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Thursday, November 5, 2026

प्रशांत भूषण पर एफआईआर रूस के विदेश मंत्री का फर्जी वीडियो शेयर करने का आरोप

प्रशांत भूषण पर एफआईआर रूस के विदेश मंत्री का फर्जी वीडियो शेयर करने का आरोप
प्रशांत भूषण पर एफआईआर रूस के विदेश मंत्री का फर्जी वीडियो शेयर करने का आरोप
प्रशांत भूषण पर एफआईआर रूस के विदेश मंत्री का फर्जी वीडियो शेयर करने का आरोप
प्रशांत भूषण पर एफआईआर रूस के विदेश मंत्री का फर्जी वीडियो शेयर करने का आरोप

 प्रशांत भूषण उर्फ प्रशांत प्रदूषण एक फर्जी वीडियो शेयर किया इस व्यक्ति ने Twitter पे। फर्जी वीडियो और वह भी भारत और रशिया के संबंध में। अब सोचिए इतना बड़ा वकील है। दिन भर ये सब सच्चाई की प्रतिमूर्ति बन के मीडिया में तमाम भाषण देते हैं। बड़े इनके फॉलोअर हैं। और ये खुद सुप्रीम कोर्ट का वकील है और सबको  बताता रहता है ये चोर है। ये गलत है। ये गलत है, वो गलत है। कर तो दिया इसने। इसके ऊपर एफआईआर दर्ज हुई है। आपने देखा होगा कि आमतौर पर बड़े-बड़े वकील जो हैं उन पर एफआईआर पुलिस नहीं दर्ज करती। लोग करवाते भी नहीं है कि भैया इनका होगा जागा नहीं। ये छोटे-मोटे मामले में कोई मतलब नहीं। लेकिन इस बार एफआईआर दर्ज हुई है। वही कॉकरोचों की वकील रत्ना सिंह जो खुद कॉकरोच है। एक मित्र सौरभ दास की महिला मित्र है कि मित्र है भगवान जाने। उस पर कानून का शिकंजा जबरदस्त तरीके से कस गया है और कंटेंप्ट क्रिमिनल कंटेंप्ट चलाने की परमिशन दिल्ली सरकार ने दे दिया

 है। जब ये रांका पंका जेल में थे ना तो ये बहुत बढ़-बढ़ करके बोल रही थी।कि रत्ना सिंह को वकालत का कुछ भी नहीं आता है। सौरभ दास बताता है मैं वकालत किया हूं। उसको भी कुछ नहीं आता है। तीन चार बार फेल होने के बाद जैसे तैसे एलएलबी की डिग्री मिल गई। रत्ना सिंह को भी कुछ नहीं आता। रत्ना सिंह ने जीवन में कभी कोई केस नहीं लड़ा। रत्ना सिंह पहुंच गई अपने लोगों को छुड़ाने के लिए। वो छूटे नहीं क्योंकि बहुत सारे ब्लंडर्स थे उसमें। तो रत्ना सिंह बाहर निकल कर के कहीं किसी के इशारे पर ये हो रहा है वो हो रहा है। क्रिमिनल कंटेंप्ट का केस चलेगा। ध्यान रखिएगा इस बात का। नेहा बोरा जिसको ब्राह्मणों से सनातन धर्म से बहुत नफरत है। खैर दुनिया भर के जितने भी वामपंथी है जोंबी है ये जितने भी वामपंथी है दुनिया में इनको किसी देश से प्रेम नहीं है। इनको किसी संस्कृति से प्रेम नहीं है। इनको ह्यूमन बींग से प्रेम नहीं है। ये अलग ही प्रजाति के मानसिक विकार उत्पन्न किए हुए लोग हैं। यह जहां मिल जाए वहां इनका बहिष्कार करो या कानून के मुताबिक इन पर जो भी कर सकते हो वह करो या कुछ और भी कर सकते हो तो करो क्योंकि ये किसी भी देश किसी भी राष्ट्र के लिए नासूर हैं। ये दुश्मन देश से भी खतरनाक होते हैं। एक बात को ध्यान रखिएगा और ये भारत के संबंध में नहीं है। ये पूरे दुनिया के संबंध में और ये किसी देश को देश मानते नहीं है। तो नेहा बोरा पर दो तो कंप्लेन है और दो एफआईआर दर्ज हो गई और कांग्रेस बुरी तरीके से फस गई है। क्यों फस गई है कांग्रेस? उसके ऊपर मैं बताऊंगा। समाजवादी पार्टी ने भी किनारा कर लिया है। कांग्रेस डबल फंसी है नया बोरा। एक तो यूथ कांग्रेस वालों ने राहुल गांधी को हैसियत बता दी। मैंने वीडियो बनाया था जिसमें अब तो 150 के आसपास सस्पेंड हो चुके हैं यूथ कांग्रेस के पदाधिकारी नेहा  बोरा के चक्कर में। और नेहा बोरा के चक्कर में जो नेहा बोरा ने ब्राह्मणों को लेकर के पुजारियों को लेकर के सनातन धर्म को लेकर के कहा है उससे जो कांग्रेसी हैं थोड़े बहुत सनातनी उनके अंदर भी अजब अजीब किस्म का जो विकार उत्पन्न हो गया है इस समय कह रहे हैं भाई ये वाला ठीक नहीं है। राहुल गांधी ऐसे लोगों को प्रमोट कर रहे हैं। वोट कैसे मांगेंगे हम लोग हिंदुओं से जाकर के? खैर तो आइए मुद्दे दर मुद्दे थोड़ा सा बात को समझते हैं। साकेत कोर्ट जज रिमार्क दिल्ली गवर्नमेंट जैसे दिल्ली सरकार से इन लोगों को परमिशन एक तरीके की इनका कंसर्न चाहिए होता था तो उन्होंने कह दिया कि ठीक है चलाओ क्रिमिनल कंटेंप्ट अगेंस्ट सीजेपी रत्ना सिंह किस लिए चला है इस बात को समझ लीजिएगा सोशल मीडिया पोस्ट ने फसाया सीजेपी रत्ना सिंह की बढ़ गई मुश्किलें अवमानना की कारवाई को दिल्ली सरकार की हरी झंडी दिल्ली सरकार ने कहा अवमानना चलाओ बिल्कुल चलाओ आक्रोशी का आक्रोशी बहुत दिन तक नहीं टिकने चाहिए ठीक दिल्ली सरकार ने काकरो जनता पार्टी की नेता रत्ना सिंह के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कारवाई शुरू करने के लिए सहमति दे दी। दिल्ली सरकार के अतिरिक्त अस्थाई वकील अमोल सिन्हा ने रत्ना सिंह के खिलाफ यह मंजूरी दी है। बता दें कि रत्ना सिंह सीजेपी की लीगल टीम की जिम्मेदारी संभालती है और पार्टी से जुड़े कानूनी मामलों में सक्रिय रहती है। दरअसल रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट किया था। इस पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया था कि कोर्ट के एक जज किसी अज्ञात मालिक के निर्देश पर काम कर रहे हैं। दिल्ली सरकार की ओर से दी गई राय में कहा गया कि इस तरीके के आरोप पहली नजर में न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े करते हैं। साथ ही उनके न्यायिक व्यवस्था पर और लोगों के भरोसे को कमजोर करते हैं। अब इस मंजूरी के बाद रत्ना सिंह के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कारवाई शुरू करने का रास्ता साफ हो गया। ठीक। विवाद क्या था? इन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि जो न्यायाधीश है वो किसी अपने अज्ञात मालिक की सेवा कर रहे हैं। ध्यान रखिएगा और इसको बहुत हल्के में मत ले। इस देश की जुडिशरी भी इस चीज को हल्के में मत ले क्योंकि इन लोगों का काम है किसी भी तरीके से भारत के जितने भी इंस्टिट्यूशन राहुल गांधी भी यही काम करता है क्योंकि राहुल गांधी की पूरी मानसिकता इस समय वामपंथियों के कब्जे में है और उसी हिसाब से काम कर रहा है। भारत के सारे इंस्टिट्यूशन को कमजोर कर दो। उस पर सवाल उठा दो। लोगों के मन में डाल दो कि नहीं नहीं ये तो बेकार है। ये तो खराब है। ये तो फर्जी है। क्योंकि यही इंस्टिट्यूशन पूरे भारत को एक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये उसी कड़ी का एक प्रकार है जो रत्ना सिंह ने किया। जब उसके बॉयफ्रेंड को कोर्ट ने छोड़ने से मना कर दिया क्योंकि उसने अपने बाप का नाम कोर्ट में नहीं बताया। बाप का नाम नहीं बताओगे। बाप का नाम तो बताना पड़ेगा ना। कपिल सिब्बल को बुला के पार्टी कर लो और चाहे राजदीप सरदेसाई को बुला के पार्टी कर लो। उससे नहीं बचने वाले बात तो होगी बेटा होगी तो बढ़िया से होगी ढंग से होगी वकील अमोल सिन्हा ने दो नवंबर को अपनी राय में कहा कि रत्ना के आरोप प्रथम दृश्य स्वत निष्पक्षता पर हमला करते हैं इसलिए अवमानना का केस चलाया जाए अब दूसरा मैटर समझ लीजिए प्रशांत भूषण पर एफआईआर रूस के विदेश मंत्री का फर्जी वीडियो शेयर करने का आरोप ये रूस के विदेश मंत्री का फर्जी वीडियो शेयर कर डॉक्टर वीडियो जैसे वो सेना वाला नहीं आया था उसी तरीके से समस्या जानते हैं क्या है एफआईआर से फांसी नहीं हो जाएगी होता ही नहीं था कुछ ना ये कुछ भी बोल करके निकल जाते थे सब कुछ भी कह करके निकल जाते थे सब लेकिन इन पर ना कोई कंप्लेंट होती थी ना कोई एफआईआर होती थी तो इनको लगता था कि बस ऐसे ही सब कुछ चलता रहता हालांकि प्रशांत भूषण ने एक बार सुप्रीम कोर्ट की अवमानना की थी और सुप्रीम कोर्ट के जज साहब ने एक का जुर्माना लगा के प्रशांत प्रदूषण को छोड़ दिया था। हालांकि एक राष्ट्रवादी ने प्रशांत भूषण को इसके केबिन में घुस के जब इसने बयान दिया था कश्मीर के ऊपर तो 14 थप्पड़ मारे थे। 14 थप्पड़ पूरा मारा था। आधा थप्पड़ बीच में आया था तो उसको रोक दिया था। ये सब उसी के पात्र हैं। लतिया जाने के पात्र  है भाई। कुछ भी करेंगे ये सब देश में आग लगाने के लिए। खैर मामला क्या था? दिल्ली पुलिस ने एफआईआर नंबर 26326 दर्ज की जिसमें भारतीय न्याय संिता बीएनएस की धारा 3364 3531 सी 356 और 340 दो लगाई गई है। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम आईटी एक्ट की धारा 66 सी के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि वीडियो के जरिए भ्रामक, मानहानिकारक और भड़काऊ सामग्री फैलाई गई। इससे सार्वजनिक उपद्रव और अफवाह फैलने की आशंका थी। साइबर पेट्रोलिंग के दौरान यह मामला आया और दिल्ली पुलिस ने डायरेक्ट एफआईआर दर्ज

की है। समझिएगा कोई गया नहीं कराने के लिए। समझ रहे हैं? अक्सर पुलिस इस तरीके के एफआईआर दर्ज नहीं करती है। इतने बड़े अरे प्रशांत भूषण पे कौन एफआईआर दर्ज करेगा पुलिस वाला? लेकिन नहीं। अब अब लग रहा है कि थोड़ा सा साहब काम करना शुरू कर दीजिए। और जब वो वर्कउ करना शुरू कर देते हो तो इसी तरीके से अफरातफरी फैलती है। कोई एक कंट ऑफ कोर्ट में जाएगा। तीन का आक्रोश थे ना दीपके राका और सौरभ दास कहां है? दिख रहे हैं प्रोटेस्ट में गायब है। पार्टी वटी कर रहे हैं। क्योंकि एक एक बार जेल गए पाबंदियां कुछ लगी उसके बाद इनकी सबकी अकल जो है ठिकाने आ गई और वही जो लाल किताब दिखाता है राहुल गांधी उसी के तहत लगी है सब पाबंदियां। आगे और बढ़ते हैं थोड़ा पुजारियों पर बयान को लेकर के नेहा बोरा के खिलाफ पुलिस में शिकायत एक शिकायत कल हुई थी परसों हुई थी तीन तारीख को कहा क्या था इसने नेहा बोरा ने मंदिरों के अंदर पुजारी दुष्कर्म करते नेहा बोरा के खिलाफ संसद मार्ग थाने में शिकायत अब ब्राह्मण और पुजारियों से नेहा बोरा को घृणा है हर एक वामपंथी को घृणा है कोई वामपंथी कभी सनातन की तारीफ करता हुआ मिलेगा ही नहीं। अच्छा इनको और किसी धर्म से कोई नफरत नहीं है।इनको बुर्के से कोई नफरत नहीं। इनको किसी चीज से कोई नफरत नहीं। इनको सबसे नफरत जो है वो सनातन धर्म से है। अच्छा नेहा बोरा आती तो क्षत्रिय जात से है। इसकी जाति तो यही है। तो ये एससी एसटी में नहीं हो सकती है। ये अल्पसंख्यक भी नहीं हो सकती है। या जब भी इस देश के संविधान के हिसाब से कागज में लिखेगी तो वही लिखेगी। और इसको ब्राह्मणों से क्षत्रियों से नफरत है। खैर इसके बाप ने इसके मां ने इसको लतिया करके घर से बाहर कर दिया। इसने खुद पडकास्ट में कहा कि मेरे बाप से 10 साल से बात नहीं हुई है। मेरी मां मुझसे बात नहीं करती क्योंकि वो लोग मुझको देशद्रोही हैं। जिसके मां बाप जिसको देशद्रोही मानते हो वो चाहता है कि देश उसको सपूत मान ले। 


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