था उसके पहले वो राम थे तभी कहता हूं अगर धर्म को बचाना है सनातन को बचाना है देश को बचाना है आपको डिसीजन लेने पड़ेंगे वरना वही होगा जो बाकी सारी इस्लामिक कंट्रीज में हुआ वहां के भी जो रूलर्स थे उन्होंने डिसीजन नहीं लिया आज वो सारे हरे रंग में कन्वर्ट हो गए। क्या आप भी यही चाहते हैं कि देश हरे रंग में कन्वर्ट हो जाए? डिसीजन आपका।
कर्नल राजेंद्र शुक्ला
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