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Wednesday, August 31, 2016

बकरे की माँ कब तक खेर मनाएगी?


चुनाव आयोग को दिए गए अपने शपथ पत्र में अरविंद केजरीवाल ने जितने झूठ बोले हें और अपने झूठ को सच साबित करने के लिए जो फर्जीवाड़े किये हें, मौलिक भारत के माध्यम से नीरज सक्सेना जी और मैने सब की सबूतों सहित शिकायत चुनाव आयोग, उच्च न्यायालय और अंततः जिला न्यायालय में की थी। प्रॉपर्टी छुपाना,उनकी कीमत कम दिखाना, उनके गलत पटे देना, गाजियाबाद में रहते हुए भी खुद को दिल्ली का नागरिक बताना , पत्नी बच्चों से संबंधी जानकारी छुपाना आदि हमारे प्रमुख आरोप हें।इस मामले में न्यायलय ने प्रथम दृष्टया सबूतों को सही माना है और केजरीवाल के खिलाफ सम्मन जारी किये हें। आज 31 अगस्त को केजरीवाल को इस मामले में जमानत करानी है। रो पीटकर आज उसे न्यायलय में आना ही पड़ेगा। अभी तक बड़ी चालाकी से वो मौलिक भारत के प्रश्नो और आरोपों से बचते रहे और मीडिया को मैनेज करते रहे। पर कब तक? अब ट्रायल शुरू हो गया है और केजरीवाल को हमारे हर आरोप का जबाब देना ही पड़ेगा और हमारे वकील राहुराज मलिक उसको आइना दिखाएंगे। धीमे धीमे उनकी विधायकी और मुख्यमंत्री की कुर्सी सरकती जा रही है और हथकड़ी और जेल पास आ रही हें। ईश्वर ने इस सदी में लोकतन्त्र के सबसे बड़े ठग को सबक सिखाने के लिए उलटी गिनती शुरू कर दी हें।
अनुज अग्रवाल, महासचिव, मौलिक भारत ट्रस्ट

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