कपिल सिब्बल साहब की कल भी और आज भी रिपीटेडली झूठ पे झूठ पकड़ी गई। यह इतने बड़े वकील होने के बाद में उनको आज सुप्रीम कोर्ट में जनरल सॉलिसिटर जनरल साहब ने बल्कि पॉइंट आउट किया कि कपिल सिबल साहब को ये आर्गुममेंट नहीं करना चाहिए था कि ये जो है अगर ये जो एएसआई में से प्रोटेक्टेड जो प्रॉपर्टीज हैं मोन्यूमेंट हैं अगर वो सरकार के पास चले जाएंगे तो उनकी जो राइट है ना के उनको उसमें नमाज पढ़नी या कुछ पढ़ना है तो रिलीजियस एक्टिविटीज केअधिकार छीन लिए जाएंगे। तो जब सोलिसिट ने कहा कि यह झूठ है
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Thursday, May 22, 2025
सिब्बल की कल भी और आज भी झूठ पे झूठ पकड़ी गई
यह आर्गुममेंट ही नहीं करना चाहिए था क्योंकि से ये सेक्शन फाइव फाइव ऑफ द एंशिएंट मोनुमेंट एक्ट परिकुलर ये प्रोटेक्ट करता है। बहुत सारी मस्जिद है जामा मस्जिद है ASI Act प्रोटेक्ट करती है कि आप मेंटेनेंस वगैरह जो है ना उसका एएसआई का रहेगा। लेकिन उसके आपके रिलीजियस एक्टिविटी बिल्कुल भी इंटरफेयर नहीं की जाएगी। इवन एक जौनपुर का इंस्टेंस दिया सॉलिसिट ने। हां, आज का आज दिया कि वहां पे इवन जो एंसिएंट जो एएसआई द्वारा मेंटेन प्रोटेक्टिव मैन्युमेंट है उसके अंदर इन्होंने इवन इंक्रोच करके उसके अंदर एक्स्ट्रा स्ट्रक्चर तक भी क्रिएट कर लिए। जो कि एएसआई ने कोई ऑब्जेक्शन नहीं जबकि वो करना चाहिए था। क्योंकि सरकारें पहले कुछ और अभी अभी सरकार कुछ ऐसी है जो कि ऐसी चीजें नहीं होने देगी।
कपिल सीबल साहब ने ये कहा कि भ जो है कल एक कल एक झूठ बोली कि जो है ये सेक्शन 3 डी जो कि एंशिएंट मोनुममेंट एक्ट वाला जो है ये उसमें ऐड किया ही नहीं। एक सेकंड मूल कानून में था ही नहीं। 3C 3 D उन कानून में था ही नहीं जेपीसी के सामने बाद में जोड़ा गया कल कपिल सिबल ने ये बहुत बड़ा झूठ बोला के जो सेक्शन 3D एंशिएंट मोनुममेंट एक्ट जो है जॉइंट पार्लियामेंट कमेटी के सामने रखा ही नहीं गया और लास्ट बैक डोर से जो है ना इन्होंने उसमें ऐड करके और विदाउट एनी डिस्कशन विदाउट जेपीसी से डिस्कशन के इसको एक्ट कर दिया गया। तो आज जो है सॉलिसिटर जनरल साहब ने वो डॉक्यूमेंट जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी की रिपोर्ट रख दी कि ये देखिए ये उसके दैट वाज़ अ सब्जेक्ट मैटर ऑफ डिस्कशन बिफोर द जेपीसी वो उसके सामने रखा गया था। पूरा का पूरा डॉक्यूमेंट रख दिया बल्कि जैसे जब उन्होंने थोड़ा अह आवाज रेज की इन्होंने वक वालों ने तो सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता साहब ने कहा के कि आपने डॉक्यूमेंट नहीं रखे मैं डॉक्यूमेंट रख के बात कर रहा हूं क्योंकि डॉक्यूमेंट रखते थे झूठ मैं बोल नहीं सकते थे उन्होंने झूठ बोली तो इन्होंने पढ़ा तो कपिल सिबिल साहब ने समर साल्ट लिया वापस और अपनी झूठ को जब देखा कि झूठ पकड़ के गई तो इमीडिएटली खड़े हो गए जबकि उनको नहीं खड़ा होना चाहिए ये आर्गुमेंट कर रहे वो नहीं डिस्टर्ब कर रहे क्यों कर रहे हैं खड़े खड़े होकर के कपिल सिबल साहब ने कहा नहीं नहीं मैंने ऐसा नहीं कहा था तो उन्होंने सॉलिसिटर जनरल मेहता साहब ने कहा कि ये ऑन रिकॉर्ड है इस टाइम जब ऐसे ही कहते ही इवन सीजीआई ने अपने जो कल क्योंकि अपने नोट्स बनाते हैं तो इवन सीजीआई ने उनको पढ़ा कि यह सिटीजन रोंग आपने ऐसा कहा था अच्छा तो उन्होंने सिबल साहब गए थे ये तो ये तो उधर से ये तुषार साहब भी कह रहे हैं और जो उधर से सीजीआई भी बोल रहे हैं ये तो फंस गया तो उन्होंने क्या किया इमीडिएटली फिर एक झूठ पे क्योंकि एक झूठ को छुपाने के लिए जुड़े फिर बोलते मैंने ये नहीं कहा था कि ये जेपीसी के सामने नहीं रखा मैंने कहा कि सर्कुलेट नहीं किया था इट इज द सेम इट इज़ सेम यू कैन यू कैन नॉट बीफूल द पीपल यू नो ठीक है इट वाज़ ऑन रिकॉर्ड और कल सुप्रीम कोर्ट ने कई बार इनको कपिल सिपल साहब को क्वेश्चन भी किया था कि आप जो बोल रहे हैं हम रिकॉर्ड कर लें हम रिकॉर्ड कर रहे हैं ध्यान रखना अच्छा वारंट कर दिया था पहले वारंट कर दिया क्योंकि अपरेंटली दिखाई दे रहा है। झूठ बोल रहे हैं।
हर क्लॉज़ को जो लिखी हुई है ब्लैक एंड वाइट में उस क्लॉज़ को जो है ना यह कह रहे हैं कि यह नहीं ये नहीं है।फिर जब बार-बार जो रिपीटेडली अलग-अलग जो इनकी झूठ को पकड़ रहे हैं सॉलिसिट जनरल जो पॉइंट आउट कर रहे थे कपिल साहब को मिर्ची लग गई। वो कहने लगे आप बार-बार रिपीट क्यों कर रहे हैं? तो हां तुषार साहब ने कहा बार-बार रिपीट नहीं अलग-अलग पकड़ रहा हूं। अच्छा ठीक है जो आपने गलत गलत फैक्ट रखे हैं जो अगेंस्ट जो है ना डॉक्यूमेंट्स हैं। तो एग्जैक्टली 3:45 पे कपिल सिब्बल कोर्ट रूम छोड़ के चले गए। चले गए? बीच में आर्गुमेंट वाज गोइंग ऑन एंड ही लेफ्ट द कोर्ट। तो जबकि वो मेन लीडिंग काउंसिल थे और जब तक 4:00 बजे के बाद तक जो ही डिड नॉट रिटर्न बैक।देखिए वकील जो होता है वो ही ऑफिसर ऑफ़ द कोर्ट। ही इज़ द फर्स्ट ऑफिसर ऑफ़ द कोर्ट। क्लाइंट का वकील बाद में है। कपिल सिबिल साहब की इवन सीजीआई साहब सॉलिसिटर जनरल बता झूठ पकड़ा रहे हैं कोर्ट झूठ पकड़ रही है उसके बाद में कैसे एक आदमी कोर्ट के आंखों में डाल के खड़ा हो सकता है जो कह रहे थे कि हमारी प्रॉपर्टी को छीनने की कोशिश है मुस्लिम पक्ष का कहना था कि हमारी प्रॉपर्टी जो सैकड़ों साल पुरानी है उसको छीनने की कोशिश कर रहे हैं तो उस पर देखिए सैकड़ों साल से है तो वो रजिस्टर्ड है। एक्ट क्लियर कट कहता है कि उस जो प्रॉपर्टीज रजिस्टर्ड है उसका नेचर चेंज नहीं होगा। वकफ ही रहेंगी। लेकिन ये कह रहे हैं कई कागज नहीं है हमारे पास कागज नहीं। कागज नहीं का मतलब ये है कि वो जिसने शुरू में जो वकफ की गई वो आदमी फ्रॉड था और वो उसका ओनर ही था। इस्लामिक इस्लामिक सरिया के तहत वो उसको उसको हक ही नहीं था वकफ करने का।
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