https://www.profitableratecpm.com/shc711j7ic?key=ff7159c55aa2fea5a5e4cdda1135ce92 Best Information at Shuksgyan

Pages

Thursday, May 22, 2025

SC डायरेक्शन अपने आप में अद्वितीय- हाईवे का इंक्रोचमेंट 100% खाली करिए

 अभी सुप्रीम कोर्ट के आज के एक जजमेंट की और वो जजमेंट जो केंद्र सरकार को डायरेक्शन देता है जो राज्यों को डायरेक्शन देता है और मुझे लगता है कि बकफ बोर्ड का जो संशोधन केंद्र सरकार ने किया है उसकी 50% तो नहीं कह सकते लेकिन 40% समस्याएं जरूर सॉल्व कर दी हैं। यह डायरेक्शन अपने आप में अद्वितीय है और अपने आप में बता रहा है और पूरा एक एसओपी पूरा एक मैकेनिज्म बनाकर यह आदेश दिया गया है कि क्या-क्या करना है। मैं बात कर रहा हूं हाईवेज की। हम सब जानते हैं कि हमारे देश के अंदर जब से यह जो केंद्र की सरकार है यानी कि मोदी जी की सरकार इसने एक्सप्रेसवे और हाईवेज का एक जाल बिछाया है। लेकिन अगर इनके एक्सप्रेसवे को हटा दिया जाए। नए हाईवेज को हटा दिया जाए। तो पूरे देश में पुराने हाईवेज को अगर देखेंगे तो एक पर्टिकुलर कम्युनिटी कहां-कहां बैठी है?

वो बैठी हुई है कंटोनमेंट बोर्ड के बाहर। कंटोनमेंट बोर्ड में उसने कब्जा करके रखा है। कंटोनमेंट बोर्ड से जो रास्ते जाते हैं वहां पर आर्मी के हेड क्वार्टर से जो रास्ते जाते हैं, एयरफोर्स के हेड क्वार्टर से ज्यादा रास्ते जाते हैं। खासतौर से बड़े हाईवेज जाते हैं। और एक अनुमानित सर्वे के अनुसार देश में 90% पुराने हाईवेज 2014 से पहले वाले 90% हाईवेज के किनारे एक पर्टिकुलर कम्युनिटी ने चाहे 10 गुना पैसे देकर जमीन खरीदनी पड़ी हो। उन्होंने खरीद कर रखी है और उसके बाहर फिर वह हाईवेज पर बैठ गए। हाईवेज पूरे देश में कहीं बत्ती लगाई, कहीं जरा सा बाजार टाइप की बनाई, कहीं पर दो गुंबे रखे, कहीं पर कुछ अगरबत्ती जलाई, कुछ हरी चादर डाल दी। और ऐसे करके रेलवे आप देखें रेलवे प्लेटफार्म के अंदर रेलवे स्टेशन के अंदर और हाईवेज के ऊपर बीचों-बीच में एक स्ट्रक्चर बना दिया और वो स्ट्रक्चर पूजने लगे। कभी समस्या का भी बात करोगे तो रिलीजियस प्रोपोगेंडा राइट टू राइट टू रिलीजन आर्टिकल 25 से 30 का हवाला दिया गया राइट टू प्रोफेशन जो क्लेम है केंद्र सरकार का वफ अमेंडमेंट एक्ट में उसका कहना है और जो जो उत्तर प्रदेश सरकार ने सर्वे करवाया अपने यहां मतलब योगी जी के बाद जो उत्तर प्रदेश सरकार ने सर्वे करवाया कि जो रिलीजियस स्ट्रक्चर हैं इन स्ट्रक्चर्स का जरा डाटा निकालो केंद्र के के राज्य के एक आंकड़े जो राज्य सरकार ने निकाला उसमें 97% स्ट्रक्चर इललीगल और अनथराइज्ड है।

97% यही कारण है कि सुप्रीम कोर्ट में ये जो बहुत तेजी से बड़ी संख्या में बहुत बड़े-बड़े वकील खड़े किए गए हैं। शायद फॉरेन फंडिंग भी उसमें हुई हो। उसका कारण यह है कि WAQF बाय यूजर को बरकरार रखा जाए। अब बाय यूजर भी अगर मैं कहता हूं तो उसके पीछे अगर यह कह दिया जाए कि बक बाय यूजर विल बी कंटिन्यू लेकिन वो प्रॉपर्टी किसी की ओनरशिप की होनी चाहिए तो भी इनको समस्या हो जाएगी क्योंकि वो प्रॉपर्टी किसी की ओनरशिप की होगी तो बख बाय यूजर में कोई समस्या नहीं है वो व्यक्ति अगर कहता है कि जमीन हमारी है और हमने इनको दे दी है ये यूज़ कर रहे हैं कोई समस्या नहीं लेकिन बख बाय यूजर में भी ऐसा एक अनुमान है कि 95% बल्कि 97% जमीनें सरकारी जमीनें हैं। यह जमीनें उनकी है ही नहीं। अब वफ बाय यूजर कौन-कौन सी और काउंट करते हैं? वो कहते हैं कि जो लोग पाकिस्तान चले गए उस पर हम यूज़ कर रहे हैं वो भी हमारी हो गई। वो कहते हैं जो जमीन पाकिस्तान को 10, 48,000 कि.मी. आपने दे दी और यहां पर जो जो लोग वहां गए और वो यहां इबादतें करते थे उसके लिए सार्वजनिक संपत्ति थी वो भी हमारी हो गई क्योंकि हम यूज़ कर रहे हैं। आजादी के आजादी के समय से नहीं आजादी से

पहले इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे तमाम तरह के प्रोपोगेंडा देश में चलते हैं। यही कारण है बख बाय यूजर बरकरार रखना है उनको। बख बाय यूजर पर पूरी शक्ति लगानी है। बख बाय यूजर उनको चाहिए।

अब सुप्रीम कोर्ट ने आज जो जजमेंट दिया उसमें एक डिटेल्ड गाइडलाइन सुप्रीम कोर्ट ने दी है और मुझे लगता है कि आप सभी का उसमें एक रोल तय किया। हमारे देश के प्रत्येक सम्रांत नागरिक का रोल तय किया है सुप्रीम कोर्ट ने और ये कहा है कि आपकी जिम्मेदारी बनती है कि इंक्रोचमेंट अगर हाईवेज पर कहीं पर हुआ है तो आप सूचना दें। केस का नाम अगर जानना चाहे ज्ञान प्रकाश वर्सेस यूनियन ऑफ इंडिया। ज्ञान प्रकाश वर्सेस यूनियन ऑफ इंडिया और यह आज का जजमेंट है। 2017 के आंकड़े रखे और 2017 के आंकड़ों के अनुसार इन्होंने बताया कि साहब 53181 लोगों की मौत हुई आंकड़े के अनुसार बाकी कितनी हुई और वो आंकड़ा आया ही नहीं वो अलग बात है। आंकड़े के अनुसार 2017 में 53181 लोगों की मृत्यु हुई हाईवेज पर एक्सीडेंट की वजह से और हाईवेज का जो कानून है 2002 का जिसको कहते हैं इनविटेशन टू द कंट्रोल ऑफ नेशनल हाईवेज लैंड एंड ट्रैफिक एक्ट 2002 इसका पालन नहीं हो रहा है। हाईवे एडमिनिस्ट्रेशन रूल 2004 का भी पालन नहीं हो रहा है।कि अथॉरिटीज इसका पालन नहीं करती हैं। इस वजह से बहुत सारे इंक्रोचमेंट हैं। बहुत सारे गलत तरीके से वहां पर वाहन खड़े किए जाते हैं, इस्तेमाल होते हैं। बहुत सारे तरीके से इंक्रोचमेंट वहां पर हुआ है और वो इंक्रोचमेंट के लिए हमें एक मैकेनिज्म चाहिए और हमें सुप्रीम कोर्ट ने इस मैकेनिज्म के मामले में पहले तो केंद्र को बुलाया था

डिटेल्ड गाइडलाइन जारी की है और यह कहा है राज मार्ग यात्रा राज मार्ग यात्रा सुप्रीम कोर्ट ने कहा केंद्र सरकार की यह जो हाईवेज की जमीन है हाईवेज का जो जो उसके चारों ओर वो जमीन छोड़ी जाती है मतलब उसकी ओनरशिप सब केंद्र सरकार की होती है। यह केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि उसके हाईवे पर या तो रोड पर और रोड के किनारे जो जमीनें उसकी हैं उस पर किसी का इंक्रोचमेंट ना रहे। उनको तत्काल प्रभाव से हटाया जाए। अब कौन करने वाला है? सरकारी कर्मचारियों का तो हमारे हाथ देश में हाल यह है कि हर व्यक्ति सरकारी कर्मचारी सिर्फ इसलिए बनना चाहता है क्योंकि वह वहां आराम करना चाहता है और बहुत सारा करप्शन का मामला होगा और नौकरी भी नहीं जा सकती क्योंकि सर्विस लॉस हमारे देश में है। सरकारी नौकरी का मतलब बैठकर खाना काम नहीं करना।कोई काम आए तो उसको कैसे रिजेक्ट किया जाए इसकी प्रैक्टिस करना शुरू कर देता है

हमको याद होगा कि अभी छ महीने पहले ही और अभी सुप्रीम कोर्ट ने गाइडलाइंस के दौरान यह भी कहा था कि अगर इंक्रोचमेंट होता है और कोई गड़बड़ी होती है तो जो ऑफिसर इंचार्ज जिस समय वो इंक्रोचमेंट हुआ उसकी भी रिस्पांसिबिलिटी बनाई जाएगी। उसके खिलाफ रिटायरमेंट होने के बाद भी उसके खिलाफ इंक्वायरी बिठाई जाएगी और उस उससे वसूली करी जाएगी। उसको पनिश किया जाएगा। ये ऑने सुप्रीम कोर्ट ने पीछे गाइडलाइन दी थी।

लेकिन आज की गाइडलाइंस की अगर हम बात करें तो हाईवे एडमिनिस्ट्रेशन के सेक्शन टू थ्री 2002 के सेक्शन थ्री के अनुसार उन्होंने कहा कि जॉइंट सेक्रेटरी हाईवेज तीन महीने के अंदर एफिडेविट दाखिल करें। जॉइंट सेक्रेटरी हाईवेज एमओआर टीएच 3 महीने के अंदर एफिडेविट दाखिल करें कि सिचुएशन क्या है? कौन ड्यूटी डिस्चार्ज कर रहा है? डिटेलिंग स्टेप्स टेकिंग टू डिस्चार्ज ड्यूटीज अंडर सेक्शन थ्री ऑफ दी 2004 रूल्स है अमेंडेड इन 2019। बताइए कि कौन कौन-कौन इसमें इनवॉल्व है। इसके अलावा उन्होंने कहा यह यूनियन की रिस्पांसिबिलिटी बनती है। हाईवे एडमिनिस्ट्रेशन की रिस्पांसिबिलिटी बनती है कि वो इनमें फूड प्लाजा और यह सब जो है इसको रेगुलराइज करें। उनकी विजिबिलिटी दिखाई दे। रोड साफ चमके। इसके अलावा जॉइंट सेक्रेटरी हाईवेज मस्ट फाइल अ डिटेल ऑफ कंप्लेंट्स रिसीव्ड बाय अ ऐप। यह जो ऐप की बात कही गई है, उसमें उन्होंने कहा कि यह जो ऐप है आप उसकी पब्लिसिटी करिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को मालूम पड़े और इसके अलावा 1033103 का जो नंबर है उसमें उसको उसको कैसे हाईलाइट कर सकते हैं सीसीटीवी कैमरे लगाइए और इस पर एक रिपोर्ट तैयार करिए इनके सर्वे करिए इसकी पेट्रोलिंग की व्यवस्था करिए इसकी हर बात की जानकारी आपके पास हो इसकी व्यवस्था करिए पेट्रोलिंग के साथ-साथ राज्य सरकार की पुलिस का इस्तेमाल करिए राज्य सरकार के अधिकारियों का इस्तेमाल करिए और उनकी सबकी रिस्पांसिबिलिटी तय करिए कि हाईवेज के ऊपर किसी प्रकार का कोई इंक्रोचमेंट ना होने पाए और अगर इंक्रोचमेंट हो गया है तो साफ करिए हर व्यक्ति का फंडामेंटल राइट है कि वो अच्छे हाईवेज पर चले। हर व्यक्ति का फंडामेंटल राइट है कि हाईवेज के किनारे इंक्रोचमेंट मतलब इंक्रोचमेंट की वजह से उसको तकलीफ ना हो। यानी कि केंद्र सरकार को यह डायरेक्शन दिया गया है कि हाईवेज पर या हाईवे की जो जमीन खाली पड़ी हुई है उस जमीन पर किसी प्रकार का कुछ भी इंक्रोचमेंट है तो उस इंक्रोचमेंट को खाली हाईवे का इंक्रोचमेंट 100% खाली करिए।

अब ये हाईवे का इंक्रोचमेंट 100% खाली करिए का मतलब क्या है? किनारे किसी ने भी कुछ भी टीन टप्पल डालकर एक मजार बना ली थी। किनारे किसी ने भी कोई एक रिलीजियस स्ट्रक्चर बना लिया था। किनारे रोहिंग्या बांग्लादेशियों ने झोपड़ियां डाल ली थी। देश के वो लोग जो कहीं से भी चले और वहां हद्वानी में जाकर रेलवे के किनारे रहने लगे। उनको इंक्रोचमेंट करके रखा है। तो अब केवल रेलवे का इंक्रोचमेंट नहीं एक बात समझ लीजिए कि रेलवे एक्ट के तहत कोई इंक्रोचमेंट हो ही नहीं सकता। रेलवे जब चाहेगी तो बुलडोजर लगाकर गिरा देगी। वो अलग मामला है कि कुछ विशेष मामले सुप्रीम कोर्ट में आ जाते हैं। सुप्रीम कोर्ट भी उसको स्टे दे देता है।

लेकिन यहां पर डिटेल गाइडलाइन सुप्रीम कोर्ट ने जारी करते हुए यह आगाह कर दिया है कि राजमार्ग यात्रा ऐप हर एक व्यक्ति डाउनलोड करें और हर एक व्यक्ति डाउनलोड करें। ऐसा सुनिश्चित भी सरकार करेगी। सरकार इसकी पब्लिसिटी जितनी ज्यादा कर सकती है, सरकार इसके मामले में विजिबिलिटी जितनी ला सकती है, सरकार इन रूल्स को लोगों को ज्यादा से ज्यादा बता सकती है। ये सब कुछ होना तय किया गया है

Pakistan’s Rahim Yar Khan airbase is in critical condition: PM Narendra Modi’s powerful remarks on Operation Sindoor

Pakistan’s Rahim Yar Khan airbase is in critical condition: PM Narendra Modi’s powerful remarks on Operation Sindoor
Pakistan’s Rahim Yar Khan airbase is in critical condition: PM Narendra Modi’s powerful remarks on Operation Sindoor

 



Pakistan’s Rahim Yar Khan airbase is in critical condition: PM Narendra Modi’s powerful remarks on Operation Sindoor


Prime Minister Narendra Modi delivered his speech from Bikaner in Rajasthan, which was one of the frontline areas where Pakistani drones were intercepted. 

On Thursday, Modi asserted that the Rahim Yar Khan airbase in Pakistan is critically damaged due to India’s precise airstrikes executed during Operation Sindoor. 

During a rally in Bikaner, Rajasthan, the prime minister indicated that India’s rapid reaction brought Pakistan "to its knees." 

Bikaner in Rajasthan was among the border locations where Pakistani drones were repelled from May 7 to 9 amidst rising tensions between New Delhi and Islamabad. 

Modi stated that after the Pahalgam terrorist attack on April 22, the government provided a "free hand" to all three branches of the military. “Our three armed forces forced Pakistan down on its knees."

“Pakistan was unable to attack the airbase in this area. Close by is Pakistan's Rahim Yar Khan airbase, which is in critical condition due to our airstrikes,” Modi declared. 

“Following the airstrike, I visited Churu and promised on this soil that I would not let my nation be destroyed, nor allow my country to yield. Today, from the ground of Rajasthan, I wish to convey to the people that those who aimed to erase our pride have been turned to dust. Every drop of blood that was unjustly spilled from Hindustan has been accounted for. Those who believed India would remain passive are now hiding in their homes. Those who once took pride in their weaponry now lie buried among the debris.” 

“In retaliation for the April 22 attack, we eliminated nine significant terrorist strongholds in merely 22 minutes... The adversaries of our nation and the world have witnessed what occurs when pride turns to retaliation...” 

“Pakistan can never triumph in a fair confrontation with India. This is why it resorts to terrorism as a means to challenge India. This has been ongoing for years since independence... Pakistan fostered terrorism, took innocent lives, and established a culture of fear. However, Pakistan overlooked one crucial fact: Modi, the servant of Mother India, stands firm and proud. Modi’s demeanor is composed, but there is a fierceness in his spirit. Hot Sindoor flows through Modi’s veins, not mere blood.” 

“If Pakistan continues to send forth terrorists, it will find itself begging for every single penny. Pakistan will not receive even a drop of water that is Indian. Playing with the lives of Indians will lead to dire consequences for Pakistan. This reflects India’s determination, and no force in the world can sway us from this pledge,” Modi proclaimed, emphasizing that there would be no trade or discussions with Pakistan unless the conversations pertained to Pakistan-occupied Kashmir.


via Blogger https://ift.tt/pUwcA2R
May 22, 2025 at 04:09PM
via Blogger https://ift.tt/CjG30xk
May 22, 2025 at 04:13PM

Pakistan’s Rahim Yar Khan airbase is in critical condition: PM Narendra Modi’s powerful remarks on Operation Sindoor

Pakistan’s Rahim Yar Khan airbase is in critical condition: PM Narendra Modi’s powerful remarks on Operation Sindoor

 



Pakistan’s Rahim Yar Khan airbase is in critical condition: PM Narendra Modi’s powerful remarks on Operation Sindoor


Prime Minister Narendra Modi delivered his speech from Bikaner in Rajasthan, which was one of the frontline areas where Pakistani drones were intercepted. 

On Thursday, Modi asserted that the Rahim Yar Khan airbase in Pakistan is critically damaged due to India’s precise airstrikes executed during Operation Sindoor. 

During a rally in Bikaner, Rajasthan, the prime minister indicated that India’s rapid reaction brought Pakistan "to its knees." 

Bikaner in Rajasthan was among the border locations where Pakistani drones were repelled from May 7 to 9 amidst rising tensions between New Delhi and Islamabad. 

Modi stated that after the Pahalgam terrorist attack on April 22, the government provided a "free hand" to all three branches of the military. “Our three armed forces forced Pakistan down on its knees."

“Pakistan was unable to attack the airbase in this area. Close by is Pakistan's Rahim Yar Khan airbase, which is in critical condition due to our airstrikes,” Modi declared. 

“Following the airstrike, I visited Churu and promised on this soil that I would not let my nation be destroyed, nor allow my country to yield. Today, from the ground of Rajasthan, I wish to convey to the people that those who aimed to erase our pride have been turned to dust. Every drop of blood that was unjustly spilled from Hindustan has been accounted for. Those who believed India would remain passive are now hiding in their homes. Those who once took pride in their weaponry now lie buried among the debris.” 

“In retaliation for the April 22 attack, we eliminated nine significant terrorist strongholds in merely 22 minutes... The adversaries of our nation and the world have witnessed what occurs when pride turns to retaliation...” 

“Pakistan can never triumph in a fair confrontation with India. This is why it resorts to terrorism as a means to challenge India. This has been ongoing for years since independence... Pakistan fostered terrorism, took innocent lives, and established a culture of fear. However, Pakistan overlooked one crucial fact: Modi, the servant of Mother India, stands firm and proud. Modi’s demeanor is composed, but there is a fierceness in his spirit. Hot Sindoor flows through Modi’s veins, not mere blood.” 

“If Pakistan continues to send forth terrorists, it will find itself begging for every single penny. Pakistan will not receive even a drop of water that is Indian. Playing with the lives of Indians will lead to dire consequences for Pakistan. This reflects India’s determination, and no force in the world can sway us from this pledge,” Modi proclaimed, emphasizing that there would be no trade or discussions with Pakistan unless the conversations pertained to Pakistan-occupied Kashmir.


via Blogger https://ift.tt/pUwcA2R
May 22, 2025 at 04:09PM

Pakistan’s Rahim Yar Khan airbase is in critical condition: PM Narendra Modi’s powerful remarks on Operation Sindoor

 



Pakistan’s Rahim Yar Khan airbase is in critical condition: PM Narendra Modi’s powerful remarks on Operation Sindoor


Prime Minister Narendra Modi delivered his speech from Bikaner in Rajasthan, which was one of the frontline areas where Pakistani drones were intercepted. 

On Thursday, Modi asserted that the Rahim Yar Khan airbase in Pakistan is critically damaged due to India’s precise airstrikes executed during Operation Sindoor. 

During a rally in Bikaner, Rajasthan, the prime minister indicated that India’s rapid reaction brought Pakistan "to its knees." 

Bikaner in Rajasthan was among the border locations where Pakistani drones were repelled from May 7 to 9 amidst rising tensions between New Delhi and Islamabad. 

Modi stated that after the Pahalgam terrorist attack on April 22, the government provided a "free hand" to all three branches of the military. “Our three armed forces forced Pakistan down on its knees."

“Pakistan was unable to attack the airbase in this area. Close by is Pakistan's Rahim Yar Khan airbase, which is in critical condition due to our airstrikes,” Modi declared. 

“Following the airstrike, I visited Churu and promised on this soil that I would not let my nation be destroyed, nor allow my country to yield. Today, from the ground of Rajasthan, I wish to convey to the people that those who aimed to erase our pride have been turned to dust. Every drop of blood that was unjustly spilled from Hindustan has been accounted for. Those who believed India would remain passive are now hiding in their homes. Those who once took pride in their weaponry now lie buried among the debris.” 

“In retaliation for the April 22 attack, we eliminated nine significant terrorist strongholds in merely 22 minutes... The adversaries of our nation and the world have witnessed what occurs when pride turns to retaliation...” 

“Pakistan can never triumph in a fair confrontation with India. This is why it resorts to terrorism as a means to challenge India. This has been ongoing for years since independence... Pakistan fostered terrorism, took innocent lives, and established a culture of fear. However, Pakistan overlooked one crucial fact: Modi, the servant of Mother India, stands firm and proud. Modi’s demeanor is composed, but there is a fierceness in his spirit. Hot Sindoor flows through Modi’s veins, not mere blood.” 

“If Pakistan continues to send forth terrorists, it will find itself begging for every single penny. Pakistan will not receive even a drop of water that is Indian. Playing with the lives of Indians will lead to dire consequences for Pakistan. This reflects India’s determination, and no force in the world can sway us from this pledge,” Modi proclaimed, emphasizing that there would be no trade or discussions with Pakistan unless the conversations pertained to Pakistan-occupied Kashmir.

सिब्बल की कल भी और आज भी झूठ पे झूठ पकड़ी गई

सिब्बल की कल भी और आज भी झूठ पे झूठ पकड़ी गई
सिब्बल की कल भी और आज भी झूठ पे झूठ पकड़ी गई

 कपिल सिब्बल साहब की कल भी और आज भी रिपीटेडली झूठ पे झूठ पकड़ी गई। यह इतने बड़े वकील होने के बाद में उनको आज सुप्रीम कोर्ट में जनरल सॉलिसिटर जनरल साहब ने बल्कि पॉइंट आउट किया कि कपिल सिबल साहब को ये आर्गुममेंट नहीं करना चाहिए था कि ये जो है अगर ये जो एएसआई में से प्रोटेक्टेड जो प्रॉपर्टीज हैं मोन्यूमेंट हैं अगर वो सरकार के पास चले जाएंगे तो उनकी जो राइट है ना के उनको उसमें नमाज पढ़नी या कुछ पढ़ना है तो रिलीजियस एक्टिविटीज केअधिकार छीन लिए जाएंगे। तो जब सोलिसिट ने कहा कि यह झूठ है

यह आर्गुममेंट ही नहीं करना चाहिए था क्योंकि से ये सेक्शन फाइव फाइव ऑफ द एंशिएंट मोनुमेंट एक्ट परिकुलर ये प्रोटेक्ट करता है। बहुत सारी मस्जिद है जामा मस्जिद है ASI Act प्रोटेक्ट करती है कि आप मेंटेनेंस वगैरह जो है ना उसका एएसआई का रहेगा। लेकिन उसके आपके रिलीजियस एक्टिविटी बिल्कुल भी इंटरफेयर नहीं की जाएगी। इवन एक जौनपुर का इंस्टेंस दिया सॉलिसिट ने। हां, आज का आज दिया कि वहां पे इवन जो एंसिएंट जो एएसआई द्वारा मेंटेन प्रोटेक्टिव मैन्युमेंट है उसके अंदर इन्होंने इवन इंक्रोच करके उसके अंदर एक्स्ट्रा स्ट्रक्चर तक भी क्रिएट कर लिए। जो कि एएसआई ने कोई ऑब्जेक्शन नहीं जबकि वो करना चाहिए था। क्योंकि सरकारें पहले कुछ और अभी अभी सरकार कुछ ऐसी है जो कि ऐसी चीजें नहीं होने देगी।
कपिल सीबल साहब ने ये कहा कि भ जो है कल एक कल एक झूठ बोली कि जो है ये सेक्शन 3 डी जो कि एंशिएंट मोनुममेंट एक्ट वाला जो है ये उसमें ऐड किया ही नहीं। एक सेकंड मूल कानून में था ही नहीं। 3C 3 D उन कानून में था ही नहीं जेपीसी के सामने बाद में जोड़ा गया कल कपिल सिबल ने ये बहुत बड़ा झूठ बोला के जो सेक्शन 3D एंशिएंट मोनुममेंट एक्ट जो है जॉइंट पार्लियामेंट कमेटी के सामने रखा ही नहीं गया और लास्ट बैक डोर से जो है ना इन्होंने उसमें ऐड करके और विदाउट एनी डिस्कशन विदाउट जेपीसी से डिस्कशन के इसको एक्ट कर दिया गया। तो आज जो है सॉलिसिटर जनरल साहब ने वो डॉक्यूमेंट जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी की रिपोर्ट रख दी कि ये देखिए ये उसके दैट वाज़ अ सब्जेक्ट मैटर ऑफ डिस्कशन बिफोर द जेपीसी वो उसके सामने रखा गया था। पूरा का पूरा डॉक्यूमेंट रख दिया बल्कि जैसे जब उन्होंने थोड़ा अह आवाज रेज की इन्होंने वक वालों ने तो सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता साहब ने कहा के कि आपने डॉक्यूमेंट नहीं रखे मैं डॉक्यूमेंट रख के बात कर रहा हूं क्योंकि डॉक्यूमेंट रखते थे झूठ मैं बोल नहीं सकते थे उन्होंने झूठ बोली तो इन्होंने पढ़ा तो कपिल सिबिल साहब ने समर साल्ट लिया वापस और अपनी झूठ को जब देखा कि झूठ पकड़ के गई तो इमीडिएटली खड़े हो गए जबकि उनको नहीं खड़ा होना चाहिए ये आर्गुमेंट कर रहे वो नहीं डिस्टर्ब कर रहे क्यों कर रहे हैं खड़े खड़े होकर के कपिल सिबल साहब ने कहा नहीं नहीं मैंने ऐसा नहीं कहा था तो उन्होंने सॉलिसिटर जनरल मेहता साहब ने कहा कि ये ऑन रिकॉर्ड है इस टाइम जब ऐसे ही कहते ही इवन सीजीआई ने अपने जो कल क्योंकि अपने नोट्स बनाते हैं तो इवन सीजीआई ने उनको पढ़ा कि यह सिटीजन रोंग आपने ऐसा कहा था अच्छा तो उन्होंने सिबल साहब गए थे ये तो ये तो उधर से ये तुषार साहब भी कह रहे हैं और जो उधर से सीजीआई भी बोल रहे हैं ये तो फंस गया तो उन्होंने क्या किया इमीडिएटली फिर एक झूठ पे क्योंकि एक झूठ को छुपाने के लिए जुड़े फिर बोलते मैंने ये नहीं कहा था कि ये जेपीसी के सामने नहीं रखा मैंने कहा कि सर्कुलेट नहीं किया था इट इज द सेम इट इज़ सेम यू कैन यू कैन नॉट बीफूल द पीपल यू नो ठीक है इट वाज़ ऑन रिकॉर्ड और कल सुप्रीम कोर्ट ने कई बार इनको कपिल सिपल साहब को क्वेश्चन भी किया था कि आप जो बोल रहे हैं हम रिकॉर्ड कर लें हम रिकॉर्ड कर रहे हैं ध्यान रखना अच्छा वारंट कर दिया था पहले वारंट कर दिया क्योंकि अपरेंटली दिखाई दे रहा है। झूठ बोल रहे हैं।

हर क्लॉज़ को जो लिखी हुई है ब्लैक एंड वाइट में उस क्लॉज़ को जो है ना यह कह रहे हैं कि यह नहीं ये नहीं है।फिर जब बार-बार जो रिपीटेडली अलग-अलग जो इनकी झूठ को पकड़ रहे हैं सॉलिसिट जनरल जो पॉइंट आउट कर रहे थे कपिल साहब को मिर्ची लग गई। वो कहने लगे आप बार-बार रिपीट क्यों कर रहे हैं? तो हां तुषार साहब ने कहा बार-बार रिपीट नहीं अलग-अलग पकड़ रहा हूं। अच्छा ठीक है जो आपने गलत गलत फैक्ट रखे हैं जो अगेंस्ट जो है ना डॉक्यूमेंट्स हैं। तो एग्जैक्टली 3:45 पे कपिल सिब्बल कोर्ट रूम छोड़ के चले गए। चले गए? बीच में आर्गुमेंट वाज गोइंग ऑन एंड ही लेफ्ट द कोर्ट। तो जबकि वो मेन लीडिंग काउंसिल थे और जब तक 4:00 बजे के बाद तक जो ही डिड नॉट रिटर्न बैक।देखिए वकील जो होता है वो ही ऑफिसर ऑफ़ द कोर्ट। ही इज़ द फर्स्ट ऑफिसर ऑफ़ द कोर्ट। क्लाइंट का वकील बाद में है। कपिल सिबिल साहब की इवन सीजीआई साहब सॉलिसिटर जनरल बता झूठ पकड़ा रहे हैं कोर्ट झूठ पकड़ रही है उसके बाद में कैसे एक आदमी कोर्ट के आंखों में डाल के खड़ा हो सकता है जो कह रहे थे कि हमारी प्रॉपर्टी को छीनने की कोशिश है मुस्लिम पक्ष का कहना था कि हमारी प्रॉपर्टी जो सैकड़ों साल पुरानी है उसको छीनने की कोशिश कर रहे हैं तो उस पर देखिए सैकड़ों साल से है तो वो रजिस्टर्ड है। एक्ट क्लियर कट कहता है कि उस जो प्रॉपर्टीज रजिस्टर्ड है उसका नेचर चेंज नहीं होगा। वकफ ही रहेंगी। लेकिन ये कह रहे हैं कई कागज नहीं है हमारे पास कागज नहीं। कागज नहीं का मतलब ये है कि वो जिसने शुरू में जो वकफ की गई वो आदमी फ्रॉड था और वो उसका ओनर ही था। इस्लामिक इस्लामिक सरिया के तहत वो उसको उसको हक ही नहीं था वकफ करने का।

via Blogger https://ift.tt/5YI8kFo
May 22, 2025 at 08:52AM
via Blogger https://ift.tt/3SEctZW
May 22, 2025 at 09:13AM

सिब्बल की कल भी और आज भी झूठ पे झूठ पकड़ी गई

सिब्बल की कल भी और आज भी झूठ पे झूठ पकड़ी गई

 कपिल सिब्बल साहब की कल भी और आज भी रिपीटेडली झूठ पे झूठ पकड़ी गई। यह इतने बड़े वकील होने के बाद में उनको आज सुप्रीम कोर्ट में जनरल सॉलिसिटर जनरल साहब ने बल्कि पॉइंट आउट किया कि कपिल सिबल साहब को ये आर्गुममेंट नहीं करना चाहिए था कि ये जो है अगर ये जो एएसआई में से प्रोटेक्टेड जो प्रॉपर्टीज हैं मोन्यूमेंट हैं अगर वो सरकार के पास चले जाएंगे तो उनकी जो राइट है ना के उनको उसमें नमाज पढ़नी या कुछ पढ़ना है तो रिलीजियस एक्टिविटीज केअधिकार छीन लिए जाएंगे। तो जब सोलिसिट ने कहा कि यह झूठ है

यह आर्गुममेंट ही नहीं करना चाहिए था क्योंकि से ये सेक्शन फाइव फाइव ऑफ द एंशिएंट मोनुमेंट एक्ट परिकुलर ये प्रोटेक्ट करता है। बहुत सारी मस्जिद है जामा मस्जिद है ASI Act प्रोटेक्ट करती है कि आप मेंटेनेंस वगैरह जो है ना उसका एएसआई का रहेगा। लेकिन उसके आपके रिलीजियस एक्टिविटी बिल्कुल भी इंटरफेयर नहीं की जाएगी। इवन एक जौनपुर का इंस्टेंस दिया सॉलिसिट ने। हां, आज का आज दिया कि वहां पे इवन जो एंसिएंट जो एएसआई द्वारा मेंटेन प्रोटेक्टिव मैन्युमेंट है उसके अंदर इन्होंने इवन इंक्रोच करके उसके अंदर एक्स्ट्रा स्ट्रक्चर तक भी क्रिएट कर लिए। जो कि एएसआई ने कोई ऑब्जेक्शन नहीं जबकि वो करना चाहिए था। क्योंकि सरकारें पहले कुछ और अभी अभी सरकार कुछ ऐसी है जो कि ऐसी चीजें नहीं होने देगी।
कपिल सीबल साहब ने ये कहा कि भ जो है कल एक कल एक झूठ बोली कि जो है ये सेक्शन 3 डी जो कि एंशिएंट मोनुममेंट एक्ट वाला जो है ये उसमें ऐड किया ही नहीं। एक सेकंड मूल कानून में था ही नहीं। 3C 3 D उन कानून में था ही नहीं जेपीसी के सामने बाद में जोड़ा गया कल कपिल सिबल ने ये बहुत बड़ा झूठ बोला के जो सेक्शन 3D एंशिएंट मोनुममेंट एक्ट जो है जॉइंट पार्लियामेंट कमेटी के सामने रखा ही नहीं गया और लास्ट बैक डोर से जो है ना इन्होंने उसमें ऐड करके और विदाउट एनी डिस्कशन विदाउट जेपीसी से डिस्कशन के इसको एक्ट कर दिया गया। तो आज जो है सॉलिसिटर जनरल साहब ने वो डॉक्यूमेंट जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी की रिपोर्ट रख दी कि ये देखिए ये उसके दैट वाज़ अ सब्जेक्ट मैटर ऑफ डिस्कशन बिफोर द जेपीसी वो उसके सामने रखा गया था। पूरा का पूरा डॉक्यूमेंट रख दिया बल्कि जैसे जब उन्होंने थोड़ा अह आवाज रेज की इन्होंने वक वालों ने तो सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता साहब ने कहा के कि आपने डॉक्यूमेंट नहीं रखे मैं डॉक्यूमेंट रख के बात कर रहा हूं क्योंकि डॉक्यूमेंट रखते थे झूठ मैं बोल नहीं सकते थे उन्होंने झूठ बोली तो इन्होंने पढ़ा तो कपिल सिबिल साहब ने समर साल्ट लिया वापस और अपनी झूठ को जब देखा कि झूठ पकड़ के गई तो इमीडिएटली खड़े हो गए जबकि उनको नहीं खड़ा होना चाहिए ये आर्गुमेंट कर रहे वो नहीं डिस्टर्ब कर रहे क्यों कर रहे हैं खड़े खड़े होकर के कपिल सिबल साहब ने कहा नहीं नहीं मैंने ऐसा नहीं कहा था तो उन्होंने सॉलिसिटर जनरल मेहता साहब ने कहा कि ये ऑन रिकॉर्ड है इस टाइम जब ऐसे ही कहते ही इवन सीजीआई ने अपने जो कल क्योंकि अपने नोट्स बनाते हैं तो इवन सीजीआई ने उनको पढ़ा कि यह सिटीजन रोंग आपने ऐसा कहा था अच्छा तो उन्होंने सिबल साहब गए थे ये तो ये तो उधर से ये तुषार साहब भी कह रहे हैं और जो उधर से सीजीआई भी बोल रहे हैं ये तो फंस गया तो उन्होंने क्या किया इमीडिएटली फिर एक झूठ पे क्योंकि एक झूठ को छुपाने के लिए जुड़े फिर बोलते मैंने ये नहीं कहा था कि ये जेपीसी के सामने नहीं रखा मैंने कहा कि सर्कुलेट नहीं किया था इट इज द सेम इट इज़ सेम यू कैन यू कैन नॉट बीफूल द पीपल यू नो ठीक है इट वाज़ ऑन रिकॉर्ड और कल सुप्रीम कोर्ट ने कई बार इनको कपिल सिपल साहब को क्वेश्चन भी किया था कि आप जो बोल रहे हैं हम रिकॉर्ड कर लें हम रिकॉर्ड कर रहे हैं ध्यान रखना अच्छा वारंट कर दिया था पहले वारंट कर दिया क्योंकि अपरेंटली दिखाई दे रहा है। झूठ बोल रहे हैं।

हर क्लॉज़ को जो लिखी हुई है ब्लैक एंड वाइट में उस क्लॉज़ को जो है ना यह कह रहे हैं कि यह नहीं ये नहीं है।फिर जब बार-बार जो रिपीटेडली अलग-अलग जो इनकी झूठ को पकड़ रहे हैं सॉलिसिट जनरल जो पॉइंट आउट कर रहे थे कपिल साहब को मिर्ची लग गई। वो कहने लगे आप बार-बार रिपीट क्यों कर रहे हैं? तो हां तुषार साहब ने कहा बार-बार रिपीट नहीं अलग-अलग पकड़ रहा हूं। अच्छा ठीक है जो आपने गलत गलत फैक्ट रखे हैं जो अगेंस्ट जो है ना डॉक्यूमेंट्स हैं। तो एग्जैक्टली 3:45 पे कपिल सिब्बल कोर्ट रूम छोड़ के चले गए। चले गए? बीच में आर्गुमेंट वाज गोइंग ऑन एंड ही लेफ्ट द कोर्ट। तो जबकि वो मेन लीडिंग काउंसिल थे और जब तक 4:00 बजे के बाद तक जो ही डिड नॉट रिटर्न बैक।देखिए वकील जो होता है वो ही ऑफिसर ऑफ़ द कोर्ट। ही इज़ द फर्स्ट ऑफिसर ऑफ़ द कोर्ट। क्लाइंट का वकील बाद में है। कपिल सिबिल साहब की इवन सीजीआई साहब सॉलिसिटर जनरल बता झूठ पकड़ा रहे हैं कोर्ट झूठ पकड़ रही है उसके बाद में कैसे एक आदमी कोर्ट के आंखों में डाल के खड़ा हो सकता है जो कह रहे थे कि हमारी प्रॉपर्टी को छीनने की कोशिश है मुस्लिम पक्ष का कहना था कि हमारी प्रॉपर्टी जो सैकड़ों साल पुरानी है उसको छीनने की कोशिश कर रहे हैं तो उस पर देखिए सैकड़ों साल से है तो वो रजिस्टर्ड है। एक्ट क्लियर कट कहता है कि उस जो प्रॉपर्टीज रजिस्टर्ड है उसका नेचर चेंज नहीं होगा। वकफ ही रहेंगी। लेकिन ये कह रहे हैं कई कागज नहीं है हमारे पास कागज नहीं। कागज नहीं का मतलब ये है कि वो जिसने शुरू में जो वकफ की गई वो आदमी फ्रॉड था और वो उसका ओनर ही था। इस्लामिक इस्लामिक सरिया के तहत वो उसको उसको हक ही नहीं था वकफ करने का।

via Blogger https://ift.tt/5YI8kFo
May 22, 2025 at 08:52AM

सिब्बल की कल भी और आज भी झूठ पे झूठ पकड़ी गई

 कपिल सिब्बल साहब की कल भी और आज भी रिपीटेडली झूठ पे झूठ पकड़ी गई। यह इतने बड़े वकील होने के बाद में उनको आज सुप्रीम कोर्ट में जनरल सॉलिसिटर जनरल साहब ने बल्कि पॉइंट आउट किया कि कपिल सिबल साहब को ये आर्गुममेंट नहीं करना चाहिए था कि ये जो है अगर ये जो एएसआई में से प्रोटेक्टेड जो प्रॉपर्टीज हैं मोन्यूमेंट हैं अगर वो सरकार के पास चले जाएंगे तो उनकी जो राइट है ना के उनको उसमें नमाज पढ़नी या कुछ पढ़ना है तो रिलीजियस एक्टिविटीज केअधिकार छीन लिए जाएंगे। तो जब सोलिसिट ने कहा कि यह झूठ है

यह आर्गुममेंट ही नहीं करना चाहिए था क्योंकि से ये सेक्शन फाइव फाइव ऑफ द एंशिएंट मोनुमेंट एक्ट परिकुलर ये प्रोटेक्ट करता है। बहुत सारी मस्जिद है जामा मस्जिद है ASI Act प्रोटेक्ट करती है कि आप मेंटेनेंस वगैरह जो है ना उसका एएसआई का रहेगा। लेकिन उसके आपके रिलीजियस एक्टिविटी बिल्कुल भी इंटरफेयर नहीं की जाएगी। इवन एक जौनपुर का इंस्टेंस दिया सॉलिसिट ने। हां, आज का आज दिया कि वहां पे इवन जो एंसिएंट जो एएसआई द्वारा मेंटेन प्रोटेक्टिव मैन्युमेंट है उसके अंदर इन्होंने इवन इंक्रोच करके उसके अंदर एक्स्ट्रा स्ट्रक्चर तक भी क्रिएट कर लिए। जो कि एएसआई ने कोई ऑब्जेक्शन नहीं जबकि वो करना चाहिए था। क्योंकि सरकारें पहले कुछ और अभी अभी सरकार कुछ ऐसी है जो कि ऐसी चीजें नहीं होने देगी।
कपिल सीबल साहब ने ये कहा कि भ जो है कल एक कल एक झूठ बोली कि जो है ये सेक्शन 3 डी जो कि एंशिएंट मोनुममेंट एक्ट वाला जो है ये उसमें ऐड किया ही नहीं। एक सेकंड मूल कानून में था ही नहीं। 3C 3 D उन कानून में था ही नहीं जेपीसी के सामने बाद में जोड़ा गया कल कपिल सिबल ने ये बहुत बड़ा झूठ बोला के जो सेक्शन 3D एंशिएंट मोनुममेंट एक्ट जो है जॉइंट पार्लियामेंट कमेटी के सामने रखा ही नहीं गया और लास्ट बैक डोर से जो है ना इन्होंने उसमें ऐड करके और विदाउट एनी डिस्कशन विदाउट जेपीसी से डिस्कशन के इसको एक्ट कर दिया गया। तो आज जो है सॉलिसिटर जनरल साहब ने वो डॉक्यूमेंट जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी की रिपोर्ट रख दी कि ये देखिए ये उसके दैट वाज़ अ सब्जेक्ट मैटर ऑफ डिस्कशन बिफोर द जेपीसी वो उसके सामने रखा गया था। पूरा का पूरा डॉक्यूमेंट रख दिया बल्कि जैसे जब उन्होंने थोड़ा अह आवाज रेज की इन्होंने वक वालों ने तो सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता साहब ने कहा के कि आपने डॉक्यूमेंट नहीं रखे मैं डॉक्यूमेंट रख के बात कर रहा हूं क्योंकि डॉक्यूमेंट रखते थे झूठ मैं बोल नहीं सकते थे उन्होंने झूठ बोली तो इन्होंने पढ़ा तो कपिल सिबिल साहब ने समर साल्ट लिया वापस और अपनी झूठ को जब देखा कि झूठ पकड़ के गई तो इमीडिएटली खड़े हो गए जबकि उनको नहीं खड़ा होना चाहिए ये आर्गुमेंट कर रहे वो नहीं डिस्टर्ब कर रहे क्यों कर रहे हैं खड़े खड़े होकर के कपिल सिबल साहब ने कहा नहीं नहीं मैंने ऐसा नहीं कहा था तो उन्होंने सॉलिसिटर जनरल मेहता साहब ने कहा कि ये ऑन रिकॉर्ड है इस टाइम जब ऐसे ही कहते ही इवन सीजीआई ने अपने जो कल क्योंकि अपने नोट्स बनाते हैं तो इवन सीजीआई ने उनको पढ़ा कि यह सिटीजन रोंग आपने ऐसा कहा था अच्छा तो उन्होंने सिबल साहब गए थे ये तो ये तो उधर से ये तुषार साहब भी कह रहे हैं और जो उधर से सीजीआई भी बोल रहे हैं ये तो फंस गया तो उन्होंने क्या किया इमीडिएटली फिर एक झूठ पे क्योंकि एक झूठ को छुपाने के लिए जुड़े फिर बोलते मैंने ये नहीं कहा था कि ये जेपीसी के सामने नहीं रखा मैंने कहा कि सर्कुलेट नहीं किया था इट इज द सेम इट इज़ सेम यू कैन यू कैन नॉट बीफूल द पीपल यू नो ठीक है इट वाज़ ऑन रिकॉर्ड और कल सुप्रीम कोर्ट ने कई बार इनको कपिल सिपल साहब को क्वेश्चन भी किया था कि आप जो बोल रहे हैं हम रिकॉर्ड कर लें हम रिकॉर्ड कर रहे हैं ध्यान रखना अच्छा वारंट कर दिया था पहले वारंट कर दिया क्योंकि अपरेंटली दिखाई दे रहा है। झूठ बोल रहे हैं।

हर क्लॉज़ को जो लिखी हुई है ब्लैक एंड वाइट में उस क्लॉज़ को जो है ना यह कह रहे हैं कि यह नहीं ये नहीं है।फिर जब बार-बार जो रिपीटेडली अलग-अलग जो इनकी झूठ को पकड़ रहे हैं सॉलिसिट जनरल जो पॉइंट आउट कर रहे थे कपिल साहब को मिर्ची लग गई। वो कहने लगे आप बार-बार रिपीट क्यों कर रहे हैं? तो हां तुषार साहब ने कहा बार-बार रिपीट नहीं अलग-अलग पकड़ रहा हूं। अच्छा ठीक है जो आपने गलत गलत फैक्ट रखे हैं जो अगेंस्ट जो है ना डॉक्यूमेंट्स हैं। तो एग्जैक्टली 3:45 पे कपिल सिब्बल कोर्ट रूम छोड़ के चले गए। चले गए? बीच में आर्गुमेंट वाज गोइंग ऑन एंड ही लेफ्ट द कोर्ट। तो जबकि वो मेन लीडिंग काउंसिल थे और जब तक 4:00 बजे के बाद तक जो ही डिड नॉट रिटर्न बैक।देखिए वकील जो होता है वो ही ऑफिसर ऑफ़ द कोर्ट। ही इज़ द फर्स्ट ऑफिसर ऑफ़ द कोर्ट। क्लाइंट का वकील बाद में है। कपिल सिबिल साहब की इवन सीजीआई साहब सॉलिसिटर जनरल बता झूठ पकड़ा रहे हैं कोर्ट झूठ पकड़ रही है उसके बाद में कैसे एक आदमी कोर्ट के आंखों में डाल के खड़ा हो सकता है जो कह रहे थे कि हमारी प्रॉपर्टी को छीनने की कोशिश है मुस्लिम पक्ष का कहना था कि हमारी प्रॉपर्टी जो सैकड़ों साल पुरानी है उसको छीनने की कोशिश कर रहे हैं तो उस पर देखिए सैकड़ों साल से है तो वो रजिस्टर्ड है। एक्ट क्लियर कट कहता है कि उस जो प्रॉपर्टीज रजिस्टर्ड है उसका नेचर चेंज नहीं होगा। वकफ ही रहेंगी। लेकिन ये कह रहे हैं कई कागज नहीं है हमारे पास कागज नहीं। कागज नहीं का मतलब ये है कि वो जिसने शुरू में जो वकफ की गई वो आदमी फ्रॉड था और वो उसका ओनर ही था। इस्लामिक इस्लामिक सरिया के तहत वो उसको उसको हक ही नहीं था वकफ करने का।

Exclusive research on PM Narendra Modi Govt Spending on SC ST OBC & Muslims of India- 2014-2026

Exclusive research on PM Narendra Modi Govt Spending on SC ST OBC & Muslims of India- 2014-2026 Exclusive research on PM Narendra Modi ...