"सिंहासन ख़ाली करो, के संजय जी आते हैं"
संजय विनायक जोशी चेहरा, ये तेवर; अपने मन और मस्तिष्क में संजो कर रख लीजिए|
ये वो नाम है, जिसने #गुजरात में #भाजपा को जीतना सिखाया, #राजगद्दी पर बिठाया, #सरकार बनवायी|
ये वो नाम है, जिसने गुजरात में भाजपा को 'आज वाली भाजपा' बनाने की नींव में पत्थर लगाये|
ये वो नाम है, जिसने गुजरात में उस समय अपने आपको होमा, जब आज के 'तथाकथित पद-अनिच्छुक' पद-लिप्सा में मरे जा रहे थे और पार्टी का कबाड़ा कर रहे थे और पार्टी को टूट के कगार पर ले आये; बल्कि #शंकर_सिंह_वाघेला के रूप में टुकड़ा करवा भी दिया था|
ये वो नाम है, जिसने उस समय के भाजपा #राष्ट्रीय_अध्यक्ष #लालकृष्ण_अडवाणी का सटीक, संयमित व सुसंस्कारित ढंग से त्यागपत्र ले लिया था, जब #ज़िन्ना_प्रशंसा_प्रकरण में उन्हें उस पद झेलना असम्भव हो गया था| तब इस नाम ने यह सब बिना यह देखे कि आगे जाकर उन्हें इसका क्या-क्या नुक़सान होगा?
ये वो नाम है, जिसके विरुद्ध अपनी ही पार्टी के बड़े-बड़े नेताओं ने #सीडी_काण्ड रचा| यह सिद्ध भी हो गया कि वह सब फ़र्ज़ी मामला था| रचने वाले वर्षों से उच्च पदों की मलाई खा-खा कर आस्तीनों से मुँह पौंछ रहे हैं|
ये वो नाम है, जो 'सीडी काण्ड' से निर्दोष सिद्ध होकर पुनः #राष्ट्रीय_संगठन_महामन्त्री बना, मगर #पार्टी_के_भीष्मपितामह ने अपनी #त्यागपत्र वाली खुन्दक मिटाने के लिए उन्हें पद से हटने के लिए विवश कर दिया|
ये वो नाम, जो सत्ता के शीर्ष के दो दशक से भी घोर शत्रुतापूर्ण रहने के बाद भी मिटा नहीं| यही इनके दुश्मनों के दिलों में कसक आज भी है|
ये वो नाम, जिसके पास आज भी प्रतिदिन विभिन्न वर्गों के सैकड़ों लोग अपनी-अपनी इच्छाएँ, अपेक्षाएँ, आकांक्षाएँ, सद्भावनाएँ, शुभकामनाएँ लेकर पहुँचते हैं; और सब के सब अपने साथ आत्मीयतापूर्ण व्यवहार व उनके काम के लिए समर्पित सहयोग की अनमोल निधि लिये लौटते हैं|
ये वो नाम, जिसके लिए सामान्य भाजपा कार्यकर्ता व #आरएसएस (#राष्ट्रीय_स्वयंसेवक_संघ) के सामान्य स्वयंसेवक के मन में अथाह सम्मान का भाव हिलोरे मारता है|
ये वो नाम, जिसे पार्टी के घोर पदलिप्सु नेताओं द्वारा पार्टी से किनारे कर दिये जाने के बाद एक से अधिक बार विपक्ष द्वारा #राज्यसभा भेजे जाने का प्रस्ताव मिला, मगर इस नाम ने स्वीकार नहीं किया| कारण, बहुत सीधा कि इनके लिए सिद्धान्त ही सर्वस्व|
ये वो नाम, जो कि #असली_फ़क़ीर है| ये वो नाम, जो जन सामान्य से सीधा संवाद करता है|
ये वो नाम, जिससे आज भी सत्ता के शीर्ष पर बैठे इनके दुश्मन बुरी तरह भयभीत हैं|
ये वो नाम, जो अपने मन में किसी के भी प्रति रत्ती भर भी दुश्मनी या निन्दा का भाव नहीं रखता है; उन शीर्ष लोगों के लिए भी नहीं, जो दशकों से इन्हें मिटाने में लगे हैं|
तो अब समय आने वाला है ......................
जी हाँ, अब वो समय आने वाला है और जल्दी ही आने वाला है कि जब इस नाम के हाथों में #भाजपा_की कमान_होगी|
अब वो समय जल्दी ही आने वाला है कि जब भाजपा के आम कार्यकर्ता का अपना नेता उसका मुखिया होगा|
अब वो समय जल्दी ही आने वाला है, जब यह नाम भाजपा का माई-बाप होगा|
आप बिलकुल सही समझे, आदरणीय संजय विनायक जोशी जी जल्दी ही भाजपा (#भारतीय_जनता_पार्टी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगे, और खम ठोक कर भाग्य इनके साथ होगा|
जो इन्हें स्वीकार कर लेंगे, उन पर समय अपनी कृपा रखेगा; और जो इन्हें स्वीकार नहीं करेंगे, #समय_का_बुलडोजर उन्हें सदैव के लिए कचरा-पात्र में फेंक देगा| अब यह निर्णय करने वालों को करना है कि वे समय की कृपा चाहते हैं या फिर सदैव के लिए कचरा-पात्र में जाना???
इसलिए कहा है---"#सिंहासन_ख़ाली_करो_के_संजय_जी_आते_हैं"
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