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Monday, April 28, 2025

दिल्ली हाईकोर्ट के विद्वान न्यायाधीश -स्पेशल हियरिंग शीनाज पाकिस्तान

 पहलगाम इस्लामिक टेरर अटैक के बाद जिसमें हिंदुओं की पहचान करके उनकी हत्याएं की गई। हमारी सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ बहुत सारे फैसले लिए। चाहे वह इंडस वाटर ट्रीटी को सस्पेंड करने का हो और उसी के साथ-साथ बॉर्डर्स बंद करने का हो। बॉर्डर्स बंद करने के ही साथ 48 घंटे में पाकिस्तानी सिटीजंस जिनके पास पाकिस्तानी पासपोर्ट है और वह भारत में मौजूद हैं उनको देश खाली करने का आदेश। बहुत जगह मैंने इस तरह की टिप्पणियां देखी।

अपने वीडियोस में भी देखी और उसी के साथ यत्र तत्र सोशल मीडिया पर भी इस तरह की शंकाएं देखी और यह बड़ा वाजिब है और यह मामला जुड़ा हुआ है हमारी देश की जुडिशरी न्यायपालिका से बहुत सारे लोगों ने चाहे वो सरकार का फैसला इंडस्ट्री वाला रहा हो चाहे 48 घंटे में नागरिकों को पाकिस्तानी भारत छोड़ देने का मामला रहा हो मुझे बहुत सारे लोग यह कहते हुए दिखाई दिए कि साहब देखिएगा कोर्ट है कोर्ट है कोर्ट है कोर्ट इसमें में इंटरवेन करेगा और कोर्ट कुछ ना कुछ ऐसा खुराफाती निर्णय दे देगा जो कि सरकार के इन फैसलों के खिलाफ होंगे। यह चिंताएं मौलिक भी हैं। जो विमर्श इस समय हमारे देश में जुडिशरी को लेकर चल रहा है। तो उसके बीच में अगर इस तरह की चर्चाएं हो रही है, शंकाएं हो रही हैं तो यह कोई उतना गैर वाजिब भी नहीं है। इसकी गुंजाइश खुद न्यायपालिका ने बनाई है। सवाल यह बड़ा है।

लेकिन क्या वाकई में ऐसे किसी मामले में हमारी जुडिशरी दखल दे सकती है? मैं जब इसके पड़ताल पर लगा तो मेरे हाथ लगा एक ऐसा निर्णय जो कि कोर्ट से निकल के आया है और इसी मामले से जुड़ा हुआ है जो कि यह आधार साफ करता है कि सरकार के पाकिस्तान के खिलाफ लिए गए किसी अभी तक के फैसले या आगे आने वाले किसी तरह के फैसले उनमें कोर्ट कभी भी दखल नहीं देगा। जी हां, यह मामला जुड़ा है पाकिस्तान के पासपोर्ट धारी एक महिला शीना नाच से। शीना नाच जिसकी आपने तमाम वो वीडियोस देखे होंगे। अटारी बाघा बॉर्डर से रोती हुई महिलाएं, कलपती हुई महिलाएं, विक्टिम कार्ड खेलती हुई महिलाएं, हमारे बच्चे सीमा के उस पार हैं। हमारा शौहर इधर है, हम उधर है। इस पर जरा बाद में आएंगे। लेकिन उन्हीं में भीड़ में से एक औरत शीनाज उसको भी 29 तारीख तक यानी कल तक भारत छोड़ देना है। लेकिन वो सीधे पहुंच जाती है दिल्ली हाई कोर्ट और उसने दिल्ली हाई कोर्ट में यह तर्क दिया कि साहब देखिए हमारा रेजिडेंशियल जो परमिट है भारत में वो 26 मार्च से 9 मई तक वैध है। इसलिए आप 9 मई तक तो हमको मत भेजिए और 9 मई तक भेजिए ही नहीं बल्कि इसके बाद हमारे लॉन्ग टर्म वीजा एप्लीकेशन पर विचार कीजिए। दिल्ली हाई कोर्ट में यह केस गया।

दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस सचिन दत्ता ने शनिवार को यह स्पेशल हियरिंग की। और इस स्पेशल हियरिंग में जस्टिस दत्ता ने जो डिसीजन दिया और जो दो बड़ी बातें कही और किस आधार पर कही यह बहुत कुछ साफ कर देता है और इस तमाम आशंकाओं को और इन तमाम ऐसे सवालों को कि क्या कोर्ट दखल दे सकता है या उसका देने का अधिकार है इसको साफ कर देगा। इस स्पेशल हियरिंग को शीनाज के मामले को सुनते हुए दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस सचिन दत्ता ने यह कहा कि सरकार का यह निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के कारण लिया गया है। इसलिए सरकार के ऐसे किसी निर्णय का न्यायिक समीक्षा का अधिकार हमें प्राप्त नहीं है। एक बार फिर सुनिए। दिल्ली हाई कोर्ट ने सीना नाच के मामले में यह कहा कि तुम्हें 48 आवर्स के अंदर यानी कल 29 तारीख तक भारत छोड़ देना है। भले तुम्हारे पास 9 मई तक का परमिट हो। भले तुमने लॉन्ग टर्म वीजा अप्लाई कर रखा हो। भले तुम्हारा शौहर यहां का हो या तुम्हारा शौहर वहां कराची में हो। इससे हमें कोई मतलब नहीं है।

तुम्हारे बच्चे प्राइमाफेसी जो फॉरेन एक्ट है 1946 उसकी धारा 3 वन के तहत जारी किया गया। यह नोटिस है और ऐसे कोई आदेश की कोई न्यायिक समीक्षा नहीं हो सकती। न्यायिक समीक्षा नहीं हो सकती का मतलब किसी कोर्ट में इसकी चैलेंज नहीं किया जा सकता। इसको सुनवाई नहीं की जा सकती। क्योंकि इसको जारी करने के पीछे सरकार का उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर विचार स्टैंड और स्ट्रेटजी है। इसके आगे की लाइन और महत्वपूर्ण है। जो दिल्ली हाईकोर्ट के विद्वान न्यायाधीश ने कहा। उन्होंने यह कहा कि इसके लिए कोई अपवाद निकालना भी यानी कोई एक्सेप्शन निकालना भी इस न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। यानी अगर तुम्हारा बच्चा वहां बिलख रहा है तुम्हारा शौहर वहां पर रातें कैसे काटेगा? तुम यहां पर अपने ससुराल कैसे आ पाओगे? इस तरह का अगर कोई विक्टिम कार्ड भी खेला जाता है इस एनिमी कंट्री के लोगों के लिए तो फिर यह भी किसी कोर्ट में चैलेंज नहीं किया जा सकता। यहां कोर्ट ने साफ कर दिया दिल्ली हाई कोर्ट ने शीनाज के इस मामले में। उसके बाद भी आपको विक्टिम कार्ड तमाम खेलते हुए दिखाई दे जाएंगे। शांति के सफेद कबूतर उड़ाने वाले यह गिरोह आपको दिखाई दे जाएंगे।

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